Tuesday, July 7, 2026 7:35 am

दो सप्ताह में दुबारा आगजनी में लाखों का नुकसान, राजस्थान-अलवर के शालीमार फ्लैट्स में दूसरी बार लगी आग

अलवर/भरतपुर। अलवर में अपना घर शालीमार फ्लैट्स में पिछले दो सप्ताह में दोबारा से आगजनी की घटना हुई। हादसे में करीब तीन लाख के आसपास का नुकसान हो गया। आगजनी का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मकान मालिक नरेन्द्र सेनी ने बताया कि आज दोपहर 2 बजे के समीप वह अपने परिवार के साथ रिस्तेदारी में शादी समाहरोह में सम्मिलित होने गए थे। शाम 6 बजे के समीप पड़ोसियों का फोन आया, जिन्होंने घर से धुआं निकलने की जानकारी दी। हालांकि जब तक मैं अपने परिवार के साथ घर लौटा तब तक फायर ब्रिगेड घटना स्थल पर पहुंच चुकी थी। आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था। जब घर आकर देखा तो मकान के आखिरी वाले बेडरूम में बिजली बोर्ड में शॉर्ट सर्किट पाया मिला। उसके पास ही ड्रेसिंग रखी हुई थी, जिसमें आग लग गई। वहीं ड्रेसिंग के साथ साथ बाकी पूरे कमरे में आग लग गई। अलमारी व बेड ओर एयरकंडीशनर सहित काफी समान जलकर राख हो गया। वहीं बताया कि अभी 2 वर्ष पहले ही 22 लाख के करीब फ्लैट खरीद था, जिसकी अभी तक क़िस्त भी बाकी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि महज 2 सप्ताह में ये दूसरी बड़ी घटना हुई, लेकिन देर रात तक सोसायटी की तरफ से कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति पीड़ित के पास नही पहुंचा है। एक के बाद एक घटना लोगों में भय का माहौल पैदा कर गई। सोसायटी में रहने वाले लोगों में हर समय डर रहने लग गया कि पता नहीं कब उनके फ्लैट में आग लग जाये और जीवन की जमा पूंजी कड़ी मेहनत कब राख बन जाए। recent visitors 44

आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस, राजस्थान-अलवर में पेन-पेंसिल का विज्ञापन दिखाकर ऑनलाइन ठगी

अलवर। अलवर शहर के अरावली विहार थाना पुलिस ने ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी रामेश्वर लाल ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि रूपवास में एक युवक खड़ा है जो ऑनलाइन साइबर फ्रॉड कर रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया और थाने लेकर आई। उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी कृष्ण पुत्र रोहिताश निवासी खोडा करमाली जिला अलवर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पेन-पेंसिल का विज्ञापन डालकर लोगों के साथ ठगी करता था। आरोपी ने इसी तरह अहमदाबाद की रहने वाली एक महिला के साथ फ्रॉड किया था और उससे 6200 रुपये ठग लिए थे। थानाधिकारी रामेश्वर लाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और वे कहां के रहने वाले हैं। आरोपी से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि उससे कई अन्य ठगी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है। पूछताछ में जो भी निकलकर सामने आएगा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी recent visitors 152

मासूम बच्ची भी शामिल, राजस्थान-अलवर में आगजनी की घटनाओं में चार लोग गंभीर झुलसे

अलवर। अलवर में अलग-अलग स्थान पर चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें एक चार महीने की बच्ची भी शामिल है। जानकारी के अनुसार, नारायणपुर थाना क्षेत्र के ताल वृक्ष के समीप निवासी महेश गुर्जर की चार महीने की पुत्री देवासी मुड्डे पर बैठी हुई थी और चूल्हे में जा गिरी, जिससे उसका पैर गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे गंभीर हालत में सामान्य चिकित्सालय स्थित वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरी ओर अलवर शहर के एनईबी थाना अंतर्गत स्थानीय दाउदपुर मोहल्ला निवासी गिरधारी जाटव की 55 वर्षीय पत्नी लीला देवी चूल्हे पर चने का साग बना रही थी। तभी अचानक उसे चक्कर आए और वह सब्जी के भगोने में जा गिरी, जिससे उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। वहीं, हाथ पैर भी झुलस गए, जिसे सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सेंथली चिरखाना निवासी 50 वर्षीय कुंती देवी पत्नी हरद्वारी लाल चाय बना रही थी। इसी दौरान अचानक कुंती देवी के कपड़ों ने आग पकड़ ली, जिससे उसके दोनों पर गंभीर रूप से झुलस गए, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सर्दी के मौसम में अलाव ताप रहा एक 11 साल का युवक हसनपुर झिरका फिरोजपुर निवासी हकीम का पुत्र इंसाफ अलाव में पेट्रोल डालने से गंभीर रूप से झुलस गया। जानकारी के अनुसार, इंसाफ आदित्य रात 8 बजे घर के पास सर्दी की वजह से अलाव ताप रहा था। तभी अचानक इंसाफ ने पेट्रोल अलाव में डाल दिया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे इंसाफ बुरी तरह झुलस गया, जिसे गंभीर हालत में सामान्य चिकित्सालय स्थित बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है।इन चारों जनों को झुलसी हुई हालत में अलवर के जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां इनका इलाज चल रहा है। recent visitors 89

