राष्ट्रपति ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स छूट का दर्जा समाप्त कर दिया

  वॉशिंगटन     अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स छूट (Tax Exempt) का दर्जा समाप्त कर दिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी घोषणा की. उनका यह कदम हार्वर्ड जैसी प्रतिष्ठित संस्था पर सरकार की कड़ी निगरानी और नीतिगत बदलावों की ओर इशारा कर सकता है. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 मई 2025 को ऐलान किया कि उनका प्रशासन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स-छूट (Tax-Exempt) का दर्जा समाप्त करने जा रहा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हम हार्वर्ड का टैक्स-छूट दर्जा समाप्त करने जा रहे हैं. वो इसी लायक हैं.' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन हार्वर्ड विश्वविद्यालय को अनुदान रोक सकता है, जिसने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया है।"और ऐसा लगता है कि हम उन्हें अब और अनुदान नहीं देने जा रहे हैं, है न लिंडा?" समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ट्रम्प की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन का हवाला दिया था। उन्होंने कहा, "अनुदान देना हमारे विवेक पर निर्भर है और वे वास्तव में अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इसलिए यह बहुत बुरा है।" विश्वविद्यालय ने पहले ट्रम्प प्रशासन की मांगों की एक सूची को अस्वीकार कर दिया था जिसका उद्देश्य विविधता पहलों पर अंकुश लगाना और यहूदी-विरोधी भावना से लड़ना था। ट्रम्प ने हार्वर्ड को उदारवादी गड़बड़ बताया इससे पहले, डोनाल्ड ट्रम्प ने हार्वर्ड को "यहूदी विरोधी, अति वामपंथी संस्थान" कहा था, क्योंकि विश्वविद्यालय ने उनके प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "यह जगह एक उदारवादी गड़बड़ है", उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय ने "पूरी दुनिया से ऐसे छात्रों को प्रवेश दिया है जो हमारे देश को तोड़ना चाहते हैं।" ट्रम्प प्रशासन का हार्वर्ड पर दावा ट्रम्प प्रशासन ने बार-बार हार्वर्ड विश्वविद्यालय पर अमेरिका के सहयोगी देश इजरायल के खिलाफ परिसर में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों को लेकर निशाना साधा है। विश्वविद्यालय ने इससे पहले ट्रम्प प्रशासन की मांगों की सूची को अस्वीकार कर दिया था, जिसका उद्देश्य विविधता संबंधी पहलों पर अंकुश लगाना और यहूदी-विरोधी भावना से लड़ना था, तथा इसे मुक्त भाषण और शैक्षणिक स्वतंत्रता पर हमला बताया था। हार्वर्ड के खिलाफ कार्रवाई ट्रम्प प्रशासन ने विश्वविद्यालय के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। हार्वर्ड के लिए संघीय निधि में लगभग 9 बिलियन डॉलर की औपचारिक समीक्षा शुरू की गई, विविधता, समानता और समावेशन प्रथाओं पर विश्वविद्यालय प्रतिबंध की मांग की गई, और कुछ फिलिस्तीनी समर्थक समूहों पर कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने विश्वविद्यालय के विदेशी संबंधों के बारे में और अधिक जानकारी मांगी, इसकी कर-मुक्त स्थिति और विदेशी छात्रों को दाखिला देने की इसकी क्षमता को हटाने का प्रस्ताव रखा। अमेरिकी प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के लिए संघीय निधि में 2.3 बिलियन डॉलर की राशि रोक दी। इसके बाद हार्वर्ड ने ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया। हार्वर्ड के अतिरिक्त, डोनाल्ड ट्रम्प ने फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन, DEI, जलवायु पहल और ट्रांसजेंडर अधिकारों जैसे मुद्दों पर अन्य शैक्षणिक संस्थानों को संघीय वित्त पोषण में कटौती की धमकी दी। हार्वर्ड $1 बिलियन के निजी इक्विटी फंड को बेचने के लिए बातचीत कर रहा है मामले से परिचित एक व्यक्ति के हवाले से रॉयटर्स ने खबर दी है कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय की संस्था एक अरब डॉलर मूल्य के निजी इक्विटी फंड को बेचने के लिए बातचीत कर रही है , क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संस्था को संघीय धन देने पर रोक लगा दी है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल शुरू हुई बिक्री प्रक्रिया का राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा वित्त पोषण में कटौती से कोई संबंध नहीं है।   recent visitors 46

