उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पंडों और पुजारियों ने भगवान महाकाल को ठंडक के लिए जतन प्रारंभ कर दिए

उज्जैन गर्मी के तेवर बढते ही उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पंडों और पुजारियों ने भगवान महाकाल को ठंडक के लिए जतन प्रारंभ कर दिए हैं। परम्परा अनुसार मन्दिर में बाबा महाकाल को सहस्त्र जल धारा चढाई जा रही है। प्रतिवर्ष वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से राजा महाकाल को गर्मी से निजात के लिए सतत जल धारा के माध्यम से ठंडक दी जाती है। शिवलिंग के ऊपर कई मटकियाँ लगाईं गई है जिनके द्वारा ठंडा पानी सतत गिर रहा है। गर्मी से बचाने के लिए जतन दरअसल गर्मी आते ही जहां एक ओर लोग घर में ठंडक के लिए कूलर, एसी व अन्य राहत की चीजों का इंतजाम कर रहे हैं। वहीं भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुजारियों द्वारा भी कई प्रकार के जतन किये जा रहे हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मन्दिर में बाबा भोलेनाथ को जल धारा के माध्यम से ठण्डक पहुचाने का काम प्रारंभ किया जा रहा है। पुजारी आशीष गुरू ने बताया कि यहां बाबा महाकाल को गर्मी से निजात दिलाने के लिए परम्परा अनुसार प्रतिवर्ष वैशाख कृष्ण प्रतिपाद से जल धारा प्रारंभ की जाती है। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तक जारी रहेगी क्रिया जल धारा का यह क्रम ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तक सतत जारी रहता है। ये जल धारा का क्रम प्रतिदिन 11 जून तक चलेगा। बाबा को जलधारा चढ़ाने के लिए शीर्ष पर ग्यारह मटकियां बांधी गई हैं। इन मटकियों को गन्तिकाएं भी कहा जाता है। मटकियों में अलग अलग पवित्र नदियों का जल भरा गया है। प्रत्येक मटकियों के माध्यम से अलग अलग जलधार द्वारा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जल चढाया जाता हैं। सुबह 6 से शाम 5 बजे तक बहती है जलधारा बाबा को यहां जलधारा प्रतिदिन सुबह 6 बजे चढना प्रारंभ की जाती है, जो कि शाम 5 बजे तक निरंतर जारी रहती है। यहां पंडे-पुजारी महाकाल को वैशाख-ज्येष्ठ मास की भीषण गरमी में शीतलता के लिए यह जतन करते हैं। इन नदियों का भरा है पानी शिवलिंग के शीर्ष में बंधी मटकियों में गंगा, सिंधु, सरस्वती, यमुना, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी, सरयू, शिप्रा और गण्डकी नदी का जल शामिल है। मंदिर के आशीष गुरु पुजारी के अनुसार, भगवान के मस्तक पर रखी 11 मटकियों से रक्षा सूत्र के माध्यम से एक-एक बूंद गिरती है। यह जलधारा बाबा महाकाल को गर्मी और हलाहल की उष्णता से राहत देती है। इससे भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति भी होती है। recent visitors 40

इंदौर में केंद्र सरकार की मदद से 23 सड़कों का निर्माण, सड़कों के चौड़े होने से नहीं होगा ट्रैफिक जाम

