सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता, शिक्षकों ने जताया विश्वास, आंदोलन समाप्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में बीएड प्रशिक्षित बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। यह प्रतिनिधिमंडल 126 दिनों से लगातार आंदोलनरत था और आज की आत्मीय मुलाकात और चर्चा के बाद उन्होंने अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आप सब हमारे परिवार के सदस्य हैं। आपकी पीड़ा हमारी पीड़ा है। आपकी समस्याओं को समझते हुए सरकार सहानुभूति के साथ इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले के समाधान के लिए शासन स्तर पर हरसंभव सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय से भेंट के पश्चात शिक्षकों ने सरकार की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस मौजूद रहे। recent visitors 39

भोपाल के 1250 क्वार्टर इलाके में सरकारी मकान के आंगन में बनी मजार ने विवाद, हिंदू संगठनों ने इसे ‘लैंड जिहाद’ करार दिया, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अति विशिष्ट (VVIP) इलाके 1250 क्वार्टर में एक सरकारी मकान के आंगन में बनी मजार ने विवाद खड़ा कर दिया है. हिंदू संगठनों ने इसे 'लैंड जिहाद' करार देते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. यह इलाका मंत्रियों, IAS अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्यमंत्री समेत एक दर्जन से अधिक मंत्रियों के सरकारी आवासों से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.   संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने दावा किया कि यह मजार हाल ही में बनाई गई है और इसे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा, "प्रशासन को इसकी जांच कर इसे हटाना चाहिए, वरना हम आंदोलन करेंगे." वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मजार कई वर्षों से मौजूद है. आसपास रहने वाले कुछ निवासियों ने बताया कि यह  मजार पुरानी है और इसे एक मुस्लिम परिवार ने बनाया था, जो इस सरकारी मकान में रहता है. लैंड जेहाद का आरोप स्थानीय लोगों ने रिपब्लिक भारत को बताया कि ये मजारें कई सालों से यहां है और आसपास के लोग इसका रखरखाव करते हैं। मजार वाले घर के पड़ोस की एक महिला ने बताया कि ये घर पहले मुस्लिम कर्मचारी को एलॉट था। हिंदू वादी संगठनों ने इन मजारों को लेकर आपत्ति जताई है और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। एसडीएम से हिंदू वादी संगठनों ने जांच की मांग की है, संगठनों का आरोप है कि ये लैंड जेहाद है। SDM ने दिए जांच के आदेश इस पूरे मामले को लेकर जब रिपब्लिक भारत ने एसडीएम अर्चना शर्मा से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि सरकारी मकान के अंदर किसी भी तरह का धर्म स्थल निर्माण होना अवैध है। SDM ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर जांच में इसे अवैध पाया गया तो इसे तोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी। SDM ने स्थानीय पटवारी और तहसीलदार को जांच के आदेश दिए है, जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई करने बात कही है। 90% सरकारी मकान, फिर भी सिस्टम की चुप्पी 1250 क्वार्टर इलाके में करीब 90% मकान सरकारी हैं, जहां क्लास वन अधिकारी से लेकर बाबू स्तर के कर्मचारी रहते हैं. ऐसे में एक सरकारी मकान के आंगन में मजार का होना सवाल खड़े करता है. शिकायत की कॉपी हिंदू संगठनों ने जिला प्रशासन को शिकायत सौंपी है, जिसमें पूछा गया है कि सरकारी जमीन पर यह मजार कैसे बनी? यदि यह पुरानी है, तो इसके आसपास सरकारी इमारतें कैसे बन गईं? और यदि नई है, तो प्रशासन ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की? recent visitors 26

