दिल्ली में 13-14 मई को विधानसभा का विशेष सत्र

नई दिल्ली दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। सरकार ने 13 और 14 मई को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। बैठक में सत्र के दौरान संभावित विधेयकों और विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के बाद भाजपा विधायक शिखा राय ने बताया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सरकार की मौजूदा और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनता तक उनका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से, 20 दिवसीय स्वच्छता अभियान की शुरुआत होने वाली है, जिसमें सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिखा राय ने कहा कि इस अभियान के जरिए दिल्ली को स्वच्छ बनाने का वादा पूरा किया जाएगा। भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने बताया कि इस सत्र में दिल्ली के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी। इनमें शिक्षा से संबंधित विधेयक और मानसून के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। हालांकि, विधेयकों का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सत्र की तारीखें 13 और 14 मई तय की गई हैं। भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि बैठक में मानसून की तैयारियों, नालों से गाद निकालने, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, टेंडर माफिया को खत्म करने और पानी की उचित व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें सरकार और विधायकों के बीच समन्वय के लिए नियमित रूप से आयोजित होती हैं। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह बैठक विशेष सत्र की तैयारियों और जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाएंगे और उनका समाधान निकालेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार जनता के लिए सप्ताह में सातों दिन-चौबीसों घंटे काम कर रही है। चाहे मौसम, सड़कों की स्थिति या जलभराव की समस्या हो, हर क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल की रिकॉर्ड बारिश के बावजूद जलभराव की स्थिति को एक घंटे में नियंत्रित कर लिया गया। सीएम ने कहा कि 27 साल के बैकलॉग को खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सचिवालय हर दिन जनता की सेवा के लिए खुला रहता है। recent visitors 57

तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच पीएम मोदी ने प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की। वायुसेना प्रमुख के साथ पीएम की हुई इस बैठक की कोई जानकारी साझा नहीं की गई मगर समझा जाता है कि पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों तथा उसके संरक्षकों को सबक सिखाने के लिए वायुसेना की रणनीतिक तैयारियों पर इसमें चर्चा हुई। तैयारियों की हो रही समीक्षा वायुसेना प्रमुख से पहले प्रधानमंत्री ने शनिवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के साथ बैठक कर नौसेना की रक्षा तैयारियों का जायजा लिया था। देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व तथा सेनाओं के प्रमुखों के बीच पिछले कई दिनों से जारी बैठकों के दौर का संकेत है कि पहलगाम आतंकी हमले का पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए सामरिक-रणनीतिक तैयारियों की पुख्ता समीक्षा की जा रही है। इस हमले पर भारत की जवाबी कार्रवाई की तैयारियों की हलचलों के बीच नियंत्रण रेखा पर पिछले 10 दिनों से पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही गोलीबारी का भारतीय सेना रणनीतिक तरीके से माकूल जवाब दे रही है। वायुसेना प्रमुख के साथ प्रधानमंत्री की रविवार को बैठक की पुष्टि करते हुए सूत्रों ने कहा कि पिछले 24 घंटे के दौरान सैन्य नेतृत्व संग यह पीएम की दूसरी बैठक थी। कठोर कार्रवाई की हो रही मांग शनिवार को नौसेना प्रमुख से भी पीएम ने पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में उनसे मंत्रणा की थी। जबकि बीते हफ्ते ही प्रधानमंत्री की रक्षामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ तथा तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लंबी बैठक हुई थी। विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर एक सुर से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार का पूरा समर्थन करने की घोषणा कर चुकी हैं।   recent visitors 108

पहलगाम आतंकी हमला : दो आतंकी कश्मीरी, पर्यटकों से की दोस्ती फिर घटना वाली जगह ले गए

