Jammu Kashmir में एनसी को पूर्ण बहुमत, BJP की सीटों ने सबको चौंकाया

नई दिल्ली  हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए हो रही मतगणना के अब तक के रुझानों में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। दोपहर 2 बजे तक के ताजा रुझानों के मुताबिक, राज्य की 90 में से 50 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 35 सीटों पर और निर्दलीय तीन सीटों पर आगे चल रहे हैं। ये चुनावी रुझान एग्जिट पोल के तमाम अनुमानों से ठीक उलट हैं। ऐसे में फिर से इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या भाजपा ने अपनी पुरानी ट्रिक आजमा कर हरियाणा में चुनावी बाजी पलट दी और हरियाणा में चुनावी इतिहास रचते हुए जीत की हैट्रिक लगाई है। इससे पहले राज्य में अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने लगातार तीन बार चुनावों में जीत दर्ज नहीं की थी। हरियाणा में बीजेपी को बड़ा बहुमत मिल गया है। अब तक के चुनाव परिणामों के मुताबिक बीजेपी 49 सीटों पर जीत हासिल कर रही है। वहीं कांग्रेस 26, आईएनएलडी 2 और अन्य 3 सीटों पर जीत रहे हैं। हरियाणा के चुनाव परिणाम एग्जिट पोल को फेल कर दिया है। ज्यादातर एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी की गई थी। हालांकि बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज कर ली है। कैथल से रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला ने जीत दर्ज की है। लाडवा सीट से मुख्यमंत्री नायब सैनी जीत गए हैं। हरियाणा के मंत्री अनिल विज शुरुआती रुझानों में पीछे चल रहे थे। हालांकि उन्होंने भी अपने प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम नई दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर में कार्यकर्ताओं क संबोधित करेंगे। बीजेपी ने जश्न के लिए 100 किलो जलेबी का ऑर्डर दे दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी कार्यकर्ताओं को दिया है। जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम का हर अपडेट लोकसभा चुनावों के बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच पहला बड़ा सीधा मुकाबला था। इस चुनाव के परिणाम का इस्तेमाल विजेता द्वारा अन्य राज्यों में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जाएगा, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। हरियाणा की 90 सीट पर 464 निर्दलीय और 101 महिलाओं सहित कुल 1,031 उम्मीदवार मैदान में थे। इन सीटों पर पांच अक्टूबर को एक ही चरण में मतदान हुआ था। कई एग्जिट पोल ने हरियाणा में कांग्रेस की जीत का अनुमान जताया था। इस बार हरियाणा में 67.90 फीसदी मतदान हुआ था। नेशनल कॉन्फ्रेंस बनी सबसे बड़ी पार्टी जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सभी 90 सीटों पर चुनाव परिणाम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस को 42, बीजेपी को 29, कांग्रेस को 6, पीडीपी 3, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस 1, आप 1, सीपीआई-एम 1 और निर्दलीय 7 शामिल हैं. 'दो राज्यों को कर दिया कांग्रेस मुक्त', जी किशन रेड्डी केंद्रीय मंत्री और  जम्मू-कश्मीर बीजेपी विधानसभा चुनाव प्रभारी जी. किशन रेड्डी ने चुनाव परिणाम के रुझानो पर कहा, "NC ने लोगों को धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास किया. उन्होंने बहुत कुछ कहा, लेकिन इतना करने के बाद भी जम्मू और कश्मीर में हमें अच्छी सीटें मिली हैं. राहुल गांधी बार-बार कहते रहे कि पीएम मोदी पर जनता का विश्वास कम हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है. हरियाणा को हमने कांग्रेस मुक्त कर दिया है और जम्मू-कश्मीर भी कांग्रेस मुक्त हो गया है." क्या है भाजपा की वह ट्रिक दरअसल, भाजपा किसी भी राज्य में अपनी सरकार के लंबे कार्यकाल के खिलाफ उपजे जनाक्रोश या गुस्से को दबाने और एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर को कम करने के लिए चुनावों से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री को बदलती रही है। भाजपा ने इसका सफल प्रयोग गुजरात में किया था। उसके बाद उत्तराखंड में भी भाजपा इसे आजमा चुकी थी। उसी ट्रिक को भाजपा ने चुनावों से कुछ महीने पहले हरियाणा में भी आजमाया और तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हटाकर और उनकी जगह नायब सिंह सैनी की ताजपोशी करवा दी। भाजपा ने इसी के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को भी बदल दिया। खट्टर ने 26 अक्तूबर 2014 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह इस पद पर 12 मार्च 2024 तक रहे। फिर उनकी जगह उनके ही करीबी और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद भाजपा खट्टर को केंद्र की राजनीति में ले आई। इससे हरियाणा में खट्टर सरकार के प्रति जो नाराजगी और एंटी एनकम्बेंसी थी, वह कम हो गई। चूंकि नायब सिंह सैनी अभी नए-नए मुख्यमंत्री हैं और उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा और इस बीच उन्होंने कई जन कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया। इसलिए आम जनों को भाजपा ये संदेश देने में कामयाब रही कि सैनी को एक और मौका देना चाहिए, ताकि वह पूर्ण कार्याकल के लिए काम कर सकें। पीएम मोदी ने भी कम रैलियों को किया संबोधित खट्टर गैर जाट नेता थे और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की पसंद थे। चूंकि भाजपा लोकसभा चुनावों में यह देख चुकी है कि केंद्रीय नेतृत्व के प्रति जनाक्रोश है, इसलिए प्रदेश स्तर के नेताओं को चुनाव प्रचार में खुली छूट दी और संभवत: यही वजह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ चार चुनावी रैलियां हरियाणा में कीं, जबकि इससे पहले 2014 और 2019 में उन्होंने धुआंधार चुनाव प्रचार किया था। ऐसा कर प्रधानमंत्री ने जवानों, पहलवानों और अग्विनीरों के तथाकथित आक्रोश को भी कम करने की सोची समझी रणनीति पर काम की और चुनावों के दौरान केंद्र सरकार की कई संस्थाओं ने भर्तियों में अग्निवीरों के लिए कोटे का ऐलान किया। रही-सही कसर भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र के जरिए पूरी कर दी, जिसमें महिलाओं को कांग्रेस से भी ज्यादा नकद देने का वादा किया गया है। भाजपा ने और कहां अपनाई CM बदलो ट्रिक भाजपा ने गुजरात में 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले विजय रुपाणी की जगह भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बना दिया था। इससे नरेंद्र मोदी के बाद की सरकार के खिलाफ उपजा एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर कम हो गया था और 2022 के दिसंबर में गुजरात चुनावों में भाजपा फिर से जीतने में कामयाब रही थी। गुजरात में यह भाजपा की डबल हैट्रिक थी। इसी तरह उत्तराखंड में भी 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने वहां के … Read more