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पतंजलि संस्थान द्वारा विंध्य क्षेत्र में किए जा रहे निवेश एवं औद्योगिक परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हाल ही में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, रीवा के माध्यम से विंध्य क्षेत्र में निवेश के अपार अवसर खुले हैं। जो विंध्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। पतंजलि समूह जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की भागीदारी से इस क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की मजबूत आधारशिला रखी जा सकती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से अमहिया, रीवा स्थित निज निवास पर पतंजलि योगपीठ के संस्थापक सचिव आचार्य बालकृष्ण ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पतंजलि संस्थान द्वारा विंध्य क्षेत्र में किए जा रहे निवेश एवं संभावित औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। क्षेत्रीय विकास, स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधनों और जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर विंध्य के निर्माण की दिशा में सार्थक चर्चा हुई।   recent visitors 38

सुकमा में 40 लाख रुपये के 22 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर, दंपति भी है शामिल

 सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक बड़ी खबर है. यहां 22 नक्सलियों ने एक साथ पुलिस और सीआरपीएफ के अफसरों के सामने सरेंडर किया है. इन पर कुल 40 लाख रुपये का इनाम घोषित है. ये सभी नक्सली माड़ डिवीजन और नुआपाडा डिवीजन में सक्रिय रहे हैं. पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर किया है सरेंडर प्रदेश में नक्सलियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के बीच नक्सल संगठन घबराया हुआ है. इस बीच सरकार की पुनर्वास नीति भी नक्सलियों को काफी प्रभावित कर रही है. इस बीच सुकमा में शुक्रवार को एक साथ 22 नक्सलियों ने हिंसा का साथ छोड़कर सरेंडर कर दिया है. इसमें एक दंपति भी शामिल हैं. इन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित है. इनके सरेंडर को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है. 22 माओवादियों का सरेंडर: सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में लगातार नक्सल उन्नमूलन अभियान चलाया जा रहा है. पुनर्वास नीति का भी प्रचार प्रसार किया जा रहा है. नियद नेल्लानार योजना के तहत विकास कार्य भी कराया जा रहा है, जिससे प्रभावित होकर 9 महिला समेत 22 माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सरेंडर किया है. नक्सलियों को 50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि: पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह सभी माओवादी माड़ डिवीजन और नुआपाड़ डिवीजन में सक्रिय थे. सभी समर्पित माओवादियों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ ही कपड़े भी दिए गए हैं. एसपी ने कहा कि सभी सरेंडर करने वालों को पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएं भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी. आत्मसमर्पित 1 पुरुष और 1 महिला नक्सली पर आठ आठ लाख का इनाम. वहीं 1 पुरूष और 1 महिला नक्सली पर पांच पांच लाख, 2 पुरूष और 5 महिला पर 2-2 लाख, 1 पुरूष नक्सली पर 50 हजार यानी कुल 40 लाख 50 हजार रुपए का इनाम था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों को आत्मससमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में जिला बल, डीआरजी सुकमा, रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी) कोंटा, सुकमा, जददलपुर सीआरपीएफ 02, 74, 131, 217, 219, 223, 226,227,241 एवं कोबरा 203 वाहिनी के आसूचना शाखा कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है. सरेंडर माओवादियों की लिस्ट 1. मुचाकी जोगा पिता बुधरा उम्र लगभग 33 वर्ष है. उसकी जाति मुरिया है. वह सुकमा जिले के भेज्जी थाना के रेगड़गट्टा गांव का निवासी है. उसका पद माड़ डिवीजन अन्तर्गत पीएलजीए कम्पनी नंबर 01, प्लाटून नंबर 01 का डिप्टी कमाण्डर/सीवायपीसीएम और इनाम 8 लाख था. 2. मुचाकी जोगी पति जोगा उम्र 28 वर्ष है. उसकी जाति मुरिया है. वह सुकमा जिले के भेज्जी थाना के रेगड़गट्टा गांव की निवासी है. उसका पद पीएलजीए कम्पनी नम्बर 01 प्लाटून नम्बर 01 सदस्य/पीपीसीएम और इनाम 8 लाख था. 3. किकिड़ देवे पिता स्वर्गीय नंदा उम्र लगभग 30 वर्ष है. उसकी जाति मुरिया है. वह सुकमा जिले के थाना गादीरास के दोक्कापारा गुफड़ी गांव का निवासी है. वह नुवापाड़ा डिवीजन सीतानदी एरिया कमेटी सदस्या एसीएम और पांच लाख की इनामी थी. 