धनतेरस पर दुकानदारों को उम्मीद थी उससे कहीं अधिक धनवर्षा हुई

भोपाल  धनतेरस पर जिस प्रकार से दुकानदारों को उम्मीद थी उससे कहीं अधिक धनवर्षा हुई । इस बार धनतेरस पर राजधानी में करीब 1000 करोड़ से अधिक के कारोबार हुआ। हर बार की तरह इस बार भी सुबह से ही सोना-चांदी के आभूषणों के अलावा दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई। धनतेरस पर दुकानों को न केवल आकर्षक सजाया गया है बल्कि ग्राहकों को लुभावने के लिए गिफ्ट हैंपर, स्क्रैच कार्ड, कैशबैक, सोने व चांदी के सिक्के दिए गए। बाजारों में उमड़े ग्राहक कुल मिलाकर शहर के सभी बाजार ग्राहकों से गुलजार नजर आए। धनतेरस के अवसर पर पूजन सामग्री से लेकर झाड़ू तक की दुकानों पर लोगों ने अपनी जरूरत के अनुसार शुभमुहुर्त में खरीदारी देर रात तक की। धनतेरस पर शहरवासियों ने वाहन और सोने चांदी के आभूषण सबसे अधिक खरीदे । इसके अलावा कपड़ा, बर्तन, इलेक्ट्रानिक्स, मोबाइल दुकानों पर भी जमकर बिक्री हुई। हालांकि दुकानदारों ने पहले से ही टेंट लगाकर दुकान सामग्री सजाकर रखी हुई थी । प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अधिक भीड़ राजधानी के सराफा चौक, न्यूमार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, जुमेराती, बैरागढ़ आदि सभी जगह लोग धनतेरस पर खरीदारी करने पहुंचे। हालांकि दीपावली की खरीदारी लोग एक हफ्ते पहले से करने लगते हैं। इसके अलावा बैरागढ़ रोड स्थित पटाखा बाजार में जमकर लोगों ने फटाखे खरीदे। हालांकि धनतेरस के एक दिन पहले से बाजार में रौनक बढ़ गई है। मुख्य बाजार की सडक़ों में रोज की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। 200 करोड़ से ज्यादा की बिकीं कार, बाइक्स भोपाल में इस धनतेरस का त्योहार बेहद खास रहा, क्योंकि इस दौरान शहर के लोगों ने जमकर नए वाहनों की खरीदारी की। इस शुभ अवसर पर करीब 225 करोड़ रुपये की कारों और बाइक्स की बिक्री हुई, जिससे भोपाल का आटोमोबाइल बाजार गुलजार रहा। इस साल धनतेरस पर लोगों ने लगभग 2500 कारें और 2500 बाइक्स खरीदीं, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल बन गया। इस अवसर पर लोग अपने परिवार के साथ शोरूम पहुंचे और उत्साह के साथ अपने पसंदीदा वाहन खरीदा। कारोबार में आया उछाल भोपाल के आटोमोबाइल शोरूम मालिकों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार टू-व्हीलर के बाजार में आठ से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस वर्ष कारों और बाइक्स की बढ़ती मांग का एक प्रमुख कारण लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान था। 65 प्रतिशत लोगों ने किफायती बाइक को चुना इस बार टू-व्हीलर के खरीदारों में से 65 प्रतिशत से अधिक लोगों ने किफायती बाइक का चुनाव किया, जबकि 30 प्रतिशत से अधिक लोगों ने हैवी बाइक या हाई सीसी वाली बाइक को प्राथमिकता दी। रायल एनफील्ड जैसी बाइक्स की मांग में भी खासा इजाफा देखा गया। लोग महीनों पहले से ही बुकिंग करवा चुके थे ताकि उन्हें अपनी पसंद की बाइक धनतेरस पर मिल सके। इससे पता चलता है कि लोगों में हैवी और प्रीमियम बाइक्स को लेकर विशेष आकर्षण है। ईवी वाहनों की उल्लेखनीय हिस्सेदारी भोपाल में बढ़ती हुई इस मांग में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी उल्लेखनीय है। लोग अब पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर इलेक्ट्रिक वाहनों का चुनाव कर रहे हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन बाजार अभी अपनी शुरुआती अवस्था में है, लेकिन ग्राहकों की दिलचस्पी को देखते हुए आने वाले समय में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। इस वर्ष का धनतेरस, शहर के आटोमोबाइल उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत रहा। शोरूम संचालक और विक्रेता भी इस बार के बिक्री परिणाम से काफी संतुष्ट हैं और तीन नवंबर तक कारोबार यह कारोबार बढ़ेगा। सराफा बाजार में वाहनों पर रहा प्रतिबंध सराफा एसोसिएशन ने भीड़ से बचने के लिए वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया था । एसोसिएशन के अखिलेश मित्तल ने बताया कि बाजार में धनतेरस पर खासी रौनक रही । देर रात तक ग्राहक खरीदारी करने पहुंचे। ग्राहकों के स्वागत के लिए बाजार में रेड कारपेट बिछाया गया था। बाजार में खूबसूरत विद्युत सज्जा की गई है। सराफा एसोसिएशन के अंकित वर्मा ने बताया कि धनतेरस पर लोग चांदी के सिक्के, पायल-बिछिया की ज्यादा खरीदारी करने आए। सोने में लाइट ज्वेलरी की डिमांड ज्यादा रही । सोने व चांदी के रेट बढ़ने पर लोग अपने बजट में खरीदारी कर रहे हैं। खासकर चांदी की मूर्ति और सिक्कों की मांग अधिक रहीं । धनतेरस पर सोने व चांदी के आइटम में लक्ष्मी गणेश की मूर्ति और सिक्का अधिक खरीदा गया। धनतेरस के शुभ अवसर पर राजधानी के समूचे सराफा में करीब 10 किलो सोना और दो क्विंटल चांदी बिकी। धनतेरस पर सराफा में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री हुई। बर्तन बाजार में मूर्तियां और बर्तन की नई-नई डिजाइन बर्तन बाजार में भी हमेशा की तरह सजावट की गई । व्यापारियों के मुताबिक धनतेरस पर बाजार में काफी उत्साह रहा । शुभ मुहूर्त में लोगों ने पूजा की । पीतल और तांबे के बर्तनों की जमकर बिक्री हुई। पूरा बाजार बर्तनों से पटा नजर आया है। भगवान की मूर्तियां और गृहस्थी के बर्तन नई-नई डिजाइन में आए थे, जिन्हें लोगों ने उत्साह के साथ खरीदा। इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में छाई रौनक धनतेरस के अवसर पर ग्राहकों को इलेक्ट्रानिक्स आइटम पर विशेष आफर दिए गए। इस बार 100 इंच का क्यू एलईडी आकर्षक का केंद्र रहा । इसके अलावा माइक्रोवेव, चिमनी, वाशिंग मशीन, एसी, गीजर, वैक्यूम क्लीनर व होम थिएटर को लोगों ने खरीदा। धनतेरस पर न्यूनतम मूल्य के साथ कंपनी की तय स्कीम व गिफ्ट ग्राहकों को दिया गया। पिछले साल की तुलना में इस बार इलेक्ट्रानिक्स आइटम की मांग अधिक रही । दैनिक उपयोग के आइटम भी खुब बिके। कपड़ा बाजार में उमड़ी भीड़ धनतेरस में कपड़ा बाजार से भी जमकर खरीदी हुई। व्यापारी प्रदीप मैथिल ने बताया कि इस बार नए परिधानों में महिलाओं के लिए शरारा, कुर्तियां, लेगिस, कार्बो पेंट, गाउन आदि की डिमांड रही। वहीं जेंट्स में एथेनिक सूट्स की खूब डिमांड रही। धनतेरस पर कपड़े की दुकानों पर लोगों की जमकर भीड़ नजर आई। सेक्टर अनुसार कारोबार (करोड़ रुपए में) ऑटोमोबाइल – 225 सराफा – 150 रियल इस्टेट – 200 बर्तन – 125 इलेक्टॉनिक्स – 100 फर्नीचर, मिठाई – 50 पटाखे – 100 कपड़े – 50 अन्य – 50 recent visitors 55

