मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले राज्य में फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में फैशन शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) के नए कैम्पस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 271.18 करोड़ रुपये है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फैशन शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खोलेगा, बल्कि राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) भारत में फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में से एक है। 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत स्थापित इस संस्थान के वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु सहित देश भर में 17 परिसर हैं। नवा रायपुर में स्थापित होने वाला यह 18वां नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि होगी। यह संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करेगा। साथ ही, यह फैशन उद्योग के साथ सहयोग के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को विश्वस्तरीय फैशन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर अपने राज्य में ही मिलेगा। यह संस्थान तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करके फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना न केवल फैशन शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांति लाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाएगी। नवा रायपुर एक उभरता हुआ वैश्विक केंद्र नवा रायपुर, जो पहले से ही एक स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, अब शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में भी एक नया मुकाम हासिल कर रहा है। एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना से नवा रायपुर को फैशन और टेक्सटाइल उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की छवि को भी निखारेगी। recent visitors 23

आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला होगा, फॉर्म में लौटे युजवेंद्र चहल से रहना होगा बचकर

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल 2025 का 34वां मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें अपना पिछला मुकाबला जीतकर आ रही हैं। आईपीएल 2025 में शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला होगा। पंजाब किंग्स ने अपने पिछले मैच में कोलका नाइट राइडर्स के खिलाफ आईपीएल के इतिहास का सबसे कम स्कोर डिफेंड किया है, ऐसे में बेंगलुरु के बल्लेबाजों को पंजाब किंग्स के गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना करना होगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम अभी तक जारी सीजन में घरेलू मैदान पर जीत नहीं दर्ज कर सकी है। आरसीबी के बल्लेबाजों को धीमी पिच पर गुजरात टाइटंस के आर साई किशोर और दिल्ली कैपिटल्स के कुलदीप यादव और विपराज निगम के सामने संघर्ष करना पड़ा था, ऐसे में चहल और ग्लेन मैक्सवेल उसकी इस कमजोरी का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। यही नहीं चहल और मैक्सवेल लंबे समय तक आरसीबी की तरफ से खेलते रहे हैं और यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। बेंगलुरु को चहल से रहना होगा बचकर कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ चार विकेट लेकर फॉर्म में लौटने वाले चहल का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता जबकि मैक्सवेल को बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन के बावजूद अंतिम एकादश में जगह मिलना तय है। चहल जादुई गेंदों के बजाय लेंथ के मास्टर हैं। यह लेग स्पिनर ऑफ-स्टंप के बाहर गेंद करके बल्लेबाजों को लंबे शॉट खेलने का लालच देता है जिससे कि वह सीमा रेखा के करीब कैच दे देते हैं। वह अपनी गति में भी काफी चतुराई से बदलाव करते हैं और यदि बल्लेबाजों को उनके खिलाफ छक्के मारने हैं तो उन्हें अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत होती है। मैक्सवेल भी एक ऐसा स्पिनर है, जो बड़े टर्न या डिपर्स के बजाय नियंत्रण पर भरोसा करता है। आरसीबी के पास क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा के रूप में अच्छे स्पिनर हैं और टीम उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। पंजाब टीम के पास अर्शदीप सिंह और मार्को यानसन के रूप में अच्छे तेज गेंदबाज हैं, हालांकि वे आरसीबी के जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जितने अनुभवी नहीं