मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रहा वन विभाग

लखनऊ.  योगी सरकार की ओर से वन व वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में बढ़ाया गया कदम कारगर साबित हो रहा है। सरकार के प्रयासों का असर है कि उत्तर प्रदेश में साल दर साल राज्य पक्षी सारस का कुनबा बढ़ता जा रहा है। राज्य में प्रतिवर्ष दो बार (ग्रीष्मकालीन/शीतकालीन) सारस की गणना की जाती है। प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हुई शीतकालीन गणना में कुल 20,628 सारस पाए गए। पिछले वर्ष हुई गणना में प्रदेश में सारसों की संख्या 19,994 थी। राज्यव्यापी गणना में इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3304 सारस मिले। 10 वन प्रभागों में यह संख्या 500 से अधिक रही। प्रदेश में शीतकालीन गणना कार्यक्रम में 10 हजार नागरिकों द्वारा भाग लिया गया। साल दर साल बढ़ रही सारस की संख्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पशु-पक्षी व पर्यावरण प्रेम जगजाहिर है। 2017 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने विभाग को राज्य पक्षी सारस के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। 2023 में प्रदेश में 19,196 सारस मिले। 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 19,994 हो गई। अब इस शीतकालीन सत्र में प्रदेश में कुल सारसों की संख्या 20,628 दर्ज की गई है।  इटावा वन प्रभाग में मिले सर्वाधिक 3304 सारस, 10 प्रभागों में यह संख्या 500 से ऊपर रही  सारस की शीतकालीन गणना में 10 प्रभागों में इनकी संख्या 500 से ऊपर रही। इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3304 सारस पाए गए। मैनपुरी में 2899, औरैया में 1283, शाहजहांपुर में 1078, गोरखपुर में 950, कन्नौज में 826, कानपुर देहात में 777, हरदोई में 752, सिद्धार्थनगर में 736 तथा संतकबीर नगर वन प्रभाग में 701 सारस पाए गए।  29 वन प्रभागों में सारसों की संख्या 100 से 500 तक रही 29 वन प्रभागों में सारस की संख्या 100 से 500 के बीच रही। रायबरेली वन प्रभाग में 480, सीतापुर में 452, उन्नाव में 385, बरेली में 380, सोहगीबरवा में 378, बाराबंकी में 345,  बांदा में 270, फिरोजाबाद में 258, बस्ती में 224, अमेठी में 181, अलीगढ़ में 177, बिजनौर में 174, गौतमबुद्धनगर में 169, दक्षिण खीरी में 168, रा.चंबल में 167, सुल्तानपुर में 162, कानपुर में 156, बहराइच व फर्रुखाबाद में 150-150, मथुरा में 135, कासगंज में 128, फतेहपुर में 127, एटा में 119, बदायूं में 115, श्रावस्ती में 109, गोंडा में 108, चित्रकूट में 106 व देवरिया वन प्रभाग के अंतर्गत 105 सारस पाए गए। 29 वन प्रभागों में 100 से कम सारस मिले राज्य में 29 वन प्रभाग ऐसे भी रहे, जहां शीतकालीन गणना में 100 से कम सारस मिले। पीलीभीत सामाजिक वानिकी में 98, हमीरपुर में 95, सोहेलवा में 88, अयोध्या में 82, कुशीनगर में 64, हाथरस में 62, अंबेडकर नगर में 59, मेरठ में 51, मुरादाबाद में 50, उत्तर खीरी में 46, बुलंदशहर में 42, कौशांबी में 40, ललितपुर में 39, अवध में 38, मुजफ्फरनगर में 32, प्रतापगढ़ में 31, कतर्नियाघाट में 28, महोबा व संभल में 25-25, आगरा में 24, नजीबाबाद में 18, उरई में 15, प्रयागराज में 14, आजमगढ़ में 12, जौनपुर में 8, मऊ में 6, पलिया में 5, रामपुर में 4 व हापुड़ में दो सारस मिले। वर्जन  उत्तर प्रदेश में सारस की ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन, दो बार गणना होती है। हाल में ही संपन्न शीतकालीन गणना में राज्य पक्षी की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मिली है। गणना से पहले वन विभाग कर्मियों द्वारा सारस बाहुल्य प्राकृतवास का सर्वेक्षण कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है।   अनुराधा वेमुरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), यूपी recent visitors 29

आस्था और संस्कृति का संगम: राजिम कुंभ कल्प 2026 में मंत्री राजेश अग्रवाल, बिहानों के व्यंजनों की प्रशंसा

