10 मई को भोपाल में “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज” परियोजना का एमओयू होगा

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फड़नवीस की मौजूदगी में 10 मई को होगा एमओयू साइन विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज परियोजना है ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज 10 मई को भोपाल में "ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज" परियोजना का एमओयू होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस की मौजूदगी में 10 मई को भोपाल में "ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज" परियोजना का एमओयू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना "ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना" पर कार्य होगा। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रिचार्ज परियोजना है। इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी। परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।   recent visitors 42

AWACS सिस्टम होता क्या है, जिसे भारत ने तबाह कर दिया, पाकिस्तान कैसे करता है इसे इस्तेमाल

नईदिल्ली भारत ने पाकिस्तान की नापाक हरकत का जवाब देते हुए जबरदस्त कार्रवाई की है। इस जवाबी हमले में पाकिस्तान का पूरा एयर डिफेंस सिस्टम, चार फाइटर जेट्स और एक हाईटेक AWACS तबाह कर दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह AWACS होता क्या है और कैसे काम करता है। अगर हम इसकी कार्यप्रणाली को समझ लें, तो समझ सकते हैं कि पाकिस्तान ने क्या खोया है। क्या होता है AWACS? AWACS का पूरा नाम Airborne Warning and Control System होता है। AWACS एक खास तरह का विमान होता है जिसके ऊपर एक बड़ा गोल रडार लगा होता है। यह रडार बहुत दूर तक काम करता है और दुश्मन के हवाई जहाज, ड्रोन, हेलिकॉप्टर, मिसाइल, और कभी-कभी जमीन पर चल रही गतिविधियों को भी पकड़ सकताहै। इसे "आसमान से देखने वाली आंख" भी कह सकते हैं। इसका काम सिर्फ नजर रखना नहीं बल्कि अपने बाकी लड़ाकू विमानों को दिशा बताना और दुश्मन की स्थिती की जानकारी देना भी होता है। कैसे काम करता है AWACS? बता दें कि एक AWACS विमान में लगा रडार 360 डिग्री में घूम सकता है और कई सौ किलोमीटर की दूरी तक देख सकता है। यह दुश्मन के विमानों को बहुत आसानी से पहचान लेता है। इसे किसी भी देश की सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में AWACS के तबाह होने को डिफेंस के लिहास से बड़ी शति माना जा सकता है। AWACS के जरूरी काम AWACS का सबसे पहला और मुख्य काम हवाई निगरानी करना यानी आसमान में क्या हो रहा है, कौन उड़ रहा है, कहां से उड़ रहा है और कहां जा रहा है, यह सब देखना होता है। यह अपने आस-पास के लड़ाकू विमानों को निर्देश देने का काम भी करता है। इससे जंग के दौरान फाइटर विमान समझ पाते हैं कि कब कहा. जाना है, किसे रोकना है, और किस पर हमला करना है। इसके अंदर एक ऑपरेटर टीम मौजूद होती है जो कंप्यूटर स्क्रीन पर सब कुछ देखती और समझती रहती है। यह फाइटर जेट्स जैसे कि F-16 को रेडियो या डाटा लिंक के जरिए सीधे निर्देश भेज सकता है। इतना ही नहीं AWACS दुश्मन के विमानों से निकलने वाले रेडियो सिग्नल, रडार तरंगों और संचार संकेतों को पकड़ सकता है। इससे वह पता लगा सकता है कि दुश्मन कौन से हथियार एक्टिवेट कर रहा है। इससे वह यह योजना बना पाता है कि किस विमान को टारगेट करना है और किस फाइटर विमान को मिशन पर भेजना है। recent visitors 43

मध्यप्रदेश के 7.50 लाख कर्मचारियों के बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्ते के आदेश जारी

