हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोबाईल फोन पर ई-केवायसी की सुविधा भी उपलब्ध : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल  प्रदेश में पीडीएस अंतर्गत उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त करने वाले सभी हितग्राहियों की ई-केवायसी कराने के लिए 9 से 30 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि  हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोबाईल फोन पर ई-केवायसी की सुविधा भी गुरूवार से उपलब्ध करायी जा रही है। इसके लिए "मेरा ई-केवायसी" ऐप प्रदेश में लांच किया गया है। इस ऐप के माध्यम से राशन लेने वाले वृद्ध, दिव्यांग एवं बच्चों  सहित कोई भी हितग्राही किसी भी एन्ड्राइड मोबाईल फोन से अपना और अपने परिजन का आधार नम्बर ओटीपी दर्ज करके घर बैठे ई-केवायसी कर सकते हैं। शिविर लगाकर किया जा रहा ई-केवायसी मंत्री राजपूत ने बताया है कि ऐप के साथ ही राशन लेने वाले हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर जिले में गांव और वार्ड  स्तर पर ई-केवायसी कराने के लिए शिविर लगाये जा रहे हैं।  शिविर में उचित मूल्य दुकान के विक्रेता, वार्ड प्रभारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक  के दल द्वारा पीओएस मशीन को शिविर में ले जाकर हितग्राहियों के अंगूठे लगाकर उनकी ई-केवायसी की जा रही है। खाद्य मंत्री ने की ई-केवायसी कराने की अपील खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रदेश के सभी राशन लेने वाले हितग्राही, जिन्होने अभी तक ई-केवायसी नहीं करवाई है, उन सभी से अपील  की है  कि अभियान के तहत मोबाईल फोन अथवा पीओएस मशीन से अतिशीघ्र अपनी और अपने परिवारजनों की शत-प्रतिशत ई-केवायसी पूर्ण करायें। इससे मई माह से आप सभी को सुविधापूर्वक राशन प्राप्त हो सकेगा।   recent visitors 24

मंत्री सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षकों की अटेंडेंस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उज्जैन और नरसिंहपुर जिले में तत्काल लागू किया जाये

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता के लिये विद्यार्थियों से जुड़े सभी कार्य निर्धारित कैलेण्डर में पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति के लिये ऑनलाइन व्यवस्था की प्रशंसा की। मंत्री सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षकों की अटेंडेंस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उज्जैन और नरसिंहपुर जिले में तत्काल लागू किया जाये। मंत्री सिंह गुरूवार को लोक शिक्षण संचालनालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह, पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी विनय निगम विशेष रूप से उपस्थित थे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में संवेदनशील रूख रखने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूल शिक्षा से जुड़ी केन्द्रीय योजनाओं में राज्य को मिलने वाली राशि को प्राप्त करने के लिये विशेष पहल की जाये। मंत्री सिंह ने कहा कि विभाग में ऐसी व्यवस्था की जाये कि सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान समय पर हो जाये। जन-प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले पत्र पर विभाग की ओर से शीघ्र कार्यवाही पत्र भेजने की व्यवस्था की जाये। योजना के क्रियान्वयन की स्थिति बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 82 लाख विद्यार्थियों को पाठ्‌य पुस्तकों का वितरण होना है। विभाग द्वारा 60 प्रतिशत पाठ्य पुस्तकों के वितरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। कक्षा 1 से 8 तक के करीब 60 लाख विद्यार्थियों को यूनिफार्म डीबीटी के माध्यम से दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में निशुल्क साइकिल, छात्रवृत्ति, लैपटॉप, स्कूटी वितरण की प्रक्रिया समय-सीमा में किये जाने की जानकारी दी गई। बैठक में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल, हाई स्कूल से हायर सेकण्डरी स्कूल के उन्न्यन की जानकारी दी गई। उन्नयन की कार्यवाही इस वर्ष 15 जून तक पूरी कर ली जायेगी। सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. गोयल ने बताया कि ग्रीष्म काल में उन स्कूलों की पहचान कर ली जायेगी, जो जर्जर हो गये हैं। उनके वैकल्पिक स्थान, अतिरिक्त कक्ष निर्माण मरम्मत संबंधी कार्य प्राथमिकता के साथ किये जायेंगे। मरम्मत कार्य के लिये 149 करोड़ और अतिरिक्त कक्षा निर्माण के लिये 100 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। बैठक में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लेब की भी जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि 45 हजार 500 हायर सैकेण्डरी, 1 लाख 62 हजार प्राथमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदाय किये जा चुके हैं। 75 हजार माध्यमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदान किये जाने की कार्रवाई की जा रही है। स्टार्च प्रोजेक्ट के अंतर्गत 52 सीएम राइज स्कूलों में रोबोटिक्स लैब की स्थापना की जा रही है। 458 पीएमविद्यालयों में अटल टिंकेरिंग लेब स्थापित की जा रही है। बैठक में फर्नीचर व्यवस्था के संबंध में भी चर्चा की गई।   recent visitors 34

