प्रदेश में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, अनुकंपा नियुक्ति के लिए SMS, जल्द मिलेगी नियुक्ति, कम होगी परेशानी

 भोपाल  मध्य प्रदेश के सात लाख अधिकारियों-कर्मचारियों की पूरी कुंडली सरकार तैयार करने जा रही है। इसमें कर्मचारी का पूरा ब्योरा रहेगा यानी सेवा में आने से लेकर सेवानिवृत्ति तक की समस्त जानकारियां ऑनलाइन रहेंगे। इसका लाभ यह होगा कि फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। जिस व्यक्ति ने राज्य लोक सेवा आयोग या फिर कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती परीक्षा दी है, वही नौकरी कर पाएगा। उसके बायोमैट्रिक्स के आधार पर सत्यापन होगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम तैयार किया है। पूरी कुंडली अभी सेवा पुस्तिका में रहती है कर्मचारियों की पूरी कुंडली अभी सेवा पुस्तिका में रहती है, जिसे मूल विभाग संधारित करता है। इसमें समय-समय पर होने वाली वेतनवृद्धि, पदोन्नति, गोपनीय चरित्रावली के आधार पर मिलने वाली श्रेणी, विभागीय जांच, आरोप पत्र की स्थिति, कब-कहां पदस्थ रहे, वेतनमान, छुट्टी सहित सभी विवरण रहता है। बार-बार यह शिकायत मिलती है कि इन्हें अद्यतन नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों को इसकी प्रति नहीं मिलती कई कर्मचारियों को इसकी प्रति तक नहीं मिलती है। इसके अभाव में पेंशन के निर्धारण में भी परेशानी आती है। कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं कि अधिकारी या कर्मचारी को आरोप पत्र जारी किए गए हैं, पर इसका कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं होता। इन सब स्थितियों को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम तैयार किया है। सभी तरह की जानकारी ऑनलाइन रहेगी इसमें कर्मचारियों की सभी तरह की जानकारियां ऑनलाइन रहेंगी। यदि किसी को कोई आरोप पत्र जारी करना है तो वो भी सिस्टम के माध्यम से ही होगा। इसके बाहर दिया गया नोटिस मान्य ही नहीं किया जाएगा। साथ ही जिस दिन कर्मचारी ज्वाइन करेगा, उस समय उसके द्वारा भर्ती एजेंसी को दिए गए आधार, फोटो, फिंगर प्रिंट और आइरिश ही मान्य किया जाएगा। इसका लाभ यह होगा कि जिस व्यक्ति ने परीक्षा दी, वही नौकरी भी करेगा। कुछ जगहों पर ऐसी शिकायतें सामने आईं थीं कि परीक्षा किसी ने दी और नौकरी कोई और कर रहा था। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है। जल्द ही अधिकारियों-कर्मचारियों की कुंडली सबके सामने होगी। अनुकंपा नियुक्ति के लिए जाएगा एसएमएस इस व्यवस्था में यह प्रविधान भी किया गया है कि सेवा में रहते अधिकारी-कर्मचारी का निधन होने पर उसके द्वारा पूर्व से नामित आश्रित को एसएमएस जाएगा। चूंकि, उसकी पूरी कुंडली सरकार के पास पहले से रहेगी, इसलिए इसमें कोई परेशानी भी नहीं आएगी। पात्रता के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति जल्द मिल जाएगी। अभी इसमें काफी विलंब होता है। recent visitors 27

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने NH-44 पर सर्विस रोड की डीपीआर बनाने के लिए निर्देश दिए

