महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर धर्मरक्षा महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जयंती और आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित धर्मरक्षा महायज्ञ एवं वैदिक सनातन संस्कृति सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान धर्मरक्षा यज्ञ में हवन-पूजन कर प्रदेश कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा तैयार पुस्तिका "चुनौतियों का चिंतन" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती का पुण्यस्मरण किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज को मानव कल्याण का कार्य करते हुए आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। आर्य समाज के द्वारा निरंतर देश सेवा, धर्म-संस्कृति की रक्षा तथा जनजागरण का कार्य किया जा रहा है। श्री साय ने बताया कि वे महर्षि दयानंद के विचारों से प्रभावित होकर वर्ष 1999 से आर्य समाज से जुड़े हुए हैं और विभिन्न अवसरों पर समाज के मनीषियों का मार्गदर्शन उन्हें प्राप्त होता रहा है। आर्य समाज महर्षि दयानंद के विचारों को आगे बढ़ाते हुए संस्कार और शिक्षा का पुनीत कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी प्राकृतिक खेती और देशी नस्ल की गायों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश सरकार निश्चित रूप से इस दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक गति देगी। श्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी सरकार ने मोदी की गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख आवास की स्वीकृति दी थी और अब आवास प्लस-प्लस का सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये, माताओं-बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों के तीर्थदर्शन के पुण्य संकल्प को भी पूरा किया जा रहा है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महर्षि दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि उनके जीवन-मूल्यों और विचारों को आत्मसात करने से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक उन्नति का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने महर्षि दयानंद की संपूर्ण जीवन-यात्रा और उद्देश्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि और देशी गौवंश की रक्षा एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर यदि हम गौपालन को लाभकारी बनाएंगे, तो समाज में उसकी रक्षा हेतु स्वाभाविक चेतना विकसित होगी। इससे सड़कों पर पशुओं के विचरण की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के माध्यम से हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, स्वामी धर्मानंद सरस्वती जी महाराज, सुरेश जी, कैप्टन रुद्रसेन, विनय आर्य, डॉ. राजेंद्र विद्या अलंकार, प्रबल प्रताप जूदेव, आर्य समाज के  रामकुमार पटेल सहित आर्यवीर और आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित थे। recent visitors 22

बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बीयुक्त तेल और घी मिलाने के तार ग्वालियर से जुड़ते नजर आ रहे

ग्वालियर देश के सबसे चर्चित तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद की जांच अब ग्वालियर तक पहुंच गई है। इस मामले में CBI और SIT की चार सदस्यीय टीम ग्वालियर के दाल बाजार पहुंची है, जहां उन्होंने तेल और घी व्यापारियों से पूछताछ की और नोटिस देकर तलब किया। देश के सबसे चर्चित तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बीयुक्त तेल और घी मिलाने के तार ग्वालियर से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसी को लेकर दक्षिण भारत से CBI और SIT की जांच टीम ग्वालियर पहुंची है। बताया जा रहा है कि इस जांच में चार सदस्य हैं और वह सबसे पहले ग्वालियर के दाल बाजार में स्थित कारोबारियों के पास पहुंचे, जब इस बात की सूचना का पता लगा तो हड़कंप मच गया। सीबीआई की ये चार सदस्यीय टीम ने दाल बाजार के कुछ तेल और घी कारोबारी को नोटिस देकर तलब किया है। बता दें कि सीबीआई और एसआईटी टीम दो दिन से ग्वालियर में है। कुछ व्यापारी सीबीआई की एसआईटी के बुलाने पर भी नहीं आए तो इंदरगंज थाना पुलिस की मदद से उनको थाने लाकर पूछताछ की गई है। सीबीआई के ग्वालियर आने के बाद से दाल बाजार में कई फर्म के दफ्तर तक नहीं खुले हैं। कुछ खुले हैं तो वहां के मालिक लापता हैं। दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक जांच तिरुपति बालाजी प्रसाद कांड में सीबीआई दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक कार्रवाई कर रही है। दो दिन से सेन्ट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की एसआईटी ग्वालियर के दाल बाजार के आसपास डेरा जमाए हुए है। पता लगा है कि सीबीआई सीपी ट्रेडिंग कंपनी मैना वाली गली के नितिन अग्रवाल उर्फ मोनू, व्यापारी मोहित अग्रवाल, अजीत कुमार राकेश कुमार के वारंट लेकर आई है। इन सभी कारोबारियों का घी और तेल का व्यवसाय है। अभी जारी रहेग छानबीन दक्षिण भारत से आई सीबीआई टीम ने पहले दिन कुछ व्यापारियों को नोटिस देकर तलब किया था, लेकिन व्यापारी डर के चलते नहीं पहुंचे। अपने प्रतिष्ठान से गायब भी हो गए। इस पर सीबीआई ने ग्वालियर के इंदरगंज सर्कल के सीएसपी रोबिन जैन और कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी मिश्रा से संपर्क कर मदद के लिए कहा। जिस पर इंदरगंज थाना और कोतवाली थाना पुलिस की मदद से इन व्यापारियों को सीबीआई के सामने पेश किया गया है। जानकारी के अनुसार सीबीआई टीम ग्वालियर में अभी दो से तीन दिन और छानबीन करेगी। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए वह अपने साथ भी ले जा सकती है।   recent visitors 27

