BCCI ने सपोर्ट स्टाफ से जुड़े 4 लोगों को हटाया, हेड कोच गौतम गंभीर के खास अभ‍िषेक नायर की भी छुट्टी

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2025 में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सख्त तेवर दिखाए हैं. BCCI ने कड़ा एक्शन लेते हुए टीम के सहयोगी स्टाफ में बड़ा बदलाव किया है. BCCI ने 4 कर्मचारियों को भारतीय टीम से हटा दिया है, जिनमें अस‍िस्टेंट कोच, फील्डिंग कोच, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच और एक मसाजर शामिल हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें हेड कोच गौतम गंभीर के खास अभ‍िषेक नायर की भी छुट्टी हो गई है. अभ‍िषेक नायर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के दिनों से गौतम गंभीर के साथ जुड़े हुए थे. जब गंभीर टीम इंड‍िया के हेड कोच बने तो अभ‍िषेक नायर को भी सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया गया था.अभ‍िषेक नायर टीम में अस‍िस्टेंट कोच की ज‍िम्मेदारी को न‍िभा रहे थे. अभिषेक नायर को 24 जुलाई 2024 को टीम इंडिया का अस‍िस्टेंट कोच बनाया गया. अभ‍िषेक नायर के अलावा टीम इंड‍िया के सपोर्ट स्टाफ से फील्ड‍िंग कोच टी द‍िलीप स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई की भी छुट्टी कर दी गई है. वहीं एक मसाजर (फिजियो सपोर्ट स्टाफ) को भी हटाया गया है. हालांकि इस मसाजर का नाम क्या है, यह बात जाह‍िर नहीं हो पाई है. कोचिंग स्टाफ में था गंभीर का दबदबा राहुल द्रविड़ का बतौर हेड कोच टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद बाद कार्यकाल खत्म हुआ था. उसके बाद गौतम गंभीर को भारत का नया हेड कोच 9 जुलाई 2024 को नियुक्त किया गया था. पूर्व भारतीय स्टार ने अपने कोचिंग स्टाफ का एक बड़ा हिस्सा कोलकाता नाइट राइडर्स से लिया, जिसमें अभ‍िषेक नायर, रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्केल (लखनऊ सुपर जायंट्स में जब गंभीर मेंटर थे तो मोर्केल गेंदबाजी कोच) शामिल थे. टीम इंड‍िया के सपोर्ट स्टाफ में अब कौन? न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में शर्मनाक 0-3 से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) में भारतीय टीम संघर्ष करती दिखी थी. इसके बाद बीसीसीआई ने इस साल की शुरुआत में एनसीए और इंडिया ए कोच सितांशु कोटक को व्हाइट बॉल के लिए बल्लेबाजी कोच के रूप में नियुक्त किया था. कोटक इंग्लैंड के ख‍िलाफ सीरीज में कोटक टीम इंड‍िया के साथ जुड़े थे. शुरुआती असफलताओं के बावजूद, गंभीर और उनकी कोचिंग टीम ने जोरदार वापसी की और भारत को चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया. नायर, टेन डोशेट, मोर्केल, दिलीप और कोटक सभी विजयी अभियान के दौरान सहयोगी स्टाफ के प्रमुख सदस्य थे. नायर का भारतीय टीम के साथ कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन बाकी खिलाड़ी अभी भी टीम में बने रहेंगे और अपने पूर्व साथियों की जगह लेंगे. 20 जून से पहले मिलेगा टीम इंड‍िया का नया स्टाफ भारतीय टीम को नए सहयोगी स्टाफ इंग्लैंड के खिलाफ 20 जून से शुरू होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले मिल सकते हैं. भारत की अगली चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में होगी, जहां यह देखना होगा BCCI अभ‍िषेक नायर और टी दिलीप की जगह किसको लेकर आता है.   recent visitors 28

मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

रायपुर : अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे – विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक, यहां की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल – डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का किया अभिनंदन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा के पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री साय ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों से भरे खचाखच ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को सभी लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप तथा खाद्य मंत्री दयालदास बघेल भी समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक पर्यटन की अपार संभावना है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के प्रभावी कदमों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। अबूझमाड़ भी अबूझ नहीं रहेगा। वहां भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य का भविष्य उज्जवल है। इसमें रोजगार की भी बहुत संभावना है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और साहित्य का विकास नए शिखरों को छुएगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ (Unexplored) हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) बन सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी (Connectivity) बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पर्यटन का क्षेत्र काफी संभावनाओं से भरा हुआ है। सरकार ने यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे इस क्षेत्र के विकास को और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो ऊर्जावान युवाओं को महती जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा की अगुवाई में यहां पर्यटन का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा साहित्य के जानकार हैं और वे लगातार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके अनुभवों का लाभ राज्य और अकादमी को मिलेगा। भरोसा है कि दोनों के सक्षम नेतृत्व में इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम होंगे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा ने खुद को दी गई बड़ी जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती और नया अवसर है। छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का सौभाग्य मिल रहा है। यहां के पर्यटन स्थलों को सजाने-संवारने का काम करेंगे। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली गतिविधियों को धरातल पर उतारेंगे। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का क्षेत्र बहुत विराट क्षेत्र है। साहित्य भी विकास की एक धारा है। अन्य क्षेत्रों की तरह कला, संस्कृति और साहित्य का विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में पूरे देश में जाना जाता रहा है। यहां के साहित्यकारों ने देशभर में नाम कमाया है। राजनांदगांव का इसमें बहुत योगदान है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यहां के साहित्य और साहित्यकारों का संरक्षण-संवर्धन करेंगे। संस्कृति विभाग के संचालक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने समारोह की शुरूआत में स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सासंद सर्वबृजमोहन अग्रवाल, संतोष पाण्डेय एवं विजय बघेल सहित अनेक विधायक और विभिन्न निगमों, मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। recent visitors 35

दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अब बेहतर तरीके से समझ रही है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में एक वृंदावन गांव बनाया जाएगा और दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को देश में नंबर वन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर में सोमयज्ञ में सम्मिलित हुए और यज्ञ में आहुति देने के साथ संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति, समृद्धि कामना की। मुख्यमंत्री ने मंच से संत जनों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। पवित्र नगरी मंदसौर को नशा मुक्त करने पर 160 समाजों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इस दौरान सर्वाध्यक्ष पू.पा. डॉ. आचार्य गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, वल्लभ मूल के आचार्यगण, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वचंदर सिंह सिसोदिया, ओम प्रकाश सखलेचा, माधव मारू, दिलीप सिंह परिहार और राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब सोमयज्ञ का हिस्सा बने है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस यज्ञ का विशेष महत्व है। पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को समझ रही है। सनातन संस्कृति की अपनी अलग विशेषता रही है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में वर्तमान में 9% दूध उत्पादन होता है जिसको बढ़कर 20% किया जाएगा। दूध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान पर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाए जाएंगे। दूध का उत्पादन बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जाएंगे। गांव की गौशाला अच्छे से संचालित हो इसके लिए प्रयास होंगे। एक व्यक्ति 25 गाय की एक इकाई मानकर आठ इकाई रख सकेंगे। कामधेनु योजना को जमीन स्तर पर उतारेंगे। समाज में संस्कार दिखे इसके लिए धार्मिक नगरों में शराबबंदी की गई। कृष्ण की लीलाओं के पवित्र स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएंगे।   recent visitors 33

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के 86 वें स्थापना दिवस पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर परेड ग्राउंड नीमच में जवानों को संबोधित किया

