पीएम मोदी मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने आनंदपुर धाम में गुरु जी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की

अशोक नगर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने अशोक नगर जिले में स्थित आनंदपुर धाम में गुरु जी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हर गरीब 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' से खाने की चिंता से मुक्त है, आज हर गरीब और बुजुर्ग 'आयुष्मान योजना' के कारण इलाज की चिंता से मुक्त है, आज हर गरीब 'पीएम आवास योजना' के कारण अपने पक्के घर की चिंता से मुक्त हो रहा है, आज 'जल जीवन योजना' के कारण गांव-गांव में पानी की समस्या का समाधान हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में रिकॉर्ड संख्या में नए एम्स, आईआईटी और आईआईएम खुल रहे हैं। गरीब से गरीब वर्ग के बच्चे के सपने साकार हो पा रहे हैं। हमारा पर्यावरण स्वच्छ हो, प्राकृतिक संरक्षित रहे, इसके लिए सरकार ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान भी शुरू किया है। आज इस अभियान के तहत देश में करोड़ों पेड़ लगाए जा चुके हैं। देश इतने बड़े स्तर पर इतना कुछ कर पा रहा है, इसके पीछे हमारा सेवाभाव ही है। गरीब और वंचित के उत्थान का संकल्प 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र, सेवा की यह भावना, आज सरकार की नीति भी है और निष्ठा भी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि जिस भूमि का कण-कण संतों की तपस्या से सींचा गया हो, जहां परमार्थ एक परंपरा बन चुका हो, जहां सेवा के संकल्प मानवता के कल्याण का पथ प्रशस्त करते हों, वह धरती साधारण नहीं है। इसी कारण हमारे संतों ने अशोक नगर के बारे में कहा था कि यहां शोक आने से डरता है। मुझे खुशी है कि आज यहां बैसाखी और श्री गुरु महाराज जी के अवतरण दिवस के उत्सव में मुझे शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा भारत ऋषियों, मनीषियों और संतों की धरती है। जब-जब हमारा भारत, हमारा समाज, किसी मुश्किल दौर से गुजरता है, कोई न कोई ऋषि, मनीषी इस धरती पर अवतरित होकर समाज को नई दिशा देता है। हम पूज्य स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज के जीवन में भी इसकी झलक देख सकते हैं। उन्होंने जिक्र किया कि एक समय था, जब आदि शंकराचार्य जैसे आचार्यों ने अद्वैत दर्शन के गहरे ज्ञान की व्याख्या की थी। गुलामी के कालखंड में समाज इस ज्ञान को भूलने लगा। लेकिन, उसी कालखंड में ऐसे ऋषि-मुनि भी आए, जिन्होंने अद्वैत विचार से राष्ट्र की आत्मा को झकझोरा। इसी परंपरा में पूज्य अद्वैतानंद जी महाराज ने भारत के जन सामान्य तक इसे पहुंचाने का बीड़ा उठाया। महाराज जी ने अद्वैत के ज्ञान को हम सभी के लिए और सरल बनाया, उसे सामान्य मानव के लिए और सुलभ कर दिया। recent visitors 33

543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने निर्देश

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय खाद्य, सुरक्षा अधिनियम के पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री राजपूत ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुए हैं। समय-सीमा में समस्त पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी न होने पर हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिये समस्त पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि 9 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रदेश में ई-केवायसी कराने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान में ई-केवायसी से शेष रह गये सभी पात्र हितग्राहियों की सूची पीओएस मशीन, स्थानीय निकाय, जेएसओ लॉगिन पर उपलब्ध कराई गयी है। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के स्थानीय अमले का सहयोग लिया जा रहा है। कैंप लगाकर करायी जाएगी ई-केवायसी खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि अभियान में हितग्राहियों की ई-केवायसी ग्रामवार एवं मुहल्लेवार कैंप लगाकर की जाये। ई केवायसी करने गठित दलों को ग्राम अथवा मोहल्ले की सभी हितग्राहियों की ई-केवायसी करने के बाद ही अन्य ग्राम या मोहल्ले में कैंप आयोजित किये जाये। ई-केवायसी के दौरान परिवार के किसी सदस्य की मुत्यु होने, स्थायी रूप से प्रवास पर जाने एवं डुप्लीकेट होने पर एम राशन मित्र पोर्टल पर स्थानीय निकाय के लॉगिन से विलोपन हेतु प्रविष्टि की जाएगी। सभी संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को जारी हुये निर्देश राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत शामिल पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी 9 से 30 अप्रैल तक जिलावार पूर्ण कराने के लिये खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने समस्त संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को ई-केवायसी कार्य को गंभीरता से तिथिवार पूर्ण कराने के निर्देश जारी किये हैं। एसीएस श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा है कि ई-केवायसी से शेष हितग्राहियों की संख्या के अनुसार जिलों हेतु निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में शत्-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी पूर्ण कराये जाये। उन्होंने अफसरों को ई-केवायसी कार्य के जागरूकता के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये हैं।   recent visitors 54

कोरबा जिले का प्राकृतिक खनिज संसाधनों की उपलब्धता के कारण अपनी विशिष्ठ पहचान :मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी और मिनी भारत के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा जिले का प्राकृतिक खनिज संसाधनों की उपलब्धता के कारण अपनी विशिष्ठ पहचान है। इसी कोरबा जिले के ग्राम कोहड़िया (चारपारा) में जन्मे प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन दोनों विभागों का दायित्व बखूबी निभा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री देवांगन का सार्वजनिक जीवन उतार-चढ़ाव के संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा। वे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे। देवांगन वर्ष 1999 में प्रथम बार कोरबा नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए। इसके पश्चात वे 2004 में नगर निगम कोरबा के महापौर चुने गए। वर्ष 2013 में देवांगन कटघोरा विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए। छत्तीगसढ़ शासन में उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में वे कोरबा विधानसभा सीट से विधायक के रूप में विजयी हुए।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनकी काबिलयत को देखते हुए ऊर्जा एवं श्रम विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। जिसका वे कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा प्रदेश के नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 लागू की गई है। इसके उत्साह जनक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा भारत की राजधानी नई दिल्ली के अलावा मुम्बई एवं बैंगलुरू में इन्वेस्टर कनेक्ट मीटिंग का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशकों ने नई औद्योगिक नीति से प्रभावित होकर छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने की मंशा जाहिर की है। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बीते माह मार्च में बैंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में इंजीनिरिंग टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक, आईटी/आईटीईस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल क्षेत्रों के कई बड़ी कंपनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी सोच है कि राष्ट्र के युवाओं के हाथों में अधिक से अधिक काम मिले। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सवा साल के भीतर प्रदेश सरकार द्वारा द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में ऐतिहासिक जनादेश मिला। सरकार के प्रति लोगों का विश्वास कायम हुआ। प्रदेश में अब ट्रिपल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। इससे छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास होगा। विष्णु देव की सरकार के एक साल के भीतर किसानों भाईयों के खाते में 52 हजार करोड़ रूपए अंतरित कर उन्हें उत्साह से भर दिया है। धान खरीदी समाप्त होने के एक सप्ताह भीतर किसानों को भुगतान कर दिया गया है। इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं। इसका शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रेक्टर आदि की बिक्री ने रिकॉर्ड आकड़ा छू लिया है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का उद्योग एवं व्यापार भी बढ़ेगा। प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग धंधे स्थापित करने की भरपूर संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया गया है। पोर्टल पर एक बार आवेदन से ही सभी विभागों का क्लीयरेंस मिलेगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का गठन हुए 16 महीने होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने से छत्तीसगढ़ में अब डबल इंजन की सरकार हो गई है। इसे प्रदेश का तेजी से विकास होगा। छोटे और मध्यम उद्योग हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा का स्त्रोत है। प्रधानमंत्री के विजन 2047 तक विकसित भारत और विकसित राज्य का निर्माण कैसे होगा, इस दिशा में काम किया जा रहा है। उद्योग मंत्री देवांगन का मानना है कि उद्योग और श्रम विभाग का परस्पर संबंध है। बिना श्रमिकों के उद्योग, धंधे सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकते। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 600 बड़ी कंपनियां संचालित है, जिसमें से हाल ही में राज्य की 6 इकाईयां क्रमशः वासु लॉजिस्टिक लिमि, जैनम फेयरो एलोएस लिमि. के. एन. एग्री रिर्साेसेस लिमि., अर्हम टेक्नालॉजिस लिमि., चमन मेटालिक्स लिमि. एवं एटमास्टको लिमि. एन.एस.ई. में सूचीबद्ध हुई है, जबकि देश में लगभग 2512 कंपनियां एन.एस.ई. में रजिस्टर्ड है, जिनकी कुल बाजार पूंजी 464.38 लाख करोड़ है। उन्होंने उम्मीद जताई की आगामी वर्षों में देश की कुल बाजार पूंजी में छत्तीसगढ़ का भी योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा। आगे भी इस तरह के सेमीनारों का आयोजन होगा। राज्य के निवेश प्रोत्साहन बोर्ड इस दिशा में निरंतर कार्य करेगा। उद्योग विभाग के समन्वय से प्रदेश में बीते जुलाई माह में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार में स्थानीय उद्योगों और कंपनियों को शेयर मार्केट के माध्यम से निवेश प्राप्त करने हेतु नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। स्थानीय कंपनियों के स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से आईपीओ जारी करने और निवेश प्राप्त करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में यह आयोजन काफी मददगार साबित हुआ। इस सेमीनार में निवेश के इच्छुक उद्योग और कंपनियों को उनके एनएसई रजिस्ट्रेशन, हैंड हैंडलिंग, तकनीकी गाईड करना, उनका डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने संबंधी सारी प्रक्रिया की बेसिक जानकारी दी गई। श्रम का दायित्व निभा रहे लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लगातार सरकार की योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। श्रम विभाग के तीनों मंडल – छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। श्रम मंत्री देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे भी समाज के अन्य वर्गों के बच्चों की तरह उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिले इस दिशा में श्रम विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विष्णु देव की सरकार में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। recent visitors 26

मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है कि हर विद्यार्थी और पंजीकृत फार्मासिस्ट को बिना किसी विलंब के डिजिटल, सुलभ और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध हों। राज्य मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल, भोपाल कार्यालय का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के लिए प्राप्त किए सुझाव राज्य मंत्री पटेल ने काउंसिल के अधिकारियों एवं स्टॉफ से संवाद कर पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के संबंध में आवश्यक सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने तकनीकी माध्यमों से प्रक्रिया को त्वरित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में फार्मेसी के किसी भी छात्र एवं अभ्यर्थी को पंजीकरण में अनावश्यक परेशानी न हो और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संचालित हों इसके लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य शिक्षा और पंजीकरण से जुड़ी संस्थाओं में निरंतर सुधार और नवाचार के माध्यम से ही छात्र हितों की रक्षा की जा सकती है। फार्मेसी काउंसिल की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रभारी रजिस्ट्रार श्रीमती माया अवस्थी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 51

