महाकाल परिसर में एक हजार वर्ष पुराना मंदिर दोबारा बनेगा, एक साल पहले निर्माण के लिए निविदा जारी

उज्जैन महाकाल मंदिर परिसर में नवनिर्माण के लिए की जा रही खोदाई से निकले एक हजार साल पुराने शिव मंदिर को पुनर्निर्मित करने की पूरी तैयारी हो गई है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग की टीम महाकाल पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। बता दें बीते डेढ़ साल से विभाग केवल पत्थरों का नाप जोख और नंबरिंग ही करा रहा है, निर्माण की शुरुआत नहीं करा पाया है। बताया जाता है पुरातत्व विभाग ने करीब एक साल पहले मंदिर निर्माण के लिए निविदा जारी की थी। लेकिन किसी भी ठेकेदार ने निर्माण में रुचि नहीं दिखाई। इसी वजह से समय पर काम शुरू नहीं हो पाया। इसका असर उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे काम पर पड़ा और शहनाई गेट आदि के उन्नयन में देरी होने लगी। इसका असर डेढ़ माह बाद शुरू होने वाले श्रावण पर पड़ता देख मंदिर प्रशासन ने पुरातत्व विभाग को इस दिशा में ठोस कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। इसके बाद विभाग के अफसर मंदिर पहुंचे तथा शीघ्र काम शुरू करने की बात की। 37 फीट ऊंचा बनेगा मंदिर पुनर्निर्मित मंदिर की ऊंचाई करीब 37 फीट रहेगी। निर्माण में भूगर्भ से पुरावशेषों के रूप में प्राप्त हुए पत्थरों का उपयोग होगा। कुछ पत्थर या खंभों को खड़ा करने में आवश्यकता लगी, तो उसी प्रकृति व रंग का पत्थर मालवा परिक्षेत्र से मंगवाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 65 से 75 लाख रुपये का खर्च आएगा। पुरातत्व विभाग भोपाल के अधिकारी डॉ. रमेश यादव ने बताया कि करीब एक हजार वर्ष पुराने 37 फीट उंचे प्राचीन स्वरूप के शिव मंदिर निर्माण का कार्य वहीं से प्राप्त हुए पत्थरों से किया जाएगा। छह माह पहले मंदिर निर्माण की स्वीकृति विभाग से मिलने के बाद निर्माण की कवायद प्रारंभ हुई मंदिर का निर्माण पत्थरों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। जो पार्टस कम रहेंगे, उन्हे बनाने में समय लगेगा। हमारा अनुमान है कि यहां 90 प्रतिशत पत्थर उपलब्ध है। ऐसे में छह महिने में कार्य पूर्ण हो जाएगा। निर्माण के दौरान प्रतिदिन विशेषज्ञ विभाग को रिपोर्ट भी करेंगे। प्राचीन मूल स्वरूप में मंदिर निर्माण के लिए पुरातत्व विभाग ने प्रारंभिक रूप से अनुमानित करीब 65 लाख रूपए खर्च होने का आंकलन किया है। प्राचीन मंदिर का पुरातत्व विभाग की आयुक्त उर्मिला शुक्ला के निर्देशन में कार्य होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालु इस प्राचीन मंदिर से पौराणिक इतिहास जान सकेंगे। मंगलवार से यहां प्रारंभ हुए कार्य त्रिवेणी पुरातत्व संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष योगेश पाल की रेखरेख में शुरू हुआ है। मंदिर के लिए खोदाई होने व स्ट्रेक्चर तैयार करने के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशेषज्ञ भी आएंगे। पुरातत्व विभाग मंदिर निर्माण के बाद मंदिर समिति को सौंप देगा। राजस्थान के कारीगर करेंगे निर्माण पुरातत्व विभाग की देखरेख में महाकाल मंदिर के प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण ताराचंद निवासी भरतपुर राजस्थान करेंगे। ताराचंद ने बताया कि इसके पहले वे पुरातत्व विभाग की देखरेख में अनूपपुर के गजा मंदिर, पीएचक्यू भोपाल, उदयपुर, देवबड़ला सिहोर में शिव मंदिर, औंकारेश्वर में शिव मंदिर, आशापुरी जिला रायसेन में सूर्य मंदिर में प्राचीन पत्थरों से विभाग की देखरेख में कार्य कर चुके है। अब महाकाल मंदिर परिसर में प्राचीन मंदिर का निर्माण कार्य करेंगे। पुरातत्व विभाग की निगरानी में खुदाई हुई थी श्री महाकालेश्वर मंदिर में विस्तारीकरण कार्य के लिए मंदिर परिसर के मुख्य द्वार पर सामने के भाग में जून 2021 में खोदाई का काम शुरू किया था। नए निर्माण कार्य के लिए करीब 25 से 30 फीट की खोदाई के दौरान मिट्टी में दबे प्राचीन मंदिर के पुरा अवशेष प्राप्त हुए थे। जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग के आयुक्त शिवशेखर शुक्ला ने पुराविद् डा. रमेश यादव के नेतृत्व में चार सदस्यीय दल गठित कर पुरासंपदा का निरीक्षण कर विभाग को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस पर आयुक्त ने महाकाल मंदिर