सर्चिंग ऑपरेशन में जंगल में डंप किए गए 9 जिंदा बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद

धमतरी धमतरी पुलिस, नगरी डीआरजी और सीएएफ खल्लारी की संयुक्त टीम को नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए सर्चिंग ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है। इस ऑपरेशन के दौरान माओवादियों द्वारा जंगल में डंप किए गए 9 जिंदा बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई। बता दें कि इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने चमेंदा और साल्हेभाट के बीच जंगल में सर्चिंग के दौरान 3 नग कुकर बम, 3 नग दूध पाउडर के डिब्बे का उपयोग कर बनाया गया बम, 2 नग पाइप बम और एक नग टिफिन बम, 1 वाकी टॉकी समेत दैनिक उपयोगी नक्सली सामान जैसे राशन, बर्तन, दवाइयाँ आदि बरामद किए गए है। इन सामग्रियों को विभिन्न थैलों में रखकर त्रिपाल झिल्ली और नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में छिपाया गया था। डंप किए गए बमों को किया गया डिफ्यूज धमतरी पुलिस की बीडीएस (बम डिस्पोजल) टीम ने मौके पर पहुंचकर डंप किए गए बमों को डिफ्यूज कर नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम किया। इस ऑपरेशन के तहत थाना खल्लारी में अज्ञात माओवादियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद उन्होंने नगरी डीआरजी और सीएएफ की टीम को नक्सल विरोधी सर्चिंग अभियान जारी रखने और सूचना तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय के मार्गदर्शन में यह ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस बल की तत्परता और साहस ने महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। recent visitors 29

मई से करीब दो प्रतिशत बिजली के बिल का कम भुगतान करना पड़ेगा, 12 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

प्रयागराज जिले के 12 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। मई से करीब दो प्रतिशत बिजली के बिल का कम भुगतान करना पड़ेगा। अप्रैल में उपभोक्ताओं ने 1.24 प्रतिशत अधिक बिजली मूल्य का भुगतान करना पड़ा, लेकिन मई से उन्हें आगामी कई माह तक राहत मिलने की उम्मीद है। पहले ईधन अधिभार शुल्क टैरिफ में ही तय (फिक्स) था, लेकिन मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 में बदलाव किया गया। इसके तहत वर्ष 2029 तक अब हर माह ईंधन अधिभार शुल्क अलग-अलग होगा। इसकी सुगबुगाहट मिलने पर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। उपभोक्ता भंवर सिंह, एसके जैन, मोहित का कहना है कि बिजली का बिल निरंतर अधिक आने से घर का बजट बिगड़ गया था। मई में बिजली के बिल में दो प्रतिशत कम भुगतान की जानकारी मिलने से राहत मिली है, लेकिन इसे और कम किए जाने की जरूरत है। ये है बिजली बिल कम आने की वजह वहीं, गौरव कुमार, निहाल की मानें तो पेट्रोल- डीजल और कोयले के मूल्य के आधार पर ईंधन अधिभार शुल्क तय किया जाता है। अप्रैल में 1.24 प्रतिशत अधिक बिजली मूल्य का भुगतान करना पड़ा था। इस संबंध में मुख्य अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि मई में बिजली वसूली के संबंध में जो भी आदेश जारी होगा, उसका पालन किया जाएगा। recent visitors 33

IIM रायपुर ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया खास प्रोग्राम, फ्री होगी ट्रेनिंग, अप्लाई करने की ये है लास्ट डेट