4. मनोज उर्फ दूधी बुधरा पिता चमरू उम्र लगभग 28 वर्ष. जाति मुरिया, निवासी चिंतनार दूधीपारा थाना पुसपाल, जिला सुकमा. माड़ डिवीजन डीके प्रेस टीम सदस्य/एसीएम, इनाम 5 लाख 5. माड़वी भीमा पिता नंदा उम्र लगभग 30 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी सुरपनगुड़ा थाना चिंतलनार, जिला सुकमा. सुरपनगुड़ा आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष. इनाम 2 लाख. 6. माड़वी सोमड़ी पति माड़वी भीमा उम्र लगभग 48 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी मेट्टागुड़ा सरपंचपारा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर. मेट्टागुड़ा आरपीसी केएमएस अध्यक्ष, इनाम-02 लाख. 7. संगीता उर्फ हड़मे माड़वी पिता स्वर्गीय सुकड़ा, उम्र लगभग 24 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी पैतुलगुट्टा थाना किस्टाराम जिला सुकमा. उसूर एलओएस पार्टी सदस्या. इनाम 02 लाख. 8. माड़वी कोसी पिता हुंगा उम्र लगभग 24 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी वेलपोच्चा पेरमापारा, थाना कोंटा, जिला सुकमा. गोमपाड़ आरपीसी सीएनएम अध्यक्षा. इनाम 02 लाख. 9- वंजाम सन्नी पति वंजाम माड़ा उम्र लगभग 24 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ वंजामपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी सीएनएम अध्यक्षा. इनाम 02 लाख 10. माड़वी मंगली पिता हुंगा उम्र लगभग 35 वर्ष. जाति मुरिया, निवासी दुलेड़ वंजामपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी केएमएस अध्यक्षा. इनाम 02 लाख. 11. ताती बण्डी पिता स्वर्गीय हड़मा, उम्र 35 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी गोमगुड़ा ईत्तापारा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर. पालागुड़ा आरपीसी मिलिशिया कमांडर, इनाम 02 लाख. 12. पुनेम जोगा पिता स्वर्गीय जोगा, उम्र लगभग 28 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी एर्रनपल्ली किकिरपारा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर. एर्रनपल्ली आरपीसी सीएनएम सदस्य, इनाम 50 हजार रुपए. 13. पुनेम नरसिंग राव पिता स्वर्गीय मल्ला, उम्र लगभग 25 वर्ष. जाति दोरला. निवासी दुलेड़ वंजामपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 14. सोड़ी हुंगा पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 30 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ वंजामपारा, थाना चिंतागुफा जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 15. वंजाम रामा पिता स्वर्गीय पोज्जा, उम्र लगभग 26 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी बगड़ेगुड़ा करकापारा, थाना केरलापाल, जिला सुकमा. पूर्व बगड़ेगुड़ा पंचायत मिलिशिया सदस्य. 16. हेमला नंदे पति गुण्डा उम्र लगभग 37 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी नागाराम सरपंचपारा, थाना चिंतलनार, जिला सुकमा. नागाराम आरपीसी केएमएस सदस्या. 17. हेमला मुके पति नंदा उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी नागराम सरपंचारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा. नागाराम आरपीसी केएमएस सदस्या. 18. गोंडसे/मड़कम हुंगा पिता बण्डी उम्र लगभग 25 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ बंजामपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर. 19. मड़कम गंगा पिता मुक्का उम्र लगभग 33 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी बड़ेकेड़वाल, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. सिंघनमड़गू आरपीसी शाखा अध्यक्ष. 20. माड़वी सोना पिता रामा उम्र लगभग 27 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड पोकड़ीपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 21. माड़वी हिड़मा पिता स्व. भीमा, उम्र लगभग 30 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ पोकड़ीपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 22. पुनेम कन्हैया पिता कन्ना, निवासी चिमलीपेंटा, थाना चिंतलनार, जिला सुकमा. सुरपनगुड़ा आरपीसी मिलिशिया सदस्य पुलिस ने चलाया था ऑपरेशन समाचार एजेंसी आईएएनएस ने भी नक्सलियों के सरेंडर का वीडियो साझा किया है। आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों में 9 लड़कियां और 13 लड़के शामिल हैं। नक्सलियों के खिलाफ सुकमा में ऑपरेशन चलाया गया था। इस ऑपरेशन में सुकमा के अलावा जगदलपुर के डीआईजी ऑफिस समेत कई सीआरपीएफ बटालियनों ने हिस्सा लिया था। पुलिस का यह ऑपरेशन कामयाब रहा और 22 नक्सलियों ने नक्सलवाद को अलविदा कहने का फैसला … Read more

