भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का काम अब सिर्फ BDA द्वारा ही नहीं कराया जाएगा, PWD को प्लानिंग बनाने का जिम्मा

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का काम अब सिर्फ भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा ही नहीं कराया जाएगा। बीडीए की वित्तीय और तकनीकी तौर पर बदहाल स्थिति को देखते हुए अब टीएंडसीपी, हाउसिंग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी को भी इसमें काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग टीएंडसीपी की सुनीता सिंह के निर्देशन में होगी। जन-उपयोगी भवन व अन्य निर्माण के लिए हाउसिंग बोर्ड काम करेगा, जबकि क्षेत्रों के आपसी जुड़ाव को बेहतर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को प्लानिंग बनाने के लिए कहा गया है।  गौरतलब है कि, बीडीए के पास प्लानिंग शाखा में कोई नहीं है, जबकि इंजीनियरिंग में अधीक्षण यंत्री स्तर के दो ही इंजीनियर बचे हुए हैं। आउटसोर्स व निजी एजेंसियों से यहां काम कराया जा रहा है। ऐसे में प्रोजेक्ट को पूरी तरह से बीडीए के हवाले नहीं किया गया। मेट्रोपॉलिटन रीजन की तय की जा रही प्लानिंग में भोपाल से पास के जिलों से 2000 हेक्टेयर जमीन निकाली जानी है। भोपाल की बढ़ती आबादी को इसी 2000 हेक्टेयर में नई टाउनशिप में बसाया जाएगा। मेट्रो प्रस्तावित करेंगे, अभी रोड से ही कनेक्टिविटी तय प्लानिंग के अनुसार पीडब्ल्यूडी को भोपाल से किनारे जिलों की सड़कों पर प्लानिंग के लिए कहा गया है। करीब 600 किमी लंबाई की सड़कों को लेकर प्लानिंग होगी। सड़कों की चौड़ाई औसतन 24 मीटर करने का कहा गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन वाले क्षेत्र तक ये बनेगी, उसके बाद संबंधित जिले के विभागों का जिमा होगा कि वे आगे कहां तक लेकर जाते हैं। शासन ने कहा- जनप्रतिनिधियों को दें प्रजेंटेशन बीडीए मेट्रोपॉलिटन रीजन जैसे महत्वपूर्ण काम की प्लानिंग अपने ही स्तर पर करने की कोशिश कर रहा था। बीडीए ने अपना बजट भी जाहिर नहीं किया। इसकी शिकायत शासन स्तर पर हुई। इसके बाद सीईओ श्यामबीर सिंह और टीम को पूरी प्लानिंग जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर करने का कहा गया। प्लानिंग किसी एक एजेंसी के जिम्में नहीं- PS इस संबंध में शहरी आवास एवं विकास के पीएस संजय शुक्ला का कहना है कि, मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग किसी एक एजेंसी के जिम्में नहीं रखी जाएगी। समग्रता के साथ काम किया जाएगा, जिसका लाभ सबको मिलेगा। recent visitors 32

राजधानी में लव जिहाद और गैंगरेप केस पर महिला आयोग सख्त, तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित

