मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उन्नत और समृद्ध रही है प्राचीन भारतीय वास्तुकला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा भोज द्वारा निर्मित बड़ा तालाब तकनीकी उत्कृष्टता का है श्रेष्ठ उदाहरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने "द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स" के राष्ट्रीय सम्मेलन "ट्रांसम" का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने डॉ. निधिपति सिंघानिया को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीनकाल से ही आर्किटेक्ट्स का विशेष महत्व रहा है। राजा भोज स्वयं बड़े वास्तुकार थे। भोपाल ताल सहित प्राचीन स्थापत्य के कई उदाहरण भोपाल और इसके आसपास विद्यमान है। भोपाल का ताल मूलतः बांध है। एक हजार साल पहले बनी है यह अद्भुत और बेमिसाल संरचना आज भी सामयिक और बड़ी आबादी के लिए उपयोगी है। मितव्ययता और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ निर्मित यह संरचना, प्राचीन समृद्ध ज्ञान परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जिस पर आज भी विचार प्रासंगिक है। इस दृष्टि से भोपाल में हो रहा आर्किटेक्ट्स सम्मेलन विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स" के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन "ट्रांसम" के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुशिल्प नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वास्तुकला उत्कृष्टता में विरासत को समाहित करने के लिए डॉ. निधिपति सिंघानिया को भारतीय वास्तुकार संस्थान (आईआईए) फैलोशिप से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्किटेक्ट्स को विश्वकर्मा बंधु संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर वास्तुकला और पूजा पद्धतियों में कई रहस्य विद्यमान हैं। भस्म आरती जन्म से लेकर मृत्यु तक की जीवन यात्रा को संक्षिप्त रूप में दिखाने का प्रकल्प है। राजा भोज द्वारा बनवाया गया भोजपुर मंदिर और उनके बड़े भाई राजा मुंज द्वारा मांडव में बनाई गई संरचनाएं तत्कालीन उत्कृष्ट वास्तु शिल्प का उदाहरण है। उत्कृष्ट तकनीक के ये प्रतीक हमारी संस्कृति पर गौरव और आत्म सम्मान का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज कई विधाओं के विशेषज्ञ थे, उन्होंने विभिन्न विषयों पर पुस्तक भी लिखी। उनकी राजधानी उज्जैन थी लेकिन उत्तर की ओर से हो रहे आक्रमणों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए राजा भोज ने अपनी राजधानी को मांडव में स्थापित किया और वहां उत्कृष्ट जल संरचनाओं का भी निर्माण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौर में मध्यप्रदेश बदल रहा है, प्रदेश में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, जन सामान्य का आत्मीय व्यवहार, सड़क-बिजली-पानी जैसी अधोसंरचनात्मक सुविधाएं, प्रदेश को निवेश के लिए आदर्श राज्य बनाती हैं। व्यवसायियों और उद्योगपतियों को कार्य में परेशानी ना आए इस उद्देश्य से ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ सेक्टर विशेष पर केंद्रित नीतियां लागू की गई है। प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन सिटी भी तेजी से विकसित हो रही हैं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों से आसपास के पांच जिलों को जोड़कर विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन विकसित करने की कल्पना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि है कि संस्था "द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स" वर्ष 1917 में स्थापित हुई, इसका मुख्यालय मुम्बई में है। देश के वास्तुविदो को संगठित कर वास्तु कला को बढ़ावा देने में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। वास्तु कला और भवन निर्माण से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से यह संस्था निरंतर समन्वय और सम्पर्क में रहती है। संस्था के सम्मेलन को भारत के सबसे बड़ा वास्तु कला उत्सव के रूप में देखा जाता है।   recent visitors 26

मुख्यमंत्री साय बोले- नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली

एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन 1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए। भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 26

एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का किया भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए। भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 32

इंदौर में लगातार बढ़ते AQI से प्रदूषण का स्तर चिंताजनक हालत में पहुंचा, मप्र में प्रदूषण का स्तर 8 से 9 गुना तक ज्यादा