मंत्री सारंग ने कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार रूपरेखा करें निर्धारित

भोपाल केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में दिये गये निर्देशों के परिपालन में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में गुरूवार को उच्च स्तरीय बैठक ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार रूपरेखा निर्धारित कर कार्य-योजना बनाई जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक वर्णवाल भी उपस्थित थे। सहकारिता एक्ट और गाइडलाइन के अध्ययन के लिये कमेटी मंत्री सारंग ने कहा कि कमेटी गठित कर सहकारिता एक्ट और गाइडलाइन का अध्ययन किया जाये। यह कमेटी अपनी अनुशंसा उच्च स्तर पर प्रस्तुत करेगी। बैठक में कमेटी के सदस्यों में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पी.एस. तिवारी, संयुक्त आयुक्त के.के. द्विवेदी और एच.एस.बघेला को शामिल किया गया है। देशभर के सहकारिता अधिकारी समझेंगे सीपीपीपी मंत्री सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पाटनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल पर एक वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश भी दिये। वर्कशॉप में देशभर के सहकारिता से जुड़ें अधिकारियों को सीपीपीपी मॉडल का प्रजेटेंशन दिया जायेगा। आगामी 20 जून को यह प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये गये। मंत्री सारंग ने सीपीपीपी मॉडल के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। सीपीपीपी मॉडल के तहत प्रदेश में सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मॉडल न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि रोजगार के नये अवसर सृजित करेगा। पैक्स का विस्तार मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में अभी 10 हजार प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां है। सभी जिला अधिकारियों को इसको विस्तार करते हुए 26 हजार का लक्ष्य देकर तत्परतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिये जाये। पैक्स का विस्तार टाइम लिमिट में करें। उन्होंने कहा कि 637 नई समितियों के गठन की कार्ययोजना बनाकर अंतिम रूप दें। उन्होंने कहा कि जहां-जहां नई सोसायटियाँ गठित की जाना है वहां लक्ष्य तय कर त्वरित गति से कार्य किया जाये। उन्होंने नवाचार के संबंध में जेआर और डीआर की वीडियो क्रॉन्फेसिंग कर आवश्यक मार्गदर्शन दिये जाने के भी निर्देश दिये। बैठक में समितियों के चुनाव संबंध में भी चर्चा की गई। निवेश विंग की स्थापना बैठक में बताया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उच्च स्तर से निर्णय के बाद सहकारिता क्षेत्र में निवेशकर्ताओं को सभी आवश्यक सुविधाएँ एक स्थान पर सुनिश्चित करने के लिये "निवेश विंग आई डब्ल्यू" बनायी गई है। इसमें अम्बरीष वैद्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता और प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित समन्वय अधिकारी होंगे। निवेश विंग में मुख्य संयोजक सुगुंजन राय और सहायक समन्वयक श्रीमती प्रियंका शाक्य रहेगी। बैठक में प्रबंध संचालक विपणन संघ आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक सहकारी संघ ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित और संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य उपस्थित थे।   recent visitors 40

इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- स्वेच्छा से शादी करने वाले जोड़ों को समाज का सामना करना सीखना होगा

