आज चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई की टीम होगी आमने- सामने, एल क्लासिको में क्या दिखेगी फिर पुरानी जैसी चमक?

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स की खराब फॉर्म इंडियन प्रीमियर लीग के ‘एल क्लासिको' (सबसे ज्यादा प्रतिद्वंद्विता वाला मैच) की चमक को कम कर सकती है, लेकिन मुंबई इंडियंस के लिए रविवार को यहां अपनी जीत की लय बरकरार रखने के लिए रणनीति बदलने की चुनौती होगी। मुंबई ने शुरुआती मैचों की निराशा को पीछे छोड़ते हुए अपने पिछले दो मैचों में दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद को मात देकर अच्छी वापसी की है। हार्दिक पंड्या की अगुवाई वाली टीम पॉइंट्स टेबल में सातवें पायदान पर है और वह मौजूदा सत्र में जीत की हैट्रिक लगाने के साथ सत्र के अपने पहले मैच में इस टीम से मिली हार का बदला चुकता करना चाहेगी। मुंबई इंडियंस ने अपने पिछले मैच में शानदार गेंदबाजी से सनराइजर्स हैदराबाद की आक्रामक बल्लेबाजी को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया। टीम ने इसके बाद आसानी से जीत के लिए मिले 163 रन के लक्ष्य को छह विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया था। उस मैच में पिच से स्पिनरों को काफी मदद मिली थी। लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ स्पिनरों की मददगार पिच पर खेलना टीम के लिए जोखिम भरा हो सकता है। चेन्नई के पास शानदार लय मेंचल रहे खब्बू स्पिनर नूर अहमद के अलावा अनुभवी रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन का भी विकल्प है। नूर ने सात मैचों में 12 विकेट लिये है, जिसमें मुंबई के खिलाफ शुरुआती मैच में तीन सफलता शामिल है। चेन्नई के खिलाफ सत्र का पहला मैच गंवाने के बावजूद मौजूद फॉर्म के आधार पर मुंबई का पलड़ा भारी है। रोहित शर्मा ने अभी तक बड़ा स्कोर नहीं बनाया है, लेकिन सनराइजर्स के खिलाफ उनकी तेज शुरुआत ने टीम को बिना किसी दबाव के लक्ष्य का पीछा करने की आजादी दी। तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखी है लेकिन रयान रिकेल्टन ने शीर्ष क्रम में अच्छा योगदान दिया है। विल जैक्स के हरफनमौला खेल ने सनराइजर्स की जीत में अहम भूमिका अदा की थी। अनुभवी जसप्रीत बुमराह की वापसी से मुंबई की गेंदबाजी मजबूत हुई है। ट्रेंट बोल्ट भी अपने पुराने अंदाज में दिख रहे है। उन्होंने सनराइजर्स के खिलाफ शानदार यॉर्कर गेंदें डाली। हार्दिक ने गेंदबाज और बल्लेबाज के रूप में अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाई है, लेकिन आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए वह नमन धीर पर निर्भर रहेंगे। कर्ण शर्मा को पिछले मैच में क्षेत्ररक्षण के दौरान उंगली में चोट लग गई थी और उनका चोटिल होना चिंता का विषय हैं। चेन्नई ने पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पांच विकेट की जीत के साथ लगातार पांच हार के सिलसिले को खत्म किया लेकिन बल्लेबाजी उनकी कमजोर कड़ी बनी हुई है। नियमित कप्तान रुतुराज गायकवाड़ के चोट के कारण बाहर होने से महेंद्र सिंह धोनी की कप्तान के तौर पर वापसी हुई है और वानखेड़े मैदान पर उनकी कई खास यादें जुड़ी हुई है। इसमें 2011 में एकदिवसीय विश्व कप में विजयी छक्का लगाने से लेकर आईपीएल के पिछले सत्र में चार गेंद में 20 रन की नाबाद पारी के दौरान हार्दिक के खिलाफ तीन छक्के जड़ना शामिल है। धोनी की कप्तान की टीम की गेंदबाजी अच्छी हुई है। टीम ने बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस और मुंबई के युवा खिलाड़ी आयुष महात्रे को अपने साथ जोड़ा है। रविवार को होने वाले मैच में हालांकि इन दोनों के खेलने की संभावना काफी कम है। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिचेल सेंटनर, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह। चेन्नई सुपर किंग्स: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान और विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, डेवोन कॉनवे, राहुल त्रिपाठी, शेख रशीद, वंश बेदी, आंद्रे सिद्धार्थ, आयुष म्हात्रे, रचिन रवींद्र, रविचंद्रन अश्विन, विजय शंकर, सैम कुरेन, अंशुल कंबोज, दीपक हुडा, जेमी ओवरटन, कमलेश नागरकोटी, रामकृष्ण घोष, रविंद्र जडेजा, शिवम दुबे, खलील अहमद, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, नाथन एलिस, श्रेयस गोपाल, मथीश पथिराना। यह मैच शाम 07:30 बजे से खेला जायेगा। recent visitors 41

पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी आज फिर आपस में भिड़ेगी

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) को अगर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपना अभियान वापस पटरी पर लाना है और पंजाब किंग्स से दो दिन के भीतर ही बदला लेना है तो आज अपना दमदार खेल दिखाना होगा। पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी को रविवार को न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में होने वाले मैच में उसके बल्लेबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद होगी। पंजाब के खिलाफ शुक्रवार को बेंगलुरू में खेले गए मैच में टिम डेविड को छोड़कर आरसीबी का कोई भी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया और टीम को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। आरसीबी के पास फिल साल्ट, विराट कोहली, कप्तान रजत पाटीदार और लियाम लिविंगस्टोन जैसे धाकड़ बल्लेबाज हैं, लेकिन उनके पास वापसी करने का बहुत कम समय है। पाटीदार ने बेंगलुरू में पंजाब के हाथों पराजय के लिए बल्लेबाजों की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा, ‘‘विकेट शुरू में बल्लेबाजी के लिए बहुत अनुकूल नहीं था, लेकिन हम एक बल्लेबाजी इकाई के तौर पर अच्छा प्रदर्शन कर सके। साझेदारी निभाना महत्वपूर्ण था लेकिन हमने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए। यह हमारे लिए बहुत बड़ा सबक है।’’ आरसीबी अभी अंक तालिका में चौथे स्थान पर है और अगर उसे शीर्ष चार में जगह बनाए रखनी है तो उसके बल्लेबाजों को जल्द से जल्द अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। आरसीबी विस्फोटक शुरुआत प्रदान करने के लिए साल्ट और कोहली पर भरोसा करेगी और मध्य क्रम में स्थिरता प्रदान करने के लिए पाटीदार, लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या और डेविड पर जिम्मेदारी होगी। गेंदबाजी के मोर्चे पर, जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार आक्रमण की अगुवाई करेंगे, लेकिन उन्हें यश दयाल, क्रुणाल और सुयश शर्मा जैसे गेंदबाजों से अधिक सहयोग की जरूरत पड़ेगी। जहां तक पंजाब किंग्स का सवाल है तो श्रेयस अय्यर की अगवाई में उनकी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उसने सात में से पांच मैच में जीत हासिल की है और वह अंक तालिका में दिल्ली कैपिटल्स के बाद दूसरे स्थान पर है। पंजाब के गेंदबाजों ने अभी तक बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट और मार्को यानसन तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर शानदार रहे हैं, जबकि लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट लेकर खुद को फिर से साबित कर दिया है। अय्यर ने भी पंजाब की जीत में चहल के योगदान की सराहना की। अय्यर ने कहा, ‘‘मैंने निजी तौर पर चहल से बात की। मैंने उनसे कहा कि आप मैच विजेता हैं और आपको जितना संभव हो हमारे लिए विकेट हासिल करने हैं। आपको रक्षात्मक रवैया अपनाने की जरूरत नहीं है और आप वापसी करने की क्षमता रखते हो। हम एक लेग स्पिनर के तौर पर उनकी इसी बात के लिए प्रशंसा करते हैं। वह आईपीएल में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक है, शायद आईपीएल में अब तक का सबसे अच्छा गेंदबाज है। आपको हर समय उसका समर्थन करना होगा।’’ जहां तक पंजाबी बल्लेबाजी का सवाल है तो पहले ही शतक लगा चुके युवा प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह से टीम को अच्छी शुरुआत की उम्मीद रहेगी। उसके पास मध्य क्रम में अय्यर, जोश इंगलिस, नेहल वढेरा, शशांक सिंह और मार्कस स्टोइनिस के रूप में कुशल बल्लेबाज हैं। ये मुकाबला रविवार की दोपहर को साढ़े 3 बजे से खेला जाएगा। ऐसे में आरसीबी के पास 48 घंटे से भी कम समय में बदला लेना का मौका होगा। टीमें इस प्रकार हैं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, यश दयाल, जोश हेजलवुड, फिल साल्ट, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, सुयश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, नुवान तुषारा, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, स्वास्तिक छिकारा, लुंगी एनगिडी, अभिनंदन सिंह, मोहित राठी। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे, प्रवीण दुबे, विजयकुमार विशक, हरप्रीत बराड़, अजमतुल्लाह उमरजई, जोश इंग्लिस, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, आरोन हार्डी, कुलदीप सेन। हरनूर सिंह, मुशीर खान, प्याला अविनाश। recent visitors 37