नीमच  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के नीमच में हैं, जहां वे सीआरपीएफ (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) के 86वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस दौरान शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का देश से सफाया हो जाएगा। इसमें सीआरपीएफ जवानों की भी बड़ी भूमिका रहेगी। यह भव्य आयोजन नीमच स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में चल रहा है। अब तक 2264 सीआरपीएफ जवानों ने दिया बलिदान अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ की स्थापना से अब तक 2264 जवानों ने अलग-अलग मोर्चों पर देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया है। उन सभी शहीदों के परिवार को मैं कहना चाहता हूं कि 2047 में सर्वोच्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसमें आपके परिवारजन के बलिदान का बड़ा योगदान है। भारत को सीआरपीएफ पर गर्व हैं। शाह बोले- सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं सीआरपीएफ ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब भी देश में कहीं भी अशांति होती है। गृहमंत्री होने के नाते मुझे पता चलता है कि सीआरपीएफ का जवान वहां मौजूद हैं तो मैं निश्चित होकर काम करता हूं। मुझे भरोसा है कि सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं शाह ने शहीद स्थल पर दी श्रद्धांजलि गृहमंत्री शाह ने सबसे पहले शहीद स्थल पर पहुंचकर सीआरपीएफ के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने शहीदों के परिजनों, परेड कमांडरों और जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। खुली जीप में सवार होकर शाह ने परेड का निरीक्षण किया और फिर मंच पर पहुंचकर सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत परेड की सलामी ली। समारोह में मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मंच पर उपस्थित रहे। समारोह के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने वीरता पदकों के लिए चयनित सीआरपीएफ कर्मियों को सम्मानित किया। यह पदक उन जवानों को प्रदान किए गए जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित है- शाह इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को नमन करते हुए कहा कि सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित है। गृहमंत्री शाह ने अपने संबोधन में कहा, “जब भी देश में कहीं अशांति होती है और मुझे यह पता चलता है कि वहां सीआरपीएफ के जवान मौजूद हैं, तो मैं निश्चिंत हो जाता हूं। उन्होंने बल की त्वरित कार्रवाई क्षमता और अनुशासित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सीआरपीएफ हर चुनौती में डटकर खड़ी रही है। अपने संबोधन में शाह ने बताया कि सीआरपीएफ की स्थापना से लेकर अब तक 2264 जवानों ने देश की सुरक्षा में बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी वीर शहीदों को नमन करता हूं और उनके परिवारों को विश्वास दिलाता हूं कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। भारत को सर्वोच्च राष्ट्र बनाने के इस संकल्प में उनका योगदान अमूल्य है। recent visitors 37