जल गंगा संवर्धन अभियान: हर शहर-हर ग्राम में जल को सहेजने और संरक्षण के हो रहे कार्य

जल गंगा संवर्धन अभियान समाचार सामुहिक श्रमदान से जल स्रोतों की हो रही है सफाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में 30 जून तक चलने वाला जल गंगा संवर्धन अभियान जन भागीदारी के साथ प्रदेशभर में उत्साह के साथ चल रहा है। अभियान में प्रत्येक जिले में जल स्रोतों को चिन्हित किया गया है और उनके संरक्षण व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मालदेव तालाब पर किया गया श्रमदान छिंदवाडा़ जिले में जन अभियान परिषद ने विकासखंड परासिया में जल गंगा संवर्धन अभियान में मानका देही खुर्द में मालदेव में तालाब गहरीकरण में श्रमदान कर ट्राली से मिट्टी निकाली। कार्यक्रम में जनपद पंचायत सदस्य कुबेर सिंह सूर्यवंशी, ग्राम के उपसरपंच सिरसाम सहित समाजसेवियों ने नागरिकों के साथ श्रमदान किया। श्रमदान के बाद जल संवाद किया गया। मजदूर दिवस के अवसर पर रोजगार गारंटी के मजदूरों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। संवाद में जल के महत्व को बताया गया। जन सामान्य को जानकारी दी गई कि अच्छे भविष्य के लिये जल को बचाना जरूरी है। श्रमदान में मास्टर ऑफ सोशल वर्क के छात्रों ने भी श्रमदान किया। जल की एक-एक बूंद अमृत के समान है ग्राम पंचायत बैरागढ़ और आंट में क्षिप्रा नदी की हुई सफाई देवास जिले में जल है तो कल है, जल की एक-एक बूंद अमृत के समान है। इन वाक्यों के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों एवं कुंड की साफ-सफाई की जा रही है। जल स्रोतों के आस-पास से गदंगी और गाद को बाहर निकाला जा रहा है। क्षिप्रा शुद्धिकरण सफाई अभियान अंतर्गत जन अभियान परिषद ब्लॉक देवास, बागली, टोंकखुर्द एवं सोनकच्छ के स्वयंसेवकों द्वारा ग्राम पंचायत बैरागढ़ एवं ग्राम पंचायट आंट में क्षिप्रा नदी की सफाई की गई। नदी की साफ-सफाई एवं गहरीकरण होने से बारिश के दिनों में पानी का अधिक संग्रहण होगा और वॉटर लेवल भी बढ़ेगा। ग्रामीणों को पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा। देवास जिले में अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं ग्रामीणों के जनसहयोग से जिले की जनपद पंचायत खातेगांव की ग्राम पंचायत बरछाबुजुर्ग में जनसहयोग से नाले का गहरीकरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वॉटरशेड अंतर्गत बागली विकासखंड के ग्राम पुंजापुरा में वॉटरशेड विकास यात्रा का शुभारंभ किया गया। विधायक बागली मुरली भंवरा ने वॉटरशेड वेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वॉटरशेड अंतर्गत ग्राम पुंजापुरा में जल कलश यात्रा, जल शपथ, नुक्‍कड नाटक कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ। इस दौरान विधायक बागली भंवरा ने जीवन में जल के महत्व को समझाया और प्रतिभावान कृषक, स्कूली बच्चों तथा आजीविका समूह की महिलाओं का सम्मान किया। खकनार विकासखंड की ग्राम पंचायतों में जारी हैं विभिन्न निर्माण कार्य बुरहानपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान व्यापक स्तर पर संचालित हो रहा है। इसी श्रृंखला में खकनार विकासखंड की ग्राम पंचायत लोखंडिया में भोला भावसिंग के खेत के पास तालाब निर्माण का कार्य किया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत खड़की में भी चेक डेम निर्माण का कार्य जारी है। हर शहर-हर ग्राम में जल को सहेजने और संरक्षण के हो रहे कार्य शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनपद पंचायत गोहपारू के नवीन खेत तालाब का निर्माण कार्य ग्राम लफदा, भूरसी, जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम कंचनपुर में किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों में जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी, पत्रकार और नागरिकों की भागीदारी से जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जन सामान्य को जल की एक-एक बूंद को सहेजने को संदेश दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत बजरंगगढ में किया गया श्रमदान गुना जिले में ग्राम पंचायत बजरंगगढ़ में ‘’जल गंगा संवर्धन अभियान’’ में श्रमदान किया गया। श्रमदान में विधायक गुना पन्नालाल शाक्य ने सीता कुंड की सफाई में भाग लिया। बजरंगगढ़ में विशेष अभियान में 108 प्राचीन कुओं का चिन्हांकन किया गया है। बजरंगगढ़ एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर रहा है, जिसकी पहचान किले के अतिरिक्त 108 मंदिर और बावड़ी से होती रही है। ऐसे समस्त प्राचीन कुओं एवं बावड़ियों की सफाई के साथ उनके रिचार्ज संरचनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। इस अभियान में समस्त जिला प्रशासन की टीम के साथ जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग मिल रहा है। ग्राम पंचायत बमूरिया फ़ूट में ग्रामीणों को जल बचाने की दिलाई गई शपथ अशोकनगर जिले में जन अभियान परिषद विकासखंड अशोकनगर की चयनित नवांकुर संस्था उन्नति जन कल्याण सेवा समिति बिजौरी के मढखेड़ा सेक्टर-एक में ग्राम पंचायत बमूरिया फ़ूट में ग्रामीणों को जल बचाने की शपथ दिलाई गई और जल बचाव के उपाय बताए गए। ग्रामीणों से कहा गया कि बारिश का पानी गांव से बाहर नहीं जाना चाहिए, तभी वॉटर लेवल बढ़ेगा। गांव का पानी गांव में खेत का पानी खेत में होना चाहिए। ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए जिला पंचायत अशोकनगर की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के प्रत्येक वार्डों में सार्वजनिक प्याऊं तत्काल चालू कराये जाने के निर्देश मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण को दिए गए। कलेक्टर ने किया जल संरचनाओं का निरीक्षण नरसिंहपुर जिले में विभिन्न पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और मरम्मत करने के साथ नवीन जल संरचनाओं के निर्माण किये जा रहे हैं। इसमें अमृत सरोवर, खेत- तालाब, कंटूर ट्रेंच-खंती आदि शामिल हैं। कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले एवं सीईओ जिला पंचायत दिलीप कुमार ने चांवरपाठा जनपद पंचायत के ग्राम अंजसरा, खुलरी एवं रम्पुरा पहुंचकर अमृत सरोवर व खेत- तालाब निर्माण का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम अंजसरा में लगभग 28 एकड़ शासकीय भूमि अमृत सरोवर निर्माण के लिए चिन्हित की गई है, जिसमें लगभग 10 एकड़ में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा जा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि इस भूमि पर बरसात के समय में पानी लबालब भरा रहता है। … Read more

पाकिस्तान के एयरस्पेस को बंद किए जाने से एयर इंडिया को भारी नुकसान, होगा 600 मिलियन डॉलर का नुकसान, रिपोर्ट में दावा

 नई दिल्ली  पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव है। इस घटना के बाद भारत ने पाक के खिलाफ कई बड़े एक्शन लिए हैं। इस बीच पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को 23 मई तक बंद रखने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के इस फैसले का असर भारतीय विमानों पर भी देखने को मिल सकता है। इस बीच एयर इंडिया ने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी लिखी है और कहा कि पाकिस्तान के एयरस्पेस के बंद होने से एयरलाइन कंपनी को 12 महीनों में करीब 600 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। दरअसल, भारतीय एयरलाइन्स को ईंधन की