PM मोदी से डरा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तनाव कम करने की अपील की

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है. पाकिस्तान को भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई का अंदेशा है और इस वजह से वह सहमा हुआ है. वह कभी पहलगाम आतंकी हमले की तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच करवाने और इसमें सहयोग करने, तो कभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को उठा रहा है. पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ तनाव बढ़ने पर उसे उचित समय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का अधिकार है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सबकुछ जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हो रहा है. अहमद इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की योजना बना रहा है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है और जुलाई में 15 देशों वाली संयुक्त राष्ट्र संस्था की अध्यक्षता करेगा. PAK को सता रहा भारत की जवाबी कार्रवाई का डर उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट है कि पहलगाम में एक घटना हुई है, लेकिन अब जो स्थिति उत्पन्न हुई है उससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है. हमारा मानना ​​है कि सुरक्षा परिषद को वास्तव में ऐसा करने का अधिकार है. पाकिस्तान सहित परिषद के किसी भी सदस्य के लिए यह पूरी तरह उचित होगा कि वह सुरक्षा परिषद की बैठक और चर्चा का अनुरोध करे, ताकि इस गंभीर स्थिति पर विचार किया जा सके.' अहमद ने कहा, 'हमने परिषद के सदस्यों के साथ इस पर चर्चा की है. हमने पिछले महीने की अध्यक्षता और इस महीने की अध्यक्षता के साथ इस पर चर्चा की है. हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं और हमें उचित लगने पर बैठक बुलाने का अधिकार है.' पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने अपने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस टिप्पणी के बारे में पीटीआई द्वारा पूछे गए सवाल का सीधे जवाब देने से परहेज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान तीन दशक से अमेरिका और पश्चिमि देशों के लिए 'गंदा काम' करता रहा है. पाकिस्तान तीन दशक से आतंकवाद को दे रहा पराश्रय दरअसल, पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में स्काई न्यूज के एंकर यल्दा हाकिम ने ख्वाजा आसिफ से सवाल किया था, 'आप स्वीकार करते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है?' इसके जवाब में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा था, 'आप जानते हैं कि हम संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए यह गंदा काम लगभग तीन दशकों से कर रहे हैं, और ब्रिटेन भी इसमें शामिल है.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, 'आतंकवादियों और आकाओं और इस हमले के साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से भी कड़ी सजा देंगे. देश के दुश्मनों ने न केवल निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है.' गत 29 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय सेना को खुली छूट दी थी और कहा था कि पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए इसका तरीका, लक्ष्य और समय सेना तय करे. भारत को रोको, हमें बचाओ; UNSC में रोया पाकिस्तान तो अब चर्चा की तैयारी भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और तनाव को कम कराने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के अमेरिका में राजदूत रिजवान सईद शेख ने चेतावनी दी कि "कोई भी गलत कदम या गलत अनुमान परमाणु संघर्ष की ओर ले जा सकता है।" शेख ने कश्मीर को "विश्व का सबसे खतरनाक परमाणु फ्लैशपॉइंट" करार देते हुए ट्रंप से इस मुद्दे पर निर्णायक भूमिका निभाने का आग्रह किया है। Fox News Digital से बातचीत में शेख ने कश्मीर को "परमाणु फ्लैशपॉइंट" करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को हल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रपति ट्रंप की विरासत का एक अहम हिस्सा बन सकता है, यदि वे इस मसले को सतही उपायों से नहीं बल्कि कश्मीर विवाद जैसे मूल कारणों को संबोधित करके हल करें।" राजदूत शेख ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया को "खतरनाक और भड़काऊ" बताया। उन्होंने कहा कि हमले के महज 10 मिनट बाद ही भारत की ओर से पाकिस्तान पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा, "भारत ने आरोप लगाने में एक मिनट भी नहीं गंवाया और बिना किसी जांच के ही पाकिस्तान को दोषी ठहराया। हमने सबूत शेयर करने की मांग की और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच में भाग लेने की पेशकश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।" "परमाणु युद्ध की संभावना को नजरअंदाज न करें" पाकिस्तानी राजदूत को भारत की संभावित प्रतिक्रिया से डर लग रहा है। यही वजह है कि वे दूसरे देशों के आगे गुहार लगा रहे हैं कि भारत को रोका जाए। राजदूत ने कहा कि यह क्षेत्र 1.5 अरब से ज्यादा लोगों का घर है और इस तरह के युद्धोन्माद भरे बयानात क्षेत्र को एक बार फिर से "युद्ध की मानसिकता का बंधक" बना रहे हैं। पाकिस्तानी दूत ने गीदड भभकी देते हुए कहा कि "कोई भी गलतफहमी या गलत निर्णय, परमाणु युद्ध में बदल सकता है – जो इस घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए बहने वाली नदियों के जल प्रवाह को एकतरफा रोकने की धमकी, अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इंडस वॉटर ट्रीटी का हवाला देते हुए कहा, "यह संधि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों के दौरान भी कायम रही, इसे तोड़ना अंतरराष्ट्रीय कानून की घोर अवहेलना है।" पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित … Read more

