मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिकों से आज संवाद करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की 17 वीं "विज्ञान मंथन यात्रा" के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिकों से आज संवाद करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री निवास में शाम 7 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा पर जाने वाले भावी वैज्ञानिको को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विज्ञान मंथन यात्रा का फ्लैग ऑफ भी करेंगे। इस अवसर पर वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों उपस्थिति रहेंगे। 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 21 से 27 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। योजना में चयनित प्रतिभागियों को देश की प्रतिष्ठित प्रयोशालाओं और समर्पित वैज्ञानिकों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। यात्रा उपरांत परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्षों तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 छात्र-छत्राओ का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया में प्रदेश को 5 विभिन्न जोन (ईस्ट, वेस्ट, नार्थ, साउथ व सेंट्रल) में बांटकर प्रत्येक जोन से 75 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। परियोजना प्रभारी डॉ. विवेक कटारे के अनुसार इन प्रतिभागियों का चयन प्रदेश स्तर पर पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर किया गया है। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं के 49 छात्राओं एवं 76 छात्रों, कक्षा 11वीं के 54 छात्राएं तथा 71 छात्रों और कक्षा 12वीं के 48 छात्राएं तथा 77 छात्रों का चयन किया गया है। इन छात्र-छात्राओं के उपयोगी मार्गदर्शन के लिये प्रदेश के विज्ञान विषय के 33 शिक्षकों का भी चयन किया गया है। सोमवार को प्रदेश भर से सभी चयनित विद्यार्थी प्रौद्योगिकी परिषद के नेहरू नगर स्थित मुख्यालय में प्रातः 9.00 बजे उपस्थित होंगे। इस वर्ष कुल चयनित 375 विद्यार्थियों को 02 पृथक समूहों में विभाजित किया गया है, जिनमें से एक ग्रुप चंडीगढ़ जायेगा और दूसरा समूहों दिल्ली स्थित संस्थानों का भ्रमण करेगा। दिल्ली जाने वाले समूहों के विद्यार्थी नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और दिल्ली संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। परियोजना प्रभारी डॉ. कटारे ने बताया कि चंडीगढ़ जाने वाले समूह का नाम “सीवी रमन समूह” एवं दिल्ली जाने वाले समूह का नाम “एपीजे अब्दुल कलाम समूह” रखा गया है। “सीवी रमन समूह ” में कक्षा 11वीं और 12वीं एवं “एपीजे अब्दुल कलाम समूह” में 10वीं के छात्र-छात्राए होंगे। दोनों ही समूह मंगलवार 22 अप्रैल को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से प्रातः वन्दे भारत ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर प्रदेश के इन सभी भावी वैज्ञानिकों का भव्य स्वागत विज्ञान भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए विगत 16 वर्षो से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। आज हम सभी की उन्नत जीवन शैली विज्ञान के नित नए आविष्कारो पर ही आधारित है। इन आविष्कारों के पीछे नित नये शोध कार्य और इस शोधो को अंजाम देने वाले हमारे कर्मठ वैज्ञानिकों, समर्पित प्रयोगशालाओं आदि के साक्षात् दर्शन से जो वातावरण पैदा होता है, वह विद्यार्थियों के मन में देशप्रेम के साथ-साथ समर्पित वैज्ञानिक के रूप में अपना कॅरियर बनाने की प्रतिबद्धता प्रदान करता है। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढाया जाने का कार्य किया जा रहा है। recent visitors 21

नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ रोजगार भी है और संस्कार भी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने 'नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कार' विषय पर आयोजित 'की-नोट' एड्रेस में रखे अपने विचार नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक  : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। आज विदेशी हमारी संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ में बड़ी संख्या में पश्चिमी देशों के लोग श्रद्धा से गंगा स्नान करने पहुँचे। दूसरी ओर, हम दिखावे और आडंबर के चलते अपनी महान संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं और पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और संस्कार दोनों सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री साय राजधानी के बेबीलोन कैपिटल होटल में पत्रिका समूह द्वारा आयोजित 'की-नोट' एड्रेस में अपने विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं गुलाब कोठारी को बधाई देना चाहता हूं कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को निरंतर सकारात्मक दिशा दे रहे हैं। पत्रिका समूह के दायित्वों के साथ-साथ वे जो समय निकाल रहे हैं, उसे सामाजिक चेतना के लिए समर्पित कर रहे हैं – यह अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश सदियों तक विश्व गुरु रहा है। नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों में पूरी दुनिया से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे। हमारा सनातन धर्म अत्यंत प्राचीन है, जिसकी मूल भावना 'वसुधैव कुटुम्बकम्' है – अर्थात् पूरा विश्व एक परिवार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति को छत्तीसगढ़ ने अपनाया है। इस नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और संस्कार दोनों को प्राथमिकता दी गई है। इसके माध्यम से हम पुनः अपनी गौरवशाली सभ्यता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत में नारी का सम्मान सर्वोपरि रहा है। हमारे यहां कहा गया है– 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः', अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। हमारे धर्म में भगवान के नाम से पहले देवी का नाम आता है– जैसे उमापति महादेव, सियापति राम, राधाकृष्ण आदि। हम माँ सरस्वती से विद्या, माँ लक्ष्मी से धन और माँ दुर्गा से शक्ति की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' का अर्थ है – माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ हैं। माता-पिता ही बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं, और जैसा वे सिखाते हैं, बच्चे वही सीखते हैं। हमारी सभ्यता आज भी जीवित है, जो हमारी शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज हमारे परिवारों में एक गंभीर समस्या यह है कि हम बच्चों को मोबाइल थमा रहे हैं। मोबाइल में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। हमें चाहिए कि हम उसमें से अच्छाई को चुनें – जैसे हंस दूध को ग्रहण करता है, वैसे ही हमें भी विवेकपूर्वक चयन करना चाहिए। पत्रिका समूह के चेयरमैन गुलाब कोठारी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने की शक्ति केवल माँ के पास है। माँ सूक्ष्म स्तर पर जीवन जीती है। उसमें अन्न ब्रह्म और शब्द ब्रह्म दोनों विद्यमान हैं। माँ ही जीवन का पोषण करती है। आधुनिक शिक्षा ने माँ की भूमिका को कमज़ोर कर दिया है, जबकि शरीर और आत्मा दोनों के पोषण की शक्ति माँ के पास ही है। आज माँ-बाप और बच्चों के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बौद्धिक विकास जीवन में सुख की गारंटी नहीं देता। कोठारी ने कहा कि अगर हम बदलती दुनिया में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखें, तो ही हम विश्व को कुछ देने योग्य बन पाएंगे। भारतीय दर्शन हमें सिखाता है कि हम केवल शरीर नहीं, आत्मस्वरूप हैं। सूचना और ज्ञान बाहर से आते हैं, लेकिन विज़न और जीवन की दिशा भीतर से आती है। आज यही 'भीतर' हमसे छूट रहा है। आधुनिक शिक्षा ने हमें मानव संसाधन बना दिया है, जबकि हमें अपनी संस्कृति को जीवित रखना आवश्यक है। आईआईएम के डायरेक्टर प्रो. रामकुमार काकानी ने कहा कि आज पीढ़ियों के बीच जो खाई उत्पन्न हुई है, उसे पाटना ज़रूरी है। नई पीढ़ी की दुनिया अलग है – उस पर अधिक दबाव है, चौबीसों घंटे विज्ञापनों का असर है, और परिवार भी छोटे होते जा रहे हैं। संचार और तकनीक के प्रसार ने पीढ़ियों के बीच की दूरी और बढ़ा दी है। पहले की पीढ़ियों में अनुशासन और सीमित साधन होते थे, आज की पीढ़ी प्रतिस्पर्धा के दबाव में है। इससे पारिवारिक ढांचा भी बदला है, और भावनात्मक दूरी भी आई है। उन्होंने कहा कि हमें साझा मूल्यों की पुनः पहचान करनी होगी। नई पीढ़ी को सहानुभूति और स्पष्ट लक्ष्यों के साथ प्रेरित करना होगा। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुले वातावरण में संवाद को बढ़ावा देने की ज़रूरत है। अगर हम ऐसा करें, तो पीढ़ियों के बीच की दूरी को पाटा जा सकता है। कार्यक्रम में कोंडागांव की युवा उद्यमी सुअपूर्वा त्रिपाठी ने भी विचार रखे। इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पद्मश्रीमती फुलबासन यादव,  पत्रिका के स्टेट एडिटर पंकज श्रीवास्तव सहित पत्रिका समूह के अनेक सदस्य व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 25