इंदौर इंदौर में एक बार फिर से पॉल्यूशन बढ़ने लगा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार नीचे गिरता जा रहा है। 1 अप्रैल से इंदौर का AQI लेवल 100 के नीचे ही नहीं आया है। तापमान बढ़ने के साथ ही अब इसमें और वृद्धि होगी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार इसी हफ्ते इंदौर में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स, एक्यूआई) 158 तक पहुंच गया था। रविवार को यह 147 पर था। इसमें महत्वपूर्ण प्रदूषणकारी घटक पीएम-10 और नाइट्रो ऑक्साइड का औसत भी काफी अधिक हो गया था। अब गर्मी बढ़ने के साथ एक्यूआई बढ़ता रहेगा। रियल टाइम पॉल्युशन स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार 16 मार्च को आखिरी बार एक्यूआई 96 रहा था। इसके बाद से एक्यूआई 100 से नीचे नहीं आया है। इसमें अब लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतना बढ़ता हुआ प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एक्यूआई को 100 से अधिक होने पर हानिकारक माना जाता है। इससे वृद्धों, बच्चों और सांस के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। एक्यूआई 200 से अधिक होने से यह आम लोगों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। आईआईटी इंदौर की स्टडी के अनुसार मप्र में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक आईआईटी इंदौर की स्टडी में यह सामने आया है कि मप्र में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। प्रदेशवासी हर साल 70 से 80 दिन बेहद खतरनाक हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। पहले यह साल में 15-25 दिन होती थी। यहां दिल्ली-एनसीआर और उप्र की तुलना में प्रदूषण कम है, लेकिन, मौजूदा स्तर भी चिंताजनक है। आईआईटी इंदौर की यह स्टडी एल्सेवियर के टेक्नोलॉजी इन सोसाइटी जर्नल में प्रकाशित हुई है। आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मनीष कुमार गोयल और उनकी टीम की इस स्टडी में पाया कि मप्र में औसत वार्षिक पीएम 2.5 का स्तर 40-45 प्रति घन मीटर है, जो राष्ट्रीय मानक (40 प्रति घन मीटर में माइक्रोग्राम) के समान है। मगर प्रदूषण के चरम दिनों में यह 200-250 प्रति घन मीटर में माइक्रोग्राम तक पहुंच जाता है। मप्र में प्रदूषण का स्तर 8 से 9 गुना तक ज्यादा आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी का कहना है, मप्र में प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से 8 से 9 गुना तक ज्यादा है। स्टडी के मुताबिक महिलाएं वायु प्रदूषण से अधिक प्रभावित हो रही हैं। इसका मुख्य कारण घर के अंदर ठोस ईंधन (लकड़ी, कोयला) से खाना पकाने के कारण होने वाला धुआं है। प्रो. मनीष गोयत बताते हैं, पीएम 2.5 के बढ़ते स्तर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पीएम 2.5 का मतलब हवा में मौजूद 2.5 माइक्रो मीटर से भी छोटे कणों से है, जो फेफड़ों और रक्तप्रवाह में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं। एक्यूआई बढ़ना मतलब प्रदूषण बढ़ा एक्यूआई में पीएम-10, पीएम-2.5, कार्बन और सल्फर डाईऑक्साइड, नाक्स गैसेस, ओजोन आदि का अनुपात होता है। बीते दिनों में एक्यूआई अधिक रहा है। इसमें पीएम 2.5, कार्बन व सल्फर डाई ऑक्साइड की उल्लेखनीय बढ़ोतरी मिली है। यह हमारी आबोहवा को प्रभावित कर रहे हैं। विकास कार्यों और गर्मी के कारण बढ़ रहा AQI लेवल मप्र में AQI लेवल के लगातार बढ़ने के सबसे महत्वपूर्ण कारणों में शहरों में हो रहे विकास कार्य, वाहनों की संख्या में इजाफा, गर्मी में ज्यादा मात्रा में एसी का चलना, हरियाली का कम होना है। पॉल्यूशन लेवल बढ़ने का एक प्रमुख कारण हवा का तेज गति से नहीं चलना भी है। अधिकारियों के मुताबिक तेज हवा चलने पर वह पॉल्यूशन पार्टिकल को अपने साथ दूर तक उड़ा ले जाती है। पॉल्यूशन एक्सपर्ट के अनुसार AQI लेवल 100 से ज्यादा होने पर आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ने लगती है। सांस लेते वक्त इन कणों को रोकने का हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में पीएम 2.5 हमारे फेफड़ों में काफी भीतर तक पहुंचता है। recent visitors 39

मुख्यमंत्री विष्णु देव ने धमतरी में कंवर समाज भवन के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा

