मुख्यमंत्री एकात्म धाम ओंकारेश्वर में शंकर प्रकटोत्सव में हुए सम्मिलित, पुस्तक का किया विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ओंकार पर्वत पर स्थापित आदिगुरु की 108 फीट ऊंची प्रतिमा व आदि गुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली को राज्य सरकार एकात्म धाम के रूप में विकसित कर रही है, जो चरणबद्ध रूप से पूर्ण हो रहा है। आदि गुरु शंकराचार्य ने अपने जीवन काल में अनेक महान कार्य किए। गुरु शंकराचार्य की चेतना शास्त्र परंपरा से हमारा परिचय कराती है। भारत को शक्ति संपन्न बनने के लिए ज्ञान, आध्यात्म, शास्त्र एवं शस्त्र सभी विधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे संतों एवं संन्यासियों ने धर्म की स्थापना के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। शस्त्र के साथ शास्त्र की परंपरा का अद्भुत समन्वय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी की शुरुआत की है। शराब की दुकानें बंद कर दूध की दुकाने खोली जा रही है। दुग्ध उत्पादन को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सांस्कृतिक पर्वों एवं त्यौहारों को समाज के साथ समारोहपूर्वक मनाएगी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति से जुड़ाव और सामाजिक आयोजनों के लिये सम्पूर्ण प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को  आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग द्वारा एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव पर पंच दिवसीय ‘एकात्म पर्व‘ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने की। इस अवसर पर महर्षि संदीपनी वेद विद्या पीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने एकात्म धाम की यज्ञशाला की पवित्र यज्ञ-वेदी में आहुति दी। उन्होंने यज्ञ की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साधु-संतों के साथ आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों का स्वागत कर "एकात्म धाम : एकात्मता की यात्रा" पुस्तक का विमोचन किया। साथ ही अद्वैत वेदांत के आचार्य स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती एवं प्रो. व्ही कुटुम्ब शास्त्री का अलंकरण किया गया। कार्यक्रम में अद्वैत जागरण युवा शिविर पर केंद्रित फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एकात्म धाम में संतों के वचनों का श्रवण कर ऐसा लगा जैसे गागर में सागर भर दिया हो। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने मात्र 32 वर्ष के लघु जीवन काल में इतने महान कार्य किये जो कल्पना से परे हैं। पाँच हजार साल पहले भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में एकात्म के माध्यम से अद्वैत वेदान्त का वर्णन किया। सृष्टि में जगह-जगह कृष्णत्व नजर आया है। शंकराचार्य की दृष्टि हिमालय पर्वत के समान अद्वितीय थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमको सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने का अवसर मिला है। वर्तमान काल में ज्ञान के साथ भारत को शक्ति संपन्न बनने की आवश्यकता है। जूना अखाड़ा में लोगों ने नागा सन्यासी बनकर धर्म की स्थापना के लिए सांसारिक जीवन का त्याग कर दिया। आज शस्त्र के साथ शास्त्र के तालमेल की आवश्यकता है। विगत 1400 साल में शंकराचार्य के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा और शस्त्रों का अद्वितीय रूप दिखाई देता है। पंचायतन भाव के साथ अपने देवों की पूजा करते हुए हमें एकात्मक के भाव को बनाए रखना है। जूनापीठाधीश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पाखंडी और अज्ञानियों ने वेदों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए। जब देश वेद विमुख हो रहा था तो गुरू शंकराचार्य के रूप में भगवान स्वयं धरती पर आए। उनका आगमन न होता तो हम आज हिंदू, सनातनी और आर्य न होते। उन्होंने विविधता को तोड़ते हुए अद्वैत के माध्यम से एकत्व के सिद्धांत को प्रचारित किया। उन्होंने कहा कि गीता भवनों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प अत्यंत सराहनीय है। यह सत्य है कि गाय के बिना गति नहीं है, गीता के बिना मति नहीं है। अब गीता को गांव-गांव में पहुंचाना है। गुरू शंकराचार्य ने गीता पर भाष्य किया और इसमें अद्वैत और एकात्म के माध्यम से पूरे विश्व की एकता की बात कही गई है। एकात्म धाम में शंकराचार्य पर शोध होगा, चर्चाएं होंगी और विश्व व्यापी प्रचार-प्रसार होगा। नश्वर जगत में एकात्म का सिद्धांत सदैव विद्मान रहेगा। स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सनातनी मूल्य और सांस्कृतिक निष्ठा के साथ प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रयासरत हैं। प्रदेश में सांस्कृतिक मूल्यों का संचार हो और आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धन हो, उज्जैन में सिंहस्थ: 2028 को कैसे वैश्विक रूप से भव्यता प्रदान की जाये, इन कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक दूरगामी सोच रखते हैं। भगवान ने उन्हें इन कार्यों के लिए चुना है। माँ नर्मदा, क्षिप्रा और ओंकारेश्वर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यहां भेजा है। समारोह में बताया गया कि म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम के उन्न्यन का कार्य 4चरणों में किया जा रहा है। इसमें प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना की गई है, द्वितीय चरण में आचार्य शंकर के जीवन दर्शन पर आधारित संग्रहालय, अद्वैतलोक हेतु अतिशीघ्र निविदा जारी की जा रही है, जिसमें उनके जीवन दर्शन का विभिन्न तकनीकियों के माध्यम से recent visitors 59