बोत्सवाना से मध्य प्रदेश में लाए जाएंगे आठ और चीते, मई महीने में आएंगे चार

भोपाल दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ चीतों को दो चरणों में मध्य प्रदेश में लाया जाएगा। मई 2025 तक बोत्सवाना से चार चीतों को भारत लाने की योजना है। इसके बाद चार और चीतों को लाया जाएगा। प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों को अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा।   जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में चीता परियोजना की समीक्षा बैठक हुई। एनटीसीए अधिकारियों ने बताया कि अब तक देशभर में चीता परियोजना पर 112 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें से 67 प्रतिशत व्यय मध्य प्रदेश में चीता पुनर्वास पर खर्च किया गया है। चीता प्रोजेक्ट पर अब तक खर्च हो चुके 112 करोड़ भारत और केन्या के बीच भी अनुबंध पर सहमति बनाई जा रही है। देश में चीता प्रोजेक्ट पर अब तक 112 करोड़ रुपये से अधिक राशि व्यय की जा चुकी है। प्रोजेक्ट चीता के तहत ही अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चीते चरणबद्ध रूप से विस्थापित किए जाएंगे। भूपेंद्र यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में चल रहे वन्य प्राणियों की पुनर्वास परियोजनाओं की देखरेख के लिए वन, पर्यटन, पशु चिकित्सा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य एवं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक टास्क फोर्स बनाया जाए। श्योपुर के 80 गांवों के 400 चीता मित्रों को प्रशिक्षित करने का अनुबंध कर सकते हैं। चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में लाया जाएगा प्रोजेक्ट चीता के तहत राजस्थान की सीमा से सटे गांधी सागर अभयारण्य में चरणबद्ध तरीके से चीतों को बसाया जाएगा। अत: मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच अंतरराज्यीय चीता संरक्षण क्षेत्र स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक सहमति बन गई है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के बारे में जानकारी देते हुए वन अधिकारियों ने बताया कि वहां 26 चीते हैं, जिनमें से 16 खुले जंगल में और 10 पुनर्वास केंद्र (बाड़ों) में हैं। अधिकारी ने बताया कि चीतों पर निगरानी रखने के लिए सैटेलाइट कॉलर आईडी का उपयोग करके 24 घंटे ट्रैकिंग की जाती है। चीतों की जा रही है निगरानी अधिकारियों ने कहा कि चीतों की निगरानी के लिए ‘सैटेलाइट कॉलर आईडी’ का उपयोग करके 24 घंटे निगरानी की जा रही है।  अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता ज्वाला, आशा, गामिनी और वीरा ने शावकों को जन्म दिया है। इतना ही नहीं, केएनपी में पर्यटकों की संख्या दो साल में दोगुनी हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक पांच मादा और तीन नर सहित आठ नामीबियाई चीतों को 17 सितंबर, 2022 को केएनपी में छोड़ा गया था। उनके मुताबिक फरवरी 2023 में, 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में, केएनपी में 26 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे 14 शावक शामिल हैं। चीतों के कदम पड़ते ही बदल जाएगी गांधीसागर की रंगत इस बीच मंदसौर से खबर है कि गांधीसागर अभयारण्य को भारत में चीता पुनर्स्थापन योजना के तहत चीतों का दूसरा घर बनने में अब महज एक दिन शेष है। कूनो नेशनल पार्क से दो नर चीते यहां छोड़े जा रहे हैं। चीतों के यहां आने के बाद निश्चित ही गांधीसागर व आस-पास के क्षेत्र की रंगत बदल जाएगी। यहां पर्यटकों की आमद भी बढ़ेगी और निश्चित ही गांधीसागर, रामपुरा, भानपुरा की अर्थव्यवस्था भी बदलेगी। वहीं अभयारण्य के लिहाज से देखे तो यहां की जैव विविधता भी समृद्ध होगी। चीते के आने से इसमें भी सितारे जड़ जाएंगे। गांधीसागर अभयारण्य में अभी तो चीते बाड़ों में ही रखे जाएंगे। कुछ माह बाद इन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद गांधीसागर व आस-पास के नगरीय क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी परिवर्तन आएगा। recent visitors 34