ग्वालियर ग्वालियर से निकलने वाले नेशनल हाइवे (NH-44) पर लगातार यातायात का दबाव बढ़ रहा है। बायपास के किनारे बसे रिहायशी क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को मुख्य मार्ग पर आवागमन में कठिनाई होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावनाए भी बढ़ रही हैं। इन समस्याओं से जल्द लोगों को राहत मिल जाएगी। बड़ागांव बायपास एनएच-44 पर सर्विस रोड बनाई जाएगी। सर्विस रोड बनाने के लिए सांसद भारत सिंह कुशवाह ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकऱी(Nitin Gadkari) से मुलाकात की थी। केंद्रीय मंत्री ने सर्विस रोड की डीपीआर बनाने के लिए निर्देश दिए हैं।  जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 35-40 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण प्रस्तावित है, जो मुख्य मार्ग से स्थानीय यातायात को पृथक कर यातायात की सुगमता को बढ़ाएगी। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 8 व्हीक्यूलर अंडरपास (वीयूपी) और 3 लाइट व्हीक्यूलर अंडरपास (एलवीयूपी) का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे क्रॉस ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू होगी और मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। सर्विस रोड को लेकर सांसद कुशवाह ने गत दिवस प्रशांत मीणा एनएचआइ मैनेजर के साथ निरीक्षण किया। ऐसे होगा काम सर्विस रोड : 35-40 किमी लंबी सर्विस रोड का निर्माण होगा, जो मुख्य मार्ग से स्थानीय यातायात को अलग करेगी। अंडरपास : 11 अंडरपास बनाए जाएंगे, जिनमें 8 व्हीक्यूलर अंडरपास और 3 लाइट व्हीक्यूलर अंडरपास शामिल हैं। यातायात सुगमता: परियोजना से यातायात की सुगमता बढ़ेगी और मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। सड़क सुरक्षा: परियोजना से सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। क्षेत्रीय विकास : परियोजना ग्वालियर बाइपास क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से लाभकारी होगी। शहर के दोनों ओर विस्तार होगा यह परियोजना विशेष रूप से ग्वालियर बायपास एनएच-44 पर स्थित उन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जहां पर जनसंख्या घनत्व अधिक है, जिससे स्थानीय यातायात को सुरक्षित एवं सुविधाजनक विकल्प मिल सके। मुख्य मार्ग पर यातायात दबाव में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। शहर के दोनों ओर विस्तार होगा।– भारत सिंह कुशवाह, सांसद recent visitors 37

DAVV में उम्मीदवार एक मई से ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे, 14 जून को प्रवेश परीक्षा , नेट और डीईटी के जरिए प्रवेश दिया जाएगा

 इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए लिए अच्छी खबर है। यूजीसी की गाइडलाइन का पालन करते हुए विश्वविद्यालय ने इस साल पीएचडी में दाखिला के लिए दूसरी बार प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। यह विश्वविद्यालय के इतिहास में पहला अवसर है। पीएचडी में उम्मीदवार को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) और डाक्टरल एंट्रेंस टेस्ट (डीईटी) के जरिए प्रवेश दिया जाएगा। एक मई से ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उम्मीदवारों के लिए 25 दिन का समय आवेदन करने के लिए रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की तारीख तय कर रखी है, जो एमपी ऑनलाइन के माध्यम से करवाई जाएगी। 14 जून को पेपर रखे गए हैं। 13 विषयों के लिए प्रवेश परीक्षा डीईटी के माध्यम से उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। अप्लाइड मैथ्स, अप्लाइड फिजिक्स, अप्लाइड केमिस्ट्री, डाटा साइंस, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, स्टेटेटिक्स, एनर्जी, फार्मेंसी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन, इलेक्ट्रानिक्स एंड इंस्टूमेंटेशन, इलेक्ट्रानिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन, आईटी सहित 13 पीएचडी विषय हैं। आवेदन की प्रक्रिया एक से 25 मई के बीच रखी गई है। परीक्षा 14 जून को विश्वविद्यालय के दो विभागों में होगी। परीक्षा में पहला पेपर रिसर्च मैथडलाजी और दूसरा संबंधित विषय होगा। दोनों में 50-50 प्रश्न पूछे जाएंगे। 100 अंक वाले इन परीक्षाओं में उम्मीदवारों को 50 फीसद अंक लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा की जिम्मेदारी एमपी ऑनलाइन को दी जाएगी। 24 विषयों में नेट स्कोर होगा मान्य विश्वविद्यालय के नान डीईटी में पंजीयन एक मई से शुरू होंगे। 24 विषयों की रिक्त सीटों पर उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाएगा। अंग्रेजी, कम्प्यूटर साइंस, विधि, गृह विज्ञान, मराठी, हिंदी, रसायन सहित 24 पीएचडी विषयों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) स्कोर मान्य किया जाएगा। डीईटी प्रभारी डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि जून और दिसंबर 2024 में नेट देने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इन विषयों की रिक्त सीटों की जानकारी अगले महीने वेबसाइट पर जारी होगी। recent visitors 36

फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग, मंत्री सारंग ने किया स्थल का निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को सुभाष नगर आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) के प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की रूपरेखा का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग (सेतु), नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मार्ग का अवलोकन कर थर्ड लेग निर्माण में आने वाली संभावित बाधाओं की समीक्षा कर उन्हें दूर करने के भी निर्देश दिए। फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से अब तक 10 फ्लाई ओवरों की सौगात दी है। विगत वर्ष बने सुभाष नगर आरओबी से 5 लाख नागरिकों को सुविधा मिल रही है। अब इसी आरओबी का विस्तार करते हुए इसका ‘थर्ड लेग’ तैयार किया जाएगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा। थर्ड लेग से भेल क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को एमपी नगर एवं न्यू भोपाल पहुँचने में और अधिक सुगमता होगी। सुभाष नगर थर्ड लेग होगा सिविल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह थर्ड लेग तकनीकी दृष्टि से अत्यंत उन्नत होगा तथा सिविल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा और अत्यंत आकर्षक डिज़ाइन के साथ कर्व लेते हुए निर्मित किया जाएगा। इसके निर्माण में लगभग 242 मीटर का स्पान शामिल होगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रूपये है। उन्होंने बताया कि थर्ड लेग की डिजाइन तैयार हो चुकी है और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यातायात की सुगमता के लिए आवश्यक है फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि वर्तमान में भेल क्षेत्र की ओर से आने वाले यात्रियों को सुभाष नगर फ्लाई ओवर पर चढ़ने के लिए प्रभात चौराहा होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। थर्ड लेग के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। अब भेल से आने वाले वाहन पुराने फ्लाई ओवर पर सीधे चढ़ सकेंगे। इसके साथ ही मैदा मिल और एमपी नगर की ओर से भेल क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अब प्रभात चौराहे का रूट नहीं लेना पड़ेगा और मैदा मिल की तरफ से थर्ड लेग से चढ़कर मोती नगर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि यह थर्ड लेग यात्रियों को सीधे और सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और अच्छी होगी| मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में ट्रैफिक सिस्टम को सुव्यवस्थित करने के लिए हमने एक ठोस कार्य योजना बनाई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जा रहा है। यह थर्ड लेग ना सिर्फ यातायात सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को भी एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है।   recent visitors 48

भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक सख्त फैसले ले रहा, सिंधु जल संधि खत्म करने का प्लान तैयार

जम्मू-कश्मीर कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक सख्त फैसले ले रहा है. आतंकियों का पनाहगार बन चुके पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने की घोषणा की थी. अब सूत्रों की मानें तो भारत सरकार ने पाकिस्तान को सिंधु नदी के पानी के प्रवाह को रोकने का फैसला किया है. इसके लिए सिंधु बेसिन नदियों के किनारे बांधों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पानी रोकने की क्षमता होगी. मोदी सरकार तीन टर्म में अपने फैसले को लागू करने का प्लान बना रही है. जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने आजतक से विशेष बातचीत में सिंधु जल संधि को लेकर भारत सरकार के नए रुख की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि के तहत जो निर्णय किया गया है, उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा, लेकिन अब इसे टर्म यानी तीन चरणों- तुरंत, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म में लागू किया जाएगा. मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत से पाकिस्तान को एक बूंद भी पानी न जाए, इसकी पूरी व्यवस्था की जाएगी. आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से बढ़ाई जाएगी बांधों की क्षमता सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोकने की तैयारी शुरू कर दी गई है और इसका असर जल्द ही देखा जा सकेगा. सरकार बांधों की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी और गाद हटाकर अधिक पानी को संग्रहित किया जाएगा. वर्ल्ड बैंक, जिसने यह संधि कराई थी, को भी भारत सरकार के इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है. इस फैसले पर तुरंत अमल शुरू किया जा रहा है. आज इस मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जलशक्ति मंत्री सीआर. पाटिल के बीच अहम बैठक भी हुई. इसको लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि पाकिस्तान में सिंधु नही का एक बूंद पानी भी नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने एक्स पर लिखा, "मोदी सरकार द्वारा सिंधु जल संधि पर लिया गया ऐतिहासिक निर्णय पूर्णतः न्यायसंगत और राष्ट्रहित में है.हम ख्याल रखेंगे की पाकिस्तान में सिंधु नदी का एक बूंद पानी भी नहीं जाए." भारत ने पाकिस्तान को आधिकारिक रूप से दी जानकारी बता दें कि इससे पहले, सरकार ने संधि को निलंबित करने के अपने फैसले को लागू करने के लिए एक औपचारिक अधिसूचना जारी की और गुरुवार को इसे पाकिस्तान को सौंप दिया. अधिसूचना में कहा गया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जा रहा है, जिससे सिंधु आयुक्तों के बीच बैठकें, डेटा साझा करना और नई परियोजनाओं की अग्रिम सूचना सहित सभी संधि दायित्वों को प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया गया है. संधि के अब निलंबित होने के बाद, भारत पाकिस्तान की अनुमति या परामर्श के बिना नदी पर बांध बनाने के लिए स्वतंत्र है. पाकिस्तानी अधिकारियों को संबोधित एक पत्र में, भारत की जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद सिंधु जल संधि के तहत भारत के अधिकारों में बाधा डालता है. पत्र में लिखा है, "सद्भावना के साथ संधि का सम्मान करने का दायित्व संधि के लिए मौलिक है. हालांकि, इसके बजाय हमने जो देखा है वह यह है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर लगातार सीमा पार आतंकवाद जारी है." पाकिस्तान ने बताया था युद्ध की कार्रवाई वहीं पाकिस्तान ने गुरुवार को सिंधु जल संधि को भारत द्वारा निलंबित करने के फैसले को खारिज कर दिया और कहा कि संधि के तहत पाकिस्तान के पानी के प्रवाह को रोकने के किसी भी कदम को "युद्ध की कार्रवाई" के रूप में देखा जाएगा. दोनों देशों ने नौ साल की बातचीत के बाद सितंबर 1960 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका एकमात्र उद्देश्य सीमा पार की नदियों से संबंधित मुद्दों का प्रबंधन करना था. पाकिस्तान पर बड़ा असर विशेषज्ञों के अनुसार, भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने से पाकिस्तान की कृषि अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है, जिससे महत्वपूर्ण जल डेटा साझाकरण बाधित होगा और प्रमुख फसल मौसमों के दौरान प्रवाह कम होगा. विश्व बैंक की मध्यस्थता में, संधि पूर्वी नदियों – सतलुज, ब्यास और रावी को भारत को और पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब को पाकिस्तान को आवंटित करती है. लगभग 135 एमएएफ का औसत वार्षिक प्रवाह बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को आवंटित किया गया था.   recent visitors 55