सकल हिंदू समाज ने भोपाल के 26 स्थानों पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के विरोध में किया विरोध प्रदर्शन

भोपाल हिंदू समाज की बेटियों और महिलाओं को के षड्यंत्रों में फंसाकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की बढ़ती घटनाओं के विरोध में सकल हिंदू समाज की महिलाओंं का शहर के 26 स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा। शुक्रवार शाम पांच बजे से प्रदर्शन शूरू हो गया। सकल हिंदू समाज नगर के बोर्ड ऑफिस चौराहा, बीमा कुंज,अशोका गार्डन, वाजपेयी नगर,बैरागढ़, आशिमा माल,करोंद चौराहा,नादरा बस स्टैंड,डीआइजी बंग्ला सहित 26 स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में युवतियां, महिलाएं, युवा, समाज के सभी वर्गों के नागरिक शामिल हैं।   नादरा बस स्टैंड पर विराट विरोध प्रदर्शन इस अवसर पर सैकड़ों की तादाद में महिलाएं एवं बेटियां उपस्थित रही।कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से आरोपित को फांसी पर भी लटकाया गया। ओल्ड भोपाल के वाजपेई नगर मल्टी में हजारों की संख्या में महिलाएं शस्त्र लेकर उतरी मैदान में। लव जिहाद के खिलाफ आरोपितो को फांसी की सजा की मांग की। पहचान छुपाकर मासूम छात्राओं को बना रहे लव जिहाद का शिकार ऐसे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग। recent visitors 35

मुख्यमंत्री साय ने कौशल, रोजगार और आजीविका पर नीति-आयोग की कार्यशाला का किया शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी। कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव श्री एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है। नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू   राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा। तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा। recent visitors 29

