कनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में, खेत में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई

मुंबई  महाराष्ट्र में मनसे चीफ राज ठाकरे और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक होने की अटकलों से जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे साथ छोड़कर अलग हुए एकनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में हैं। तीन दिन के लिए अपने सतारा स्थित अपने दरे गांव पहुंची डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की खेतों में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई हैं। शिंदे ने अपने गांव के खेतों में इस बार विदेशी पौधे को लगाया। शिंदे ने इस एवोकाडो नाम के इस विदेशी पौधे के फायदे भी गिनाए हैं। एवोकाडो, जिसे हिंदी में रूचिरा या मक्खनफल भी कहा जाता है। शिंदे ने किया नया प्रयोग शिवसेना प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने रविवार को अपने गांव में सहकर्मियों के साथ मिलकर नए पेड़ लगाए। शिंदे ने पिछले दौरों में स्ट्रॉबेरी, हल्दी, चीकू और बांस के पौधे लगाए थे। इस साल उन्होंने पहली बार एक विदेशी फल एवोकाडो, लगाने का निर्णय लिया। शिंदे ने उन्होंने फावड़े और कुदाल का उपयोग करके स्वयं एक एवोकाडो का पेड़ लगाया। उन्होंने अपने खेत में यह प्रयोग इस आशा के साथ किया है कि यदि यह प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी एवोकाडो फल की खेती में सफल होता है, तो यह स्थानीय किसानों को भी वैकल्पिक फसल के रूप में एवोकाडो की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। नए प्रयोग से नई फसल उगेगी डिप्टी सीएम शिंदे इससे पहले सतारा जिले के महाबलेश्वर तालुका में कोयना नदी के तट को काफी उपजाऊ बता चुके हैं। वह कहते आए हैं कि दरे गांव के आसपास की मिट्टी बहुत अच्छी है। इसमें उगाई जाने वाली कोई भी फसल अच्छी तरह से उगती है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि यहां एवोकाडो की खेती का यह प्रयास अवश्य सफल होगा। यदि ऐसा होता है, तो उनका मानना है कि इस क्षेत्र के किसान, जो स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे जामुन उगाते हैं, एवोकाडो की खेती के माध्यम से एक और नई नकदी फसल पा सकेंगे। इसीलिए उन्होंने अपने खेतों में इस प्रयोग को सफल बनाने का प्रयास किया है। इस अवसर पर उनके साथ दरे गांव के ग्रामीणजन और शिंदे के सभी साथी उपस्थित थे। एवोकाडो के क्या हैं फायदे? एवोकाडो का तेल त्वचा और बालों के लिए अच्छा होता है। एक बहु-उपयोगी फल है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह स्वस्थ वसा, फाइबर, और विटामिन से भरपूर होता है जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन, और आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। एवोकाडो में पोटेशियम, मैग्नीशियम, और अन्य महत्वपूर्ण खनिज भी पाए जाते हैं। इतना ही नहीं एवोकाडो में अनसैचुरेटेड फैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और कब्ज से राहत दिलाता है। recent visitors 47

फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री शिंदे कद बढ़ा, हर फाइल भी शिंदे के पास जाएगी!

