पीएम मोदी ने दिया था ऑपरेशन सिंदूर नाम, पहलगाम की पीड़ित महिलाओं को दिलाया इंसाफ

नई दिल्ली 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को तड़के 1:44 बजे "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रयासों से अंजाम दिया गया, जिसकी निगरानी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस कार्रवाई के बाद पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और पीड़ितों के परिजनों ने भारतीय सेना की बहादुरी की सराहना की और पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की बेटी, अस्वरी जगदाले, जब इस ऑपरेशन की खबर से रूबरू हुईं, तो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं। एएनआई से बात करते हुए असवरी ने कहा, “हम खुशी से रो पड़े। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने बदला लिया है और जिस तरह से इस ऑपरेशन का नाम रखा गया – ‘सिंदूर’, उससे हमारी आंखों से आंसू रुक ही नहीं रहे। जिन बहनों का सिंदूर आतंकियों ने छीन लिया था, आज भारत ने उनका जवाब 9 जगहों पर दिया है। ये भाव अलग हैं, और हमारी आंखों से खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।” "सरकार पर विश्वास जगा" हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के पिता, संजय द्विवेदी, ने कहा कि इस ऑपरेशन से देश की सरकार पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं लगातार खबरें देख रहा हूं। मैं भारतीय सेना को सलाम करता हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने देश के लोगों के दर्द को सुना। मैं सेना का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद को खत्म किया। ये खबर सुनकर हमारे पूरे परिवार का दिल हल्का हो गया है।” “ये असली श्रद्धांजलि है” शुभम द्विवेदी के एक अन्य रिश्तेदार मनोज द्विवेदी ने कहा, “22 अप्रैल को जब हमारा बच्चा शहीद हुआ, हमने कहा था कि हमारे देश में अब एक क्रांति आने वाली है। हमें पूरा विश्वास था कि पीएम मोदी आतंकवाद को खत्म करने के लिए सबसे सख्त कदम उठाएंगे। आज सेना ने हमारे बेटे को असली श्रद्धांजलि दी है, इसके लिए हम तहेदिल से शुक्रगुजार हैं।” पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और परिजनों ने ऑपरेशन सिंदूर को अपने दुख का बदला लेने वाला कदम बताया। उनकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं ने पूरे देश को छू लिया। शुभम द्विवेदी की विधवा ने कहा, "आज मेरे पति का बदला पूरा हुआ। मैं भारतीय सेना को सलाम करती हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं। आज मेरे पति की आत्मा को शांति मिलेगी।" महाराष्ट्र के कौस्तुभ गणबोते भी हमले में शहीद हुए थे। उनकी विधवा संगीता गणबोते ने कहा, "सेना का यह कदम सराहनीय है। ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनकर मैं भावुक हो गई। यह महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है। पीएम मोदी ने आतंकियों को करारा जवाब दिया। आतंक का खात्मा हो!" शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता का रिएक्शन पहलगाम में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने इस कार्रवाई की सराहना की है। अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नरवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जब भी मीडिया ने मुझसे पूछा कि मैं भारत सरकार से क्या चाहता हूं, तो मैंने उनसे कहा कि मुझे उन पर भरोसा है और वे अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "और अब वह दिन आ गया है, जब काम पूरा हो गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, वे उन्हें वापस नहीं पा सके, लेकिन हम ऐसी कार्रवाई चाहते थे, जो एक बड़ा संदेश दे। मुझे लगता है कि वे (पाकिस्तान) इस कार्रवाई को कभी नहीं भूलेंगे।" नरवाल ने ऑपरेशन "सिंदूर" की भी सराहना की और कहा कि इससे 26 महिलाओं को निश्चित रूप से सांत्वना मिलेगी, जिन्होंने अपने पुरुषों को खो दिया है। उन्होंने सशस्त्र बलों को धन्यवाद दिया और कहा कि हमें हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए, इससे उनका मनोबल बना रहता