मंत्री विजयवर्गीय ने निभाई परंपरा, धनतेरस पर पुश्तैनी किराने की दुकान में बेचा सामान

इंदौर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने धनतेरस के मौके पर अपनी पुश्तैनी किराने की दुकान पर ग्राहकों को सामान बेचा। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विजयवर्गीय लोगों को किराने का सामान देते हुए नजर आ रहे हैं। बयान भी सामने आया मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'यह हमारी पुश्तैनी दुकान है। मेरे पिता ने दूध, चायपत्ती, चीनी और गुड़ से यह दुकान शुरू की थी। धीरे-धीरे ग्राहकों की मांग बढ़ती गई और अब हमारी दुकान मशहूर है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे ग्राहक अब तीसरी पीढ़ी के ग्राहक हैं।' पहले भी रहे थे चर्चा में इससे पहले कैलाश उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने तिरुपति प्रसाद विवाद पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि तिरुपति के प्रसाद में एनिमल फैट और फिश ऑयल मिलाने वालों को मृत्यु दंड की सजा मिलनी चाहिए। कैलाश विजयवर्गीय ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि कल जैसे ही मुझे इस बात का पता चला कि तिरुपति मंदिर के प्रसाद में एनिमल फैट और फिश ऑयल मिलाया जाता था, मैं कल रात का खाना नहीं खा पाया। क्योंकि मैं कई बार तिरुपति मंदिर गया हूं और वहां का प्रसाद भी मैंने खाया है। सनातन धर्म को चोट पहुंचाने की कोशिश की गई है। जो लोग इस प्रकार का खिलवाड़ कर रहे हैं उन्हें मृत्यु दंड देना चाहिए। वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के बयानों से जुड़े सवाल पर कहा कि राहुल गांधी जी में अभी परिपक्वता नहीं है। वह एक संवैधानिक पद पर बैठे हैं, नेता प्रतिपक्ष हैं। इसलिए उनके द्वारा जो भी बयान दिया जाता है वो देश के नेता प्रतिपक्ष का बयान होता है। वो बिल्कुल गंभीर नहीं हैं, उन्होंने देश की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि यह अक्षम्य अपराध है। बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। recent visitors 85

धनतेरस पर महंगाई का नहीं दिखा शहर में कोई असर, 3613 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड शॉपिंग हुई