एमपी में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश, अगले 4 दिन तक बूंदाबादी के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे है। प्रदेश में कहीं तेज गर्मी पड़ रही है तो कही बारिश और ओले गिर रहे है। गुरुवार को करीब 25 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। राज्य में आज शुक्रवार को भी कई जिलों में बूंदाबांदी होने की संभावना है। जबकि 5 जिले-छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। वहीं कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर जारी है। पिछले 6 दिन प्रदेश के आधे हिस्से में मौसम बदला हुआ है। कहीं तेज आंधी-बारिश हो रही है तो कहीं ओले भी गिर रहे हैं। भिंड में शुक्रवार सुबह से तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके चलते शहर की बिजली बंद हुई। हालांकि, सुबह के समय होने वाली बारिश से तापमान भी कम हुआ है। इसके साथ ही मुरैना में भी तेज बारिश हुई। आज शुक्रवार को कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार 5 मई तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। कुछ जिलों में दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के बाद मौसम बदलेगा। इससे पहले, गुरुवार को भी कुछ जिलों में बारिश हुई। करीब 25 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। डिंडौरी में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। वहीं, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, पन्ना, शहडोल, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, उज्जैन और राजगढ़ में हल्की गरज के साथ हल्की बारिश हुई। मई के पहले ही दिन उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, गुना और नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शाजापुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रतलाम में 43.6 डिग्री, उज्जैन में 43.4 डिग्री और गुना-नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, खरगोन, खंडवा, शिवपुरी, रायसेन, टीकमगढ़, सागर, दमोह, बैतूल, खजुराहो और नर्मदापुरम में पारा 41 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 42.5 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 39.6 डिग्री और जबलपुर में 40.2 डिग्री रहा। इन जिलों में आज बारिश ओले का अलर्ट  मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार कोकटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है।छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। 5 मई तक बारिश का दौर रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, 5 मई तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। कुछ जिलों में दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के बाद मौसम बदलेगा। गुरुवार को डिंडौरी में ओले गिरे। वहीं, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, पन्ना, शहडोल, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, उज्जैन और राजगढ़ में हल्की गरज के साथ हल्की बारिश हुई। इधर, शाजापुर, रतलाम, गुना और नरसिंहपुर में पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शाजापुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रतलाम में 43.6 डिग्री, उज्जैन में 43.4 डिग्री और गुना-नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, खरगोन, खंडवा, शिवपुरी, रायसेन, टीकमगढ़, सागर, दमोह, बैतूल, खजुराहो और नर्मदापुरम में पारा 41 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 42.5 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 39.6 डिग्री और जबलपुर में 40.2 डिग्री रहा। प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 मई: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। वहीं, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है। 3 मई: उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी में ओले गिरने का अलर्ट है। जबलपुर, कटनी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भी मौसम बदला रहेगा। 4 मई: सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल और हरदा में गरज-चमक, बारिश होने की संभावना है। 5 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मौसम बदला रहेगा। कहीं, गरज-चमक और आंधी चलेगी तो कहीं बारिश भी हो सकती है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में आसमान साफ रह सकता है।   recent visitors 52

जनजातीय छात्रावासों विद्यालय रहित चिन्हित ग्रामों में केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक 51 छात्रावासों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान जनजातीय छात्रों के लिए 51 छात्रावासों की स्वीकृति : मंत्री डॉ. विजय शाह भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) में जनजाति वर्ग के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए 51 छात्रावासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को मात्र शिक्षण संस्थान ही नहीं उनके लिए छात्रावास की उपलब्धता भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस अभियान में ऐसे 1296 गाँव चिन्हित किए गए हैं जहां 5 कि. मी. में कोई भी माध्यमिक विद्यालय संचालित नहीं है। ऐसे गाँवों में छात्रावासों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। 117.30 करोड़ के प्रस्ताव जनजातीय छात्रावासों के लिए विद्यालय रहित चिन्हित ग्रामों में केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक 51 छात्रावासों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 22 छात्रावासों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। शेष 29 छात्रावासों के लिए डीपीआर तैयार है। छात्रावास गति शक्ति पोर्टल के अनुसार इसके अलावा 38 ओैर छात्रावासों की स्वीकृति का प्रस्ताव भारत सरकार के पास स्वीकृति के लिये भेजा है। इस पर प्रति यूनिट 2.3 करोड़ की दर से 117.30 करोड़ की लागत से कार्य योजना तैयार की गई है। 24 जिले, 1296 गाँव मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि इस अभियान में जनजाति छात्रावासों के लिए प्रदेश के 24 जिलों के 1296 गाँव चिन्हित किए गए हैं। छात्रावासों के निर्माण के लिए तीन चरणों में स्वीकृति प्रस्ताव चलन में हैं। समग्र शिक्षा में छात्रावासों के लिए ऐसे गाँवों को चिन्हित किया गया है जहाँ 5 किमी के दायरे में माध्यमिक विद्यालय नहीं हैं। इस श्रेणी में शिवपुरी जिले में 192 गाँव चि‍न्हित किए गए हैं। शिवपुरी के लिए 9 छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया चलन में है। इनमें 5 छात्रावासों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है शेष 4 छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस क्रम में 129 गाँवों के साथ विदिशा दूसरे नंबर पर है, जहां 6 छात्रावासों के निर्माण के लिए तृतीय चरण में प्रस्ताव भेजे गए हैं। तीसरे स्थान पर 125 स्थानों के साथ शहडोल है जहां 6 छात्रावासों कि स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके साथ ही नरसिंपुर में न्यूनतम 5 गांव चिन्हित किए गए हैं। न्यूनतम क्रम में इसके बाद 7 स्थानों के साथ मुरैना जिला है जहाँ चिन्हित छात्रावासों की संख्या 4 है जिनके प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।   recent visitors 30