रायपुर  राज्य के युवाओं के स्वाभिमान, सहूलियत और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति का अवसर प्रदान किया है, जिसको मूर्त रूप आईएमएम ने दिया है। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईएमएम) रायपुर ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप (चीफ मिनिस्टर गुड गवर्नेंस फेलोशिप) अंतर्गत दो वर्षीय लोक नीति एवं सुशासन में एमबीए कोर्स हेतु 11 मई 2025 तक आवेदन आमंत्रित किया है। इस पाठ्यक्रम की पूरी शुल्क राशि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक नामांकित छात्रों को प्रति माह 50 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान किया जाएगा।  आईआईएम रायपुर परिसर में व्याख्यान तथा छत्तीसगढ़ सरकार के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। योग्यता और मापदंड अभ्यर्थी की योग्यता अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना चाहिए। वर्ष 2022, 2023 और 2024 का कोई भी वैध कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट) स्कोर कार्ड मान्य होगा। किसी भी विषय में स्नातक डिग्री न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों पर (आरक्षित श्रेणियां के लिए 55 प्रतिशत) अथवा समतुल्य सीजीपीए के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। आरक्षण, छत्तीसगढ़ राज्य के आरक्षण नीति के अनुसार लागू होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइटhttps://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ आईआईएम रायपुर डॉट एसी डॉट इन/एमबीए – पीपीजी का अवलोकन किया जा सकता है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना (CMGGF fellowship ) है। इस योजना के तहत जिन छात्रों का चयन होगा, उनकी फीस सरकार की ओर से भरी जाएगी। इस फेलोशिप स्कीम के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आपको 11 मई से पहले आवेदन करना होगा। इसके बाद मौका नहीं मिलेगा।   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना क्या है? छत्तीसगढ़ में मैनेजमेंट के क्षेत्र में आगे बढ़ने की चाह रखने वाले मेधावी छात्रों के लिए नवंबर, 2024 में राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि युवा प्रोफेशनल्स सरकार के सुशासन और पॉलिसी निर्माण और उन्हें लागू करवाने में अहम भूमिका निभाएं। इससे युवाओं में प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी। यह योजना IIM रायपुर और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर चला रही है। इस योजना के तहत छात्रों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ नियमित संवाद भी होगा। इस दौरान छात्र अपने अनुभव साझा कर सकेंगे और प्रोजेक्ट सीएम को दिखा सकेंगे।   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की विशेषताएं 2 साल के लिए MBA in Public Policy and Governance कोर्स की पढ़ाई जो छात्र चुने जाएंगे, उनकी ट्यूशन फीस सरकार भरेगी चुने गए प्रत्येक छात्र को 50,000 रुपये हर महीने मिलेंगे IIM Raipur में पढ़ाई का मौका मिलेगा राज्य के सरकारी विभागों और जिला कलेक्टरेट जैसे ऑफिस में इंटर्नशिप का मौका पब्लिक पॉलिसी रोल्स के लिए विशेषज्ञता मिलेगी और नेटवर्किंग बनेगा   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के लिए पात्रता छात्र भारत का नागरिक और छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए छात्र के पास वर्ष 2022, 2023 या 2024 का वैध CAT स्कोर होना चाहिए अगर किसी छात्र के पास एक से ज्यादा CAT स्कोर है तो सबसे ज्यादा स्कोर मान्य होगा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम 60% नंबर्स के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री आरक्षित वर्ग के लिए ग्रेजुएशन में 55 फीसदी नंबर की जरूरत होगी अगर ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं है तो CA/CMA(ICWA)/CS कम से कम 50% नंबर से पूरा किया हो   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना में MBA के लिए चयन कैसे होगा? चयन के लिए ग्रेजुएशन के नंबर्स के साथ CAT Score देखा जाएगा इसके बाद Group Discussion या इंटरव्यू किए जाएंगे इसके बाद एडमिशन के लिए ऑफर दिया जाएगा   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की आखिरी तारीख क्या है? इस योजना के तहत एडमिशन लेने के लिए आवेदन 22 अप्रैल से शुरू हो गए हैं 11 मई तक पात्र छात्र इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए आवेदन कैसे करें?   STEP-1     सबसे पहले आपको IIM Raipur के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा     होम पेज से Programmes के टैब में MBA in Public Policy & Management पर क्लिक करें     यहां Apply online के ऑप्शन पर क्लिक करें, फिर New Registration पर क्लिक करें     अपना नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर डालकर नया पासवर्ड बना लें   STEP-2 अब फिर से Apply Online पर क्लिक करें, ई-मेल आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें आवेदन फॉर्म में चार चरण होंगे, उन्हें ध्यानपूर्वक भरें पहले चरण में Personal Information, दूसरे में शैक्षिक योग्यता भरें तीसरे चरण में प्रोफेशनल जानकारी देनी है और आखिरी चरण में बैंक डीटेल वगैरह अब आवेदन फॉर्म को भरें और मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करें और सबमिट कर दें   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के लिए जरूरी दस्तावेज छत्तीसगढ़ का डोमिसाइल सर्टिफिकेट CAT Score Card जाति प्रमाण पत्र (अगर आरक्षित वर्ग से हैं तो) ग्रेजुएशन की डिग्री और मार्कशीट/ CA/CMA(ICWA)/CS सर्टिफिकेट 10वीं, 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट पासपोर्ट साइज फोटो डिजिटल हस्ताक्षर   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की अहम तारीखें   MBA in Public Policy तारीख आवेदन शुरू होने की तारीख 22 अप्रैल आवेदन फाॅर्म भरने की आख‍िरी तारीख 11 मई पर्सनल इंटरव्‍यू मई, 2025 का आख‍िरी हफ्ता र‍िजल्‍ट की घोषणा जून, 2025 का दूसरा हफ्ता क्‍लास की शुरुआत जून, 2025 का चौथे हफ्ते से recent visitors 42