मानसिक रोगियों को बिजली के झटके देना बंद, विद्युत झटकों की बजाय अब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के माध्यम से इलाज

इंदौर बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में अब मानसिक रोगियों का इलाज पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा पद्धति से किया जा रहा है। यहां विद्युत झटकों की बजाय अब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के माध्यम से इलाज किया जाता है। इसके साथ ही म्यूजिक थेरेपी, डांस, गायन और रचनात्मक गतिविधियों के जरिये मरीजों का मानसिक उपचार किया जा रहा है। गेम्स खिलाकर भी रोगियों की मानसिक स्थिति का आकलन किया जाता है। इन उन्नत तकनीकों और पद्धतियों की वजह से यह संस्थान एक मॉडल मानसिक चिकित्सालय के रूप में उभर कर सामने आया है, जहां अत्याधुनिक मशीनें भी उपलब्ध हैं। डीन ने किया चिकित्सालय का निरीक्षण   मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद यंघोरिया ने मानसिक चिकित्सालय का दौरा किया और यहां की सुविधाओं का जायजा लिया। प्रभारी डॉक्टर वी.एस. पाल ने जानकारी दी कि पहले गंभीर मानसिक रोगियों का इलाज बिजली के झटकों से किया जाता था, जिसमें मरीज को कुर्सी से बांधकर इलाज किया जाता था। लेकिन अब इस पुरानी पद्धति को छोड़ते हुए इलेक्ट्रो-कन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी) की आधुनिक तकनीक अपनाई गई है, जो विद्युत चुम्बकीय तरंगों के माध्यम से होती है और अधिक सुरक्षित व प्रभावी मानी जाती है। टेली मानस सेवा से चौबीसों घंटे मुफ्त परामर्श   मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए इंदौर के बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में टेली मानस सेवा भी उपलब्ध है, जो 24 घंटे निशुल्क परामर्श प्रदान करती है। मरीज या उनके परिजन टोल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर कॉल कर इस सेवा का लाभ ले सकते हैं। अस्पताल के ऑक्यूपेशनल थेरेपी कक्ष में मरीजों को कागज से फूल, दीये और ग्रीटिंग कार्ड जैसे रचनात्मक आइटम बनाने को प्रोत्साहित किया जाता है। इन गतिविधियों से रोगियों में रचनात्मकता के साथ-साथ मानसिक सुधार भी तेजी से होता है। म्यूजिक और गेम्स से मिल रहा मानसिक संतुलन चिकित्सालय में म्यूजिक थैरेपी के माध्यम से भी रोगियों का इलाज किया जा रहा है। गायन और नृत्य के दौरान मरीजों की शारीरिक भाषा और चेहरे के भावों से उनकी मानसिक स्थिति को समझा जाता है। डॉक्टर पाल के अनुसार, म्यूजिक थैरेपी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसके साथ ही, स्टाफ की निगरानी में मरीजों को विभिन्न गेम्स भी खिलाए जाते हैं, जिससे उनकी मानसिक एकाग्रता और स्थिरता में सुधार होता है। ये नवाचार मरीजों को न सिर्फ उपचार देते हैं, बल्कि उन्हें जीवन की ओर भी वापस लाते हैं।   recent visitors 20

रामबन में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, तीन की मौत, 100 से अधिक लोगों को बचाया