है। "बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया" पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मां आशा नरवाल ने कहा, "मेरा पूरा परिवार मोदी साहब के साथ है, जिन्होंने आज बदला लिया है। मैं सशस्त्र बलों के जवानों से कहना चाहती हूं कि वे आगे बढ़ते रहें। आज उन सभी को श्रद्धांजलि दी गई है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है।" पहलगाम आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले कर्नाटक निवासी मंजूनाथ राव की मां सुमति ने कहा, "मेरे बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया… हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी उचित कार्रवाई करेंगे और उन्होंने ऐसा किया।" जम्मू में गूंजे 'भारतीय सेना जिंदाबाद' के नारे इस ऑपरेशन के बाद जम्मू में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर 'भारतीय सेना जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। लोगों ने खुले दिल से सेना और सरकार की सराहना की। एक स्थानीय निवासी ने एएनआई से कहा, “पाकिस्तान की ओर से हुए हमले का जवाब देना बेहद जरूरी था। हम सरकार और भारतीय सेना के आभारी हैं कि उन्होंने सटीक और प्रभावी कार्रवाई की।” ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ करारा जवाब भारतीय सशस्त्र बलों ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन को "नॉन-एस्केलेटरी" और "कैलिब्रेटेड" बताया गया, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया। भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा, "न्याय हुआ। जय हिंद!" इस ऑपरेशन को पहलगाम हमले के जवाब में एक मजबूत कदम माना गया, जिसने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति को भी दिखाया है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की रातभर निगरानी की। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रची जाती थी।" इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को प्रदर्शित … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जारी किया 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम

रायपुर परीक्षा देने के बाद परिणाम का इंतजार कर रहे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के 10वीं और 12वीं कक्षा के लाखों विद्यार्थियों के लिए आखिरकार वह घड़ी आ ही गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बतौर स्कूल शिक्षा मंत्री के रूप में आज दोनों कक्षाओं का परिणाम घोषित किया. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्र और अभिभावक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और results.cg.nic.in पर जाकर परिणाम देख सकते हैं. पिछले सालों की तरह परिणाम देखने में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए बोर्ड ने सर्वर को अपडेट कर लिया है. 2.40 लाख विद्यार्थियों ने दी 10वीं की परीक्षा कक्षा 10वीं में 2,40,422 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से 519 विद्यार्थियों को परीक्षा निरस्त किया गया है. वहीं परीक्षा के दौरान 16 नकल प्रकरण सामने आया है. 40 विद्यार्थियों का जांंच का प्रकरण है. 3.28 लाख विद्यार्थियों ने दी 12वीं की परीक्षा वहीं कक्षा बारहवीं में 3,28,716 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से 6163 विद्यार्थियों का परीक्षा निरस्त किया गया है. पच्चीस नकल प्रकरण बना है, और वही पांच विद्यार्थी जांच प्रकरण के दायरे में हैं. recent visitors 43

सीएम मोहन यादव का बयान: ये न्याय है, अब आतंकियों के चेहरे पर खौफ दिखना चाहिए

