भोपाल रेप कांड में गैंग के सरगना फरहान की एक गलती ने कर दिया पूरे गिरोह का भंडाफोड़!

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार राज्य की धरती पर 'जिहाद या लव जिहाद' बर्दाश्त नहीं करेगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. राजधानी भोपाल के एक कॉलेज की 3 लड़कियों के साथ बलात्कार और ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद सीएम यादव का यह बयान आया है. आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाई थी. CM यादव ने कहा कि सुशासन के लिए मशहूर मध्य प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा, "जो कोई भी अपराध करेगा, उसे सजा मिलेगी, हमारी सरकार राज्य की धरती पर किसी भी तरह के जिहाद या लव जिहाद को बर्दाश्त नहीं करेगी. जो भी इस तरह के कृत्यों में शामिल पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह राज्य के अंदर हो या राज्य से बाहर भाग गया हो, मध्य प्रदेश पुलिस उसे पकड़कर वापस लाएगी." एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लड़कियों को फंसाकर उनके साथ बलात्कार करने के रैकेट की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. दो आरोपियों को पोक्सो और मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य फरार है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक और निजी कॉलेज का पूर्व छात्र फरहान अली उर्फ ​​फराज ने दो साल पहले अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की से दोस्ती की. उसने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, फराज के दो दोस्तों ने इसी तरह दो अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसाया. घटना 18 अप्रैल को तब सामने आई जब पहली पीड़िता ने बाग सेवनिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बताया कि उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे अपने दोस्तों से अपनी सहेलियों को मिलवाने के लिए मजबूर किया और उन्होंने उसका यौन शोषण किया और उसे ब्लैकमेल किया. जांचकर्ताओं के करीबी सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है. भोपाल रेप कांड में गैंग के सरगना फरहान की एक गलती ने कर दिया पूरे गिरोह का भंडाफोड़! राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों के साथ रेप मामले का इंदौर कनेक्शन भी सामने आया है, जिसमें मुख्य आरोपी फरहान ही किरदार है, जिसकी एक गलती ने इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया. भोपाल के बागसेवनिया थाने में जिस युवती ने फरहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, वह फरहान से बचने के लिए इंदौर जा चुकी थी, लेकिन फरहान वहां भी उसे परेशान करने पहुंच गया. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के साथ पहले फरहान के दोस्त अली ने रेप किया था और इसका वीडियो बनाया था. यही वीडियो उसने फरहान को भेजा था, जिसके बाद फरहान ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया. फरहान से परेशान होकर पीड़िता भोपाल से इंदौर चली गई ताकि वह सब कुछ भूल सके और फरहान के चंगुल से बच सके, लेकिन फरहान इंदौर भी पहुंच गया और वहां भी छात्रा के साथ दुष्कर्म किया. फरहान की यही हरकत उस पर भारी पड़ गई. जब छात्रा को लगा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, तो उसने यह सारी बात अपने एक दोस्त को बताई, जिसने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद भोपाल आकर छात्रा ने फरहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और पूरे मामले का खुलासा हुआ. बता दें कि भोपाल पुलिस ने हिंदू लड़कियों को फंसाकर उनके साथ बलात्कार करने के रैकेट की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. दो आरोपियों को पोक्सो और मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य फरार है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक और निजी कॉलेज का पूर्व छात्र फरहान अली उर्फ फराज ने दो साल पहले अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की. उसने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, फराज के दो दोस्तों ने इसी तरह