भोपाल राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस अब आरोपियों के परिवार की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाने वाली है. दरअसल, एक पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उसके साथ फरहान ने जो कुछ किया, उसने इस बारे में उसकी बहन को भी बताया, लेकिन उसने बदनामी का डर दिखाया और कहा कि फरहान उसे पसंद करता है, इसलिए उसकी बात मानने में ही भलाई है. उसने कहा कि यदि बात बाहर होगी, तो लड़की होने के कारण उसकी ही बदनामी होगी. फरहान की बहन ने पीड़िता को इस हद तक ब्रेनवॉश किया कि वह उसकी बातों में आकर वह सब करने लगी, जो फरहान ने उसे कहा. उसने बुर्के में अपनी सेल्फी भी भेजी और रोजा भी रखा. इस गिरोह में कुल छह आरोपी हैं, जिनमें मास्टरमाइंड फरहान है. इसके अलावा साहिल, साद, अली, अबरार और नबील हैं. वहीं, भोपाल के ही एक अन्य मामले में पुलिस ने हिंदू युवतियों के साथ दुष्कर्म के आरोपी शाहरुख और उसके दोस्त जावेद को गिरफ्तार किया. लेकिन पीड़िता पर दबाव बनाने, उसे शाहरुख से संबंध बनाने और बदनामी का डर दिखाकर किसी को यह बात न बताने के आरोप में पुलिस ने जावेद के भाई फैजान और उसकी पत्नी जोया को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. जिस तरह इन दोनों मामलों में परिजनों पर आरोपियों को बचाने और पीड़िताओं पर दबाव बनाने के आरोप लगे हैं, उसे देखते हुए पुलिस ने तय किया है कि सभी आरोपियों के परिवार की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा और उनसे जल्द पूछताछ की जाएगी. लव जिहाद और गैंगरेप केस पर महिला आयोग सख्त, तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लव जिहाद और गैंगरेप से जुड़ा बड़ा मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है. एक निजी कॉलेज में मुस्लिम युवकों के गिरोह द्वारा हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फंसा कर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाए जाने के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इसी बीच महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमिटी का गठन किया है जो 3 मई से 5 मई तक भोपाल दौरे पर रहेगी और पीड़ित छात्राओं, परिजनों और अधिकारियों से मुलाकात कर रिपोर्ट तैयार करेगी. जांच समिति की अध्यक्ष झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर होंगी. साथ में जबलपुर हाईकोर्ट की अधिवक्ता निर्मला नायक और महिला आयोग के अवर सचिव आशुतोष पांडे सदस्य होंगे. यह समिति सभी पक्षों से जानकारी लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट महिला आयोग को सौंपेगी. जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपी फरहान अली, अली, साहिल खान समेत अन्य ने कॉलेज में पहचान छिपाकर छात्राओं को झूठे प्रेम में फंसाया और फिर उनके साथ दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाए. इन वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर उनसे अन्य लड़कियों को भी साथ लाने का दबाव बनाया गया. पीड़िताओं के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें नशे की हालत में कई बार हवस का शिकार बनाया और मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी. इस मामले में पीड़िताओं ने 11 अप्रैल को बागसेवनिया थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी. इसके बाद पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और फरहान अली को 25 अप्रैल को जेल से ही रेप केस में दोबारा गिरफ्तार किया गया. 28 अप्रैल को अली को भी पुलिस ने भोपाल से पकड़ा. पुलिस ने अब तक आरोपियों के मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं, जिनमें से अधिकांश डिलीट किए गए थे. इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. आरोपियों की करतूतों से आक्रोशित लोगों ने अदालत परिसर में जमकर विरोध किया. जब आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तो गुस्साए वकीलों ने उनकी पिटाई कर दी, जिससे उनके कपड़े तक फट गए. पुलिस ने बड़ी मशक्कत से उन्हें बचाया. मेडिकल के लिए जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब भी हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया. फिलहाल, सभी आरोपियों के खिलाफ POCSO अधिनियम, मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस को आशंका है कि अभी और पीड़िताएं सामने आ सकती हैं, इसलिए कॉलेज की छात्राओं की काउंसलिंग भी करवाई जा रही है.   recent visitors 60

महानदी भवन में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक , अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए

रायपुर मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ राज्य के सुदूर अनुसूचित एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यात्री परिवहन की सुविधा कम है, वहां आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘‘ शुरू करने का अहम निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गाें के विनिर्धारण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गाें पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी।  इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रूपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रूपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसके तहत नवा रायपुर अटल नगर में State of Art NIELIT की स्थापना के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान NIELIT को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।  राज्य में NIELIT केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह केन्द्र न केवल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के नये अवसर प्रदान करेगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। मंत्रिपरिषद ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ अब उक्त श्रेणी के किसानों को भी मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने बैठक में ‘‘कृषक उन्नति योजना‘‘ के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए इसका लाभ प्रदेश के ऐसे उक्त समस्त कृषक जिनसे खरीफ मौसम में सहकारी समिति एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषक विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से धान/धान बीज का उपार्जन किया गया हो, उन्हें आदान सहायता राशि दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा। कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा। समायोजन के लिए जिलों की प्राथमिकता में पहले राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के जिलों के रिक्त पदों में उसके पश्चात सीमावर्ती जिलों के रिक्त पदों पर तत्पश्चात अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा। recent visitors 54