रायपुर. राजिम कुंभ कल्प 2026: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने त्रिवेणी संगम पर संतों से की भेंट, बिहान दीदियों द्वारा बनाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का चखा स्वाद प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प 2026 के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम के तट पर पहुंचकर विभिन्न अखाड़ों, पीठों से पधारे पूज्य धर्माचार्यों, संतों एवं लाखों श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने कुंभ की सभी व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री अग्रवाल ने कुंभ स्थल पर विभिन्न अखाड़ों के पूज्य संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। संतों ने कुंभ की भव्यता की सराहना करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा तत्काल समाधान के निर्देश दिए।  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के स्टॉल पर पहुंचे मंत्री अग्रवाल ने स्वयं समूह की दीदियों से बातचीत की। उन्होंने दीदियों द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा और ठेठरी का स्वाद लिया तथा उनकी कुशलता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अग्रवाल ने कहा कि बिहान दीदियों की मेहनत से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि राजिम कुंभ जैसे वैश्विक आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर भी विश्व पटल पर चमक रही है।  मंत्री ने बांस और लकड़ी से बनी आदिवासी कलाकृतियों के स्टॉल पर जाकर स्थानीय कारीगरों से मुलाकात की। उन्होंने मूर्तियों, शोपीस और उपयोगी वस्तुओं की बारीकी से सराहना की तथा उनके उत्साहवर्धन के लिए खरीदारी भी की। अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार राजिम कुंभ के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करेगी। मंत्री अग्रवाल ने राजिम कुंभ स्थल पर बनाई गई रामवनगमन पथ की जीवंत प्रतिकृति का भी निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के पौराणिक राम वनगमन मार्ग को चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाती यह प्रतिकृति श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अग्रवाल ने प्रतिकृति की बारीकी और कलात्मकता की प्रशंसा की। राजिम कुंभ कल्प 2026 की अन्य व्यवस्थाओं जैसे पानी की आपूर्ति, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, यातायात और सुरक्षा का जायजा लेते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस अवसर पर विधायक रोहित साहू, गरियाबंद कलेक्टर बी एस उइके, एसडीएम विशाल महाराणा, गरियाबंद जिला प्रशासन व पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।  राजिम कुंभ कल्प 2026 छत्तीसगढ़ की सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक बन चुका है, जहां लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर स्नान कर रहे हैं। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक-आर्थिक उत्सव के रूप में चमक रहा है। recent visitors 26

अखिल भारतीय बाघ गणना के तहत कोटा परियोजना मंडल में प्रशिक्षण कार्यक्रम

रायपुर. अखिल भारतीय बाघ गणना पर कोटा परियोजना मण्डल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक की प्रेरणा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय बाघ गणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल द्वारा आयोजित की गयी। यह प्रशिक्षण विगत दिवस शिवतराई विश्राम गृह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाघों की संख्या का वैज्ञानिक आंकलन, उनके आवास एवं गतिविधियों की पहचान तथा क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की आधुनिक विधियों से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाघों की पहचान, पगमार्क, मल एवं खरोंच के निशानों के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि, कैमरा ट्रैप तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, फील्ड डाटा संग्रहण एवं निगरानी की आधुनिक प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यप्राणियों तथा तेंदुआ जैसे अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बाघों की वास्तविक संख्या, उनके शिकार प्रजातियों की उपलब्धता तथा वन्यजीव संरक्षण की स्थिति का आंकलन कैसे किया जाता है। इससे वन अधिकारियों को संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं चौकीदारों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध होगा। recent visitors 29

अखिल भारतीय बाघ गणना के तहत कोटा परियोजना मंडल में प्रशिक्षण कार्यक्रम

रायपुर. अखिल भारतीय बाघ गणना पर कोटा परियोजना मण्डल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक की प्रेरणा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय बाघ गणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल द्वारा आयोजित की गयी। यह प्रशिक्षण विगत दिवस शिवतराई विश्राम गृह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाघों की संख्या का वैज्ञानिक आंकलन, उनके आवास एवं गतिविधियों की पहचान तथा क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की आधुनिक विधियों से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाघों की पहचान, पगमार्क, मल एवं खरोंच के निशानों के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि, कैमरा ट्रैप तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, फील्ड डाटा संग्रहण एवं निगरानी की आधुनिक प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यप्राणियों तथा तेंदुआ जैसे अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बाघों की वास्तविक संख्या, उनके शिकार प्रजातियों की उपलब्धता तथा वन्यजीव संरक्षण की स्थिति का आंकलन कैसे किया जाता है। इससे वन अधिकारियों को संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं चौकीदारों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध होगा। recent visitors 25

