सीएम योगी की मौजूदगी में आज गंगा एक्सप्रेसवे पर उतरेंगे लड़ाकू विमान, वायुसेना दिखाएगी ताकत

शाहजहांपुर शाहजहांपुर जिले में पहली बार दो मई को राफेल, मिराज और जगुआर लड़ाकू विमान उतरेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही सैकड़ों लोग इसके साक्षी बनेंगे। नाइट लैंडिंग शो के कारण कटरा-जलालाबाद मार्ग दो मई को शाम सात बजे से रात दस बजे तक पूरी तरह से बंद रहेगा। इससे पहले दो मई को प्रातः 8 बजे से वायुसेना की ओर से एफएलसी प्रारंभ होगी। सुबह 9:45 बजे से 10:30 बजे तक वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा एयर शो का आयोजन किया जाएगा। जलालाबाद के गांव पीरू के पास स्थित गंगा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर दो और तीन मई को होने वाले भारतीय वायुसेना अभ्यास की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बुधवार को डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। डीएम ने निराश्रित गोवंश प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था एवं स्कूली बच्चों के लिए बैठने की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। धूल-मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराने सहित अन्य व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। डीएम ने बताया कि नाइट लैंडिंग शो के कारण कटरा-जलालाबाद मार्ग दो मई को शाम सात से रात 10 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। लोग वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करेंगे। करीब ढाई सौ कैमरों से निगरानी की जाएगी। नाइट लैंडिंग के लिए हवाई पट्टी पर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर वायुसेना अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्कूली बच्चों, एनसीसी, स्काउट गाइड और जनप्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग, पानी टैंकर, मोबाइल टॉयलेट, सफाई व्यवस्था पर चर्चा की। अधिकारियों को समय से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री के संभावित आगमन के दृष्टिगत सभी तैयारियां गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित की जाएं। हवाई पट्टी के किनारे स्विस कॉटेज तथा उसके पास ही जर्मन हैंगर का निर्माण किया जा रहा है। यहां मुख्यमंत्री सहित कुछ विशिष्ट लोग ही मौजूद रहेंगे। मीडिया सहित अन्य पास धारकों के बैठने की व्यवस्था हवाई पट्टी की फेंसिंग के बाहर की गई है। वायु सेना भी लैंडिंग से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्य पूरे कर रही है। डीएम ने स्विस कॉटेज को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए, ताकि मुख्यमंत्री को एयर शो को देखने में कोई दिक्कत न हो। जर्मन हैंगर में दो से ढाई सौ लोगों के बैठने की जगह होगी, जिनमें स्काउट गाइड व एनसीसी से जुड़े बच्चों के अलावा हवाई पट्टी के निर्माण में लगे रहे मजदूरों को बैठाने की तैयारी है। यहां अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। डीएम ने वायु सेना अफसरों से भी उनकी प्राथमिकता पूछीं। आज फाइनल होंगे विमानों के नाम वायु सेना के अधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि जिन विमानों का लैंडिंग का अभ्यास कराया जाएगा। इसे एक मई को फाइनल किया जाएगा। डीएम ने छुट्टा पशुओं को लेकर मदनापुर व जलालाबाद के बीडीओ को कड़े निर्देश दिए। कहा कि हवाई पट्टी के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में छुट्टा पशु नजर नहीं आने चाहिए।  कैमरे लगाने की व्यवस्था अभी तक पूरी न होने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह, एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय, एसपी राजेश द्विवेदी मौजूद रहे। recent visitors 32

भारतीय नौसेना पाकिस्तान के ठीक सामने बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही, सता रहा बड़ा डर