 लखनऊ धनतेरस के दिन लखनऊ शहर में मंगलवार को दोपहर तक सुस्त पड़े बाजार में शाम होते-होते रौनक लौट आई। महंगाई के बाद भी बाजार पर खूब धनवर्षा हुई। मंगलवार को शुभ मुहूर्त लगते ही ग्राहकों की भीड़ खरीदारी के लिए बाजार पहुंची। 80 हजार/10 ग्राम पार होने के बावजूद सोने की बिक्री पर असर नहीं पड़ा। बल्कि सर्राफा कारोबार में 30 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, रियल स्टेट और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खूब बिके। त्योहार भले महीने के आखिर में पड़ा हो पर सैलरी एक तारीख से पहले आने के कारण भी लोगों ने खूब खरीदारी की। लखनऊ में इस बार धनतेरस पर 3613 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई, जो कि पिछले साल की तुलना में 313 करोड़ रुपये अधिक है। इस बार धनतेरस पर बाजार में वोकल फॉर लोकल का बोलबाला दिखा। झालरों में खासतौर पर लोग चाइनीज झालर से परहेज करते नजर आए। वजह थी, ऐसी झालरों का जल्द खराब होना। दिवाली से पहले बाजार में कारोबार में आई तेजी से कारोबारियों को बूस्टर डोज मिला है। सोने के दाम में तेजी से निपटने के लिए जूलर्स ने पहले से ही लाइट वेट जूलरी स्टॉक तैयार रखा था। लाइट वेट मंगलसूत्र, रिंग, नेकलेस, पायल सहित अन्य ऑर्नामेंट्स की बिक्री हुई जबकि चांदी में भी लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की जमकर बिक्री हुई है। पिछले साल धनतेरस पर सराफा बाजार में करीब 480 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार 30 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह ऑटोमाबाइल सेक्टर में भी टू-वीलर और फोर-वीलर की बिक्री में बढ़त दर्ज की गई। खास बात यह रही कि ज्यादातर ग्राहकों ने ईवी को तवज्जो दी। आरटीओ के मुताबिक 112 ईवी कारें बिकीं, जबकि टू-वीलर में ज्यादा माइलेज निकालने वाली बाइकों का बोलबाला रहा। इसके अलावा रियल स्टेट में 430 करोड़ का कारोबार हुआ। रजिस्ट्री ऑफिस देर रात तक खुला रहा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, बर्तन, रेडिमेड गारमेंट्स, पटाखा, मोबाइल फोंन और मिठाई की भी खूब बिक्री हुई। हाथ में पैसा तो महंगाई कैसी? कारोबारियों का कहना है कि महीने की अंतिम तारीख को धनतेरस और दिवाली जैसा त्योहार पड़ा, लेकिन प्राइवेट से लेकर सरकारी सेक्टर में कर्मचारियों व अधिकारियों को सैलरी बांटी जा चुकी है। कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों को सैलरी के साथ बोनस भी दिया है, जिसका असर बाजार में धनवर्षा के रूप में देखने को मिला। सेक्टर कारोबार (करोड़ रु.)     ऑटोमोबाइल 1,480     फोर-वीलर 930 करोड़     टू-वीलर 550 करोड़     सराफा 510 करोड़     सोना 400 करोड़     चांदी 110 करोड़     रियल एस्टेट 430 करोड़     फ्लैट 210 करोड़     प्लॉट, मकान-220 करोड़     इलेक्ट्रॉनिक 290 करोड़     बर्तन-क्रॉकरी 200 करोड़     कपड़ा 240 करोड़     ड्राईफ्रूट, मिठाई 185 करोड़     पटाखे 45 करोड़     मोबाइल 155 करोड़     फर्नीचर 11 करोड़     सजावट सामग्री 55 करोड़     गिफ्ट पैक 12 करोड़ कुल 3613 करोड़ (लगभग) recent visitors 65

