मुख्यमंत्री ने दिनेश मिरानिया के पार्थिव शरीर को दिया कंधा, अंतिम संस्कार में शामिल होकर दी श्रद्धांजलि

परिजनों से मुलाकात कर दिया सरकार की ओर से सहायता का भरोसा स्वर्गीय श्री मिरानिया के पावन स्मृतियों को सहेजने के लिए सरकार करेगी प्रयास रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में दिवंगत प्रदेश के कारोबारी दिनेश मिरानिया के अंतिम संस्कार में शामिल होकर पार्थिव शरीर को कंधा दिया। उन्होंने स्वर्गीय श्री दिनेश मिरानिया के पार्थिव देह पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से मृतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्री साय ने शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री मिरानिया के पावन स्मृतियों को सहेजने और चिर स्थायी बनाने लिए सरकार किसी सड़क या चौक को उनके नाम पर करने की बात कही।  श्री साय ने कहा कि आतंकवादियों की इस कायराना हरकत ने देश की आत्मा पर चोट किया है। पूरे प्रदेश के लिए भी यह दुख और पीड़ा का क्षण है।  घिनौनी आतंकवादी घटना में प्रदेश ने अपना एक बेटा खो दिया है। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने से जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित हुई, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिला और घाटी के विकास को गति मिली थी। आतंकवादियों ने पर्यटकों के जरिए कश्मीर और देश को अस्थिर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुटता के साथ इस अमानवीय कृत्य का बदला लेगा। श्री साय ने कहा कि पाकिस्तान के शह पर हुई इस हमले का अंजाम उसे भुगताना पड़ेगा।        इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, विधायक किरण देव, विधायक राजेश मूणत और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। recent visitors 45

दिल्लीवालों को एक बार फिर झेलने पड़ेगे लू के थपेड़े

नई दिल्ली दिल्लीवासियों को एक बार फिर लू के थपेड़े सहने पड़ सकते हैं. मौसम विभाग ने राजधानी में तापमान में वृद्धि और हीट वेव की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है. बुधवार को आसमान साफ रहने और 10 से 20 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. इस दौरान अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. अगले 5 दिन बढ़ेगा तापमान दिल्ली में अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है. बुधवार को तापमान 39-42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि 24 से 26 अप्रैल के दौरान यह 41-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. लू की स्थिति के कारण, इस अवधि में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है. मंगलवार को तेज धूप और गर्म हवाओं ने गर्मी को और बढ़ा दिया, हालांकि कुछ समय के लिए चलने वाली सतही हवाओं (10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति) ने थोड़ी राहत प्रदान की. गर्मी से राहत की संभावना नहीं मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में आसमान साफ रहने की उम्मीद है, और अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम है. पिछले 24 घंटों में राजधानी में कोई बारिश नहीं हुई, और गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही है. अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को तेज धूप के साथ मौसम साफ रहेगा. गर्म हवाएं 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. गुरुवार को तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जिससे गर्मी बढ़ेगी. शुक्रवार को भी गर्मी का सामना करना पड़ेगा, जबकि शनिवार को हल्की राहत मिल सकती है, जब आसमान में कुछ बादल दिखाई देंगे. रविवार को फिर से गर्मी का अनुभव होगा, और सोमवार को बादल छाए रहने की उम्मीद है. मंगलवार को भी बादलों की मौजूदगी रहेगी, लेकिन गर्मी बनी रह सकती है.   recent visitors 41

भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ शुरू किया एक्शन, पाक ने कराची में किया मिसाइल परीक्षण