मध्यप्रदेश में जल्द ही तबादलों पर लगा बैन हट सकता, ट्रांसफर पॉलिसी 2025 बनाकर तैयार

भोपाल  मध्यप्रदेश में लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एक जरूरी खबर है। मध्यप्रदेश में जल्द ही तबादलों पर लगा बैन हट सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी 2025 तैयार कर ली है और सीएम मोहन यादव की सलाह पर इसमें कुछ आंशिक बदलाव कर इसे अप्रैल के ही महीने में कैबिनेट में लाने की तैयारी है। बता दें कि मध्यप्रदेश में बीते 3 साल से तबादलों पर बैन लगा हुआ है। इसी महीने हट सकता है बैन ! जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति 2025 तैयार कर ली है। इसे इस माह के अंत तक राज्य शासन की मंजूरी के लिए कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में तबादलों पर लगा बैन हटाया जा सकता है। पॉलिसी के अनुसार करीब 15 दिन से एक महीने तक तबादलों से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। बता दें कि आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। किनके लिए होगी फायदेमंद? यह नई नीति खासतौर पर उन सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जो दो साल से ज्यादा समय से ट्रांसफर बैन के चलते एक ही जगह अटके हुए थे. अब वे स्वेच्छा से ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे और विशेष परिस्थितियों में मनचाही जगह पोस्टिंग भी मिल सकती है. शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में तबादलों की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी, जिससे व्यवस्था पारदर्शी होगी और कर्मचारियों को आसानी मिलेगी. किसके लिए बनेगी परेशानी? नई पॉलिसी उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुश्किल बन सकती है, जो पिछले 3 साल या उससे ज्यादा समय से एक ही पद पर जमे हुए हैं. सरकार का इरादा है कि ऐसे सभी अधिकारियों का ट्रांसफर किया जाए और जरूरत पड़ी तो उन्हें दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा. साथ ही, किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों के सिर्फ 10% का ही तबादला किया जा सकेगा. इसका मतलब ये है कि सबको ट्रांसफर नहीं मिलेगा, सिर्फ उन्हीं को मौका मिलेगा जो इस श्रेणी में आते हैं. क्या मिलेगा ट्रांसफर पर भत्ता? आपको बताते चलें कि नई नीति में ये भी तय किया गया है कि स्वेच्छा से ट्रांसफर लेने वाले कर्मचारियों को कोई भत्ता नहीं दिया जाएगा. लेकिन जिनका ट्रांसफर प्रशासनिक वजहों से किया जाएगा, उन्हें सरकार की ओर से भत्ते की सुविधा दी जाएगी. वहीं, ट्रांसफर की प्रक्रिया में मंत्रियों की भूमिका अहम होगी. अपने विभाग के कर्मचारियों का ट्रांसफर मंत्री कर सकेंगे. गजेटेड अधिकारियों ( उच्च स्तर के प्रशासनिक या प्रबंधकीय पदों पर होते हैं) के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की सहमति जरूरी होगी. तबादला नीति में ये बिंदू हो सकते हैं शामिल     तबादला नीति में इस बात का प्रावधान रहेगा कि 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों को हटाया जाए। ऐसे अधिकारियों को दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा।     माना जा रहा है कि किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।     जो अधिकारी-कर्मचारी स्वयं के व्यव पर ट्रांसफर करवाएंगे, उन्हें किसी भी प्रकार का भत्ता नहीं दिया जाएगा।     प्रशासनिक आधार पर होने वाले तबादले में सरकार भत्ता प्रदान करेगी।     मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले को लेकर अधिकार प्रदान किए जाएंगे।     जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर जिले के अंदर ट्रांसफर कर सकेंगे।     जिले के बाहर तबादला विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे, लेकिन राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री समन्वय की प्रक्रिया अपनाना होगी।     स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।     विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को मांगी गई लोकेशन पर ट्रांसफर दिया जाएगा।    मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले के अधिकार होंगे। जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। जिले के बाहर ट्रांसफर विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे  राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए सीएम समन्वय की प्रक्रिया अपनानी होगी। 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जाएगा उन्हें दूसरे जिले में भी भेजा जाएगा।  किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।  स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। recent visitors 52