पीएम मोदी पहलगाम हमले पर बोले-हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ ठोस एक्शन लेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ़ हमारी लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस में अंगोला के राष्ट्रपति लौरेंको के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि, "हम इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मैं पहलगाम में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला को धन्यवाद देता हूं।" इससे पहले, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि राज्य के सभी पांच करोड़ लोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके साथ हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अमरावती के निर्माण कार्यों की फिर से शुरुआत किये जाने के दौरान यह बात कही। नायडू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “हम वचन देते हैं कि हम आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के हर कदम के साथ खड़े रहेंगे।” नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आंध्र प्रदेश के पांच करोड़ लोग और पूरा देश उनके साथ हैं। बाद में, नायडू द्वारा लगाये गए ‘वंदेमातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से जनसभा गूंज उठी। आतंकियों के पनाहगारों को कड़ी चेतावनी आतंकियों के मददगारों को कड़ी चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम आतंकवादियों और उनके मददगारों के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में समर्थन देने के लिए हम अंगोला का धन्यवाद करते हैं.'पीएम मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति राष्ट्रपति लोरेंसू और अंगोला की संवेदनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया. अंगोला को मदद करने का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 200 मिलियन डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है. रक्षा प्लेटफॉर्म्स के repair और overhaul और सप्लाई पर भी बात हुई है.अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी' अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐतिहासिक पल अंगोला के राष्ट्रपति भारत दौरे पर हैं। शनिवार को अंगोला के राष्ट्रपति के साथ साझा प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि 'मैं राष्ट्रपति लोरेंसू और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूं। यह एक ऐतिहासिक पल है। 38 वर्षों के बाद, अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा हो रही है। उनकी इस यात्रा से, न केवल भारत-अंगोला संबंधों को नई दिशा और गति मिल रही है, बल्कि भारत और अफ्रीका साझेदारी को भी बल मिल रहा है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'इस वर्ष, भारत और अंगोला अपने राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। लेकिन हमारे संबंध, उससे भी बहुत पुराने हैं, बहुत गहरे हैं। जब अंगोला आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, तो भारत भी पूरी आस्था और मित्रतापूर्ण संबंधों के साथ अंगोला के साथ खड़ा था।' रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और अंगोला प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है। रक्षा प्लेटफॉर्म्स की मरम्मत और बदलाव और सप्लाई पर भी बात हुई है। अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस तकनीक, क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अंगोला के साथ अपनी क्षमताएं साझा करेंगे। हम स्वास्थ्य, डायमंड प्रोसेसिंग, फर्टिलाइजर और अहम खनिज क्षेत्रों में भी सहयोग मजबूत करेंगे।' recent visitors 46

देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रखी

भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम। देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर  में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रखी रायपुर देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रखी। यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी। पहले चरण में 5 मेगावाट क्षमता से शुरू होकर इसे 150 मेगावाट तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना में लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश संभावित है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित और ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है। यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और AI प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा। छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा? * रोजगार की नई राहें: यह डाटा सेंटर पार्क आईटी, डाटा एनालिटिक्स, और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। छत्तीसगढ़ के युवा अब दिल्ली-मुंबई जाए बिना अपने घर पर ही तकनीकी करियर बना सकेंगे। * किसानों की मदद: AI तकनीक से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी, और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा। * आदिवासियों को डिजिटल ताकत: दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी। * आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह पार्क राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा। recent visitors 33