दो अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसाया. यह घटना 18 अप्रैल को तब सामने आई, जब पहली पीड़िता ने बागसेवनिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बताया कि उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे अपने दोस्तों से अपनी सहेलियों को मिलवाने के लिए मजबूर किया, और उन्होंने उसका यौन शोषण किया और उसे ब्लैकमेल किया. जांचकर्ताओं के करीबी सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है. डांस क्लास के जरिए फंसाते थे हिंदू लड़कियां… भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों से रेप के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि यह गिरोह अशोका गार्डन इलाके स्थित एक डांस क्लास में आने वाली लड़कियों को भी अपना शिकार बना चुका है. डांस क्लास संचालक साहिल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस के मुताबिक, साहिल मूल रूप से पन्ना जिले का रहने वाला है और अशोका गार्डन इलाके में डांस क्लास चलाता है. बागसेवनिया थाने दर्ज एफआईआर में साहिल का भी नाम है. साहिल पर आरोप है कि वह डांस क्लास के बहाने वहां आने वाली लड़कियों से नज़दीकियां बढ़ाता था. उन्हें बाइक पर घुमाने ले जाता, पब और हुक्का लाउंज में ले जाकर उनकी दोस्ती गिरोह के अन्य युवकों से करवाता था. इस दौरान युवतियों को हाई-प्रोफाइल लाइफ का सपना दिखाकर गांजा और शराब का नशा करवाया जाता और इसका वीडियो बनाया जाता  था. इसके बाद नशे में होने का बहाना बनाकर युवतियों को रूम में ले जाते थे और दुष्कर्म किया जाता था. घिनौनी वारदात का भी वीडियो बनाया जाता था और बाद में वायरल करने की धमकी देकर साहिल खुद भी कई बार दुष्कर्म कर चुका था. यही नहीं, युवतियों को अन्य युवकों से रिलेशन बनाने का दबाव भी बनता था. पुलिस अब साहिल से जुड़े अन्य किरदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसमें एक युवती का नाम भी सामने आ रहा है जो इलाके में ही ब्यूटी … Read more

प्रदेश में एक साथ इंदौर, भोपाल, जबलपुर में ED के छापे, 100 करोड़ के घोटाले की आशंका

इंदौर / भोपाल मध्यप्रदेश में 71 करोड़ रुपये के आबकारी फर्जी बैंक चालान घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह बड़ी कार्रवाई की। ED की 18 टीमों ने इंदौर, भोपाल और जबलपुर में आबकारी अधिकारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले की राशि 72 से 100 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। यह घोटाला शराब कारोबारियों और आबकारी अधिकारियों के गठजोड़ से फर्जी चालानों के जरिए किया गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र गुप्ता ने ईडू को साक्ष्य और बयान दिए। 6 मई को ईडी ने प्राथमिकी दर्ज की और आबकारी आयुक्त से 5 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। हालांकि भेजी गई जानकारी को ED ने अधूरी बताकर दोबारा पूरी जानकारी मांगी। इंदौर जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में साल 2015 से 2018 के बीच सरकारी गोदाम से शराब लेने के लिए इस्तेमाल हुए 194 बैंक चालानों में गड़बड़ी सामने आई थी, जिसमें हजारों के बैंक चालानों को लाखों रुपए का बनाकर गोदामों से उतनी शराब उठाकर ठेकेदारों ने अपनी सरकारी शराब दुकान से बेच दी थी। इसी मामले में ईडी को शिकायत की गई थी, जिसके बाद ईडी ने इस मामले की जांच 2024 में शुरू कर दी थी। इनके ठिकानों पर पड़े छापे शराब ठेकेदार एमजी रोड समूह के अविनाश और विजय श्रीवास्तव, जीपीओ चौराहा समूह के राकेश जायसवाल, तोपखाना समूह के योगेंद्र जायसवाल, बायपास चौराहा देवगुराड़िया समूह राहुल चौकसे, गवली पलासिया समूह सूर्यप्रकाश अरोरा, गोपाल शिवहरे, लवकुश और प्रदीप जायसवाल के ठिकानों पर छापे पड़े हैं। ईडी ने 2024 में लिखा पत्र इस मामले में इंदौर के रावजी पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर 172/2017 दर्ज की गई थी। ईडी ने आबकारी विभाग द्वारा की गई आंतरिक जांच के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के संबंध में विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। इस पत्र में लिखा गया है कि शराब ठेकेदारों से वसूली