प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि स्वेच्छा से शादी करने वाले जोड़ों को समाज का सामना करना सीखना होगा। सिर्फ भागकर शादी करने के आधार पर सुरक्षा नहीं दी जा सकती। उन्हें यह साबित करना होगा कि उनके जीवन और स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा है। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने चित्रकूट की श्रेया केसरवानी की याचिका निस्तारित करते हुए यह टिप्पणी की है। चित्रकूट के कर्वी थाना निवासी श्रेया ने कोर्ट से शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में विपक्षियों के हस्तक्षेप न करने के लिए निर्देश देने की गुहार लगाई थी। याची अधिवक्ता की दलील थी कि शादी करने वाले जोड़े बालिग हैं। जिले के विवाह अधिकारी के यहां सिविल मैरिज के लिए आवेदन दिया हुआ है। परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की है। आशंका है कि परिजन उन्हें क्षति पहुंचा सकता है। लड़की के साथ पहले भी दुर्व्यवहार हुआ है। ऐसे में उन्हें सुरक्षा दी जाए। वास्तविक खतरे के मुताबिक पुलिस उठा सकती है कानूनी कदम कोर्ट ने कहा कि याचियों ने एसपी चित्रकूट को प्रत्यावेदन दिया है। पुलिस वास्तविक खतरे के मुताबिक कानूनी कदम उठा सकती है। रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे यह प्रतीत हो कि याचियों को गंभीर खतरा है और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। विपक्षियों की ओर से याचियों पर शारीरिक या मानसिक हमला करने का कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किया गया है। पुलिस सुरक्षा देने का नहीं बनता मामला याचियों ने विपक्षियों के किसी अवैध आचरण को लेकर एफआईआर दर्ज करने के लिए संबंधित थाने में कोई अर्जी भी नहीं दी है। न ही मुकदमा दर्ज करने के लिए कोई तथ्य प्रस्तुत किया गया। ऐसे में पुलिस सुरक्षा देने का कोई केस नहीं बनता। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि परेशानी होने पर प्रार्थना पत्र देने पर पुलिस उचित कार्रवाई करेगी। ब्रेकअप के प्रतिशोध में झुलस रही वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता : हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहमति संबंध के पल भर में बनते-बिगड़ते रिश्तों पर गंभीर चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि ब्रेकअप से पैदा हुए प्रतिशोध की आग में वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता झुलस रही है। नई पीढ़ी के बीच आपसी सहमति से बन रहे अंतरंग संबंधों की तकरार को आपराधिक रंग देने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो वास्तव में कानून का दुरुपयोग है।  इस तल्ख टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की अदालत ने 25 वर्षीय युवती संग दुष्कर्म के आरोपी बांदा निवासी अरुण कुमार मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि असफल अंतरंग संबंधों में उपजे कलह का प्रतिशोध लेने के लिए आपराधिक कानून के दुरुपयोग की इजाजत नहीं दी जा सकती।  पीड़िता वाकिफ थी कि आरोपी पहले तीन महिलाओं से शादी कर चुका है। फिर भी उसके संग संबंध बनाए। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ बांदा जिले के महिला थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि वह दिल्ली के निजी बैंक में काम कर रही थी।   इसी दौरान हुई मुलाकात में आरोपी ने उसे अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने को कहा तो उसने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद आरोपी संग कंपनी में काम करने लगी। आरोप है कि जनवरी 2024 में आरोपी ने उसे नशीली दवा पिला कर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल भी किया। recent visitors 32

हिंदुओं के तिलक पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री पर होगी FIR, मद्रास हाईकोर्ट का आदेश