IPL 2025 के पहले सुपर ओवर में दिल्ली ने राजस्थान को किया पराजित किया

नई दिल्ली  IPL का मैच नंबर 32, आमने-सामने दिल्ली कैप‍िटल्स Vs राजस्थान रॉयल्स, मैदान: द‍िल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम. IPL के इस मुकाबले में सुपर ओवर में दिल्ली कैप‍िटल्स ने जीत दर्ज की. इस मैच में द‍िल्ली कैप‍िटल्स की टीम ने सुपर ओवर के ल‍िहाज से एक  महार‍िकॉर्ड भी अपने नाम क‍िया. दरसअल, पांच सुपर ओवर मुकाबलों में दिल्ली कैपिटल्स की यह चौथी जीत थी. टूर्नामेंट में किसी भी टीम की सबसे अधिक जीत है. इससे पहले पंजाब किंग्स की टीम ने इस तरह के तीन मुकाबले जीते थे. वहीं इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग के इत‍िहास में कुल मिलाकर 1453 दिनों बाद और 293 मैचों के बाद आईपीएल में सुपर ओवर का रोमांच लौटा था.  दिल्ली के इस जीत के सबसे बड़े हीरो 'प्लेयर ऑफ द मैच' म‍िचेल  स्टार्क रहे. उन्होंने दबाव में शानदार गेंदबाजी की. जिससे दिल्ली कैपिटल्स ने बुधवार को आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स को सुपर ओवर में हराकर रोमांचक जीत दर्ज की. स्टार्क (4 ओवर में 1/36) ने अंतिम ओवर में नौ रन बचाए और वहीं मैच को सुपर ओवर में ले गए, जबकि ऐसा लग रहा था कि रॉयल्स ने मैच जीत लिया है. इसके बाद स्टार्क ने शानदार सुपर ओवर फेंका, जिसमें उन्होंने सिर्फ दो चौके दिए. वहीं उन्होंने दो बेहतरीन रन आउट भी किए, जिससे राजस्थान रॉयल्स सिर्फ 11 रन ही बना पाई. चूंकि उनके दो विकेट सुपर ओवर में गिर गए, इस कारण उनको ऑलआउट भी घोष‍ित कर दिया गया. इसके बाद केएल राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स ने क्रमश: एक चौका और एक छक्का लगाकर द‍िल्ली को घरेलू मैदान पर पहली जीत दिलाई. इससे पूर्व दिल्ली ने पहले खेलते हुए अभिषेक पोरेल के 49 रन और कप्तान अक्षर पटेल (14 गेंदों पर 34 रन) और ट्रिस्टन स्टब्स (18 गेंदों पर नाबाद 34 रन) की पारियों के दम पर 188/5 का स्कोर बनाया.  वहीं189 रनों को चेज करते हुए जायसवाल (37 गेंदों पर 51 रन) और 'स्थानीय खिलाड़ी' नीतीश राणा (28 गेंदों पर 51 रन) ने रॉयल्स जीत के करीब तक ले गए, लेकिन दिल्ली के गेंदबाजों ने अंत में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख बदल दिया और अंततः 188/4 के स्कोर पर मैच को बराबरी पर ला दिया. स्टब्स ने छक्का मारकर दिलाई जीत  सुपर ओवर का रोमांच राजस्थान की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी. गेंदबाजी का जिम्मा स्टार्क के पास रहा. जिन्होंने 20वें ओवर में राजस्थान को 9 रन नहीं बनाने दिए थे. बल्लेबाजी के लिए हेटमायर और रियान पराग आए. सुपरओवर की पहली गेंद डॉट रही. दूसरी गेंद पर हेटमायर ने चौका जड़ा. तीसरी गेंद पर हेटमायर को एक रन मिले. चौथी गेंद पर रियान पराग ने चौका जड़ा. ये नो बॉल थी.  