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आज दो बजे चुनाव आयोग करेगा तारीखों का एलान, दिल्ली में एक चरण में हो सकता है चुनाव

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में चुनावी बिगुल बजने वाला है।  चुनाव आयोग आज विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। चुनाव आयोग दोपहर दो बजे चुनावी कार्यक्रम साझा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त होने वाला है। दिल्ली में एक चरण में चुनाव हो सकता है। इस बार भी दिल्ली में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा सकता है। सोमवार को ही चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस चुनाव में दो लाख के करीब मतदाता 18 से 19 वर्ष के हैं। वह पहली बार विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस सूची में कुल एक करोड़ 55,24,858 मतदाता हैं। चुनाव आयोग ने दर्ज की आठ प्राथमिकी इस सूची में पुरुष मतदाता 85,49,645 हैं, जबकि 71,73,952 महिला मतदाता हैं। इस अंतिम मतदाता सूची के बाद अब आयोग आज चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है। थर्ड जेंडर 1,261 हैं। पिछले 20 दिन में रिकार्ड 5.1 लाख फार्म 6 नए मतदाताओं ने आवेदन किया। चुनाव आयोग ने 8 प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें 24 लोगों पर गलत सूचना और जानकारी देकर मतदाता पहचान पत्र बनाने का आरोप है। इसे लेकर चुनाव आयोग ने चुनाव पंजीकरण अधिकारियों से एक एक आवेदन की गहन जांच कराने के आदेश दिए हैं। प्रक्रिया के तहत नाम जोड़े और हटाए जाते हैं चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के लिए नाम प्रक्रिया के तहत जोड़े और हटाए जाते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 और फार्म सात होता है। नामों के घटाने और जोड़ने की जानकारी समय-समय पर राजनीति दलों को दी जाती है। 1,67,329 नए मतदाता जुड़े चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली में एक महीने में 29 अक्तूबर से 28 नवंबर तक 1,35,089 मतदाताओं ने फार्म- 6 और 83,825 ने फार्म 8 के तहत मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने, पता बदलने, नाम को सूची से हटाने और आपत्तियां और सुझाव के लिए आवेदन किया। चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों ने सभी आवेदनों को 24 दिसंबर तक सुलझा दिया। इस तरह से अंतिम मतदाता सूची जारी होने तक 3,08,942 नए नाम मतदाता सूचियों में जुड़े। 1,41,613 नाम हटाए गए। इस दौरान कुल 1,67,329 मतदाता नए जुड़े। दिल्ली में मतदाता बढ़े वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 7.26 लाख और 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 3.10 लाख वोटर्स दिल्ली में बढ़े हैं। 2020 के चुनाव में दिल्ली में 1.47 करोड़ मतदाता थे, जबकि, पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में दिल्ली में मतदाताओं की संख्या 1.52 करोड़ से अधिक थी। हर आवेदन को जांचा गया चुनाव आयोग ने पाया की 16 दिसंबर से एक माह में 5.10 लाख नए लोगों ने अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। ऐसा पहली बार हुआ। ऐसा तब हुआ जबकि तय समय में तीन लाख से ज्यादा मतदाता नई सूची में जुड़ चुके थे। क्योंकि ऐसा 20 दिन के भीतर हो रहा था जब आपत्तियां, जांच का समय गुजर चुका था। यह तत्काल जांच का विषय था। सभी चुनाव पंजीकरण अधिकारियों- ईआरओ को जांच के लिए निर्देशित किया गया। हर आवेदन को जांचा गया। संबंधित अधिकारियों को सौ फीसदी सत्यापन के लिए कहा गया है। फरवरी में खत्म हो रहा दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी, 2025 तक का है। इससे पहले दिल्ली विधानसभा का गठन करने के लिए चुनाव होने हैं। इसके लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। साल 2020 में दिल्ली में ये रहे थे नतीजे साल 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा के खाते में आठ सीटें आईं थीं। जबकि, कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। दो चुनाव से एक भी सीट नहीं जीत सकी है। साल 2015 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को तीन सीटें मिलीं थीं। जबकि कांग्रेस का हाथ खाली रहा था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