महा-सुनवाई में CJI और ममता बनर्जी के बीच बहस, SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. सीएम ममता बनर्जी ने खुद अदालत में अपनी बात रखने की कोशिश की. हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने बीच में ही उन्हें टोकते हुए कहा कि उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और श्याम दीवान पहले ही सभी दलीलें रख चुके हैं. बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी सोमवार को होगी. चुनाव आयोग पर ममता के आरोप बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी ने कहा कि वह न्याय के लिए अदालत आई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव आयोग को तमाम फैक्ट्स बताए थे, लेकिन उन्हें नहीं सुना गया. इस पर CJI ने साफ किया कि आपकी नई याचिका में कुछ नए मुद्दे जरूर हैं, लेकिन जो बातें आप कह रही हैं, वे आपके वकील पहले ही अदालत के सामने रख चुके हैं. वोटर्स के नाम हटाए जा रहे हैंः ममता बनर्जी सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने रवींद्रनाथ टैगोर की स्पेलिंग में बदलावों का जिक्र करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और राज्य में बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने अदालत को बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट के लिए अब सिर्फ 11 दिन बचे हैं और यह प्रक्रिया 14 फरवरी तक पूरी होनी है, जबकि इस मामले की सुनवाई के लिए केवल चार दिन का समय बचा है. उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 32 लाख ‘अनमैप्ड वोटर्स’ हैं और लगभग 3.26 करोड़ नामों में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ पाई गई है, जो कुल मतदाताओं का करीब 20 प्रतिशत है. श्याम दीवान ने मांग की कि चुनाव आयोग को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट’ में शामिल हर मतदाता का नाम सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों के बावजूद कई मामलों में केवल नाम, उम्र और लिंग दर्ज हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि मतदाता का नाम सूची से क्यों हटाया गया. लोगों को यह जानने का अधिकार है कि वे वोटर लिस्ट में क्यों नहीं हैं. इस पर CJI ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि यह प्रक्रिया सिर्फ एक सामान्य सूचना नहीं है, बल्कि संबंधित लोगों को व्यक्तिगत नोटिस भी दिए जा रहे हैं. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि यह समय कृषि और त्योहारों का है, ऐसे में कई लोग अपने गृह जनपद से बाहर हैं. CJI ने सवाल किया कि जब बंगाल में बीएलओ पर दबाव और मौतों की बातें सामने आ रही हैं, तो असम जैसे राज्यों में ऐसा क्यों नहीं हो रहा. 'बंगाल को टारगेट किया जा रहा है' ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में चुनाव आयोग सभी दस्तावेज स्वीकार कर रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल के मामले में उन्हें खारिज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब त्योहार और फसल कटाई का मौसम है और बड़ी संख्या में लोग राज्य से बाहर हैं. इस दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सऐप कमीशन’ तक कह दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन… सॉरी, व्हाट्सऐप कमीशन यह सब कर रहा है. लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. बंगाल को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है.” सुनवाई के अंत में CJI ने कहा कि अदालत समय बढ़ाने का निर्देश दे सकती है. उन्होंने ममता बनर्जी से कहा कि अदालत को उनके वकील श्याम दीवान की काबिलियत पर पूरा भरोसा है और उन्होंने अपने लिए श्रेष्ठ वकील चुने हैं. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की है. CJI ने कहा कि चुनाव आयोग आज उठाए गए मुद्दों पर निर्देश लेकर अदालत के समक्ष आए. वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार को उपलब्ध ग्रुप-बी अधिकारियों की सूची पेश करने को कहा गया है. सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि चुनाव आयोग की ओर से अधिकारियों के प्रति ‘होस्टिलिटी’ को लेकर लिखित आशंका जताई गई है. अदालत में क्या-क्या हुआ, यहां देखें ECI के वकील: 'मेरी इंस्ट्रक्शन यह थी कि सिर्फ स्पेलिंग की मामूली गलती पर नोटिस जारी नहीं किया जाएगा.' CJI: 'राज्य का एग्जीक्यूटिव हेड भी आज यहां मौजूद है. क्या यह संभव नहीं कि राज्य बंगला भाषा के विशेषज्ञ उपलब्ध कराए, जो समिति के साथ बैठकर स्थानीय उच्चारण और स्पेलिंग पर सलाह दें?' ममता बनर्जी: 'मैं इस पर सफाई दे सकती हूं, क्योंकि मैं उसी राज्य से हूं.' CJI: 'इसमें कोई संदेह नहीं कि आप वहीं से हैं.' ममता बनर्जी: 'बेंच का धन्यवाद कि मुझे बोलने की अनुमति दी गई. 'समस्या यह है कि वकील तब लड़ते हैं, जब सब कुछ खत्म हो चुका होता है. जब हमें न्याय नहीं मिलता, तब न्याय दरवाजों के पीछे रोता रहता है. मैंने चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं आया.'  'मैं कोई खास व्यक्ति नहीं हूं. मैं एक बंधुआ मजदूर जैसी हूं. मैं अपनी पार्टी के लिए नहीं लड़ रही हूं, मैं एक साधारण नागरिक हूं.' CJI: 'पश्चिम बंगाल सरकार ने भी याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट के सर्वश्रेष्ठ वकील राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं—कपिल सिब्बल, गोपाल और श्याम दीवान. हमारी मदद के लिए सर्वश्रेष्ठ लीगल टीम मौजूद है. 19 जनवरी को जब मामला आया था, तब श्री सिब्बल ने पश्चिम बंगाल सरकार और नागरिकों की समस्याएं बहुत स्पष्टता से रखी थीं. सभी मुद्दे चिन्हित हो चुके हैं. हर समस्या का समाधान होता है. हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी निर्दोष नागरिक बाहर न रह जाए. 'सिर्फ तीन आधार ऐसे हैं, जिन पर किसी को आपत्ति नहीं होगी— पहला, दोषसिद्ध व्यक्ति. दूसरा, जो राज्य या देश से बाहर जा चुके हैं. तीसरा, गैर-नागरिक.'  लेकिन बंगाल में नामों का उच्चारण अलग तरीके से होता है. आजकल AI-आधारित रिकॉर्डिंग हो रही है. ऐसी तकनीकी या भाषाई गलती के कारण किसी असली नागरिक को बाहर नहीं किया जाना चाहिए. ECI: 'हमें अभी तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है. हमें यह भी नहीं पता कि असली समस्या क्या है. हमें जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाए.' CJI: 'आपको कॉपी इसलिए नहीं दी गई क्योंकि यह मामला पहली … Read more