फ्री हिट पर पराग रन आउट हो गए. 5वीं गेंद पर हेटमायर दूसरा रन लेने के चक्कर में आउट हो गए. इस तरह से राजस्थान की टीम केवल 11 रन ही बना सकी. दिल्ली को जीत के लिए 12 रन बनाने थे. सुपर ओवर में दिल्ली की बैटिंग 12 रनों के जवाब में जब दिल्ली की टीम उतरी तो पारी का आगाज स्टब्स और केएल राहुल ने किया. गेंदबाजी का जिम्मा संदीप शर्मा के पास था. पहली गेंद पर केएल राहुल ने दो रन निकाले. दूसरी गेंद पर केएल राहुल ने शानदार चौका जड़ा. तीसरी गेंद पर केएल राहुल ने सिंगल लिया. अब 3 गेंद में 5 रनों की दरकार थी. चौथी गेंद पर स्टब्स ने शानदार छक्का जड़कर मैच जिता दिया.   ऐसी रही राजस्थान की बल्लेबाजी 189 रनों के जवाब में उतरी राजस्थान की शुरुआत बेहद शानदार रही. संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल ने आतिशी बल्लेबाजी की.  लेकिन संजू सैमसन जब 31 के निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब वह इंजरी के चलते रिटायर हर्ट हो गए. इसके बाद बल्लेबाजी के  लिए रियान पराग उतरे. लेकिन 9वें ओवर में अक्षर पटेल ने उन्हें आउट कर दिया. पराग के बल्ले से केवल 8 रन निकले. लेकिन एक छोर पर यशस्वी टिके रहे. उन्होंने फिफ्टी जमाई लेकिन 14वें ओवर में कुलदीप यादव ने उन्हें आउट कर दिया. इसके बाद नीतीश राणा ने भी फिफ्टी जमाई. आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 9 रन चाहिए थे. लेकिन स्टार्क ने कमाल की गेंदबाजी की. राजस्थान इसे चेज नहीं कर सकी और मैच सुपर ओवर में चला गया. यह इस सीजन का पहला सुपर ओवर है. ऐसी रही लखनऊ की पहली पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में जोफ्रा आर्चर ने मैकगर्क को पवेलियन का रास्ता दिखाया. उनके बल्ले से केवल 9 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में करुण नायर रन आउट हो गए.वो अपना खाता भी नहीं खोल सके. हालांकि, इसके बाद केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने दिल्ली को संभाला और एक अच्छी साझेदारी की. लेकिन 13वें ओवर में जोफ्रा आर्चर ने केएल राहुल का विकेट चटका दिया. केएल राहुल के बल्ले से 38 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में अभिषेक पोरेल भी आउट हो गए. इसके बाद 17वें ओवर में अक्षर पटेल भी आउट हो गए उनके बल्ले से 34 रन निकले. इसके बाद स्टब्स और आशुतोष ने आतिशी बल्लेबाजी की. इसकी बदौलत दिल्ली ने राजस्थान के सामने 189 रनों का लक्ष्य रखा है. तीन आईपीएल सीजन में नहीं हुआ सुपर ओवर 2022, 2023 और 2024 का आईपीएल सीजन बगैर सुपर ओवर के ही निकल गया. इससे पहले आखिरी बार आईपीएल में सुपर ओवर 2021 सीजन के 20वें मुकाबले में देखने को मिला था. तब सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स ने सुपर ओवर में जीत हासिल की थी. वह मुकाबला 25 अप्रैल 2021 को खेला गया था. 2021 में हुए सुपर ओवर के बाद 293 मैच के बाद कल (DC Vs RR मैच) सुपर ओवर देखने को मिला. जो 1453 दिनों के बाद हुआ. आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 15 बार ही सुपर ओवर खेला गया है. सबसे पहला सुपर ओवर आईपीएल के दूसरे सीजन यानी 2009 में हुआ था. तब राजस्थान रॉयल्स (RR) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को पराजित किया था.   अब तक IPL के सभी सुपर ओवर के नतीजे नंबर     तारीख     सुपर ओवर का नतीजा 1     23/04/2009      राजस्थान ने कोलकाता को … Read more