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तीन प्रमुख दलों के गठबंधन के बीच "शक्ति राजनीति" में संतुलन बनाए रखने के लिए अधिकारों का समान वितरण सुनिश्चित किया है. आजतक के जिस सरकारी आदेश की कॉपी है उसे 18 मार्च, 2025 को मुख्य सचिव सुजाता सौनिक ने जारी किया है. इस आदेश में कहा गया है कि वित्त और योजना विभाग, जो वर्तमान में अजित पवार के अधीन है, उसकी हर फाइल अब अंतिम मंजूरी के लिए सीएम देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचने से पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से होकर गुजरेगी. इसे सियासी संतुलन बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है. महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान जब उद्धव ठाकरे सीएम थे और अजित पवार के पास वित्त विभाग था. तब शिंदे के शिवसेना गुट ने पवार पर पक्षपात का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया कि पहले एनसीपी, फिर कांग्रेस और अंत में शिवसेना को पैसा आवंटित किया गया, जो एमवीए के पतन का एक प्रमुख कारण बन गया. शिंदे के सीएम रहने के दौरान भी ऐसा ही था नियम राजनीतिक बदलाव के बाद एकनाथ शिंदे सीएम बने और फडणवीस डिप्टी सीएम बने और एक साल के भीतर ही शिंदे के नेतृत्व में अजित पवार भी डिप्टी सीएम बन गए. हालांकि पवार ने वित्त विभाग अपने पास रखा, लेकिन अंतिम फैसले का अधिकार शिंदे के पास ही रहा.तब भी 2023 में आदेश जारी किया गया था कि फाइलें तत्कालीन डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के माध्यम से अंतिम मंजूरी के लिए सीएम एकनाथ शिंदे के पास भेजी जाएंगी. हालांकि, अब वित्त विभाग को सत्ता संतुलन को बाधित होने से रोकने के लिए फडणवीस ने फाइल अनुमोदन प्रक्रिया को पहले ही बदल दिया और उनके पास फाइल पहुंचने से पहले दोनों उप मुख्यमंत्रियों के पास जाएगी. राजनीतिक हलकों में इसे सीएम फडणवीस का “मास्टरस्ट्रोक” बताया जा रहा है. महायुति में हुआ था विवाद तीनों महायुति दलों के नेता पहले भी लगातार कहते रहे हैं कि उनके बीच “कभी कोई विवाद नहीं था”. हालांकि, अजित पवार को अब अपनी फाइलों के लिए शिंदे की मंजूरी की जरूरत होगी. इससे शिंदे की शिवसेना को एनसीपी पर बढ़त मिल गई है, जो पहले टकराव का कारण बनी थी. इस निर्णय के माध्यम से एकनाथ शिंदे को सशक्त बनाकर, फडणवीस ने सुनिश्चित किया है कि शिंदे का गुट फंड आवंटन और निर्णय लेने से संतुष्ट रहे. वहीं इस कदम के जरिए अजित पवार को भी नियंत्रण में रखा जा सके. इस कदम को महायुति के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है.   recent visitors 78

एकनाथ शिंदे ने कहा- राज्य में लाडकी बहिन योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी

ठाणे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महिलाओं के कल्याण के लिए महायुति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कहा कि राज्य में लाडकी बहिन योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। महाराष्ट्र में पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन की बड़ी जीत का श्रेय लाडकी बहिन योजना को भी दिया जाता है। योजना के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह सहायता प्रदान की जाती हैं। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल हैं। ठाणे शहर में सोमवार रात एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, ‘‘महायुति सरकार कभी भी लाडकी बहिन योजना को बंद नहीं होने देगी।’’ उन्होंने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। आवास एवं शहरी विकास विभाग का प्रभार संभाल रहे शिंदे ने कहा, ‘‘हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है क्योंकि हमें लोगों की सेवा करने का एक और मौका मिला है।’’ उन्होंने मुंबई, ठाणे, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य स्थानों में लंबित आवास परियोजनाओं से संबंधित चिंताओं पर चर्चा की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि रुकी हुई विकास परियोजनाएं अब समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। इन परियोजनाओं में कुछ 25 वर्षों से भी अधिक समय से लंबित हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई क्लस्टर विकास योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक अनूठी पहल है जो किसी अन्य देश में नहीं देखी गई है। शिंदे ने कहा कि इससे झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) योजना की कमियों, विशेषकर ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले निवासियों को पुनर्वास लाभों से वंचित रखने की समस्या का प्रभावी ढंग से समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘क्लस्टर योजना सभी प्रकार के पुनर्वास एवं विकास के लिए एक व्यापक समाधान प्रदान करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को वह लाभ मिले जिसके वे हकदार हैं।’’ राजनीतिक विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार केवल तस्वीरें नहीं दिखाती और बड़ी-बड़ी घोषणाएं नहीं करती, बल्कि कदम उठाती हैं और परिणाम देती है।   recent visitors 53

महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने कहा-महायुति में आपसी समझ बेहतर है, आज मुख्यमंत्री पद को लेकर भी फैसला हो जाएगा