प्रदेश का पहला सम्भागीय किसान मेला उज्जैन में 3 मई से आयोजित किया जायेगा

 भोपाल मध्य प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के आयोजन के बाद अब सरकार संभागीय स्तर पर किसान मेलों का आयोजन करने जा रही है, शुरुआत 3 मई को उज्जैन संभाग से की जाएगी यानि पहला सम्भागीय किसान मेला उज्जैन में आयोजित किया जायेगा,  संभाग में मेलों के आयोजन के बाद अक्टूबर में राज्य स्तरीय किसान मेला आयोजित किया जायेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी संभागों में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। उज्जैन संभाग में 3 मई को मंदसौर में पहला किसान मेला आयोजित किया जाएगा।  इन मेलों में किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित नवीनतम जानकारी दी जायेगी। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी के साथ किसानों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। मेले में प्रदर्शनी के माध्यम से भी किसानों को कृषि तकनीकों और कृषि उपकरणों की जानकारी दी जायेगी। एक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य मंत्री कंषाना ने बताया कि अक्टूबर में एक राज्य स्तरीय किसान मेला भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने एक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को ऊर्जादाता बनने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसके लिए अभियान शुरू कर किसानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। मध्य प्रदेश कृषक कल्याण मिशन को मिली है सैद्धांतिक स्वीकृति कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिया है। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास में एमपी सरकार ‘मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन’ के तहत अब कृषि से सम्बद्ध विभागों की योजनाएं एक मंच पर समन्वित रूप से क्रियान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।   recent visitors 32

अप्रैल के आखिर तक भाजपा जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर नए नेता के नाम का ऐलान करेगी