समंदर में भारत के सामने नहीं टिकेगा कोई देश!, 26 राफेल-मरीन लड़ाकू जेट खरीदने मिली मंजूरी, नौसेना की बढ़ेगी ताकत

नई दिल्ली नौसेना की ताकत और बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने फ्रांस से 26 राफेल-मरीन लड़ाकू जेट खरीदने के लिए 64,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. ये फाइटर जेट भारत के पहले घरेलू एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत से ऑपरेट होंगे. इसे सितंबर 2022 में कमीशन किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की ओर से स्वीकृत इस सौदे में 22 सिंगल सीटर कैरियर-सक्षम राफेल-एम जेट और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर वैरिएंट शामिल हैं. इस डील पर हस्ताक्षर होने के साढ़े तीन साल बाद डिलीवरी शुरू होगी और 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है. ये सौदा क्यों है अहम? राफेल-एम 4.5 जनरेशन के राफेल लड़ाकू विमान का नेवी वैरियंट है और इसे फ्रांसीसी एयरोस्पेस फर्म डसॉल्ट एविएशन ने विकसित किया है. यह पहले ही अपनी लड़ाकू क्षमता साबित कर चुका है, यह परमाणु-सक्षम मिसाइलों सहित कई तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है. भारतीय वायु सेना (IAF) पहले से ही राफेल जेट के दो स्क्वाड्रन संचालित कर रही है. 2016 में 59,000 करोड़ रुपये में 36 विमान खरीदे गए थे. भारतीय नौसेना की ओर से किए गए व्यापक परीक्षणों के बाद राफेल-एम ने अपने विरोधी बोइंग एफ/ए-18ई/एफ सुपर हॉर्नेट को पछाड़ दिया. इनमें महत्वपूर्ण स्की-जंप टेस्ट भी शामिल था, जो STOBAR (शॉर्ट टेक-ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी) सिस्टम का उपयोग करके भारतीय विमान वाहक से छोटी उड़ान भरता है. राफेल-एम ने असाधारण प्रदर्शन किया. भारतीय वायुसेना के मौजूदा राफेल बेड़े के साथ इसकी अनुकूलता ने इसे और भी बेहतर बना दिया. यूरेशियन के लिए लिखते हुए ग्रुप कैप्टन एमजे ऑगस्टीन विनोद (सेवानिवृत्त) ने कहा, "भारतीय वायुसेना और नौसेना के राफेल विमानों के बीच साझा एयरफ्रेम, एवियोनिक्स, प्रशिक्षण सिमुलेटर और युद्ध सामग्री से रसद संबंधी बोझ कम होगा और संचालन में संयुक्तता सुनिश्चित होगी, जिससे आपात स्थितियों में क्रॉस-सर्विस तैनाती संभव होगी." ये डील सिर्फ नए जेट खरीदने के लिए नहीं बल्कि इसकी कमियों को दूर करने के साथ हुई है. नौसेना के मिग-29K विमानों के मौजूदा बेड़े को विश्वसनीयता, लगातार रखरखाव की मांग और सीमित उपलब्धता की वजह से परेशानी हुई है. ये विमान INS विक्रमादित्य पर तैनात हैं. क्या है इसकी खासियत? इसको परमाणु क्षमताओं के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे भारत को समुद्र से हवाई मार्ग से परमाणु हथियार ले जाने का विश्वसनीय विकल्प मिल जाएगा. यह एक ऐसा आयाम है जिसे कोई भी क्षेत्रीय विरोधी नजरअंदाज नहीं कर सकता. ये फाइटर जेट कई मौकों पर अपनी क्षमता साबित कर चुका है. अफगानिस्तान, लीबिया, इराक और सीरिया में स्ट्राइक मिशन को भी अंजाम दे चुका है. कैसे बनेगा अजेय कॉम्बिनेशन भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत और राफेल मरीन एक साथ होंगे तो अपनी जगह से दूर हुए बिना भारत पूरे दक्षिण एशिया में किसी भी खतरे से निपट सकता है. जिस तरह तरह चीन पिछले कई सालों से हिंद महासागर में भारत को घेरने की कोशिश कर चुका है, उससे निपटने में भी ये शक्ति कारगर साबित होगी. भारत भी चीन की गतिविधियों पर नजर रख सकेगा और पकड़ मजबूत होगी. उधर पाकिस्तान के पास कैरियर ऑपरेशनल पावर बहुत कम है. राफेल मरीन से अगर तुलना की जाए तो पड़ोसी देश बहुत पीछे है, उसके पास ऐसी कोई समुद्री ताकत नहीं है. हिंद महासागर में निगरानी करने की क्षमता भी न के बराबर है. ऐसे में जरूरत पड़ने पर भारत कराची से ग्वादर तक पाकिस्तानी पोर्ट का घेराव कर सकता है. अब राफेल मरीन जेट से भारत को समुद्र में ऐसी ताकत मिलेगी जो सिर्फ चुनिंदा देशों के पास थी. उनमें फ्रांस, अमेरिका और चीन जैसे देश शामिल हैं. इन फाइटर जेट के आने के बाद भारत अपनी रक्षा करने में तो सक्षम होगा ही साथ ही संकट में अपने मित्र देशों को भी मदद दे सकता है. recent visitors 25

किसानों और गौपालकों को कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ-साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मध्यप्रदेश में वर्तमान दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर जल्द से जल्द 20 प्रतिशत तक करने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। इससे हम घर-घर गोकुल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमने गौशालाओं में दुधारू पशुओं के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप हमारी सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिए हैं। मंत्रि-परिषद की गत दिवस मंगलवार को बैठक में मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को विशेषकर गरीबों औरकिसानों को आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध बनाने के लिए प्राण-प्रण से कार्य कर रही है।   recent visitors 35