जम्मू उधमपुर से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि बीती रात रामबन क्षेत्र में भारी ओलों की बारिश, तेज हवाएं और कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था। इस प्राकृतिक आपदा से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है और दुर्भाग्यवश तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कुछ परिवारों को संपत्ति का नुकसान हुआ है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वे रामबन के उपायुक्त बसीर-उल-हक चौधरी से संपर्क में हैं और जिला प्रशासन की तत्परता और सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा की, जिसने कई जानें बचाईं। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को सभी प्रकार की सहायता दी जा रही है, चाहे वह आर्थिक हो या कुछ भी हो। यदि जरूरत पड़ी तो सांसद निधि से व्यक्तिगत रूप से भी सहायता प्रदान की जाएगी। जितेंद्र सिंह ने लोगों को डरने की बजाय धैर्य रखने और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर इस आपदा से पार पाएंगे।   जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में रविवार भारी बारिश से धर्म कुंड गांव सबसे अधिक प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि 100 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित बचा लिया गया है। नाशरी से बनिहाल तक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और कीचड़ धंसने (मडस्लाइड) की घटनाएं हुईं, जिससे यातायात दोनों ओर बंद हो गया है। धर्म कुंड गांव में बाढ़ ने लगभग 40 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। बादल और बारिश के बावजूद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और फंसे लोगों को बाहर निकाला। यातायात विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि बारिश अभी भी जारी है, इसलिए यात्रियों से अपील की गई है कि वे रास्ता साफ होने और मौसम सुधरने तक इस मार्ग पर यात्रा न करें। स्थिति पर प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रहे हैं और राहत कार्य जारी है। recent visitors 24

प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से अफसरशाही में फेरबदल, 41 आईएएस बदले

रायपुर सुशासन तिहार के बीच प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से अफसरशाही में फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 41 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए उन्हें नई पदस्थापना दी है। 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जिनमें से कई अफसरों को पहली बार कलेक्टर बनने का मौका मिला है।सूची के अनुसार कुणाल दुदावत को दंतेवाड़ा का नया कलेक्टर बनाया गया है। मयंक चतुर्वेदी को रायगढ़ जिले की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कन्नौजे को सारंगढ़-बिलाईगढ़ का कलेक्टर बनाया है। नूपुर राशि पन्ना को कोंडागांव का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।   संजय अग्रवाल बिलासपुर कलेक्टर बनाए गए कुंदन कुमार को मुंगेली का कलेक्टर बनाया गया है। इंद्रजीत चंद्रावल को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले का जिम्मा सौंपा है। संजय अग्रवाल बिलासपुर के नए कलेक्टर बनाए गए हैं। दिव्या उमेश मिश्रा को बालोद का कलेक्टर बनाया है। जन्मेजय महोबे जांजगीर-चांपा जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे को राजनांदगांव का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। बड़े अधिकारियों को नई जिम्मेदारी कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नई प्रशासनिक भूमिकाएं सौंपी गई हैं। इनमें पूर्व बिलासपुर कलेक्टर अवनीश कुमार शरण को गृह निर्माण मंडल का आयुक्त बनाया गया है। रायगढ़ के पूर्व कलेक्टर कार्तिकेय गोयल को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का संचालक नियुक्त किया गया है। धर्मेश साहू, पूर्व सारंगढ़ कलेक्टर अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विशेष सचिव होंगे। गरियाबंद के पूर्व कलेक्टर दीपक अग्रवाल को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का नियंत्रक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त 2005 बैच के आईएएस अधिकारी टोपेश्वर वर्मा को राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि 2011 बैच के जितेंद्र कुमार शुक्ला को केंद्र सरकार की प्रमुख योजना जल जीवन मिशन का मिशन संचालक नियुक्त किया गया है। सरकार के इस प्रशासनिक कदम को सुशासन तिहार के दौरान प्रभावी शासन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।   आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना टोपेश्वर वर्मा – अध्यक्ष, राजस्व मंडल बिलासपुर जनक प्रसाद पाठक – विशेष सचिव, वन विभाग शिखा राजपूत तिवारी – आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा व आयुष का अतिरिक्त प्रभार डॉ. प्रियंका शुक्ला – संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन किरण कौशल – प्रबंध संचालक, मार्कफेड व नागरिक आपूर्ति निगम अवनीश कुमार शरण – आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश व गृह निर्माण मंडल सुनील कुमार जैन – आयुक्त, बिलासपुर संभाग केडी कुंजाम – सदस्य, राजस्व मंडल, बिलासपुर कार्तिकेय गोयल – संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम व उपभोक्ता संरक्षण वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन     सारांश मित्तर – आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग     पदुम सिंह एल्मा – संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग     रमेश कुमार शर्मा – विशेष सचिव, गृह विभाग     धर्मेश कुमार साहू – विशेष सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग     जीतेंद्र कुमार शुक्ला – मिशन संचालक, जल जीवन मिशन     रिमिजियुस एक्का – संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास     रजत बंसल – संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म विभाग, संच तारण प्रकाश सिन्हा – आयुक्त मनरेगा व संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इफ्फत आरा – अपर संभागीय आयुक्त, रायपुर व दुर्ग संभाग जगदीश सोनकर – प्रबंध संचालक, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम व संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान डॉ. संतोष कुमार देवांगन – आयुक्त, उच्च शिक्षा व प्रबंध संचालक रूसा ऋतुराज रघुवंशी – संचालक, लोक शिक्षण, एससीईआरटी व राज्य साक्षरता मिशन विजय दयाराम के. – संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीईओ, राज्य कौशल विकास अभिकरण राहुल देव – संचालक, कृषि एवं संयुक्त सचिव, कृषि विभाग दीपक कुमार अग्रवाल – नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अरविंद कुमार एक्का – संयुक्त सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, संचालक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री संतन देवी जांगड़े – संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सुखनाथ अहिरवार – सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग व संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग आकाश छिकारा – उप सचिव, पर्यावरण एवं आवास विभाग, सीईओ, आरडीए चंद्रकांत वर्मा – संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं व सीईओ, राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी अजय कुमार अग्रवाल – प्रबंध संचालक, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार   recent visitors 25