हैं। रजत-श्रेयस ने बतौर कप्तान किया है इम्प्रेस अगर कप्तानों की बात करें तो रजत पाटीदार और श्रेयस अय्यर में बहुत कम समानता है। इस टूर्नामेंट में एक बल्लेबाज के रूप में शानदार रिकॉर्ड रखने वाले अय्यर ने आईपीएल विजेता कप्तान के रूप में अपनी साख साबित की है। दूसरी तरफ पाटीदार आईपीएल में पहली बार कप्तान बने हैं। लेकिन असमानता यहीं पर खत्म हो जाती है, क्योंकि यह दोनों खिलाड़ी शांत रहकर बड़ी कुशलता से अपनी टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अच्छा बल्लेबाज माना जाता है और इसलिए बल्लेबाजी में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। कोलकाता के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में जीत दर्ज करने से पंजाब का हौसला बढ़ा होगा लेकिन उसे आरसीबी से सतर्क रहना होगा जिसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में काफी गहराई है और उस पर पार पाना किसी भी टीम के लिए आसान काम नहीं होता है। टीम इस प्रकार है : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, यश दयाल, जोश हेजलवुड, फिल साल्ट, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, सुयश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, नुवान तुषारा, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, स्वास्तिक छिकारा, लुंगी एनगिडी। अभिनंदन सिंह, मोहित राठी। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे, प्रवीण दुबे, विजयकुमार विशक, हरप्रीत बराड़, अजमतुल्लाह उमरजई, जोश इंग्लिस, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, आरोन हार्डी, कुलदीप सेन। हरनूर सिंह, मुशीर खान, पला अविनाश। recent visitors 34

रोहित शर्मा ने 26 रन बनाकर भी इतिहास रच गए… वानखेड़े में पूरा किया ‘स्पेशल शतक’

मुंबई मुंबई इंडियंस ने गुरुवार (17 अप्रैल) को वानखेड़े स्टेडियम की मुश्किल प‍िच पर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पर चार विकेट से जीत दर्ज की. विल जैक्स मैच के असली हीरो रहे. ज‍िन्होंने 3-0-14-2 के महत्वपूर्ण स्पेल के बाद 36 (26 गेंद, 3x4s, 3x6s) की शानदार पारी खेलकर निर्णायक भूमिका निभाई. वहीं इस मुकाबले के दौरान मुंबई ने रनचेज करते हुए वानखेड़े स्टेड‍ियम में एक अनोखा कीर्तिमान अपने नाम किया. SRH की टीम ने अब तक के आईपीएल सीजन में यही बात साब‍ित की है कि वो अपने घर में शेर है. रोहित शर्मा ने भी इस दौरान एक ऐसा कीर्तिमान बनाया, जो वानखेड़े में पहली बार बना. सनराइजर्स हैदराबाद ने मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 162 रन बनाए. अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 40 रन बनाए, वो पंड्या की गेंद पर कैच आउट हुए. अभ‍िषेक के आउट होने के बाद ईशान किशन मात्र दो रन पर स्टंप आउट हो गए. जबकि उनके पार्टनर ट्रेव‍िस हेड पूरी पारी में संघर्ष करते हुए दिखाई दिए. पंड्या के ओवरस्टेपिंग के कारण नो-बॉल पर कैच आउट होने के बावजूद हेड इसका फायदा उठाने में विफल रहे और 29 गेंदों पर 28 रन बनाकर आउट हो गए. वानखेड़े स्टेडियम की पिच स्पिनरों के लिए ग्रिप और टर्न प्रदान कर रही थी और धीमी गेंदों ने तेज गेंदबाजों को फायदा पहुंचाया, जिसके कारण सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाजों को पारी के अधिकांश समय रन बनाने के ल‍िए संघर्ष करना पड़ा. लेकिन आखिरी पांच ओवरों में 57 रन बनाकर SRH ने संघर्ष लायक स्कोर जरूर बना दिया. MI की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 4-0-21-1, ट्रेंट बोल्ट 4-0-29-1 और विल जैक्स ने 3-0-14-2 ने शादार स्पेल फेंका. 18वें ओवर में आया पहला छक्का MI की गेंदबाजी इतनी कमाल थी कि उनकी पारी का पहला छक्का 18वें ओवर में आया. जो SRH की पारी का सबसे बेहतरीन ओवर था. तब हेनरिक क्लासेन (28 गेंदों पर 37 रन, 3x4s, 2x6s) ने 21 रन लेकर चाहर के आंकड़े (4-0-47-0)  खराब कर द‍िए.  