इंदौर  केंद्र की मदद से बनाई जा रही मास्टर प्लान की 23 सड़कों में शामिल छावनी सड़क और सुभाष मार्ग सड़क का काम 15 अप्रैल के बाद ही शुरू होगा। नगर निगम ने इन दोनों सड़कों के चौड़ीकरण में बाधक निर्माण चिह्नित कर उनके बाधक हिस्सों पर निशान लगा दिए हैं। 15 अप्रैल से इन बाधक हिस्सों को हटाने का काम शुरू होगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी का काम शुरू होगा। नगर निगम ने मास्टर प्लान की 23 सड़कों को सिंहस्थ से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा है। शहर की इन सड़कों के लिए केंद्र शासन ने 468 करोड़ रुपये नगर निगम को आवंटित किए हैं। नगर निगम हटाएगा बाधक हिस्सों को छावनी और सुभाष मार्ग सड़कें इन्हीं 23 सड़कों में शामिल हैं। छावनी सड़क 80 फीट और सुभाष मार्ग 100 फीट चौड़ी बनाई जानी है। वर्तमान में छावनी सड़क 40 फीट तो सुभाष मार्ग कहीं 40 तो कहीं 50 फीट चौड़ा है। चौड़ीकरण में बाधक मकानों को हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। नगर‍ निगम ने तैयार की सूची बाधाओं को हटाने के बाद निगम साइट निर्माण एजेंसियों को सौंपेगा। इसके बाद सड़क निर्माण शुरू होगा। नगर निगम ने इन दोनों प्रमुख सड़कों पर बाधक मकानों की सूची पूर्व में ही तैयार कर ली थी। अब निगम ने बाधक हिस्सों पर निशान लगाना शुरू कर दिया है। 15 अप्रैल से बाधक हिस्सों को हटाने का काम शुरू होगा। 600 से ज्यादा मकान होंगे प्रभावित छावनी और सुभाष मार्ग के चौड़ीकरण में 600 से ज्यादा मकान बाधक हैं। छावनी सड़क पर 328 तो सुभाष मार्ग पर 304 मकान चिह्नित किए गए हैं। दोनों जगह मिलाकर 100 से ज्यादा मकान पूरे खत्म हो रहे हैं। दोनों ही जगह रहवासी सड़कों की चौड़ाई कम रखने की मांग कर रहे हैं। हालांकि नगरीय प्रशासन मंत्री चौड़ाई कम करने की संभावना से इन्कार कर चुके हैं। recent visitors 46

राज्य सरकार ने किसानों की समृद्धि के लिए ‘डॉ. आंबेडकर पशुपालन विकास योजना’ को मंजूरी दी: सीएम