लोकसभा में कामकाज प्रभावित, पीएम मोदी का भाषण हुआ टला, कार्यवाही कल तक स्थगित

नईदिल्ली  आज लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम लोकसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते यह संबोधन नहीं हो सका। संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गतिरोध जारी है. लोकसभा में लगातार तीसरे दिन भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शाम पांच बजे से लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था, लेकिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई और पीएम का संबोधन टल गया. हंगामे के कारण पीठासीन संध्या राय ने शाम पांच बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, पीपी चौधरी से बोलने के लिए कहा. विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के शोर में पीठासीन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. वहीं, राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है. राज्यसभा में पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर स्टेटमेंट दिया. विपक्ष ने इस पर आपत्ति की और एक दिन पहले संसद के बाहर उनके बयान को लेकर सवाल उठाया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने का मुद्दा उठाया.  इससे पहले, पीयूष गोयल जब ट्रेड डील पर जवाब दे रहे थे, तब भी सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा था। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें शांत कराने की पूरी कोशिश भी की, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। सरकार का दोहरा मापदंड, लोकतंत्र की हत्या: वेणुगोपाल कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "पिछले दो दिनों से लोकसभा में किस बात की लड़ाई चल रही थी? यही कि आप अनुच्छेद 349 के तहत किताब नहीं पढ़ सकते… यह नियमों के खिलाफ है और राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। खुद स्पीकर ने इस पर व्यवस्था दी थी।" उन्होंने आगे कहा, "आज राहुल गांधी ने कहा, 'मैं किसी किताब या पत्रिका का हवाला नहीं दे रहा हूं; मैं बस बोलना चाहता हूं।' इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया; एक सेकंड के भीतर ही उनका माइक बंद कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, आज निशिकांत दुबे ने 5 मिनट तक किताबों और पत्रिकाओं का हवाला दिया, जो कि नियमों के खिलाफ है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है। यह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र की हत्या है।" सपा सांसद राजीव राय ने सरकार के कदम की आलोचना की, जानें क्या कहा सपा सांसद राजीव राय ने कहा, "सदन में नहरू जी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को भ्रष्टाचार, गद्दार कहा गया लेकिन माइक एक बार भी बंद नहीं हुआ अगर राहुल गांधी , अखिलेश यादव या विपक्ष का कोई भी नेता कुछ बोलता है तो एक सेकंड में माइक बंद किया जाता है। बिना उनकी मर्जी के माइक नहीं चलता है और लगातार निशिकांत दुबे को बोलने दिया गया। अगर यही लोकतंत्र है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं।" सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रही-प्रियंका गांधी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "जब सरकार चाहती है कि कुछ व्यवधान करना है तो सरकार उन्हें(निशिकांत दुबे) को उठाती है। सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रहे हैं जो कि एक प्रकाशित किताब है। ये लोग कह रहे हैं कि यह नियम का उल्लंघन है। यह सरकार स्पष्ट दिखाना चाहती है कि इस संसद में केवल उन्हीं की चलती है। यह लोकतंत्र का अनादर है। यह संसद लोकतंत्र का मंदिर है और इसमें सभी की आस्था है।" लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस सूत्रों ने बताया कि आज लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी दल और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई है। देश की जनता सब देखती है- केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा ने कहा, "सदन का हर सत्र महत्वपूर्ण होता है विशेष रूप से बजट सत्र और इसमें जिस तरह से विपक्ष हंगामा करके सदन में व्यवधान पैदा करना चाहता है, यह देश की जनता सब देखती है…यहां अपने विचारों को रखना चाहिए लेकिन उनके पास शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है…" recent visitors 50