चेन्नई मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया है कि राज्य के मंत्री पोनमुडी के खिलाफ महिलाओं और धार्मिक समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के मामले में FIR दर्ज की जाए. कोर्ट ने सरकार को 23 अप्रैल तक का समय दिया है. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यह भी कहा कि अगर तय समय सीमा तक FIR दर्ज नहीं की गई, तो अदालत स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू करेगी. बता दें कि मंत्री के. पोनमुडी ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में धार्मिक संदर्भ में सेक्स वर्कर का उल्लेख करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इस बयान को लेकर पार्टी की सांसद कनिमोझी ने भी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा था कि मंत्री पोनमुडी का हालिया भाषण स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने जिस भी कारण से ये बातें कहीं, इस तरह की अश्लील भाषा निंदनीय है. हिंदुओं के तिलक पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री पर DMK का एक्शन तमिलनाडु के वन मंत्री और सीनियर डीएमके नेता के पोनमुडी (K Ponmudi) एक सार्वजनिक समारोह में दी गई अपनी स्पीच की वजह से विवादों में आ गए हैं. उन्होंने हिंदू धार्मिक पहचान को यौन स्थितियों से जोड़ने वाली टिप्पणी की थी. एक वायरल वीडियो में पोनमुडी को यह कहते हुए सुना गया, "महिलाओं, कृपया आप गलतफहमी न पालें." इसके बाद वे एक चुटकुला सुनाते हैं, जिसमें एक आदमी एक सेक्स वर्कर से मिलने जाता है, जो फिर उस आदमी से पूछती है कि वह शैव है या वैष्णव. डीएमके नेता के द्वारा सुनाए जा रहे किस्से में, जब आदमी को समझ में नहीं आता, तो सेक्स वर्कर यह पूछकर स्पष्ट करती है कि क्या वह पट्टई (क्षैतिज तिलक, जो शैव धर्म से जुड़ा है) या नामम (लंबवत तिलक, जो वैष्णव धर्म से जुड़ा है) पहनता है. फिर वह समझाती है कि अगर वह शैव है, तो स्थिति 'लेटी हुई' है, और अगर वैष्णव है, तो स्थिति 'खड़े होकर' है. डीएमके सांसद कनिमोझी ने पोनमुडी के बयान की निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मंत्री पोनमुडी का हालिया भाषण अस्वीकार्य है. भाषण का कारण चाहे जो भी हो, ऐसी अभद्र टिप्पणी निंदनीय है." अभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को टैग करते हुए पूछा, "क्या आप कभी उन्हें उनकी कुर्सी और पद से हटाने की हिम्मत कर पाएंगे? या आप और आपकी पार्टी महिलाओं और हिंदू धर्म का अपमान करने में सुख पाती है?" recent visitors 27

सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका: केन्द्रीय मंत्री शाह

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2026 तक देश होगा नक्सलवाद से मुक्त : केन्द्रीय मंत्री शाह देश की आंतरित सुरक्षा में सीआरपीएफ का अदम्य साहस और समर्पण सराहनीय सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका राष्ट्र की सुरक्षा के‍लिये सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन कर बलिदान दिया सीएपीएफ में अब महिला कर्मियों की हो रही है भर्ती आयुष्मान कार्ड और आवास योजना का भी दिया जा रहा है लाभ केन्द्रीय मंत्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच में सीआरपीएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल कर्मियों को किया पुरस्कृत नीमच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उनके मार्गदर्शन में वर्ष 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त होगा। इस प्रण को पूरा करने में सीआरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जहां जरूरत होती है, सीआरपीएफ के जवान सदैव कर्तव्य पथ पर तत्पर रहते हैं। देश का जब भी स्वर्णिम इतिहास लिखा जाएगा, उसमें सीआरपीएफ के शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखे जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह गुरुवार को नीमच स्थित सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेन्‍द्र प्रताप सिह, क्षेत्र के लोकसभा सांसद सुधीर गुप्‍ता, राज्‍यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर सहित जिले के तीनों विधायक व अन्‍य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ के कर्मियों के अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सीआरपीएफ की आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों, शांति स्थापना के कार्यों में निभाई गई भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि "जहां सीआरपीएफ है, वहां चिंता करने की कोई बात नहीं"। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि आज सीआरपीएफ के 3 लाख जवान देश में कानून-व्यवस्था और शांति स्थापित करने के लिए कार्य कर रहे हैं। देश की संसद पर आतंकी हमले और श्रीराम जन्मभूमि पर हमले जैसी मुश्किल समय में कई बार सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करते हुए बलिदान दिया। केन्द्रीय मंत्री शाह ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्रों से लेकर अंदरूनी इलाकों तक देश की सुरक्षा में सीआरपीएफ के योगदान को कोई भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा सीएपीएफ कर्मियों को आयुष्मान कार्ड और आवास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सीआरपीएफ में अब महिलाओं की भी भर्ती हो रही है। उनके लिये भी आवास सुविधा विकसित की जा रही है। सीआरपीएफ को आधुनिक बनाए रखने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से उत्कृष्ट सुविधा प्रदान की जा रही है। सीआरपीएफ को 2708 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं, जो अद्भुत वीरता के परिचालक हैं। स्थापना दिवस पर केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। परेड में सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। शाह ने कहा कि आज की परेड जवानों में नई ऊर्जा का संचार करेगी। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने वीरता पदकों के लिए चयनित जवानों को सम्मानित कर विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल के जवानों को पुरस्कृत भी किया। समारोह में कोबरा, आरएएफ वैली क्यूएटी और डॉग स्क्वॉड जैसी विशेष इकाईयों द्वारा प्रभावशाली एवं आकर्षक प्रदर्शन किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने सीआरपीएफ परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रृद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनी का अवलोकन किया सीआरपीएफ के स्‍थापना दिवस समारोह की परेड के बाद केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सीआरपीएफ कैम्प नीमच के परिसर में ‘’राष्‍ट्र सेवा में समर्पित सीआरपीएफ के विभिन्‍न आयाम चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सीआरपीएफ की स्‍थापना से अब तक फोर्स द्वारा अर्जित उपलब्धियों एवं विभिन्‍न गतिविधियों को चित्रों के माध्‍यम से प्रदर्शित किया गया। उल्लेखनीय है कि 86वीं सीआरपीएफ दिवस परेड इस वर्ष 17 अप्रैल को विस्तारित समारोहों के अन्तर्गत आयोजित की गई। सामान्यतः सीआरपीएफ दिवस प्रतिवर्ष 19 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि 1950 में इसी दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सीआरपीएफ को ध्वज प्रदान किया था। इस वर्ष नीमच में आयोजन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहीं 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासन के दौरान 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस' की स्थापना हुई थी। स्वतंत्रता के बाद, 28 दिसंबर 1949 को सरदार पटेल ने इसे “केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)” नाम दिया। आज सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है हर चुनौतीपूर्ण मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में डटे रहकर, "सेवा और निष्ठा" के अपने मूल मंत्र को चरितार्थ कर रहा है।   recent visitors 36