भोपाल डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर भारत के महान विधिवेत्ता,एक दूरदर्शी चिंतक और समाज सुधारक थे। उन्होंने एक ऐसे राज्य की कल्पना की थी जो समानता, न्याय और मूलभूत अधिकारों को हर नागरिक के लिए सुनिश्चित करे। डॉ.आंबेडकर वंचितों, शोषितों, मजदूर, किसान, पिछड़े समाज और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित थे, उनका यह आग्रह देश के संविधान में भी दिखाई पड़ता है। डॉ. आंबेडकर के चिंतन और संघर्ष का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के साथ सभी का खुशहाल जीवन था। मध्यप्रदेश में बड़ी आबादी अनुसूचित जातियों, जनजातियों और पिछड़े वर्गों की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में डॉ. आंबेडकर की संकल्पना को साकार करते हुए राज्य सरकार वंचित और गरीब वर्गों के सर्वंगीण विकास और खुशहाल जीवन के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संविधान दिवस (26 नवम्बर) पर मध्यप्रदेश में निवेश लाने के लिए अपने यूके-जर्मनी दौरे के बीच लंदन में उस स्थान पर पहुंचे जहां 1920 के दशक में डॉ. आंबेडकर ने निवास किया था। डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर उन्होंने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी किया। दरअसल भारतीय संविधान की प्रस्तावना एक उद्घोषणा है, जो संविधान की मूल भावना, उद्देश्यों और आदर्शों को दर्शाती है। यह संविधान के उद्देश्यों की आधारशिला है। प्रस्तावना में समस्त नागरिकों के लिये सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का संकल्प दिखाया गया है और प्रदेश उन संकल्पों को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है। मध्यप्रदेश में डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में हुआ था और राज्य उनके विचारों को साकार करने वाली भूमि के रूप में पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जनकल्याणकारी कार्यो से यह सुनिश्चित किया है कि वंचित वर्गों के लिए संचालित कार्यक्रम और योजनाओं को डॉ. आंबेडकर की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवहारिक जीवन और नीति निर्माण में भी उतारा जाए। भारत एक कल्याणकारी राज्य है, जिसका उद्देश्य सभी नागरिकों, विशेष रूप से गरीब वर्ग के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी लोक कल्याणकारी योजनाओं का लक्ष्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के चिंतन के अनुरूप ‘सबका साथ और सबका विकास’ को बनाया है। सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा महू का सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की है कि डॉ. आंबेडकर की जन्म स्थली महू में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ. आंबेडकर शिक्षा को जीवन का सबसे ताकतवर हथियार मानते थे। उनके लिए शिक्षा सिर्फ व्यक्तिगत तरक्की का साधन नहीं अपितु सामाजिक परिवर्तन, समानता और न्याय का रास्ता थी। उन्होंने शिक्षा को दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों के लिए मुक्ति का द्वार बताया था। उनका मानना था कि उच्च शिक्षा संस्थान वैज्ञानिक, शिक्षाविद, विचारक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करते हैं। अब डॉ. आंबेडकर से प्रेरणा लेकर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस से उत्कृष्ट विद्यार्थी निकल सकेंगे। पंच तीर्थ की यात्रा कराएगी सरकार म.प्र. के महू में डॉ. आंबेडकर स्मारक के साथ कई अन्य स्थान भी हैं, जो उनके संघर्ष और योगदान को याद दिलाते हैं। यह स्थल पूरे देश के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत हैं। महू डॉ. आंबेडकर के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। देश विदेश से लाखों लोग यहां पर आते है। मध्यप्रदेश सरकार डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की स्मृति में पंच तीर्थो−उनके जन्म स्थान, दीक्षा स्थल, कर्मभूमि, शिक्षा स्थल और जहां उनका महा-परिनिर्वाण हुआ था। सरकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत इन पंच तीर्थों बाबा साहेब की जन्मस्थली महू, दीक्षा भूमि नागपुर, महा-परिनिर्वाण स्थली दिल्ली, चैत्य भूमि मुंबई और यूके के लंदन में स्थित पढ़ाई के समय का उनका निवास स्थल शामिल हैं। सागर जिले के करीब ढाई सौ वर्ग किलोमीटर आरक्षित वन क्षेत्र को प्रदेश का 25वाँ अभयारण्य घोषित किया है। संविधान के शिल्पकार डॉ.आंबेडकर के पर्यावरण संरक्षण के प्रति आग्रह को याद करते हुए अभयारण्य का नाम डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से रखा गया है। अभयारण्य के गठन से वन एवं वन्य-प्राणियों का संरक्षण एवं संवर्धन होगा। इस अभयारण्य से पारिस्थितिकीय तंत्र में खाद्य श्रृंखला सुदृढ़ होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। प्रदेश का सबसे लम्बा फ्लाई ओवर ब्रिज डॉ. आंबेडकर के नाम सेतु केवल दो स्थानों को जोड़ने वाली संरचना नहीं होती बल्कि यह संपर्क, विकास और विश्वास का प्रतीक होता है। देश के हृदय प्रदेश की राजधानी भोपाल के हृदय-स्थल कहे जाने वाले महाराणा प्रताप नगर में बने प्रदेश के सबसे (2.73 किमी) लंबे फ्लाई-ओवर का नामकरण बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनेकता में एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। डॉ. आंबेडकर पशुपालन विकास योजना, किसान समृद्धि की नई पहल समता और समानता के पैरोकार रहे डॉ.आंबेडकर के नाम पर राज्य सरकार ने किसानों की समृद्धि के लिए ‘डॉ. आंबेडकर पशुपालन विकास योजना’ को मंजूरी दी। पशुपालन और डेयरी, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं, अपितु आधुनिक भारत में भी एक बड़ा आर्थिक क्षेत्र है।  recent visitors 37

अफ्रीका में भारत ने इतिहास का सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास शुरू किया, चीन के खिलाफ अभी तक का सबसे बड़ा मिशन