कलेक्टर बोलीं- जनता के सहयोग की जरूरत, राजस्थान-अलवर को स्वच्छ बनाने टूरिज्म पोर्टल और ऑटो टिपर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम जोड़ा

अलवर। अतुल्य अलवर अभियान में नए साल पर दो नई सुविधाओं को जोड़ा गया है, जिनमें टूरिज्म पोर्टल और ऑटो टिपर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं। जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने बताया कि अलवर के विकास कार्यों और उनकी निगरानी के लिए अब एक अंब्रेला पोर्टल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि क्लीन अलवर पोर्टल पर पिछले तीन महीनों से काम चल रहा है, जहां कचरे की शिकायतें मिलते ही तुरंत निस्तारण किया जा रहा है। हालांकि, शिकायतें यह भी आ रही थीं कि ऑटो टिपर समय पर नहीं पहुंचते या हर घर तक नहीं पहुंच पाते। इसे ध्यान में रखते हुए अब अतुल्य अलवर पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया गया है। इसके तहत, लोग घर बैठे यह देख सकते हैं कि उनके क्षेत्र में ऑटो टिपर कब पहुंचेगा, वर्तमान में कहां है और कचरा कहां डंप किया गया है। साथ ही, अगर कोई शिकायत है तो उसे पोर्टल पर दर्ज किया जा सकता है। यह सुविधा अलवर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगी। कलेक्टर ने बताया कि टूरिज्म पोर्टल भी लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल पर अलवर की पर्यटन स्थलों से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा, लोग अपने सुझाव और शिकायतें भी दर्ज करा सकते हैं। यह पोर्टल अलवर के पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि शहर को स्वच्छ बनाने के प्रयासों में प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है। अतुल्य अलवर अभियान के तहत सभी अधिकारियों को लगाया गया है, जो हर शनिवार अपने क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लेते हैं। जहां कमियां पाई जाती हैं, वहां सुधार के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि, लोगों के सहयोग की कमी इन प्रयासों में बाधा बन रही है। प्रशासन की कोशिश है कि जनता भी इन अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले, ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा कि प्रशासन अपनी ओर से पूरी मेहनत कर रहा है, लेकिन जनता के सहयोग के बिना यह सपना अधूरा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता बनाए रखने और शहर की दशा सुधारने में प्रशासन का साथ दें। recent visitors 81

आत्महत्या की आशंका, राजस्थान-अलवर में विवाहिता ने खांसी की दवा समझकर पीया जहरीला पदार्थ

अलवर। जिले के थानागाजी थाना क्षेत्र के बलवास गांव में एक 21 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला ने खांसी की दवा समझकर जहरीला पदार्थ पी लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान अलवर जिला अस्पताल में देर रात करीब 2 बजे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मृतका नारंगी मीणा (21) मेजोड़ गांव की रहने वाली थी और बलवास में उसकी शादी हुए दो साल हो चुके थे। घटना 31 दिसंबर की रात की है, जब मृतका का पति शादी समारोह में गया हुआ था। वापस लौटने पर उसने अपनी पत्नी को खांसी की दवाई लेने की सलाह दी, जिसके बाद नारंगी ने खांसी की दवा समझकर जहरीला पदार्थ पी लिया। रात में तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले थानागाजी अस्पताल ले जाया गया और फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए अलवर जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने सुबह मृतका का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह घटना गलती से हुई या महिला ने जान-बूझकर जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या की। पुलिस का कहना है कि मृतका ने दवा लेने से पहले किसी को नहीं दिखाया था कि वह क्या ले रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद उसके पति और परिवार को इस बारे में जानकारी हुई। पुलिस अब मृतका के पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों की भी जांच कर रही है ताकि आत्महत्या की संभावना को लेकर सच्चाई का पता लगाया जा सके। recent visitors 95