हमारी कोशिश कि रजत जयंती वर्ष के स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर पार्क का लोकार्पण भी हो सके : मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ की एआई क्रांति देश के लिए मॉडल बनेगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का किया शिलान्यास हमारी कोशिश कि रजत जयंती वर्ष के स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर पार्क का लोकार्पण भी हो सके : मुख्यमंत्री पूरी परियोजना में एक हजार करोड़ रुपए का होगा निवेश छत्तीसगढ़ के विकास को गति और युवा प्रतिभा को मिलेगा वैश्विक मंच रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना हेतु उद्योग आ रहे हैं, यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये। मुख्यमंत्री साय ने एआई डाटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है। अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा। केंद्र सरकार के एआई मिशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले साल इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। हमें गर्व है कि साल भर के भीतर हमने एआई को लेकर मोदी जी के विजन पर ठोस काम करके दिखाया है। आज कई सारे उद्योग डाटा से संचालित होते हैं। मोबाइल क्रांति के बाद अब एआई का दौर है। हमारे जीवन के हर क्षेत्र को एआई प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की एआई क्रांति देश के लिए मॉडल बनेगी। एआई डाटा सेंटर की स्थापना से एजुकेशन, चिकित्सा, मनोरंजन हो या कारखानों में होने वाला उत्पादन सभी को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। मेसर्स रैक बैंक द्वारा स्थापित यह एआई डाटा सेंटर 5 मेगावाट क्षमता का है। इस पूरी परियोजना में लगभग एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नवा रायपुर को आईटी मेडिसिटी और फार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के कैबिनेट में लिए गए निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पहले ही हमारी कैबिनेट ने डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में स्टेट ऑफ आर्ट  नाइलिट (State of Art NIELIT) की स्थापना के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) को लगभग 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आबंटित की है। आज एआई डाटा सेंटर के लिए भूमिपूजन हो या फिर कुछ दिनों पहले सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्टरिंग यूनिट का शिलान्यास। इससे पता चलता है कि हमारी सरकार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर कैसे आगे बढ़ रही है। कुछ महीने पहले ही हम नई औद्योगिक नीति लेकर आए। इस नई नीति का कमाल देखिए पांच महीने में प्रदेश को साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिल चुका है। नवा रायपुर की इस धरती पर आज हम जिस एआई डाटा सेंटर की नींव रख रहे हैं वह नई औद्यगिक नीति के कारण संभव हुआ है। क्योंकि अब प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को अलग-अलग विभाग में चक्कर नहीं काटने पड़ते। राज्य में कोई बड़ा उद्योग लगाना हो या स्टार्टअप शुरू करना होगा, सिर्फ एक क्लिक करने पर ही कई सरकारी विभागों की मंजूरियां मिल जाती हैं। नई औद्योगिक नीति के जरिए हमने अगले पांच साल में लगभग चार लाख नये रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकता है। हमारे पास आईटी, इंजीनियरिंग से जुड़े बेहतरीन संस्थान हैं। एनआईटी के साथ ही अब तो प्रदेश के आईटीआई में एआई आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं। एआई डाटा सेंटर परियोजनाओं के लिए बिजली की उपलब्धता काफी अहम होती है। सौभाग्य से हमारा प्रदेश पावर प्लस स्टेट है। मेसर्स रैक बैंक द्वारा अपनी इस परियोजना में सौर ऊर्जा का भी काफी इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश का यह पहला एआई डाटा सेंटर देश में मॉडल बनेगा। पिछले दिनों मुझे मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरु में इनवेस्टर मीट में शामिल होने का अवसर मिला। देशभर के उद्योगपति अब छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुक हैं। एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के साथ युवा प्रतिभाओं की योग्यता को वैश्विक मंच प्रदान करेगा। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सीएसआईडीसी के चेयरमैन राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग सचिव रजत कुमार उपस्थित रहे । recent visitors 34

कोर्ट ने सुनाया अंतिम फैसला- शिमला की संजौली मस्जिद सिर्फ 3 मंजिल नहीं, पूरी की पूरी गिराई जाएगी