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर निशाना बनाया। इस हमले की जांच एनआईए कर रही है। इस बीच आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम हमले के चार आतंकवादियों में से दो जम्मू में कठुआ की तरफ से भारत में वापस आए और हमले से पहले पर्यटकों के साथ घुलमिल गए थे। इन आतंकियों ने पर्यटकों को एक फूड कोर्ट में इकट्ठा किया था। पर्यटकों के बीच घुल-मिल गए थे दो आतंकी रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम हमले के चार आतंकियों में से दो दक्षिण कश्मीर से थे। वे पहले अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गए थे। लेकिन उनके भारत वापस आने का कोई रेकॉर्ड नहीं है। माना जा रहा है कि वे जम्मू में कठुआ की तरफ से भारत में वापस आए। ये आतंकी पर्यटकों के बीच घुल मिल गए उन्हें फूड कोर्ट में इकट्ठा किया। इसके बाद अन्य दो आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर गोलियां चलाईं। गोली चलाने वाले आतंकी पाकिस्तान के थे। चार-पांच दिनों से बैसरन के आसपास थे आतंकी एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी 4-5 दिनों से बैसरन के आसपास ही थे। यह बिना स्थानीय लोगों की मदद के मुमकिन नहीं था। खुफिया जानकारी में वायरलेस चैट से भी पता चला था कि आतंकवादी उसी इलाके में हैं। लेकिन उनके संचार सेट अलग होने के कारण बातचीत को समझा नहीं जा सका। सरकार को इस बात की चिंता है कि हथियारबंद आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थलों से स्नाइपर राइफल, एम-सीरीज राइफल और कवच-भेदी गोलियां जैसे आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। शक है कि ये अफगानिस्तान में NATO सैनिकों के बचे हुए हथियार हैं। पहले ही मिली थी खतरे की जानकारी इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को खतरे की जानकारी मिल गई थी। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि श्रीनगर के होटलों में ठहरे पर्यटकों को निशाना बनाया जा सकता है। खतरे को देखते हुए डल झील और मुगल गार्डन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस के बड़े अधिकारी भी हमले से कुछ दिन पहले घाटी में ही डेरा डाले हुए थे। अधिकारियों को लगा कि हमला श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित किसी होटल पर हमला हो सकता है। इसलिए पहलगाम हमले से पहले डाचीगाम, निशात और आसपास के इलाकों में 10-15 दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। recent visitors 45

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से किया संवाद, नगर निगम की सेवाओं का घर बैठे मिलेगा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नगर पालिक निगम रीवा द्वारा निर्मित माय रीवा सिटीजन ऐप का शुभारंभ किया। यह ऐप नागरिकों की सेवा में एक स्मार्ट पहल है, जिसके माध्यम से रीवा के नागरिक नगर निगम की सेवाओं से जुड़कर घर बैठे आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस अवसर पर नगर निगम द्वारा माय रीवा सिटीजन ऐप से संबंधित निर्मित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर जिले के विकास में सहभागी बनने का आहवान किया। माय रीवा सिटीजन ऐप में शिकायत पंजीकरण, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, नाली, सड़क, सीवरेज, पेयजल सहित सेवा ट्रैकिंग और समाधान स्थिति को देखा जा सकेगा। इसके माध्यम से आमजन सुझाव, फीडबैक प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, सम्पत्तिकर, जलकर भुगतान, अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं ई-चालान सहित अन्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप में शिकायत के साथ फोटो अपलोड करने, गूगल मैप आधारित स्थान चिन्हांकन, वन-स्टाप प्लेटफार्म में शिकायतों, सेवाएँ, सरल एवं पारदर्शी इंटरफेस, डैशबोर्ड तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण आदि की सुविधा भी रहेगी। नवीन विश्राम गृह का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा प्रवास के दौरान राजनिवास सर्किट हाउस परिसर में नवनिर्मित विश्राम गृह का लोकार्पण किया। इंडो-यूरोपियन शैली में पुर्नघनत्वीकरण योजना से 656.45 लाख रूपये की लागत से निर्मित विश्राम गृह सभी आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधिवत पूजा-अर्चना कर नवनिर्मित विश्राम गृह का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवीन सर्किट हाउस रीवा के लिए बड़ी सौगात है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन विश्राम करने वालों को सुखद अनुभूति देगा। उन्होंने नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को साधुवाद दिया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण के उपरांत सर्किट हाउस का अवलोकन किया और बेहतर निर्माण की प्रशंसा की। पुर्नघनत्वीकरण योजना में म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा 2200 वर्ग मीटर में नवनिर्मित विश्राम गृह में 6 स्विट रूम के साथ एक वेंटिंग एरिया, 24 सीटर मीटिंग हॉल, ड्राइंग रूम, 14 सीटर डायनिंग एरिया आदि शामिल हैं। भवन में लिफ्ट एवं अग्निशमक यंत्र का भी प्रावधान किया गया है। इस अवसर सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कमिश्नर श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे। recent visitors 36