गाजा में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के वास्ते सभी बंधकों को छोड़ने के लिए तैयार

गाजा इजरायल की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हमास के हौंसले पस्त होते नजर आ रहे हैं। फिलिस्तीन के इस कट्टरपंथी संगठन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा में कहा है कि वह गाजा में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के वास्ते सभी बंधकों को छोड़ने के लिए तैयार है। हमास ने कहा है कि वह इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले सभी इजरायली बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है। यह बयान हमास के वरिष्ठ अधिकारी खलील अल-हय्या ने गुरुवार को एक टेलीविजन भाषण में दिया। इस प्रस्ताव को गाजा में डेढ़ साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक संभावित कदम के रूप में देखा जा रहा है। हमास का प्रस्ताव हमास के वरिष्ठ अधिकारी खलील अल-हय्या ने कहा, "हम एक व्यापक समझौते के लिए तैयार हैं, जिसमें सभी इजरायली बंधकों की रिहाई, इजरायल में कैद फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई, गाजा युद्ध का अंत और क्षेत्र के पुनर्निर्माण की शुरुआत शामिल हो।" हालांकि, हमास ने स्पष्ट किया कि वह इजरायल की उस मांग को स्वीकार नहीं करेगा जिसमें उसे अपने हथियार डालने होंगे। अल-हय्या ने इजरायल के 45 दिन के अस्थायी युद्धविराम प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया, जिसमें हमास के हथियार डालने की शर्त शामिल थी। हमास ने यह भी कहा कि कोई भी समझौता स्थायी युद्धविराम, इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और गाजा के पुनर्निर्माण की गारंटी पर आधारित होना चाहिए। एक वरिष्ठ फिलिस्तीनी अधिकारी ने कहा, "इजरायल का नवीनतम प्रस्ताव युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा नहीं करता और केवल बंधकों को प्राप्त करना चाहता है।" संघर्षविराम का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे नेतन्याहू- हमास अल-हय्या ने इजराइल द्वारा प्रस्तावित 45 दिन की अस्थायी संघर्षविराम योजना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अब हमास किसी भी "आंशिक समझौते" को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संघर्षविराम का इस्तेमाल केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। उन्होंने रॉयटर्स के हवाले से कहा, "नेतन्याहू और उनकी सरकार आंशिक समझौतों का इस्तेमाल अपनी उस राजनीतिक नीति को आगे बढ़ाने के लिए करते हैं, जिसका मकसद नरसंहार और भुखमरी के जरिए युद्ध को जारी रखना है — भले ही इसके लिए अपने ही बंधकों की बलि क्यों न देनी पड़े। हम इस नीति को लागू करने का हिस्सा नहीं बनेंगे।" हमास की इस सख्त स्थिति से मिस्र के मध्यस्थों द्वारा युद्धविराम को बहाल करने की कोशिशों को और झटका लग सकता है। काहिरा में इस हफ्ते हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। हमास ने इजरायल की उस मांग को भी खारिज कर दिया है, जिसमें संगठन से अपने हथियार छोड़ने की शर्त रखी गई थी। हमास ने साफ कहा है कि वह तभी बचे हुए 59 इजराइली बंधकों को छोड़ेगा, जब इजराइल युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने पर सहमत होगा। इजरायल ने तेज किए हमले इधर, इजरायली सेना ने गाजा पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। गुरुवार को हुए हवाई हमलों में गाजा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कम से कम 32 फिलिस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जबालिया में संयुक्त राष्ट्र संचालित एक स्कूल पर हमले में छह लोगों की जान गई। इजराइल ने दावा किया कि वहां एक हमास कमांड सेंटर था। वहीं, हमास ने यह जानकारी दी कि इजरायली-अमेरिकी सैनिक एडन अलेक्जेंडर को बंधक बनाकर रखने वाले लड़ाकों से उनका संपर्क टूट गया है। बताया गया कि जिस स्थान पर अलेक्जेंडर को रखा गया था, वहां इजराइली हमले हुए। हमास ने एक वीडियो संदेश में बंधकों के परिवारों को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे हमलों में उनके प्रियजन मारे जा सकते हैं। 