देश में नक्सलियों के लिए दो ही रास्ते, सरेंडर या मौत – मुख्यमंत्री मोहन यादव

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास केवल दो विकल्प हैं – या तो वे आत्मसमर्पण करें, या फिर मरने के लिए तैयार रहें। उन्होंने यह बात उज्जैन में शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी की पूजा-अर्चना की और रामघाट पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कई जिलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है, जिसमें कई नक्सली मारे गए हैं। " बता दें कि मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कुछ जिलों में नक्सली लगातार मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं. इसके बाद भी नक्सली जंगलों में सक्रिय हैं. मुख्यमंत्री ने किया शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान मख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर शिप्रा नदी के पवित्र रामघाट पर जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान किया. मुख्यमंत्री ने रामघाट की सीढ़ियों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया. साफ-सफाई के बाद मुख्यमंत्री ने मां शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई और विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. उन्होंने कहा "हमारा प्रयास है कि जब श्रद्धालु पंचकोशी यात्रा के अंत में रामघाट पहुंचे तो उन्हें स्वच्छ जल मिले." उज्जैन में 29 किमी के दायरे में नए घाट बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा "उज्जैन में सिद्धनाथ से लेकर त्रिवेणी तक 29 किमी के नए घाट तैयार किए जाएंगे. पहले से ही 6 किमी के घाट बने हुए हैं. उज्जैन सिहंस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को कुल मिलाकर 35 किमी के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी. सिंहस्थ के दौरान ये घाट रामघाट जैसे ही होते हैं." रामघाट पर सफाई मित्रों को सम्मानित किया मुख्यमंत्री ने कहा "जल गंगा संवर्धन अभियान इस बार 3 माह तक चलेगा, इसे गुड़ी पड़वा पर शुरू किया गया और गंगा दशहरा तक चलेगा. अभियान के तहत अब तक 1.62 लाख जलदूतों का पंजीयन हो चुका है. करीब 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. ये प्रयास प्रदेश के किसानों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा." रामघाट पर सफाई मित्रों संग "जल गंगा संवर्धन अभियान" के अंतर्गत स्वच्छता कार्य करने के बाद मुख्यमंत्री ने सफाई मित्रों को सम्मानित किया. शिप्रा नदी के विकास की योजनाएं मुख्यमंत्री ने उज्जैन में शिप्रा नदी के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि सिद्धनाथ से त्रिवेणी तक 29 किलोमीटर के नए घाट बनाए जाएंगे। इससे सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को 35 किलोमीटर के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत रामघाट पर सफाई मित्रों के साथ श्रमदान किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन महीने तक चलेगा और इसके तहत 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश के किसानों के लिए भी राहत लेकर आएगा। recent visitors 46

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने वाले प्रदेशभर के 16 लोकसेवकों को किया पुरस्कृत

 भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय लोकसेवा दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने वाले प्रदेशभर के 16 लोकसेवकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 के लिए चयनित लोकसेवकों को 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुशासन से जुड़े नवाचारों के लिए कार्य करने वाले सभी लोकसेवकों को राष्ट्रीय लोकसेवा दिवस की बधाई दी। समारोह के मुख्य अथिति डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए ज रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे ताकि एक शक्तिशाली राजवंश में लोकशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोकसेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल) तैयार किए। उन्होंने लोकसेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोकसेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईड ऑफ लिविंग और ईड ऑफ डूईंग के लिए मिशन मोड में कार्यरत हैं। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माधव प्रसाद पटेल माध्यमिक शिक्षक, अदिति गर्ग आयुष्मान कार्ड में नवाचार, डॉ. इंदिरा दांगी शिक्षक आष्टा, शारदा डुवडे शिक्षक, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया, चंद्रमोहन ठाकुर अधोसंरचना श्रेणी में पुरस्कार, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, अमित तोमर प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, ऋषभ गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिवांग सिंह ग्रीन ब्रांड इंदौर में उत्कृष्ट कार्य, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक, शीला दाहिमा को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेशभर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रमान ने सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माधव प्रसाद पटेल माध्यमिक शिक्षक, अदिति गर्ग आयुष्मान कार्ड में नवाचार, डॉ. इंदिरा दांगी शिक्षक आष्टा, शारदा डुवडे शिक्षक, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया, चंद्रमोहन ठाकुर अधोसंरचना श्रेणी में पुरस्कार, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, अमित तोमर प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, ऋषभ गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिवांग सिंह ग्रीन ब्रांड इंदौर में उत्कृष्ट कार्य, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक, शीला दाहिमा को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेशभर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रमान ने सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया।   recent visitors 29