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री जस्टिस सूर्य कांत, श्री जस्टिस जे. के. माहेश्वरी एवं श्री जस्टिस एस. सी. शर्मा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री जस्टिस सुरेश कुमार कैत, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश श्री जस्टिस संजीव सचदेवा एवं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह मौजूद थे। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय परिसर के समीप बनने वाले लॉयर्स चेम्बर एवं मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। समारोह में एमपी स्टेट बार कॉउंसिल के चेयरमेन श्री राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, हाईकोट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री डी. के. जैन, मध्यप्रदेश स्टेट बार कॉउंसिल के उपाध्यक्ष श्री आर. के. सिंह सेनी एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री धरमिन्दर सिंह राठौड़ भी उपस्थित थे। इसके पहले समारोह स्थल पहुंचने पर महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जनप्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जबलपुर सर्किट हाउस में विधायक श्री अशोक रोहाणी एवं श्री नीरज सिंह और श्री रत्नेश सोनकर ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती प्रीति यादव एवं अपर कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 40

दीक्षांत समारोह: स्वर्ण पदक से 122 एवं शोध उपाधियों से 33 विद्यार्थी सम्मानित

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संगीत हमेशा ही मन को भाता है। मनुष्य की हर उम्र में संगीत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राज्यपाल श्री पटेल ने रविवार को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूरामबामनिया ने की। इस मौके पर वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. किरण देशपाण्डे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय भारतीय संगीत को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। महाविद्यालय के अनेकों छात्रों ने संगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं को अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देना चाहिए। संगीत विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के बाद जिन छात्रों को पुरस्कृत किया गया है वे अपने जीवन में संगीत के माध्यम से देश विकास में अपना सहयोग करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वरिष्ठ तबला वादक प्रो. किरण देशपाण्डे के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेना चाहिए। वे जिस प्रकार से 87 वर्ष की उम्र में भी तबला वादन कर रहे हैं, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार क्रिकेट में खिलाड़ी शतक लगाते हैं, उसी प्रकार प्रो. देशपाण्डे भी अपनी उम्र का शतक लगाएँ, यह हम सबकी कामना है। पद्मश्री कालूराम बामनिया के गायन और प्रो. पं. किरण देशपाण्डे के वादन की हुई प्रस्तुतियां दीक्षांत समारोह में वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. पं. किरण देशपाण्डे ने कहा कि उनका तबला वादन विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट उपाधि से सम्मानित किए जाने के प्रति धन्यवाद ज्ञापन हैं। समारोह में कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूराम बामनिया ने जीवन में गुरू की महत्ता पर भजन की प्रस्तुतियां दी। जनजाति नृत्य की हुई प्रस्तुति दीक्षांत समारोह में संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सहरिया जनजाति नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को कार्यक्रम के प्रारंभ में शोभा यात्रा निकालकर मंच तक लाया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने अतिथियों का स्वागत कर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. राकेश कुशवाह सहित साधारण परिषद, कार्य परिषद एवं विद्यार्थी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।   recent visitors 40

मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्तियों के साथ रीवा में किया न्यायालय भवन का लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि न्याय पाना देश के हर नागरिक का कानूनी अधिकार है। वादी को समय पर न्याय दिलाना ही सम्पूर्ण न्याय प्रणाली का एकमात्र लक्ष्य है। न्याय पाने के अधिकार की सुरक्षा करते हुए हमारी सरकार प्रदेश के हर नागरिक को सहज और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय पर न्याय दिलाना एक समाजिक सूत्र है, जिसे हम सभी को अपने-अपने दायरे में पूरी शिद्दत से निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रियासत काल से ही रीवा क्षेत्र न्याय व्यवस्था की दृष्टि से हमेशा अग्रणी रहा है। इस दिशा में रीवा में आज एक और नए युग का सूत्रपात हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रीवा में नवनिर्मित जिला न्यायालय कॉम्पलेक्स के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नवनिर्मित भवन को न्याय का मंदिर बताते हुए विश्वास जताया कि इस भवन में आने वाला हर व्यक्ति सहज, सुलभ और पूर्ण न्याय प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में सम्राट विक्रमादित्य ने ही देश में एक सशक्त न्याय प्रणाली की आधारशिला रखी थी और आज भी उनकी वही समृद्ध परम्परा निर्बाध गति से प्रवाहमान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले डेढ़-दो सालों में ही न्यायालयीन व्यवस्था की बेहतरी के लिए प्रदेश में 30 से अधिक छोटे-बड़े न्यायालय भवनों का लोकार्पण किया गया है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार न्याय पाने के इच्छुक हर व्यक्ति के लिए जिला न्यायालय में एक सकारात्मक वातावरण तैयार करने तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न्यायिक प्रणाली को अधिक कारगर बनाने के लिए नये कानून बनाए। उन्होंने उच्चतम न्यायालय द्वारा बीते कुछ सालों में दिए गए प्रमुख निर्णयों का जिक्र करते हुए कहा कि इन निर्णयों से सबके दिलों में देश की न्याय व्यवस्था के प्रति श्रद्धा और बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्यायपालिका ने एक अहम निर्णय लेते हुए अब न्याय की देवी की काली पट्टी खोल दी है, ताकि न्याय की देवी खुली आंखों से सबको न्याय दे सके, यह एक अभूतपूर्व पहल है। न्यायशीलता और न्यायप्रणाली के प्रति अगाध श्रद्धा हम भारतीयों की पहचान है। खुद के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों की संरक्षा भी संस्कृति है। इस संस्कृति को हम सबको मिलकर और आगे लेकर जाना है। उन्होंने सर्वसुविधायुक्त नये न्यायालय भवन के लिए रीवावासियों को बधाई देते हुए कहा कि सबके अधिकारों और हितों की रक्षा में यह भवन न्याय के प्रति आस्था का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा में न्याय की गौरवशाली परंपरा रही है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के 11 वर्ष रीवा राज्य के चित्रकूट में बिताकर इस धरती को धन्य किया है। उनकी प्रेरणा से ही राम राज्य की परिकल्पना को साकार करने का बल मिला है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री सूर्य कांत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार के सक्रिय सहयोग से 30 नवीन न्यायालय भवनों की सौगात मिली है। रीवा के नवीन न्यायालय भवन में न्यायालयीन प्रणाली से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताएं पूरी हो जाएंगी। नवीन भवन में मानवीय मूल्यों की स्थापना हो और कारगर न्यायप्रणाली से निष्पक्ष न्याय मिले। देश की प्रगति के लिए मजबूत न्याय प्रणाली का होना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि रीवा में राजा विश्वनाथ सिंह ने वर्षों पहले दो न्यायालयों का गठन किया था। मेताक्षरा न्यायालय में हिन्दू धर्म की परंपराओं के अनुसार तथा धर्मसभा में धार्मिक आधार पर न्याय किया जाता था। नवीन न्यायालय भवन बघेली स्थापत्य और आधुनिकता का अनूठा संगम है। इस भवन में जब करूणा, विवेक और न्याय होगा तभी इसकी आत्मा जागृत होगी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि रीवा में विधि का इतिहास बहुत महत्वपूर्ण है। इसी माटी से निकलकर श्री जी.पी. सिंह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा जस्टिस जे.एस. वर्मा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। यहाँ के कई जज और अधिवक्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश को 30 नये भवन मिले हैं। रीवा के भव्य न्यायालय भवन में 40 कोर्ट और 750 वकीलों के बैठने की व्यवस्था है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रकरण अधिक हैं लेकिन जजों की संख्या कम है। प्रकरणों के निराकरण के लिए हाईकोर्ट में 32 नये जजों की नियुक्ति की जाना आवश्यक है।   recent visitors 48