मुंबई महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पैतृक गांव पहुंचने के बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखी है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चा पर शिंदे ने कहा कि मैं पहले ही अपना बिना शर्त समर्थन महायुति को दे चुका हूं, महायुति में आपसी समझ बेहतर है, आज मुख्यमंत्री पद को लेकर भी फैसला हो जाएगा। मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंश के बीच अपने पैतृक गांव पहुंचे शिंदे ने कहा कि मैं अब स्वस्थ हूं। चुनाव के थकावट भरे कार्यक्रम के बाद मैं यहां पर आराम करने के लिए आया था। सीएम के रूप में अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान मैंने कोई छुट्टी नहीं ली। लोग अभी भी मुझसे मिलने आ रहे हैं। इसी थकावट के कारण मैं बीमार हो गया था। अब मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं। शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार लोगों की बात सुनेगी। मैंने पहले ही संगठन नेतृत्व को अपना बिना शर्त समर्थन दे दिया है। उनका जो भी फैसला होगा हम उसका सम्मान करेंगे। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के बारे में बात करते हुए शिंदे ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2.5 सालों में जो काम किया है उसे इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार के बेहतर प्रदर्शन के कारण ही लोगों ने हमें ऐतिहासिक जनादेश दिया है। जनता पर हमारा आशीर्वाद ऐसा रहा कि विपक्ष के पास विपक्ष का नेता चुनने की भी ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि महायुति के तीनों सहयोगियों की आपसी समझ बहुत अच्छी है, जहां तक मुख्यमंत्री के पद का सवाल है तो उसका फैसला कल हो जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जनता ने महायुति को ऐतिहासिक जनादेश दिया है। चुनावी नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार सस्पेंस बना हुआ है। महायुति में सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान तो कर दिया है लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री कौन होगा इसकी घोषणा नहीं की है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो देवेन्द्र फडणवीस का नाम सीएम पद की रेस में सबसे आगे है। फडणवीस पहले भी एक पंचवर्षीय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि निवर्तमान एकनाथ शिंदे सरकार में वह उपमुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। recent visitors 76

शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि मैं अपने आप को कभी मुख्यमंत्री नहीं समझता हूं, मैं हमेशा अपने आपको कॉमन