सीजी माशिमं मई के पहले सप्ताह में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के नतीजे एक साथ कर सकता है घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के लिए बड़ी अपडेट है। बोर्ड परीक्षा की नतीजे मई के पहले सप्ताह में घोषित होंगे। माशिमं की ओर से मूल्यांकन दो चरणों में कराया गया। सभी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 5.71 लाख छात्र शामिल हुए थे। 10वीं और 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रदेश के 36 केन्द्रों में किया गया है। माशिमं से मिली जानकारी के अनुसार, किसी मूल्यांकनकर्ता के अनुपस्थित रहने पर भी संबंधित विषय का मूल्यांकन कार्य प्रभावित न हो और मूल्यांकन समय पर पूरा हो सके, इसके लिए इस बार मूल्यांकनकर्ताओं की संख्या बढ़ाई गई थी। मूल्यांकन से पहले ही सभी मूल्यांकन केन्द्र के प्रभारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जिसके अनुसार मूल्यांकन कराया गया। मई के पहले सप्ताह में दोनों परीक्षाओं के नतीजे मिली जानकारी के अनुसार, माशिमं मई के पहले सप्ताह में दोनों परीक्षाओं के नतीजे एक साथ घोषित कर सकती है। इसके लिए तैयारियों में जुटी हुई है। मूल्यांकन के बाद से नतीजे तैयार करने का काम तेजी से जारी है। इस बार 9 मई से पहले बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित किए जाने की संभावना है। इन छात्रों को मिलेंगे बोनस नंबर छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में खेल, स्काउट-गाइड, एनसीसी, एनएसएस, साक्षरता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बोनस अंक दिए जाते हैं। यह बोनस अंक राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर दिए जाते हैं, जिसमें राज्य स्तर के लिए 10 अंक, राष्ट्रीय स्तर के लिए 15 अंक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए 20 अंक शामिल हैं।   recent visitors 31

कोहली और पडिक्कल ने पेश किया फिटनेस का शानदार नमूना, टॉप-4 में फिर से बनाई अपनी जगह

