उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के पहले “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का किया लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जनजातीय समुदाय को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती, जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर संजय गांधी स्मारक चिकित्सालय, रीवा में प्रदेश के पहले शासकीय “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण केंद्र विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समूह के नागरिकों में रक्तजनित वंशानुगत विकारों के शोध, जांच एवं नैदानिक चिकित्सकीय परीक्षण के लिए समर्पित रहेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र की स्थापना प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नए आयाम पर ले जाने का प्रयास है, जिससे रक्तजनित विकारों से प्रभावित विशेष समूहों को सटीक और समर्पित चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सके। विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समुदायों में इन विकारों की व्यापकता को देखते हुए इस केन्द्र की आवश्यकता थी। यह केन्द्र रक्तजनित वंशानुगत विकारों का गहन अध्ययन करेगा और रोग की समय पर पहचान कर चिकित्सा सेवा प्रदान करेगा। कार्यक्रम में गांधी स्मारक चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश शीर्ष पर मध्यप्रदेश में सिकिल सेल एनीमिया नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयास किए गये हैं। अब तक 80 लाख 67 हजार 135 लोगों की स्क्रीनिंग कर मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के प्रथम चरण में 46 लाख से अधिक लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड वितरित किए गए हैं, जिसमें भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मध्यप्रदेश में सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण के सफल पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर पूरे देश में "सिकिल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047" की शुरुआत की गई है, जिसमें 17 राज्य शामिल हैं।   recent visitors 54

रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

कृषि उपज मंडी रीवा को ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा – उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 15 करोड़ 64 लाख रुपये के कार्यों का किया भूमिपूजन रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा  – उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा। किसानों की सुविधाओं के लिए सभी अधोसंरचना विकास के कार्य कराकर इसे सुव्यवस्थित व सर्वसुविधायुक्त बनाया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने के लिए प्रथम चरण के तहत 15 करोड़ 64 लाख रूपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में खेती का उत्पादन बढ़ रहा है। जिले में आगामी वर्षों में 9 लाख एकड़ क्षेत्र में सिचाई की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं जिससे उत्पादन और बढ़ेगा और मंडी में खाद्यान्न की आवक अधिक होने से यह ए-ग्रेड मंडी बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रयासों से रीवा की मंडी को आदर्श मंडी बनाये जाने की घोषणा की गयी थी उसी अनुक्रम में प्रथम चरण में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। यह सभी कार्य एक वर्ष में पूर्ण कर लिये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नवीन सब्जी मंडी बन जाने से किसानों को सुविधाएं मिली साथ ही व्यापारियों का समय भी बचने लगा और उनका व्यापार तीन गुना बढ़ गया। उप मुख्यमंत्री ने मंडी में कराये जा रहे विकास कार्यों के अतिरिक्त अन्य आवश्यक कार्य भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उल्लेखनीय है कि रीवा कृषि उपज मंडी में प्रथम चरण में हाई राइज शेड, जल निकासी व्यवस्था, वाहन पार्किंग, कंक्रीट सड़क निर्माण, मुख्य गेट का सौन्दर्यीकरण एवं कैटल प्रोटेक्टर का निर्माण, मुख्य मार्ग पर डिवाइडर एवं गार्डन, 2 हजार मे. टन गोदाम निर्माण, हम्माल तुलावटी के लिए रेस्टहाउस, कार्यालय भवन की मरम्मत, ए व बी ब्लाक दुकानों के पीछे शेड निर्माण, मंडी प्रांगण में दो स्थानों पर वाच टावर का निर्माण कराये जाने के साथ ही जनरेटर शेड स्थापित किया जायेगा साथ ही सीसीटीव्ही कैमरे भी लगाये जायेंगे। अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी सहित विभागीय अधिकारी, किसान एवं व्यापारी उपस्थित रहे।   recent visitors 63

परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना में बनने वाला बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर 2024 माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएं। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूर्ण कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर 2024 तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 63