मुंबई महाराष्ट्र में अगले मुख्यमंत्री को लेकर महायुति में खींचतान जारी है. इसी बीच शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि मैं अपने आप को कभी मुख्यमंत्री नहीं समझता हूं. मैं हमेशा अपने आपको कॉमन मैन समझता हूं. शिंदे ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र को फोन किया था. मैंने उनसे कहा कि हमारी तरफ से मुख्यमंत्री को लेकर कोई अड़चन नहीं आएगी. हमारा पूरा सहयोग रहेगा. शिंदे के इस बयान के बाद अब माना जा रहा है कि बीजेपी देवेंद्र फडणवीस के नाम का ऐलान कर सकती है. दरअसल, महाराष्ट्र का चुनाव एकनाथ शिंदे के चेहरे पर लड़ा गया था. लेकिन बीजेपी को महायुति में सबसे ज्यादा 132 सीटें मिलीं तो सीएम को लेकर खींचतान जारी हो गई. आखिरकार अब एकनाथ शिंदे ने खुद ये ऐलान कर दिया है कि वह बीजेपी के हर फैसले को मानने के लिए तैयार हैं. ऐसे में अब सीएम के लिए चल रहा गतिरोध खत्म होता दिख रहा है.    एकनाथ शिंदे ने इस दौरान शाह और मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बीजेपी और शाह-मोदी ने मेरा पूरा साथ दिया. वो चट्टान बनकर मेरे साथ खड़े रहे. मैंने पीएम मोदी को फोन करके कहा है कि हमारी तरफ से कोई दिक्कत नहीं है. आप जिसे भी सीएम के लिए चुनेंगे उसे मेरा सपोर्ट है. मैंने राज्य की बेहतरी के लिए काम किया इस दौरान शिंदे ने कहा कि मैंने हमेशा राज्य की बेहतरी के लिए काम किया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की लाडली बहनों का मैं लाडला भाई हूं. अभी बहुत काम करना है. मैंने ढाई साल में राज्य के लिए खूब काम किया है. आगे भी हम इसी रफ्तार से काम करेंगे.महायुति मजबूत है और हम सब मिलकर काम करने को तैयार हैं. एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमने पिछले ढाई साल में लगातार काम किया है. मैं लाडली बहनो का लाडला भाई हूं. मैं हमेशा तत्पर रहता हूं. मैं आगे भी काम करने के लिए तैयार हूं. दरअसल, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही नए मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान जारी है. चाहे एकनाथ शिंदे हों, देवेंद्र फडणवीस हों या फिर अजित पवार… तीनों के ही समर्थक अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. इसकी बानगी नतीजे वाले दिन भी देखने को मिली थी, जब तीनों नेताओं के समर्थकों ने खुलकर अपने लीडर को सीएम बनाने की मांग शुरू कर दी थी. बता दें कि एकनाथ शिंदे इस समय कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं. दिल्ली बुलाए गए महायुति के नेता शिंदे, फडणवीस और पवार को बुलाया गया दिल्ली बता दें कि शिवसेना एनसीपी के प्रमुख नेताओं और देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है. बीजेपी के हाईकमान ने कल प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ अहम बैठक तय की है. बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सीटों में से महायुति को 230 सीट मिली थी. बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत हासिल की है. शिंदे, फडणवीस और पवार को बुलाया गया दिल्ली बता दें कि शिवसेना एनसीपी के प्रमुख नेताओं और देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है. बीजेपी के हाईकमान ने कल प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ अहम बैठक तय की है. माना जा रहा है कि इस बैठक में महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. इस मीटिंग में राज्य के मौजूदा सियासी हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है. इसके साथ ही बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजीत पवार गुट) के गठबंधन से जुड़े कुछ अहम मुद्दे भी उठ सकते हैं. सीएम पद को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं: म्हस्के सीएम पद को लेकर कुछ देर पहले ही एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना के नेता नरेश म्हस्के का बयान आया. उन्होंने कहा कि सीएम पद को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है. सरकार दो दिनों में नहीं बनती है. प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही सीएम के नाम का ऐलान हो जाएगा. महायुति के नेता फैसला कर लेंगे. हालांकि, हमने सीएम पद की मांग की है. जैसे बिहार में छोटी पार्टी को सीएम पद दिया गया है, वैसे ही हमने भी सीएम पद मांगा हैं. सभी हमारे नेता, सबका सम्मान है: केसरकर शिवसेना के एक और नेता दीपक केसरकर ने इस मुद्दे पर बयान दिया है. दीपक केसरकर ने कहा,'सभी हमारे नेता हैं. हम सभी का सम्मान करते हैं. ये महायुति गुट है. हम विधानसभा चुनाव महायुति के फॉर्मूले से जीते हैं. चेहरा पीएम मोदी का है. मोदी के नाम पर मेंडेट आया है. वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने कहा,'तीनों पक्ष मिलकर सरकार बनाएंगे.' जल्दबाजी के मूड में नहीं है BJP नेतृत्व कहा जा रहा है कि सत्तारूढ़ महायुति नए मुख्यमंत्री का चेहरा फाइनल नहीं कर पाई है. अलांयस के तीनों सहयोगी दलों में सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार मंथन चल रहा है. बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि अलायंस के नेता बड़ी जीत से उत्साहित हैं. इसलिए इस बार ज्यादा जल्दबाजी के मूड में नहीं हैं. बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि सरकार बनने के बाद किसी भी अलांयस में सबसे ज्यादा खींचतान हैवीवेट मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर होती है, इसलिए पहले पोर्टफोलियो फाइनल किए जाने चाहिए, उसके बाद सीएम फेस घोषित किया जाएगा. यानी एनडीए, पहले विवादों की जड़ें खत्म करना चाहता है, उसके बाद सरकार के चेहरे को उजागर करने का फैसला लिया गया है. क्या रहे चुनावी नतीजे राज्य में 20 नवंबर को हुए चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटें, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं हैं. परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए गए थे.     recent visitors 112

‘कांग्रेस से दूर रहो कहते थे बाला साहेब , लेकिन उद्धव ने…’, शिंदे ने बताया क्यों किया था ‘तख्तापलट’