भोपाल राज्य शासन ने शासकीय सेवकों को बड़ी राहत देते हुए मंहगाई भत्ते की दर में वृद्धि का आदेश जारी किया है।आदेश में कहा गया है कि फरवरी-2024 से 7वें वेतनमान के तहत 50 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। विभाग ने कहा है कि एक जुलाई 2024 से 53 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत राशि का भुगतान कर्मचारियों को किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसी महीने महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी। इसे पिछली कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी दे दी गई है। दो चरणों में बढ़ेगा DA आदेशानुसार, सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान 50% महंगाई भत्ते के स्थान पर दो चरणों में बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा। एक जुलाई 2024 से मंहगाई भत्ता 3% बढ़कर 53% किया गया है, जिसका भुगतान अगस्त 2024 के वेतन में होगा।इसी तरह 1 जनवरी 2025 से इसमें और 2% की वृद्धि कर इसे कुल 55% कर दिया जाएगा, जिसका भुगतान फरवरी 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा। मई 2025 से मिलेगा लाभ, एरियर 5 किश्तों में राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस वृद्धि का वास्तविक लाभ 1 मई 2025 से दिया जाएगा और 1 जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान जून से अक्टूबर 2025 के बीच 5 किश्तों में किया जाएगा। 1 मई से 55% भत्ता वेतन के साथ मिलेगा वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का फायदा एक मई 2025 से मिलेगा, जिसका भुगतान जून में होगा। एक जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में किया जाएगा। जो कर्मचारी अधिकारी एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में रिटायर हुए हैं या जिनकी मौत हो गई है उन्हें और उनके नॉमिनेट परिजन को एरियर की राशि दी जाएगी। पेंशनर्स और उनके परिजन के लिए भी आदेश वित्त विभाग ने प्रदेश के पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को भी महंगाई राहत देने के आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि 30 अक्टूबर 2024 के आदेश द्वारा पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को 1 अक्टूबर 2024 (भुगतान नवंबर-2024) से सातवें वेतनमान में मूल पेंशन, परिवार पेंशन पर 50% की दर से और छठे वेतनमान पर 239% की दर से महंगाई राहत दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 12 मार्च 2025 से मप्र पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के अंतर्गत एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान में 53% और छठवें वेतनमान में 246% महंगाई राहत दिए जाने के फैसले में मध्य प्रदेश सरकार से सहमति चाही गई थी। इसलिए प्रदेश के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान पर 3 प्रतिशत और छठवें वेतनमान पर सात प्रतिशत महंगाई राहत मंजूर की जाती है। इसके बाद छठवें वेतनमान पर 246 प्रतिशत और सातवें वेतनमान पर पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 53 प्रतिशत महंगाई राहत मिलेगी। अगर किसी को पति या पत्नी की मृत्यु के कारण अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामले में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। 6वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा डीए वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि छठवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों को एक जनवरी 2024 से 239 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अनुसार एक जुलाई 2024 से सात प्रतिशत ज्यादा भत्ता मिलेगा, जो 246 प्रतिशत होगा। इसके साथ ही एक जनवरी 2025 से 246 प्रतिशत महंगाई भत्ते को 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 252 प्रतिशत कर दिया गया है। इस आधार पर एक जुलाई 2024 से 246 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 252% महंगाई भत्ता छठवां वेतनमान पाने वालों को मिलेगा। इनके एरियर का भुगतान भी सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों की तरह जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में पांच समान किस्तों में किया जाएगा। सेवानिवृत्त व दिवंगत कर्मियों को एकमुश्त भुगतान 1 जुलाई 2024 से 31 मई 2025 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके शासकीय कर्मचारियों को एरियर की पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। इसी तरह एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में मृत कर्मचारियों के परिजनों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। अन्य निर्देश 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्णांक रुपए में पूर्णांकित किया जाएगा। मंहगाई भत्ते का कोई भी भाग वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा। इस भुगतान का व्यय संबंधित विभाग के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक नहीं होना चाहिए।   recent visitors 41

गुरदासपुर जिले में अगले आदेश तक रात 9 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट लागू रहेगा, स्कूल-कॉलेज बंद