भोपाल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया. इस एयर स्ट्राइक को 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा है कि, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं, वो होता है. पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने जो मुंहतोड़ जवाब दिया है, उससे पूरा देश गौरवान्वित है. वहीं सीएम मोहन यादव ने एक वीडियो भी जारी किया है.  जानिए सीएम ने क्या कहा? मोहन यादव ने कहा कि "प्रधानमंत्री जो कहते हैं वह होता है, हमारी सेना ने भी जगत जननी मां जगदंबा नवदुर्गा के समान अपनी शक्ति संपन्न है, ये दिखा दिया कि सेना दुश्मनों से निपटने में सक्षम है. पाकिस्तान के नौ ठिकानों पर आतंकवादी स्थान पर जो भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है, उससे पूरा देश गौरवान्वित है. पूरा देश आनंद में है, ऑपरेशन सिंदूर इस नाम से ही स्पष्ट है सिंदूर पर हाथ लगाने वाले गलत निगाह दौड़ने वाले ऐसे लोगों को जिस ढंग से भारतीय सेना ने अपने इस ऑपरेशन का जवाब दिया वह दृश्य हमें अपने सामने दिखाई दे रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम हर वह स्थान वह व्यक्ति जो भारत की तरफ गलत निगाह से देख रहा है, उसको मिट्टी में मिला देंगे. प्रधानमंत्री रक्षा मंत्री गृह मंत्री सभी को बधाई, पूरे देश ने एकजुटता दिखाई थी, यह हमारे लिए गौरव की बात है, हम चट्टान की तरह खड़े हैं मध्य प्रदेश भी उन राज्यों में से है जो प्रधानमंत्री चाहेंगे वह वैसा करेंगे हम हर स्थिति में उनके साथ हैं." मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "भारतीय सेना का पराक्रम और प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व आज फिर से सामने आया है. पहलगाम में आतंकवादियों ने जिस तरह से कायराना हमला किया, ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवादियों के 9 ठिकानों पर हमला करके उन्हें तबाह करने का काम भारतीय सेना ने किया है." भारतीय सेना ने ट्वीट कर जानकारी दी इंडियन आर्मी ने अपने X अकाउंट पर लिखा, 'ऑपरेशन सिंदूर…पहलगाम आतंकी हमला, न्याय हुआ, जय हिंद।' CM मोहन यादव ने इस पोस्ट को रीट्वीट करते हुए 'भारत माता की जय' लिखा। क्या बोले एमपी के मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री का काम है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह नया भारत है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने लिखा 'धर्मो रक्षति रक्षितः' इंदौर के सुशील नथानियल की पत्नी क्या बोलीं? पहलगाम हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की भी जान चली गई थी. उनकी पत्नी जेनिफर ने कहा, 'वो जो चार आतंकवादी थे, उन्हें भी मारना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि आतंकियों के चेहरे पर खौफ आना चाहिए। जो उन्हें ये सब सिखा रहे हैं, उन्हें भी मारना चाहिए। जेनिफर ने कहा कि यह बदला अधूरा नहीं रहना चाहिए। लोगों ने जताई खुशी इस कार्रवाई के बाद देश भर में लोगों ने खुशी जताई है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सेना को बधाई दी है। सरकार ने कहा है कि वह देश की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत आतंकियों के 9 ठिकानों पर किए गए सटीक मिसाइल हमलों के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उत्साह का माहौल है.  मुस्लिम समुदाय ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए सुबह-सुबह चौराहों पर तिरंगा लहराया, एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस ऐतिहासिक कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना की सराहना की. भोपाल के पुराने शहर, जहांगीराबाद और पीर गेट जैसे इलाकों में सुबह मुस्लिम समुदाय के लोग तिरंगे झंडे लेकर सड़कों पर निकले. उन्होंने 'भारत माता की जय' और 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए. स्थानीय निवासी मोहम्मद आरिफ ने कहा, ''पाकिस्तान पर मिसाइलें गिरते देख दिल को सुकून मिला. यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है. पाकिस्तान को हर बार ऐसी ही मुंह की खानी होगी.'' एक अन्य निवासी रुखसार बानो ने कहा, ''हमारी सेना ने पहलगाम हमले का बदला लिया. हम सब भारतीय हैं और इस कार्रवाई पर गर्व करते हैं.'' लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर और गले मिलकर बधाई दे रहे थे. इस कार्रवाई को 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब माना जा रहा है, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे.    