एमवाय, सीएआर-टी थैरेपी से ब्ल्ड कैंसर का उपचार करने वाला देश का पहला अस्पताल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार राज्य में उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ कराने के लिए सतत प्रयासरत है। इम्यूनोथेरैपी जैसी उन्नत तकनीक का एमवाय अस्पताल में शुभारंभ इस दिशा में एक मील का पत्थर है। यह पहल उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिनके इलाज में पारंपरिक पद्धतियाँ कारगर नहीं रही हैं। यह कदम चिकित्सा के क्षेत्र में न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान को एक नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार का यह प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिकतम चिकित्सकीय तकनीकों और सेवाओं से युक्त कर मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख चिकित्सा हब बनाया जाये। मध्यप्रदेश का एमवायएच (महाराजा यशवंतराव अस्पताल) इन्दौर देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए उन्नत सीएआर-टी थेरेपी शुरू की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। सीएआर-टी कोशिकाएं ट्यूमर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से करती हैं समाप्त एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) नामक तकनीक बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद भी लाभ नहीं मिलने वाले मरीजों के लिए कारगर साबित हो सकती है। सीएआर-टी थेरेपी की प्रक्रिया के लिए पहले मरीज का रक्त सैंपल ले लिया गया है। इसके तहत बी-सेल एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ALL) से पीड़ित मरीज की श्वेत रक्त कोशिकाओं को एफरेसिस मशीन द्वारा एकत्रित किया जाता है। इसके बाद, इन कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाएगा ताकि ये विशेष काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) ला सकें, जो कैंसर कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। संशोधित सीएआर-टी कोशिकाओं को मरीज में प्रत्यारोपित करने के बाद, ये ट्यूमर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से समाप्त करती हैं। एमवायएच में इस सुविधा की शुरुआत के साथ ही देश में शासकीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध कराने वाला एमवायएच पहला अस्पताल बन गया है। यहां पर इम्यूनोथेरैपी का खर्च लगभग 30 लाख रुपये है, जो कि अमेरिका में इसी तकनीक के लिए लगने वाले लगभग 4 करोड़ रुपये की तुलना में बेहद कम है। इस अत्याधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया को संयुक्त रूप से आईआईटी मुंबई और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा विकसित किया गया है। भारत में यह तकनीक नई है। अभी तक इसके तहत लगभग 150 मरीजों का इलाज हुआ है। इंदौर के इस अस्पताल में 20 नवंबर को इस प्रक्रिया के माध्यम से पहले मरीज का इलाज किया जाएगा। इसके पहले, कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए इंदौर में कीमोथेरैपी, रेडिएशन थेरैपी, सर्जरी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं। अब इम्यूनोथेरैपी के जुड़ जाने से इन मरीजों के लिए उपचार के विकल्प और विस्तृत हो गए हैं। इम्यूनोथेरैपी (सीएआर टी सेल) कैसे करती है कार्य इस तकनीक में मुख्यतः टी कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाता है, जिससे ये कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर नष्ट कर सकें। सामान्यतः श्वेत रक्त कोशिकाओं के दो प्रकार होते हैं: बी और टी कोशिकाएं। इम्यूनोथेरैपी में टी कोशिकाओं को श्वेत रक्त कोशिकाओं से अलग करके, आनुवंशिक संशोधन किया जाता है। इसके लिए वायरल वैक्टर की मदद ली जाती है ताकि टी-कोशिकाएं अपनी सतह पर काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) स्थापित कर सकें। इन रिसेप्टर्स की विशेषता होती है कि वे कैंसर कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित विशेष प्रोटीन को पहचान सकते हैं और उन पर हमला कर सकते हैं। थेरैपी के बाद मरीज को एक से दो सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है ताकि उसकी स्थिति पर पूरी तरह से निगरानी रखी जा सके। recent visitors 84

बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के विंध्य की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बघेली भाषा में कहा कि “लोगन का सम्मानित करब विंध्य कै गौरवशाली परम्परा आय। सम्मान समाज मा या संदेश देत है कि समाज कै नज़र पारखी है। औरन का प्रेरित करत है मेहनत करै का, संघर्ष करिके सफल होंय का। सफलता का कौनों शॉर्टकट नहीं होय। दूरदृष्टि और पक्का इरादा से कौनों लक्ष्य प्राप्त कीन जा सकत है।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विंध्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी सम्मानित अधिकारियों को प्रेरित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य कर विंध्य क्षेत्र का प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं के विकास के साथ अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली व्यक्ति प्रदेश में देश और समूची दुनिया कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, यह क्षेत्र के लिये गौरव का विषय है। देश के सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों रीवा की पावन धरा के है। कई विभूतियों ने विंध्य का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने सदैव प्रदान किया है सहयोग उप मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने चाहे वह कहीं भी रहे हों सदैव सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ चाह होती है वहाँ राह बन ही जाती है। असफलता का कारण समझकर सही दिशा में प्रयास करें तो निःसंदेह सफलता कदम चूमेगी। विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, रफ्तार बनी रहे इसके लिए एकजुट होकर करें प्रयास उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज देश में अनुकूल परिस्थितियाँ हैं, बजट की कोई कमी नहीं है। आज भारत विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्वगुरु बनेगा। यह तभी संभव है जब सभी आगे बढ़ें। इसके लिये सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा संस्कार विहीन शिक्षा बिना सुगन्ध के पुष्प के समान है। सभी को सुगंधित पुष्प बनना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, यह रफ्तार बनी रहे, इसमें और तेजी आये इसके लिये सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चयनित अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को एकजुट करने का, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे विंध्यवासियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को प्रेरित करने के लिये यह आयोजन किया गया है। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है। विन्ध्य की प्रतिभाओं ने साझा किये सफलता के मंत्र कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के सम्मानित अधिकारियों ने अपनी सफलता की कहानी और सफलता के मंत्र साझा किये। आईपीएस सुकाजल सिंह ने कहा कि सपनों को पूरा करने की चाहत मेहनत को अपना बना ही लेती है। सफलता के लिये इंटर्नल मोटिवेशन अहम है। उन्होंने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिये कि हम टैलेंट को पहचाने और उन्हें अवसर प्रदान करने में सहयोग करें। डिप्टी कमांडेट होमगार्ड के पद पर चयनित आशीष कुशवाहा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की और कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित अंबिकेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार पद पर चयनित सुआंचल अग्रवाल, वेटनरी डॉक्टर पद पर चयनित डॉ रागिनी मिश्रा ने अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आईपीएस सुकाजल सिंह, आईएफएस अक्षत पाण्डेय, वीरेन्द्र कुमार पटेल, सुऋषिका सिंह, आईआरटीएस रोहित सिंह, डिप्टी कलेक्टर अंबिकेश प्रताप सिंह, सुअर्चना मिश्रा, नंदन तिवारी, देवेंद्र द्विवेदी, सुप्रिया पाठक, सौरभ मिश्रा, अमित सोनी, उमेश द्विवेदी, डीएसपी हेमंत पांडे, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा, वेटनरी डॉक्टर डॉ रागिनी मिश्रा, एटीओ प्रकाश द्विवेदी, एडी शिक्षा सुकविता त्रिपाठी, सीईओ जनपद सुज्योति पटेल, नायब तहसीलदार कमलेश मिश्रा, आशीष मिश्रा, प्रकाश उपाध्याय, सुबिंदु तिवारी, सुरूपा पाठक, सुआंचल अग्रवाल, सुप्रज्ञा दुबे, सुप्रतीक्षा सिंह, सुअंकिता पांडे, सुएकता शुक्ला, शिव कुमार गौतम, सुमित तिवारी और सौम्य कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया। बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का लिया आनंद विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीजी आरसीवीपी नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी जे. एन. कंसोटिया, पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के महासचिव कमलाकर सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम उपरांत सभी उपस्थितों ने पारंपरिक बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का आनंद लिया।   recent visitors 77

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं, क्योंकि यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। विन्ध्य क्षेत्र निवेशकों के लिए आदर्श गंतव्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पॉवर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। 4 हज़ार से अधिक निवेशक करा चुके हैं पंजीयन उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में "ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस", "सिंगल विंडो क्लीयरेंस" और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। इस कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी।   recent visitors 80

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा

ग्रामीण चिकित्सकीय सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा सीएचसी के सुदृढ़ीकरण के दिये निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा की और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्तापूर्ण प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैनपॉवर का मनोबल और उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाय की करें व्यवस्था उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये। प्रशासनिक औपचारिकताओं की पूर्ति में कमी से प्रक्रिया में व्यवधान नहीं आये यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में सुधार के उद्देश्य से सोनोलॉजिस्ट की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोलॉजिस्ट (रेडियोग्राफर) की सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तकनीकी समस्याओं का निदान कर प्रक्रिया पूर्ण की जाये। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का करें उपयोग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल हस्तक्षेपों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल प्रबंधन के लिए एचआरएमएस और एचएमआईएस के त्वरित क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे।   recent visitors 63