मुख्यमंत्री साय बोले – मुस्लिम समाज के हित में है वक्फ संशोधन कानून

रायपुर, वक्फ संशोधन कानून मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके हित में है। हम सभी का सम्मिलित प्रयास और उद्देश्य होना चाहिए कि वक्फ कानून को लेकर समाज में किसी भी प्रकार का भ्रम न फैले। सभी को वास्तविकता को समझना चाहिए और दूसरों को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए। वक्फ संशोधन कानून को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, और इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण कार्यक्रम में यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम  मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का गठन बहुत ही पुनीत उद्देश्य के साथ किया गया था, ताकि मुस्लिम समाज, विशेषकर गरीब वर्ग और पसमांदा मुसलमानों को लाभ मिल सके। लेकिन विगत वर्षों में कुछ रसूखदार लोगों ने इस कानून का लाभ उठाकर अपना स्वार्थ सिद्ध किए, जिससे गरीब मुसलमान अपने अधिकारों से वंचित रह गए। श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ का जो लक्ष्य रखा है, उसे प्राप्त करने में सभी देशवासियों की भूमिका आवश्यक है। यदि कोई भी वर्ग पीछे छूटता है, तो हम अपना संकल्प पूर्ण नहीं कर पाएंगे। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हमारी सरकार सभी के हितों की चिंता करती है। वक्फ कानूनों में हुए संशोधनों का उद्देश्य मुस्लिम समाज को सशक्त बनाना है। अब वक्फ संपत्तियों की आमदनी का एक-एक पाई का लेखा-जोखा रखा जाएगा और यह राशि समाज के लोगों की भलाई, उनकी शिक्षा और जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में उपयोग की जाएगी। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वक्फ बोर्ड के सीईओ डॉ. एस. एफ. फारूकी एवं मुस्लिम समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। recent visitors 45

244 शहरों में ब्लैक आउट की भी रिहर्सल, आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी

जयपुर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित आतंकी हमलों को लेकर गृह मंत्रालय ने बुधवार को पूरे देश में मॉक ड्रिल (अभ्यास) आयोजित करने का आदेश जारी किया, जिसके तहत जयपुर से लेकर हैदराबाद और मुंबई तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर नजर आईं। देश के 244 शहरों में ब्लैकआउट की रिहर्सल होना बाकी है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सिविल डिफेंस की टीम ने मॉक ड्रिल के जरिए आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया। इसी तरह जोधपुर और रावतभाटा में भी अभ्यास किया गया, जिसमें स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों ने भाग लिया। महाराष्ट्र में मुंबई के क्रॉस मैदान पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जहां फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें पूरे समन्वय के साथ नजर आईं। वहीं पुणे के काउंसिल हॉल में भी व्यापक नागरिक सुरक्षा अभ्यास हुआ, जिसमें आमजन को भी शामिल किया गया। दक्षिण भारत में भी इस ड्रिल को गंभीरता से लिया गया। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सिविल डिफेंस की ओर से मॉक ड्रिल की गई, जहां प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर अभ्यास किया गया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखना है, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक करना है कि संकट की स्थिति में उन्हें कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। देश में सेना की कार्रवाई को लेकर नागरिकों में गर्व का माहौल है, लेकिन साथ ही सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। recent visitors 29

समदड़िया माल में गिरे बम, पांच घायल, आग लगी, चीख-पुकार के साथ मची भगदड़, रेस्क्यु टीम ने किया रेस्क्यु