नई दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष का ऐलान कभी भी हो सकता है। चर्चा है कि अप्रैल के आखिर तक भाजपा की ओर से जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर किसी नए नेता के नाम का ऐलान हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम भी अध्यक्ष की रेस में है। इसके अलावा मोदी सरकार में ही मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नामों की भी चर्चा जोरों पर है। कहा जा रहा है कि इन तीन नेताओं में से किसी एक को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अध्यक्ष पर फैसला लेने से पहले आरएसएस की सलाह भी ली जाएगी। वहीं उससे पहले यूपी, बंगाल, आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में अध्यक्ष का फैसला भी लिया जाएगा। तभी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा 25 अप्रैल तक यूपी समेत कई राज्यों में अध्यक्षों का ऐलान कर सकती है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल किया जाएगा और किसी एक नेता का नाम सर्वसम्मति से तय किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मनोहर लाल खट्टर को लेकर सहमति बनने की संभावना अधिक है। इसकी वजह है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी हैं और उनकी पहली पसंद भी हैं। लंबे समय तक आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम करने वाले मनोहर लाल खट्टर को संगठन की अच्छी समझ है। इसके अलावा आरएसएस को भी उनके नाम पर आपत्ति नहीं होगी, जो मानता है उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि के नेता के हाथ में ही पार्टी की कमान होनी चाहिए। इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि मनोहर लाल खट्टर सबसे आगे माने जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और मनोहर लाल खट्टर के दशकों पुराने रिश्ते हैं। ऐसे में संगठन की कमान भी उनके भरोसेमंद व्यक्ति के पास होगी और आरएसएस भी इसे लेकर सहमत होगा। यही नहीं भाजपा में महासचिव के तौर पर भी राज्यों से कई नेताओं को शामिल किया जा सकता है। ये वे नेता होंगे, जो पूर्व मंत्री या सीएम जैसे पदों पर रह चुके हैं, लेकिन इन दिनों उनके पास कोई बड़ा दायित्व नहीं है। वहीं अभी संगठन में काम करने वाले कुछ लोगों को कैबिनेट में भी एंट्री दी जा सकती है। दरअसल एनडीए सरकार में सहयोगी दलों की डिमांड है कि कैबिनेट का विस्तार किया जाए और उनके नेताओं को एंट्री मिले। इस बीच बिहार में चुनाव है और उससे पहले उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री पद दिया जा सकता है। वहीं एकनाथ शिंदे की पार्टी को भी मौका मिल सकता है, जो डिप्टी सीएम तो हैं, लेकिन बीच-बीच में उनकी नाराजगी की खबरें आती रहती हैं। चर्चाएं यह भी हैं कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के मौके पर भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। recent visitors 46

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग होगी, कपड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. लिहाजा कचरे में पाए जाने वाले कपड़ों के टुकड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे. अपनी तरह के इस प्लांट से प्रतिदिन 50 टन कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. इससे नगर निगम की आय में भी इजाफा होगा. पुराने कपड़ों से बनेंगे उत्पाद दरअसल, इंदौर शहर में प्रतिदिन जो कचरा निकलता है, उसकी प्रोसेसिंग नेप्रा नामक एजेंसी द्वारा की जाती है. फिलहाल इस एजेंसी के पास भी कपड़ों की प्रोसेसिंग सुविधा नहीं है. यही वजह है कि शहर भर से इकट्ठा होने वाले कपड़ों के टुकड़ों को प्रोसेसिंग के लिए अलग-अलग एजेंसी को भेजना पड़ता है. इसके अलावा कचरे के निष्पादन की एजेंसियों के स्तर पर भी कपड़े के उचित प्रबंधन करने की मांग नगर निगम प्रशासन से की जा रही थी. जिसके फल स्वरुप नगर निगम प्रशासन ने अब गीले और सूखे कचरे के निस्तारण की तरह ही कपड़े से सीमेंट और अन्य कई उत्पाद बनाने के लिए एक अलग से प्लांट बनाने की तैयारी कर ली है. इंदौर नगर निगम का नया प्लान नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के मुताबिक, ''प्लांट बनाने के लिए टेंडर के जरिए एजेंसी तय करने के बाद कपड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को दी जएगी. इस कार्य को लेकर 20 साल की समय अवधि भी दी जाएगी. कपड़े के निस्तारण से जो राशि प्राप्त होगी उसकी एक निश्चित हिस्सेदारी नगर निगम की होगी. इस प्लांट की क्षमता के मुताबिक 50 टन तक कपड़े को प्रोसेस किया जा सकेगा. मलवे से तैयार हो रहे हैं कई उत्पाद इंदौर नगर निगम द्वारा न सिर्फ गीले और सूखे कचरे से तरह-तरह के उत्पाद मीथेन और सीएनजी गैस के अलावा प्राकृतिक खाद बनाई जा रही है, बल्कि इससे नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपए की आय भी होती है. अब नगर निगम की कोशिश है कि जो कपड़ा कचरे में पाया जाता है उसके निस्तारण के लिए भी प्लांट की स्थापना करके रॉयल्टी और आय का नया संसाधन स्थापित किया जा सके. महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि, ''हमने तय किया है कि हम सफाई को नेक्स्ट लेवल पर लेकर जाएंगे. जो घरों से, फैक्ट्रियों या अन्य स्थानों से निकलने वाला कपड़ा है. उसे कलेक्ट करके रेवेन्यू जनरेट करने का प्रपोजल तैयार किया है.'' recent visitors 49