बढ़ी हुई लागत और लंबी यात्रा अवधि का सामना करना पड़ रहा है। रॉयटर्स के अनुसार कंपनी ने केंद्र सरकार से इस नुकसान की भरपाई करने की अपील की है. रॉयटर्स के अनुसार, सिविल एविएशन मिनिस्‍ट्री (Aviation Ministry) को एअर इंडिया द्वारा भेजे गए पत्र में एयरलाइंस ने 27 अप्रैल को भारत सरकार से आर्थिक नुकसान के नुपात में 'सब्सिडी मॉडल' की मांग की थी, जिसमें अनुमान लगाया था कि एयरस्‍पेस प्रतिबंध होने के कारण हर साल उसे 50 अरब भारतीय रुपये (591 मिलियन डॉलर) से ज्‍यादा का नुकसान होगा. AIR इंडिया ने पत्र में क्या लिखा? समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने विमानन मंत्रालय को लिखे पत्र का हवाला देते हुए बताया कि विमान कंपनियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए, एयर इंडिया ने सरकार से आनुपातिक सब्सिडी की मांग की है। पत्र में कहा गया कि प्रभावित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सब्सिडी एक अच्छा, सत्यापन योग्य और उचित विकल्प है, स्थिति में सुधार होने पर सब्सिडी हटाई जा सकती है। एयर इंडिया ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से भारी नुकसान जानकारी दें कि मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि एयर इंडिया का पत्र तब भेजा गया जब सरकार ने अपने अधिकारियों से भारतीय एयरलाइन्स पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंध के प्रभाव का आकलन करने को कहा। बता दें कि भारत में 26.5% बाजार हिस्सेदारी रखने वाली एयर इंडिया यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के लिए उड़ान भरती है। एयरलाइंस के विमान अक्सर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से ही होकर गुजरते हैं। यह बड़ी घरेलू प्रतिद्वंद्वी इंडिगो की तुलना में कई अधिक लंबी दूरी के मार्गों का संचालन करती है। नुकसान को कम करने पर विचार कर रही सरकार वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मामले से परिचित तीन अन्य लोगों ने बताया कि भारत सरकार पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद करने से एयरलाइन उद्योग को होने वाले नुकसान को कम करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि भारतीय एयरलाइन्स ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ संभावित समाधानों पर काम करने के लिए मुलाकात की है। वहीं, अपने पत्र में एयर इंडिया ने सरकार से कुछ ओवरफ्लाइट मंजूरी के लिए चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क करने को कहा, हालांकि इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। इसके साथ ही एयरलाइ कंपनी ने सरकार से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की उड़ानों में अतिरिक्त पायलटों को ले जाने की मंजूरी देने के लिए भी कहा ताकि यात्रा का समय अधिक हो। सरकार ने एयरलाइंस को आकलन करने को कहा था एअर इंडिया के इस लेटर में कहा गया है कि प्रभावित इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए सब्सिडी एक अच्छा, वेरिएबल और उचित विकल्प है. स्थिति में सुधार होने पर सब्सिडी हटाई जा सकती है. रिपोर्ट का कहना है कि सरकार द्वारा एअर इंडिया (Air India) के अधिकारियों से भारतीय विमानन कंपनियों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंध के प्रभाव का आकलन करने को कहने के बाद एअर इंडिया ने ये लेटर भेजा है. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि एअर इंडिया, IndiGo और Spicejet समेत कई एयरलाइंस ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद (Pak AirSpace Close) करने के प्रभाव पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय को अपने इनपुट और सुझाव दिए हैं. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि मंत्रालय स्थिति का आकलन कर रहा है और इस मुद्दे को हल करने के लिए संभावित समाधानों पर विचार कर रहा है. मंत्रालय ने हाल ही में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद करने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कई एयरलाइंस के साथ बैठक की और स्थिति से निपटने के लिए उनके सुझाव मांगे. पाकिस्तान ने 24 अप्रैल को भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था. हवाई क्षेत्र बंद होने से क्‍या होगा असर? उत्तर भारतीय शहरों से संचालित होने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए एक्‍स्‍ट्रा लागत हर हफ्ते 77 करोड़ रुपये होने की संभावना है, क्योंकि हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध के कारण ईंधन की खपत बढ़ जाएगी और उड़ान की अवधि भी लंबी हो जाएगी. पीटीआई द्वारा विदेशी उड़ानों की संख्या और बढ़ी हुई उड़ान अवधि तथा अनुमानित व्यय के आधार पर किए गए कैलकुलेशन के विश्लेषण से पता चला है कि भारतीय एयरलाइंस के लिए अतिरिक्त मासिक परिचालन लागत 306 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. recent visitors 44

नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल-सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने भेजा नोटिस

नई दिल्ली  दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों को नोटिस भेजा है। ये नोटिस नेशनल हेराल्ड मामले से जुड़ा है। ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने इन सभी के खिलाफ एक चार्जशीट दाखिल की है। ये मामला मनी लॉन्ड्रिंग का है। कोर्ट ने अगली तारीख 8 मई, 2025 तय की है। आरोपियों को सुनवाई का पूरा हक-कोर्ट नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और बाकी आरोपियों को चार्जशीट पर सुनवाई का पूरा हक है। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई का अधिकार सभी को मिलना चाहिए। कोर्ट ने आगे कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए ये ज़रूरी है कि हर आरोपी को सुना जाए। इसलिए नोटिस जारी करना ज़रूरी था। कोर्ट चाहता है कि सभी आरोपियों को अपनी बात रखने का मौका मिले। इससे ये सुनिश्चित होगा कि मामले की सुनवाई सही तरीके से हो। इससे पहले अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को अभी नोटिस जारी करने से मना कर दिया था। स्पेशल जज विशाल गोगने ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला लिया था। ईडी का कहना है कि नए नियमों के अनुसार, आरोपी को सुने बिना शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा सकता। अदालत इस बात से संतुष्ट नहीं थी कि नोटिस जारी करना जरूरी है। ईडी का कहना है कि कानून बदल गया है। नए कानून के हिसाब से, आरोपी को सुने बिना शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा सकता। ईडी ने अदालत से कहा, 'हम नहीं चाहते कि यह आदेश लंबा चले, नोटिस जारी किया जाए।' पहले कोर्ट ने नोटिस जारी करने से कर दिया था मना जज ने 25 अप्रैल को सुनवाई में कहा था कि पहले अदालत को यह देखना होगा कि नोटिस जारी करना जरूरी है या नहीं। जज ने कहा कि अदालत को यह भी देखना होगा कि मामले में कोई कमी तो नहीं है। अदालत ने बताया कि चार्जशीट में कुछ जरूरी कागज गायब हैं। अदालत ने ईडी को उन कागजों को जमा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि कागजात मिलने के बाद ही वह नोटिस जारी करने पर फैसला करेगी। recent visitors 47

भिंड में एक युवक की कार को बदमाशों ने घेर लिया, BJP विधायक अंबरीश शर्मा के पहुंचते ही वो वहां से भागे