कोलकाता को ठप करने 50 जगहों पर 2000 लोगों को इकट्ठा करके ट्रैफिक जाम की है हमारी योजना : मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस और मुस्लिम संगठन पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी क्रम में टीएमसी नेता और मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कोलकाता के रामलीला मैदान में जमीयत-ए-उलेमा हिंद की पश्चिम बंगाल यूनिट द्वारा आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित किया. वक्फ कानून में संशोधन को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए ममता बनर्जी सरकार के मंत्री ने कोलकाता में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम करने की धमकी दी. सभा को संबोधित करते हुए सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा कि अगर वह चाहें तो चक्का जाम करके कोलकाता को ठप कर सकते हैं. उन्होंने कहा, 'अगर हम कोलकाता को ठप करना चाहें तो आसानी से 50 जगहों पर 2000 लोगों को इकट्ठा करके ट्रैफिक जाम करवा सकते हैं. अभी तक हमने ऐसा नहीं किया है, लेकिन लेकिन हम ऐसा करने की योजना बना रहे हैं. हमारी रणनीति जिलों से शुरू करने की है और फिर कोलकाता में 50 जगहों पर 10-10 हजार लोगों को तैनात करेंगे. उन्हें कुछ नहीं करना होगा, वे आएंगे, बैठेंगे और मुरमुरे, गुड़ और मिठाई खाएंगे.' सिद्दीकुल्ला चौधरी के इस बयान का यह वीडियो भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X पर शेयर किया है. पूर्वी बर्धमान के मंगलकोट निर्वाचन क्षेत्र से विधायक सिद्दीकुल्ला ने आरएसएस और भाजपा पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के तहत मुसलमान खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. अपने भाषण में सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने आगे कहा कि उन्हें सीएम का फोन आया था जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि वक्फ संशोधन अधिनियम पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे तब तक आंदोलन जारी रखें जब तक केंद्र इसे वापस नहीं ले लेता. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हिंसा से दूर रहने को कहा. सिद्दीकुल्लाह चौधरी पिछले कई दिनों से राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि इस कानून के खिलाफ एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर वाला पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा. राज्य के लाइब्रेरी मंत्री होने के अलावा सिद्दीकुल्लाह जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं.   recent visitors 47

मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ, लखपति दीदी योजना के तहत 40 महिलाओं को मिला रोजगार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा—ई-ऑटो सेवा—का शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन "बिहान" के सहयोग से शुरू की गई है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है। ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 22

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य अमले को तैयारियों के लिए जारी किये निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राज्य में बढ़ती गर्मी और लू की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल के समय में सभी नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। समस्त स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तैयारियों के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने अपील की है कि सभी नागरिक सावधानियों का अवश्य पालन करें। प्रबंध संचालक, एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षकों को गर्मी के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों और जागरूकता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गर्मी के मौसम में भारत सरकार द्वारा हीट रिलेटेड इलनेस से बचाव के लिए दिशा-निर्देश को जिला व स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इन पर चर्चा कर संबंधित विभाग प्रमुखों को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने जनसामान्य को जागरूक करने और सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में रोगियों को एचआरआई से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन एचआरआई मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इससे अधिक तापमान से होने वाली बीमारियों व अवांक्षित घटनाओं को रोका जा सकेगा। क्या करें हाइड्रेटेड रहना है जरूरी गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है। इससे गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। नागरिक दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। यात्रा करते समय पानी अवश्य साथ रखें। ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, फलों के रस (थोड़ा नमक मिलाकर) जैसे घरेलू पेय का सेवन लाभकारी होता है। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा जैसी मौसमी फल-सब्ज़ियों का सेवन शरीर में तरलता बनाए रखने में सहायक होता है। शरीर को ढँककर रखें धूप में निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढँकना बेहद जरूरी है। हल्के रंग के, सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि गर्मी से राहत मिल सके। सिर को टोपी, छतरी, गमछा या पारंपरिक उपायों से ढकना चाहिए। नंगे पांव धूप में जाना भी हानिकारक हो सकता है, इसलिए चप्पल या जूते पहनना अनिवार्य है। घर को ठंडा और सुरक्षित बनाएँ जहाँ तक हो सके, दोपहर के समय घर के अंदर या छांव में रहें। घर में ठंडी हवा का संचार बना रहे, इसके लिए दिन में खिड़कियां और पर्दे बंद रखें और रात में उन्हें खोल दें। बाहर जाना जरूरी हो, तो सुबह या शाम के ठंडे समय में ही जाएं। गर्मी के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित करना आवश्यक है। घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें। दिन में निचली मंजिल पर रहना ज्यादा सुरक्षित होता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए पंखा, ठंडा पानी, गीले कपड़े, या 20°C के पानी में पैरों को डुबोना सहायक होता है। विशेष ध्यान देने योग्य संवेदनशील वर्ग छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मानसिक या शारीरिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति और बाहर कार्य करने वाले लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। इन लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा और देखरेख की आवश्यकता होती है। ठंडे प्रदेश से गर्म प्रदेश में आने वाले लोगों को अपने शरीर को नई जलवायु के अनुसार ढालने के लिए समय देना चाहिए। मौसम की जानकारी रखें रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों या भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट (https://mausam.imd.gov.in) से मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहें। मौसम की पूर्व चेतावनियों को गंभीरता से लें और उसी अनुसार अपने कार्यक्रम बनाएं। बचाव के लिए ये गलतियां न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहर न निकलें। इस समय गर्मी अपने चरम पर होती है। भारी कामकाज या शारीरिक मेहनत भी टालें। नंगे पांव बाहर न निकलें। गर्मी में खाना पकाते समय रसोई में वेंटिलेशन रखें। शराब, चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, या अधिक मीठे पेयों से बचें, ये शरीर से तरलता कम करते हैं। बासी और भारी प्रोटीन युक्त भोजन न करें। किसी भी परिस्थिति में बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें। श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए विशेष निर्देश काम की जगह पर ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य है और हर 20 मिनट में पानी पीने की सलाह दी जाए। काम को सुबह-शाम के समय शेड्यूल करें। छांव की व्यवस्था करें और कार्य के बीच पर्याप्त आराम दें। नए श्रमिकों के लिए कार्य का समय धीरे-धीरे बढ़ाएं ताकि वे मौसम के अनुसार ढल सकें। श्रमिकों को गर्मी से संबंधित लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दें। ‘बडी सिस्टम’ अपनाएं और प्रशिक्षित फर्स्ट एड कर्मियों की व्यवस्था करें। गर्भवती या बीमार श्रमिकों के लिए डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में सावधानी खेलों या धार्मिक आयोजनों जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में अत्यधिक गर्मी और पसीने के कारण हीट रिले़टेड इलनेस (एचआरआई) की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे आयोजनों में पर्याप्त पानी, छांव और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य है। उपस्थित लोगों को लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियां और लक्षण अत्यधिक गर्मी से शरीर का तापमान ऊपर जा सकता है, जिससे हीट स्ट्रेस, हीट रैश, हाथ-पांव सूजना, मांसपेशियों की ऐंठन, चक्कर आना, हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे दिल, फेफड़े, किडनी जैसी पुरानी बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। लक्षणों में चक्कर, बेहोशी, उल्टी, सिरदर्द, बहुत ज्यादा प्यास, गाढ़ा पेशाब, तेज़ सांस और दिल की धड़कन शामिल हैं। मांसपेशियों की ऐंठन होने पर तुरंत ठंडे स्थान पर आराम करें और ओआरएस पिएं। एक घंटे से अधिक ऐंठन रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें। हीट स्ट्रोक: जानलेवा स्थिति हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर का तापमान 40°C से ऊपर हो सकता है और व्यक्ति बेहोश, भ्रमित या चिड़चिड़ा हो सकता है। त्वचा लाल, गर्म और सूखी हो जाती है। बच्चों में संकेत: दूध न पीना, चिड़चिड़ापन, पेशाब कम होना, आंखों का धंसना, सुस्ती या झटका आना, शरीर से खून आना आदि। तुरंत क्या करें 108 या 102 पर कॉल करें। व्यक्ति को ठंडी जगह ले … Read more