गुरदासपुर/पठानकोट (पंजाब) भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच पंजाब के सीमावर्ती जिले गुरदासपुर में सख्ती कर दी गई है। गुरदासपुर जिले में अगले आदेश तक रात 9 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट लागू रहेगा। पठानकोट में भी ब्लैक आउट कर दिया गया है। भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला का बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया है। भारत की इस कार्रवाई से पड़ोसी मुल्क बौखलाया हुआ है। ऐसे में पंजाब में अब हाई अलर्ट है। पंजाब के सीमावर्ती जिला गुरदासपुर में अब रोजाना रात को ब्लैक आउट रहेगा। वहीं पठानकोट में भी जिला प्रशासन ने ब्लैक आउट कर दिया है। जानकारी मिल रही है कि पठानकोट बॉर्डर एरिया में धमाके हुए हैं। हालांकि पठानकोट एयरबेस पूरी तरह सुरक्षित है। गुरदासपुर के साथ पठानकोट में भी ब्लैक आउट कर दिया गया है। पठानकोट में सभी दुकानें और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इसके अलावा फिरोजपुर, अमृतसर, जालंधर, बटाला, फाजिल्का और अबोहर में भी ब्लैक आउट कर दिया गया है। इसके अलावा पंजाब हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में भी रात साढ़े नौ बजे सायरन बजने की आवाज गूंजी और तुरंत पूरे शहर में ब्लैक आउट कर दिया गया। चंडीगढ़ के डीसी निशांत कुमार यादव का कहना है कि चंडीगढ़ में ड्रोन अटैक का अलर्ट है। चंडीगढ़ में दो दिन शुक्रवार और शनिवार सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसलिए ब्लैक आउट कर दिया गया है। इसके अलावा मोहाली और पंचकूला में भी ब्लैक आउट कर दिया गया है। मोहाली में दो घंटे के लिए ब्लैक आउट किया गया है और शुक्रवार को सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। जालंधर के करतारपुर के निकट लोगों ने धमाके की आवाजें सुनी है। गांव हीरापुर व पत्तड़ कलां में पाकिस्तान ड्रोन ने गिराए गए हैं। वहीं पठानकोट के मामून कैंट के नजदीक भी ड्रोन बम हमले की सूचना है। लोगों में दशहत फैल गई है। मामून कैंट का पूरा एरिया सेना के अधीन है। वहीं रात 10 बजे के बाद मोगा, लुधियाना और पटियाला में भी ब्लैक आउट किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से ब्लॉक आउट के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा पूरे पंजाब में सभी तरह के शिक्षण संस्थान अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे।  गुरदासपुर जिले में अगले आदेश तक रात 9 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट लागू रहेगा। पूरा जिला रात को अंधेरे में डूबा रहेगा। गुरदासपुर पाकिस्तान बॉर्डर के सटा हुआ है। यह आदेश भारत-पाक सीमा पर संवेदनशील माहौल के कारण भारत सरकार और पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सिविल डिफेंस एक्ट 1968 के तहत आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुरदासपुर की तरफ से जारी किया गया है। यह आदेश केंद्रीय जेल गुरदासपुर और अस्पतालों पर लागू नहीं होगा। हालांकि, इन विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि केंद्रीय जेल गुरदासपुर और अस्पतालों की खिड़कियां प्रतिदिन रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहें और उन्हें अच्छी तरह से ढका जाए ताकि कोई भी रोशनी बाहर न निकल सके। recent visitors 37

हिन्दू लड़कियों से रेप व जिहाद के मामले में लगातार नए खुलासे, प्रेग्नेंट न हो छात्राएं देते थे गर्भनिरोधक गोलियां

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिंदू युवतियों से बलात्कार और ब्लैकमेलिंग के मामले में एक नया खुलासा हुआ है. एक पीड़ित युवती ने बताया कि कई बार उन्हें गर्भनिरोधक गोलियां दी गईं ताकि वे गर्भवती न हों. दरअसल, इस मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम तीन दिनों तक भोपाल में रही और इस दौरान पुलिस के जांच अधिकारियों, पुलिस कमिश्नर, और पीड़ित युवतियों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए. महिला आयोग की टीम में शामिल महिला सदस्यों ने जब पीड़िताओं की आपबीती सुनी, तो उस हैवानियत को सुनकर उनकी आंखें नम हो गईं.इतना ही नहीं, पीड़िताओं ने महिला आयोग की टीम को बताया कि कई बार उन्हें जबरन गर्भनिरोधक गोलियां खिलाई गईं ताकि वे गर्भवती न हों. इन गोलियों के सेवन के बाद कई पीड़िताओं को शारीरिक तकलीफें हुईं और कुछ का मासिक धर्म चक्र भी प्रभावित हो गया. युवतियों ने बताया कि गोलियां खाने से मना करने पर कई बार उनके साथ मारपीट की गई और गोलियां खाने के लिए दबाव डाला गया.  चंगुल में फंसी हिंदू छात्राओं को दूर जाने के बाद भी नहीं छोड़ता था गिरोह अपने चंगुल में फंसी युवतियों को गिरोह दूर जाने के बाद भी नहीं छोड़ता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि भोपाल के टीआइटी कालेज की छात्रा को ही नहीं, उसकी बहन को भी आरोपित फरहान खान ने चंगुल में फंसाया। छात्रा को वह वर्ष 2023 से ब्लैकमेल कर रहा था। फरहान से बचने के लिए वह इंदौर पढ़ने चली गई। फरहान को पता चला तो वह इंदौर पहुंच गया। आठ अप्रैल की देर रात वह उसके कमरे में घुस गया। उस दौरान छात्रा रिश्ते के एक भाई से फोन पर बात कर रही थी। फरहान ने पहुंचते छात्रा से मारपीट की और दुष्कर्म किया। अचानक हुए घटनाक्रम के बीच छात्रा और उसके भाई की कॉल जारी रही। फरहान के मोबाइल में 10 से 12 युवतियों के वीडियो मिले टीआइटी कालेज प्रकरण में पुलिस को आरोपित फरहान के मोबाइल में 10 से 12 युवतियों के वीडियो मिले हैं। महिला पुलिस अधिकारियों ने कुछ छात्राओं से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग की है और उन्हें केस करने को कहा है। इस बीच एक और लड़की शिकायत के लिए तैयार हुई है। संभावना है कि इस मामले में छठी एफआइआर दर्ज हो जाएगी। बता दें कि अब तक भोपाल के पांच थानों में पांच मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें 12 लोगों को आरोपित बनाया गया है। फरहान की बहन जोया और उसके पति पर भी केस दर्ज मुख्य आरोपित फरहान खान के अलावा अली, साहिल, साद, अबरार और नबील पर केस दर्ज है। फरहान की बहन जोया और उसके पति पर भी केस दर्ज है। पुलिस आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया है।   recent visitors 62