गई राशि, यदि कोई हो तो उसका विवरण उपलब्ध कराएं। इसके अलावा शराब ठेकेदारों के बैंक खाते का विवरण भी उपलब्ध कराने और जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी देने को कहा है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा, उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध अगर कोई जांच हुई है, तो उसकी आंतरिक जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इस मामले में यह हुई थी कार्रवाई जिला आबकारी कार्यालय इंदौर सहित अन्य जिला आबकारी कार्यालयों में सामने आए इस 42 करोड़ के घोटाले को लेकर 12 अगस्त 2017 को रावजी बाजार पुलिस ने ठेकेदारों सहित 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोप है कि आबकारी विभाग में इसके पहले तीन साल से फर्जी चालान जमा किए जा रहे थे। आबकारी विभाग के अफसरों को हर 15 दिन में चालान को क्रॉस चेक करना (तौजी मिलान) होना था, लेकिन उन्होंने तीन साल तक ऐसा नहीं किया। इसकी वजह से उनकी साठगांठ साफ नजर आ रही थी। जिस वक्त यह शराब घोटाला हुआ था, उस वक्त जिला आबकारी कार्यालय में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर संजीव दुबे नियुक्त थे। यही वजह रही कि आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त संजीव कुमार दुबे सहित छह अफसरों को निलंबित कर दिया था। निलंबित अधिकारियों में लसूड़िया आबकारी वेयरहाउस के प्रभारी डीएस सिसोदिया, महू वेयर हाउस के प्रभारी सुखनंदन पाठक, सब इंस्पेक्टर कौशल्या सबवानी, हेड क्लर्क धनराज सिंह परमार और अनमोल गुप्ता के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा 20 अन्य अधिकारियों के तबादले भी किए थे, जिनमें उपायुक्त विनोद रघुवंशी का नाम भी शामिल था। चालानों की जांच के बाद भी नतीजा शून्य शराब घोटाले कि जांच में 11 ऑडिटरों ने एक-एक चालान की जांच की थी। घोटाले के समय से पहले के तीन सालों में इंदौर में शराब दुकानें 2015 में 556 करोड़ में, 2016 में 609 करोड़ में और 2017 में 683 करोड़ में नीलाम हुई थीं। इस तरह 1700 करोड़ के शराब के चालानों की जांच की गई, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। इन लोगों को बनाया गया था आरोपी शराब ठेकेदार एमजी रोड समूह के अविनाश और विजय श्रीवास्तव, जीपीओ चौराहा समूह के राकेश जायसवाल, तोप खाना समूह योगेंद्र जायसवाल, बायपास चौराहा देवगुराड़िया समूह राहुल चौकसे, गवली पलासिया समूह सूर्यप्रकाश अरोरा, गोपाल शिवहरे, लवकुश और प्रदीप जायसवाल। क्या है मामला जांच में सामने आया कि शराब कारोबारियों ने बैंक में मात्र 10 हजार रुपये जमा कराए और षड्यंत्रपूर्वक चालानों में इसे 10 लाख रुपये दिखाकर वेयरहाउस से देसी व विदेशी शराब उठा ली। इस गड़बड़ी से कारोबारियों को भारी मुनाफा हुआ, जबकि सरकार को 1% इनकम टैक्स और 8% परिवहन शुल्क का करीब 97.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कुल 194 फर्जी चालानों के जरिए यह घोटाला अंजाम दिया गया। आबकारी आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी गड़बड़ी 2015 से 2018 के बीच इंदौर जिले में हुई। जांच में सामने आया कि इंदौर में कूटरचित चालानों के जरिए शासन को 42 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि इस घोटाले में आबकारी अधिकारियों की ठेकेदारों के साथ संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, सरकार ने आईएएस स्नेहलता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक विभागीय जांच समिति भी बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। अब इस मामले में आज ED की टीम ने इंदौर के साथ-साथ भोपाल और जबलपुर में भी आरोपियों के ठिकानों पर रेड की है। recent visitors 32

राफेल एम जेट आईएनएस विक्रांत से संचालित होंगे और मौजूदा मिग-29के बेड़े का सहयोग करेंगे, भारत आज करेगा फ्रांस से बड़ी डील