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए सुधारों का असर, छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य

रायपुर अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण  में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि  हासिल  की है। छत्तीसगढ़ ने  4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है । सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण, गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है। इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।” यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। recent visitors 29

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता

साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें : राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की बस्तियों में भ्रमण कर रहवासियों की समस्याएं सुनीं  राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कालोनियों का भ्रमण के दौरान रहवासियों से कहा कि क्षेत्र में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दे । उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों को समय पर सफाई करने के लिए कहे । उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने आज गोविंदपुरा क्षेत्र के खेजड़ा में नाली निर्माण , स्ट्रीट लाइट, पेयजल से जुड़ी नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भानपुर मल्टी के रहवासियों से भेंट कर जल आपूर्ति की समय सीमा बढ़ाने के लिए निर्देश दिए। इसी क्रम में 40 लाख की लागत से बनने वाले मुख्य मार्ग से भानपुर मल्टी तक सड़क कार्य का भूमिपूजन किया । भानपुर मल्टी के रहवासियों के घरों के चारों तरफ गंदगी देख अप्रसन्नता प्रकट की । महोली में भ्रमण के दौरान स्थानीय रहवासियों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनी और स्थानीय अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। स्थानीय रहवासियों ने सांस्कृतिक उत्सव के लिए बने शेड के आस पास बाउंड्रीवाल, सीवेज, पेयजल आपूर्ति समस्या से अवगत कराया है । उन्होंने समस्याओं का जल्द और स्थाई समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए । साथ ही हाईमास्ट लाइट लगाने को भी निर्देशित किया है। महोली के शासकीय स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यहां पर पेवर ब्लॉक लगवाए जाएंगे और कम्युनिटी हॉल बनाया जाएगा। उन्होंने दामखेड़ा में रोड नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्या का निराकरण किया। इकोग्रीन पार्क में रहने वाले 150 परिवारों ने बिल्डर के द्वारा की जा रही गलत कार्रवाई से राज्यमंत्री को अवगत कराया। दरअसल, बिल्डर कॉलोनी वालों को बिजली विभाग के मीटर लगाने के कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है और बिल्डर द्वारा कॉलोनी वालों से मनचाही दर से बिल की वसूली की जा रही है। कोलुआ कलां के रहवासियों ने रोड चोड़ीकरण की मांग की है। सड़क चौड़ीकरण करने के लिए पहले अतिक्रमण हटाए जाएंगे, उसके बाद रोड का कार्य किया जाएगा। यहां पर शासकीय माध्यमिक शाला की जर्जर हो रही बिल्डिंग की मरम्मत कराई जाएगी। कैलाश नगर सेमरा में स्ट्रीट लाइट, नाली, सड़क निर्माण व सफाई नहीं होने की शिकायत रहवासियों ने की। इस दौरान पार्षद श्रीमती शकुन लोधी, राजू लोधी, विकास पटेल, राजू राठौड़, मंडल अध्यक्ष नीलेश गोर सहित बड़ी संख्या में रहवासी, कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 37