अंतिम ओवर में अनिकेत वर्मा ने दो छक्के लगाए और पैट कमिंस ने एक छक्का लगाकर पंड्या के महत्वपूर्ण 22 रन बटोरे. मुंबई इंडियंस की सनराइजर्स हैदराबाद पर धमाकेदार जीत अभिषेक-क्लासेन ने खेली अच्छी पारी सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए पांच विकेट पर 162 रन बनाए. हैदराबाद को पहली ही गेंद पर झटका लग जाता, लेकिन विल जैक्स ने दीपक चाहर की गेंद पर अभिषेक शर्मा का कैच टपका दिया. अभिषेक ने इस जीवनदान का फायदा उठाया और कुछ बेहतरीन शॉट्स खेले. शुरुआती 6 ओवरों में हैदराबाद ने बिना विकेट खोए 46 रन बना डाले. मुंबई इंडियंस को पहली सफलता कप्तान हार्दिक पंड्या ने दिलाई, जिन्होंने अभिषेक शर्मा को चलता किया. अभिषेक ने 7 चौके की मदद से 28 गेंदों पर 40 रन बनाए. अभिषेक और हेड के बीच पहले विकेट के लिए 7.3 ओवर में 59 रनों की पार्टनरशिप हुई. फिर विल जैक्स ने ईशान किशन (2) को सस्ते में आउट कर दिया. विल जैक्स ने मुंबई को एक और बड़ी सफलता दिलाई, जब उन्होंने ट्रेविस हेड को पवेलियन भेजा. हेड ने तीन चौके की मदद से 29 बॉल पर 28 रन बनाए. नीतीश रेड्डी बिल्कुल भी लय में नहीं दिखे और वो 19 रन बनाकर ट्रेंट बोल्ट का शिकार बने. अब हेनरिक क्लासेन पर जिम्मेदारी की थी कि वो हैदराबाद को एक सम्मानजक स्कोर तक पहुंचाएं. क्लासेन ने निराश नहीं किया और 18वें ओवर में 21 रन बनाए, जो दीपक चाहर ने फेंका था. हालांकि वो अगले ओवर में जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर पर बोल्ड हो गए. हेनरिक क्लासेन ने तीन चौके और दो छक्के की मदद से 28 गेंदों पर 37 रनों की पारी खेली. क्लासेन के आउट होने के बाद अनिकेत वर्मा (18*) और कप्तान पैट कमिंस (8*) ने कुछ बड़े शॉट्स लगाए, जिसके चलते हैदराबाद 160 रनों का आंकड़ा पार करने में सफल रही. मुंबई इंडियंस के लिए विल जैक्स ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके. हार्दिक पंड्या, ट्रेंट बोल्ट और जसप्रीत बुमराह को एक-एक विकेट मिला. मुंबई का रनचेज कैसा रहा? रोहित शर्मा ने आउट होने से पहले इस मुकाबले में अपनी लय दिखाई और 16 गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 26 रन बनाए, वहीं उनके साथी ओपनर रयान रिकेल्टन ने शानदार 31 रन बनाए, जबकि सूर्यकुमार यादव ने दो छक्के और इतने ही चौके लगाकर 26 रन (15 गेंदों पर) बनाए. कप्तान हार्दिक पांड्या ने सिर्फ नौ गेंदों पर 21 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और MI को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया. तिलक वर्मा (नाबाद 21) ने फिर MI को जीत दिलाई, मुंबई ने रनचेज 18.1 ओवर में 6 विकेट पर 166 रन बनाकर कंपलीट कर ल‍िया. आईपीएल में किसी मैदान पर रनचेज करते हुए सबसे ज़्यादा जीत: मुंबई इंडियंस (MI) – 29 जीत (वानखेड़े स्टेडियम, 47 मैच) कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) – 28 जीत (ईडन गार्डन्स, 40 मैच) राजस्थान रॉयल्स (RR) – 24 जीत (सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर, 31 मैच) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) – 21 जीत (चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु, 41 मैच) सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) – 21 जीत (राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम, हैदराबाद, 32 मैच) चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) – 20 जीत (एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई, 31 मैच) इस सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का हैदराबाद से बाहर प्रदर्शन SRH इस सीजन (2025) में अब तक कोई भी अवे मैच (हैदराबाद के अलावा) मैच नहीं जीत पाई है – दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ हार – व‍िशाखापत्तनम – कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ़ हार – कोलकाता – मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ हार – वानखेड़े, मुंबई MI vs SRH मुकाबले में बने अन्य रिकॉर्ड – रोहित शर्मा आईपीएल में टीम की जीत के दौरान 4000 रन पूरे करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए. दूसरे भारतीय ख‍िलाड़ी व‍िराट कोहली हैं, ज‍िन्होंने RCB के ल‍िए 120 पार‍ियों में 4492 रन बनाए हैं. -160+ रन का लक्ष्य पीछा करते हुए सबसे ज़्यादा जीत आईपीएल में दर्ज करने वाली टीम मुंबई इंडियंस (MI) बन गई है. पंजाब ने 81 मैचों में 34 बार, RCB ने 77 में से 31 बार और दिल्ली ने 95 में से 31 बार ऐसा किया है. – रोहित शर्मा … Read more

मध्य प्रदेश के लाखो कर्मचारियों को मिलेगा डबल प्रमोशन, 60 हजार पर डिमोशन का भी खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में 9 साल बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की है. अभी इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं. इससे मध्य प्रदेश शासन के 4 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे. हालांकि सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन मिले 8 साल से अधिक समय बीत चुका है. ऐसे में वो डबल प्रमोशन के हकदार हैं. इस पर भी सरकार ने विचार किया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से प्रमोशन के साथ आरक्षित वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर डिमोशन का खतरा भी मंडरा रहा है. अब देखना ये है कि सरकार इस मामले का किस प्रकार पटाक्षेप करती है. एक साथ नहीं मिलेगा डबल प्रमोशन जिन कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति मिले 8 साल से अधिक का समय बीत चुका है, या फिर जिन्होंने साल 2014-15 के बाद ज्वाइन किया और उनकी समयावधि 8 साल पूरी हो चुकी है. ऐसे कर्मचारियों-अधिकारियों को डबल प्रमोशन का लाभ सरकार देगी. हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है, कि कर्मचारियों को डबल प्रमोशन का लाभ तो मिलेगा, लेकिन एक साथ नहीं. बल्कि सरकार की मंशा है कि इस वर्ष एक प्रमोशन देने के बाद दूसरा प्रमोशन उनको अगले वर्ष दिया जाए. जिससे कर्मचारियों की कमी न हो. इन कर्मचारियों पर लटकी डिमोशन की तलवार सपाक्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष केएस तोमर ने बताया कि "साल 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सरकार ने एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने का नियम बनाया था. इस नियम के तहत साल 2016 तक प्रदेश में आरक्षित वर्ग के कई अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हुए. इससे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को काफी फायदा हुआ, लेकिन ओबीसी समेत वो कर्मचारी-अधिकारी जो अनारक्षित वर्ग में थे, वो प्रमोशन में पीछे छूटते गए और उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जिसमें कोर्ट ने तथ्यों पर विचार करने के बाद इस पदोन्नति प्रक्रिया को रद्द कर दिया. लेकिन इस बीच आरक्षित वर्ग के जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है, ऐसे लोगों को डिमोशन का खतरा भी बना हुआ है." हाई कोर्ट भी सुना चुका है फैसला केएस तोमर ने बताया कि "पदोन्नति में आरक्षण नियम 2002 लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश के 60 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिल चुका है, लेकिन जब इसे हाईकोर्ट 2016 में रद्द कर चुका है, तो ऐसे में इसकी वैधता कितनी है. तोमर ने बताया कि अभी मध्य प्रदेश में प्रमोशन का कोई नियम नहीं है, इसलिए ठीक है, लेकिन जैसे ही सरकार नए नियम बनाएगी, जो कर्मचारी गलत तरीके से प्रमोशन का लाभ ले रहे हैं. उनको डिमोशन करना होगा. हाईकोर्ट ने भी 31 मार्च 2024 के आदेश में कहा है कि 2002 के नियम के आधार पर जिन एससी-एसटी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ मिला है. उन सभी का डिमोशन किया जाएग. हालांकि सरकार ऐसा करने से बचना चाहती है, इसलिए नए नियमों को ऐसा बना रही है. जिससे सबको समान रुप से पदोन्नति का लाभ मिल सके. यूपी-उत्तराखंड में डिमोट, पंजाब-हरियाणा में क्रीमीलेयर बाहर उच्च न्यायालय ने पदोन्नति को लेकर अपने आदेश में कहा है कि जब तक स्टेटस की यथा स्थिति है, तब तक ना डिमोट होंगे और ना ही प्रमोट किया जाएगा, लेकिन जिस दिन स्टेटस बैकेंड हो जाएगा, यथा स्थिति खत्म हो जाएगी. उसी दिन डिमोट करना पड़ेगा. यूपी और उत्तराखंड में भी बाद में गलत पदोन्नति नियम के कारण आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को डिमोट किया गया. केएस तोमर ने बताया कि सपाक्स ने अपनी याचिका में कहा है कि पदोन्नति में आरक्षण के नियम में क्रीमीलेयर को शामिल नहीं करना चाहिए. ऐसे ही मामले में पंजाब और हरियाणा में पदोन्नति के दौरान क्रीमीलेयर को आरक्षण का लाभ देने से वंचित किया गया है. recent visitors 24

MMLP में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं होगी, पहले चरण में एक 5 सितारा होटल भी बनने जा रहा

पीथमपुर प्रदेश के पीथमपुर में बन रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) आधुनिक सुविधाओं वाला बनाया जाएगा। न केवल इसका जुड़ाव रेलवे से होगा बल्कि एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम होगा ताकि कस्टम की औपचारिकताएं भी यहीं से पूरी हो जाए और कंटेनर सीधे जहाज में लोड हो सके। एमएमएलपी में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं होगी। पहले चरण में एक 5 सितारा होटल भी बनने जा रहा है। जल्द पूरा करने के निर्देश करीब 2 महीने से काम में तेजी आई है। प्रोजेक्ट को केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी प्राथमिकता में लिया है। दो बार वे इंदौर दौरे पर इस प्रोजेक्ट के बारे चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने एनएचएआइ के अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गडकरी ने सागोर से पार्क तक ट्रेन पहुंचाने के लिए नई रेलवे लाइन का उद्घाटन कर दिया है। इंदौर और आसपास से होने वाले माल का एक्सपोर्ट विदेश तक आसानी से हो जाएगा। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत कस्टम का भी ऑफिस बनेगा। तीन चरणों में होगा काम एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया, 250 एकड़ में बन रहे पार्क का निर्माण 1100 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। तीन चरणों में काम होना है। जरूरत के हिसाब से वेयर हाउस, ऑफिस, कोल्ड स्टोरेज समेत पहले चरण में एक 5 स्टार होटल भी होगी। पहले चरण के निर्माण में 1100 करोड़ खर्च होंगे पहला चरण 1100 करोड़ रुपए का है। इसमें पीथमपुर के जामोदी में रेलवे यार्ड बनेगा। इसमें दो तरह की रेलवे की पटरियां बिछाई जाएंगी, जिससे बड़े-छोटे कंटेनर आसानी से ट्रेन में लोड हो सकें। रेलवे तक माल लाने और यहां से अंदर तक ले जाने के लिए बड़ा ट्रक पार्किंग एरिया बनेगा, जिसमें एक समय पर एक हजार ट्रक खड़े हो सकें। यहां पेट्रोल-डीजल पंप भी बनेगा और होटल आदि भी होगा। इंदौर से अब इंटरनेशनल एयर कार्गो सेवा की शुरुआत भी हो चुकी है। यह लॉजिस्टिक्स हब हवाई, सड़क और रेल तीनों माध्यमों को जोड़ते हुए इंदौर को एक इंटरनेशनल सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ेगा। यह हब टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे उद्यमियों को न केवल तेज़ सप्लाई सिस्टम देगा, बल्कि निर्यात के नए रास्ते भी खोलेगा। लालवानी ने कहा यह लॉजिस्टिक्स पार्क सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, रोजगार और विकास की नींव है। यह पार्क वेस्टर्न रिंग रोड और इंदौर-अहमदाबाद मार्ग से जुड़ेगा। दिल्ली-मुंबई नेशनल हाईवे से इसकी दूरी मात्र 150 किलोमीटर है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के सागौर रेलवे स्टेशन के पास इस पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है। गडकरी ने बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र को कई फायदे होंगे। लॉजिस्टिक पार्क बनने के बाद परिवहन समय और लागत दोनों में कमी आएगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और धार विधायक नीना विक्रम वर्मा मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5 पुलिस थानों का बल तैनात किया गया था। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र, भाजपा जिला अध्यक्ष नीलेश भारती और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। भारत में अब तक कुल 35 मल्टी लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण किया जा चुका है। 255 एकड़ भूमि पर इस पार्क का निर्माण चल रहा है। recent visitors 30

जनजातीय जीवन और प्रकृति पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्मों का होगा प्रदर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय वन-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में वन पुनर्स्थापन, जलवायु परिवर्तन और समुदाय-आधारित आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में आयोजित होने वाली कार्यशाला में विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों में वनों की भूमिका पर मंथन होगा। कार्यशाला में प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह स्वागत उद्बोधन देंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की रूपरेखा डॉ. राहुल मूँगीकर प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय समुदाय और प्राकृतिक संरक्षण पर केंद्रित ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी जाएगी। प्रमुख विषय : वन संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक प्रबंधन राष्ट्रीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में वन संरक्षण की वर्तमान कानूनी व्यवस्थाएं, उनकी सीमाएं और समाधान, जैव विविधता संशोधन अधिनियम-2023, सामुदायिक वन अधिकार, पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण और वन पुनर्स्थापन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। बैंगलुरू से आ रहे प्रो. रमेश विशेषज्ञ वक्तव्य भी देंगे। कार्यशाला में डॉ. योगेश गोखले, डॉ. राजेन्द्र दहातोंडे आदि वक्ता विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे। राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन राज्यपाल पटेल समापन सत्र को करेंगे संबोधित राज्यपाल मंगुभाई पटेल राष्ट्रीय कार्य शाला के समापन-सत्र में मुख्य अतिथि होंगे। पूर्व राष्ट्रीय जनजातीय आयोग अध्यक्ष हर्ष चौहान समापन वक्तव्य देंगे। कार्यशाला में वनीकरण, जलवायु संवेदनशीलता और वनवासी समुदायों की समावेशी भागीदारी पर केन्द्रित डॉक्युमेंट्री फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण में वनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कार्यशाला वनों, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय आजीविका को केंद्र में रखते हुए एक सतत और न्यायसंगत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।   recent visitors 34