तीन राशियों के आएंगे अच्छे दिन, धनतेरस पर 100 बरस बाद त्रिग्रही योग

धनतेरस का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर के  पूजन करने का विधान है। धनत्रयोदशी के दिन प्रदोष काल के समय त्रिपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में प्रदोष काल शाम 6:38 बजे से 8:24 बजे तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी और कुबेर का पूजन करने से शुभ फल प्राप्त होगा।  धनतेरस पर न सिर्फ मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा का विधान है बल्कि इस दिन भगवान धन्वंतरि  जो स्वास्थ्य के देवता हैं की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की आराधना करने से रोगों से भी मुक्ति मिलती है। इस साल 29 अक्तूबर को मनाई जाने वाली धनतेरस पर 100 साल बाद त्रिग्रही योग यानी त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, वैधृति योग और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से लाभकारी होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ी उन्नति हो सकती है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां। धनतेरस पर शुभ योग धनतेरस पर इस बार 100 साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है, धनत्रयोदशी यानी धनतेरस के दिन त्रिग्रही योग, त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, लक्ष्मी नारायण योग, शश महापुरुष राजयोग कुल 5 शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में पूजा और खरीदारी का विशेष लाभ मिलेगा। इंद्र योग – 28 अक्टूबर 2024, सुबह 6:48 – 29 अक्टूबर 2024, सुबह 07:48 तक त्रिपुष्कर योग – 06:31 – सुबह 10:31 (29 अक्टूबर) लक्ष्मी-नारायण योग – धनतेरस के दिन वृश्चिक राशि में शुक्र और बुध एक साथ विराजमान रहेंगे, ऐसे में लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा। कर्क राशि इस दिन बनने वाले ये योग कर्क राशि के लिए बेहद शुभ माना जाएगा। आपको अप्रत्याशित आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। परिवार के सहयोग से आपका कारोबार आगे बढ़ेगा। इस दौरान विलासिता की वस्तुएं भी घर में आती हैं। तुला राशि तुला राशि वाले लोग बिजनेस में बड़ी डील कर सकते हैं, यानी भविष्य में अच्छा मुनाफा संभव है। जमीन-जायदाद से जुड़े मामले सुलझ सकते हैं और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, जिससे मान-सम्मान में वृद्धि होगी। धनु राशि धनु राशि वालों के लिए यह आय में भारी वृद्धि की संभावना है। नए स्रोतों से आर्थिक लाभ हो सकता है। इस अवधि में विदेश यात्रा का भी योग बन रहा है। धनु राशि के जो जातक रोजगार की तलाश में हैं उन्हें नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं।  विशेष रूप से सरकारी नौकरियों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। recent visitors 91

सुबह से है खरीदने का शुभ मुहूर्त, धनतेरस पर सोना खरीदना सबसे शुभ

धनतेरस दीपावली के 5 दिवसीय उत्‍सव का पहला दिन होता है और इस दिन नए बर्तन के साथ-साथ सोने और चांदी के आभूषणों की खरीद करना सबसे शुभ माना जाता है। इस साल धनतेरस 29 अक्‍टूबर को मनाई जाएगी और इस दिन लोग जमकर सोने की खरीदारी करेंगे। धनतेरस पर सोना खरीदने के पीछे यह मान्‍यता है कि इस दिन खरीदी गई हर वस्‍तु में 13 गुना वृद्धि होती है। सोने को सबसे महंगी धातु माना जाता है और इस दिन सोना खरीदने के पीछे लोगों का विश्‍वास है कि उसमें 13 गुना वृद्धि होकर उन्‍हें अच्‍छा रिटर्न मिलेगा। धनतेरस पर सोना खरीदने के पीछे पौराणिक मान्‍यता भी है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्‍तार से और साथ ही सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त भी देखते हैं। सोना खरीदने के पीछे पौराणिक मान्‍यता धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहा जाता है और यह कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेरजी की पूजा की जाती है। आपके घर में पूरे साल बरकत बनी रहे इसके लिए मां लक्ष्‍मी और कुबेरजी का आशीर्वाद भी धनतेरस पर लिया जाता है। सोने को मां लक्ष्‍मी का रूप माना जाता है और सोना उनका प्रतीक कहलाता है। इसलिए इस दिन सोना घर में लाना मां लक्ष्‍मी को घर में लाने के समान माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन घर में सोना खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। अगर आप सोना खरीदने में समर्थ नहीं हैं तो जौ के दानों को भी सोने के समान माना गया है। इसलिए आप इस दिन घर में जौ लाकर भी मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करके उनका आशीर्वाद प्राप्‍त कर सकते हैं। धनतेरस के दिन घर में जौं के दाने और धनिया लाने से संपन्‍नता बढ़ती है और आपको किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ता। धनतेरस पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त (Dhanteras Par sona khareedne Ka Shubh Muhurat)धनतेरस के दिन इस बार त्रिपुष्कर योग बन रहा है और इस शुभ योग में सोने की खरीद करना बेहद शुभ माना जाता है। त्रिपुष्कर योग 29 अक्टूबर सुबह 6 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 30 अक्टूबर 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इस शुभ संयोग में इस बार सोना खरीदकर घर लाना आपकी किस्‍मत को चमकाने वाला माना जा रहा है। recent visitors 98

