मुख्यमंत्री साय बोले – रजक समाज का परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक सद्भाव में रहा है महत्वपूर्ण योगदान

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रजककार विकास बोर्ड  के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा रजक समाज,जिनका परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक सद्भाव में महत्वपूर्ण योगदान रहा है उनका सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में है। रजक धोबी समाज हमारे गांवों के उन समुदायों में से एक हैं जिन्हें हुनर पीढ़ी दर पीढ़ी मिलता आया है। इसी हुनर से वे रोजगार प्राप्त करते रहे हैं। नये जमाने में इस हुनर को और निखारने की जरूरत है। हम परंपरागत काम को कैसे आधुनिक बना सकते हैं, रोजगार के नये अवसरों का निर्माण कैसे कर सकते हैं, इस बारे में भी बोर्ड के माध्यम से पहल करें। आप जो रास्ता तय करेंगे, उसमें हमारी सरकार आपके साथ खड़ी मिलेगी। श्री साय ने आगे कहा रजक समाज परंपरागत रूप से श्रम, सेवा और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति है। छत्तीसगढ़ का ऐसा कोई गांव नहीं जहां रजक समुदाय के लोग निवास नहीं करते है। हर गांव में रजक समाज से जुड़े व्यक्ति निवास रहते है जिनका समाज व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की दिशा में तैयारी से आगे बढ़ रहे हैं, तब यह आवश्यक है कि समाज के हर वर्ग को बराबरी का अवसर और सम्मानजनक भागीदारी मिले। हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है कि हम अनुसूचित जाति, जनजातियों, पिछड़े वर्ग और वंचित समुदायों को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय,और स्वावलंबन के सभी साधन उपलब्ध कराएं। यही सामाजिक न्याय है। यही समरसता का मार्ग है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कौशल उन्नयन को लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम लोग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर उनका स्किल डवलपमेंट से स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर आत्मनिर्भर बना रहे हैं। रजककार विकास बोर्ड का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है कि हम इस समाज की विशिष्ट आवश्यकताओं को पहचानें, उनके लिए योजनाएँ बनाएं,और उन्हें विकास की मुख्यधारा में पूरी गरिमा के साथ जोड़ें। मुझे विश्वास है श्री प्रहलाद रजक जी अपने सुदीर्घ अनुभव से समाज की अपेक्षाओं निश्चित ही खरा उतरेंगे। उनकी यह नियुक्ति केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो सामाजिक समरसता,समान अवसर और सामाजिक न्याय पर आधारित है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री दयाल दास बघेल,श्री टंक राम वर्मा, दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल,विधायक श्री अमर अग्रवाल,श्री मोती लाल साहू ईश्वर साहू, दीपेश साहू, सहित विभिन्न मंडल आयोग के अध्यक्ष,छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में रजक,धोबी एवं कन्नौजे समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 57

INS सूरत को हजीरा पोर्ट पर तैनात कर भारत ने पाकिस्तान पर की बड़ी स्ट्राइक, ठप होगा कराची पोर्ट