मुंबई भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति लगातार बढ़ती चली जा रही है। दोनों देशों की सेनाएं बोर्डर पर लामबंद हो रही हैं और हाई अलर्ट पर हैं। वहीं, LoC पर भी पाकिस्तानी सेना लगातार फायरिंग कर रही है जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। इस बीत अब भारतीय नौसेना ने भी बड़ा कदम उठाया है। भारतीय नौसेना पाकिस्तान के ठीक सामने बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है। नौसेना के इस कदम ने पाकिस्तान को और ज्यादा टेंशन में ला दिया है। 4 दिनों तक युद्धाभ्यास करेगी भारतीय नौसेना भारतीय नौसेना  30 अप्रैल से लेकर तीन मई  तक गुजरात के पास समुद्र में अभ्यास करेगी। इस अभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना समुद्री सीमा से 85 नॉटिकल माइल्स पीछे होगी। बता दें कि इसके ठीक सामने पाकिस्तान भी अभ्यास कर रहा है। पाकिस्तान 30 तारीख से लेकर दो मई तक अभ्यास करेगा तो वहीं भारतीय नौसेना 30 अप्रैल से तीन मई तक अभ्यास करेगी। दोनों देशों की नौसेनाओं के आमने-सामने आने से जंग के आसार और बढ़ गए हैं। पाकिस्तान को 1971 वाला डर पाकिस्तान के ठीक सामने भारतीय नौसेना के अभ्यास ने पड़ोसी देश की सरकार को बुरी तरह से डरा दिया है। पाकिस्तान को डर सता रहा है कि भारतीय नौसेना साल 1971 की तरह उसे तबाह न कर दे। बता दें कि साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन ट्राइडेंट चलाया था। नौसेना ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के करांची बंदरगाह को पूरी तरह से तबाह कर दिया था और कई पाकिस्तानी जहाजों को डूबो दिया था। पाकिस्तान को हमले का डर पाकिस्तान को लगातार डर सता रहा है कि भारत कभी भी उस पर हमला शुरू कर सकता है। हाल ही में पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के दावा किया था कि 24-36 घंटों में भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई शुरू हो सकती है। बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।   5 संकेत जो बताते हैं कि कुछ बड़ा होने वाला है भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान की कुछ हरकतों के बाद ये तनाव और भी बढ़ गया है। पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर में इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी फायरिंग शुरू कर दी है। उसने भारत के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर साइबर हमले भी किए थे, जिन्हें नाकाम कर दिया गया। इसके अलावा, पाकिस्तान ने पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारी हथियार भी जमा कर लिए हैं। …तो डर गया पाकिस्तान ! सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में हवाई गतिविधियां कम हो गई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान को डर है कि भारत, पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब दे सकता है। पहलगाम में हुए हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत अगले 36 घंटों में सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इसका कोई सबूत नहीं दिया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को पूरी छूट दे दी है कि वे अपनी मर्जी से तय करें कि कैसे, कब और कहां जवाबी कार्रवाई करनी है। एक दिन पहले ही उन्होंने सेना को ये छूट दी थी। इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी फायरिंग शुरू अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने अब जम्मू के परागवाल में इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी फायरिंग शुरू कर दी है। पहले, पाकिस्तानी सेना सिर्फ LoC पर ही फायरिंग करती थी। पहले खबर आई थी कि पाकिस्तान ने अपनी सेना और तोपखाने को भारतीय सीमा के पास भेज दिया है। इनमें लंबी दूरी तक मार करने वाली रॉकेटें भी शामिल हैं। डीजीएमओ ने पाकिस्तान को चेतावनी दी मंगलवार को, डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मिलिट्री हॉटलाइन पर बात की। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर उसने बिना वजह फायरिंग की, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, भारत के पास भी भारी हथियार हैं और अगर पाकिस्तान ने फायरिंग तेज की, तो भारत भी जवाबी कार्रवाई करेगा। साल भर में 2,500 से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान पहले छोटे हथियारों से फायरिंग करता है और फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाता है। इस साल अब तक 2,651 बार छोटे हथियारों से फायरिंग की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान ने कम से कम 15 बार सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है। भारत में हाई अलर्ट, सेना सतर्क भारतीय सेना ने पिछले कुछ दिनों में सात आतंकवादियों को मार गिराया है। ये आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने पाकिस्तान को इस बारे में चेतावनी भी दी है। भारत ने पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के साथ पूंछ में कम से कम दो बैठकें की हैं। इन बैठकों में भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वे घुसपैठ की कोशिशों में मदद न करें। भारत ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान अपनी तरफ से फायरिंग करके आतंकवादियों को कवर न दे। सीमा पर तनाव चरम पर, पाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाया पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तान ने साइबर हमले भी किए हैं। पाकिस्तान भारत के महत्वपूर्ण सैन्य संस्थानों को हैक करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, भारत ने इन हमलों को नाकाम कर दिया है। फिर भी, पाकिस्तान के साइबर ऑपरेटर लगातार भारतीय सेना से जुड़ी वेबसाइटों को निशाना बना रहे हैं। इनमें आर्मी नर्सिंग कॉलेज, आर्मी पब्लिक स्कूल, आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ऑर्गनाइजेशन और आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की वेबसाइटें शामिल हैं। खबर है कि पाकिस्तान में हवाई गतिविधियां कम हो गई हैं। पिछले दो दिनों में लड़ाकू विमानों की उड़ानें और हवाई निगरानी प्लेटफार्मों की आवाजाही कम हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि यह भारत की तरफ से बढ़ाई गई सतर्कता का नतीजा है। भारत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत किया है। भारत के पास लंबी दूरी की S-400 मिसाइल सिस्टम भी है, जिससे पाकिस्तान सतर्क हो गया है। हाई अलर्टः कुछ बड़ा होने के 5 … Read more

आतंकी सरगना हाफिज सईद को सताने लगा मौत का डर, पाकिस्तानी सेना ने सुरक्षा की 4 गुना

लाहौर पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। पाकिस्तान भारत को गीदड़भभकियां दे रहा है। उसे डर है कि भारत उरी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक की तरह ही कोई बड़ा एक्शन ले सकता है। इसके चलते पाकिस्तान में युद्धाभ्यास से लेकर वायुसेना की गश्ती बढ़ाने की खबरें हैं। इस बीच खबरें हैं कि पाकिस्तान ने आतंक के सरगना लश्कर-ए-तैय्यबा के चीफ हाफिज सईद की सुरक्षा भी बढ़ाई है। रिपोर्ट बताती है कि आईएसआई और पाकिस्तान सरकार ने भारत के सीक्रेट ऑपरेशन के डर से हाफिज सईद की सुरक्षा में इजाफा किया है। सूत्रों के मुताबिक उसे स्पेशल सर्विस ग्रुप के पूर्व कमांडोज की सिक्योरिटी में रखा गया है। इतना ही नहीं, उसे जानबूझकर घनी आबादी वाले इलाके में रखा गया है, जहां मस्जिद और मदरसे सभी हैं। इसके अलावा लाहौर के मोहल्ला जोहर सहित आतंकी चीफ के सभी घरों पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। सिक्योरिटी के लिए लगाए गए हाई लेवल कैमरे हाफिज की सिक्योरिटी के लिए उसकी लोकेशन के एक किलोमीटर के दायरे में इशारा पहचानने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिससे वहां परिंदा भी पर न मार सके। लश्कर और जमात उद दावा का चीफ अमेरिका और भारत में बड़ी आतंकी हमलों को अंजाम देने में अहम कड़ी रहा है। इसमें मुबंई का 26/11 हमला भी शामिल है। बिश्नोई गैंग ने खाई हाफिज सईद को मारने की कसम ध्यान देने वाली बात यह भी है कि लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट ने बुधवार को पहलगाम में नागरिकों की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। बिश्नोई गैंग ने हाफिज सईद की एक फोटो अटैच करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धमकी दी जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान के इस बेहद कीमती व्यक्ति को निशाना बनाया जाएगा। इलाके में ड्रोन उड़ाने पर बैन सुरक्षा उपायों के तहत पूरे इलाके में ड्रोन उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और 4 किलोमीटर के दायरे में हाई-रिजॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा, सड़कों पर सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है और किसी भी आम नागरिक को सईद के आवास के पास आने की अनुमति