महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं, यह उनका अधिकार है :HC

प्रयागराज यदि महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं। यह उनका अधिकार है और पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलग-अलग मजहबों से ताल्लुक रखने वाले महिला पुरुष के लिव इन में रहने के मामले में यह फैसला सुनाया है। अदालत ने यह फैसला महिला और पुरुष के एक साल 4 महीने के बच्चे की अर्जी पर दिया। बच्चे के माता-पिता का धर्म अलग है और दोनों ही 2018 से साथ रह रहे हैं। याचिका में बच्चे की ओर से कहा गया कि मेरी मां संबंधित व्यक्ति के साथ रह रही है क्योंकि उनके पहले पति की मौत हो गई थी। अब वे दोनों साथ हैं और उनसे ही मेरा जन्म हुआ है। ऐसी स्थिति में उनका साथ रहना मेरे लिए जरूरी है। इस पर जस्टिस शेखर सर्राफ और जस्टिस विपिन चंद्र दीक्षित की बेंच ने कहा, 'हमारे विचार से संविधान में जो पैरेंट्स की परिभाषा है, उसके तहत दो वयस्क लोग साथ रह सकते हैं। भले ही उन लोगों की शादी न हुई हो।' दरअसल याचिका में कहा गया कि महिला और युवक को परेशान किया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अब तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। इस पर अदालत ने संभल के एसपी को आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके अलावा बेंच ने कहा कि यदि ये दोनों पुलिस के पास पहुंचते हैं तो उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। उनके बच्चे को भी जरूरी सिक्योरिटी मिलनी चाहिए। बेंच ने कहा कि पुलिस को हमारे फैसले के अनुसार ही काम करना होगा। दरअसल इस मामले में महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष की ओर से धमकियां मिल रही हैं। उन्हें कई बार मारने-पीटने का प्रयास भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। इसके अलावा पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। पति की मौत के बाद शुरू हुआ लिव इन और बच्चे का जन्म अर्जी में कहा गया कि पति की मौत के बाद महिला नए रिश्ते में आई और अब लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है। इसी रिलेशनशिप के दौरान बच्चे का जन्म हुआ। अब बच्चे के आधार पर ही महिला और पुरुष ने साथ रहने का अधिकार मांगा है। इसके अलावा धमकी देने वालों से सुरक्षा दिलाने की भी गुहार की है। इस मामले में हाई कोर्ट का यह फैसला कई अन्य मसलों के लिए भी नजीर बन सकता है। recent visitors 44

न्यू नोएडा के लिए चिह्नित 80 गांवों का मई में ड्रोन सर्वे होगा, किसानों से सहमति पर 15 गांवों की भूमि अधिग्रहण होगी

नोएडा  नोएडा प्राधिकरण 'न्‍यू नोएडा' नाम से एक नया शहर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश के दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत 209.11 वर्ग किमी (20911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में बसाया जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गांवों में ड्रोन सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। चयनित कंपनी को 10 दिन के भीतर सर्वे से संबंधित प्रेजेंटेशन (PPT) तैयार कर प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के समक्ष पेश करना होगा। डेटा का सत्यापन और अवैध निर्माण की पहचान ड्रोन सर्वे में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है, उन्हें PPT के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों की तुलना अक्टूबर 2024 की सैटेलाइट इमेज से की जाएगी, जिससे अवैध निर्माण की सही जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर निर्माण तोड़ा जाएगा। अधिसूचना और नियम अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल के अनुसार, अक्टूबर 2024 में शासन की ओर से DNGIR को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। इस संबंध में 20 अप्रैल के बाद एक बैठक होगी, जिसमें ड्रोन सर्वे कंपनी को बिंदुओं और सुझावों के आधार पर निर्देश दिए जाएंगे। मई में सर्वे शुरू होगा और 10 से 15 दिन में पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसानों से सहमति और मुआवजा न्‍यू नोएडा के पहले चरण में 15 गांवों की जमीन किसानों से आपसी सहमति के आधार पर ली जाएगी। मुआवजे की दर पर चर्चा हुई है लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्दी ही अगली बैठक में दर तय की जाएगी। कुल 80 गांवों में लगभग 16 हजार किसान परिवारों से बातचीत होगी। पहले फेज में 3165 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। ड्रोन सर्वे में ये बिंदु शामिल होंगे:     बुलंदशहर के 60 और गौतमबुद्ध नगर के 20 गांवों का सर्वे     खसरा नंबर के अनुसार जमीन की जांच     खाली और निर्मित भूमि की पहचान     सड़क, पार्क, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की जानकारी भूमि अधिग्रहण चार चरणों में होगा     2023–2027: 3165 हेक्टेयर     2027–2032: 3798 हेक्टेयर     2032–2037: 5908 हेक्टेयर     2037–2041: 8230 हेक्टेयर recent visitors 52