सोनिया-राहुल के खिलाफ भोपाल में BJYM का प्रदर्शन: नेशनल हेराल्ड केस को लेकर युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

भोपाल नेशनल हेराल्ड मामले में बयानबाजी के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं…नेशनल हेराल्ड मामले में जमकर सियासत हाे रही है। जहां कल कांग्रेस ने चार्ज शीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने के बाद ED दफ्तर के बाहर  प्रदर्शन किया….तो वहीं आज राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया… यह विरोध प्रदर्शन नेशनल हेराल्ड मामला और कांग्रेस की दबाव की नीति के खिलाफ था,कांग्रेस पार्टी लगातार ED और जांच एजेंसियों को टारगेट कर रही है। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष बोले- देश के सामने सच्चाई आए भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार ने कहा, कांग्रेस इस देश में भ्रम और झूठ फैलाने का प्रयास कर रही है। उनके खिलाफ मामला दर्ज है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन कांग्रेस नेता सड़क पर उतरकर जांच एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जांच एजेंसियों पर दबाव बनाकर कांग्रेस नेता उस भ्रष्टाचार की जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जो उन्होंने किया है। यह उनका झूठा प्रयास है। इसी के खिलाफ युवा मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर राहुल गांधी और सोनिया गांधी का पुतला दहन किया है। देश के सामने सच्चाई आनी चाहिए। उसके खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा भी सड़कों पर उतरा पुलिस प्रशासन ने बीजेपी युवा मोर्चा को कांग्रेस कार्यालय की तरफ जाने से रोका जिसके बाद कार्यकर्ता बैरिकेटिंग में चढ़ गए और राहुल गांधी, सोनिया गांधी के खिलाफ नारे लगाए। वहीं बीजेपी युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया…जिसको पुलिस ने अग्निशामक यंत्र की मदद से बुझाया बीजेपी युवा कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस जांच एजेंसियों को टारगेट करना और उनपर दबाव बनाना बंद करे कांग्रेस अदालत को जवाब दे। recent visitors 41