नई दिल्ली भारत और फ्रांस 28 अप्रैल 2025 यानी आज 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील करेगा. यह समझौता भारतीय नौसेना के लिए होगा. इस समझौते की कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपये है. इसमें 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है. पाकिस्तान समंदर में भी चोट खाएगा. क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी.   दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: 9500 लीटर Su-30: 9400 लीटर Rafale-M… 11,202 लीटर… यानी ज्यादा देर तक उड़ान संभव. ज्यादा अच्छी डॉग फाइट. स्पीड में सिर्फ एक चीनी फाइटर जेट से पीछे J-10: 2205 km/hr J-15: 2963 km/hr Su-30: 2120 km/hr. Rafale-M… 2205 km/hr. यानी J-15 से कमजोर लेकिन सुखोई से ऊपर और जे-10 के बराबर. कॉम्बैट/फेरी रेंज… में सबसे बेहतर राफेल J-10: 1240 km (कॉम्बैट रेंज) J-15: 3500 km (फेरी रेंज) Su-30: 3000 km (फेरी रेंज) Rafale-M… कॉम्बैट रेंज 1850 km और फेरी रेंज 3700 km. यानी सबसे बेहतर. अधिकतम ऊंचाई… इसी मामले में कमजोर है J-10: 59 हजार फीट J-15: 66 हजार फीट Su-30: 57 हजार फीट Rafale-M… 52 हजार फीट. यानी तीनों चीनी फाइटर जेट से पीछे.   किस तरह के फाइटर जेट्स हैं… J-10/J-15 चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट्स हैं. Su-30 मल्टीरोल एयर सुपरीरियॉरिटी जेट है. Rafale-M 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. राफेल में ज्यादा हथियार लगाने की क्षमता चीन के जे-10 फाइटर जेट में 11 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी चार तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, 90 मिलिमीटर के अनगाइडेड रॉकेट्स, 23 मिलिमीटर की गन और चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. जे-15 फाइटर जेट में 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. जिनमें 9 तरीके के हथियार लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा बम भी. इसमें 30 मिलिमीटर की गन लगी होती … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की

वेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वन-ऑन-वन मीटिंग्स का आयोजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को हम ‘विकसित मध्य प्रदेश’ से साकार करेंगे। राज्य में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब विभिन्न सेक्टर पर आधारित कॉनक्लेव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं है, बल्कि एक विचार-मंथन नीति-निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास की यात्रा सतत जारी रहेगी। हम निवेशकों के विश्वास को मजबूती देंगे, नई नीतियाँ लागू करेंगे, आधारभूत संरचना को और सशक्त करेंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए हम संकल्पित है। उन्होंने कहा कि नवीन जीसीसी नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025, एवीजीसी एक्सआर नीति 2025 और ड्रोन प्रोत्साहन और उपयोग नीति के द्वारा इन क्षेत्रों में निवेशकों को आवश्यक मदद प्रदान करने के प्रावधान है। आज नीतियों के गाइडलाइंस भी जारी की गई है। तकनीकी दक्षता, सुशासन और निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिए नए डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, उद्योगपतियों और निवेशकों को एक एकोसिस्टम प्रदान करेगी। निवेशकों को सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विजन-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा । इन उद्योपतियों से की वन- ऑन – वन मीटिंग्स पंचशील रियल्टी (आईटी इंफ्रा सेक्टर) के फाउंडर अतुल चोरड़िया, पार्टनर रजत जैन, सोमवेद इंटरप्राइजेज (सेमीकॉन सेक्टर) के सीओओ सोमेश चौधरी, फाउंडर, आनंद द्विवेदी, डायरेक्टर, शुभम अग्रवाल, सीएमओ, योट्टा कंपनी (डेटा सेंटर) के प्रबंध निदेशक सुनील गुप्ता, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के सह संस्थापक अविनाश सेठी, सिद्धार्थ सेठी, केदारा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकॉन सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक कुमार और डायरेक्टर अनुराग कुमार, मीना सर्किट्स (पीसीबी सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञान प्रकाश अग्रवाल, डायरेक्टर अर्चित अग्रवाल और डायरेक्टर शिवम अग्रवाल, डिजिटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर आबिद फारूकी साइमा सिद्दीकी, आईआईटी इंदौर दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन कंपनी, इंदौर के प्रोफेसर सुहास एस जोशी, निदेशक, आईआईटी इंदौर प्रो बीके लाड, आदित्य एसजी व्यास सीईओ, वैभव जैन, वरिष्ठ तकनीकी ने इन्क्यूबेशन सेंटर, न्यूमिजो प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकंडक्टर सेक्टर) के अनूप दत्ता मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्फ़ोचिप्स कंपनी (इंजीनियरिंग-एएसआईसी) के पुलकित दुबे निदेशक – पीईएस, नीलेश रणपुरा, प्लैंक रेड प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर्स) के शिशिर मिगलानी सीईओ,रत्नजीत सिंह,होमा बाइनरी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर)के रविन्द्र वाघानी सीईओ,अरविंद सिंह दरबार, अभय गौड़,एचएलबीएस (सेमीकॉन सेक्टर) के प्रबंध निदेशक मितेश लोकवानी, इन्फिनिटी सॉल्यूशंस से मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत घुले, एल एंड टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) कंपनी के राजन बोहरा, बिक्री प्रमुख शांतनु दीक्षित, अर्पित सक्सेना, ड्रोनामैप्स (ड्रोन सेक्टर) के उत्कर्ष सिंह को फाउंडर एंड सीईओ, देवांशी दीपक, ग्रोथ एएक्सएल के डायरेक्टर ग्लोबल स्ट्रेटजीज संजीव राव, बूयोंग स्कीकॉर्प (लेदर एंड फुटवेयर) के अमित बाजोरिया सीईओ, सीयू ऊंग़ मून डायरेक्टर, श्रीमती सोनी जैन कंपनी सेक्रेटरी, सन फार्मास्युटिकल(फार्मा) के सीनियर जनरल मैनेजर अनूप कुलकर्णी, सनाथन टेक्सटाइल्स (टेक्सटाइल सेक्टर) के अजय दत्तानी मैनेजिंग डायरेक्टर, गुरुकृपा के चेयरमैन धर्मेन्दर नरूला से वन ऑन वन चर्चा की।   recent visitors 34

कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योग मंदिर की तरह हैं जिससे लाखों लोगों को मिलता है रोजगार के रूप में आशीर्वाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आईटी से संबंधित हुये 99 एमओयू में से 25 प्रतिशत का आज हुआ है भूमि-पूजन “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव" है प्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव म.प्र. अब मात्र वादों का नहीं, वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी नीति पर होगा कार्य कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को मिलेंगी नई ऊंचाईयाँ मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रमुख केन्द्र बनेगा, 1500 करोड़ का मिला निवेश हम “इरादों को निवेश में” और नीतियों को क्रियान्वयन में बदल रहें हैं कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 75 हजार रोजगार होंगे सृजित निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिये "प्रोत्साहन पोर्टल" लॉन्च मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ 2025 में शामिल हुये आईटी क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में हुआ "टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025" का आयोजन अनेक उद्योगों का हुआ लोकार्पण और भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों का निर्माण किसी मंदिर के बनने की तरह है। उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो भगवान की तरह दर्शन जीविका का प्रसाद और आशीर्वाद देते हैं। श्रम शक्ति से लाखों व्यक्तियों को रोजी-रोटी मिलती है। आज के तकनीकी दौर में छोटे देश भी प्रगति कर रहे हैं। युद्धों से विकास में पिछड़ने वाले देश भी उद्यमशीलता से विकसित हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम आज बदलते दौर का भारत देख रहे हैं, जहां कई क्षेत्रों में तीव्र प्रगति हो रही है। इंदौर ने उद्योगों के विकास का कीर्तिमान बनाया है, इंदौर आईटी क्षेत्र की राजधानी है। इंदौर में अतुल पंचशील जैसे उद्योगपति विशिष्ट कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया प्रदेश में पाँच बड़े नगरों में इण्डस्ट्री पार्क प्रारंभ किये जा रहे हैं। कोरिया जैसे देश जिनसे भारत का पुराना सांस्कृतिक नाता है, वे भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक हैं। आज की कॉन्क्लेव में कोरिया और जापान से भी प्रतिनिधि आये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव से लगभग 