इलाहाबाद हाईकोर्ट राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर सख्त, केंद्र सरकार को स्पष्ट रिपोर्ट दस दिन में देने का आदेश दिया

लखनऊ कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपना लिया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह दस दिनों में इस सम्बन्ध में याची की ओर दाखिल प्रत्यावेदन को निस्तारित करें और नागरिकता को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट दें। अगली सुनवाई के लिए 5 मई की तिथि नियत की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया है। पिछली सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडे ने अदालत को बताया था कि याची के शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, संबंधित मंत्रालय ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के बारे में विवरण मांगते हुए ब्रिटेन सरकार को पत्र लिखा है और इसलिए सरकार को शिकायत पर निर्णय लेने के लिए समय चाहिए। उल्लेखनीय है कि मामले में याची की ओर से दलील दी गई है कि उसके पास तमाम दस्तावेज और ब्रिटिश सरकार के कुछ ई-मेल हैं जिनसे यह सिद्ध होता है कि राहुल गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं और इस कारण से वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं। लोकसभा सदस्य का पद नहीं धारण कर सकते। इसी आधार पर याची ने राहुल गांधी की सांसद पद पर बने रहने के खिलाफ अधिकार पृच्छा रिट जारी करने का आदेश देने की भी मांग की है। इसके साथ ही याचिका में राहुल गांधी के इस प्रकार से दोहरी नागरिकता धारण करने को भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट एक्ट के तहत अपराध बताते हुए, सीबीआई को केस दर्ज कर जांच करने का आदेश देने की भी मांग की गई है। याची का यह भी कहना है कि उसने दोहरी नागरिकता के सम्बन्ध में सक्षम प्राधिकारी को दो-दो बार शिकायतें भेजीं लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने पर वर्तमान याचिका दाखिल की गई है। recent visitors 40

हमारी सरकार OBC वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय पर पूरी तरह कायम: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार 27 प्रतिशत आरक्षण देने के स्टैंड पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर जनरल से भी इस विषय में चर्चा की गई है और उन्हें सरकार का स्पष्ट पक्ष रखा गया है। डॉ. यादव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में ओबीसी आयोग द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी लंबित याचिकाओं को लेकर भी गंभीर संवाद की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम हो रहा है और प्रदेश सरकार भी सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार न्यायपूर्ण और समावेशी नीतियों के माध्यम से सभी वर्गों को समान अवसर देने के संकल्प पर अडिग है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- रिट लगाइए, चयनित अभ्यर्थियों को होल्ड करने का मामला भी सुनेंगे सुनवाई के दौरान एमपी के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट से कहा- कि ये 50 फीसदी आबादी से जुड़ा मामला है। उन्होंने कोर्ट से इस मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग की। वहीं, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं को बुलाकर संवाद करेंगे। एससी बोला– आप पिटीशन लगाइए, हम सुनेंगे इस दौरान ओबीसी महासभा के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि एमपी में अलग-अलग विभागों में जिन पदों पर भर्ती हुई उनमें से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट में 27% ओबीसी आरक्षण का मामला लंबित होने का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा जा रहा है। जबकि 27% ओबीसी आरक्षण पर किसी भी कोर्ट ने कानूनी रोक नहीं लगाई। इसके बावजूद प्रक्रिया के नाम पर चयनित अभ्यर्थियों को जॉइन नहीं कराया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने ओबीसी महासभा के वकील से कहा- अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे ओबीसी महासभा के वकील वरुण ठाकुर ने बताया कि आज की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता भी मौजूद थे। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे। सीएम बोले- आरक्षण को लेकर सरकार पूरी तरह स्पष्ट भोपाल के प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह में शामिल होने के बाद सीएम मोहन यादव ने इस मामले को लेकर कहा कि OBC आरक्षण को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह स्पष्ट है। हम हर हाल में 27% आरक्षण के पक्ष में कायम हैं। हमने अटॉर्नी जनरल को यह भी कहा है कि शिवराज सरकार के समय आई ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण किया जाए। जल्द ही इस पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे सीएम डॉ. यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना के साथ हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी वर्गों का हित साधा जा सके। मुझे विश्वास है कि जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। कमलनाथ सरकार ने 27% किया था OBC आरक्षण कमलनाथ सरकार ने 2019 में ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27% कर दिया था। इसके बाद विधानसभा में इससे जुड़े विधेयक को पारित कर दिया गया। 2 सितंबर 2021 को सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को भर्ती में 27% आरक्षण देने का सर्कुलर जारी किया था। इसके खिलाफ यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन हाईकोर्ट गया। 4 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने सरकार के सर्कुलर पर रोक लगा दी। recent visitors 27