के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए पुरातत्व विभाग की निगरानी में खोदाई कराने का निर्णय लिया था। वहीं शोध अधिकारी डा. धु्रवेंद्रसिंह जोधा को पुरातात्विक विधि से खुदाई कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। खुदाई में ये पुरासंपदा प्राप्त हुई- पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ की देखरेख में खोदाई के दौरान मंदिर का आधार भाग, प्राचीन शिव लिंग, नंदी, गणेश, मां चामुंडा, शार्दुल की मूर्तियां प्राप्त हुई थी। इसके अलावा भारवाही कीचक तथा दो हजार साल पुराने शुंग, कुषाण, मौर्य व परमार काल में निर्मित मिट्टी के बर्तन भी मिले थे। विशेषज्ञों की देखरेख में इस स्थान से मिले स्तंभ, कुंभ भाग, आमलक आदि के अवशेषों का वर्गीकरण के बाद विभाग ने इन पुरा अवशेषों पर नंबरिंग भी है। जिससे निर्माण के दौरान जो भाग जहां का है वहीं स्थापित किया जा सके। पुरातत्व विभाग आधार भाग से शिखर तक के हिस्सों को जोड़कर प्राचीन स्वरूप में ही मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ करेगा recent visitors 31

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 5 मई तक? मार्कशीट के लिए ये 3 वेबसाइटदेखें

भोपाल एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं परीक्षा में शामिल हुए 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स सरकारी रिजल्ट पर लेटेस्ट अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 इसी महीने जारी किया जाएगा. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 से जुड़े सभी अपडेट्स मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in और mpbse.nic.in पर चेक किया जा सकेगा. मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल किसी भी वक्त रिजल्ट डेट का ऐलान कर सकता है. अप्रैल में मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 मई से पहले एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 जारी करने का निर्देश दिया था. ऐसे में एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं रिजल्ट 2025 के जल्द जारी होने की उम्मीद की जा रही है. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 चेक करने के लिए रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ जैसी डिटेल्स की जरूरत पड़ेगी. MP Board Result 2025 Date: खत्म होने वाला है इंतजार मध्य प्रदेश बोर्ड रिजल्ट 2025 जारी करने से पहले नोटिफिकेशन जारी करेगा. इस साल भी एमपी बोर्ड रिजल्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही रिलीज किया जाएगा. इस साल मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 16,60,252 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. इनमें से 9,53,777 स्टूडेंट्स ने 10वीं की और 7,06,475 स्टूडेंट्स ने 12वीं की परीक्षा दी थी. अब सभी एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं, जोकि अगले कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा.  एमपी बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें? एमपी बोर्ड रिजल्ट कई तरीकों से चेक किया जा सकता है. आप एमपी बोर्ड रिजल्ट की ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर विजिट करके अपने मार्क्स चेक कर सकते हैं. इसके अलावा 56263 पर रोल नंबर भेजकर एसएमएस के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है. अगर किसी भी वजह से ये दोनों तरीके काम न करें तो स्टूडेंट्स डिजिलॉकर की वेबसाइट और ऐप पर भी सरकारी रिजल्ट चेक कर सकते हैं.  एमपी बोर्ड रिजल्ट चेक करने के से पहले तैयार रखें ये डिटेल्स मध्य प्रदेश कक्षा 10वीं 12वीं का रिजल्ट जारी होने से पहले स्टूडेंट्स ये डिटेल्स निकालकर रख सकते हैं. इनके बिना एमपी सरकारी रिजल्ट चेक नहीं कर पाएंगे: रोल नंबर डेट ऑफ बर्थ स्कूल कोड स्कूल का नाम एमपी बोर्ड की परीक्षा कब से कब तक हुई? मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी से 21 मार्च 2025 के बीच हुआ था। इसके अलावा 12वीं एग्जाम 4 अप्रैल तक हुए थे।  