CM मोहन यादव का बयान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को बधाई दी. कहा, ''प्रधानमंत्री  मोदी जो कहते हैं, वह करते हैं. हमारी सेना मां जगदंबा नवदुर्गा के समान शक्तिशाली है, जो दुश्मनों को सबक सिखाने में सक्षम है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर करारा जवाब दिया. पूरा देश गौरवान्वित और आनंदित है. 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम स्पष्ट करता है कि सिंदूर पर हाथ डालने वालों और गलत निगाह रखने वालों को सेना ने जवाब दिया है.'' डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री के एक पुराने बयान को याद करते हुए कहा, ''मैं उस दृश्य को याद करता हूं, जब श्री मोदी ने कहा था कि भारत की ओर गलत निगाह डालने वाला हर स्थान और व्यक्ति मिट्टी में मिल जाएगा. यह परिणाम सबने देखा. मैं आतंकियों के खात्मे के इस प्रहार के लिए प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, सरकार, और पहलगाम हमले पर एकजुटता दिखाने वाले सभी भारतवासियों को बधाई देता हूं.'' उन्होंने आगे कहा, ''हम सभी PM मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं. राज्य सरकार उनके हर कदम के साथ है. भारतीय वीरता का परचम फहराते हुए दुश्मनों को सबक सिखाया गया है, जो सभी भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है. इस ऑपरेशन में किसी नागरिक को हानि नहीं हुई, केवल आतंकी ठिकाने निशाना बने. यह 56 इंच के साहस और सामर्थ्य को दर्शाता है.''   recent visitors 32

जंग के सायरन के साथ आज भोपाल में होगी मॉक ड्रिल, 4 से रात 8 बजे तक ब्लैकआउट

 भोपाल भोपाल में  आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा के पूर्वाभ्यास के तहत बुधवार को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा और नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मॉकड्रिल के दौरान शहर के पूर्व निर्धारित दो स्थानों पर आपात स्थितियों का काल्पनिक निर्माण किया जाएगा। शाम लगभग 7:30 से 7:42 मिनट तक शहर में ब्लैकआउट किया जाएगा। ब्लैकआउट की शुरुआत दो मिनट तक बजने वाले रेड अलर्ट सायरन से होगी, जिसकी आवाज़ ऊंची-नीची होगी। इस सायरन के बजते ही सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने घर, दुकान, कार्यालय और संस्थानों की सभी लाइटें बंद कर दें। सड़क पर चल रहे वाहन चालक भी अपने वाहन को रोकें और हेडलाइट-ब्रेकलाइट बंद रखें। ब्लैकआउट समाप्त होने का संकेत ग्रीन अलर्ट सायरन के माध्यम से दिया जाएगा, जो एक समान आवाज में बजेगा। इसके बाद सामान्य स्थिति में लौटते हुए लाइट्स चालू की जा सकती हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भोपाल ने नागरिकों से अपील की है कि यह मॉकड्रिल केवल एक पूर्वाभ्यास है, इसलिए किसी भी प्रकार की घबराहट या अफवाह से बचें। इस दौरान शहर की सभी सामान्य गतिविधियाँ जारी रहेंगी। नागरिकों का सहयोग प्रशासनिक व्यवस्था को और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। साईरन (रेड अलार्म) बजने पर यह करना होगा जिला प्रशासन की तरफ दी गई जानकारी के अनुसार आज लगभग 7.30 बजे से 7.42 मिनिट तक ब्लैकआउट किया जायेगा. ब्लैक आउट प्रारंभ करने के लिये रैड अलर्ट साइरन (कम ज़्यादा आवाज़ में) दो मिनिट तक बजाया जायेगा।  रैड अलर्ट साइरन बजने पर सभी नागरिक अपने घर, दुकान, आफिस, संस्थान आदि की रोशनी को बंद करना होगा। सडक पर चल रहे वाहन को रैड अलर्ट साइरन बजते ही वाहन को खड़ा कर उसकी हैडलाइट और बैकलाइट को भी बंद रखा जायें। 7.42 बजे ग्रीन अलर्ट साइरन (एक समान आवाज मे) बजेगा. *ग्रीन अलर्ट साइरन“आल क्लीयर सिग्नल” है. इस साइरन के बजने के बाद लाइट्स आन की जा सकती हैं.   recent visitors 33

बीजापुर में करेगुट्टा पहाड़ियों के पास सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, 15 नक्सली मारे गए, 200 से ज्यादा आईईडी भी बरामद