दोदोमा अफ्रीकी देशों में अपने प्रभुत्व का विस्तार करने के लिए भारत ने इतिहास का सबसे बड़ा नौसैनिक युद्धाभ्यास शुरू किया है। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का अफ्रीकी देशों के साथ अपना अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त नौसैनिक अभ्यास है, जिसका मकसद अफ्रीकी महाद्वीप में अपने प्रभाव और हिंद महासागर में उपस्थिति को मजबूत करना है। ये वो क्षेत्र है, जहां चीन लगातार अपने कारोबार को बढ़ा रहा है और व्यापार की रक्षा के लिए सैन्य प्रभाव का इस्तेमाल कर रहा है। भारत के उप रक्षा मंत्री संजय सेठ सहित भारतीय सरकार और सैन्य अधिकारियों ने छह दिनों तक चलने वाले इस सैन्य अभ्यास का उद्घाटन किया, जिसकी सह-मेजबानी तंजानिया कर रहा है। इस सैन्य अभ्यास में केन्या, मेडागास्कर, मॉरीशस और दक्षिण अफ्रीका सहित आठ अन्य देश हिस्सा ले रहे हैं। एक्सर्ट्स का मानना है कि हिंद महासागर की सुरक्षा के लिहाज से भारत के लिए अफ्रीकी देश काफी ज्यादा महत्वपूर्ण बन जाते हैं। चीन का पहला विदेशी सैन्य अड्डा जिबूती में पहले से ही ऑपरेशनल है। इसके अलावा बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जरिए चीन लगातार अफ्रीकी देशों में अपने नियंत्रण को मजबूत कर रहा है। इस सैन्य अभ्यास के जरिए भारत ये संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि अफ्रीकी प्लेग्राउंड में चीन को सिर्फ एकमात्र खिलाड़ी नहीं रहने दिया जाएगा। अफ्रीकी देशों के साथ भारत का विशालकाय अभ्यास एफटी की रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स ने कहा है कि यह युद्धाभ्यास समुद्री अभियानों में ज्यादा प्रमुख भूमिका निभाने की नई दिल्ली की व्यापक महत्वाकांक्षाओं को दिखाता है। जिसमें समुद्री डकैती विरोधी प्रयास भी शामिल हैं और अफ्रीकी महाद्वीप के देशों के साथ संबंधों को गहरा करना है। ये वो क्षेत्र है जहां चीन के साथ-साथ रूस, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात भी अपने-अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। एफटी की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने अभ्यास बनाने की योजना बनाई है, जिसमें एक "बंदरगाह स्टेज" और एक "समुद्री स्टेज" दोनों शामिल होंगे। ये नौसैनिक युद्धाभ्यास एक द्विवार्षिक आयोजन है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जिन्होंने फरवरी में अपने कई अफ्रीकी समकक्षों से मुलाकात की थी, उन्होंने पिछले हफ्ते एक प्रमुख भारतीय गश्ती पोत आईएनएस सुनयना को हरी झंडी दिखाई थी। जिसे भाग लेने वाले देशों के संयुक्त चालक दल के साथ विध्वंसक आईएनएस चेन्नई और अन्य जहाजों के साथ दक्षिण-पश्चिमी हिंद महासागर में तैनात किया गया था। एफटी की रिपोर्ट में गोवा में भारतीय नौसेना युद्ध महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर और नौसेना खुफिया विभाग के पूर्व भारतीय प्रमुख सुदर्शन श्रीखंडे ने कहा कि "गुणात्मक रूप से, यह अभ्यास काफी नई चीज है।" उन्होंने आगे कहा कि यह अभ्यास "अफ्रीका के साथ बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक जुड़ाव का हिस्सा है, जहां बड़ा खिलाड़ी चीन है।" माना जा रहा है कि अफ्रीका में भारत का यह अभ्यास उसकी मल्टी-एलायंस नीति का हिस्सा भी हो सकता है। Quad देश, जिसमें भारत के अलावा अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया सदस्य हैं, उसका मकसद जहां इंडो-पैसिफिक की रक्षा करना है, उसके साथ भारत अफ्रीकी देशों में भी चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भविष्य में काम कर सकता है। recent visitors 35

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- ‘जल बचाएं, जीवन और धरा को सुरक्षित बनाएं’ के जन-संकल्प से अभियान को मिलेगी सिद्धि