समाज की गौरवशाली विरासत को संजोए रखने की जरूरत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कंवर-पैकरा समाज की नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव ने धमतरी में कंवर समाज भवन के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा केकराखोली मार्ग में पुल निर्माण हेतु 30 लाख रूपये की मंजूरी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज धमतरी जिले के रांकाडीह में आयोजित कंवर पैकरा समाज के नवनिर्वाचित आदिवासी पंचायत जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह और धमतरी राज कंवर पैकरा समाज का वार्षिक महासभा में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर नगरीय निकाय निर्वाचन और त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में विजयी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने गहिरागुरू बाबा द्वारा समाज कल्याण के लिए किये गये कार्यों को बताते हुए उनसे प्रेरणा लेकर समाज कल्याण के लिए कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कंवर एवं पैकरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है, हम सभी को मिलकर इस गौरवशाली इतिहास को संजोए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा की आज समाज के अनेक लोग विभिन्न क्षेत्रों में काम कर समाज का नाम रौशन कर रहे है। उन्होंने समाज के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि मदिरापान और मांस से दूर रहकर विकास में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के तहत् किये गये वादों को पूरा करने में कोई कमी नहीं की है। हमने शपथ लेते ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृत प्रदान की। वहीं धमतरी जिले में 40 हजार आवासों की स्वीकृति जल्द ही दी जायेगी। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों से 3100 रूपये क्विंटल की दर से धान की खरीदी की और उसके बोनस की अंतर राशि भी एक सप्ताह के भीतर उन्हें प्रदान कर दी है। इसके साथ ही लंबित 2 वर्षाे का धान बोनस भी किसानो को दिया गया, जिसका लाभ प्रदेश के किसानों को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को एक हजार रूपये प्रदान किये जा रहे हैं, जल्द ही ऐसी महिलायें जो नवविवाहित है या जिनका नाम नहीं जुड़ पाया है, उन्हें भी जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता खरीदी में भी हमने प्रति मानक बोरा की दर में वृद्धि करते हुए 5500 रूपये किया है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत् प्रदेश के लोगों को धार्मिक स्थानों पर जाने का अवसर मिल रहा है। भूमिहीन ग्रामीण कृषि मजदूर योजना के तहत् भी प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक नीति और प्रदेश में संचालित उच्च शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम को कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरिवंश सिंह मिरी, कंवर समाज के अध्यक्ष विश्राम जी दाउ और अन्य अतिथियों ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सिहावा श्रीमती पिंकी धुव, पूर्व विधायक सिहावा श्रवण मरकाम सहित अनेक समाज के पदाधिकारी और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने 10 हितग्राहियों को पीएम आवास की सौंपी चाबी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर कंवर समाज के 10 हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबी प्रदान करते हुए गृह प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री  आवास योजना ग्रामीण के तहत् जिले में सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करने के उद्देश्य से  21 हजार 875 आवास स्वीकृत किए गए है। वर्तमान में नवीन परिवारों का सर्वे किया जा रहा है, जिसमें जिले 32 हजार 565 का सर्वे हो चुका है। 25 हितग्राहियों को मिला अधिकार अभिलेख मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 25 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान कर हितग्राहियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिकार अभिलेख मिल जाने से अब किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण राजस्व ग्रामों में स्थित आबादी भूमि में निवासरत परिवारों को स्वामित्व कार्ड जिले में प्रदाय किया जा रहा है। धमतरी जिला, स्वामित्व कार्ड वितरण में पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। अब तक धमतरी जिले के 143 ग्रामों में 17 हजार 354 स्वामित्व कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से दो चरणों में 11 हजार 551 कार्डों का वितरण किया गया है। इसमें मगरलोड तहसील के 21 ग्रामों के 3 हजार 134 कार्ड भी सम्मिलित हैं। पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल 2025) के अवसर पर 26 ग्रामों के 3 हजार 345 कार्डों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभिलेखों को तैयार करने का काम प्रगति पर है। स्टार्टअप के लिए जयंती सिदार को मिला साढ़े तीन करोड़ रुपये का चेक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले से आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स के अनुसूचित जनजाति के लिए, उद्यम पूंजी कोष  के पहली लाभार्थी और स्टार्टअप हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की श्रीमती जयंती सिदार को 3 करोड़ 41 लाख रूपये का चेक प्रदान किया और व्यवसाय की सफलता के लिए अग्रिम बधाइयाँ दीं।  बता दें कि भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप इवेंट का दूसरा एडिशन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन को गवर्नमेंट ई मार्केट प्लेस द्वारा किया गया। इस आयोजन में 3 हजार से ज्यादा स्टार्टअप, एक हजार से अधिक निवेशक और 50 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। recent visitors 29

उत्तर प्रदेश में मौसम कहर, आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 22 लोगों की मौत, सीएम योगी ने जताया शोक

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम कहर बरपा रही है। भीषण आंधी-तूफान और आसमानी बिजली गिरने से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें फतेहपुर और आजमगढ़ में 3-3, फिरोजाबाद, कानपुर देहात और सीतापुर में 2-2, जबकि गाज़ीपुर, गोंडा, अमेठी, संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर में 1-1 मौतें हुई हैं। मृतकों के परिजनों को मिलेगी आर्थिक सहायता भीषण आंधी-तूफान के चलते बलिया, कन्नौज, बाराबंकी, जौनपुर और उन्नाव में भी 1-1 व्यक्ति की मौत हुई है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। खराब मौसम, तेज हवा और ओलावृष्टि के चलते किसानों की फसलों को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। जिसकी क्षतिपूर्ति के लिए सीएम ने सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश में आए आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक जताया है। सीएम ने दिवंगतों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने और घायलों के इलाज के निर्देश दिए हैं। पशुहानि पर भी मदद का ऐलान किया गया। सीएम योगी ने जिलाधिकारियों, एसडीएम और तहसीलदारों को मौके पर जाकर तत्काल सर्वे कराकर संबंधित विभाग को डिटेल उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए है। इधर, मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। मौसम जानकारों के मुताबिक आज यूपी के 50 से ज्यादा जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। recent visitors 39