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा की विशाल और दुर्गम पहाड़ियों में पिछले दो सप्ताह से सुरक्षा बलों द्वारा बड़े स्तर पर नक्सल-विरोधी ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंगलवार देर रात एक बड़ी मुठभेड़ हुई है, जिसमें सुरक्षा बलों ने 18 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया है। नक्सलियों के मारे जाने का आंकड़ा बढ़ सकता है। मारे गए नक्सलियों के पास से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह ऑपरेशन पिछले 14 दिनों से लगातार चलाया जा रहा है। जिसमें कई नक्सलियों को मार गिराया जा चुका है। कर्रेगुट्टा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए तलाशी अभियान को चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है, लेकिन सुरक्षाबल के जवान तलाशी और गश्त अभियान चला रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस क्षेत्र में कुछ शीर्ष नक्सली नेताओं और बटालियन नंबर एक की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। जिसके आधार पर ऑपरेशन को तेज किया गया। संभावना जताई जा रही है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई अन्य ठिकानों पर भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस मुठभेड़ को लेकर अभी तक स्थानीय पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र पहले भी नक्सली गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई इस पूरे इलाके में नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। 200 से ज्यादा आईईडी बरामद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जवानों ने करेगुट्टा इलाके में तलाशी के दौरान 200 से ज्यादा आईईडी (IED) बरामद किए हैं। करेगुट्टा पहाड़ पर लगभग 5000 फीट की ऊंचाई पर जवान तैनात हैं। माना जा रहा है कि अब अगर नक्सलियों ने तेलंगाना बॉर्डर से छत्तीसगढ़ में घुसने की कोशिश की, तो उनका सीधा सामना जवानों से होगा। नक्सलियों के गढ़ में घुसकर किए ढेर हथियारबंद जवान बांस के झुरमुटों, जंगली बेलों को पार करते हुए चट्टानों पर सावधानी से कदम रखते हुए पहाड़ी चोटी पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। सालों से बस्तर में जमे नक्सलियों के लिए यही पहाड़ और जंगल सुरक्षित जगह रहे हैं। नक्सली इन मुश्किल इलाकों से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने बताया कि बताया कि बस्तर क्षेत्र में शुरू किए गए सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियानों में से एक इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस के एसटीएफ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) के जवान समेत विभिन्न इकाइयों के जवान शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अंतरराज्यीय सीमा पर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु और भद्राद्री-कोठागुडेम (तेलंगाना) के दोनों ओर लगभग आठ सौ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले दुर्गम इलाके और घने जंगल में जारी है। यह स्थान राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर है। पहली बार इन पहाड़ियों पर चलाया ऑपरेशन पहली बार जवानों ने करेगुट्टा में ऑपरेशन चलाया है। इससे पहले इन पहाड़ों पर कभी भी जवानों ने ऑपरेशन नहीं चलाया था, जिसका फायदा नक्सली उठाते आए हैं। अब हालात बदल गए हैं। जवानों ने पहाड़ पर कब्जा कर लिया है। जवान अब नक्सलियों तक पहुंचने के लिए हर तरह की मुश्किलों से जूझते हुए लगातार रणनीति के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। बीजापुर के उसुर थाना क्षेत्र के दायरे में नीलम सराई, दोबे, नम्बी, दुर्गमगुट्टा और करेगुट्टा पहाड़ी रेंज है, जिस पर फिलहाल ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इतनी पहाड़ी रेंज को अपने कब्जे में लेते हुए जवान लगातार नक्सलियों की तलाश में जुटे हुए हैं।   recent visitors 71