दिल्ली के 40 स्कूलों को फिर मिली बम की धमकी, बच्चों को भेजा गया वापस

नई दिल्ली दिल्ली के 40 से ज्यादा स्कूलों को एक ईमेल मिला है, जिसमें बम ब्‍लास्‍ट करने की धमकी दी गई है. ये ईमेल 8 दिसम्बर को रात करीब 11:38 बजे आया. ईमेल में कहा गया कि स्कूलों के कैंपस में बम प्लांट कर दिए गए हैं. अगर ये बम (Delhi Bomb Threat) फटे, तो बड़ा नुकसान होगा. मेल भेजने वाले ने बम न ब्‍लास्‍ट करने की ऐवज में 30 हजार डॉलर की मांग की है. दिल्ली पुलिस आईपी एड्रेस और मेल भेजने वाले की जांच में जुटी. इसके बाद पता चला कि ये जानकारी पूरी तरह से गलत थी. जांच के बाद पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. इसके बाद मेल को हॉक्स करार दिया गया. दिल्ली के जिन स्कूलों में बम होने की धमकी दी गई है, उनमें डीपीएस आरकेपुरम और जीडी गोयनका शामिल है. यह जानकारी मिलने के बाद स्कूलों ने बच्चों को वापस घर भेज दिया है. साथ ही बम की खबर मिलने के बाद स्कूलों ने फायर और पुलिस विभाग को इसकी जानकारी दी है. जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह 7 बजे ये खबर मिली है. बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में किसी स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इस साल की शुरुआत में भी ऐसे मामले कई बार सामने आए हैं. इससे पहले 2 फरवरी 2024 को भी डीपीएस आरकेपुरम के प्रिंसिपल को एक मेल के जरिए स्कूल में बम होने की धमकी दी गई थी. इसके बाद मई में भी कई स्कूलों को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली थी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर की मेल आईडी पर धमकी भरा मेल किया गया था. अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर तंज दिल्ली वालों ने दिल्ली में कानून व्यवस्था की इतनी बुरी हालत पहले कभी नहीं देखी थी. अमित शाह जी को आकर दिल्ली वालों को जवाब देना चाहिए. दिल्ली में हो चुके हैं कम तीव्रता वाले विस्फोट रोहिणी के स्कूल को धमकी मिलने से एक दिन पहले ही प्रशांत विहार इलाके में कम तीव्रता का एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था. इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, उसमें देखा जा सकता था कि छोटे ब्लास्ट के बाद आसपास धुआं छा गया था. वहीं, इससे पहले दिल्ली के रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के पास भी एक विस्फोट हुआ था. दो महीने के अंदर दिल्ली में ऐसे दो विस्फोट हो चुके हैं, जिसके चलते अब यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इतना ही नहीं, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फ्लाइट्स में भी बम की धमकियां मिलती रही हैं, जो जांच के बाद झूठी साबित हुई हैं. पुलिस कर रही है जांच घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. धमकी के कारण ज्यादातर स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया. सुबह बच्चों के स्कूल पहुंचने पर उन्हें इमरजेंसी का हवाला देकर घर वापस भेज दिया गया.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 47

खुशखबरी: छठ पर सार्वजनिक छुट्टी का प्रस्ताव, राज्यपाल के प्रस्ताव पर सीएम ने लगाई मोहर 

Good news: Proposal for public holiday on Chhath, CM approves Governor’s proposal  दिल्ली की सीएम आतिशी ने छठ के मौके पर दिल्ली वासियों को बड़ा तोहफा दिया है। दिल्ली में छठ के पावन अवसर पर 7 नवंबर को सार्वजनिक छुट्टी रहने वाली है। यह फैसला दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना के प्रस्ताव रखने के बाद पारित किया गया है। एलजी ने आतिशी को एक चिट्ठी लिखकर दिल्ली वासियों के लिए सार्वजनिक छुट्टी की मांग की थी, जिसे आतिशी ने स्वीकार कर लिया है। ऐसे में 7 नवंबर को दिल्ली में सार्वजनिक छुट्टी रहने वाली है। इससे लोग ऑफिस की टेंशन ना लेकर अपने परिवार के साथ इस ऐतिहासिक त्योहार को मना सकेंगे। एलजी ने पत्र में क्या लिखा बता दें कि 7 नवंबर को सूर्व देवता को पहला अर्ध्य दिया जाएगा। अभी तक छठ त्योहार दिल्ली सरकार के प्रतिबंधित छुट्टियों की सूची में शामिल थी। एलजी ने सीएम को चिट्ठी लिखते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में छठ पूजा आने वाली है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है, इस पर्व का तीसरा दिन सबसे खास होती है, जब डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। यह दिन पहले से ही दिल्ली सरकार के प्रतिबंधित अवकाशों की सूची में शामिल है। इसलिए मैं राज्य सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस दिन दिल्ली में सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने के लिए संबंधित जरूरी फाइल को तुरंत आगे बढ़ाएं। आतिशी ने अपने फैसले में क्या कहा सीएम आतिशी ने इसको लेकर एक ट्विट किया है। उन्होंने अपने ट्विट में संबंधित आदेश पत्र को पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे यह बताते हुए खुशी है कि दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि 7 नवम्बर को छठ के त्यौहार की छुट्टी होगी कि सभी पूर्वांचली भाई-बहन धूम-धाम से छठ का त्यौहार मना सकें। ऐसे में आप भी 7 तारीख को अपने परिवार के साथ छठ त्योहार मना सकेंगे।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 168