एमपपी बोर्ड कक्षा 10वीं का बीते साल का रिजल्ट फर्स्ट डिवीजन पास करने वाले छात्र: 3,05,067 सेकेंड डिवीजन पाने वाले छात्र: 1,69,863 थर्ड डिवीजन से पास होने वाले छात्र: 2,145  एमपी बोर्ड की मार्कशीट में होंगी ये डिटेल्स     छात्र का नाम     उसकी तस्वीर     स्कूल नंबर     रोल नंबर     रजिस्ट्रेशन नंबर     एग्जाम सेंटर नंबर     हर विषय में मिले अंक     प्रैक्टिकल में हासिल अंक     कुल अंक     डिवीजन  एमपी बोर्ड रिजल्ट चेक करने के 3 तरीके     ऑफिशियल वेबसाइट्स – mpbse.nic.in 2025 या mpresults.nic.in 2025 या mpbse.mponline.gov.in     SMS पर चेक करें।     MP बोर्ड के ऐप पर चेक करें। क्या एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट एक साथ आएगा? जी हां, पिछले सालों की तरह, इस वर्ष भी एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2025 और एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2025 एक साथ जारी करेगा। एमपीबीएसई परिणाम जारी करने की सटीक तारीख और समय की घोषणा जल्द कर सकता है। पिछले 5 साल में एमपी बोर्ड का पास प्रतिशत 2020: कक्षा 12 – 68.81% 2021: कोविड-19 के कारण सभी छात्रों को प्रमोट किया गया 2022: कक्षा 12वीं – 72.72% 2023: कक्षा 12वीं – 55.28% 2024: कक्षा 12वीं – 64.48% 02:45 PM, May 02 2025  मध्यप्रदेश बोर्ड रिजल्ट की वेबसाइट्स     mpbse.nic.in 2025     mpresults.nic.in 2025     mpbse.mponline.gov.in2025  पिछले साल की एमपी बोर्ड रिजल्ट डेट साल 2024 में एमपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के परिणामों की घोषणा 24 अप्रैल को की गई थी। इस साल परिणाम घोषित करने में थोड़ा समय लग रहा है हालांकि इसकी घोषणा जल्द किए जाने की संभावना है।  एमपी बोर्ड के ऐप से कैसे चेक करें रिजल्ट?     सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से MPBSE मोबाइल ऐप या MP मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।     इसके बाद अपने स्मार्टफोन पर ऐप खोलें।     'Know your Result' विकल्प पर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें।     'सबमिट' बटन को क्लिक करने पर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा।  क्या एमपी बोर्ड ने की डेट्स की घोषणा? अभी तक, मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) ने आधिकारिक तौर पर MP बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2025 की तारीख और समय की कोई भी पुष्टि नहीं की है। रिपोर्टों के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और परिणाम जल्द ही, संभवतः मई के पहले सप्ताह के खत्म होने तक जारी किया जा सकता है।  पिछले साल का 10वीं पास परसेंटेज पिछले साल एमपी बोर्ड में कक्षा 10वीं रिजल्ट में 58.10% छात्र पास हुए थे। इस साल इसमें कुछ सुधार होने की उम्मीद है। एसएमएस पर एमपी बोर्ड का रिजल्ट कैसे चेक करें? ऑफिशियल वेबसाइट पर परिणाम ना देख पाने या वेबसाइट के स्लो चलने पर कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं रिजल्ट SMS पर देख सकते हैं। कक्षा 10वीं के लिए: टाइप करें MPBSE10 और स्पेस देकर अपना रोल नंबर लिखें। कक्षा 12वीं के लिए: टाइप करें MPBSE12 और स्पेस देकर अपना रोल नंबर लिखें। इसके बाद मैसेज को 56263 पर भेज दें। एमपी बोर्ड का रिजल्ट कब आएगा? मध्य प्रदेश बोर्ड मई के पहले सप्ताह में जल्द ही एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं परिणाम 2025 की घोषणा कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार एमपी बोर्ड का रिजल्ट ड्राफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्रों को लेटेस्ट अपडेट और आधिकारिक परिणाम घोषणा के लिए नियमित रूप से आधिकारिक एमपीबीएसई वेबसाइट या इस पेज पर बने रहने की सलाह दी जाती है।  एमपी बोर्ड परीक्षा कब से कब तक हुई थी? कक्षा 10वीं एमपी बोर्ड की परीक्षा कब से कब तक हुई – 27 फरवरी से 19 मार्च, 2025 एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं परीक्षा कब से कब तक हुई – 25 फरवरी से 25 मार्च, 2025 recent visitors 45

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उमर अब्दुल्ला की पीएम मोदी से यह पहली मुलाकात, स्थिति को लेकर हुई चर्चा