वक्फ बोर्ड के भवन का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम के नाम पर होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य वक्फ बोर्ड का भोपाल में बनेगा नया भवन पहले की विकृतियों को दूर करने और वक्फ सम्पत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया संशोधित वक्फ कानून: मुख्यमंत्री डॉ. यादव वक्फ बोर्ड के भवन का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम के नाम पर होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव वक्फ दान की सम्पत्ति है, दान की सम्पत्ति का उपयोग समाज हित में होना चाहिए वक्फ बोर्ड में सुशासन की पहल करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य के वक्फ बोर्ड का नया भवन भोपाल में बनेगा। भवन का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण अभियान कार्यक्रम में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वक्फ दान की सम्पत्ति है। दान की सम्पत्ति का उपयोग समाज हित में होना चाहिए। नये वक्फ कानून में यही संशोधन किया गया है। कानून पहले की विकृतियों को दूर करता है। वक्फ कानून के माध्यम से वक्फ सम्पत्तियों को सुरक्षित रखना सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों की विश्व भर में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का अरब देशों जैसे कतर, सऊदी अरब, ईराक, ईरान आदि देशों में सम्मान भारत का सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाहरी दुश्मन द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में देश के सभी दल और नेता एकजुट हो गए हैं। यह हिन्दुस्तान की खूबसूरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में 1947 में देश विभाजन में भारत छोड़कर पाकिस्तान गए लोगों को वहां मुहाजिर कहते हैं और उनके हालात खराब हैं। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को चतुर, स्वार्थी, चालाक लोगों से सावधान रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस संदर्भ में सांप-नेवले की लड़ाई दिखाने के बहाने दंत-मंजन बेचने वाले मदारी की कहानी भी सुनाई। मध्यप्रदेश का वक्फ बोर्ड है आदर्श बोर्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड देश का आदर्श वक्फ बोर्ड है। उन्होंने इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, बोर्ड के चेयरमेन श्री सनवर पटेल और विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग के अधिकारियों को समाज के हित में योजनाओं को बनाने के लिए कहा। योजनाओं में 60 प्रतिशत केंद्र का अंश मिलता है और 40 प्रतिशत का योगदान राज्य करता है। उन्होंने कहा कि राज्य का 40 प्रतिशत योगदान हम देंगे, अधिकारी योजनाएं तैयार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों के वेतन भत्ता के भुगतान में आ रही कठिनाई का निराकरण करने के लिए भी आश्वस्त किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य नवीन संशोधन अधिनियम के तहत प्रावधानित राष्ट्रीय पोर्टल पर समस्त वक्फ सम्पत्तियों को पंजीकृत करने में सहयोग दे रहा है। इस प्रकार की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। राज्य सरकार के वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उत्कृष्ट कार्यों का अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को परामर्श देने वाली संस्था आई.आई.टी. दिल्ली के दल ने भी सराहना की है। वर्तमान में राज्य वक्फ बोर्ड में संधारित मूल अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वक्फ संपत्तियों के भूमि विवरण दर्ज करने और जी.पी.एस सर्वे का कार्य राजस्व विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। वक्फ सम्पत्तियों के समुचित प्रबंधन के लिए वित्त प्रवाह, मानव संसाधन और न्यायालयीन प्रकरण ट्रेकिंग प्रणाली आदि का विकास किया जा रहा है। श्रीमती गौर ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक से वक्फ की सम्पत्तियों में वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को दूर कर उनका समाज हित में उपयोग किया जा सकेगा। इस कार्य में मध्यप्रदेश आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेगा। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमेन श्री सनवर पटेल ने वक्फ बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वक्फ संशोधन के विभिन्न प्रावधानों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर ओलम्पियन हॉकी खिलाड़ी श्री समीर दाद, प्रबुद्धवर्ग के व्यक्ति, उलेमा आदि उपस्थित थे।   recent visitors 29

Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है?