इस्लामाबाद  पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया है। सिंधु नदी का पानी रोकने सहित पांच पाबंदियां पाकिस्तान पर लगाई गई हैं। इसके बाद पाकिस्तान सरकार में हलचल तेज है। वहीं, डिप्टी पीएम इशाक डार ने भारत ने परमाणु बम वाली धमकी दी है। डार ने कहा है कि भारत की पाबंदियां गैर मुनासिब हैं। पाकिस्तान के पास भी परमाणु हथियार हैं और हम झुकेंगे नहीं। समाचार एजेंसी ने रक्षा सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर कराची तट पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने के लिए अधिसूचना जारी की है। संबंधित भारतीय एजेंसियां ​​सभी घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रही हैं। शिमला एग्रीमेंट से पीछे हट सकता है पाकिस्तान     पाकिस्तान में आज होने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में सेना प्रमुख और विदेश मंत्री भी शामिल रहेंगे। बैठक के बाद विदेश मंत्रालय द्वारा आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।     खबर है कि भारत द्वारा लगाई गई पाबंदियों के जवाब में पाकिस्तान भी कुछ फैसले ले सकता है। इसमें 1972 का शिमला एग्रीमेंट भी शामिल है। 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े होने के बाद शिमला एग्रीमेंट हुआ था।     यह समझौता इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था। शिमला एग्रीमेंट में तय हुआ था कि 17 दिसंबर 1971 को जो स्थिति है, दोनों देश उसे ही एलओसी मान लें। भारत ने डराने की कोशिश की, तो एकजुट रहेगा पाकिस्तान: चौधरी फवाद हुसैन पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत में बढ़ते आक्रोश के बीच पाकिस्तान के पूर्व मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने कहा कि अगर भारत द्वारा हमला किया गया या धमकी दी गई तो देश अपनी रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़ा होगा। अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के वरिष्ठ नेता हुसैन ने एक्स पर लिखा, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई) सहित सभी प्रमुख दल अपने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एकजुट रहेंगे। पाकिस्तान राजनीतिक रूप से विभाजित है, लेकिन हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट हैं। अगर भारत द्वारा हमला किया गया या धमकी दी गई, तो सभी समूह अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए पाकिस्तानी झंडे के नीचे एकजुट होंगे। recent visitors 40

अब ओरछा रेलवे स्टेशन पर रूकेंगी ग्वालियर बनारस बुंदेलखंड एक्सप्रेस और खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

ओरछा विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा को दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज का तोहफा मिला है। ग्वालियर बनारस बुंदेलखंड एक्सप्रेस और खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अब ओरछा रेलवे स्टेशन पर रूकेंगी, यह दोनों ट्रेन कब से ओरछा रुकेंगी यह अभी तय नहीं हुआ है। भाजपा नेता विकास यादव ने 12 नवंबर 2024 को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात के द्वारा उक्त ट्रेनों के ओरछा ठहराव की मांग रखी थी। मंत्री सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस मांग को आगे बढ़ाया।       रेलवे बोर्ड के संयुक्त निर्देशक विवेक कुमार सिंह ने दोनों ट्रेनों के ठहराव के आदेश जारी कर दिए हैं।     मंत्री सिंधिया ने फेसबुक पोस्ट के जरिये रेल मंत्री का आभार जताया है।     दोनों ट्रेनों के ओरछा स्टॉपेज के इस फैसले से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।     ओरछा आने वाले देशी व विदेशी पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ट्रेन की बेहतर सुविधा मिलेगी।     केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने फेसबुक पर पोस्ट कर रेलमंत्री का आभार जताया।     अब कुल पांच बड़ी ट्रेनों का ओरछा रेलवे स्टेशन पर ठहराव होगा।     इन दो ट्रेनों के ठहराव के साथ ओरछा में रुकने वाले ट्रेनों की संख्या 5 हो गई है।     इससे पहले फतेहपुर, प्रयागराज एक्सप्रेस, झांसी बांदा मैमू और झांसी मानिकपुर मैमू यहां रुकती थीं।   recent visitors 38

सरकार योजनाओं की ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर योजनाओं में सुधार या बदलाव करेगी