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- मप्र सुशासन के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां अपराध और अपराधी के लिए कोई जगह नहीं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सुशासन के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां अपराध और अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। जो अपराध करेगा उसे दण्ड मिलेगा, हमारी सरकार ने प्रदेश की धरती पर किसी प्रकार के जिहाद या लव जिहाद की अनुमति नहीं दी है। जो हमारी धरती पर यह करता पाया जाएगा उसे छोडेंगे नहीं, वह राज्य के अंदर हो या राज्य से बाहर भागा हो, हमारी पुलिस उसे हर जगह से पकड़ कर लाएगी। यह हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही।   recent visitors 53

मध्य प्रदेश में गर्मी के बीच बारिश का दौर, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन बारिश और ओले का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी के बीच कुछ जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन तक मौसम बदला रहेगा। कई क्षेत्रों में गर्मी का भी असर देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश के मौसम में अचानक से बदलाव देखने को मिल रहा है अलग-अलग स्थान पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से अरब सागर में नमी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। तेज गर्मी के बीच मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले 4 दिन बारिश होगी। कुछ जिलों में ओले भी गिरेंगे। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग में मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। यहां बारिश भी होगी और तेज गर्मी भी पड़ेगी। इस दौरान 40 से 50 किलो मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। इंदौर, भोपाल-उज्जैन में पारा 40 डिग्री के पार ही रहेगा। मध्य प्रदेश में दो तरह के मौसम दिखे  इससे पहले शनिवार को प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिले। रात में भोपाल, हरदा, देवास, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम में हल्की बारिश हुई, जबकि कई जिलों में तेज आंधी भी चली। भोपाल में हवा की रफ्तार 50Km, सीहोर में 47Km और हरदा-पचमढ़ी में 30Km प्रतिघंटा रही। वहीं, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, कटनी, पन्ना, मैहर, उमरिया, सीधी, शहडोल और रीवा जिलों में हल्की बारिश का दौर रहा। प्रदेश में शनिवार को आंधी, बारिश के दौर के बीच कई शहरों में गर्मी के तेवर भी देखने को मिले। ग्वालियर, खजुराहो और नौगांव में पारा 43 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 43.8 डिग्री रहा। ग्वालियर में 43.6 डिग्री और नौगांव में 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, उज्जैन, गुना, शिवपुरी, खरगोन, रतलाम, टीकमगढ़, खंडवा, नरसिंहपुर, बैतूल, शाजापुर, मंडला, रीवा, धार, मलाजखंड, रायसेन, सतना और दमोह में पारा 42.4 डिग्री से 40 डिग्री के बीच रहा। वहीं, बारिश की वजह से कई शहरों में पारा लुढ़क गया। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 33.4 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 37.1 डिग्री, जबलपुर-सीधी में 37.8 डिग्री, नर्मदापुरम-सिवनी में 38.2 डिग्री, इंदौर-सागर में 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा। हल्की बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले चार दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया है। कुछ जगहों पर लू भी चल सकती है। वहीं, गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। 28 अप्रैल : सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर,उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में हल्की बारिश हो सकती है। श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में लू चल सकती है। 29 अप्रैल : शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश के बाकी हिस्से में गर्मी का असर तेज रहेगा।   recent visitors 37

भोपाल शहर में इन दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के दिल्ली से आई टीम शहर को कोने कोने में पहुंच रही, सर्वे अंतिम चरण में पहुंचा

