Wednesday, July 8, 2026 11:34 am

गुस्साए परिजनों ने चौकी में किया हंगामा और सड़क जाम, छत्तीसगढ़-कोरबा में नहर में बहे बच्चों के नहीं मिले शव

कोरबा। ऊर्जाधानी में सोमवार को नहर में बहे बच्चों का शव अब तक मिला है. घटना के बाद शव को ढूंढने के लिए नहर का पानी कम नहीं करने पर परिजनों का गुस्सा आज सुबह फूट पड़ा और बस्तीवालों वालों के साथ सीएसईबी पुलिस चौकी में जाकर हंगामा मचाते हुए सड़क जाम कर दिया. बता दें कि सोमवार को दोपहर कोतवाली थाना अंतर्गत 15 ब्लॉक मैगजीन भांठा निवासी सुषमा मानिकपुरी अपने 14 साल की बेटी सिमरन और 8 साल बेटे प्रतीक को लेकर नहर में नहाने आई थी. नहाते समय बच्चे बहने लगे, जिन्हें देखकर उनकी मां ने भी नहर में छलांग लगा दी थी. खोजबीन के दौरान सुषमा मानिकपुरी का शव तो मिल गया था, लेकिन दोनों बच्चों का शव अभी तक नहीं मिला है, जिससे परिजनों के साथ-साथ बस्तीवालों का गुस्सा चढ़ा हुआ है. परिजनों ने पुलिस पर सीमा विवाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएसईबी चौकी और कोतवाली पुलिस कार्रवाई को लेकर घुमा रहे हैं. recent visitors 45

मौत की अचानक खबर सुन परिजनों ने किया बवाल, राजस्थान-अलवर के युवक को तिहाड़ जेल ले गयी दिल्ली पुलिस

अलवर. साइबर फ्रॉड के मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से अलवर के तूलेड़ा से गिरफ्तार कर ले गए एक युवक की वहां मौत हो गई। सोमवार की रात 11 बजे तक मृतक के परिजन व ग्रामीणों ने सदर थाने का घेराव किया। इसके बाद पुलिस अफसर पहुंचे। जिन्होंने ग्रामीणों से समझाइश कर बताया कि युवक को दिल्ली पुलिस ही लेकर गई थी। सदर पुलिस की इसमें कोई भूमिका नहीं है। मामला साइबर फ्रॉड का था और पुलिस ने इस युवक को जेल भी भेज दिया था, जहां युवक की मौत हो गई। ASP प्रियंका ने बताया कि दिल्ली में द्वारका थाने की साइबर टीम अलवर आई थी। साइबर फ्रॉड के एक मामले में तूलेड़ा गांव निवासी टिंडू पुत्र भंवरदास को वह टीम लेकर गई थी। वहां तिहाड़ जेल में आरोपी युवक बंद था। जेल के अंदर ही युवक की मौत हुई है। अभी कारण सामने नहीं आए हैं, लेकिन इस मौत को लेकर गांव वालों और परिजनों में भारी गुस्सा है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी में सुसाइड जैसी बात सामने आई थी। अर्थात युवक ने जेल में आत्महत्या कर ली थी। दूसरी तरफ मृतक के परिजन व ग्रामीणों ने रात को सदर थाने पर हंगामा कर दिया। कहा कि युवक पूरी तरफ स्वस्थ था। जो टाइल्स लगाने का काम करता था। वैसे जिस युवक को साइबर फ्रॉड में पकड़ा गया, उसके घरवालों के कहना है कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया कि जो पुलिस उसे पकड़े और दिल्ली ले जाए। यदि ऐसा होता तो अलवर में भी इसके खिलाफ यहां मुकदमा दर्ज होता। घरवाले यह नहीं बता रहे कि इसके खिलाफ अलवर में भी कोई मुकदमा दर्ज था या नहीं। कुल मिलाकर गांव वालों और घरवालों ने सदर थाने को घेर लिया और उसका बड़ा कारण यह था कि दिल्ली पुलिस के साथ सदर पुलिस भी गांव में गई थी। recent visitors 93