इटारसी के कृषि उपज मंडी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द, धान की बढ़ती आवक को देखते हुए लिया गया फैसला

इटारसी कृषि उपज मंडी इटारसी में लगातार धान की आवक हो रही है, जिससे किसानों को सुविधा देने के लिए मंडी प्रशासन ने अब शासकीय अवकाश के दिनों में भी काम करने का फैसला लिया है। मंडी प्रशासन ने 21 मार्च से 29 मार्च तक सातों दिन मंडी को खुला रखने का निर्णय लिया है। मंडी समिति के सचिव अरविंद परिहार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस अवधि में मंडी में हर दिन नियमित रूप से धान की नीलामी और तौल का काम होगा। इस दौरान शनिवार और रविवार को भी मंडी में कार्य होगा। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अवधि में मंडी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द (leave cancelled) कर दी गई हैं। किसानों से की अपील मंडी प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे व्यवस्था में सहयोग करें ताकि धान की नीलामी और तौल की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। यह आदेश अतिरिक्त विकास अधिकारी (राजस्व) और भारसाधक अधिकारी मंडी की ओर से जारी किया गया है। इसके अलावा, इस संबंध में मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल, कलेक्टर नर्मदापुरम, व्यापारी संगठनों और मीडिया को भी सूचना दी गई है। कर्मचारियों की भारी कमी से मंडी प्रशासन परेशान इटारसी कृषि उपज मंडी को स्टाफ की कमी के चलते कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले की ए-ग्रेड इटारसी कृषि उपज मंडी में कुल 72 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से आधे से अधिक वर्षों से खाली पड़े हैं। वर्तमान में केवल 32 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से कुछ महिलाएं और विकलांग कर्मचारी भी शामिल हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 17

छत्तीसगढ़ में 6 दिनों में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का आंकड़ा 3 लाख टन के पार पहुंचा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में इन दिनों किसानों की बल्ले-बल्ले है. प्रदेश के किसानों ने महज 6 दिन में ही 502 करोड़ 53 लाख रुपये की कमाई कर ली है. यह कमाई किसानों को धान बेचने के एवज में हुई है. राज्य में 14 नवंबर से सरकारी सोसायटियों में धान खरीदी का महाअभियान चल रहा है. इस अभियान के तहत 68 हजार 668 किसानों ने 3.09 लाख मीट्रिक टन धान बेचा है. इसकी एवज में उन्हें 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान 6 दिनों में किया जा चुका है.धान खरीदी की यह प्रक्रिया करीब 70 दिन और चलेगी. 3 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के हवाले से मिली जानकारी में कहा गया है कि 14 नवंबर से 19 नवंबर तक राज्य में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का आंकड़ा  3 लाख टन के पार पहुंच गया है. मंत्री बघेल ने कहा कि धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 2 हजार 739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है. चालू विपणन वर्ष में 160 लाख टन धान उपार्जन का अनुमान है. 31 जनवरी तक चलेगा अभियान बता दें कि देव-दीवाली 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महापर्व के 6वें दिन तक 3.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है. धान खरीदी का यह महाअभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खाद्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 20,296 किसानों से 93 हजार 581 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है. राज्य में धान बेचने के लिए इस साल 27.68 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल हैं. 19 नवंबर के लिए कुल 23791 टोकन जारी किए गए थे. आगामी दिवस के लिए 19934 टोकन जारी किए गए हैं.धान खरीदी व्यवस्था पर निगरानी के लिए अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई है, जो लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

राज्य भर में धान खरीदी का कार्य 2 दिसंबर से शुरू, प्रशासन की तैयारी जोरों पर

जबलपुर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) जिले समेत राज्य भर में इस साल धान खरीदी का कार्य 2 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. वहीं जबलपुर में धान खरीदी की तैयारियां भी जोरों पर हैं. इसके लिए 86 केंद्र बनाए गए हैं. इस बार धान विक्रय के लिए 55,000 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है. पिछले वर्ष खरीदी प्रक्रिया में आई गड़बड़ियों को रोकने और किसानों की सुविधा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने कई व्यापक  कदम उठाए हैं. इस बार धान खरीदी की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) की जगह नागरिक आपूर्ति निगम (नान) को सौंपी गई है. दरअसल, पिछले वर्ष हुए धान खरीदी घोटाले में मार्कफेड की भूमिका पर सवाल उठने के बाद शासन ने यह फैसला लिया है. धान खरीदी को लेकर जोरों पर तैयारियां किसान पंजीयन की प्रक्रिया: सभी किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन करना अनिवार्य है. पिछले वर्ष पंजीकृत किसानों को इस वर्ष स्वतः पंजीकृत माना गया है. उनकी भूमि और फसल से संबंधित रिकॉर्ड को अद्यतन करने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं. यह प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध है. गड़बड़ियों पर नियंत्रण: पिछले वर्ष की अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील उपार्जन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 16 चेकपोस्ट पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अतिरिक्त, विशेष जांच दल का गठन भी किया गया है. उपार्जन केंद्रों का प्रबंधन: सभी केंद्रों पर भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है. धान के सुरक्षित रख-रखाव के लिए मानक स्टैकिंग और जल निकासी की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. इसके अलावा किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है. समर्थन मूल्य और खरीदी अवधि: किसानों को उचित समर्थन मूल्य देने और धान खरीदी प्रक्रिया को 14 नवंबर से शुरू करने की योजना है. प्रक्रिया की निगरानी के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं. शिकायत निवारण: किसानों की शिकायतों को तेजी से सुलझाने और खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए हेल्पडेस्क और संबंधित अधिकारियों की व्यवस्था की गई है. इन तैयारियों का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी और कुशल प्रणाली के माध्यम से अपनी फसल बेचने की सुविधा प्रदान करना है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह व्यापक तैयारी सुनिश्चित करेगी कि जबलपुर जिले के किसान बिना किसी बाधा के अपनी फसल का विक्रय कर सकें.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46