मुख्यमंत्री ने रतलाम और रीवा की रीजनल न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का किया वर्चुअल शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की न्याय व्यवस्था को सुगम, सर्व सुलभ और संशयमुक्त बनाने की दिशा में रीवा और रतलाम में आरंभ हो रही रीजनल न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाए महत्वपूर्ण कदम हैं। कुल 13 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनी इन प्रयोगशालाओं से रीवा, सतना, सिंगरौली, मैहर तथा रतलाम नीमच और मंदसौर क्षेत्रों में घटना स्थल पर ही टॉक्सिकोलॉजी, रसायन और जीव विज्ञान से संबंधित प्रकरणों का परिक्षण किया जा सकेगा। पुलिस, फॉरेंसिक साइंस और न्यायपालिका जस्टिस डिलेवरी सिस्टम के अभिन्न अंग हैं। यह तीनों अंग जितने ज्यादा सशक्त होंगे, उतना ही वहां के नागरिक सुरक्षित होंगे और आपराधिक गतिविधियां नियंत्रण में रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा और रतलाम में न्यायिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री जे एन कंसोटिया,डॉ राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न्याय प्रणाली को जनकेंद्रित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में सघन गतिविधियां जारी हैं। लगभग 3 हजार से अधिक अनुपयोगी और अप्रचलित कानून निरस्त हुए हैं। नए कानूनों में ऑडियो-वीडियो रिकार्डिग, फॉरेंसिक साक्ष्य की वीडियोग्राफी और पूछताछ में डिजीटल रिकार्ड को कानूनी आधार देने की व्यवस्था की गई है। कोर्ट के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स, वीडियो कांफ्रेंसिंग, मोबाइल ऐप, वर्चुअल सुनवाई आदि का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। प्रदेश में भोपाल, सागर, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की जा चुकी है। यह सब प्रयास लोगों को सही सटीक और शीघ्र न्याय दिलाने में सहायक होंगे। रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री मथुरा लाल डामोर, महापौर रतलाम श्री प्रह्लाद पटेल और रीवा में हुए कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कौल, पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 42

अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए भारत की मदद करने की बात कही

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले पर अमेरिकी सहित ज्यादातर देशों ने चिंता जाहिर की है। दुनिया के ज्यादातर देशों ने इस हमले के बाद भारत के प्रति सहानुभूति जाहिर की।  इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए भारत की मदद करने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,"हम पहलगाम में 26 हिंदुओं को निशाना बनाकर किए गए भीषण इस्लामी आतंकवादी हमले के खिलाफ भारत के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने आगे कहा कि मेरी प्रार्थनाएं और गहरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के सभी लोगों के साथ हैं। हम आपके साथ हैं और इस जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने में आपका समर्थन करते हैं। बता दें कि दुनिया के ज्यादातर देशों ने इस घटना पर चिंता जाहिर की है। कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने पीएम मोदी के साथ फोन पर बातचीत की और हमले पर चिंता जाहिर की। ब्रिटेन ने की हमले की निंदा ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी शुक्रवार को पहलगाम आतंकी हमले पर को 'वीभत्स'  घटना करार दिया है। स्टारमर ने ब्रिटिश लोगों की ओर से अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने पर सहमति जताई। ब्रिटेन के सांसदों ने भी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है। ब्रिटेन के सांसद तनमनजीत सिंह धेसी ने उम्मीद जताई कि हमले के पीछे के अपराधियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। recent visitors 35