नहीं है. बताया जा रहा है कि ड्रोन निगरानी से भी इलाके पर लगातार नजर रखी जा रही है. हमले के पीछे हाफिज सईद का हाथ! जानकारी के मुताबिक, यह सुरक्षा प्रबंध पहलगाम हमले के तुरंत बाद लागू किए गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) नामक संगठन ने ली थी, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ माना जाता है. भले ही TRF ने औपचारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी ली हो, लेकिन भारतीय एजेंसियों का मानना है कि इस हमले की योजना में हाफिज सईद की प्रमुख भूमिका थी. हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित है, बावजूद इसके वह पाकिस्तान में खुला घूमता रहा है. उसका आवास किसी छिपे ठिकाने में नहीं बल्कि लाहौर जैसे भीड़-भाड़ वाले शहर के केंद्र में है. वर्ष 2021 में सईद के घर के पास हुए कार बम धमाके के बाद से उसकी सुरक्षा बढ़ाई जाती रही है. हाल ही में उसके करीबी सहयोगी अबू क़ताल की हत्या के बाद एक बार फिर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई और उसे और सख्त किया गया. यह घटनाक्रम भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण कूटनीतिक संबंधों को और जटिल बना सकता है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सईद को मिली यह अभूतपूर्व सुरक्षा, पाकिस्तान की दोहरी नीति और आतंकवाद के प्रति नरम रुख को उजागर करती है. हाफिज सईद पाकिस्तान सरकार की तथाकथित हिरासत में है। सात आतंकी फंडिग मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 46 साल की सजा काट रहा है। 7 अप्रैल 2022 के एक आदेश में हाफिज सईद को आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में उसे 31 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। 2019 के कागजों में गिरफ्तार दिखाया गया। सईद पहले से ही 2020 में दिए गए समान आरोपों पर 15 साल सजा काट रहा था। अदालत सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया लेकिन कहा जाता है कि वह आराम से हाई सिक्योरिटी में लग्जरी लाइफ स्टाइल के मजे ले रहा है। पाकिस्तान में जेल की सजा काट रहा है हाफिज सईद रिपोर्ट के अनुसार, सईद फिलहाल दस्तावेजों में जेल में हैं और उसके घर को उपजेल में बदल दिया गया है। सूत्रों ने अखबार को बताया कि एक किमी के रेडियस में गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम के जरिए की जा रही है। आतंकवादियों को फंडिंग करने के 7 मामलों में सईद दोषी साबित हुई है। उसे 46 साल की जेल की सजा हुई है कहां है हाफिज सईद खबर है कि बीते तीन सालों में दो दर्जन से ज्यादा बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। उस दौरान वह सुरक्षा घेरे में रहता है, जिसमें SSG के पूर्व कमांडो शामिल होते हैं। recent visitors 56

8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारियां तेज, 42 अहम पदों पर चयन शुरू, 7वें पे पेनल मुकाबले कम होंगे सदस्य

नई दिल्ली सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारियों को गति देते हुए 42 पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (DoE) ने 21 अप्रैल को दो अलग-अलग सर्कुलर जारी किए, जिनमें 40 पदों के लिए भर्ती की बात कही गई है। इनमें सलाहकारों के साथ-साथ सचिवालय के कई पद शामिल हैं। इसके अलावा आयोग के अध्यक्ष और दो अन्य प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति भी की जाएगी। 8th Pay Commission: जल्द होगी चेयमैन की घोषणा फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक 8वें वेतन आयोग के लिए चेयरमैन और दो अन्य प्रमुख सदस्यों के नाम करीब-करीब तय हो चुके हैं और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। नियुक्त किए जाने वाले सदस्यों में दो निदेशक/उप सचिव, तीन अवर सचिव और 37 अन्य कर्मचारी शामिल होंगे। ये सभी सदस्य आयोग की शर्तें (Terms of Reference – ToR) तय होने के बाद प्रारंभिक कार्य करेंगे। 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में होंगे कम सदस्य फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने सूत्रों के अनुसार लिखा कि 8वें वेतन आयोग में पिछली बार की तुलना में कम सदस्य होंगे। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग में कुल 45 सदस्य थे, जिसमें अध्यक्ष, 18 सचिवालय कर्मी, 16 सलाहकार और 7 अन्य कर्मचारी शामिल थे। यह आयोग न्यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर की अध्यक्षता में काम कर रहा था। 6वें वेतन आयोग में कुल चार सदस्य और 17 सचिवालय कर्मी थे। वहीं, 5वें वेतन आयोग में केवल तीन सदस्य थे। शुरुआती दौर में पहले वेतन आयोग में 9 सदस्य, दूसरे में 6 और तीसरे व चौथे में 5-5 सदस्य होते थे। 8th Pay Commission: राष्ट्रीय परिषद (JCM) ने तैयारियां तेज कीं इसी बीच, नेशनल काउंसिल (JCM) के स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले ज्ञापन की तैयारी शुरू कर दी है। 22 अप्रैल को आयोजित विस्तारित बैठक में न्यूनतम वेतन, पे स्केल, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, पदोन्नति नीति और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई गई है जिसमें प्रमुख कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सभी संगठनों को 20 मई 2025 तक अपने सुझाव PDF और Word फॉर्मेट में भेजने को कहा गया है। 8वें वेतन आयोग में 7वें वेतन आयोग से कम सदस्य होंगे अगर हम पिछला स्ट्रक्चर को देखें तो 7वें वेतन आयोग में कुल 45 लोग शामिल थे. इसमें अध्यक्ष, सचिवालय में 18 लोग, 16 सलाहकार और 7 अन्य कर्मचारी शामिल थे. इस आयोग की अध्यक्षता जस्टिस अशोक कुमार माथुर कर रहे थे. वहीं, अगर बात करें छठे वेतन आयोग की तो इसमें भी अध्यक्ष समेत चार सदस्य थे, लेकिन सचिवालय में सिर्फ 17 लोग ही काम कर रहे थे. छठे वेतन आयोग की अध्यक्षता जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण कर रहे थे. मजे की बात यह है कि 5वें वेतन आयोग में सदस्यों की संख्या और भी कम थी. इसमें केवल तीन सदस्य शामिल थे. अगर शुरुआती चरण की बात करें तो पहले पे कमीशन में नौ सदस्य थे, दूसरे में छह, जबकि तीसरे और चौथे वेतन आयोग में पांच-पांच सदस्य थे. 8th Pay Commission: 48 लाख कर्मचारियों और 57 लाख पेंशनभोगियों को लाभ की उम्मीद हालांकि सरकार ने अभी तक आयोग के औपचारिक गठन या ToR की घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार जारी हो रहे सर्कुलर और आंतरिक बैठकों से स्पष्ट है कि आयोग के गठन की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। एक बार आयोग सक्रिय हो जाने के बाद यह 48 लाख केंद्र सरकार कर्मचारियों और 57 लाख पेंशनरों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में सुधार के लिए अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच चर्चा इस बीच राष्ट्रीय परिषद (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने 22 अप्रैल को अपनी स्थायी समिति की विस्तारित बैठक के बाद 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले व्यापक ज्ञापन की तैयारी शुरू कर दी हैं. इस बैठक में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें मिनिमम सैलरी, वेतनमान, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, पदोन्नति नीति और पेंशन लाभ शामिल हैं. ज्ञापन तैयार करने के लिए एक मसौदा समिति का गठन किया गया है. इस समिति में प्रमुख कर्मचारी महासंघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. ये महासंघ 30 अप्रैल 2025 तक अपने प्रतिनिधियों के नाम भेजेंगे.व्यय विभाग ने सर्कुलर में कहा, "इन पदों पर 8वें वेतन आयोग के गठन की डेट से लेकर कमीशन के बंद होने तक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी. इसमें यह भी कहा गया है कि रिक्त पदों के लिए आवेदनों की समीक्षा तब तक जारी रहेगी, जब तक सभी पद भर नहीं जाते." कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ? हालांकि, सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग के औपचारिक गठन या इसके टर्म ऑफ रिफ्रेंस को लेकर कोई की घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार सामने आ रहे सर्कुलर और मीटिंग्स से संकेत मिलता है कि तैयारियां तेजी से चल रही हैं और कमीशन अगले कुछ महीनों में काम करना शुरू कर देगा. एक बार 8वां वेतन आयोग एक्टिव हो जाने के बाद यह लगभग 48 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 57 लाख से अधिक पेंशनर्स के सैलरी स्ट्रक्चर और सर्विस कंडीशन को रिवाइज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. recent visitors 42