फर्जी डॉक्टर यादव और अपोलो प्रबंधन की बढ़ी मुश्किलें, 19 साल बाद FIR दर्ज, जानें कैसे मिली थी ज्वॉइनिंग

बिलासपुर फर्जी हार्ट सर्जन नरेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद लगातार हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। नरेंद्र यादव ने 19 साल पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा स्पीकर राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की सर्जरी की थी और सर्जरी के बाद उनकी मौत हो गई थी। अब आरोपी डॉक्टर के खिलाफ बिलासपुर में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि 'फर्जी' हृदय रोग विशेषज्ञ नरेंद्र यादव उर्फ ​​नरेंद्र जॉन कैम और बिलासपुर के एक निजी अस्पताल पर शनिवार को 19 साल पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की मौत के मामले में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी के अनुसार यादव और निजी अस्पताल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (धारा 304), धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने बताया कि यादव को मध्य प्रदेश के दमोह स्थित एक अस्पताल में गलत सर्जरी के बाद सात मरीजों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने यहां निजी अस्पताल में शुक्ला का ऑपरेशन किया था, जिसके बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत हो गई थी। 2006 में हुई थी मौत कोटा विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन कांग्रेस विधायक शुक्ला का 2006 में बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले अध्यक्ष रहे थे। पूर्व स्पीकर के बेटे प्रदीप शुक्ला ने हाल ही में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जब उनके पिता इस निजी अस्पताल में भर्ती थे, तब यादव उस अस्पताल में काम करते थे। शिकायत में कहा गया है, "यादव ने मेरे पिता की हार्ट सर्जरी की थी और उन्हें 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसके बाद 20 अगस्त 2006 को उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने मेरे पिता के इलाज के लिए राज्य सरकार से 20 लाख रुपये लिए थे।" प्रदीप शुक्ला ने लगाए गंभीर आरोप प्रदीप शुक्ला ने कहा कि उन्हें हाल ही में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से यादव और दमोह अस्पताल में हुई मौतों के बारे में पता चला। एसएसपी सिंह ने बताया कि पुलिस ने पाया है कि यादव की डिग्री फर्जी है तथा भारतीय चिकित्सा परिषद/छत्तीसगढ़ चिकित्सा परिषद में उसके पंजीकरण का दस्तावेज अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने बिना उचित जांच के यादव को हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त करके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शुक्ला के साथ-साथ कई अन्य हृदय रोगियों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया। दमोह में 7 मौतों के बाद हुई गिरफ्तारी यादव को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा शिकायत मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मिशन अस्पताल, दमोह में सात लोगों की मौत हो गई थी, जहां उन्होंने हृदय रोगों के इलाज के नाम पर मरीजों का ऑपरेशन किया था। इंदौर स्थित एक रोजगार परामर्श फर्म के निदेशक ने पिछले सप्ताह कहा था कि यादव ने 