जबलपुर शहर के बीचों बीच स्थित समदड़िया माल में शाम करीब चार बजे एक के बाद एक दो बम गिरे। बम के धमाकों से माल की ऊपरी मंजिल पर आग लग गई। माल के प्रथम तल पर स्मोक बम भी आग गिरा और चारों तरफ धुंआ ही धुंआ हो गया। माल में चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। माॅल में हमले की खबर मिलते ही सायरन बज उठे। एक-एक कर पुलिस, एंबुलेेंस, नगर निगम के फायर फाइटर के वाहन सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए। एनडीआरएफ की टीम भी आ गई। माॅल में फंसे लोगों को जमीन पर लेटने, टेबिल मेच के नीचे छिपने की सलाह देते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यु शुरू हो कर दिया। चारों तरफ बारूद का धुंआ फैलने से लोगों काे सांस लेने में परेशानी हो रही थी लिहाजा लोगों को मास्क दिए गए और कपड़े से मुंह ढंकने की सलाह दी गई। नगर निग के फायर फाइटर वाटर वाउचर से पानी की बौछारें कर आग बुझाने में जुटे रहे। जबकि पुलिस और होमगार्ड के जवान सहित अन्य रेस्क्यु दल अन्य कर्मचारी माल में फंसे लाेगाें को सुरक्षित बहार निकालने में जुट गए। आम नागरिकों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस की एक टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी के लिए सुरक्षा चक्र बनाना शुरू कर दिया है तत्काल पुलिस ने प्लास्टिक की रिबन से क्षेत्र को कवर कर दिया है। ताकि एक सुरक्षित दूरी बनी रहे और किसी बाहरी व्यक्तियों को नुकसान न पहुंचे। दरअसल ये सीन सिविल डिफेंस माकड्रिल का था। पहलगांव में आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच बने तनाव के हालात पर देश में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा को भी परखा जा रहा था। सिविल डिफेंस माक ड्रिल का उद्देश्य हवाई हमलों और आतंकी गतिविधियों जैसे आपातकालीन हालात में देश की प्रतिक्रिया प्रणाली को परखना है। पहलगाम हमले के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। इस अभ्यास में सभी स्तरों पर नागरिकों की भागीदारी से सामूहिक जागरूकता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को जबलपुर में समड़िया माल सहित गोहलपुर गारमेंट क्लस्टर, गाेरखपुर थाना और सिहोरा में इसी तरह की मॉकड्रिल की गई। स्ट्रेचर कम पड़े तो कंधों पर उठाकर लाए माक ड्रिल के तहत हुए सिविल डिफेंस की टीम सक्रिय हो गई थी। कलेक्टर, एसपी सहित निगमायुक्त भी पहुंच गए थे। एनडीआरएफ, एनसीसी कैडेट्स और होमगार्ड के जवान बचाव एवं राहत कार्य में जुटे रहे। धमाके में धुएं के कारण माल के अंदर कई लोगों का दम घटने लगा तुरंत सिविल डिफेंस की टीम में सदस्य ने अनाउंसमेंट करते हुए लोगों को बचाव के तरीके बताए। रास्ता खाली कराया गया। आकस्मिक रास्ते से धमाके में घायल हुए लोगों को बाहर निकल गया एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। माक ड्रिल के दौरान मरीज को निकालने के तरीके से लेकर उन्हें अस्पताल पहुंचने तक के तमाम पहलुओं पर अभ्यास किया गया। स्ट्रेचर कम पड़ने पर लोगों को कंधे में उठकर बाहर निकाला गया। चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को टर्न टेबल लैडर के जरिये उतारा गया।   recent visitors 37

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी का किया आभार व्यक्त

भारतीय सेना ने शक्ति, कुशल नेतृत्व और नागरिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता का दिया परिचय : उप मुख्यमंत्री देवड़ा  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी का किया आभार व्यक्त भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भारतीय सेना द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ आपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आंतकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान के आंतकवादी ठिकानों को नष्ट कर भारतीय सेना ने शक्ति, कुशल नेतृत्व, क्षमता और नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दुनिया को दिया है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि भारतीय सेना की एयर स्ट्राईक से पूरे देश में प्रसन्न्ता का वातावरण है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आंतकवादी हमले में पीड़ितो को न्याय दिलाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि बदला धर्म देखकर नहीं, कर्म देखकर किया गया है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि हम सब प्रधानमंत्री मोदी एवं देश के साथ खड़े है।   recent visitors 59