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उमर अब्दुल्ला की प्रधानमंत्री मोदी से यह पहली मुलाकात है। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। दोनों नेताओं के बीच आतंकी हमले के बाद की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। सीएम उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी से खास बातचीत की। आतंकी हमले के बाद देश की जनता में आक्रोश है। आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है। देश की जनता आतंक को खत्म करने की पीएम मोदी से अपील कर रही है। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ। recent visitors 58

भूमि पंजीयन के लिए 10 नए क्रांतिकरी नवाचारों से राज्य की जनता को मिलेगी राहत : मुख्यमंत्री साय

ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन व्यवस्था प्रारंभ होने से भ्रष्टाचार की सम्भावना हो रही है खत्म जमीन की फर्जी खरीदी-बिक्री और धोखाधड़ी पर लगेगी रोक: घर बैठे रजिस्ट्री के साथ साथ ही होगा नामांतरण  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार में 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया है। मुख्यमंत्री साय ने आज मेफेयर रिसॉर्ट में इन नवाचारों का शुभारंभ करते हुए कहा कि भूमि पंजीयन के लिए 10 नए क्रांतिकरी नवाचारों से राज्य की जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सुशासन की राह में आगे बढ़ रही है।  राजस्व से जुड़े कार्याे के लिए अब लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।पंजीयन के साथ अब नामांतरण का कार्य भी तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का असर भूस्वामी पर पड़ता है। त्रुटि कोई और करे और भुगतता कोई और है। अब लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन करते हुए सरकार  भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है।कोयला, आबकारी सेक्टर में किए गए सुधारों की तर्ज पर भूमि पंजीयन की प्रक्रिया में रिफार्म किया गया है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। राज्य सरकार सभी स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपना कर सुशासन स्थापना की दिशा में कार्य करते हुए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता ला रही है। साथ ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इनका लाभ आमजन तक समय पर पहुंचा रहे हैं । मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म पर जोर देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक को बढ़ावा देकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को आसान बनाने का जो रास्ता दिखाया है, उस पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में लगातार रिफार्म कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए लोगों को महिनों चक्कर लगाना पड़ता था। अब ये कार्य मिनटों में होंगे।   वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि कोई भी अर्थव्यवस्था, देश और समाज जब तक तकनीक और रिफार्म को नहीं अपनाता है, तब तक महान नहीं बनता। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग ने सुधारों को लागू करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। उन्होंने कहा कि  व्यवस्था में परिवर्तन होने से पहले इसका विरोध होता है,लेकिन यह सत्य है कि विकास के लिए परिवर्तन जरूरी है।जनता के हित और सुशासन के लिए ईमानदारी और निष्ठा से कार्य हो, यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के 10 क्रांतिकारी सुधार को तैयार करने के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की है जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में परिवर्तन से जनता को लाभ मिलेगा। वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने पंजीयन विभाग में अनेक सुधार किये हैं। अब आमजनता को काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नही पड़ेगी। फर्जी रजिस्ट्री को शून्य करने का अधिकार पंजीयन महानिरीक्षक को दिया गया है। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 5 सौ रुपए कर दिया गया है। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए सुगम एप के माध्यम से 2 लाख से अधिक संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई है। इससे संपत्ति की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। गाइडलाइन मूल्य से अधिक विक्रय पर पंजीयन शुल्क माफ कर मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की गई है,  विभागीय सेटअप बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन है सरकार वहां तक पहुंचे जहां आम आदमी है और वह भी सरलता के साथ। डिजिटल गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण इन 10 क्रांतिकारी पहल में है जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं।   राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पंजीयन में 10 नई क्रांतिकारी बदलाव आमजन को सहूलियत और राहत दिलाएगा। राजस्व और पंजीयन विभाग का यह संयुक्त प्रयास लोगों के लिए भूमि पंजीयन को नई दिशा देने का कार्य करेगा। इसका लाभ जनता को मिलेगा। राजस्व विभाग आम जनता से जुड़ा विभाग है, इन क्रांतिकारी उपायों के लागू होने से रजिस्ट्री की गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में 90 प्रतिशत प्रकरण नामांतरण के हैं। नई व्यवस्था के लागू होने से इन प्रकरणों की संख्या तेजी से कम होगी। हमारा विभाग लोगों को सुविधा देने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों से न केवल आम जनता को सुविधा मिलेगी, कार्य सुगमता से होंगे बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में आज लागू हुए नवीन सुधार सरलता, सुगमता और सुविधा की क्रांति के बारे में है। एक साथ लाखों लोगों को सुविधा देने का कार्य इन सुधारों से हो सकेगा। अधिकारियों के अधिकारों को कम करना एक बड़ा विजनरी काम है। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्य को करने का अवसर मिला। यह जनता कि इज ऑफ लिविंग को बढ़ाने का कार्य है।    वाणिज्यिक कर विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी. ने पंजीयन विभाग में लागू हुए रिफॉर्म्स की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आमजनों को अब रजिस्ट्री कराने रजिस्ट्री आफिस जाने की भी जरूरत नहीं है। अब घर बैठे रजिस्ट्री होगी ।  संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद राजस्व विभाग में नामांतरण के लिए आवेदन नही लगाना पड़ेगा,अब संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ समय से नामांतरण  हो जाएगा। जमीन की फर्जी खरीदी-बिक्री और धोखाधड़ी पर रोक लग जाएगी। किसी भी जमीन की आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा अर्थात आधार लिंक की वजह से बायोमैट्रिक पहचान धोखाधड़ी को रोकेगी। पंजीयन प्रक्रिया आनलाइन कर दी गई है।  आटो डीड जनरेशन की सुविधा भी आरंभ होने से पक्षकार को दस्तावेज बनाने, स्टांप खरीदने, एप्वाइंटमेंट लेने तथा पंजीयन प्रस्तुत करने अलग-अलग लोगों जैसे डीड राइटर, स्टांप वेंडर आदि के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। आज रजिस्ट्री कराने वाले हितग्राहियों ने बताया रजिस्ट्री में … Read more

मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बादल छाए और भोपाल सहित 20 से अधिक जिलों में बारिश, अगले तीन दिन भारी बारिश

भोपाल मध्य प्रदेश में शनिवार को सक्रिय मौसमी तंत्रों ने मौसम का रुख बदल दिया। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बादल छाए और भोपाल सहित 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। कई क्षेत्रों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली, जिससे तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और अन्य साइक्लोनिक सिस्टम के कारण अगले तीन-चार दिन आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। जिलों में आंधी और बारिश का दौर भोपाल में शाम चार बजे के बाद तेज हवाएं चलीं और रात तक कई हिस्सों में बारिश हुई। गुना में 35-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और 15 मिनट तक बारिश हुई, जबकि आरोन में 45 मिनट तक तेज बौछारें पड़ीं। राजगढ़, सीहोर, रायसेन, छतरपुर, दमोह, पन्ना, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया, शाजापुर, सागर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, विदिशा, देवास, मुरैना, शिवपुरी, खंडवा, जबलपुर, टीकमगढ़, सतना, शहडोल और अनूपपुर में भी बारिश और हल्की आंधी दर्ज की गई। टीकमगढ़ में धूल भरी आंधी और काली घटाओं से दिन में अंधेरा छा गया, कई पेड़ उखड़ गए। दतिया में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। श्योपुर में गिरे ओले श्योपुर जिले के कराहल तहसील के 12 से अधिक गांवों में 15 मिनट तक बारिश के साथ बेर के आकार के ओले गिरे। इससे कराहल के उपार्जन केंद्र पर खुले