भिंड  मारपीट और अपहरण के मामले में लहार थाने में सुनवाई नहीं होने पर एक युवक अपनी कार से भिंड एसपी से शिकायत करने आ जा रहा था। इसी दौरान उसकी कार को रावतपुरा सानी मोड़ पर लाठी-डंडे लेकर आए आरोपितों ने रोक लिया। वो युवक के साथ मारपीट करने वाले ही थे, तभी वहां से लहार विधायक अंबरीश शर्मा(Bhind MLA Ambreesh Sharma) गाड़ी से निकले। कार सवार को घिरा देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और बंदूक लेकर उतरे। विधायक को देखकर आरोपित वहां से भाग खड़े हुए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, लहार के बीजासेन रोड निवासी युवराज सिंह राजावत, शेयर मार्केट का काम करता है। कुछ समय पहले उसने लहार के ही कुछ युवकों से रुपये लेकर शेयर मार्केट में लगाए थे। रकम लौटाने के बाद भी आरोपित मूल रकम का 80 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे। रकम लौटाने के बाद भी दबाव बनाया पीड़ित युवराज का आरोप है कि रकम लौटाने के बाद भी उस पर दबाव बनाया जा रहा था। तीन जनवरी को वह जयपुर गया था, जहां आरोपियों ने खाटू श्याम चलने की बात कहकर उसे बुलाया और बंधक बना लिया। धौलपुर तक ले जाकर उसके साथ मारपीट की और कट्टा अड़ा दिया। इसके बाद लहार में भी एक घर में बंधक बनाकर रखा गया। किसी तरह वह वहां से भागकर आया और थाने में शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भिंड आते समय घेरा, विधायक के आने पर भागे आरोपित पीड़ित युवराज सिंह का कहना है, कि गुरुवार को स्वजन के साथ कार से भिंड एसपी से शिकायत करने के लिए आ रहा था। रास्ते में रावतपुरा सानी मोड़ पर आरोपित युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर आए उसे घेर लिया। डंडे लेकर मारपीट की तैयारी थी। युवराज के स्वजनों ने दुकानों में छिपकर अपनी जान बचाई। इस घटना का वीडियो भी बनाया गया। इसी दौरान वहां से लहार विधायक अंबरीश शर्मा गुजर रहे थे। भीड़ देख उन्होंने गाड़ी रुकवाई और बंदूक लेकर मौके पर उतर आए। विधायक को आता देख आरोपित भाग निकले। उस वक्त विधायक के साथ उनका गनर और अन्य लोग भी मौजूद थे। विधायक बोले- गुंडागर्दी नहीं होने देंगे विधायक अंबरीश शर्मा(Bhind MLA gun incident) का कहना है, कि क्षेत्र में गुंडागर्दी किसी भी हाल में सहेंगे। अगर कोई किसी को धमकाता है या डराता है, तो उसे पुलिस की मदद लेनी चाहिए और जरूरत पड़ी तो वे खुद मदद को तैयार हैं। टीआई बोले- शिकायत नहीं मिली     इस मामले की कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। फरियादी शिकायत करने आता है तो आरोपितों पर कार्रवाई की जाएगी। वैसे इंटरनेट पर वायरल वीडियो के आधार पर वह जांच करवा रहे हैं। – रविंद्र शर्मा, टीआई थाना लहार   recent visitors 27

मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सुबह एकात्म पर्व आचार्य शंकर प्रकटोत्सव शंकरदूत शिक्षा आरक्षण समारोह के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार सुबह एकात्म पर्व आचार्य शंकर प्रकटोत्सव शंकरदूत शिक्षा आरक्षण समारोह के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे। पूज्य अवधेशानंद महाराज के पावन सानिध्य में एकात्म धाम में महर्षि संदीपनी वेद विद्या पीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य संतों के साथ ‘एकात्म धाम' पुस्तक का विमोचन किया। यहां उन्होंने जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदजी जी से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य शंकराचार्य प्रकटोत्सव पर ओंकारेश्वर में शंकर दूत शिक्षा एवं अलंकरण समारोह में संतों का सम्मान किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य शंकराचार्य प्रकटोत्सव पर ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व के समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में एकात्म धाम की यज्ञशाला में पवित्र यज्ञ में आहुति देकर यज्ञ की परिक्रमा की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NHDC गेस्ट हाउस ओंकारेश्वर में स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से सौजन्य भेंट की। सीएम डॉ. मोहन यादव सुबह करीब 7 बजे इंदौर से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में पांच दिवसीय आचार्य शंकर प्राकट्य उत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। दोपहर में वे इंदौर लौटेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शाम को वे भोपाल के लिए रवाना होंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री गुरुवार देर रात इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे सीधे रात्रि विश्राम के लिए रेसीडेंसी कोठी चले गए। हालांकि पहले मुख्यमंत्री को रात करीब 8:40 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना था। यहां से उन्हें ओंकारेश्वर रवाना होकर वहीं रात्रि विश्राम करना था, लेकिन खंडवा के हरसूद से लौटने में देरी होने के कारण वे इंदौर में ही रुक गए। recent visitors 38