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना

प्रदेश के सभी शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल उपलब्ध कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के पोषण और सही शारीरिक विकास के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग परस्पर समन्वय से करें कार्य:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना मुख्यमंत्री ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी शहरों में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित "सखी-निवास" सुविधा का विस्तार उन औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाए, जहां महिला कर्मचारी अधिक संख्या में हैं। बालिकाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल उन्नयन के लिए विभागीय समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और पोषण की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग निश्चित कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन करें। आंगनवाड़ी भवनों की उपलब्धता और रख रखाव के लिए नगरीय निकायों और पंचायतराज संस्थाओं से भी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों की मंत्रालय में समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए "मोटी आई" अभियान पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। नवाचार को अनुकरणीय बताया गया। समीक्षा में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभागीय प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूखी बली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंगनवाड़ियों में पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक माह में कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चना और अन्य प्रोटीन स्रोत अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। दुग्ध संघों से आंगनवाड़ी के बच्चों को दूध भी आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाए। गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को भी सम्पूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों के साथ मंदिरों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी आंगनवाड़ियों की बेहतरी के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव की संभावित तिथि से पहले सुदूरवर्ती ग्रामों तथा अन्य स्थानों से अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं के रहने तथा उनकी देखरेख के लिए आवश्यक व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय-सीमा निर्धारित कर यह सुनिश्चित किया जाए की सभी जिलों में आंगनवाड़ियां शासकीय भवनों में संचालित हों। इसके लिए स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास और जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के उपलब्ध भवनों का भी उपयोग किया जाए। जिला स्तर पर पंचायत राज संस्थाओं, नगरीय निकायों के सहयोग तथा सांसद-विधायक निधि, डीएमएफ एवं अन्य संसाधनों से प्राथमिकता के आधार पर आंगनवाड़ियों के लिए भवनों का निर्माण कराया जाए। भवनों में जहाँ पर्याप्त स्थान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हों, वहीं आंगनवाड़ियों का संचालन हो। मिशन शक्ति में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 726 महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला हेल्प लाइन-181 से इस वर्ष 82 हजार 552 महिलाओं को सहायता दी गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में 58 लाख 70 हजार हितग्राहियों को एक हजार 878 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। सशक्त वाहिनी नवाचार में 11 हजार 321 युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 156 युवतियां विभिन्न शासकीय विभागों में चयनित हुईं। बैठक में मिशन वात्सल्य, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन, पोषण भी पढ़ाई भी, लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना की समीक्षा भी हुई।   recent visitors 33

विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ को दी एक और बड़ी सौगात आईआईटी भिलाई सहित देश के पांच आईआईटी के शैक्षणिक और अवसंरचना क्षमता के विस्तार को मंजूरी विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार रायपुर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट बैठक में आज छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी घोषणा हुई। आईआईटी भिलाई के कैम्पस के विस्तार के साथ ही तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा अब आईआईटी भिलाई में अधिक छात्रों को पढ़ाई का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आईआईटी भिलाई के विस्तार के संबंध में की गई घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में एक और बड़ा कदम है। उल्लखेनीय है कि केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा देश के पांच नए आईआईटी संस्थानों, जिनमें छत्तीसगढ़ का आईआईटी भिलाई भी शामिल है, की शैक्षणिक और आधारभूत संरचना का विस्तार करने की मंजूरी दी गई है। केंद्रीय केबिनेट के फैसले से आने वाले चार वर्षों में देशभर के 6,500 से अधिक छात्र प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का सपना पूरा कर सकेंगे। खास बात यह है कि आईआईटी भिलाई में अब और अधिक सीटें होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के युवाओं को भी लाभ मिलेगा। इस फैसले से आईआईटी भिलाई कैम्पस के अवसंरचना विस्तार के साथ-साथ न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। शिक्षकों, कर्मचारियों और शोधकर्ताओं की भर्ती के साथ-साथ आस-पास के इलाकों में आवास, परिवहन और अन्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी।   आईआईटी भिलाई पहले से ही अपने स्थायी परिसर में कार्य कर रहा है, लेकिन इस विस्तार के बाद यह संस्थान अब और भी अधिक छात्रों के लिए शिक्षा और नवाचार का केंद्र बनेगा।उल्लेखनीय है कि चार वर्षों में पूरे देश में छात्रों के लिए 13,687 सीटें उपलब्ध होंगी, जो अभी 7,111 हैं। इसका मतलब है कि 6,576 नई सीटों का इजाफा होगा। देश के जिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शैक्षणिक और अवसंरचना क्षमता के विस्तार की स्वीकृति दी गई है, इनमें भिलाई के साथ-साथ आंध्र प्रदेश (तिरुपति), जम्मू-कश्मीर (जम्मू), कर्नाटक (धारवाड़) और केरल (पालक्काड़) के आईआईटी  शामिल हैं। केन्द्र सरकार ने इनके विस्तार के लिए 11,828.79 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जो साल 2025-26 से 2028-29 तक खर्च होगा। इसके अंतर्गत न केवल नई इमारतें और आधुनिक सुविधाएं बनाई जाएंगी, बल्कि 130 नए प्रोफेसर पदों का सृजन भी होगा, जिससे पढ़ाई और शोध का स्तर और मजबूत होगा। उद्योग अकादमिक संबंधों को मजबूत करने के लिए पांच नये अत्याधुनिक अनुसंधान पार्क भी बनाये जा रहे हैं। recent visitors 39