में रखा 40 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। मौसम विज्ञानी एके शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश और आसपास सक्रिय दो साइक्लोनिक सिस्टम के कारण मौसम में बदलाव जारी रहेगा। मौसमी तंत्र बने बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में डेढ़ किमी ऊंचाई पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड से उत्तरी ओडिशा तक एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन प्रभावी है। इन तंत्रों के कारण प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। रविवार को ओलावृष्टि की आशंका मौसम विभाग ने रविवार को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और डिंडोरी में बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इन जिलों में किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम का यह बदला मिजाज अगले कुछ दिनों तक राहत और चुनौतियां दोनों ला सकता है। recent visitors 46

खुशहाल कृषक और उन्नत कृषि मध्यप्रदेश की पहचान है, 6 हजार 850 लोगों को मिलेगा रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर जिले के सीतामऊ में आयोजित ‘कृषि उद्योग समागम-2025’ में 'खाद्य प्र-संस्करण उद्यमियों से संवाद' कार्यक्रम में कहा कि खुशहाल कृषक और उन्नत कृषि मध्यप्रदेश की पहचान है। खाद्य प्र-संस्करण से जहां उद्योगों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, वहीं किसान भी आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संचालित राज्य सरकार का संकल्प भी यही है। कृषि आधारित उद्योगों के लिए हमारी सरकार सरल व अनुकूल नीतियों का निर्माण कर उद्यमियों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 3812 करोड़ की लागत की 11 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण, भूमि-पूजन हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर 6850 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कृषि संबंधी उद्योगों की संभावनाओं पर निवेशकों से चर्चा की। साथ ही नीमच-मंदसौर जिले में नवीन उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को आशय प्रमाण पत्र (लेटर ऑफ इन्‍टरेस्‍ट) भी प्रदान किए गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के दरवाजे निवेशकों के लिए हमेशा खुले हैं। सरकार निवेशकों के मार्ग की सभी बाधाएं हटाने का काम कर रही है। हम सब प्रदेश की उन्नति के लिए संकल्पबद्ध हैं। सरकार हरसंभव सहयोग के लिए निवेशकों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्यानिकी क्षेत्र में 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली पानी एवं बेहतर सड़क की सुविधा के साथ ही औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीतियां उपलब्ध हैं। औद्योगिक निवेश के लिए प्रदेश में बेहतर वातावरण है। उन्होंने कहा कि प्रति बीघा गेहूं के उत्पादन में मध्यप्रदेश ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह के आयोजन बड़े शहरों में ही होते थे, परंतु अब हमने संभाग एवं जिला स्तर पर भी इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने का निर्णय लिया है और इसकी शुरुआत आज मंदसौर जिले से हुई है। राज्य सरकार सभी प्रकार के निवेशकों को समान रूप से निवेश के अवसर उपलब्ध करा रही है। मुख्य सचिव श्री अनुरागजैन ने कहा कि मध्यप्रदेश को रोजगारोन्मुखी बनाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता है। उनका मानना है कि इसके लिए उद्योगों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की ग्रोथ रेट देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक है। जीडीपी में भी कृषि का योगदान 44 प्रतिशत है। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि से कृषि क्षेत्र में उत्पादन उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। मंदसौर, नीमच क्षेत्र मसालों के लिए विख्यात रहा है। यहां खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों में पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विस्तार में सरलता के लिए राज्य सरकार ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री अनुपम राजन ने कहा कि कृषि उद्योग समागम की पहली कड़ी सीतामऊ मंदसौर में आयोजित हुई है। इसमें विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप इस प्रकार के समागम संभाग और जिला स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की पर्याप्त संभावना विद्यमान है। इस संबंध में राज्य शासन की नीतियां भी निवेशकों, उद्योगपतियों के लिए अनुकूल हैं और राज्य सरकार भी खाद्य प्र-संस्करण को प्रदेश में नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है। एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला ने निवेश प्रोत्साहन के अंतर्गत विभिन्न नीतियों के संबंध में जानकारी दी। उद्योगपति श्री अजय भटनागर ने भी अपने अनुभव साझा किए। निवेशकों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री श्री निर्मला भूरिया, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं निवेशक उपस्थित रहे। recent visitors 46

भारतमाला परियोजना के निर्माण का डिप्टी सीएम साव ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों से ली गुणवत्ता की जानकारी

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अचानक निर्माणधीन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का औचक निरीक्षण करने अभनपुर पहुंचे, यहां उन्होंने निर्माणधीन ओवरब्रिज एवं सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान भारत माला प्रोजेक्ट एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सबसे पहले अभनपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज कार्य का औचक निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता की जानकारी ली। साथ ही कार्य को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने की बात कही। इस दौरान अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट कार्य की संपूर्ण जानकारी दी। डिप्टी सीएम अरुण साव ब्रिज निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत भेलवाडीह के पास पहुंचे, यहां उन्होंने सड़क निर्माण के संबंध पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों से सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि, निर्माण में सभी मानकों का ध्यान रखा गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने निरीक्षण के बाद कहा कि भारत सरकार की यह क्रांतिकारी परियोजना है, इसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। इस हाइवे के बन जाने के बाद विशाखापट्टनम जाने में लंबी दूरी तय करना नहीं पड़ेगा। साथ ही यह आर्थिक गलियारा के रूप में महत्वपूर्ण साबित होगा। गौरतलब है कि, रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किमी लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे का अधिकतर कार्य पूर्ण हो गया है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए छत्तीसगढ़ से ओडिशा होते हुए आंध्र प्रदेश पहुंच सकेंगे। यह रायपुर को धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम शहर को जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे विशाखापट्टनम बंदरगाह पर समाप्त होगा। इसका निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है। भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत राजधानी रायपुर से विशाखपट्टनम तक 950 किमी सड़क निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना में रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन सड़क और दुर्ग से आरंग तक सिक्सलेन सड़क बनना प्रस्तावित है. इस सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने कई किसानों की जमीनें अधिग्रहित की है. इसके एवज में उन्हें मुआवजा दिया जाना है, लेकिन कई किसानों को अब भी मुआवजा नहीं मिल सका है. विधानसभा बजट सत्र 2025 के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद इस मामले में जांच का फैसला लिया गया था. क्या है भूमि अधिग्रहण नियम? भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के तहत हितग्राही से यदि 5 लाख कीमत की जमीन ली जाती है, तो उस कीमत के अलावा उतनी ही राशि यानी 5 लाख रुपए सोलेशियम के रूप में भी दी जाएगी. इस तरह उसे उस जमीन का मुआवजा 10 लाख दिया जाएगा. इसके तहत 5 लाख की यदि जमीन अधिग्रहित की जाती है तो उसके 10 लाख रुपए मिलेंगे और 10 लाख रुपए सोलेशियम होगा. इस तरह हितग्राही को उसी जमीन के 20 लाख रुपए मिलेंगे. recent visitors 42