AMCA फाइटर जेट प्रोजेक्ट में HAL को मिली हार, पांचवीं पीढ़ी के विमान की रेस में बदलाव

बेंगलुरु  भारत का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट अब एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है. यह भारत का पहला पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है, जो पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस प्रतियोगिता से बाहर हो गई है, जबकि तीन प्राइवेट कंपनियां आगे निकल आई हैं. AMCA क्या है? मुख्य विशेषताएं AMCA एक ट्विन-इंजन, सिंगल-सीट वाला मल्टीरोल स्टेल्थ फाइटर है. इसकी खासियतें…      स्टेल्थ टेक्नोलॉजी: रडार से बहुत कम दिखाई देता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम. लंबी दूरी के हमले की क्षमता.     मैन्ड-अनमैन्ड टीमिंग: पायलट वाला जेट और ड्रोन साथ काम करेंगे.     सुपरक्रूज: बिना आफ्टरबर्नर के तेज स्पीड.     एडवांस्ड AESA रडार और अन्य हाई-टेक फीचर्स. यह भारतीय वायुसेना (IAF) का मुख्य लड़ाकू विमान बनेगा. 2030 के मध्य से शामिल होना शुरू होगा. शुरुआत में 120 जेट का ऑर्डर दिया जा सकता है. जो बाद में और बढ़ सकता है. HAL क्यों बाहर हुई? सात भारतीय कंपनियों/कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी. तकनीकी जांच के बाद सिर्फ तीन प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां क्वालीफाई हुईं. HAL की बोली खारिज हो गई. HAL का ऑर्डर बुक बहुत बड़ा (रेवेन्यू से कई गुना ज्यादा) था, जबकि नियमों में सीमा है. Tejas जैसे प्रोजेक्ट में देरी की वजह से सरकार HAL पर निर्भरता कम करना चाहती है. प्राइवेट सेक्टर को मौका देकर तेज विकास, बेहतर इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है. तीन प्राइवेट कंपनियां कौन हैं?     टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) — अकेले बोली लगाई.     लार्सन एंड टुब्रो (L&T) — BEL और Dynamatic Technologies के साथ कंसोर्टियम.     भारत फोर्ज (कल्याणी ग्रुप) — BEML और Data Patterns के साथ. ये तीनों अब एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ मिलकर काम करेंगी. इन्हें 5 फ्लाइंग प्रोटोटाइप और 1 स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन बनाने हैं. बजट और समयसीमा प्रोटोटाइप विकास के लिए ₹15,000 करोड़ का अनुमानित बजट.     प्रोटोटाइप रोलआउट: 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत.     पहली उड़ान: 2028-2029 के आसपास.     वायुसेना में शामिल होना: 2030 के मध्य से.     फाइनल विजेता: अगले 2-3 महीनों में (RFP के बाद कॉमर्शियल बिडिंग से L1 चुनकर). यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण? यह भारत के डिफेंस सेक्टर में बड़ा सुधार है. HAL का एकाधिकार टूट रहा है. प्राइवेट कंपनियां तेज और कुशल काम कर सकती हैं. इससे भारत की एयर पावर मजबूत होगी. चीन-पाक जैसे पड़ोसियों से बेहतर मुकाबला संभव होगा. AMCA सफल होने पर भारत चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जो खुद 5वीं पीढ़ी का फाइटर बना सकते हैं.   recent visitors 36