भारतीय सेना ने मार गिराया पाकिस्तान का फाइटर जेट JF-17, बठिंडा में भी पाकिस्तानी जेट क्रैश

कश्मीर भारत की एयर डिफेंस ने कश्मीर में पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया है, जो कि चीनी JF-17 लड़ाकू विमान है. यह एक हल्का, एकल इंजन वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है. JF-17 थंडर का पहला प्रोटोटाइप 2003 में उड़ान भर चुका है और यह पाकिस्तान एयर फोर्स का मुख्य लड़ाकू विमान माना जाता है. क्या है इस विमान की खासियत JF-17 की कुल लंबाई लगभग 14.9 मीटर, पंखों की चौड़ाई 9.45 मीटर और ऊँचाई लगभग 4.77 मीटर है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 12,474 किलोग्राम तक पहुँच सकता है. यह विमान रूसी Klimov RD-93 या चीनी Guizhou WS-13 टर्बोफैन इंजन से सुसज्जित है, जो इसे लगभग Mach 1.6 (लगभग 1,910 किमी/घंटा) की अधिकतम गति प्रदान करता है. यह विमान 7 हार्डपॉइंट्स पर 1,500 किलोग्राम तक के विभिन्न प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है, जिसमें एयर-टू-एयर मिसाइलें, एयर-टू-ग्राउंड बम, और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल हैं. इसके शस्त्रागार में चीनी PL-5, PL-12, PL-15 मिसाइलें और GPS गाइडेड बम शामिल हैं, जो इसे वायु और सतह दोनों प्रकार के लक्ष्यों पर प्रभावी ढंग से हमला करने की क्षमता प्रदान करते हैं. JF-17 में अत्याधुनिक एवियोनिक्स, कंप्यूटराइज्ड फ्लाइट कंट्रोल, हेड-अप डिस्प्ले, डेटा लिंक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल हैं, जो इसे उच्च युद्ध क्षमता प्रदान करते हैं. यह विमान मध्यम से कम ऊंचाई पर बेहतर मुकाबला करने में सक्षम है और इसकी रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर है, जिससे यह लंबी दूरी की लड़ाइयों के लिए उपयुक्त बनता है. भारत की एयर डिफेंस की सफलता और बढ़ता तनाव भारत की एयर डिफेंस प्रणाली द्वारा पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट को गिराने की घटना से दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य संकट और भी गहरा हो सकता है. यह न केवल भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का प्रदर्शन है, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संकेत भी है कि भारत किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को गंभीरता से लेगा. इस महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय वायुसेना की ताकत तकनीकी रूप से उन्नत विमानों को भी नाकाम कर सकती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और जटिल हो गई है. रात्रि में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 7 मई को लगभग एक बजे ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ किया गया. पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई इस एयर स्ट्राइक में आतंकियों के 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया गया. पाकिस्तानी सेना ने 6-7 मई की रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की, जिसमें 10 भारतीय नागरिकों की जान चली गई. इस हमले में एक महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा, 38 लोग घायल हुए हैं, जो इस अंधाधुंध शेलिंग का शिकार बने. recent visitors 29