हनुमान जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने की पूजा-अर्चना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर  रेलवे स्टेशन के समीप स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भक्ति भाव से हनुमान चालीसा का पाठ किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए मंगलकामनाएँ कीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति और भक्ति के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से हर संकट का समाधान संभव है।उन्होंने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ  दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज़ कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। recent visitors 31

किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ सेना का बड़ा ऑपरेशन, आर्मी का एक जवान शहीद, जैश कमांडर समेत तीन दहशतगर्द ढेर

किश्तवाड़  जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कम से कम तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है। चातरी के नैदगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश कमांडर सैफुल्लाह, फरमान और बाशा को मार गिराया है। मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। वहीं, अभी भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) शहीद हो गया। जानकारी के अनुसार, यह जवान बीती रात आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षाबलों ने उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान सूचना मिली कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। लेकिन, तब सुरक्षाबलों के हाथ सफलता नहीं लगी थी। इसके बाद तीनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। पता चला कि जैश-ए-मोहम्‍मद के कमांडर सैफुल्‍लाह समेत अन्‍य आतंकवादियों के किश्‍तवाड़ जिले के छत्रू जंगल में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना ने पुलिस के साथ मिलकर ज्‍वाइंट सर्च ऑपरेशन चलाया और आतंकी सैफुल्‍लाह को उसके दो अन्‍य साथियों के साथ ढेर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात दो आतंकवादी मारे गए थे। वहीं शनिवार सुबह एक आतंकवादी मारा गया। इस आपरेशन में आर्मी और पारा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल थी। एक आतंकवादी की अभी भी तलाश जारी है। घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकी अकसर घुसपैठ और हमले की कोशिश करते हैं। इसलिए यह अभियान घने जंगलों में ही चलाया गया था। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी उतारे थे। इलाके में हाई अलर्ट घोषित सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर्प्स ने बयान जारी कर बताया कि खराब और प्रतिकूल मौसम के बावजूद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक एके-47 और एक एम4 राइफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल किश्तवाड़ में ऑपरेशन जारी है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना और अन्य सुरक्षाबलों की टीमें पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी अन्य आतंकी को पकड़ा जा सके या मार गिराया जा सके। सेना की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है। खुफिया जानकारी से पता चला है कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों को पता चला कि उधमपुर के बसंतगढ़ तीन आतंकवादी एक ग्रामीण के घर में घुस गए और जबरन उसके घर से खाने का सामान, मोबाइल फैन, बैग, जूते और छाता लेकर भाग गए। वहीं 3 अप्रैल को भी मजालता ब्लॉक में आतंकवादियों ने एक परिवार को बंधक बना लिा और फिर उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसी बीच आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वहीं शुक्रवार देर रात को आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के मुताबिक, सतर्क जवानों ने शुक्रवार देर रात केरी भट्टल क्षेत्र में अग्रिम वन क्षेत्र में एक नाले के पास भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जो काफी देर तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक जेसीओ घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट मिलने तक तलाश अभियान जारी था। इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को आतंकवादियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में एक कैप्टन सहित दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे तथा एक अन्य घायल हो गया था। यह ताजा घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद हुई है। सीमा पार से गोलीबारी की लगभग एक दर्जन घटनाओं और एक आईईडी हमले के बाद तनाव कम करने के प्रयास में यह फरवरी के बाद से दूसरी ऐसी बैठक थी। भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अपने समकक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। recent visitors 35

दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिल्ली के लाल किले पर सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन ऐतिहासिक होगा। आज दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा। भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र, विक्रमोत्सव के अंतर्गत विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रथम प्रस्तुति, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री संस्कृति एवं पर्यटन गजेन्द्र सिंह शेखावत की गरिमामय उपस्थिति में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का सुशासनकाल आज भी भारत के सभी राज्यों में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनके शौर्य, पराक्रम, वीरता, ज्ञानशीलता, दानवीरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहल ने शासन संचालन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। बेताल पच्चीसी, सिंहासन बत्तीसी सहित विक्रमादित्य की वीरता की गाथाएं आज भी याद की जाती हैं। संस्कृति मंत्रालय, दीनदयाल शोध संस्थान और दिल्ली सरकार के सहयोग से कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य के काल को जीवंत करते हुए उनके सुशासन की झलक दिखाने का प्रयास किया। यह मंचन दिल्ली के लाल किले में 13 और 14 अप्रैल को भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।   recent visitors 28

हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाभारत में हनुमानजी ने ही धर्म ध्वजा की थी धारण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हनुमान जी ही बल, बुद्धि, पराक्रम और विनयशीलता का वरदान करते हैं प्रदान मुख्यमंत्री ने हनुमान जयंती की दी बधाई भोपाल    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हनुमान जयंती की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामदूत हनुमानजी की भक्ति, सेवा और समर्पण भाव से प्रेरित होकर हम विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प की सिद्धि में योगदान दें , यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हनुमान जयंती के पावन पर्व पर राजकीय विमान तल भोपाल स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर जगत के कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने आगामी कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान किया।        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए जारी संदेश में कहा कि हनुमान जी अजर-अमर हैं। भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। माता सीता का प्रेम, स्नेह और वात्सल्य पाकर उनकी आजीवन सेवा तथा असाधारण वीरता का हनुमानजी का संकल्प सभी के लिए प्रेरक है। महाभारत के युद्ध में अर्जुन बाण चला रहे थे, और भगवान श्रीकृष्ण सारथी थे, तब भी धर्म ध्वजा हनुमानजी ने ही धारण की थी। हर कष्ट, हर दु:ख में सबसे पहले हमें हनुमानजी ही याद आते हैं। वे ही हमें बल, बुद्धि, पराक्रम, वीरता, ज्ञान, विनयशीलता जैसे मानवीय गुणों का वरदान प्रदान करते हैं। संकटमोचक हनुमानजी की कृपा सब पर बरसती रहे, यही प्रार्थना है।   recent visitors 27

Paytm, PhonePe और Google Pay नहीं कर रहे काम,नहीं हो पा रही UPI ट्रांजैक्शन

नई दिल्ली  शनिवार सुबह भारत में यूपीआई (Unified Payments Interface) एक बार फिर से डाउन है। यूपीआई में आई इस दिक्कत की वजह से लाखों यूजर्स डिजिटल पेमेंट्स नहीं कर पा रहे हैं। इस अचानक आई खराबी ने PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे लोकप्रिय एप्स के जरिए लेन-देन करने वाले लोगों और व्यापारियों दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी इस आउटेज की जानकारी दी. इस आउटेज का असर Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स पर नजरआया है. Downdetector से पता लता है कि इस आउटेज की शुरुआत करीब शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास हुई. इस दौरान Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स UPI पेमेंट नहीं कर पाए. इस दौरान कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया. बताते चलें कि भारत में UPI सर्विस देने वाले कई ऐप मौजूद हैं. जिसमें बैंकिंग ऐप से लेकर Paytm और PhoePe जैसे नाम भी शामिल हैं. शनिवार दोपहर से UPI की सर्विस प्रभावित हुईं Downdetector पर UPI प्रोब्लम को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास से लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू किया. इस दौरान यूजर्स को UPI QR Code स्कैन करने के बाद पेमेंट का प्रोसेस तो नजर आ रहा है, लेकिन 5 मिनट बाद भी पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो रहा है. हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर ये जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे भारत के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं. सोशल मीडिया पर छाटा ट्रेंड UPI की सर्विस प्रभावित होने के बाद बहुत से यूजर्स को पेमेंट करने में परेशानी आ रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. Elon Musk के X प्लेटफॉर्म पर कुछ ही मिनट में #upidown ट्रेंड करने लगा. इसका हैशटैग का इस्तेमाल करके बहुत से लोगों ने इंटरनेट पोस्ट किया और कई लोगों ने तो UPI Down दिखाने के लिए स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए.   इससे पहले, 26 मार्च को भी यूपीआई सेवा में भारी तकनीकी गड़बड़ी आई थी, जब अलग-अलग यूपीआई एप्स के यूजर्स लगभग 2 से 3 घंटे तक ट्रांजेक्शन नहीं कर पाए थे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस समस्या का कारण तकनीकी दिक्कतें बताया था, जिससे पूरे देश में आम यूजर्स और व्यापारियों की डिजिटल भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। कई बैंकिंग सर्विस भी प्रभावित Downdetector ने अपने पोर्टल पर बताया है कि SBI, Google Pay, HDFC Bank और ICICI बैंकिंग की UPI सर्विस भी प्रभावित हुई हैं. UPI भारत में एक पॉपुलर सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर्स चाय की दुकान से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक में पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर ये सर्विस ठप पड़ जाती है, तो उसकी वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. UPI क्या है? यूपीआई (UPI) एक शॉर्ट नेम है, जिसका फुल फॉर्म Unified Payments Interface है. यह भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया है और एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. यह सिस्टम तुरंत और सुरक्षित बैंक खातों के बीच रुपये ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. UPI Outage : यूजर्स क्या करें अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यूपीआई में ये परेशानी आखिर आई कैसे? यूजर्स को जल्द ही समस्या ठीक होने की उम्मीद है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और ना ही किसी बड़े UPI ऐप ने अब तक इसे लेकर किसी तरह की जानकारी दी है। ऐसे में यूजर्स को पूरी तरह सर्विस चालू होने तक किसी तरह के पेमेंट से बचना चाहिए। UPI क्यों इतना जरूरी यूपीआई देश का सबसे पॉपुलर पेमेंट सिस्टम बन गया है। इसे NPCI ने तैयार किया है। यह सिस्टम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी में काम करता है। इससे लोग बिना किसी फीस के तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। चायवाले से लेकर बड़े-बड़े मॉल और कंपनियों तक में आज UPI ही यूज किया जा रहा है। इसमें कई जबरदस्त फीचर्स भी हैं, जो यूजर्स को सहूलियत देते हैं। recent visitors 50