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में स्थित मस्जिद को लेकर नगर निगम अदालत ने अंतिम फैसला सुना दिया है। पूरी मस्जिद के अवैध घोषित कर उसे पूरी तरह गिराने का आदेश दिया गया है। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था। शिमला नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद पूरे निर्माण को अवैध करार देते हुए संजौली मस्जिद को पूरी तरह से गिराने का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला उस समय आया जब वक्फ बोर्ड की ओर से अदालत में मस्जिद की जमीन का मालिकाना हक साबित करने के लिए कोई पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सका। साथ ही मस्जिद निर्माण से संबंधित कोई वैध नक्शा या नगर निगम की स्वीकृति भी पेश नहीं की गई। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन मस्जिद कमेटी इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं कर सकी। अदालत ने अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया शनिवार को हुई सुनवाई में नगर निगम अदालत ने मस्जिद के बची हुई दो मंजिलों को भी अवैध माना और उन्हें गिराने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड के वकील ने दलील दी कि मस्जिद का अस्तित्व 1947 से पहले का है और यह पुनर्निर्माण है। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि अगर यह पहले से मौजूद थी तो नए निर्माण के लिए नगर निगम की मंजूरी क्यों नहीं ली गई? नियमों को ताक पर रखकर सारी मस्जिद बनाई गई। पौने घंटे तक चली बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और दोपहर एक बजे के बाद नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री ने फैसला सुनाया। इसमें साफ कहा कि पूरी मस्जिद अवैध है, इसे गिराया जाए। मस्जिद कमेटी समय पर नहीं कर सकी कार्रवाई 5 अक्तूबर 2024 को नगर निगम अदालत ने मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, जिसे दो महीने के भीतर पूरा करना था। लेकिन मस्जिद कमेटी द्वारा समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं किया जा सका। बाद में दो बार और समय मांगा गया, परंतु अब भी एक मंजिल और पिलर का काम अधूरा है। पिछले साल हुई झड़प के बाद सामने आया मामला संजौली मस्जिद का यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 29 अगस्त 2024 को शिमला के मल्याणा क्षेत्र में दो समुदायों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। इसके बाद 1 सितंबर को संजौली मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और अवैध निर्माण का मुद्दा उठ खड़ा हुआ। 11 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों ने मस्जिद निर्माण के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर मस्जिद की ओर कूच किया, जिस पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिस कर्मी घायल हुए। इसी के बाद नगर निगम कोर्ट ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और जांच शुरू की। recent visitors 37

MP सरकार फिर ले रही ढाई हजार करोड़ का लोन, अब तक कुल 4.21 लाख करोड़ का कर्ज

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार वित्तीय वर्ष की समाप्ति यानी 31 मार्च 2025 की स्थिति में 4.21 लाख करोड़ रुपए से अधिक की कर्ज है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार मई के महीने में भारतीय रिजर्व बैंक से एक बार फिर कर्ज लेने वाली है। 6 मई को 12 साल के लिए ढाई हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। इसका इस्तेमाल विकास परियोजनाओं को गति देने के अलावा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में होगा। MP पर कुल कर्ज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ हो गया इससे पहले 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में सरकार ने कुल 57 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिससे मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये हो गया. बता दें कि विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का हवाला देकर कर्ज लिया जा रहा है. 3 महीनों में प्रदेश सरकार ले चुकी है 27 हजार करोड़ का कर्ज साल 2025 के पहले 3 महीनों में सरकार 27 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी है. अब 5000 करोड़ का कर्ज लेने से इस साल लिए गए उधार का आंकड़ा 32000 करोड़ हो जाएगा. नया कर्ज 12 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा. MP के 7.30 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा हाल ही में मध्य प्रदेश के 7.30 लाख अधिकारियों कर्मचारियों को मोहन सरकार ने तोहफा दिया है. दरअसल, राज्य की मोहन सरकार ने कर्मचारियों को तोहफा देते हुए 5% महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है. जिसके बाद डीए 50% से बढ़कर 55% पहुंच गया है. सीएम मोहन यादन ने घोषणा करते हुए कहा है कि यह वृद्धि दो किस्तों में लागू की जाएगी-1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% अतिरिक्त महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है. एक साल में कर्ज पर 29 हजार करोड़ ब्याज चुकाएगी सरकार ये भी बता दें कि, सरकार साल 2025-26 में सिर्फ ब्याज चुकाने में ही करीब 29 हजार करोड़ रुपए व्यय करेगी। ये किसी भी एक योजना में व्यय होने वाली राशि से काफी ज्यादा है। कांग्रेस बोली- भाजपा एमपी को बना रही कर्ज प्रदेश वहीं, दूसरी तरफ राज्य सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि, भाजपा सरकार एमपी को कर्ज प्रदेश बनाने में जुटी है। अबतक जो राशि ली गई है, उसका उपयोग जनहित में होता हुआ नजर नहीं आया। यही कारण है कि, बार-बार सरकार से आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए श्वेतपत्र जारी करने की मांग की जाती है। FRBM एक्ट के दायरे में लिया गया अब तक का कर्ज सरकार द्वारा अब तक लिया गया समस्त कर्ज राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के अंतर्गत ही रहा है। नियमों के अनुसार कर्ज की सीमा तय की जाती है और उस पर निगरानी रखी जाती है। वर्ष 2025-26 में सरकार केवल ब्याज भुगतान में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए व्यय करेगी। यह राशि किसी एक बड़ी विकास योजना से भी अधिक है और सरकार के बजट पर भारी दबाव बनाए रखेगी। कर्मचारियों को बढ़ा भत्ता सरकार ने हाल ही में राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। यह निर्णय नौ साल बाद लिया गया है, लेकिन इससे राजकोषीय बोझ और अधिक बढ़ गया है। वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्ज की ब्याज दर अपेक्षाकृत कम होती है। इसी कारण अधिकतर राज्य सरकारें शुरुआती तिमाही में ही उधारी की प्रक्रिया पूरी कर लेती हैं। recent visitors 26