महानदी भवन में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक जारी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक जारी है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये जा सकते हैं। बैठक में सरकार कुछ अहम योजनाओं को लेकर फैसला ले सकती है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए लोगों के लिए गाइडलाइन जारी होने की संभावना है। वहीं श्रमिकों और किसानों के लिए सरकार नई योजना लाने की तैयारी में है। जमीन नामांतरण के लिए भी आज गाइडलाइन जारी हो सकती है। दरअसल, हाल ही में विष्णु सरकार ने जमीन के नामांतरण करने का नियम बदला है। ऐसे में इसे लेकर गाइडलाइन जारी की जा सकती है। recent visitors 43

महासचिव गुटेरेस ने जयशंकर और PAK पीएम शहबाज को किया फोन, ‘पहलगाम हमले में हमारा कोई हाथ नहीं…

इस्लामाबाद पाकिस्तान के नेता देश की जनता के सामने भारत को चुनौती दे रहे हैं। पाकिस्तान के नेता देश की संसद में बाबरी मस्जिद की बुनियाद की ईंट रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान की सरकार भारत के हमले से डरकर यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद 'भारत को सलाह' देने की अपील की है। शहबाज शरीफ ने यूएन सेक्रेटरी से उस वक्त बात की है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की छूट दे दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अगले 24 से 48 घंटे में भारतीय हमले की आशंका जता रहे हैं। पाकिस्तान के नेता अपने अवाम के सामने सीना फुलाकर खड़ी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के सामने देश की सरकार छाती पीट रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के नेता बार बार इसलिए भाकत से हमले की आशंका जता रहे हैं, ताकि अंतर्राष्ट्रीय संगठन हस्तक्षेप करे और भारत को हमले से रोके। कई इंटरनेशनल रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध में पैसों के लिए पाकिस्तान ने भारी मात्रा में हथियार बेच डाले हैं, लिहाजा पाकिस्तान के पास ज्यादा दिनों तक लड़ने के लिए गोला-बारूद ही नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान की कोशिश देश की अवाम के सामने खुद को मजबूत दिखाने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मध्यस्थता के लिए राजी करना है। एंटोनियो गुटेरेस ने एस जयशंकर से भी बात की  यूनाइटेड नेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार (29 अप्रैल 2025) को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर UN ने चिंता जताई महासचिव ने इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और ऐसे टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अपना सहयोग देने की पेशकश की. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत ने पहलगाम हमले के संबंध में पाकिस्तान के खिलाफ अपने आरोपों के लिए एक भी सबूत नहीं दिया है. बौखलाए पाक आधिकारी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अंदर सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने में भारत का हाथ है. यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रहा पाकिस्तान मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गये एक बयान में कहा गया है कि "शहबाज शरीफ ने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इनकार कर दिया है।" इसके अलावा शहबाज शरीफ के कार्यालय ने कहा है कि "प्रधानमंत्री इस बात पर जोर देते हुए, कि भारत द्वारा किसी भी दुस्साहस की स्थिति में पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूरी ताकत से रक्षा करेगा, प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भारत को जिम्मेदारी से काम करने और संयम बरतने की सलाह देने की अपील की है।" इसके बाद यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी टोनियो गुटेरेस ने भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फोन करके दोनों पक्षों से तनाव कम करने और तनाव को बढ़ने से रोकने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा है कि "उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके दुखद परिणाम हो सकते हैं।" इसके अलावा उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए अपने ऑफिस से मदद का ऑफर दिया है। लेकिन दूसरी तरफ पहलगाम आतंकी हमले के बाद मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की आजादी दे दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक "प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं में पूर्ण विश्वास और भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें हमारी प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर फैसला लेने का पूरा ऑपरेशनल फ्रीडम है।" उन्होंने भारतीय सेना के सामने भारत के 'आतंकवाद को कुचलने के लिए राष्ट्रीय संकल्प' बताया है। इसके अलावा आज प्रधानमंत्री मोदी एक के बाद एक चार बड़ी बैठकें करने वाले हैं। जिनमें पहली बड़ी बैठक कैबिनेट की सुरक्षा कमेटी की होगी। ये बैठक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और संभावना है कि यहीं से पाकिस्तान के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाना है, उसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा। recent visitors 62