हरियाणा में लोकतंत्र के महापर्व में आहुति देने सुबह से लोग लाइन में लगे, हो रहा मतदान

रोहतक हरियाणा में 15वीं विधानसभा का चुनाव आज हो रहा है, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. . अंबाला शहर विधानसभा में कुल 271 बूथ बनाए गए हैं, जहां चुनाव कराने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं. 5 अक्टूबर को एक चरण में ही 90 सीटों पर वोटिंग हो जाएगी। जम्मू-कश्मीर में जहां फारुख अब्दुल्ला की पार्टी नैशनल कॉन्फ्रेंस मुकाबले में आगे है तो हरियाणा में स्थिति अलग है। यहां बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबला है। दोनों विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को आ जाएंगे। कल हरियाणा में वोटिंग के बाद शाम को एग्जिट पोल भी जारी कर दिए जाएंगे। अशोक तंवर के पार्टी में आने के बाद अजय माकन ने कहा- हम सभी ने संविधान की रक्षा करने का प्रण लिया है अशोक तंवर के कांग्रेस में आने के बाद पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि हम सभी ने संविधान की रक्षा करने का प्रण लिया है। हम देश के संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हमें आशा है कि अशोक तंवर जी के आने से इन प्रयासों को और बल मिलेगा। वहीं पार्टी ज्वाइन करते हुए अशोक तंवर ने कहा कि मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से हुई। कुछ समय के लिए मैं भाजपा में शामिल हो गया था, लेकिन वहां देश के संविधान और बाबासाहेब के प्रति कोई आस्था नहीं है। EVM और चुनाव सामग्री का वितरण  चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने स्ट्रांग रूम खोला गया, और ईवीएम मशीनों तथा चुनाव से संबंधित सामग्री उन सभी कर्मचारियों को सौंपी गई जो विभिन्न बूथों पर तैनात रहेंगे. अंबाला शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. चुनाव अधिकारी दर्शन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अंबाला शहर विधानसभा में कुल 271 बूथ बनाए गए हैं. सभी पोलिंग पार्टियां यहां पहुंच चुकी हैं और उनकी ट्रेनिंग भी पूरी कर ली गई है. उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़ी सारी सामग्री इन सभी लोगों को दी जा रही है, जिन्हें पुलिस फोर्स के साथ अपने-अपने बूथों के लिए रवाना होना है. सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने बताया कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से पुलिस बल की तैनाती की गई है. सभी पोलिंग बूथ पर सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए हैं, जो हर समय लाइव चलेंगे. इसके अलावा, तीन विशेष बूथ भी बनाए गए हैं, जिसमें पिंक बूथ और युवा बूथ शामिल हैं. कई सीटों पर चुनाव बहुकोणीय होने की संभावना कुल 1031 उम्मीदवारों में से 464 निर्दलीय उम्मीदवार है। चुनाव बहुकोणीय है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पाटर्ी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल काँग्रेस के अलावा चुनावी मैदान में जननायक जनता पाटर्ी-आजाद समाज पार्टी, गठबंधन, इंडियन नैशनल लोकदल-बहुजन समाज पाटर्ी गठजोड़ और आम आदमी पार्टी भी हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और काँग्रेस में माना जा रहा है। जहां भाजपा‘नॉन-स्टॉप हरियाणा'व‘भरोसा दिलसे, भाजपा फिर से'के नारे के साथ हैट्रिक लगाने की उम्मीद कर रही है, वहीं काँग्रेस ‘भाजपा जा रही है, काँग्रेस आ रही है' और ‘हाथ बदलेगा हालात' के नारों के साथ सत्ता में वापसी का दावा कर रही है। अन्य दल भी ‘किंगमैकर' बनने से लेकर अपने बूते सरकार बनाने तक के दावे कर रहे हैं। छोटे दलों, रिश्तेदारों के एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने से लेकर बागियों सहित बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में होने से राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ने की संभावनाओं के कारण कई सीटों पर मुकाबला कड़ा व रोचक हो गया है। वीआईपी सीटों पर सभी की रहेंगी निगाहें जिन सीटों पर लोगों की नजर रहेगी उनमें कुरुक्षेत्र जिले की लाड़वा (मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी यहाँ से प्रत्याशी हैं), सोनीपत जिले की गढ़ी सांपला किलोई (पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा प्रत्याशी हैं) जींद जिले की उचाना कलाँ (पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला यहाँ से प्रत्याशी हैं) और जुलाना (काँग्रेस ने पहलवान विनेश फोगाट को टिकट दिया है), हिसार (यहाँ अमीरतम महिला प्रत्याशी सावित्री जिंदल भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रही हैं जबकि उनके पुत्र नवीन जिंदल लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीतकर सांसद बने हैं), सिरसा जिले की डबवाली जहां चौटाला कुनबे से तीन सदस्य – काँग्रेस के अमित सिहाग, भाजपा से इनेलो गए आदित्य चौटाला और जजपा से दिग्विजय चौटाला आपस में भिड़ रहे हैं), एलानाबाद 2019 के विधानसभा चुनाव में यह एकमात्र सीट थी, जिस पर इनेलो को जीत हासिल हुई थी। अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन में दिया था इस्तीफा किसान आंदोलन के समर्थन में अभय सिंह चौटाला ने इस्तीफा दिया था और फिर उपचुनाव में जीते थे), भिवानी जिले की तोशाम (हाल ही में अपनी माँ किरण चौधरी के साथ काँग्रेस छोड़कर भाजपा में गई बंसीलाल परिवार की श्रुति चौधरी का मुकाबला उनके चचेरे भाई अनिरुद्ध चौधरी से है) और अंबाला शहर और अंबाला छावनी (शहर से जहां पूर्व मंत्री निर्मल सिंह काँग्रेस प्रत्याशी हैं, उनकी बेटी चित्र सरवारा छावनी से काँग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज को टक्कर दे रही हैं) आदि हैं। recent visitors 72