2023 से चल रहा संघर्ष यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास ने दक्षिणी इजरायल पर एक आश्चर्यजनक हमला किया, जिसमें इजरायली अधिकारियों के अनुसार 1,200 लोग मारे गए और 251 लोग बंधक बनाए गए। इसके जवाब में, इजरायल ने गाजा पर व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अब तक 51,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। हमास का कहना है कि वर्तमान में उसके पास 59 बंधक हैं, जिनमें से 24 के जीवित होने की उम्मीद है। इजरायल में जनता का दबाव इजरायल में, बंधकों की रिहाई को प्राथमिकता देने की मांग बढ़ रही है। सैकड़ों पूर्व मोसाद और वायुसेना कर्मियों ने सरकार से युद्ध को रोककर बंधकों की रिहाई पर ध्यान देने का आह्वान किया है। तेल अवीव में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां लोग बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए समझौते की मांग कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी, योना श्निट्जर ने कहा, "गाजा में बंधकों की स्थिति सामान्य नहीं होनी चाहिए। यह दिल दहलाने वाला है।" recent visitors 57

प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर बढ़ता जा रहा है। सूरज की तपिश तेज होने के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। गुरुवार को शाजापुर-सीहोर जिले में जहां बारिश हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन समेत प्रदेश के 20 जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 43.2 डिग्री रहा। गुना में 42.4 डिग्री, शाजापुर में 42.1 डिग्री, नरसिंहपुर-धार में 42 डिग्री, टीकमगढ़ में 41.5 डिग्री, सागर में 41.4 डिग्री, नौगांव, खजुराहो-मंडला में 41 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह खरगोन में 40.6 डिग्री, खंडवा-दमोह में 40.5 डिग्री, रायसेन में 40.4 डिग्री और शिवपुरी में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां दिन का पारा 42 डिग्री रहा। भोपाल में 41.1 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 41.5 डिग्री और जबलपुर में 39.6 डिग्री रहा। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। इन्हीं 4 घंटों के दौरान धूप तेज होती है और गर्म हवाएं चलती हैं। वहीं, खाना-पान और सूती कपड़े पहनने की सलाह भी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। वहीं, रात में भी गर्मी बढ़ी है। अगले 5 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। एमपी में गर्मी का पारा बढ़ गया है। ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन सहित 20 से ज्यादा जिलों में सूरज के तेवर तीखे रहेंगे। चिलचिलाती धूप से लोग बेहाल रहेंगे। अगले 5 दिन तक MP में मौसम ऐसा ही रहेगा। दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। इन जिलों में रहेगी तेज गर्मी मौसम विभाग ने 18 अप्रैल को निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, इंदौर, उज्जैन, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, रतलाम, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर में तेज गर्मी की संभावना जताई है। दिन तपिश रहेगी। रात को भी गर्मी का अहसास होगा। नर्मदापुरम सबसे गर्म नर्मदापुरम में गुरुवार को दिन का पारा सबसे ज्यादा 43.6 डिग्री रहा। रतलाम 43.2, गुना 42.4, शाजापुर 42.1, ग्वालियर 42, भोपाल 41.1, इंदौर 40.4, उज्जैन 41.5 और जबलपुर में 39.6 डिग्री तापमान रहा। नरसिंहपुर, 42, धार 42, टीकमगढ़ 41.5, सागर 41.4, नौगांव, खजुराहो-मंडला में 41 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 40.6, खंडवा 40.5, -दमोह 40.5, रायसेन 40.4 और शिवपुरी में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जानिए कल कैसा रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में गर्मी का कहर रहेगा। बंगाल में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय होगा। सिस्टम का असर एमपी भी रहेगा। अप्रैल के आखिरी 3 से 4 दिन तक लू चलेगी। दिन और रात का पारा बढ़ेगा। मौसम विभाग ने 19 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर तेज गर्मी की संभावना जताई है। 20 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, उज्जैन ग्वालियर में दिन का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहने का अनुमान जताया है।    recent visitors 34