सुशासन तिहार अभियानराज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है। पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 31 हजार 77 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 39 लाख 49 हजार 733 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 344 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रू-ब-रू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है। इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। महासमुंद के मनोहर सिंह पटेल को 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला, जिसने स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। राजनांदगांव की भारती देवांगन को तत्काल श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है। रायपुर के विकास मिश्रा को लर्निंग लाइसेंस मिला। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को 15 अप्रैल को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है। रायगढ़ के 80 प्रतिशत दिव्यांग सुदर्शन खड़िया को ट्राइसाइकिल और बैसाखी मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहे हैं। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। तेलीटोला में स्कूल भवन की स्वीकृति का शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव होगा, जबकि नारायणपुर में स्ट्रीट लाइट्स ने सामुदायिक सुरक्षा को मजबूत किया किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी। सोशल मीडिया पर यह अभियान 8 अप्रैल से लगातार वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, सुशासन तिहार जनता की उम्मीदों का केंद्र है। इंस्टाग्राम पर नारायणपुर की स्ट्रीट लाइट्स की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान रातों को रोशन कर रहा है। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर बस्तर जिला प्रशासन ने शम्भूनाथ की कहानी साझा की और लिखा हर परिवार तक पहुंचने का संकल्प। अंबिकापुर से एक अनोखी कहानी सुनने को मिली, जहां एक व्यक्ति ने समाधान पेटी में अपनी शादी करवाने की मांग रखी। यह कहानी प्रशासन तिहार की व्यापक पहुंच और जनता की विश्वास की प्रतीक है। हालांकि यह मांग हास्यप्रद है, लेकिन इससे यह मालूम होता है कि लोग अपनी हर-छोटी बड़ी बात को मंच पर रखने की सहज महसूस कर रहे हैं। जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। निर्मला जोगी और सुदर्शन खड़िया जैसे हितग्राहियों ने सरकार को धन्यवाद दिया है। एक्स पर जनता की टिप्पणियां, जैसे हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार 2025 शासन और जनता के बीच सेतु बन रहा है। 24 घंटे में ट्राइसाइकिल का मिलना, स्ट्रीट लाइट्स लगना और राशन कार्ड जैसी उपलब्धियां इसकी संवेदनशीलता को बयां करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व और प्रशासन की तत्परता इसे जन-केंद्रित बना रही है, जैसा कि उन्होंने फेसबुक पर लिखा, संकल्प, संवाद से समाधान। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।     नसीम अहमद खान, उप संचालक, जनसंपर्क recent visitors 38

पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों की उलटी गिनती शुरू, सेना को मिल गई है खुली छूट