अहमदाबाद  पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई जारी है। गुजरात के सूरत में आईएनएस सूरत की तैनाती के बाद अब पाकिस्तान की पोर्ट्स की तरफ मूवमेंट नहीं कर पाएगी। आईएनएस सूरत को हजीरा पोर्ट पर तैनात किया गया है। अरब सागर में अगर पाकिस्तान की बोट भारतीय सीमा में प्रवेश करेंगी तो भारतीय एजेंसियों की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ भारत की नावें और जहाज पाकिस्तान की तरफ नहीं जाएंगे। सूत्रों के अनुसार आईएनएस सूरत के हजीरा पोर्ट पहुंचने और पाकिस्तान की नावों और जहाजों पर पाबंदी कराची पोर्ट ठप्प पड़ जाएगा। पाकिस्तान का कराची बंदरगाह सुमद्री व्यापार का बड़ा अड्‌डा है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सबसे पहले सिंधु जल समझौता रद्द किया था।   तैनाती के बाद लगाई रोक भारत का आईएनएस सूरत 1 मई को गुजरात के हजीरा पोर्ट पर पहुंचा था। भारत के आतंक हमलों के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए तीनों सेनाएं अलर्ट मोड पर आने के बाद भारत ने यह कदम उठाया था। आईएनएस सूरत को कुछ महीने पहले मुंबई में कमीशन किया गया था। भारतीय नौसेना अरब सागर में अपने अभ्यास तेज को तेज किया। इसे युद्ध से पहले की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। नौसेना का जंगी जहाज आईएनएस सूरत को पहली बार सूरत के हजीरा पोर्ट पर तैनात कर दिया गया। अपने नाम वाले शहर पहुंचने पर आईएनएस सूरत का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। नई तकनीक से लैस है INS सूरत नौसेना का आईएनएस-सूरत युद्धपोत विध्वंसक श्रेणी में आता है। यह पनडुब्बी, जहाज, विमान जैसे किसी भी लक्ष्य को निशाना बना सकता है। आईएनएन सूरत में हेलिकॉप्टर भी तैनात हैं।युद्धपोत में आधुनिक हथियार प्रणाली, रडार, और मिसाइलें लगी हैं जो इसे समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी बनाती हैं। आईएनएस सूरत में सभी वे खूबियां मौजूद हैं जिससे वह दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकता है। महाराष्ट्र और गुजरात के स्थापना दिवस पर जब आईएनएस सूरत जब अपने होम सिटी पहुंचा था। तब इस बड़े कदम के तौर पर देखा गया था। एक्सपर्ट का कहना है कि आईएनएस सूरत न सिर्फ लंबी समुद्री सीमा को सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि दुश्मन की समुद्र में निगरानी सख्त होगी।   इंडियन नेवी ने अपने सभी वॉरशिप को अलर्ट पर रखा है। अरब सागर में एंटी शिप और एंटी एयरक्राफ्ट फायरिंग की प्रैक्टिस की गई। गुजरात के नजदीक कोस्ट गार्ड को भी अलर्ट पर रखा गया है। उधर, पाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर चौकियों पर अपने झंडे फिर लगा दिए हैं। एक दिन पहले पाक ने चौकियों से झंडे हटा दिए थे। इस बीच खबर है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद मांगी है।     भारत-पाक सीमा के फॉरवर्ड पोस्ट्स पर पाकिस्तान ने सेना तैनात कर दी हैं। इसमें चीन से मिली तोपें भी शामिल हैं।     नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) चीफ सदानंद दाते गुरुवार दोपहर पहलगाम पहुंचे। वह तीन घंटे बायसरन में रहे।     प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका से अपील की है कि वह भारत पर जिम्मेदारी से पेश आने और बयानबाजी कम करने का दबाव बनाए।     अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से शरीफ ने यह भी कहा कि भारत के उकसाने वाले रवैया से क्षेत्रीय हालात बिगड़ सकते हैं। आईएनएस विक्रांत अरब सागर में तैनात भारतीय नौसेना ने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में तैनात किया था। यह भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है। तैनाती 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी।इससे पहले भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया था। इसमें लिखा गया, 'एकता में शक्ति, उद्देश्यपूर्ण उपस्थिति।' नौसेना ने पोस्ट के साथ कई हैशटैग भी लगाए थे। recent visitors 56

समीकरण बिगाड़ सकता है राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स पर भी मंडरा रहा है IPL 2025 से बाहर होने का खतरा