2020 से 2024 के बीच नौकरी के लिए तीन बार अपना बायोडाटा भेजा था और दावा किया था कि उन्होंने हजारों मरीजों का ऑपरेशन किया है। नरेंद्र यादव बोले- मेरी सारी डिग्रियां असली 2024 में अपनी फर्म को भेजे गए 9 पन्नों के बायोडाटा में यादव ने खुद को वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ बताया था और अपना स्थायी पता ब्रिटेन में बर्मिंघम बताया था। बायोडाटा में उसने यह भी बताया था कि वह हजारों हृदय रोगियों के ऑपरेशन में शामिल रहा है, जिसमें 18,740 "कोरोनरी एंजियोग्राफी" और 14,236 "कोरोनरी एंजियोप्लास्टी" शामिल हैं, निदेशक ने कहा। आरोपी नरेंद्र यादव ने खुद को एक "बड़ी साजिश" का शिकार बताया है और दावा किया है कि उनकी डिग्रियां असली हैं। अस्पताल की गंभीर लापरवाही सामने आई आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज किया और लापरवाही से मौत का कारण बना. स्व. राजेन्द्र शुक्ल के बेटे डॉक्टर प्रदीप शुक्ला की शिकायत के बाद IPC की धारा 420, 465, 466, 468, 471, 304, 34 के तहत 19 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया. FIR में अपोलो प्रबंधन को भी आरोपी बनाया गया. आरोप है कि बिना दस्तावेज सत्यापन के अस्पताल प्रबंधन ने फर्जी डॉक्टर को भर्ती कर इलाज का मौका दिया. अस्पताल प्रबंधन के पास ना ही कोई डॉक्टर से संबंधित उपयोगिता और विशेषज्ञ का दस्तावेज है केवल बायोडाटा लेकर ही आरोपी डॉक्टर की पदस्थापना कर दी गई। इसी से गंभीर लापरवाही हुई और मरीज की जान चली गई.  CMHO कार्यालय को अब तक नहीं दी जानकारी 19 साल बाद दिवंगत राजेंद्र शुक्ल के बेटे प्रदीप का बयान सामने आने के बाद CMHO डॉ. प्रमोद तिवारी ने गंभीरता से लिया था. उन्होंने अपोलो अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया कि किस आधार पर डॉक्टर की नियुक्ति की गई थी..? वहीं प्रबंधन ने अब तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए. जिसके कारण  विभागीय जांच में देरी हो रही है। उसकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा गया था. साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष समेत कई लोगों की मौत के मामले में डॉक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई थी. इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की भी जांच जारी है. ढाई महीने में 15 ऑपरेशन, 7 की मौत दमोह के मिशन अस्पताल में लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एन जोन केम के नाम पर फर्जी डॉक्टर ने ढाई महीने में 15 हार्ट ऑपरेशन कर डाले. आरोप है कि दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच हुए इन ऑपरेशन में 7 मरीजों की मौत हो गई. इसका खुलासा तब हुआ जब एक मरीज के परिजन ने संदेह होने पर डॉक्टर की शिकायत की. इसके बाद मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया. मामला 4 अप्रैल को सुर्खियों में आया, जब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की. इसमें मिशन अस्पताल में 7 हार्ट पेशेंट्स की मौत और फर्जी डॉक्टर का जिक्र किया. 7 मरीजों की मौत के बाद जांच हुई तो आरोपी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव का बिलासपुर कनेक्शन सामने आया. बिलासपुर में भी ये कई लोगों की जान ले चुका है. इनमें सबसे बड़ा नाम छत्तीसगढ़ विधानसभा … Read more