दिल्लीवाले दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे, प्रदूषण रोकने के लिए सरकार का एक्शन प्लान

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोग इस साला भी बिना आतिशबाजी के ही दिवाली मनाने पड़ेगी. क्योकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (Delhi Pollution Control Committee) वायु प्रदुषण को लेकर एनसीटी दिल्ली क्षेत्र में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से डिलीवरी पर 01.01.2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बाद आदेश जारी किया गया है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के बाद आदेश भी जारी हुआ है. पत्र में आदेश नहीं मनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है. यह भी पढ़े: Firecrackers Ban: दीवाली पर आतिशबाजी जरूरी! पटाखों पर रोक के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा केरल सरकार दिल्ली पटाखे फोड़ने और बेचने पर लगा बैन वहीं इससे पहले पिछले महीने पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक बयान में कहा कि वायु प्रदूषण में मौसमी वृद्धि को कम करने के लिए प्रतिबंध आवश्यक है. प्रदूषण पटाखों के कारण और भी बदतर हो जाता है. राय ने कहा, “सर्दियों के मौसम में दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा है. इस समय पटाखे जलाने से प्रदूषण और बढ़ जाता है.” उन्होंने कहा, “इस स्थिति को देखते हुए, पिछले वर्ष की तरह, हम सभी प्रकार के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रहे हैं, ताकि लोगों को प्रदूषण से बचाया जा सके. किसी भी तरह के पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और आपूर्ति पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.” बिगड़ जाती है एयर क्वालिटी दरअसल, अक्टूबर से दिल्ली की हवा खराब होने लगती है. इसके दो कारण हैं. पहला तो ये कि अक्टूबर से मौसम बदलने लगता है. तापमान गिर जाता है और हवा की स्पीड पर भी असर पड़ता है. दूसरा इसी मौसम में दिल्ली के आसपास के राज्यों में किसान पराली भी जलाना शुरू करते हैं. इससे प्रदूषण और बढ़ता है. दिवाली में पटाखे फोड़ने से हालात और खराब हो जाते हैं. दिवाली के मौके पर पटाखे फोड़ने से हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं. दिल्ली में सदर बाजार, चांदनी चौक, कोटला, रोहिणी, लक्ष्मी नगर जैसे मार्केट मुख्य रूप से पटाखों के कारोबार के केंद्र हैं. हालांकि, पटाखों के बैन से लोगों के रोजगार पर भी बुरा असर पड़ा है.  2016 से 2022 तक आंकलन दशहरे की बात करें तो 2016 से 2022 तक दशहरे के दिन प्रदूषण का स्तर महज तीन बार सामान्य स्तर पर रहा है। इनमें 2021 और 2017 में 198 और 2019 में यह 112 रहा था। इस बार भी एक्यूआई सामान्य स्तर पर रहने का पूर्वानुमान है। एक्यूआई 160 के आसपास रहने की संभावना है। ऐसे में यह 2019 के बाद से अब तक का सबसे साफ दशहरा हो सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