भोपाल भोपाल में स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के दिल्ली से आई टीम शहर को कोने कोने में पहुंच रही है। जानकारी के मुताबिक सर्वेक्षण का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।  21 में से 15 नगर निगम जोन में सर्वेक्षण केवल आठ दिनों में पूरा हो चुका है। राजधानी भोपाल शहर में इन दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के दिल्ली से आई टीम शहर को कोने कोने में पहुंच रही है। जानकारी के मुताबिक सर्वेक्षण का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।  21 में से 15 नगर निगम जोन में सर्वेक्षण केवल आठ दिनों में पूरा हो चुका है। दिल्ली से आई एक टीम कचरा मुक्त शहर (जीएफसी) और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ)जल मानकों सहित विभिन्न स्वच्छता मापदंडों का गहन निरीक्षण कर रही है, जो कुल 12,500 अंकों में से 2,500 का महत्वपूर्ण भार रखते हैं। इन जोनो में पहुंच चुकी है टीम अब तक जोन 1, 2, 4 और 17 का तीन-तीन दिनों में सर्वेक्षण किया गया, जबकि जोन 6, 11 और 12 का एक दिवसीय निरीक्षण किया गया। जोन 8, 9, 18 और 19 को दो दिनों में कवर किया गया।  शुक्रवार को जोन 1, 2, 17 और 18 में विस्तृत निरीक्षण किया गया, जिसमें जोन 2, 17 और 18 में सर्वेक्षण पूरा हो गया। टीम ने शनिवार को जोन 1 में अपना निरीक्षण जारी रखा, जो बैरागढ़ से लालघाटी तक फैला हुआ है, और साथ ही साथ शेष 10 जोनों में सर्वेक्षण शुरू किया। टीम इन बिंदुओं पर कर रही फोकस दिल्ली से आई टीम निरीक्षण के तहत प्रमुख क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालय, उद्यान, नालियां, सीवर और सार्वजनिक प्रतिक्रिया शामिल हैं। कुल 218 सार्वजनिक शौचालयों का मूल्यांकन किया गया, साथ ही यह भी जांच की गई कि कचरा संग्रहण सेवाएं प्रभावी रूप से चल रही हैं या नहीं। अलर्ट पर है निगम की टीम भोपाल नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण टीम से अगले पांच दिनों के भीतर शेष जोनों में निरीक्षण पूरा करने की उम्मीद है। जनकारी के लिए बतादें कि जब से दिल्ली की टीम भोपाल पहुंची है। भोपाल नगर निगम के ्अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट पर हैं। निगम कमिश्नर हरेन्द्र नरायण खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। विशेष क्षेत्रों के एएचओ अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए और फील्ड स्टॉफ को उनके बीट चार्ट के अनुसार हर समय ड्यूटी पर रहने के लिए कहा गया है।   recent visitors 45

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उद्योग का अगला प्रमुख केंद्र बनेगा मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उद्योग में एक बड़ा केंद्र बनने के लिए तैयार है। नवीन तकनीकी क्रांति में राज्य अग्रणी भूमिका निभाने और निवेश आकर्षित करने की ओर अग्रसर है। "एमपी टेक ग्रोथ कॉनक्लेव-2025" में अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने रविवार को "मध्यप्रदेश – सेमीकंडक्टर और ईएसडीएम के लिए अगला गंतव्य" विषय पर आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस-4 को ब्रिलियंट कंवेंशन सेंटर, इंदौर में संबोधित किया। उन्होंने राज्य की सेमीकंडक्टर नीति एवं प्रदेश सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली वित्तीय एवं गैर वित्तीय सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उद्योगपतियों/निवेशकों ने अपने विचार और सुझाव रखे। इसमें  प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमपीएसईडीसी श्री गुरु प्रसाद, डॉ. मणि मधुकर, प्रोग्राम लीड, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम – आईबीएम इंडिया, श्री अभिषेक कुमार, प्रबंध निदेशक (एमडी ) केदारा सहित उद्योगपति/ निवेशक उपस्थित रहे। एसीएस श्री दुबे ने कहा कि टियर-2 शहर जैसे इंदौर, भोपाल का तेजी से विकास राज्य की तकनीकी स्थिति को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की विशेष भौगोलिक स्थिति, त्वरित स्वीकृतियाँ, आधुनिक आधारभूत संरचना और प्रगतिशील नीतियाँ तकनीकी विकास को गति दे रही हैं। साथ ही सेमीकंडक्टर कंपोनेंट निर्माण, इलेक्ट्रोनिक उत्पाद विकास और नवाचार और चिप डिजाइन कंपनियों सभी के लिए विशेष सुविधाएं राज्य में प्रदान की जा रही हैं। एसीएस श्री दुबे कहा कि राज्य सरकार आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी ), विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड ) और मजबूत स्टार्ट-अप संस्कृति के जरिये नवाचार को बढ़ावा दे रही है। कॉन्फ्रेंस में निवेशकों ने कहा कि सरकार की सेमीकंडक्टर नीति- 2025बहुत आकर्षक है। राज्य सरकार निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। निवेशकों ने राज्य में सेमीकंडक्टर और संबंधित क्षेत्रों के उद्योगों को विकसित करने के लिए महत्पूर्ण सुझाव भी रखे। recent visitors 66