नई दिल्ली गत चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) रविवार को जब राजस्थान रॉयल्स का सामना करेगा तो उसका लक्ष्य जीत हासिल करके प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीद को जीवंत रखना होगा। केकेआर को लीग स्टेज में चार और मैच खेलने हैं और प्लेऑफ के लिए उसका समीकरण सीधा है। चारों मैच जीत कर 17 अंक तक पहुंचना। इससे वह अंतिम चार में पहुंचने के लिए अगर मगर से बच जाएगा। कागजों पर यह आंकड़ा भले ही सीधा नजर आता है लेकिन वास्तविकता में यह काफी मुश्किल है। केकेआर को इन चार मैच में से दो मैच घरेलू मैदान पर खेलने हैं। वह रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलने के बाद बुधवार को अपने घरेलू मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स का सामना करेगा। इसके अलावा उसे 10 मई को सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (17 मई) के खिलाफ उनके मैदान पर मैच खेलने हैं। सनराइजर्स की टीम अपना उत्साह खो चुकी है लेकिन बेंगलुरु की टीम शानदार फॉर्म में चल रही है और ऐसे में कोलकाता का अंतिम मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना है। लेकिन यह अभी बाद की बात है और केकेआर को अभी अपना ध्यान घरेलू मैदान पर होने वाले दो मैच पर केंद्रित करना होगा। राजस्थान और चेन्नई की टीम प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी हैं और ऐसे में वे बिना किसी खास दबाव के मैदान पर उतरेंगी जिससे निपटना केकेआर के लिए आसान नहीं होगा। कोलकाता अगर यहां से कोई मैच हारता है तो उनकी गाड़ी 15 अंकों पर ही अटक जाएगी, इसके बाद उन्हें दूसरी टीमों के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा। केकेआर की बड़ी चिंता घरेलू मैदान पर उनका खराब प्रदर्शन है। ईडन गार्डन्स कभी उनका गढ़ हुआ करता था, लेकिन इस बार उसने अभी तक पांच मैचों में से केवल एक जीत हासिल की है जबकि पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछला मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला था। केकेआर के स्पिनर यहां की असमान उछाल से सामंजस्य से बिठाने में नाकाम रहे हैं जबकि उसके बल्लेबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उसकी बल्लेबाजी में आक्रामकता की कमी दिख रही है जिसके दम पर उसकी टीम ने पिछले साल खिताब जीता था। पिछले सत्र में सुर्खियां बटोरने वाले फिनिशर रिंकू सिंह आठ पारियों में सिर्फ 169 रन बना पाए हैं जबकि सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने सात पारियों में 137.50 के स्ट्राइक रेट से 143 रन बनाए हैं। उनके प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है। लेकिन केकेआर को सबसे ज्यादा निराश वेंकटेश अय्यर ने किया है जिन्हें इस फ्रेंचाइजी ने 23.75 करोड रुपए में खरीद कर उप कप्तान नियुक्त किया था। वेंकटेश ने 10 मैचों में केवल 142 रन बनाए हैं। कप्तान अजिंक्य रहाणे इस सत्र में केकेआर के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन वह फील्डिंग के दौरान हाथ में लगी चोट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ठीक हूं। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा हूं और उम्मीद है कि मैं रविवार को मैच खेलूंगा।’’ राजस्थान रॉयल्स का अभी तक निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। उसकी टीम ने अपने पिछले सात मैचों में केवल एक जीत हासिल की है जिससे उसकी नीलामी के दौरान अपनाई गई रणनीति की खामियां भी उजागर हो गई हैं। आईपीएल की नई सनसनी 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 35 गेंद पर शतक लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी तरफ खींचा था लेकिन उनसे हर समय इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती है। टीम इस प्रकार हैंं: कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), अंगकृष रघुवंशी, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, लवनिथ सिसौदिया, वेंकटेश अय्यर, अनुकूल रॉय, मोइन अली, रमनदीप सिंह, आंद्रे रसेल, एनरिक नोकिया, वैभव अरोड़ा, मयंक मारकंडे, स्पेंसर जॉनसन, हर्षित राणा, सुनील नारायण, वरुण चक्रवर्ती और चेतन सकारिया। राजस्थान रॉयल्स: संजू सैमसन (कप्तान), रियान पराग, यशस्वी जयसवाल, शिम्रोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), कुणाल सिंह राठौड़, युद्धवीर सिंह चरक, नितीश राणा, संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, आकाश मधवाल, कुमार कार्तिकेय, क्वेना मफाका, वानिंदु हसरंगा, महेश थीक्षाना, फजलहक फारूकी, अशोक शर्मा और जोफ्रा आर्चर। recent visitors 54

मुख्यमंत्री साय बोले – आमजन के हित में करें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों के इलाज में कोई कमी नहीं आएगी और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को भी शीघ्र ही पीएससी और व्यापम के द्वारा भरा जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 36