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा चुनाव के बीच में उद्धव ठाकरे पर शिवसेना में फूट डालने का आरोप लगाया है। एएनआई को दिए एक खास इंटरव्यू में शिवसेना में हुए विभाजन पर बोलते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि मैं महाविकास अघाड़ी सरकार का हिस्सा था, लेकिन जो सरकार बनी। वह बाला साहेब ठाकरे के आदर्शों के खिलाफ थी। शिवसेना और बीजपी का गठबंधन ही आगे का सही रास्ता था। हालांकि उद्धव ठाकरे के निजी स्वार्थों के कारण कांग्रेस के साथ गठबंधन हुआ, जो बाला साहेब कभी नहीं चाहते थे। इसके चलते पार्टी अनुशासन का पालन करते हुए और बदलाव लाने के लिए उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन किया। शिंदे ने क्याें उठाया कदम? शिंदे ने आगे कहा कि शिवसेना कार्यकर्ता होने के नाते हमने पार्टी अनुशासन का पालन किया और बदलाव की जरूरत को महसूस किया। हमने शिवसेना-बीजेपी गठबंधन सरकार बनाने का प्रयास किया लेकिन हम असफल रहे और दुर्भाग्य से हमारी पार्टी और कार्यकर्ताओं को जो नुकसान हो रहा था, हमने महाराष्ट्र के लोगों की सुनने का फैसला किया, जो शिवसेना-बीजेपी गठबंधन चाहते थे। हमारे विधायक भी थके हुए थे क्योंकि उनके क्षेत्रों में कोई काम नहीं हो रहा था। इसलिए हमने सरकार बदली और बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन के साथ एक नई सरकार बनाई। महायुति सरकार की तारीफ महायुति सरकार की सराहना करते हुए सीएम शिंदे ने गर्व किया कि इस सरकार ने निजी लाभ से ऊपर लोगों के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने उन परियोजनाओं को फिर से शुरू किया जिन्हें MVA सरकार ने रोक दिया था। महायुति की उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि उनके शासन के दौरान महाराष्ट्र जीडीपी, एफडीआई, जीएसटी या स्वच्छता, हर क्षेत्र में शीर्ष पर रहा। उन्होंने कहा कि राज्य ने उनके शासनकाल में ही 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया। दो साल के काम का बखान सीएम शिंदे ने कहा कि मुझे गर्व और खुशी है कि हमने निजी लाभ से ऊपर लोगों के हितों को प्राथमिकता दी। पिछले दो सालों में हमारी सरकार को उसके काम के लिए सराहना मिली है। पहले दिन से ही हमने किसानों, श्रमिकों, युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया, और विकास परियोजनाएं। हमने मेट्रो, बुलेट ट्रेन और राजमार्गों जैसी रुकी हुई परियोजनाओं को फिर से शुरू किया। इससे महाराष्ट्र निवेश के अनुकूल बना। आज मैं गर्व से कहता हूं कि हमने 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है। MVA शासन के दौरान महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर था, लेकिन जब हम आए, तो महाराष्ट्र जीडीपी, एफडीआई, जीएसटी और स्वच्छता में शीर्ष पर रहा। हमारी कल्याणकारी योजनाएं, जैसे लाडली बहना योजना आदि लड़कियों को वजीफा और मुफ्त उच्च शिक्षा प्रदान करती हैं। हमने दो सालों में बहुत कुछ हासिल किया है और मैं आभारी हूं। केंद्र की कठपुतली वाले आरोप पर क्या बोले? यह पूछे जाने पर कि विपक्ष उनकी सरकार को केंद्र सरकार की कठपुतली बता रहा है। इस पर सीएम शिंदे ने कहा कि जब से महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार आई है, राज्य को केंद्र से कई लाभ मिले हैं। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार की 'कड़ी मेहनत' को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सराहा है। शिंदे ने कहा, मुझे खुशी है कि पिछले दो सालों में हमारी सरकार की कड़ी मेहनत को पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने सराहा है। एमवीए सरकार पर हमला पिछली MVA सरकार पर परोक्ष हमला करते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि सीएम होने का मतलब लोगों की सेवा करना है, न कि केवल फेसबुक लाइव के जरिए सरकार चलाना। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सुनती है और काम करती है, बहरी या गूंगी नहीं है। हमारी सरकार किसानों को प्राथमिकता देती है, सहायता और समर्थन प्रदान करती है। हमने किसानों के लिए 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। यह किसानों की सरकार है। recent visitors 115