इंदौर पश्चिमी रिंग रोड के लिए जमीन सर्वे का काम शुरू,किसानों को मिलेगा दोगुना मुआवजा

इंदौर  प्रशासन और किसानों के बीच मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद पश्चिमी रिंग रोड(Paschimi Ring Road Indore) में आने वाली निजी जमीन का सर्वे कार्य शुरू किया गया है। सबसे पहले हातोद तहसील में शुरू हुआ सर्वे का काम गुरुवार को पूरा हो गया। तीन दिनों में तहसील के 12 गांवों की 164.8870 हेक्टेयर निजी जमीनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अब देपालपुर और सांवेर तहसील के 14 गांवों की 307.1829 हेक्टेयर जमीन का सर्वे कार्य किया जाएगा। इंदौर जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा पश्चिम रिंग रोड बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू किया गया है। शिप्रा से पीथमपुर नेट्रेक्स तक बनने वाली 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड में अब किसानों को नई गाइडलाइन का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। इस पर सहमति बनने के बाद सर्वे हो रहा है। हातोद के गांवों से गुजरेगी सड़क मंगलवार से हातोद तहसील में सर्वे शुरू किया गया था। सड़क में आने वाली 158.1178 हेक्टेयर और 6.7692 हेक्टेयर अतिरिक्त निजी जमीन का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया। हातोद तहसील के 12 गांवों की 174.3415 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजर रही है। इसमें 164.8870 हेक्टेयर निजी और 9.4545 हेक्टेयर शासकीय जमीन है। शासकीय जमीन का सर्वे पहले पूरा हो चुका है। अब एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (सीएएलए) द्वारा निजी जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। 472 हेक्टेयर निजी जमीन का होगा सर्वे पश्चिम रिंग रोड इंदौर जिले की तीन तहसीलों की 570.5678 हेक्टेयर जमीन से गुजर रहा है। इसमें 472.0699 हेक्टेयर निजी और 98.1829 शासकीय जमीन आ रही है। एक साल से निजी जमीन के सर्वे का काम रुका हुआ था, लेकिन अब सर्वे किया जा रहा है। 998 किसानों की जमीनें पश्चिमी रिंग रोड तीन तहसील के 26 गांवों से गुजर रही है। इन गांवों के 998 किसानों की जमीनें सड़क में आ रही हैं। इसमें 864 किसानों की जमीन मुख्य सड़क और 134 किसानों की जमीन अतिरिक्त सड़क के लिए अधिग्रहित की जानी है। सबसे अधिक 512 किसान सांवेर तहसील के हैं। वहीं 333 हातोद और 153 किसान देपालपुर तहसील के हैं। सर्वे का काम पूरा किया गया     हातोद तहसील में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। तीन दिन में 12 गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन के सर्वे का काम पूरा किया गया। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। – रवि वर्मा, एसडीएम हातोद   recent visitors 60

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 2024-25 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर अधिक

नई दिल्ली वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778 बिलियन डॉलर के इसी आंकड़े से करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उभरते व्यापार परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (सीआईएम) पीयूष गोयल द्वारा निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों के साथ आयोजित बैठक में ये आंकड़े सामने आए। बैठक में निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग निकायों और वाणिज्य और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान केंद्रीय उद्योग मंत्री गोयल ने लाल सागर संकट, खाड़ी क्षेत्र में इजरायल-हमास संघर्ष, रूस-यूक्रेन संघर्ष के लगातार बने रहने और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में धीमी वृद्धि सहित कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद निर्यात में सर्वकालिक उच्च उपलब्धि के लिए निर्यातकों की सराहना की। उन्होंने निर्यातकों के प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में सीआईएम गोयल ने निर्यातकों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं के बारे में भी जानकारी दी। वार्ता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जो फरवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक में बीटीए पर सहमत होने वाले पहले वैश्विक नेताओं में से एक थे। पीयूष गोयल ने निर्यातकों को आश्वासन दिया कि सरकार वैश्विक व्यापार वातावरण में हाल के बदलावों को सफलतापूर्वक नेविगेट करने में सक्षम बनाने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि देश सक्रिय तरीके से काम कर रहा है और ऐसे समाधान तलाश रहा है जो राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में हों। केंद्रीय उद्योग मंत्री ने निर्यातकों से कहा कि वे घबराएं नहीं और वर्तमान परिदृश्य में सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम देश के लिए सही परिणाम सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है। पीयूष गोयल ने कहा कि विभिन्न देश टैरिफ लगाने के मामले में अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, जहां तक ​​भारत का सवाल है, विनिर्माण में वृद्धि और अतिरिक्त नौकरियों के सृजन की संभावना है, क्योंकि देश ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़े प्लेयर्स को आकर्षित कर सकता है, क्योंकि भारत खुद को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने में सक्षम रहा है। इसके अलावा, बैठक में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों ने वैश्विक व्यापार में उभरती चुनौतियों के मद्देनजर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। recent visitors 52