 25 मिनट में 9 कैंप तबाह… कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने बताई ऑपरेशन सिंदूर की एक-एक डिटेल गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द; भारत-पाक में चरम पर तनाव Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है? नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में इंडियन आर्मी ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. भारत की तीनों सेनाओं ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करते हुए कार्रवाई की है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 90 आतंकियों को मारा गया है. भारत ने इस कार्रवाई को 'सिंदूर ऑपरेशन' कहा है. भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है, ''इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जहां से भारत पर आतंकी हमलों का प्लान बनाया गया था." वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक को 'कायराना' बताया है. पीड़ितों और परिजनों को न्याय दिलाने के लिए किया गया 'ऑपरेशन सिंदूर': कर्नल सोफिया कुरैशी कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग में एयरस्ट्राइक की जानकारी दी. भारतीय सेना की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरेशी ने कहा, "मासूम पर्यटकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया. पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और PoK दोनों में फैले हैं." कर्नल सोफिया ने कहा, "9 आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया और ध्वस्त किया गया. पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान ने व्यवस्थित तरीके से आतंकी ढांचे का निर्माण किया, जो आतंकी कैंपों और लॉन्चपैड्स के लिए पनाहगाह रहा है. उत्तर में सवाई नाला और दक्षिण में बहावलपुर में स्थित मशहूर प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया." भारत का एक्शन नपा-तुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है: विक्रम मिसरी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, "भारत ने सीमा पार हमलों का जवाब देने, रोकने और प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है. भारत का एक्शन नपातुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है. आयोजकों और फाइनेंसरों को जवाबदेह ठहराने का प्रयास था. भारत की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए."  विंग कमांडर व्योमिका सिंह   18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं विंग कमांडर व्योमिका सिंह को मौजूदा वक्त की सबसे बेहतरीन विंग कमांडर में से एक माना जाता है. जिनके पास लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स उड़ाने का एक बेहतरीन अनुभव है और चीता, चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने में महारथ भी हासिल है. व्योमिका सिंह को वायुसेना में शामिल होने के 13 साल बाद विंग कमांडर का पद मिला और 18 दिसंबर 2017 में जाकर वो विंग कमांडर बनीं.   विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पास इस समय हज़ारों घंटे फ्लाइंग ऑवर्स का अनुभव है, जो उन्हें सबसे सक्षम बनाता है. व्योमिका सिंह ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया है कि जब वो क्लास 6 में थीं, तभी उनके मन में ख़याल आ गया था कि वो एयरफोर्स का हिस्सा बनेंगी, क्यूंकि इसके पीछे एक कहानी है और वो उनके नाम से जुड़ी हुई है. व्योमिका सिंह ने बताया कि हमारी क्लास में एक बहस चल रही थी, जो नाम पर थी. जब मैंने अपना नाम बताया, जिसका मतलब ये था कि जो आसमान को मुट्ठी में रखे. तभी मैंने सोच लिया कि अब आसमां मेरा होगा.     विंग कमांडर व्योमिका सिंह के मुताबिक, जब उनकी पढ़ाई पूरी हुई उस दौर तक महिलाएं काफी कम एयरफोर्स में आती थीं, जब मेरी पढ़ाई पूरी हुई और मैंने यूएपएससी के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली और फिर हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं. व्योमिका सिंह ने बताया कि हेलिकॉप्टर पायलट होने के नाते आपको कई मुश्किल और कठिन फैसले लेने पड़ते हैं, और इन्हीं फैसलों ने हमें मज़बूती दी है. बता दें कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह ना सिर्फ लड़ाकू हेलिकॉप्टर को चलाने में सक्षम हैं, बल्कि साल 2021 में वायुसेना की जिस महिला विंग ने माउंट मणिरंग की चढ़ाई की थी, वो उसका भी हिस्सा रह चुकी हैं और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं. # कर्नल सोफिया कुरैशी   प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिन्दी में पूरी जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दीं और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों की एक-एक जानकारी दुनिया के सामने रखी. सोफिया कुरैशी कॉर्प्स ऑफ सिग्नल से जुड़ी हुई अधिकारी हैं. 35 साल की सोफिया कुरैशी इस वक्त पहली महिला ऑफिसर हैं, जिन्होंने इंडियन आर्मी के पूरे कॉन्टिजेंट को एक कई देशों की सैन्य एक्सरसाइज़ में लीड किया है.   साल 2016 में वो एक्सरसाइज़ फोर्स 18 मिलिट्री ड्रिल का हिस्सा बन चुकी हैं और उसे लीड भी कर चुकी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, गुजरात से आने वाली सोफिया कुरैशी सैन्य परिवार से ही आती हैं और बायोकेमेस्ट्री में डिग्री भी रखती हैं. करीब 6 साल के लिए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारत की तरफ से योगदान दिया है और कोंगो में मिशन को पूरा किया है. गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की सटीक और जबरदस्त स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF जैसे सभी प्रमुख अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहें। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त तैनाती की जा रही है और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट है और वह जवाबी हमले की गीदड़भभकी दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय किसी भी जवाबी कार्रवाई या आतंकी साजिश को रोकने के लिए लिया गया है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान बॉर्डर पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। … Read more