JK विधानसभा चुनाव के दौरान 130 करोड़ रुपये की जब्ती हुई: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

श्रीनगर  चुनाव अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कुल 1,263 उल्लंघनों की सूचना मिली और 130 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की गई। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पीके पोल ने कहा कि पुलिस विभाग ने सबसे अधिक 107.50 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1,263 एमसीसी उल्लंघनों में से 600 को जांच और उचित कार्रवाई के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 364 शिकायतों की जांच चल रही है, जिनका भी जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा। इसके अलावा 115 उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, मीडिया घरानों और अन्य को एमसीसी उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। सीईओ ने बताया कि ड्रग्स, नकदी और शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन एजेंसियों ने 32 एफआईआर दर्ज की हैं। पोल ने कहा, "2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब तक जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कुल 130 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।" विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग ने 107.50 करोड़ रुपये, सीजीएसटी ने 9.88 करोड़ रुपये, एसजीएसटी/सीटी ने 8.03 करोड़ रुपये, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 2.06 करोड़ रुपये, आयकर विभाग ने 87 लाख रुपये तथा राज्य आबकारी विभाग ने 50 लाख रुपये की जब्ती की है। विभिन्न राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को रैलियां, जुलूस, पार्टी कार्यालय खोलने, वाहन, बैनर, झंडे, पर्चे, होर्डिंग्स, नुक्कड़ सभाएं, घर-घर जाकर प्रचार आदि के संबंध में 7,088 अनुमतियां दी गई हैं। तीसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान 1 अक्टूबर को होना है। पहले चरणों में मतदाताओं की संख्या काफी अच्छी रही थी, 18 सितंबर को पहले चरण में 61.38 प्रतिशत और 26 सितंबर को दूसरे चरण में 57.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू और कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है, जिसके नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।   recent visitors 87

जिला पंचायत अध्यक्ष अलीराजपुर और जनपद पंचायत अध्यक्ष अमरवाड़ा की निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित

भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष अलीराजपुर और जनपद पंचायत अध्यक्ष अमरवाड़ा के रिक्त पद के निर्वाचन हेतु 21 अगस्त की तारीख नियत की गई थी। जनपद पंचायतों के उप निर्वाचन के कार्यक्रम घोषित होने के कारण जिला पंचायत अध्यक्ष अलीराजपुर और जनपद पंचायत अध्यक्ष अमरवाड़ा के निर्वाचन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह ने बताया है कि निर्वाचन की आगामी तिथि पृथक से जारी की जायेगी।   recent visitors 68