ट्रेड वॉर: US की कंपनियां चीन से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने के तैयारी में, भारत के लिए एक बड़ा अवसर

नई दिल्ली  दुनिया की दो सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देशों अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका ने चीनी माल पर 245% टैक्स लगा दिया है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन में सामान बनाना फायदे का सौदा नहीं रह गया है और वे चीन में अपना बोरिया बिस्तार समेटने की तैयारी में हैं। भारत सरकार इसे एक बड़े मौके के रूप में देख रही है। सरकार चाहती है कि ये कंपनियां भारत में आकर अपना कारोबार करें। इससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने और दवाइयों जैसे सेक्टरों में फायदा होगा। इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक सरकार भारतीय कंपनियों को भी अमरीका में कारोबार बढ़ाने में मदद करना चाहती है। हाल ही में सरकार ने इंडस्ट्री के लोगों के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में अमरीका में कारोबार बढ़ाने के तरीकों पर बात हुई। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। इस बारे में बातचीत जल्द ही शुरू होने वाली है। पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात होगी और फिर मई के मध्य से आमने-सामने मीटिंग होने की संभावना है। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को इसमें एक बड़ा मौका दिख रहा है। अमरीका ने चीन से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया है। लेकिन भारत और 75 से ज्यादा देशों से आने वाले सामान पर टैक्स नहीं लगाया है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर नया टैक्स लगाएंगे। चीन में बने आईफोन जैसे स्मार्टफोन पर अमरीका में 20% टैक्स लगता है। वहीं, भारत में बने सामान पर कोई टैक्स नहीं है। किससे है सबसे बड़ी चुनौती इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि सरकार को सावधानीपूर्वक योजना बनानी होगी ताकि अमरीका-चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सके। उनका कहना है कि अगर सही से योजना नहीं बनाई गई, तो वियतनाम इस मौके का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकता है। वियतनाम अमरीका को सैमसंग के स्मार्टफोन और गैजेट्स का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। उसके पास भारत से ज्यादा मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन है। वियतनाम का अमरीका के साथ व्यापार ज्यादा है। साथ ही वहां ज्यादातर चीनी कंपनियों ने निवेश किया है। इसलिए भारत के लिए भी मौके हो सकते हैं। प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के कारण देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के पास तीन पीएलआई स्कीम हैं। ये स्कीम स्मार्टफोन, लैपटॉप और सर्वर जैसे IT हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स के लिए हैं। अभी, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) इस बारे में बातचीत कर रहा है। जल्द ही दूसरे मंत्रालय भी इसमें शामिल होंगे। इंडस्ट्री के एक जानकार ने बताया कि सरकार ने 10-12 सेक्टरों की पहचान की है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिसिन, केमिकल, ऑटोमोबाइल, खिलौने, एयर कंडीशनर और अप्लायंसेज शामिल हैं। इन सेक्टरों में भारत को फायदा हो सकता है। इंडस्ट्री की दिक्कत एक और सूत्र ने बताया कि सरकार ने साफ कर दिया है कि जॉइंट वेंचर और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर एग्रीमेंट को ज्यादा महत्व दिया जाएगा क्योंकि भारत में इस तरह का सिस्टम बनाने की जरूरत है। इंडस्ट्री को बताया गया है कि सरकार भारत को मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना चाहती है। साथ ही, दुनिया के व्यापार में ज्यादा हिस्सा हासिल करना चाहती है। इंडस्ट्री ने टैक्स, कस्टम और दूसरी दिक्कतों के बारे में बताया है। उसका कहना है कि इन दिक्कतों की वजह से लक्ष्य हासिल करने में परेशानी हो सकती है।   recent visitors 51