12 अप्रैल को करणी सेना आगरा में मनाएगी राणा सांगा जयंती, 1000 नई लाठियां, 1200 हेलमेट पुलिस कर रही तगड़ी तैयारी

आगरा बीते दिनों आगरा शहर रण क्षेत्र बन गया था। राणा सांगा को लेकर विवादित बयान देने वाले समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के घर प्रदर्शन करते हुए करणी सेना के कार्यकर्ता पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस से भिड़ंत भी हुई थी। अब एक बार फिर से मामला तूल पकड़ रहा है क्योंकि करणी सेना ने 12 अप्रैल को राणा सांगा की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया है। पुलिस ने कमर कस ली है और एक हजार नए डंडे मंगवाए गए हैं। पुलिस ने दंगा रिहर्सल भी किया है।राणा सांगा जयंती के मौके पर आगरा में करणी सेना ने बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया है। कल यानि 12 अप्रैल को आगरा के घड़ी रामी में होने वाले कार्यक्रम में 3 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। करणी सेना ने सबको 'एक झंडा-एक डंडा' लाने को कहा है।  दरअसल, 12 अप्रैल शनिवार को राणा सांगा की जयंती पर करणी सेना ने कार्यक्रम का आयोजन किया है। ऐसी खबर है कि पुलिस इस कार्यक्रम से जुड़े मुख्य लोगों को 'हाउस अरेस्ट' करने की तैयारी में है। आगरा पुलिस ने 1 हजार नए डंडे मंगवाए हैं और साथ में 1200 हेलमेट भी। अनुमान है कि 3 लाख लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। करणी सेना ने सबको 'एक झंडा–एक डंडा' लाने को कहा है। पुलिस भी पूरी तरह तैयार है। करणी सेना और क्षत्रिय समाज के लोगों ने आगरा के गांव रामी गढ़ी में भूमि पूजन किया। यहां टेंट लगाने का भी काम चल रहा है। यह माना जा रहा है कि करणी सेना के कार्यक्रम में करीब 3 लाख लोग पहुंच सकते हैं। यह कार्यक्रम सनातन हिंदू महासभा के बैनर तले हो रहा है। 12 अप्रैल को दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम चलेगा। यह कोई राजनीतिक मंच नहीं होगा। मंच पर केवल राणा सांगा की प्रतिमा होगी। इसमें करणी योद्धाओं का सम्मान किया जाएगा। लोहे की जालियों से लैस की गईं पुलिस की गाड़ियां सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की गाड़ियों पर लोहे की जालियां भी लगाई जा रही हैं, ताकि किसी भी संभावित पथराव या हमले की स्थिति से निपटा जा सके. वहीं, जगह-जगह बैरिकेडिंग की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है. भारी पुलिस बल की तैनाती करणी सेना के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा की पूरी रणनीति बना ली है. एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), आठ कंपनियां पीएसी (PAC) और सैकड़ों पुलिसकर्मी व अधिकारी जनसभा स्थल से लेकर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर तक तैनात रहेंगे. पुलिस की कोशिश है कि किसी भी कीमत पर माहौल न बिगड़ने पाए. नोटिस दी जा रही आगरा पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल सीपी संजीव त्यागी ने मीडिया को बताया कि जो लोग समाज में हिंसा या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर कानून की नजर पहले से है. ऐसे लोगों को नोटिस थमा दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. पुलिस केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर बनाए हुए है. जिन लोगों द्वारा भड़काऊ, हिंसात्मक या समाज को बांटने वाली पोस्ट की जा रही हैं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है. अब तक 1300 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. पुलिस की डिजिटल टीम लगातार पोस्ट्स की मॉनिटरिंग कर रही है. क्या है पूरा विवाद दरअसल, राणा सांगा पर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा दिए गए एक विवादित बयान को लेकर क्षत्रिय करणी सेना में जबरदस्त आक्रोश है. कुछ दिन पहले करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सांसद सुमन के आगरा स्थित घर पर प्रदर्शन भी किया था, जिसमें पुलिस से झड़प भी हुई थी. अब करणी सेना ने इस पूरे मुद्दे को लेकर राणा सांगा की जयंती पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की है. जनसभा की तैयारियां जोरों पर आगरा जिले के गढ़ी रामी गांव में 12 अप्रैल को होने वाली इस जनसभा के लिए करीब 50 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल के खेत खाली कराए गए हैं. करणी सेना के पदाधिकारियों का दावा है कि इस सभा में लाखों की संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है. गांव-गांव, कस्बा-कस्बा बैठकों के जरिए लोगों को जोड़ा जा रहा है. करणी सेना की मांगें करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने प्रशासन को साफ संदेश दिया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो अगला कदम वे खुद उठाएंगे. उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: – सांसद रामजीलाल सुमन की राज्यसभा सदस्यता समाप्त की जाए. – उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए. – करणी सेना कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस वापस लिए जाएं. – सांसद और उनके पुत्र की संपत्तियों की जांच कराई जाए- – सांसद को समाजवादी पार्टी से निकाला जाए. प्रशासन का दो टूक संदेश पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. जनसभा शांतिपूर्ण हो, इसके लिए पूरी योजना तैयार है. साथ ही तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि कोई भी शरारती तत्व माहौल खराब न कर सके. पुलिस ने कार्यक्रम की इजाजत दे दी है। हालांकि पुलिस इस कार्यक्रम को लेकर अलर्ट मोड पर है और 3 लेयर के सिक्योरिटी प्लान को तैयार किया है। पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था और लॉ एंड आर्डर के मद्देनजर 1200 हेलमेट, 1000 डंडे और बॉडी प्रोटेक्टर भी मंगवाएं हैं। कार्यक्रम को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। आयोजकों का कहना है कि पूरे देश में करणी सेना और अन्य संगठन जनसंपर्क में जुटे हैं। गांव-गांव जाकर लोगों को आमंत्रित कर पीले चावल दिए जा रहे हैं। सबको एक झंडा, एक डंडा लाने के लिए कहा गया है। हालांकि कई सोशल मीडिया अकाउंट से डंडा, भाला, तलवार और लाइसेंसी हथियार लाने की अपील तक की जा रही है। पुलिस की तरफ से भड़काऊ पोस्ट डालने वालों की पहचान की गई है। सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। कई अकाउंट ब्लॉक कराए गए हैं। recent visitors 44

ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महान शिक्षाविद् समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने नारी शिक्षा, किसानों के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए अलख जगाई। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए राज्य सरकार राजस्थान को कृषक-कल्याणकारी राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्पित है। शर्मा शुक्रवार को मुहाना मंडी परिसर में ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जयंती समारोह नहीं बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ज्योतिबा फुले जी ने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी, अंधेरे में प्रकाश का दीप जलाया और उत्पीड़ित वर्गों को सम्मान व समानता का अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी सोच केवल एक समय की नहीं थी, बल्कि वह विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। ज्योतिबा फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में जगाई अलख मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से ही अज्ञानता के अंधेरे को मिटाया जा सकता है और समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। ज्योतिबा ने शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाते हुए अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले जी के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया। सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में इतिहास में दर्ज हुईं। श्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में फैली जातिगत असमानता को दूर करने, सत्य की खोज और मानवता की सेवा का संदेश दिया। गरीब, युवा, महिला और किसान का उत्थान हमारी प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आधार मानकर चार जातियां- गरीब, युवा, महिला और किसानों का उत्थान सुनिश्चित कर रही है। राज्य सरकार ने इसी बजट में 5 हजार गांवों को बीपीएल मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में पारदर्शिता तथा पेपरलीक के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई से युवाओं को राहत दी गई है। हम किसानों को पानी, ऋण वितरण तथा उन्नत तकनीकों के माध्यम से सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने जो भी वादे किए हैं हम उनको पूरा करेंगे। अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए राज्य सरकार ने लिए कई निर्णय मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योतिबा फुले के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार ने फल-सब्जी व्यापारियों और बागवानी करने वाले किसानों के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिनका लाभ आने वाले वर्षों तक प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में नई कृषि मंडियों की स्थापना से किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने और स्थानीय स्तर पर विपणन की सुविधा देने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही, जयपुर के जमवारामगढ़ में फूल मंडी, जहाजपुर और शाहपुरा नगर पालिका में फल एवं सब्जी मंडी सहित राज्यभर में विभिन्न मंडियों का निर्माण, प्याज भंडारण संरचना निर्माण हेतु 2,500 किसानों को 22 करोड़ रुपये की सब्सिडी, 3 हजार प्याज भंडारगृहों के निर्माण हेतु 26 करोड़ रुपये का अनुदान सहित विभिन्न कार्य राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी रूप से बना रहे सशक्त शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल मंडियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हम किसानों को तकनीकी रूप से भी सशक्त बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की क्षमता वृद्धि और ज्ञानवर्धन के लिए नॉलेज प्रोग्राम के तहत प्रथम चरण में 100 प्रगतिशील युवा किसानों को इजरायल सहित अन्य देशों में और 5 हजार युवाओं को भारत के विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 एग्रो क्लाइमेटिक जोन में 2-2 क्लस्टर विकसित करना, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या को बढ़ाकर 18 करने जैसे कार्याें से राज्य सरकार किसानों को कौशल प्रशिक्षण देकर तकनीकी रूप से उन्नत कर रही है। recent visitors 41