पराली जलाने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब को लगाई फटकार

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों को पराली जलाने वाले किसानों से केवल नाममात्र का मुआवजा वसूलने पर कड़ी फटकार लगाई। पराली जलाने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को भी खूब सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आयोग पराली जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण करने में असफल रहा है। कोर्ट ने कहा कि आयोग ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उनके निर्देशों को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह भी कहा कि 29 अगस्त को दिल्ली में वायु प्रदूषण पर चर्चा के लिए बुलाई गई आयोग की बैठक में केवल 11 में से 5 सदस्य ही उपस्थित हुए थे, और अदालत के निर्देशों पर कोई चर्चा भी नहीं हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब तक लोग यह नहीं समझेंगे कि उन्हें वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तब तक पराली जलाना नहीं रुकेगा। प्रदूषण फैलाने के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को सौंपी गई है। हालांकि अदालत ने पाया कि न तो आयोग और न ही पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारें इस समस्या को समाप्त करने के प्रति गंभीर हैं, जहां पराली जलाने की घटनाएं अब भी हो रही हैं। जस्टिस अभय एस ओका की अध्यक्षता वाली बेंच ने CAQM की स्थिति रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ये टिप्पणियां कीं। अदालत ने पिछले हफ्ते आयोग और उसकी विभिन्न उप-समितियों से इस समस्या को सुलझाने के लिए वर्षों से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी थी, क्योंकि सर्दियों के महीनों में पराली जलाने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए, बेंच जिसमें जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह भी शामिल थे। उन्होंने कहा, "जब तक लोग यह नहीं जानेंगे कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा, तब तक वे नहीं रुकेंगे और न ही उन्हें उपलब्ध मशीनों का इस्तेमाल करेंगे।" अदालत ने यह भी नोट किया कि आयोग केवल राज्य सरकारों के साथ बैठकें आयोजित करने में व्यस्त है और अपने आदेशों को लागू करने के प्रयास नहीं कर रहा है। अदालत ने कहा कि आयोग को अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत अपराधियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, जुर्माना लगाने और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने का अधिकार है। अदालत ने कहा, "किसी न किसी कारण से वे किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करना चाहते। आपको अपने आदेशों को पत्र और भावना में लागू करना चाहिए। केवल बैठकें बुलाने से कुछ नहीं होगा, कार्रवाई जरूरी है।" केंद्र और CAQM की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई के आदेश 10 जून, 2010 को जारी किए गए थे और उसके बाद कई आदेश पारित हुए, जिनमें आखिरी आदेश अप्रैल 2024 का है। इसमें राज्य सरकारों को अवैध पराली जलाने के खिलाफ कार्रवाई करने और आयोग और केंद्र द्वारा प्रस्तावित अन्य उपायों को लागू करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें पराली हटाने की मशीनें उपलब्ध कराना और पराली जलाने वाले किसानों को हतोत्साहित करना शामिल है। ASG ने यह भी बताया कि इस साल अब तक आयोग की तीन उप-समितियों की 11 बैठकें हो चुकी हैं। अदालत ने कहा, "आयोग खुद ही अपने आदेशों को लागू कराने का प्रयास करता नहीं दिख रहा है।" अदालत ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से जून 2010 और अप्रैल 2024 के आदेशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने यह भी कहा कि आयोग के आदेशों को लागू करने के लिए बनाई गई उप-समिति की अंतिम बैठक 29 अगस्त को हुई थी, जिसमें जून 2010 के आदेश का कार्यान्वयन एजेंडे में नहीं था। अदालत ने कहा, "यदि किसानों के खिलाफ मुकदमा नहीं चल सकता, तो अधिकारियों को दोषी ठहराया जाना चाहिए। आपको दिखाना चाहिए कि आपने जो तंत्र 2021 के अधिनियम के तहत बनाया था, वह अभी भी मौजूद है।" ASG ने अदालत को बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो अधिकारियों द्वारा जारी आदेशों की अवहेलना से संबंधित है। बेंच ने कहा, "आपने दंडित करने के लिए सबसे हल्का प्रावधान चुना है, जबकि आपके पास CAQM अधिनियम के तहत कठोर प्रावधान हैं।" CAQM द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से पता चला कि 15 से 30 सितंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की 129 अवैध घटनाएं हुईं। अदालत ने कहा कि उनसे जुर्माना वसूलना कोई उद्देश्य पूरा नहीं करेगा, क्योंकि इस समय की जरूरत है कि उन्हें कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाए। पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि किसानों को वैकल्पिक प्रोत्साहन प्रदान करने के बाद ही दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, जैसे कि पराली हटाने की मशीनें। राज्य के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में 1.4 लाख से अधिक मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन 10 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे किसानों को इन मशीनों को चलाने के लिए ड्राइवर और ईंधन चाहिए।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से 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