मेडिकल यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह:आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी अब सुश्रुत विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा

जबलपुर  मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के द्वितीय दीक्षांत समारोह में आज 32 हजार छात्रों को उपाधि देकर उनका सम्मान किया गया। यूनिवर्सिटी के 76 छात्रों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए। मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित कुलपति और प्रोफेसर मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह के दौरान महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर सेल चिकित्सा के पितामह कहे जाने वाले सुश्रुत संहिता के प्रणेता आचार्य सुश्रुत के नाम पर रखा गया। आज से मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम सुश्रुत विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम आचार्य शिवशक्ति के नाम पर रखा गया है जो आने वाले समय में विश्वविद्यालय के छात्रों को काफी प्रेरणा देगा। श्योपुर और सिंगरौली में जल्द खुलेंगे मेडिकल कॉलेज डिप्टी सीएम ने मंच से कहा कि श्योपुर और सिंगरौली में जल्द मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में पहुंचे महापौर जगत बहादुर अन्नू ने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से जबलपुर को एम्स की सौगात देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो अच्छा हो जाएगा। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 76 छात्रों को गोल्ड मैडल  दिए कार्यक्रम नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केंद्र घंटाघर के आडिटोरियम में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने की। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल और कुलसचिव पुष्पराज बघेल मंच पर मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में 76 छात्रों को गोल्ड मैडल राज्यपाल ने दिए। समारोह में 32 हजार छात्रों की उपाधि मान्य की गई । कौन थे महर्षि सुश्रुत आचार्य महर्षि सुश्रुत प्राचीन भारत के एक महान चिकित्सक और शल्य चिकित्सक थे, जिन्हें शल्य चिकित्सा का जनक माना जाता है. उनका जन्म काशी (वाराणसी) में हुआ था और उन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की थी. उन्होंने शल्य चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी और ‘सुश्रुत संहिताÓ नामक एक महत्वपूर्ण ग्रंथ की रचना की, जो आयुर्वेद चिकित्सा में विशेष स्थान रखता है. डॉक्टर के रूप में भगवान को देखता हूं : महापौर महापौर कहा कि व्यक्ति जब आपके पास आता है तो आप में भगवान देखकर आता है वो ऐसा मानता है कि वह अपने उसे भगवान के पास जा रहा है। जो मेरा सर्वस्व ठीक कर देगा और मैं वापस अपने जीवन की मुख्य धारा में आ जाऊंगा। मैं पिछले 8 महीने से एक बड़ी बीमारी से लड़ाई लड़ रहा हूं लगभग जीत चुका हूं डॉक्टर के कारण जीता हूं ईश्वर के आशीर्वाद के कारण जीता हूं। recent visitors 30