उन्नाव, सुल्तानपुर, इटावा के बाद अब शाहजहांपुर में दिखी वायुसेना की ताकत, सड़क पर उतरे फाइटर जेट

 लखनऊ  निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर में बनी हवाई पट्टी पर शुक्रवार को वायुसेना के विमान उतरे। राफेल, मिराज और जगुआर जैसे विमान उतार कर वायुसेना नई बनी हवाई पट्टी का परीक्षण किया गया। इस अवसर पर वायुसेना की तरफ से शाहजहांपुर में एयर शो भी किया गया। इसका उद्देश्य युद्ध या आपदा के समय इस एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल करना है। 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए शाहजहांपुर में बनाई गई यह हवाई पट्टी देश की पहली हवाई पट्टी होगी, जहां वायुसेना के लड़ाकू विमान रात में भी उतर सकेंगे। शुक्रवार को लड़ाकू विमान यहां पूर्वाभ्यास भी किया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से हवाई पट्टी के दोनों किनारों पर 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भारतीय वायु सेना ने हवाई पट्टी को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया है। एयर शो का आयोजन दिन और रात दोनों समय में किया जाएगा, ताकि हवाई पट्टी की नाइट लैंडिंग क्षमता का भी परीक्षण किया जा सके। आपको बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी का चौथा ऐसा एक्सप्रेस-वे है, जिसमें हवाई पट्टी है. हालांकि, यह रात में लैंडिंग की क्षमता वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे है. देश में पहली बार किसी हाइवे पर दिन के साथ नाइट लैंडिंग ट्रायल भी होगा. यह एक्सप्रेस-वे 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. यह 594 किलोमीटर लंबा है, जो मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा है. बीते दिनों ही सीएम योगी ने इसका निरीक्षण किया था. इसका 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है. गौरतलब है कि बीते दिन गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि पहलगाम हमले का बदला चुन-चुन कर लिया जाएगा. इसके मद्देनजर भारत की तैयारियां तेज हो गई हैं. वहीं, अब एयर फोर्स गंगा एक्सप्रेसवे पर राफेल, सुखोई, जगुआर लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान और लैंडिंग का अभ्यास कर कड़ा संदेश दे रही है. उधर, नौसेना भी अरब सागर में युद्धपोतों के साथ अभ्यास कर रही है. जबकि, थल सेना आतंकियों का चुन-चुन कर खात्मा करने में जुटी है. गंगा एक्सप्रेसवे पर उतरे एयरफोर्स के लड़ाकू विमान दरअसल, शाहजहांपुर के जलालाबाद में बनाई गई हवाई पट्टी पर शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे वायुसेना का AN-32 विमान आया. इस विमान ने करीब पांच मिनट तक चक्कर लगाए. इसके बाद हवाई पट्टी पर इसकी लैंडिंग हुई. करीब एक बजे यह विमान यहां से टेकऑफ कर गया. इसके बाद अन्य विमान आए. हालांकि, सिर्फ दिन में ही नहीं रात में भी इस हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमान उतरेंगे और ऐसा पहली बार होगा, जब किसी एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमानों की नाइट लैंडिंग होगी. इस दौरान कटरा-जलालाबाद हाइवे बंद रहेगा. बेहद खास है ये स्ट्रैटिजिक लोकेशन रक्षा दृष्टिकोण से शाहजहांपुर का यह इलाका बेहद अहम है क्योंकि यह नेपाल की सीमा के पास है और नेपाल से जुड़ी चीन की सीमा भी है. इस वजह से इलाके की स्ट्रैटिजिक लोकेशन अहम