ROB की चौड़ाई बढ़ने से एमआर-10 पर लवकुश चौराहा से चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा तक ट्रैफिक को राहत होगी

इंदौर एमआर-10 पर आवागमन की सुविधा के लिए वर्तमान रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के समांतर ही चार लेन का नया आरओबी बनाया जाना है। रेलवे ने इसकी ड्राइंग को मंजूरी दे दी है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) इसके लिए टेंडर जारी करेगा। सिंहस्थ से पहले चार लेन आरओबी का निर्माण किया जाएगा। इसके बनने से वाहनों का आवागमन आसान होगा और वर्तमान चार लेन आरओबी से भी दबाव कम होगा। सिंहस्थ में वाहनों का सर्वाधिक दबाव यही रहेगा     शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एमआर-10 पर बने आरओबी की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। वर्तमान आरओबी के समांतर कुमेडी की तरफ चार लेन का नया आरओबी आकार लेगा।     विगत दिनों बोर्ड बैठक में सहमति के बाद आईडीए ने रेलवे को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था। रेलवे ने जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) को मंजूरी दे दी है। अब आईडीए आगे की प्रक्रिया करेगा।     सिंहस्थ में वाहनों का सर्वाधिक दबाव एमआर-10 पर रहेगा, इसलिए इसका निर्माण दो साल में पुरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। 60 करोड़ अनुमानित लागत चार लेन आरओबी बनाने के लिए आईडीए ने अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये तय की है। इसमें चार लेने का नया आरओबी बनाया जाएगा। इसके बाद वर्तमान आरओबी जाने और नया आरओबी आने के लिए उपयोग होगा। अभी वर्तमान आरओबी पर ही एमआर-10 के पूरे वाहनों का दबाव है। चार लेन का नया आरओबी बनने के बाद एमआर-10 और सुपर कॉरिडोर पूरी तरह से आठ लेने हो जाएगा। सुपर कॉरिडोर पर बना रेलवे आरओबी पहले ही आठ लेन बनाया गया है। पुलिया की भी बढ़ेगी चौड़ाई एमआर-10 आरओबी के साथ ही पास में कान्ह नदी पर बनी पुलिया की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। यह पुलिया अभी चार लेन है। आठ लेन का आरओबी बनाने के साथ ही पुलिया को भी आठ लेन बनाया जाएगा। इससे वाहनों का आवागमन बगैर किसी बाधा के आसानी से हो सकेगा। टेंडर फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू हुई निर्माण के लिए टेंडर फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गर्मी में ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। मालूम हो, एमआर-10 पर टोल पहले ही समाप्त हो चुका है। मौजूदा ब्रिज के फोर लेन होने से ब्रिज पर अकसर वाहनों का दबाव बढ़ते ही जाम लग जाता है। दोनों तरफ जाम का असर दूर तक होता है। ब्रिज की चौड़ाई बढ़ने से ट्रैफिक आसानी से निकल सकेगा। इससे लवकुश चौराहा से चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा तक ट्रैफिक को राहत मिलेगी।     713 मीटर कुल लंबाई है इस आरओबी की     08 लेन में तब्दील होगा अब     15.5 मीटर चौड़ाई और बढ़ेगी नया बनने पर     61 करोड़ रुपए सिविल कॉस्ट     82 करोड़ रुपए टोटल कॉस्ट तिलक नगर से रिंग रोड की लिंक रोड बनना शुरू तिलक नगर को रिंग रोड से जोड़ने वाली लिंक रोड का काम निगम ने शुरू कर दिया है। मंगलवार को तिलक नगर स्थित श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल के पास सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को हटा दिया गया। एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने बताया कि छह महीने में सड़क बना लेंगे। यह मामला 2020 से कोर्ट में लंबित था। अब निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यह सड़क तिलक नगर में श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल के पास से शुरू होकर साईंनाथ कॉलोनी, महावीर नगर, और नर्मदा टंकी के पास से गोयल नगर होते हुए रिंग रोड की सर्विस रोड पर स्थित शकुंतला नर्सिंग होम के पास समाप्त होगी। इस सड़क के बनने से क्षेत्र की 100 से अधिक कॉलोनियों को फायदा होगा। कनाड़िया रोड का ट्रैफिक दबाव भी कम होगा वाहन चालकों को महावीर नगर से कनाड़िया रोड और बंगाली चौराहा होकर आना-जाना नहीं पड़ेगा, जिससे इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। वाहन तिलक नगर से बड़ी ग्वालटोली होते हुए गीता भवन चौराहे तक आसानी से पहुंच सकेंगे। बंगाली कॉलोनी, बंगाली फ्लायओवर और पीपल्याहाना चौराहे के ट्रैफिक में भी कमी आएगी। recent visitors 42