लाडली बहना योजना स कटे हजारो नाम, अब हर महीने की 16 तारीख तक आएगी किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश की लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल ‘लाड़ली बहना योजना’ अक्सर चर्चा में रहती है। इसके तहत लाभार्थी महिलाओं के खाते में हर महीने 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है। मई में भी लाड़ली बहनों के खाते में 24वीं किस्त आने वाली है। लेकिन ‘लाड़ली बहना योजना’ ने कई जिलों की बहनों को बड़ा झटका दे दिया है। बता दें कि 10 हजार 963 महिलाएं अब इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगी। 24वीं किस्त आने से पहले जान लीजिए कि मई में किन लाड़ली बहनों के खाते में नहीं आएंगे योजना के पैसे…। इस वजह से कई लाड़ली बहना हुई बाहर राज्य शासन की सबसे महत्वपूर्ण लाड़ली बहना योजना(Ladli Behna Yojana 24th Installment) में लगातार दूसरे साल 2025 में 60 वर्ष की आयु पार होने पर 10 हजार 963 महिलाएं के नाम स्वत: पोर्टल से हट गए हैं। इन्हें 1250 रुपए मासिक राशि के लाभ से अलग कर दिया गया। केवल 3,92,912 महिलाएं ही इस योजना में शेष बताई गई हैं। बाहर हुई महिलाएं अपात्र महिलाओं की संख्या: 690 लाभ परित्याग करने वाली महिलाएं: 890 मृत महिलाओं की संख्या: 646 समग्र से डिलीट महिलाएं: 426 आधार से समग्र डि-लिंक महिलाएं: 505 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं: 10963 कुल पात्र महिलाएं: 392912 अब हर महीने की 16 तारीख तक आएगी किस्त मध्य प्रदेश की महिलाएं लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। मई का महीना शुरू होते ही महिलाएं उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार उनके खाते में जल्द ही पैसे आएंगे। पिछली बार 23वीं किस्त 16 अप्रैल को ट्रांसफर की गई थी। आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख तक किस्त आ जाती थी। इसलिए, महिलाएं सोच रही हैं कि मई की किस्त कब आएगी। किस्त में देरी पर उठे थे योजना के बंद होने पर सवाल पिछले महीने लाडली बहना योजना के बंद होने की अफवाहें उड़ी थीं। इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि योजना बंद नहीं होगी। उन्होंने मोहन कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए ये बात कही थी। उन्होंने कहा था कि 'लाडली बहना योजना बंद नहीं होगी और योजना के तहत दिए जाने वाली राशि 1250 को हर महीने की 10 से 16 तारीख के बीच ट्रांसफर किया जाएगा।' एमपी सरकार ने शुरू की थी योजना लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार ने शुरू की थी। इसका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी जिंदगी को बेहतर बनाना है। इस योजना से आज मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं को फायदा मिल रहा है। इस योजना के तहत हर महीने की 10 तारीख को महिलाओं के खाते में 1250 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। इस तरह सरकार महिलाओं को सालाना 15000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। पिछली बार हुई थी देरी अप्रैल 2025 की 23वीं किस्त जारी होने में देरी की वजह से इस योजना के बंद होने पर सवाल उठने लगे थे। विपक्ष ने भी इस पर खूब सवाल उठाए थे। इस पर सरकार की ओर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा था कि किस्त के रूपए हर महीने की 10 से 16 तारीख के बीच में ट्रांसफर हो जाएंगे। कौन ले सकता है इस योजना का लाभ लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें हैं। महिला मध्य प्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए। उसके परिवार में कोई आयकरदाता नहीं होना चाहिए। साथ ही, परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। विधवा और तलाकशुदा महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। योजना की महत्वपूर्ण बातें     लाड़ली बहना योजना(Ladli Behna Yojana) 5 मार्च 2023 से शुरू हुई।     पंजीयन की अंतिम तारीख 30 अप्रेल 2023 थी। फिर योजना में संशोधन किया।     25 जुलाई 2023 से 20 अगस्त 2023 तक फिर पंजीयन किया।     अभी पंजीयन के निर्देश नहीं। जनप्रतिनिधि अनुरोध कर रहे। इन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ     अविवाहित महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं ले सकतीं।     जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष की आयु से ज्यादा है उन्हें, इस योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा।     जिनके परिवार की सालाना इनकम 2.5 लाख से अधिक है, वे भी योजना का लाभ नहीं ले सकतीं।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक हो वे भी योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकतीं।     जिन महिलाओं के परिवार का कोई सदस्य सरकारी पद का लाभ ले रहा है, वे महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इन महिलाओं को ही मिलेगा लाभ     मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी     विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता     21 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाएं     किसी भी वर्ग की महिलाएं ले सकती हैं लाभ     स्वयं या परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता न हो     जिनके परिवार के पास 5 एकड़ से कम भूमि हो   recent visitors 59