कॉलेज प्रशासन ने वन विभाग से की स्थिति स्पष्ट करने की मांग, राजस्थान-अलवर में कंपनी बाग के पैंथर पर संशय

अलवर। अलवर शहर में कंपनी बाग के पास मंगलवार को ट्रेंक्यूलाइज किए गए पैंथर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। वन विभाग यह तय नहीं कर पा रहा है कि यह वही पैंथर है, जो राज ऋषि महाविद्यालय के जंगल में देखा गया था या कोई और। राज ऋषि महाविद्यालय में पहले देखा गया पैंथर मादा बताया गया था, जबकि कंपनी बाग के पास पकड़ा गया पैंथर नर है। इस कारण यह तय नहीं हो सका है कि कॉलेज परिसर का पैंथर पकड़ लिया गया है या नहीं। वन विभाग ने कॉलेज परिसर में बंद किए गए गेटों को खोल दिया है लेकिन सतर्कता बरतते हुए निगरानी जारी रखी है। कॉलेज प्रशासन की चिंता राज ऋषि महाविद्यालय के प्राचार्य गोपीचंद पालीवाल ने कहा है कि वन विभाग को इस मामले में जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि कंपनी बाग में पकड़ा गया पैंथर वही है, तो कॉलेज और आसपास के इलाके के लोगों के लिए राहत की बात होगी् लेकिन यदि यह अलग पैंथर है, तो कॉलेज और आसपास की आबादी के लिए खतरा बढ़ सकता है। नए साल की शुरुआत और 7 जनवरी से शुरू होने वाले टर्म टेस्ट के कारण छात्र-छात्राएं कॉलेज आ रहे हैं। हालांकि पैंथर की मौजूदगी को लेकर असमंजस ने उनके बीच भय और उत्सुकता पैदा कर दी है। फिलहाल वन विभाग ने कंपनी बाग से पकड़े गए पैंथर को सुरक्षित स्थान पर ले जाया है और इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय निवासियों और महाविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि वन विभाग जल्द ही इस गुत्थी को सुलझाएगा। यदि कंपनी बाग में पकड़ा गया पैंथर वही है जो कॉलेज परिसर में था, तो यह राहत की बात होगी लेकिन यदि यह अलग पैंथर है, तो इलाके में सुरक्षा को लेकर वन विभाग को अतिरिक्त कदम उठाने होंगे। recent visitors 52

धर्मशाला के पास दिखने से फैली दहशत, राजस्थान-अलवर में पैंथर को वन विभाग ने किया ट्रैंकुलाइज

अलवर। अलवर शहर के बीचों-बीच स्थित सुगना बाई धर्मशाला के पास मंगलवार सुबह पैंथर दिखने से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। जैसे ही पैंथर होने की जानकारी फैली, बस्ती के लोग डर के मारे इधर-उधर दौड़ने लगे। वहीं, केडलगंज बाजार के दुकानदार सतर्क हो गए। पैंथर की सूचना पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उसे उसे ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी शुरू की। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी है। करीब तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम ने पैंथर को ट्रैंकुलाइज किया। इधर, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पैंथर राजऋषि कॉलेज के परिसर में घूम रहे पैंथर हो सकता है। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकती है। सरिस्का के रेंजर शंकर सिंह ने बताया कि सुगना बाई धर्मशाला के पास पैंथर दिखना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में पैंथर देखा गया था। कैमरा ट्रैप और तलाशी अभियान जारी वन विभाग की टीम ने बगीची के आसपास पैंथर की तलाश शुरू कर दी है और कैमरा ट्रैप लगाने की योजना बनाई है। अधिकारी बताते हैं कि सरिस्का के बफर जोन से पैंथर आबादी की ओर आ रहे हैं। बफर जोन में बाघों के बढ़ते दबदबे के कारण पैंथर शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। राजऋषि कॉलेज में पैंथर अभी भी पकड़ से बाहर वन विभाग अभी तक राजऋषि कॉलेज परिसर में मौजूद पैंथर को पकड़ने में सफल नहीं हो पाया है। इसी बीच, सुगना बाई धर्मशाला के पास एक और पैंथर की मौजूदगी ने अधिकारियों के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीम पूरी कोशिश कर रही है कि पैंथर को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और उसे वापस जंगल में छोड़ा जाए। वहीं, स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। recent visitors 157