पोर्न साइट पर हिन्दू छात्राओं का Video बेचने वाला था भोपाल का ‘मुस्लिम गैंग’, डांस एकेडमी से लेकर रेस्टोरेंट तक में यौन शोषण

भोपाल भोपाल में सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। फरहान नामक आरोपी ने हिंदू छात्राओं के साथ गलत काम किया और उनके वीडियो बनाए। ताजा जांच में खुलासा हुआ कि वह इन वीडियो को गंदी साइट्स पर बेचने की तैयारी कर रहा था। यह घिनौना आइडिया उसे अबरार और नबील नाम के दो और दोस्तों ने दिया था। ये दोनों भी उसके साथ इस पूरे मामले में साथ थे। फरहान ऐसा इसलिए कर रहा था क्योंकि इंदौर में रहने वाली एक छात्रा उसे इग्नोर कर रही थी। पुलिस ने फरहान को गिरफ्तार कर लिया है और अबरार और नबील की तलाश जारी है। दरअसल, फरहान उस छात्रा से मिलना चाहता था, लेकिन वह राजी नहीं हो रही थी। फरहान ने उसके घर पर भी हंगामा किया था। इसलिए उसने छात्रा और उसकी बहन को सबक सिखाने की योजना बनाई। इस काम में उसके कॉलेज के जूनियर अबरार और नबील ने उसकी मदद की। ये दोनों फरहान के बहुत करीबी थे। बड़ा खुलासा अबरार और नबील ने ही फरहान को अश्लील साइट्स पर वीडियो बेचने का तरीका बताया। इन दोनों ने ऑनलाइन वीडियो बेचने का तरीका सीखा। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि उनकी शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है और पुलिस चुपचाप उनकी जांच कर रही है। 13 अप्रैल को जब फरहान को गिरफ्तार किया गया, तब अबरार और नबील भोपाल में ही थे। फरहान के पकड़े जाने की खबर मिलते ही दोनों अलग-अलग भाग गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। फरहान की तमाम धमकियों के बाद भी छात्रा उससे मिलने को राजी नहीं होती थी। वह उसके इंदौर स्थित घर में भी हंगामा कर चुका था। छात्रा और उसकी बहन को सबक सिखाने फरहान ने साथी अबरार और नबील के साथ प्लानिंग की। यह दोनों कॉलेज में उसके जूनियर रहे और बेहद विश्वसनीय थे। ऐसे में अबरार और नबील ने फरहान को पोर्न साइट्स पर वीडियो बेचने का रास्ता बताया। इन दोनों ने ही अपने मोबाइल से ऑनलाइन पोर्न वीडियो बेचने की डील करने का तरीका सीखा। उन्हें भनक नहीं थी कि इस बीच उनकी शिकायत हो चुकी है। पुलिस गुपचुप तरीके से उनकी जांच कर रही है। 13 अप्रैल को जब फरहान की गिरफ्तारी की गई, तब अबरार और नबील भोपाल में थे। फरहान के पकड़े जाने की भनक लगते ही दोनों अलग-अलग फरार हो गए। लड़कियों को कमरे पर बुलाते थे अबरार और नबील पूरे केस के पांचवे और छठवें नंबर के इन दोनों आरोपियों की भूमिका भी अहम हुआ करती थी। दोनों ही आरोपी लड़कियों को अपने कमरे में कभी पढ़ाई तो कभी पार्टी के नाम पर बुलाया करते थे। यहां पहले से फरहान व अन्य साथी मौजूद होते थे। कमरों के खास स्थानों में पहले ही मोबाइल वीडियो रिकार्डिंग के साथ सेट कर दिए जाते थे। पार्टी के नाम पर लाउड म्यूजिक के साथ गांजे से भरी सिगरेट लड़कियों को दी जाती थी। फरहान 13 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में पुलिस ने आरोपी फरहान को 13 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सोमवार को वकीलों के हमले के बाद आरोपी को जस्टिस नीलम मिश्रा की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश किया था। कोई लड़की नहीं आती तो वीडियो वायरल करने की धमकी देते मामले में खुलासा हुआ है कि लड़कियों को कोल्डड्रिंक के साथ शराब पिलाई जाती थी। इसके बाद बारी-बारी से आरोपी अलग-अलग काम के बहाने से चले जाते थे। फिर फरहान छात्राओं के साथ मारपीट कर रेप करता था। इन वीडियो को फरहान, अबरार और नबील सहित अली के साथ शेयर करते थे। सभी अपने-अपने मोबाइल लैपटॉप में सिक्योर फोल्डर में इन्हें सेव कर रख लिया करते। जब कोई लड़की आरोपियों के बुलाने पर नहीं आती तो इन वीडियो को वायरल करने की धमकी दी जाती थी। अबरार और नबील कमरे का इस्तेमाल करने के एवज में फरहान से पैसा लिया करते थे। इसी के साथ लड़कियों को लाने और छोड़ने का काम भी करते थे। अबरार और नबील की तलाश में पुलिस की दो टीमें पश्चिम बंगाल और बिहार में पिछले पांच दिनों से डेरा डाले हुए हैं। उनके दस से अधिक ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। एक दर्जन से अधिक रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की जा चुकी है। दोनों लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। अबरार की लास्ट लोकेशन मुर्शिदाबाद में ट्रैस की गई थी। हालांकि वह भी मूल रूप से बिहार का ही रहने वाला है। क्लब-90 रेस्टोरेंट संचालक भी शामिल फरहान हिंदू युवतियों को क्लब 90 नाम के रेस्टोरेंट लाया करता था। लगभग हर रोज उसका यहाँ आना-जाना लगा रहता था। छात्राओं को इसी लोकेशन पर बुलाकर गलत हरकत करता था। फिर यहाँ से नाइट क्लब, पार्टी और बड़े होटलों में ले जाया करता था। पुलिस को फरहान के फोन से जो तस्वीरें मिली हैं। वो इसी रेस्टोरेंट की हैं जो छात्राओं के कॉलेज से महज 100 मीटर की दूरी पर है। पुलिस बुधवार (30 अप्रैल, 2025) को फरहान को लेकर क्लब-90 पहुँची। यहाँ पीछे 7 कमरे मिले, जिनमें बेड रखे हैं। रेस्टोरेंट संचालक प्राइवेसी के नाम पर घंटों बैठने के लिए केबिन देता था। साथ ही गाँजा भी उपलब्ध कराता था। पुलिस ने रेस्टोरेंट की सील कर दिया है। पुलिस अब संचालक को भी मामले में आरोपित बना सकती है। रईसाजादों के पास भी भेजता था युवती अशोका गार्डन में डांस क्लास चलाने वाला साहिल अली फरहान के बाद दूसरा सबसे खतरनाक मानसिकता का व्यक्ति निकला। वह आने वाले दिनों में फरहान से अलग अपना स्वयं का लव जिहाद गिरोह संचालित करने वाला था। यह युवतियों को फंसाने के लिए ही डांस क्लास संचालित करता था। उसके डांस क्लास में 30 के करीब युवतियों की एंट्री मिली है। साहिल पहले युवतियों से दोस्ती करता था, जो युवती उससे खुलने लगती थी, उससे वह अश्लील बातें करते हुए पे्रमजाल के नाम पर फरहान के पास पहुंचा देता था। जहां फरहान या कोई अन्य युवक उसके साथ दुष्कर्म करता और उसका वीडियो बना लेता। इसके बाद पूरा गिरोह उक्त लड़की को ब्लैकमेल करता था। साहिल के बारे में पुलिस को ऐसी भी जानकारी मिली है कि वह स्मार्ट दिखने वाली, … Read more

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में खाली पद जल्द भरें जायेंगे, डिप्टी सीएम ने अफसरों को दिए निर्देश, बोले- टाइम लिमिट पर फोकस करें

भोपाल मध्य प्रदेश में तबादलों से बैन हटने के बाद अब विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज करने की कवायद शुरू हो गई है, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती का कार्य एक निश्चित समय-सीमा का निर्धारण कर शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने इस समय चल रही भर्ती प्रक्रिया की अपडेट जानकारी अधिकारियों से ली। भर्ती प्रक्रिया सरल बनाने संशोधन की भी बात मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग , सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मण्डल के अधिकारियों के साथ बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में यह निर्देश स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों की बैठक में दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिए जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों के लिए परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक मलिका निगम नागर, संचालक कर्मचारी चयन मंडल संकेत मालवीय और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अनिल सुचारी की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाए। स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करे। मंत्री बोले- प्रस्तावों को गंभीरता से लें बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिये जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों की पूर्ति के लिये परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिये गये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। वेतन विसंगति दूर करने के निर्देश स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करें और प्रस्ताव के विषय में वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाये।  राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने तथा कर्मचारियों के ग्रेड-पे और एनएचएम कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समतुल्य सुविधाएं देने आदि पर विचार करने के निर्देश दिए।   recent visitors 75