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने “विश्व जल दिवस पर कहा था, “हम जल संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराते हैं। जल ही जीवन का आधार है, इसलिए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि “हमारे पूर्वजों ने जल संरक्षण को हमेशा प्राथमिकता दी है। वेदों और पुराणों में भी जलाशय, बांध और तालाब बनाने को मानव का परम कर्तव्य बताया गया है।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प को सिद्धि मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प को सिद्ध करने के लिए प्रदेश में 90 दिवसीय जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया है। उन्होंने इस अभियान में गांवों में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। अभियान में नदियों के संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। श्रीराम और माता सीता की साक्षी मंदाकिनी को सहेजने जुटी जन-शक्ति सतना में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भरत मिश्रा नेतृत्व में प्रत्येक शनिवार को मंदाकिनी नदी के तट और स्फटिक शिला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए जन-शक्ति जुट रही है। भगवान श्री राम और माता सीता ने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय मंदाकिनी नदी के जल से साक्षात्कार करते हुए ही व्यतीत किया था। श्रीराम तीर्थ में स्नान एवं दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं ने इस अभियान की सराहना की है। उमरिया में अपनी मिट्टी अपना जल को सहेजने नवाचार जल गंगा संवर्धन अभियान में उमरिया जिले में जल संरक्षण के लिए जन सहयोग से बोरी बंधान का नवाचार किया जा रहा है। जिले के आदर्श गांव भरौली के खजुरा नाला के पानी पर बोरियों का बोरी बंधान बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। गांव के निवासी जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए संकल्पित होकर अभियान में सहयोग के लिए जुटे हुए हैं। रीवा में बन रहे 344 रिचार्ज पिट जल गंगा संवर्धन अभियान रीवा जिले में 564 ग्राम पंचायतों के 344 कुओं में रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। परंपरागत कुओं में रिचार्ज पिट बनाने के लिए तकनीकी स्वीकृति जारी कर दी गई है। अभियान में विकासखण्ड गंगेव में 54, जवा में 49, रायपुर कर्चुलियान में 63, विकासखण्ड रीवा में 56, सिरमौर में 63 तथा विकासखण्ड त्योंथर में 59 रिचार्ज पिट का निर्माण किया जा रहा है। इससे वर्षा जल रिचार्ज पिट के माध्यम से कुंओं में जाकर उनके भू-जल स्रोतों को समृद्ध करेगा। रीवा के 10 हजार हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट से वर्षा जल सहेजा जाएगा। मंदिर तालाब की सफाई से ‘जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार’ का संदेश शहडोल में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ब्यौहारी के गांवमऊ के प्राचीन चिपाढ़नाथ हनुमान मंदिर में तालाब की सफाई जन-भागीदारी से की गई। मंदिर के पुजारी, जन-प्रतिनिधियों और सरकारी अघिकारियों ने भी जन-भागीदारी में जुटे श्रद्धालुओं का साथ दिया। स्थानीय आस्था के केन्द्र, इस मंदिर के पुजारी ने श्रद्धालुओं को "जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार" बचाओ इसे, यही है जीवन का आधार’ का संदेश दिया। recent visitors 42

भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग मामलों में हसीना समेत 53 लोगों के खिलाफ अदालत ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