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 75 हजार रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज के टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास भी हुए हैं। इसमें से जीआईएस-भोपाल में आईटी सेक्टर में प्राप्त 99 प्रस्तावों में से 25 प्रतिशत का आज भूमि-पूजन हुआ है, जो इस बात का द्योतक है कि हम बस वादे नहीं करते, उन्हें धरातल पर उतारकर भी दिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के बैरसिया में मोबाईल, सेमीकंडक्टर डिवाइस पार्क बनाने वाले प्रतिष्ठान विश्व स्तरीय अधोसंरचना का लाभ प्राप्त करेंगे। लगभग 209 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के इस मेगा प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराना संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बैरसिया में महत्वपूर्ण निवेश करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है। स्पेस टेक नीति के अंतर्गत यह कार्य होगा। इससे सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में नया दौर सामने आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में एग्रीटेक उत्कृष्टता केन्द्र बनेगा। ड्रोन तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आयेगा। परदेशीपुरा आईटी पार्क से नई संभावनाएँ विकसित होंगी। इंदौर आईटी क्षेत्र की नई राजधानी बन गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गयी 18 उद्योग हितैषी नीतियों का लोकार्पण किया था। ये नीतियाँ उद्योगों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में अद्भूत कार्य किया है। उनके विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। जीआईएस-भोपाल से उद्योग स्थापना के सभी रिकार्ड टूटे हैं। उद्योगपति स्वयं यह कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश में एक माह में उद्योग लगाने का कार्य संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से कृषि विकास दर प्राप्त कर रहा है। आगामी 3 मई को कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपये तक पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में आज हुई कॉन्क्लेव में एमओयू करने वाले सभी औद्योगिक संस्थान बधाई के पात्र हैं। कॉन्क्लेव के दौरान चार नई औद्योगिक नीतियों की गाइड लाईन जारी की गयी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब मात्र वादों का नहीं, जनता से किये गये वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है। “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” मध्यप्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव है। आज का दिन मध्यप्रदेश के टेक्नो-इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इन्दौर में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ है। यह सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं है, बल्कि प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में हमने दुनिया को मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी क्षमता से रूबरू करवाया था। यह कॉन्क्लेव उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जहां हम “इरादों को निवेश में” और 'नीतियों को क्रियान्वयन' में बदल रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को हुए अभी 60 दिन ही हुए हैं और इस अल्प समय में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी 'प्रॉमिस्ड डिलीवरी' की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के निवेश इरादों को ठोस निवेश में बदलना, राज्य में तकनीकी विकास के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, नए आईटी पार्क, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेटर्स की स्थापना करना, प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए भूमि-पूजन कर आधारशिला रखना एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करना, जीसीसी, आईटी, आईटीईएस सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर पर चर्चा करके इन नीतियों का सफल क्रियान्वयन कराना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योगपतियों के बीच विशेष बैठकें … Read more