चंडीगढ़ विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल की दमदार फिफ्टी से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को 7 विकेट से हरा दिया। आरसीबी की इस सीजन में 8 मैचों में से 5वीं जीत है। वहीं पंजाब को सीजन में तीसरी हार का सामना करना पड़ा है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। मैच में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने निर्धारित 20 ओवर के खेल में 157 रन का स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में आरसीबी ने 18.5 ओवर में लक्ष्य को हासिल कर लिया। आरसीबी के लिए लक्ष्य का पीछा करते हुए दिग्गज विराट कोहली और देवदत्त ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। विराट कोहली ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए 73 रनों की नाबाद पारी खेली। आईपीएल में विराट कोहली का यह 101वां फिफ्टी था। कोहली अंत तक बल्लेबाजी करते हुए रन बनाकर नाबाद रहे। इसके अलावा पडिक्कल ने टीम के लिए 35 गेंद में 61 रनों की पार खेली। अपनी इस पारी में 5 चौके और 4 छक्के भी लगाए। वहीं कप्तान रजत पाटीदार 13 गेंद में 12 रन बनाकर आउट हुए। विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने भाग कर पूरे किए 4 रन रविवार को खेले गए डबल हेडर के पहले मुकाबले में विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। पंजाब की पारी में तीसरे ओवर के दौरान अर्शदीप सिंह अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। देवदत्त ने दूसरी गेंद पर चौका लगाया था लेकिन बाकी के गेंदों पर कम रन बने थे। हालांकि अंतिम गेंद पर पडिक्कल ने डीप मिड विकेट की तरफ शॉट खेलकर रन लेने के लिए दौड़े। पहले दोनों बल्लेबाज तीन रन लेने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बाउंड्री पर फील्डर नेहाल वढेरा ने पैर से गेंद रोका और तेज गति होने के कारण आगे निकल गए, जिससे दोनों बल्लेबाजों को चौथे रन के लिए वापस आने का मौका मिल गया। विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने दौड़कर चार रन पूरे किए। उनके विकेट के बीच तेज रफ्तार दौड़ देखकर हर कोई हैरान रह गया। मैच की बात करें तो विराट कोहली की 73 रनों की पारी के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2025 के 37वें मुकाबले में पंजाब किंग्स को 7 विकेट से हाराया। इसी के साथ आरसीबी ने दो दिन पहले अपने घर मिली शिकस्त का भी मेजबानों से बदला लिया। पंजाब ने पहले बैटिंग करते हुए बेंगलुरु के सामने जीत के लिए 158 रनों का टारगेट रखा था। इस स्कोर को आरसीबी ने विराट कोहली की दमदार पारी के दम पर 7 गेंदें और इतने ही विकेट रहते चेज किया। इस जीत के साथ ही RCB के पास अब पॉइंट्स टेबल में 10 अंक हो गए हैं। पंजाब किंग्स की गेंदबाजी रही मैच में बेअसर आरसीबी के खिलाफ इस मुकाबले में पंजाब किंग्स की गेंदबाजी कुछ खास नहीं रही। पंजाब की तरफ से कुल 7 गेंदबाजों ने बॉलिंग, जिसमें से सिर्फ 3 को ही सफलता मिल पाई। पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह, हरप्रीत बरार और युजवेंद्र चहल को एक-एक विकेट मिला। इसके अलावा और कोई भी गेंदबाज आरसीबी को परेशान नहीं कर पाई, जिसके कारण पंजाब किंग्स को यह मुकाबला गंवाना पड़ गया। RCB के खिलाफ पंजाब की बैटिंग रही साधारण आरसीबी के खिलाफ इस मुकाबले में पंजाब किंग्स की बल्लेबाजी बहुत ही साधारण रही। पंजाब की टीम क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा की स्पिन गेंदबाजी के आगे पूरी तरह से असहाय नजर आई। यही कारण है कि पंजाब किंग्स को छह विकेट पर 157 रन ही बना पाई। आरसीबी के लिए क्रुणाल पंड्या ने 25 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा लेग स्पिनर सुयश ने भी 26 रन देकर दो विकेट लिए। पंजाब के लिए ओपनर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह 33 रन बनाकर टीम के शीर्ष स्कोरर रहे जबकि शशांक सिंह ने नाबाद 31 रन बनाए। जोश इंग्लिस (29), मार्को येनसेन (नाबाद 25) और प्रियांश आर्य (22) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। प्रभसिमरन और प्रियांश ने पंजाब को तेज शुरुआत दिलाई, लेकिन मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों के निराशाजनक खेल से पंजाब की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई। recent visitors 43

एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं की परीक्षा का मूल्याकंन अब 25 अप्रैल तक पूरा करने का टारगेट, रिजल्ट मई के पहले हफ्ते में होगा जारी

इंदौर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं के बाद मूल्यांकन कार्य 90 फीसदी पूरा हो चुका है। 21 अप्रैल को बची हुई 20 हजार कॉपियां भी जांच ली जाएंगी। बता दें कि इस बार मूल्यांकन केंद्र मालव कन्या उमावि में 10वीं और 12वीं की कुल तीन लाख चार हजार 511 कॉपियां जांच के लिए अन्य जिलों से आई थीं। 84 हजार कॉपियां जांची जा चुकी हैं इसमें शुक्रवार तक दो लाख 84 हजार एक कॉपियां जांची जा चुकी हैं। इस बार मूल्यांकन कार्य 25 अप्रैल तक पूरा किया जाना था, जिसे चार दिन पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। इस बार परीक्षा मूल्यांकन कार्य 13 मार्च से शुरू हुआ था। मूल्यांकन केंद्र प्रभारी बबीता हयारण ने बताया कि इस बार 10वीं में कुल एक लाख 78 हजार 721 कॉपियां जांच के लिए आई थीं। इनमें से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, आईटी, प्रायवेट सिक्यूरिटी, ब्यूटी एंड वेलनेस और ऑटोमेटिव विषय की सभी कॉपियां जांची जा चुकी हैं। 12वीं की एक लाख से ज्यादा कॉपियां आईं थी अब विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान विषय की कुल 18 हजार 900 कॉपियां जांची जाना शेष हैं। इसी तरह 12वीं में कुल एक लाख 25 हजार 790 कॉपियां जांच के लिए आई थीं। इसमें से अकाउंट, आईपी और क्राप प्रोडक्शन की एक हजार 610 कॉपियां जांची जाना शेष हैं। पूरा मूल्यांकन कार्य तय समय से चार दिन पहले यानी 21 अप्रैल को पूरा कर लिया जाएगा। शुक्रवार को कुल नौ हजार 435 कॉपियां जांची गई हैं। वरिष्ठ अफसरों ने बताया कि अधिकांश जिलों में कार्य पूरा होने को है। संभावना है कि मई के पहले सप्ताह में परिणाम घोषित हो जाएंगे। recent visitors 29