हो जाती है. यही वजह है कि यहां डे और नाइट दोनों तरह की लैंडिंग की सुविधा विकसित की गई है. आपात स्थिति में सेना इस पट्टी का प्रयोग कर सकेगी. एयर फोर्स ने आज जिन विमानों को ट्रायल के लिए उतारा उनमें राफेल, सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर जैसे फाइटर जेट के अलावा C-130J सुपर हरक्यूलिस, AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान और MI-17 हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं. ये सभी एयरक्राफ्ट युद्ध, राहत, रेस्क्यू और स्पेशल ऑपरेशन के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. इससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर भी इस तरह के युद्धाभ्यास हो चुके हैं. लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे पर यह पहली बार हो रहा है, और वह भी दिन और रात दोनों सत्रों में.  इस अभ्यास में भाग लेने वाले प्रमुख फाइटर जेट्स  राफेल: आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और लंबी दूरी की मेटेओर मिसाइल से लैस, यह विमान सभी मौसम में ऑपरेशन की क्षमता रखता है. SU-30 MKI: भारत-रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह ट्विन-सीटर फाइटर लंबी दूरी तक स्ट्राइक करने में सक्षम है और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें लेकर उड़ान भर सकता है. मिराज-2000: फ्रेंच मूल का यह विमान हाई-स्पीड डीप स्ट्राइक में दक्ष है और न्यूक्लियर कैपेबल है. मिग-29: यह तेज गति, ऊंची उड़ान और राडार चकमा देने की क्षमता वाला लड़ाकू विमान है. जगुआर: यह ग्राउंड अटैक और एंटी-शिप मिशन में प्रयोग होने वाला सटीक स्ट्राइक विमान है. C-130J सुपर हरक्यूलिस: यह भारी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट विशेष बलों की तैनाती, आपदा राहत और रेस्क्यू मिशन में प्रमुख भूमिका निभाता है. AN-32: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान और जवानों की ढुलाई के लिए उपयुक्त ट्रांसपोर्ट विमान. MI-17 V5 हेलिकॉप्टर: सर्च एंड रेस्क्यू, मेडिकल एवैकुएशन और मानव सहायता कार्यों के लिए जरूरी बहुउद्देशीय हेलिकॉप्टर. 594 किमी. लंबा है गंगा एक्सप्रेसवे यूपीडा के एसीईओ श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे 4 ग्रुप्स में बन रहा है. तीन ग्रुप (2,3,4) को अडानी बना रहा है और एक ग्रुप को आईआरबी कंपनी द्वारा पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा है. रायबरेली-प्रयागराज की ओर बने ग्रुप-4 को छोड़कर मुख्यमंत्री जी ने बाकी तीनों ग्रुप्स का भ्रमण किया और प्रगति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को आपस में जोड़ते हुए मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है. एक्सप्रेसवे का भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में किया था. इसकी शुरुआत मेरठ-बुलंदशहर मार्ग (एनएच-334) पर मेरठ के बिजौली ग्राम से होगी और समापन प्रयागराज बाईपास (एनएच-19) पर जुडापुर दांदू गांव पर होगी.  गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत  – गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 6 लेन में किया जा रहा है, जिसे जरूरत पड़ने पर 8 लेन में विस्तारित किया जा सकता है.  – इसके राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की चौड़ाई 120 मीटर है, जबकि डिजाइन स्पीड 120 किमी. प्रति घंटा है.  – यह एक्सप्रेसवे 4 ग्रुप्स में बंटा हुआ है और प्रत्येक ग्रुप में 3 पैकेज हैं.  – इसके तहत 9 जनसुविधा परिसरों का भी निर्माण हो रहा है, जहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी.  – वहीं, 2 मुख्य टोल प्लाजा (मेरठ एवं प्रयागराज) के साथ 19 रैंप टोल प्लाजा (4 नए सम्मिलित) शामिल हैं.  – गंगा नदी पर लगभग 960 मीटर और रामगंगा नदी पर लगभग 720 मीटर लंबाई का दीर्घ सेतु भी प्रस्तावित है.  – यही नहीं, शाहजहांपुर (तहसील जलालाबाद) के … Read more