Friday, July 10, 2026 11:40 am

बिजली उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराना अनिवार्य, अब तक 6 लाख 4 हजार से अधिक ने कराई ई-केवायसी

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के "उपाय" ऐप के जरिए भी ई-केवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 6 लाख 4 हजार 399 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया के तहत नर्मदापुरम ग्रामीण में 71 हजार 140, बैतूल ग्रामीण में 84 हजार 948, राजगढ़ ग्रामीण में 40 हजार 783, शहर वृत्त भोपाल में 49 हजार 170, भोपाल ग्रामीण में 37 हजार 259, गुना ग्रामीण में 31 हजार 838, विदिशा ग्रामीण में 43 हजार 124, सीहोर ग्रामीण में 23 हजार 204, ग्वालियर ग्रामीण में 20 हजार 927, शहर वृत्त ग्वालियर में 38 हजार 240, अशोकनगर ग्रामीण में 18 हजार 558, दतिया ग्रामीण में 22 हजार 133, रायसेन ग्रामीण में 43 हजार 190, शिवपुरी ग्रामीण में 22 हजार 884, हरदा ग्रामीण में 18 हजार 601, श्योपुर ग्रामीण में 8 हजार 966, मुरैना ग्रामीण में 20 हजार 203 और भिण्ड ग्रामीण में 9 हजार 241 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी।   recent visitors 84

सरकार ने राशन की मात्रा और नियमों में बदलाव किया, चावल की मात्रा में आधा किलो कम कर दी गई, जबकि गेहूं की मात्रा में आधा किलो की बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली भारत सरकार की राशन योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत राशन कार्ड धारकों को कम कीमत पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। अब सरकार ने राशन की मात्रा और नियमों में बदलाव किया हैं। जो 1 जनवरी 2025 से लागू होंगे। राशन की मात्रा में बदलाव राशन कार्ड पर पहले एक यूनिट में 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मिलता था। वही अब इसे बदलकर 2.5 किलो चावल और 2 किलो गेहूं कर दिया गया है।इससे तात्पर्य है कि अब चावल की मात्रा आधा किलो कम कर दी गई है। जबकि गेहूं की मात्रा में आधा किलो की बढ़ोतरी हुई है। दरअसल सरकार ने अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए भी बदलाव किए गए हैं। पहले 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल मिलता था। अब यह बदलकर 17 किलो गेहूं और 18 किलो चावल कर दिया गया है। हालांकि, कुल मात्रा 35 किलो ही रहेगी। e-KYC अनिवार्य सभी राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर 1 जनवरी 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद फ्री राशन या कम कीमत पर मिलने वाली सुविधा बंद हो जाएगी। e-KYC की अंतिम तिथि पहले 1 अक्टूबर तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 1 नवंबर और फिर 1 दिसंबर 2024 कर दिया गया है। e-KYC कराने का तरीका सरकार ने e-KYC प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। – ऑनलाइन: राशन कार्ड धारक अपने आधार कार्ड की जानकारी के साथ खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाकर या नजदीकी राशन की दुकान पर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। – ऑफलाइन: राशन डीलर या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। महत्वपूर्ण तिथियां – e-KYC की आखिरी तारीख: 1 दिसंबर 2024 – बदलाव लागू होने की तिथि: 1 जनवरी 2025   recent visitors 57