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी, आईजी से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर निर्देश दिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनकल्याण के लिए अधिकारी मैदान में उतरें। नागरिकों को आवश्यक सेवाएं प्रदान कर, सुशासन की दिशा में अपना प्रभावी योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी, आईजी से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी जिलों में उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखें। पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। आमजन से अधिकारी-कर्मचारी का व्यवहार विनम्र और अच्छा हो। कार्यालयों में आने वाले नागरिक को समाधान प्राप्त हो। पराली नियंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए। किसानों को सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे उपकरण अधिक संख्या में उपलब्ध करवाए जाएं। इससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका समय भी बचेगा। ग्रीष्मकाल में स्वास्थ्य का ध्यान रखें नागरिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को ग्रीष्मकाल में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाए। आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें। बाजार में संक्रमित फल न बिकें, उस पर नजर रखी जाए। सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों और संभागों में सभी अधिकारी पारदर्शिता, नवाचार, परिश्रम से कार्य करते हुए नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए सक्रिय रहें। वीसी में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 30

वंदे भारत स्लीपर का इंतजार जल्द होगा कम, ट्रेन देश के कई महत्वपूर्ण रूट्स पर शुरू होने जा रही है

नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए खुशखबरी है। जी हां! भारतीय रेलवे एक और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है, जिससे राजधानी एक्सप्रेस और दुरांतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों की बादशाहत को चुनौती मिलने वाली। ऐसा बताया जा रहा है कि जल्द ही दिल्ली से हावड़ा के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह ट्रेन देश के कई महत्वपूर्ण रूट्स पर शुरू होने जा रही है, जिसमें दिल्ली-हावड़ा का रूट भी शामिल है। गौरतलब है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सितंबर 2024 में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से परदा उठाया था। दिल्ली से हावड़ा तक की कुल दूरी 1449 किलोमीटर है, जिसे वंदे भारत स्लीपर ट्रेन महज 15 घंटे से भी कम वक्त में तय करेगी। इसकी टॉप स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो इसे इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बना देगी, यहां तक कि राजधानी और दुरांतो एक्सप्रेस से भी आगे। नई दिल्ली-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर का कितना होगा किराया? वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 एसी थर्ड टियर, 4 एसी सेकेंड टियर और 1 फर्स्ट क्लास एसी कोच होंगे। किराये की बात करें तो एसी 3-टियर का अनुमानित किराया 3 हजार रुपये, एसी 2-टियर 4 हजार रुपये, और फर्स्ट क्लास एसी 5100 रुपये के आसपास होगा। नई दिल्ली-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर का क्या होगा पड़ाव और टाइम टेबल? दिल्ली से यह ट्रेन शाम 5 बजे (17:00) रवाना होगी और अगली सुबह 8 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वहीं, वापसी में हावड़ा से शाम 5 बजे चलेगी और अगली सुबह 8 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस ट्रेन का रूट भी खास होगा। सफर के दौरान ये ट्रेन कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज जंक्शन, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया, धनबाद और आसनसोल जैसे बड़े स्टेशनों पर रुकेगी। recent visitors 44