छत्तीसगढ़ : बीजापुर में मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों की सर्च ऑपरेशन जारी

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कोलनार इलाके में शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई CRPF की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाइयों, राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) और जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। CRPF के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी अब भी जारी है और ऑपरेशन को सतर्कता से आगे बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में तलाशी अभियान जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।  गोलीबारी जारी, और शव बरामद होने की संभावना दरअसल, सीआरपीएफ की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि शनिवार सुबह 9.30 बजे सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर एक नक्सली को ढेर कर दिया है। सीआरपीएफ की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाई, छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष कार्य बल और जिला रिजर्व गार्ड की मौजूदगी में यह अभियान चल रहा है। किसी भी जवान के घायल होने की खबर नहीं है। रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। इंद्रावती नदी कें जंगलों में मुठभेड़ पीटीआई की खबर में छत्तीसगढ़ पुलिस के हवाले से लिखा गया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के इंद्रावती क्षेत्र के तहत आने वाले जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी क्षेत्र के अंतर्गत जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना किया गया था। नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान आज सुबह लगभग नौ बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई और सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। उन्होंने बताया, “क्षेत्र में सुबह से रुक रुक कर गोलीबारी जारी है। मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना है। क्षेत्र में खोजी अभियान जारी है।”  नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान यह मुठभेड़ ऐसे समय पर हुई है जब राज्य सरकार लगातार नक्सल विरोधी अभियान को तेज कर रही है। हाल ही में दंतेवाड़ा में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से तीन पर नकद इनाम भी घोषित था। आत्मसमर्पण की यह घटना DRG मुख्यालय में हुई थी और यह ‘लोन वर्राटू’ (घर लौटो) अभियान का हिस्सा थी। मुख्यमंत्री का शांति और विकास का संदेश 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विश्नु देव साय ने मीडिया से बातचीत में शांति और विकास की राह पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। CM साय ने कहा, “हमने शुरुआत से ही नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का रास्ता खुला रखा है। बार-बार हम यह अपील कर रहे हैं कि आप बंदूक और गोली की भाषा छोड़िए और विकास के रास्ते पर आइए। सरकार आपको न्याय देगी और रोजगार से जोड़ेगी।” recent visitors 55

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पुलवामा शहीद हेमराज की बेटी की शादी में मायरा लेकर पहुंचे

 कोटा सीआरपीएफ के जवान हेमराज की पुलवामा में शहादत के 6 साल बाद आज उनके सांगोद स्थित आंगन में पहली बार जश्न का माहौल था। वीरांगना मधुबाला सहित पूरे परिवार में खुशियों का माहौल था। पति का साया सिर से उठने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाई बनकर न सिर्फ परिवार को संबल दिया बल्कि अपना वचन निभाया। आज जब शहीद हेमराज की बेटी की शादी का वक्त आया तो लोकसभा स्पीकर बिरला अपनी बहन के घर मायरा (भात) लेकर पहुंचे और मायरे की इस अनूठी रस्म को निभाया। वीरांगना मधुबाला और भाई के इस भावनात्मक संबंध को देख यहां मौजूद हर कोई भाव-विभोर हो उठा। पुलवामा हमले के बाद एक ओर शहीद हेमराज की शहादत से लोगों में गुस्सा था, वहीं परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट। मुसीबतों में घिरे परिवार को उस वक्त स्पीकर बिरला ने संबल प्रदान किया और वीरांगना मधुबाला का भाई बनकर परिवार की हर जिम्मेदारी उठाने का वादा किया। बीते छह साल में राखी और भाई दूज पर वीरांगना मधुबाला ने उन्हें राखी बांधी और तिलक किए। अब जब शहीद हेमराज और वीरांगना मधुबाला की बेटी की शादी का मौका आया तो एक फिर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शहीद के परिवार के साथ खड़े नजर आए। सांगोद में आयोजित समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सांगोद विधायक एवं राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने वीरांगना मधुबाला को मायरा पहनाया। इस दौरान रीति-रिवाज के अनुसार स्पीकर बिरला ने वीरांगना मधुबाला को चुनरी ओढ़ाई तो वहीं बहन ने बत्तीसी भी झिलाई और स्पीकर बिरला का तिलक व आरती की। स्पीकर बिरला ने शदीह हेमराज मीणा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान वीरांगना मधुबाला, स्पीकर बिरला व मौजूद सभी परिवार जन शहीद हेमराज को याद कर भावुक हो उठे।   recent visitors 40