कुम्भ में हर घाट रामघाट होगा, श्रद्धालु कहीं भी स्नान करेंगे उन्हें उतना ही पुण्य मिलेगा: CM यादव

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को  के पवित्र रामघाट पर जल गंगा संवर्धन अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शिप्रा नदी में डुबकी लगाई और घाट की सफाई कर सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम यादव ने कहा कि शिप्रा नदी के किनारे पंचकोशी परिक्रमा की एक पुरानी परंपरा रही है। हर साल हजारों-लाखों लोग यहां आकर परिक्रमा करते हैं। घाट पर स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घाट की सफाई में भाग लिया और वे खुद घाट पर पड़े कचरे को हटाते नजर आए। उन्होंने कहा कि पंचकोशी परिक्रमा की शुरुआत में श्रद्धालु जब यहां स्नान करेंगे, तो घाट पर स्वच्छता और जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। खासकर नदी के अंदर जो गंदगी जम जाती है, उसे साफ करना जरूरी है। 29 किमी के नए घाट तैयार होंगे सीएम ने कहा कि सिध्दनाथ से त्रिवेणी तक 29 किमी के नए घाट तैयार होंगे। पहले से 6 किमी के घाट बने हुए है। इस तरह से कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को 35 किमी के घाट उपलब्ध होंगे। कुम्भ में हर घाट रामघाट होगा। श्रद्धालु कहीं भी स्नान करेंगे उन्हें उतना ही पुण्य मिलेगा। इस बार कुम्भ में जलमार्ग बनाने जा रहे है। शनि मंदिर से रामघाट, गऊघाट से लालपुर, मंगलनाथ से रामघाट तक नौकायन से लोग आना-जाना कर सकेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान में उज्जैन पहुंचे सीएम सीएम ने कहा, शिप्रा नदी के किनारे पंचकोशी परिक्रमा की एक पुरानी परंपरा रही है। हर साल हजारों-लाखों लोग यहां आकर परिक्रमा करते हैं। इस परिक्रमा की शुरुआत में श्रद्धालु जब यहां स्नान करेंगे, तो घाट पर स्वच्छता और जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। खासकर नदी के अंदर जो गंदगी जम जाती है, उसे साफ करना जरूरी है। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' 30 मार्च (गुड़ी पड़वा) से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। इसका उद्देश्य प्रदेश की नदियों और अन्य जल स्रोतों का संरक्षण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश वास्तव में नदियों का मायका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में कोई ग्लेशियर नहीं होने के बावजूद, यहां की भौगोलिक और वन संपदा के साथ-साथ जनभागीदारी के कारण पर्याप्त जलराशि उपलब्ध है। उन्होंने नर्मदा, केन-बेतवा, चंबल और सोन जैसी प्रमुख नदियों का उल्लेख करते हुए बताया कि ये न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के लिए भी जीवनदायिनी हैं। डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की कुल जलराशि किसी भी तरह से हिमालय के जल स्रोतों से कम नहीं है। उन्होंने जल स्रोतों के उचित रखरखाव, भूगर्भ जल भंडारण क्षमता में वृद्धि और जल के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'जल ही जीवन है' के आह्वान को दोहराते हुए बताया कि राज्य सरकार अमृत सरोवर, खेत तालाब और पुरानी जल संरचनाओं के पुनरुद्धार के माध्यम से जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मैं उज्जैन प्रवास पर आया था। शिप्रा को नमन करते हुए मैंने यहां स्नान भी किया और सेवा भाव से कार्य किया। यह हम सबका फर्ज भी है। शिप्रा को नमन करते हुए स्नान किया सीएम ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मैं उज्जैन प्रवास पर आया था। शिप्रा को नमन करते हुए मैंने यहां स्नान भी किया और सेवा भाव से कार्य किया। यह हम सबका फर्ज भी है। recent visitors 25

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की  महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग तेजी से विकास कर रहे हैं, जिसके कारण जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाना होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज 62 वर्षों से कार्यशील है, जिससे 12 लाख व्यापारी जुड़े हैं। प्रदेश के इस सबसे बड़े व्यापारी संगठन के इतिहास में पहली बार सर्वसम्मति से निर्वाचन संपन्न हुआ है, जो संगठन की एकजुटता का प्रमाण है। इस परंपरा को यह संगठन आगे भी कायम रखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों को हमेशा प्राथमिकता दी है। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हमने पेट्रोल पर वैट 1 रुपये प्रति लीटर कम किया है। व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया गया है। इसका लाभ प्रदेश के 40 हजार व्यापारियों को मिल रहा है। नई औद्योगिक नीति : प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति से उद्योगों के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बना है। इसके लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए हाल ही में प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। हाल ही में हमने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया। देशभर के कारोबारियों और उद्योगपतियों में इसे लेकर गजब का उत्साह है। वे छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह मुख्यमंत्री ने चैंबर के पदाधिकारियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित हो सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बाजार में धन का प्रवाह आवश्यक है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। मुख्यमंत्री साय ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। दो साल का धान बोनस भी दिया गया।  प्रदेश का बजट 6000 करोड़ से बढ़कर अब 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। देश में सर्वाधिक ऑटोमोबाइल विक्रय छत्तीसगढ़ में हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ देश के प्रथम तीन विकसित राज्यों में शामिल होगा। प्रदेश के विकास में चैंबर की भी उल्लेखनीय भागीदारी होगी। पूर्व सांसद और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी प्रकार उद्योग जगत भी प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। जब दोनों पहिए साथ-साथ चलते हैं, तो विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सर्वसम्मति से चैंबर के चुनाव होना यह दर्शाता है कि व्यापार जगत तेजी से आगे बढ़ेगा। जो देश व्यापार, व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा देता है, उसकी तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह कार्य कुशलता से किया जा रहा है। उन्होंने चैंबर के सदस्यों से आग्रह किया कि गर्मियों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पानी, पना और मठा का वितरण करें। इस अवसर पर संत साईं उदय शदाणी, साईं लालदास, अम्मा महंत मीरा देवी, अनेक जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 29