DC और RCB के बीच रोमाचंक मुकाबले में आरसीबी की टीम ने 6 विकेट से बाजी मारी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 में रविवार को दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में आरसीबी ने 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की.  इस मैच में आरसीबी के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. पहले बैटिंग करते हुए दिल्ली की टीम ने 8 विकेट खोकर 162 रन बनाए थे. इसके जवाब में उतरी आरसीबी ने 19वें ओवर में क्रुणाल पंड्या और विराट कोहली की फिफ्टी के दम पर इसे चेज कर लिया. ऐसी रही आरसीबी की पारी 163 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में अक्षर पटेल ने बेथल का विकेट झटका. बेथल के बल्ले से केवल 12 रन निकले. इसके बाद उसी ओवर में देवदत्त पड्डिकल भी बिना खाता खोले अक्षर पटेल का शिकार बन गए. वहीं, चौथे ही ओवर में रजत पाटीदार भी रन आउट हो गए. यानी दो ओवर के भीतर ही आरसीबी को तीन झटके लगे. लेकिन इसके बाद क्रुणाल पंड्या और विराट कोहली के बीच एक साझेदारी पनपी. दोनों के बीच 83 गेंदों में 113 रनों की बड़ी साझेदारी हुई, जिसने आरसीबी की उम्मीदों को जिंदा रखा. हालांकि, कोहली ने फिफ्टी जड़ने के बाद 18वें ओवर में अपना विकेट गंवा दिया. लेकिन क्रुणाल पंड्या टिके रहे. पंड्या ने 47 गेंदों में 73 रनों की पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 4 छक्के लगाए. वहीं, कोहली ने 51 रन बनाए और 4 चौके लगाए. 19वें ओवर में आरसीबी ने इस मुकाबले को जीतकर दो अंक जोड़े. ऐसी रही दिल्ली की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत अच्छी नहीं रही. चौथे ही ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे अभिषेक पोरेल आउट हो गए. उन्हें हेजलवुड ने अपना शिकार बनाया, जिनके पास अब पर्पल कैप आ गई है. इसके बाद अगले ही ओवर में करुण नायर का विकेट गिर गया. नायर के बल्ले से केवल 4 रन आए. इसके बाद फाफ और केएल राहुल के बीच अच्छी साझेदारी हुई. लेकिन 10वें ओवर में फाफ का विकेट क्रुणाल पंड्या ने चटकाया. फाफ ने 22 रन बनाए. इसके बाद अक्षर पटेल भी केवल 15 रन बनाकर हेजलवुड का शिकार हो गए. 14वें ओवर में उनका विकेट गिरा. इसके बाद केएल राहुल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन राहुल के बल्ले से 39 गेंद में केवल 41 रन निकले. लेकिन इसके बाद स्टब्स ने एक छोटी आतिशी पारी खेली, जिसके दम पर दिल्ली की टीम ने 20 ओवर में 163 रनों का लक्ष्य आरसीबी के सामने रखा. अंकतालिका के टॉप पर पहुंची आरसीबी इस जीत के साथ ही आरसीबी अब अंकतालिका के टॉप पर पहुंच गई है. 10 मैच में आरसीबी ने 7 जीत हासिल की है और 14 अंक हैं. जबकि गुजरात के 8 में से 6 जीत के साथ 12 अंक है. वहीं, दिल्ली अब चौथे पायदान पर खिसक गई है. 9 में से उसकी 6 जीत है और 12 अंक हैं. लेकिन रन रेट के मामले में मुंबई उससे आगे है. recent visitors 41

PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर लाल बाग में स्वदेशी मेले का समापन समारोह संपन्न इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा है। वर्षों पूर्व शुरू हुई स्वदेशी जागृति आज 'मेक इन इंडिया' और 'मेड इन इंडिया' जैसे अभियानों के रूप में देश को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  लालबाग परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने समय-समय पर अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन स्वावलंबन और स्वदेशी की भावना कभी क्षीण नहीं हुई। हमें इस भावना को और सशक्त बनाना है ताकि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने महेश्वर जैसे स्थान पर स्थानीय कारीगरी और वस्त्र निर्माण को प्रोत्साहित कर स्वदेशी विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। समारोह में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा, स्वदेशी मेला प्रमुख योगेश मेहता एवं सिख समाज के बाबा तेजा सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। समारोह में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भी किया गया।   recent visitors 36