आज धनतेरस, जानें पूजन का मुहूर्त, खरीदारी का समय और पूजा विधि

आज धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है. धनतेरस का त्योहार दिवाली से दो दिन पहले अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. यह त्योहार खुशहाली, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. धनतेरस को धन त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है. धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के नाम से इसलिए जानते हैं क्योंकि इस दिन आयुर्वेद के प्रवर्तक धन्वंतरि जी प्रकट हुए थे. धनतेरस का नाम धन और तेरस ये दो शब्दों से बना है जिसमें धन का मतलब संपत्ति और समृद्धि है और तेरस का अर्थ है पंचांग की तेरहवीं तिथि. इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की उपासना की जाती है. धनतेरस 2024 शुभ मुहूर्त आज धनतेरस मनाया जा रहा है. ज्योतिर्विद राजकुमार शास्त्री जी के मुताबिक, धन त्रयोदशी की तिथि 29 अक्टूबर यानी आज सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 अक्टूबर यानी कल दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर होगा. प्रदोष काल आज शाम 5 बजकर 38 मिनट से रात 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. धनतेरस 2024 पूजन मुहूर्त धनतेरस का पूजन सायंकाल में किया जाता है. जिसका मुहूर्त आज शाम 6 बजकर 31 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. यानी धनतेरस के पूजन के लिए 1 घंटा 42 मिनट का समय मिलेगा. धनतेरस 2024 खरीदारी मुहूर्त इसके अलावा, धनतेरस पर आज त्रिपुष्कर योग का निर्माण भी हो रहा है जिसमें खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है.   पहला खरीदारी का मुहूर्त- आज सुबह 6 बजकर 31 मिनट से लेकर 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. दूसरा खरीदारी का मुहूर्त- आज दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. गोधूली बेला- ये मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से लेकर 6 बजकर 04 मिनट तक रहेगा. धनतेरस के दिन खरीदें ये चीजें दीपावली से ठीक पहले धनतेरस के दिन सोना खरीदना, चांदी के बर्तन खरीदना, गहने खरीदना या अन्य कीमती सामान खरीदने का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा शास्त्रकार कहते हैं कि जो भी वस्तु इस दिन खरीदी जाती है वह घर में समृद्धि और धन का आगमन करने वाली होती है. कुछ लोग, इस दिन नए वाहन, संपत्ति या अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की खरीदारी करते हैं. इसके साथ ही आज के समय में इलेक्ट्रॉनिक्स और नए उपकरण धन त्रयोदशी पर खरीदना शुभ माना जाता है. धनतेरस पर क्या करें और क्या न करें 1. धनतेरस पर सोना और चांदी के बर्तन खरीद सकते हैं. लेकिन, लोहा खरीदना से बचना चाहिए. 2. धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी और माता लक्ष्मी की पूजा करना चाहिए. साथ ही, इस दिन घर की साफ-सफाई करनी चाहिए. 3. वहीं, धनतेरस के दिन किसी से ना कर्ज लेना चाहिए और ना किसी को कर्ज देना चाहिए. 4. इस दिन अशुद्ध स्थानों पर पूजा नहीं करनी चाहिए और इसके साथ ही क्रोध और नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहना चाहिए. धनतेरस पूजन विधि धनतेरस की पूजा संध्या काल में पूजा की जाती है यानी प्रदोष काल में सूर्यास्त के बाद. इस दिन उत्तर दिशा की तरफ आप एक चौकी रखें या लकड़ी का पटरा रखें, उस पर कपड़ा बिछाइए और उसके ऊपर कुबेर भगवान और धनवंतरी भगवान की मूर्ति की स्थापना करें. भगवान का चेहरा उत्तर की ओर होना चाहिए. दोनों के सामने एक एक मुखी घी का दीपक जलाएं. एक दीपक कुबेर भगवान के लिए और एक दीपक धन्वंतरी भगवान के लिए जलाएं. फिर, कुबेर देवता को सफेद मिठाई का भोग लगाएं और धनवंतरी देव को पीली मिठाई का भोग लगाएं. इसके बाद कुबेर देवता के मंत्र का जप करें – ह्रीं कुबेराय नमः, ओम ह्रीं कुबेराय नमः. उसके बाद धन्वंतरी भगवान के लिए धन्वंतरी स्तोत्र का पाठ करें. इसके बाद आप प्रसाद ग्रहण करें. फिर, जहां पर आपने कुबेर देवता को रखा था या जहां पर धन्वंतरी देवता को रखा था वहीं दीपावली की भी पूजा करें. धनतेरस पर करें ये उपाय 1. इस दिन मां लक्ष्‍मी के आगे घी का दीया जलाएं. ऐसा करने से आपके घर में धन और संपन्नता आती है. 2. धनतेरस के शुभ दिन पर आप नए बर्तन या रसोई का सामान जरूर खरीदें. इससे आपके घर में सौभाग्‍य और समृद्धि मिलती है. 3. धनतेरस पर सोने या चांदी के आभूषण खरीदने से घर में संपन्नता आती है. अपने घर में सुख-समृद्धि को बनाए रखने के लिए आप यह उपाय जरूर करें. 4. धनतेरस के शुभ दिन पर आप नए बर्तन या रसोई का सामान जरूर खरीदें. इससे आपके घर में सौभाग्य और समृद्धि मिलती है. धनतेरस पर जलाएं यम का दीपक धनतेरस के दिन यमराज के लिए जिस घर में दीपदान किया जाता है. वहां अकाल मृत्यु नहीं होती है. धनतेरस की शाम को मुख्य द्वार पर 13 और 13 ही दीप घर के अंदर जलाने चाहिए. इस दिन मुख्य दीपक रात को सोते समय जलाया जाता है. इस दीपक को जलाने के लिए पुराने दीपक का उपयोग किया जाता है. यह दीपक घर के बाहर दक्षिण की तरफ मुख करके जलाना चाहिए. दरअसल, दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी जाती है. ऐसा भी माना जाता है कि घर में दीया घूमाने से इस दिन सारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है. recent visitors 92