देश के 26 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश के साथ होगी ओलावृष्टि, कहीं ऑरेंज तो कहीं यलो अलर्ट जारी

 नई दिल्ली राजस्थान और मध्य प्रदेश को छोड़कर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत पश्चिम हिमालयी क्षेत्र समेत देशभर में अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई और ओले गिरे। उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हुई। मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव से यातायात संबंधी कुछ दुश्वारियां तो बढ़ीं, लेकिन ठंडी हवाओं ने भीषण और उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। मौसम विभाग ने रविवार को भी उत्तराखंड समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंधड़, गरज, बिजली गिरने और कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को रेड अलर्ट की बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मूसलाधार बारिश हुई। कुछ जगह हिमपात भी हुआ। कश्मीर घाटी के गुरेज में भारी बर्फबारी के चलते 8वीं तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा के तटवर्ती इलाकों में ऑरेंज अलर्ट के बीच तेज हवाएं चलीं और अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि और गरज के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, कोंकण और गोवा और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र को छोड़कर देश के छत्तीसगढ़ से लेकर कर्नाटक और केरल एवं पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों में बारिश रिकॉर्ड की गई। पश्चिमी विक्षोभ से बिगड़ेगा मौसम उत्तर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिम झारखंड एवं उत्तर बांग्लादेश और आसपास के इलाकों पर ऊपरी और निचले क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्र से उत्तर बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा भी बनी हुई है। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल और पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों के साथ 20 राज्यों में रविवार को आंधी-तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और झारखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कश्मीर घाटी में बर्फबारी, कई रास्ते बंद कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। सिंथन टॉप में बर्फबारी के कारण अनंतनाग-किश्तवाड़ मार्ग दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। राजदान पास में भी ताजा बर्फबारी के कारण बांदीपोरा-गुरेज मार्ग और गांदरबल जिले के जोजिला पास पर भी यातायात रोक दिया गया है। अफरवट, मच्छिल, पहलगाम के पहाड़ी क्षेत्र, पीर पंजाल की पहाड़ियों और अमरनाथ गुफा के आसपास के इलाके में भी बर्फबारी हुई है। पंजाब में आंधी-बारिश से सैंकड़ों पेड़ गिरे पंजाब के कैथल समेत विभिन्न जिलों में शुक्रवार की रात आंधी और बारिश के चलते सैकड़ों पेड़ गिर गए, लगभग 130 बिजली के खंभे उखड़ गए और गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। कैथल से पाटियाला, सिरटा रोड, करनाल रोड व सौंगल से हरसौला ग्रामीण रुट पर कई स्थानों पर पेड़ भी गिरे, जिससे आवागमन बाधित हुआ। दो डिग्री तापमान बढ़ा तो 52 फीसदी खेतों में घटेगी फसलों की विविधता जलवायु परिवर्तन अब हमारी दैनिक जिंदगी से लेकर वैश्विक खाद्य प्रणाली तक को गहराई से प्रभावित कर रहा है। इसका सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। एक अंतरराष्ट्रीय शोध में यह चेतावनी दी गई है कि यदि वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होती है, तो दुनिया की 52 फीसदी कृषि योग्य भूमि पर फसलों की विविधता में भारी गिरावट आएगी। यह शोध नेचर फूड नामक प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित हुआ है। फिनलैंड की आल्टो यूनिवर्सिटी, जर्मनी की गोएटिंगन यूनिवर्सिटी और स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मिलकर इस शोध को अंजाम दिया है। इसमें वैश्विक तापमान में 1.5 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी के चार परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए 30 प्रमुख फसलों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में यह बात सामने आई है कि यदि तापमान 3 डिग्री तक बढ़ता है तो कृषि भूमि का 56 फीसदी हिस्सा फसलों की विविधता खो सकता है। यह गिरावट मुख्यतः भूमध्यरेखा के आसपास स्थित क्षेत्रों में देखने को मिलेगी। विशेष रूप से उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में, जहां वर्तमान कृषि भूमि का 70 फीसदी से अधिक हिस्सा प्रभावित हो सकता है।  recent visitors 26