ढाका बांग्लादेश के एक कोर्ट ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, उनकी बहन शेख रेहाना, ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक और 50 अन्य के खिलाफ राजनीतिक सत्ता का दुरुपयोग करके कथित अवैध भूमि अधिग्रहण के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया। ढाका अखबार की खबर के मुताबिक ढाका मेट्रोपोलिटन के वरिष्ठ विशेष न्यायाधीश जाकिर हुसैन ने भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) द्वारा दायर तीन अलग-अलग आरोपपत्रों पर संज्ञान लेने के बाद यह आदेश पारित किया। अखबार ने एसीसी के सहायक निदेशक (अभियोजन) अमीनुल इस्लाम के हवाले से बताया कि न्यायाधीश हुसैन ने गिरफ्तारी वारंट से संबंधित अमल रिपोर्ट की समीक्षा के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है। अदालती सूत्रों का हवाला देते हुए बंगाली समाचार पत्र प्रोथोम आलो ने खबर दी कि एसीसी ने हाल ही में भूखंड आवंटन में भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग मामलों में हसीना समेत 53 लोगों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है और सभी फरार हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद शेख हसीना के विरोधियों को एक और मौका मिल गया है। अदालत ने राजुक प्लॉट आवंटन मामले में शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद पुतुल और 16 अन्य के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। बता दें कि 13 जनवरी को एसीसी के उपनिदेशक ने शेख हेहाना के खिलाफ अधिकार का दुरुपयोग करके पूर्वांचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में 10 कट्टे का प्लॉट हासिल करने का केस दर्ज करवाया था। बाद में इसमें दो अन्य लोगों के नाम भी जोड़ दिए गए। वहीं पिछले साल बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल हुआ और हिंसक प्रदर्शन के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गए। वह भागकर भारत आ गईं और इस वक्त भारत की ही शरण में हैं। वहीं बांग्लादेश में सेना ने मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बना दिया। अंतरिम सरकार ने भारत सेशेख हसीना को सौंपने की बात भी कही है। वहीं शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में अलग-अलग मामलों में केस दर्ज किए गए हैं। शेख हसीना के हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं को भी निशाना बनाया गया। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चाहती है कि किसी तरह से शेख हसीना को भारत से लाया जाए ताकि उन्हें दोबारा राजनीति में आने का मौका ही ना मिले। recent visitors 43

नलकूप खनन के साथ ही मोटर पम्प और राइजिंग पाइप सहित सभी व्यवस्थाएं तैयार रखें: स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल स्कूल शिक्षा, परिवहन एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए, ऐसी व्यवस्था करें कि जिले में कही पर भी पानी का संकट न हो। उन्होंने कहा कि जिले में नलकूप खनन के साथ ही मोटर पम्प और राइजिंग पाइप सहित सभी व्यवस्थाएं तैयार रखें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वें वित्त से भी पेयजल के संबंध में व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नलकूप खनन के वेंडर की वर्तमान संख्या पर्याप्त नहीं है इसे बढ़ाया जाये। प्रभारी मंत्री श्री सिंह शनिवार को बालाघाट जिले के मलाजखंड में पेयजल व्यवस्था संबंधित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में वर्तमान जल संकट सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पेयजल, बिजली और जल संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले 2 माह तक इन कार्यो पर लगकर कार्य करना आवश्यक है। प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने किसानों को धान के साथ मक्का की फसल लेने की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिजली की 30 वर्षों की मांग को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार की जाये। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पीएम आवास सहित आम नागरिकों के लिए रेत की व्यवस्था सुगमता से होनी चाहिए।बैठक में सांसद श्रीमती भारती पारधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट सिंह सरस्वार, विधायक सर्वश्री संजय उइके, मधु भगत, श्रीमती अनुभा मुंजारे, गौरव पारधी, विक्की पटेल, राजकुमार कर्राहे एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मलाजखण्ड लायब्रेरी अच्छा प्रयास प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने मलाजखंड नगर परिषद में बनाई गई लायब्रेरी का अवलोकन कर प्रयासों की सराहना की। प्रभारी मंत्री श्री सिंह को अवगत कराया कि नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी लायब्रेरी स्थापित करने के प्रयासों जारी है। उन्होंने पीएम आवास हितग्राही श्री दलम सिंह के घर चाय और कोदो कुटकी का स्वादलिया। सामूहिक विवाह में हुए शामिल प्रभारी मंत्री श्री सिंह मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने 285 नवदंपति के सुखमय और मंगलमय जीवन की कामना की। प्रभारी मंत्री ने प्रत्येक नवदंपति को 49-49 हजार रूपये के चैक प्रदान किये। प्रभारी मंत्री ने कहा कि अब हर विधानसभा क्षेत्र में हेलीपेड तैयार किया जायेगा। आपात स्थिति में ग्रामीणों के उपचार के लिये एयर लिफ्ट कर देश के बड़े अस्पतालों में उपचार कराया जायेगा।   recent visitors 49