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों की उलटी गिनती शुरू हो गई है. भारत के इरादे साफ हैं. आतंक और आतंकी दोनों को जड़ों से सफाया किया जाएगा. मोदी सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी है और अब फैसलों पर फाइनल मुहर का वक्त आ गया है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बड़ी बैठकें करने जा रहे हैं और ये बैठकें पाकिस्तान को लेकर बेहद अहम मानी जा रही हैं. इन बैठकों पर पूरे देश की नजर है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार सुबह 11 बजे सबसे पहले कैबिनेट सुरक्षा कमेटी (CCS) की बैठक होगी. उसके बाद पीएम की अध्यक्षता में CCPA ( Cabinet Committee on Political Affairs) की अहम बैठक होगी. तीसरी बड़ी मीटिंग कैबिनेट की आर्थिक मामलों की कमेटी (CCEA) की होगी. उसके बाद आखिरी में कैबिनेट की बैठक होगी. पहलगाम हमले के बाद कैबिनेट की यह पहली बैठक होगी. इसी बैठक में उन प्रस्ताव और फैसलों पर मुहर लगेगी, जिन पर लंबे मंथन के बाद सहमति बनेगी. आज का दिन बेहद अहम पाकिस्तान को लेकर आज बेहद अहम दिन है. बैठकों में PM मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत अन्य सदस्य शामिल होंगे. सेना को मिल गई है खुली छूट इससे पहले मंगलवार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस अनिल चौहान और तीनों सेना प्रमुखों के साथ डेढ़ घंटे तक हाईलेवल मीटिंग की. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तीनों सेना को खुली छूट दे दी है. तीनों सेनाएं जैसे चाहे, वैसे देश के दुश्मनों को जवाब दे सकती है. मतलब यही है कि अब दहशतगर्दों और उनके आकाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का वक्त है. लेकिन भारत क्या करेगा, इसके संकेत पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे चुके हैं. पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री से भी किया लंबा मंथन सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लंबी चर्चा की थी. राजनाथ ने सेना प्रमुख से पहलगाम को लेकर अपडेट लिया था और पीएम को जानकारी देने पहुंचे थे. पीएम मोदी ने 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक में भी पहलगाम पर सारी जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिए थे. आज कौन-कौन चार बड़ी बैठकें अब बुधवार को पीएम मोदी फिर 4 बड़ी बैठक करने जा रहे हैं. पहली बैठक सुबह 11 बजे सुरक्षा मामलों पर बनी कैबिनेट कमेटी यानी सीसीएस की होगी. इस बैठक के बाद पीएम की अध्यक्षता में CCPA यानी Cabinet Committee on Political Affairs की अहम होगी. आज तीसरी बड़ी मीटिंग कैबिनेट की आर्थिक मामलों की कमेटी यानी CCEA की होगी. उसके बाद कैबिनेट की बैठक होगी. आज रणनीति पर लगेगी फाइनल मुहर माना जा रहा है कि पाकिस्तान को लेकर रणनीति पर इन बैठकों में फाइनल मुहर लग सकती है. इसका संकेत पीएम मोदी पहले ही दे चुके हैं. 24 अप्रैल को पीएम मोदी ने कहा था कि आतंकियों की बची खुची जमीन को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है. PAK की उलटी गिनती शुरू मंगलवार को पीएम मोदी की हाई लेवल बैठक से निकलकर जो कुछ सामने आया, उससे साफ हो गया कि पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों की उलटी गिनती शुरू हो गई है. पीएम मोदी ने देश के दुश्मनों पर जवाबी एक्शन की खुली छूट दे दी है. यानी अब सेना तय करेगी- हमले का वक्त क्या होगा, तारीख क्या होगी और जवाबी एक्शन क्या होगा. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तीनों सेना को खुली छूट दे दी है. तीनों सेनाएं जैसे चाहें, वैसे देश के दुश्मनों को जवाब दे सकती हैं. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने हमला किया था. इसमें 26 टूरिस्ट मारे गए थे. करीब 16 पर्यटक घायल हो गए थे. हमले के बाद 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ डिप्लोमैटिक स्ट्राइक की थी. ऐसे में अटकलें तेज हैं कि बुधवार की बड़ी बैठकों में किस बड़ी कार्रवाई का ऐलान हो सकता है. आतंकियों की तलाश में ऑपरेशन जम्मू कश्मीर में एक तरफ आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं तो दूसरी तरफ जांच एजेंसियां सुराग तलाश रही हैं. एनआईए की 45 सदस्यीय टीम जांच में जुटी हैं. अब तक सीन रीक्रिएट करने के साथ ही हर उस शख्स से पूछताछ की गई है जो किसी भी तरह से पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा है. हमले वाली जगह पर चप्पे-चप्पे की वीडियोग्राफी की जा रही है. जांच के दौरान एनआईए को आतंकियों के डिजिटल फुटप्रिंट भी मिले हैं. NIA को पता चला है कि आतंकियों ने मोबाइल पेड एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया. साथ ही इतने बड़े हमले को अंजाम देने के लिए स्थानीय आतंकियों की भी मदद ली गई. इस बीच, खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद जम्मू-कश्मीर के 48 टूरिस्ट स्पॉट को बंद करने का फैसला किया गया है.   recent visitors 42