दिल्ली बीजेपी कार्यालय में बीजेपी की वन नेशन-वन इलेक्शन पर अहम बैठक आज

नई दिल्ली ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ यानी एक देश-एक चुनाव को लेकर बीजेपी आज अहम बैठक करने जा रही है। ये बैठक दिल्ली बीजेपी कार्यालय में रविवार दोपहर 3:30 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल करेंगे। इस अहम मीटिंग में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद रहेंगे। ठक में राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल दिल्ली के विधायकों से ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर चर्चा करेंगे। सुनील बंसल उस हाईपावर कमेटी का हिस्सा हैं, जो ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर पब्लिक ओपिनियन के लिए बनाई गई है। सूत्रों की मानें तो इससे पहले भी कई राज्यों में ऐसी बैठकों में उन्होंने हिस्सा लिया है और दिल्ली में उनकी मौजूदगी उसी श्रृंखला का हिस्सा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यह बैठक बहुत अहम है, और ये उन मीटिंग्स का हिस्सा है जो देशभर में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लेकर हर राज्य में की जा रही हैं। ‘एक देश एक चुनाव’ का विचार पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने से है। इसका मतलब यह है कि पूरे भारत में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे। यानी मतदान एक ही समय के आसपास होगा.वर्तमान में, राज्य विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव अलग-अलग होते हैं। 17 दिसबंर 2024 को सदन में पेश हुआ था विधेयक बता दें कि संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र एक-देश एक चुनाव से संबंधित विधेयक को 17 दिसंबर को पेश किया गया था। सदन में मत विभाजन के बाद 129वें संविधान संशोधन विधेयक 2024 को फिर से स्थापित किया गया था। विधेयक को पेश किए जाने के पक्ष में 263 वोट, जबकि विरोध में 198 वोट पड़े थे. इस संसोधन पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया था और इसे जेपीसी में भेजने की मांग की थी। पीएम मोदी ने भी इस बिल को जेपीसी में भेजने पर सहमति जताई थी। सदन में चर्चा के बाद इस विधेयक पर जेपीसी का गठन किया गया है। बिल पर JPC गठित, समिति में अनुराग-प्रियंका समेत 39 सांसद, राज्यसभा से 12 MP  वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर एक राय बनाने जेपीसी का गठन किया गया है। संसद की संयुक्त समिति में 12 राज्यसभा सासंद सहित सहित 39 सासंदो को शामिल किया गया है। संयुक्त समिति में बीजेपी से 16 और कांग्रेस के 5 सांसद शामिल है। समिति में राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घनश्याम तिवाड़ी, भुनेश्वर कलिता, के लक्ष्मण, कविता पाटीदार, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा, कांग्रेस से रणदीप सिंह सुरजेवाला, और मुकुल वासनिक, तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम के पी विल्सन, आप के संजय सिंह, बीजू जनता दल से मानस रंजन मंगराज और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से वी विजय साई रेड्डी हैं। समिति में लोकसभा से 27 सदस्य वन नेशन-वन नेशन इलेक्शन बिल पर बनी संयुक्त समिति कांग्रेस से प्रियंका गांधी वाड्रा , मनीष तिवारी और सुखदेव भगत को शामिल किया है. समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और छोटेलाल, तृणमूल कांग्रेस से कल्याण बनर्जी, द्रमुक से टी एम सेल्वागणपति, तेलुगु देशम पार्टी से हरीश बालयोगी, शिवसेना (उबाठा) से अनिल देसाई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से सुप्रिया सुले, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से शांभवी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के के शामिल हैं। राधाकृष्णन, राष्ट्रीय लोक दल के चंदन चौहान और जन सेना पार्टी के बालाशौरी वल्लभनेनी को इस समिति का हिस्सा होंगे. वहीं भारतीय जनता पार्टी से पीपी चौधरी, सीएम रमेश, बांसुरी स्वराज, पुरुषोत्तम रुपाला, अनुराग ठाकुर, विष्णु दयाल शर्मा, भर्तृहरि महताब, संबित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, बैयजंत पांडा और संजय जायसवाल शामिल हैं। recent visitors 24