भोपाल मध्य प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। मोहन सरकार अब लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी  जैसी कई फ्लैगशिप योजनाओं का सोशल ऑडिट कराने की तैयारी में है।इसके तहत पता लगाया जाएगा कि इन योजनाओं से लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ा, इनमें क्या खामियां व खूबियां है। इस ऑडिट की रिपोर्ट तैयार कर फिर राज्य शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर योजनाओं में सुधार या बदलाव किए जाएंगे।खबर है कि जल्द ही विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और स्वीकृति मिलने पर विभागों से समन्वय कर सोशल आडिट की प्रक्रिया शुरू होगी। खास बात ये है कि ये ऑडिट सिर्फ कागजों पर नहीं होगा बल्कि इसमें खुद अधिकारी कर्मचारी घर-घर जाकर योजना के लाभार्थियों से संपर्क करेंगे। ऑडिट में इन योजना पर रहेगा फोकस खबर है कि सोशल आडिट के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का विभागवार खाका तैयार किया जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इनमें प्रधानमंत्री मातृवंदना, पीएम आवास, निशुल्क खाद्यान्न वितरण, पथ विक्रेता योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित तमाम ऐसी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया जाएगा। मई में 15 तारीख तक आएगी लाड़ली बहना योजना की 24वीं किस्त 16 अप्रैल को सीएम डॉ. यादव ने प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख बहनों के खातों में 23वीं किस्त के 1552 करोड़ 38 लाख जारी कर दिए है।इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 1250 भेजे गए है।25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 57 करोड़ भी खातों में भेजे गए है।अब योजना की 24वीं किस्त मई में जारी होगी। ध्यान रहे अगली किस्त 15 तारीख तक आएगी क्योंकि अंतरण की तारीख में सदैव एकरूपता लाने के लिए राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी।     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से अप्रैल 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 23 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। recent visitors 47

मध्य प्रदेश का एजुकेशन डिपार्टमेंट हर स्कूल में एक शुगर बोर्ड की स्थापना करने जा रहा, बच्चों को डायबिटीज की शिक्षा जरूरी

जबलपुर  मध्य प्रदेश का एजुकेशन डिपार्टमेंट हर स्कूल में एक शुगर बोर्ड की स्थापना करने जा रहा है. इस बोर्ड के जरिए स्कूली बच्चों को डायबिटीज से बचाव कैसे करें यह समझाने की कोशिश की जाएगी. इसके साथ ही बच्चों के लिए कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की अनुशंसा पर यह पत्र प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा है. गलत खानपान की वजह से कम उम्र में बढ़ती मधुमेह की बीमारी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. भारत में बढ़ती डायबिटीज भारतीय चिकित्सा विज्ञान परिषद की एक इकाई भारत में मधुमेह के बढ़ते हुए रोगियों की संख्या पर अध्ययन करती है. इसके अनुसार 1990 में भारत में 5.5 प्रतिशत मधुमेह के रोगी थे. 2016 तक आते-आते यह संख्या 7% तक पहुंच गई. 2018 की सर्वे में यह संख्या 9.3 प्रतिशत थी जो 2021 में बढ़कर 9.7% हो गई. यह लोग अलग-अलग समय पर समाज के अलग-अलग हिस्सों में सैंपलिंग करते हैं जिससे यह प्रतिशत निकाला जाता है. क्यों हो जाती है डायबिटीज जबलपुर के डॉक्टर सुनील मिश्रा बताते हैं कि, ''हमारे खानपान की बदलती आदतें और हमारा बदलता हुआ रहन-सहन डायबिटीज की मुख्य वजह है. आजकल का आदमी ज्यादा आराम पसंद है, मेहनत कम करता है. जबकि उसका खाना पहले की अपेक्षा ज्यादा पौष्टिक हो गया है. इसमें ज्यादा तादाद में तेल कार्बोहाइड्रेट शुगर और प्रोटीन है. शरीर में जरूर से ज्यादा खाना पहुंच रहा है. इसी की वजह से मोटापा बढ़ रहा है और लोगों में मधुमेह की समस्या बढ़ रही है. सबसे बड़ा संकट बच्चों के सामने है क्योंकि बच्चे जंक फूड खा रहे हैं.'' जंक फूड क्या है चॉकलेट, कैंडी, केक, बेकरी आइटम, डीप फ्राइड चिप्स, बर्गर, पिज्जा यह सभी आइटम जंक फूड की श्रेणी में आते हैं. इन सभी खाद्य सामग्रियों में जरूरत से ज्यादा कैलोरी है. इसके साथ ही कोल्ड ड्रिंक आइसक्रीम जैसे खाद्य पदार्थ भी शरीर में शक्कर की मात्रा बढ़ा रहे हैं और इन्हीं को खाने की वजह से बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है. जिसकी वजह से कम उम्र में ही बच्चों को डायबिटीज की समस्या हो रही है. शहरी स्कूलों में बाकायदा कैंटीन बनाई जा रही हैं. वहीं गांव के स्कूलों के आसपास ऐसी दुकानें होती हैं जहां बहुत कम पैसे में चिप्स कोल्ड ड्रिंक जैसे सामान मिल जाते हैं. डायबिटीज की शिक्षा जरूरी इस बार यह चिंता राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने जताई है. बाल संरक्षण आयोग की अनुशंसा पर स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने जिला शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र भेजा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि स्कूलों में एक बोर्ड की स्थापना की जाए. जिसमें चीनी के जरूर से ज्यादा उपयोग की वजह से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं, किन-किन सामानों में चीनी ज्यादा होती है. जंक फूड क्या होता है. यह जानकारी हर बच्चे को दी जाए. इसके साथ ही हर स्कूल में शक्कर की ज्यादा इस्तेमाल की वजह से होने वाली बीमारियों के बारे में कार्यशालाओं का आयोजन करवाया जाए. शिक्षकों को इस बारे में जानकारी दी जाए ताकि बच्चों तक यह जानकारी पहुंच सके और बच्चों में होने वाली डायबिटीज की बीमारी से बचाव किया जा सके. स्कूलों में कार्यशालाओं का आयोजन जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है कि, ''इस पत्र के सिलसिले में उन्होंने जबलपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से चर्चा की है और जल्द ही जबलपुर के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इसके साथ ही स्कूलों में डायबिटीज की बीमारी से जुड़े विषयों पर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा. सभी स्कूलों को 30 दिनों के भीतर बोर्ड की स्थापना करनी है और स्कूल शुरू होते ही कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना है.'' हेल्थ के लिए नुकसानदायक है पिज्जा-बर्गर यह समस्या सरकारी स्कूलों में कम है. निजी स्कूलों में जहां समाज के अपेक्षाकृत संपन्न वर्ग के बच्चे पढ़ने आते हैं, वहां बच्चों में मोटापा स्पष्ट दिखता है. इन्हीं स्कूलों में शुगर बोर्ड की जरूरत सबसे ज्यादा है, ताकि बच्चे यह समझ सकें कि जिस चॉकलेट, पिज्जा, बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक को वह बड़े चावल से खा और पी रहे हैं वह दरअसल जानलेवा है. ज्यादातर छोटे बच्चों की आदत बिगाड़ने का काम उनके परिवार के लोग करते हैं. इसलिए परिवार के लोगों को भी इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है. recent visitors 29

कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने बाल विवाह में शामिल मैरिज गार्डन संचालकों, कैटरर्स, बैंड और धर्मगुरुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी

भोपाल अक्षय तृतीया से पहले राजधानी भोपाल के जिला प्रशासन ने बाल विवाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बाल विवाह में शामिल मैरिज गार्डन संचालकों, कैटरर्स, बैंड वालों और धर्मगुरुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है.बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो साल की जेल, एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. कलेक्टर ने अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त को देखते हुए यह आदेश जारी किया, क्योंकि इस अवसर पर बड़ी संख्या में विवाह होते हैं, जिनमें बाल विवाह की आशंका बढ़ जाती है. उन्होंने कहा, ''बाल विवाह की सूचना सही पाए जाने पर वर-वधू के परिजनों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा.'' आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विवाह समारोह में सेवाएं देने वाले, जैसे मैरिज गार्डन, कैटरिंग या बैंड वाले, यह सुनिश्चित करें कि वर और वधू बालिग हैं. आयु प्रमाणपत्र की जांच अनिवार्य होगी. अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं, जिन पर बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है: 9425047133: जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास 7000879805: सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास 8696389007: जिला कार्यालय इसके अलावा, डायल 100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 पर भी बाल विवाह की शिकायत दर्ज की जा सकती है. कलेक्टर ने सामूहिक विवाह आयोजकों से लिखित आश्वासन देने को कहा है कि उनके आयोजन में कोई नाबालिग विवाह नहीं करेगा. जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें.   recent visitors 33