राज्य सरकार ने मंत्रालय में पद​स्थ कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में खासा इजाफा किया

भोपाल एमपी में सरकारी अमले के लिए राज्य सरकार की मेहरबानी लगातार जारी है। सरकार ने कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में फिर बढ़ोत्तरी की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार ने मंत्रालय भत्ते में बढ़ोतरी की है। भत्ते में ढाई गुना से ज्यादा वृद्धि की गई है।प्रदेश में मंत्रालय भत्ता करीब डेढ़ दशक बाद बढ़ाया गया है। ऐसे में कर्मचारियों, अफसरों ने खुशी जाहिर की है। राज्य सरकार ने मंत्रालय में पद​स्थ कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में खासा इजाफा कर दिया है। इनमें मंत्रालय भत्ते में करीब 2.57 गुना वृद्धि की गई है। मंत्रालय के सभी संवर्गों के अधिकारियों, कर्मचारियों को भत्ता बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि की गई है उनमें अपर सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, स्टाफ आफिसर, अनुभाग अधिकारी शामिल हैं। इनके साथ ही निज सचिव, निज सहायक, स्टेनोग्राफर, अनुभाग अधिकारी, सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 के भत्ते भी बढ़ाए गए हैं। मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय भत्ता बढ़ोत्तरी के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई है जिसका भुगतान मई माह के वेतन में किया जाएगा। मंत्रालय कर्मचारियों, अधिकारियों को अभी सन 2013 में स्वीकृत मंत्रालय भत्ता दिया जा रहा था। recent visitors 54

सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान, हर घाट होगा रामघाट, नहीं होगा कोई भी वीआईपी घाट

उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ लगेगा। वैसे इसके लिए अभी तीन वर्ष का समय है, लेकिन सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ को देखकर कई सीख ली है। इसी के चलते उज्जैन के लिए खास तैयारियां शुरू हो गई हैं। उज्जैन में शिप्रा के दोनों किनारे पर बनाए जाने वाले नए 29 किमी सहित कुल सभी 35 किमी लंबे घाटों को रामघाट के रूप में ही प्रचारित किया जाएगा। यहां अगल से कोई भी वीआईपी घाट नहीं बनाया जायेगा। उज्जैन सिंहस्थ को लेकर रूपरेखा तैयार पूरी कर ली गई है, अब बस सीएम की हरी झंडी का इंतजार है। उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल बयान देते हुए कहा कि सिंहस्थ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन का हर घाट रामघाट होगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। ऐसा अनुमान लगया जा रहा है कि सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। ऐसे में हर दिन सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 740 टन कचरा उत्पन्न होने का अनुमान है। इसे नियंत्रित करने के लिए 50 हजार बायो-टॉयलेट भी बनाए जाएंगे। गैरजरूरी कामों के प्रस्ताव नहीं बनाएं कलेक्टर बैठक के पहले चरण में उज्जैन को छोड़ आसपास के जिलों के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इसमें डॉ. राजौरा ने कलेक्टरों को स्पष्ट किया कि नए निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को ध्यान रख ही बनाएं। यानी गैर जरूरीकामों के प्रस्ताव नहीं बनाएं। किसी भी घाट को वीआईपी नाम नहीं दें, ताकि ज्यादा भीड़ केवल उसी दिशा जाने का प्रयास नहीं करें। बैठक की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि काम ऐसे होने चाहिए कि वे बाद वाले सिंहस्थ में भी उपयोगी हों। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने सिंहस्थ के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि निर्माण कार्य केवल इस एक सिंहस्थ तक सीमित न रहें, बल्कि वे भविष्य के सिंहस्थ आयोजनों में भी उपयोगी साबित हों। इसी दिशा में निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य स्थायी और गुणवत्तायुक्त हों। इसके लिए अच्छी सामग्री का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार होगा अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंहस्थ 2028 के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए, जिसमें भीड़ प्रबंधन, यातायात, घाटों की व्यवस्था, जल-प्रबंधन और आपदा सुरक्षा की दृष्टि से सभी पहलुओं को शामिल किया जाए। recent visitors 62