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज एवं वन आदि प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ एक समृद्ध राज्य

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी स्थित शहीद स्मारक भवन में लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा को नये दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज एवं वन आदि प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ एक समृद्ध राज्य है। यहां लौह अयस्क, कोयला, टीन, बक्साइड, चूना पत्थर से लेकर लिथियम सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज पर्याप्त मात्रा मौजूद हैं। इसी तरह वन संसाधनों के मामलों में भी छत्तीसगढ़ एक अग्रणी राज्य है। राज्य में मौजूदा संसाधनों का बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर मोदी की गारंटी के अनुरूप देश के साथ साथ छत्तीसगढ़ को भी 2047 तक विकसित राज्य बनाना है। इसके तहत राज्य में सभी समाज और वर्गों के विकास के पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। यहां कृषि औजारो के निर्माण सहित विभिन्न शिल्प कलाओं के निर्माण में लौह शिल्पकारों की प्राचीन काल से ही अहम भूमिका रही है। हमारे प्रदेश के हर क्षेत्र एवं हर गांव में लौह शिल्प से जुड़े शिल्पकार निवासरत है और वो अपनी जीविकोपार्जन के लिए ही नहीं बल्कि अपने परम्परागत व्यवसाय के माध्यम निर्माण के क्षेत्र में अहम भागदारी निभा रहे। नवनियुक्त अध्यक्ष विश्वकर्मा के नेतृत्व में बोर्ड शिल्पकारों के उत्थान एवं शिल्प कला को नई ऊंचाइया प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महत्वपूर्ण दिन है। आज हमने प्रदेश के लिए 20 अग्निशमन वाहनों का लोकार्पण किया। गर्मी के दिनों में आग लगने की घटना अधिक होती है। उनसे बचाव के लिए अग्निशमन वाहन उपयोगी साबित होंगे। आज कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया है। जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के कैम्पस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई। यह कैम्पस नवा रायपुर में स्थापित होगा। इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। भारत में फैशन शिक्षा का यह एक प्रमुख संस्थान है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए विश्वकर्मा समाज का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। कहते है भगवान विश्वकर्मा इस सुंदर संसार का सृजन किए। पहले गांव में कोई भी कार्य विश्वकर्मा समाज के लोगों के बिना पूर्ण नहीं हो पाता था चाहे कृषि का कार्य हो या शादी-ब्याह। सभी में लोहे से बने औजारों का उपयोग करते थे। आज लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के माध्यम से ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों को पहचान कर उनकी प्रतिभा को निखारने की जरूरत है। उन्होंने लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नए अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जगदलपुर विधायक किरण देव सिंह ने कहा कि प्रफुल्ल विश्वकर्मा बहुत ही सहज सरल एवं अनुभवी है। वह सभी को साथ में लेकर चलने वाले लोगों में शामिल है। निश्चित ही उनके नेतृत्व में बस्तर से लेकर सरगुजा तक शिल्पकला को एक नया मुकाम मिलेगा। इस अवसर पर महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायकगण सर्वसुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ निःशुक्त जन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कवाड़िया, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छग राजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहल्लाद रजक, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. एस. विश्वकर्ता, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा, रायपुर विकास प्राधिकारण के अध्यक्ष नंदे साहू, किशोर महानंद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 32