29 अक्टूबर को धनतेरस, जानें महत्व और शुभ समय

धनतेरस 2024 के मौके पर खरीदारी करने का क्या है समय और इसके पीछे की पौराणिक कथा क्या कहती है? आइए जानते हैं धनतेरस 2024 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें. धनतेरस जिसे धन त्रयोदशी या धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है. पांच दिवसीय दिवाली की शुरुआत धनतेरस से शुरु हो जाती है. धनतेरस के दिन से ही दिवाली की तैयारियां शुरु हो जाती है. आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि इस दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. जिस वजह से हर साल धनतेरस का पर्व मनाया जाता है. धनतेरस के दिन सोना-चांदी, बर्तन, जमीन-जायदाद, झाड़ू खरीदने का रिवाज होता है. जो व्यक्ति इस दिन किसी भी तरह की खरीदारी करता है, तो उसके जीवन में तेरह गुणा बढ़ोत्तरी होती है. धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से कभी भी आर्थिक रूप से दिक्कत नहीं आती है. इस दिन से ही देवता यमराज के लिए पांच दिनों तक दीप जलाने की शुरुआत भी की जाती है. धनतेरस त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ -29 अक्टूबर 2024 दोपहर 10:32 बजे से धनतेरस त्रयोदशी तिथि समाप्त – 30 अक्टूबर 2024 दोपहर 01:16 बजे तक recent visitors 74