जल गंगा संवर्धन अभियान कूप रिचार्ज पिट निर्माण में खंडवा जिले ने हासिल किया 100 फीसदी का लक्ष्य

 खंडवा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पुराने जल स्त्रोतों को सहेजने, नया जीवन देने और किसानों को सिंचाई व पीने के लिए नलकूप, कुओं से पर्याप्त मात्रा में पानी मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश भर में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत खेत तालाब, कूपजल गंगा संवर्धन अभियान रिचार्ज पिट, सोख्ता गड्ढ़ा, बोरी बंधान सहित बारिश का पानी रोकने के लिए अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी जिलों को लक्ष्य भी दिया गया है। खंडवा जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला बना है, जिसने कूप रिचार्ज पिट निर्माण में 100 फीसदी का लक्ष्य हासिल किया है। 4 हजार 700 का मिला था लक्ष्य, बनाए 4 हजार 838 जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत खंडवा जिले को 4 हजार 700 कूप रिजार्च पिट बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसे समय से पहले और लक्ष्य से अधिक पूरा कर लिया गया है। जिले में 4 हजार 838 कूप रिचार्ज पिट बनाएं गए हैं। जिला पंचायत सीईओ खंडवा नागार्जुन बी गौड़ा ने बताया कि इसके साथ ही जिले में 15 हजार कूप रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं, करीब 10 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। जल संचय, जन भागीदारी अभियान में देश में तीसरे नंबर है खंडवा जिला बारिश के पानी का संचयन करने के लिए भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा " जल संचय, जन भागीदारी अभियान राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत देशभर के सभी जिलों में बारिश के पानी को एकत्र करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज पिट, स्टॉप डैम, सोख्ता गड्ढा सहित विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश का खंड़वा जिला 7 मई की स्थिति में देशभर में तीसरे नंबर पर है। कूप रिजार्च पिट के फायदें कूप रिचार्ज पिट, जिसे रिचार्ज शाफ्ट या रिचार्ज पिट भी कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य भू-जल स्तर को बढ़ावा देना है। बारिश का पानी जमीन के अंदर रिसने से भू-जलस्तर बढ़ता है। साथ ही कूप या नलकूपों के सूखने की संभावना भी कम रहती है। साथ ही सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बारिश के पानी को सहेजने, पुराने जल स्त्रोतों को संवारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है।  जल संचय, जन भागीदारी अभियान में देश में तीसरे नंबर है खंडवा जिला बारिश के पानी का संचयन करने के लिए भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा " जल संचय, जन भागीदारी अभियान राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत देशभर के सभी जिलों में बारिश के पानी को एकत्र करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज पिट, स्टॉप डैम, सोख्ता गड्ढा सहित विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश का खंड़वा जिला 7 मई की स्थिति में देशभर में तीसरे नंबर पर है। 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक चलेगा अभियान उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बारिश के पानी को सहेजने, पुराने जल स्त्रोतों को संवारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। कूप रिजार्च पिट के फायदें कूप रिचार्ज पिट, जिसे रिचार्ज शाफ्ट या रिचार्ज पिट भी कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य भू-जल स्तर को बढ़ावा देना है। बारिश का पानी जमीन के अंदर रिसने से भू-जलस्तर बढ़ता है। साथ ही कूप या नलकूपों के सूखने की संभावना भी कम रहती है। साथ ही सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है। recent visitors 37

बिजली कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर ब्याज दर फाइनल

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर वार्षिक ब्याज दर तय कर दी गयी हैं। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की 91वीं बैठक में लिए गए निर्णय के बाद जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के वित्तीय वर्ष 2024-25 में सेवारत/दिवंगत अथवा सेवानिवृत होने वाले कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रावधिक रूप से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान किया जाएगा। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की बैठक में इस सहमति बनी। न्यास की 91वीं बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया गया। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की बैठक में इस मुद्दे पर व्यापक विचार विमर्श के बाद फैसला लिया गया। शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान न्यास पदाधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रावधिक रूप से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान किया जाएगा। आदेश में इसके लिए पात्र कर्मचारी, अधिकारी भी रेखांकित किए मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के आदेश में इसके लिए पात्र कर्मचारी, अधिकारी भी रेखांकित किए गए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सेवारत, दिवंगत अथवा सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों को यह लाभ दिया जाएगा। recent visitors 52