‘झरिया’ एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर अटल नगर के पचेड़ा में 'झरिया' एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का शुभारंभ किया। इस प्लांट का संचालन पचेड़ा, अभनपुर के शारदा स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। प्लांट के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने समूह की दीदियों से बातचीत की और एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट संबंधी जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर प्लांट के एल्कलाइन पेयजल का स्वाद भी चखा और कहा कि एल्कलाइन जल शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर यूनिट के संचालन को मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने झरिया मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल भी लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को ऑनलाइन एल्कलाइन पेयजल की मांग करने की सुविधा देगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त सहयोग से इस प्लांट की स्थापना की गई है। इस प्लांट में समूह की दस महिलाएं प्लांट का संचालन कर रही हैं। बिहान टीम द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं समन्वय स्थापित कर उन्हें आजीविका संवर्धन की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह प्लांट पूर्णतः आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिसमें प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग तक की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं। संयंत्र में नवीनतम मशीनों से युक्त दो प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं, जो जल की शुद्धता और एल्कलाइन स्तर की निरंतर जांच एवं नियंत्रण सुनिश्चित करती हैं। इस संयंत्र से रायपुर, नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों को उच्च गुणवत्ता युक्त एल्कलाइन जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इस प्लांट में बिहान की लगभग 10 महिलाएं सतत स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उन्हें ‘लखपती दीदी’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा।  एल्कलाइन पानी के सेवन से शरीर का पीएच स्तर संतुलित रहता है।एल्कलाइन पानी से हाइड्रेशन बेहतर होता है, वजन नियंत्रित रहता है, हड्डियाँ मजबूत होती हैं और शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है। इसके साथ ही यह त्वचा की सेहत में सुधार लाता है और हृदय को स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है। समूह की दीदियों ने बताया कि इस संयंत्र से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 500 एमएल की काँच की बोतलों में आपूर्ति की जाएगी। काँच की बोतलों से ड्रिंकिंग वॉटर आपूर्ति से प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग में कमी आने से पर्यावरणीय संतुलन बेहतर होगा और प्लास्टिक जनित दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, नवा रायपुर क्षेत्र को ‘नो प्लास्टिक जोन’ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल होगी। यह पैकेज्ड ड्रिंकिंग पेयजल की आपूर्ति सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में माँग अनुसार की जाएगी। समूह की अध्यक्ष पूनम बारले ने मुख्यमंत्री साय को  बताया कि आज पहले दिन ही उन्हें भारतीय प्रबंध संस्थान नवा रायपुर से 200 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की माँग प्राप्त हुई है, जिसे समूह की महिलाएं स्वयं ई-रिक्शा के माध्यम से पहुँचा रही हैं। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, आरंग विधायक खुशवंत साहेब, उद्योग सचिव रजत कुमार, एनआरडीए सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार, कलेक्टर रायपुर गौरव सिंह, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल तथा सीईओ जिला पंचायत कुमार विश्वरंजन उपस्थित थे। recent visitors 29