PM नरेंद्र मोदी वाराणसी पहुंचे, फ्लाइट से लैंड करते ही रेप कांड के बारे में अधिकारियों से ली रिपोर्ट

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद पहली बार शुक्रवार सुबह 10:30 बजे काशी पहुंचें. वह 10:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे. PM का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, CM योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जिला प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने किया.वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक शुक्रवार को पीएम मोदी के कार्यक्रम स्थल तक सिर्फ जनसभा जाने वाले वाहन जा सकेंगे. इसके अलावा अन्य वाहनों का इन रूट पर डायवर्ट किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे हैं. ये उनका 50वां दौरा है. प्रधानमंत्री रहते हुए किसी सांसद का अपने क्षेत्र में 50वीं बार आना अपने आप में एक रिकॉर्ड है. पीएम मोदी ने 3,880 करोड़ रुपये की लागत वाली 44 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने कहा, "काशी मेरी है और मैं काशी का हूं." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में बनारस के विकास ने एक नई गति पकड़ी है. काशी ने आधुनिक समय को साधा है. विरासत को संजोया है और भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में मजबूत कदम रखे हैं. आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं, प्रगतिशील भी है. काशी अब पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे के केंद्र में है. प्रधानमंत्री फ्लाइट से लैंड करते ही रेप कांड के बारे में अधिकारियों से ली रिपोर्ट  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी दौरे पर गए हैं। यहां एयरपोर्ट पर उतरते ही वाराणसी के पुलिस कमिश्नर, मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी से कुछ दिन पूर्व शहर में घटी एक बलात्कार की घटना के बारे में डिटेल जानकारी ली। पीएम ने सभी दोषियों को चिह्नित करते हुए उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया। वाराणसी में छात्रा से 6 दिनों तक हैवानियत का हैरान करने का मामला सामने आया है। लड़की 29 मार्च को गायब हुई थी और वह 4 अप्रैल को बेसुध हालत में बरामद की गई। इन छह दिनों में उसके साथ 23 लोगों ने रेप किया। इस दौरान छात्रा को ड्रग्स देकर नशे में रखा गया। वाराणसी शहर के इस कांड में पुलिस की जांच में उन होटलों और कैफे की लोकेशन मिली है, जहां लड़की के साथ रेप की घटना की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर लालपुर पांडेयपुर थाने में 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसमें से 12 नामजद और 11 अज्ञात हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 50वें दौरे पर पहुंचे हैं। इस खास मौके पर वे काशीवासियों को 3,884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें 1,629 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण और 2,255 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। 'पूर्वांचल को शिक्षित पूर्वांचल…' नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "कुछ देर पहले काशी और पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है. कनेक्टिविटी को मजबूती देने वाले अनेक प्रोजेक्ट गांव-गांव घर-घर तक, नल से जल अभियान, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं का विस्तार हर क्षेत्र, परिवार और युवा को बेहतर सुविधाएं देने का संकल्प… ये सारी योजनाएं पूर्वांचल को शिक्षित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मील का पत्थर बनने वाली हैं. काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से खूब लाभ मिलेगा." उन्होंने आगे कहा कि आज सामाजिक चेतना के प्रतीक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती भी है. महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जी ने जीवन भर नारीशक्ति के हित, उनके आत्मविश्वास और समाज कल्याण के लिए काम किया. आज हम उनके विचारों को, उनके संकल्पों को, नारी सशक्तिकरण के उनके आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं, नई उर्जा दे रहे हैं.' 'महापुरुषों की प्रेरणा हमारा मंत्र…' महात्मा ज्योतिबा फुले के बारे में बात करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, "उनके जैसे त्यागी, तपस्वी, महापुरुषों की प्रेरणा से ही देशसेवा का हमारा मंत्र रहा है, सबका साथ-सबका विकास. हम देश के लिए उस विचार को लेकर चलते हैं, जिसका समर्पित भाव है, सबका साथ-सबका विकास. जो लोग सत्ता हथियाने के लिए दिन रात-खेल खेलते रहते हैं, उनका सिद्धांत है, परिवार का साथ-परिवार का विकास. 'भारत बसे बड़ा दूध उत्पादक देश…' पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत, दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है. 10 साल में, दूध के उत्पादन में करीब 65 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. ये सफलता देश के करोड़ों किसानों की है, देश के पशुपालक भाइयों की है. ये सफलता एक दिन में नहीं मिली है, बीते 10 वर्षों से हम देश के पूरे डेयरी सेक्टर को मिशन मोड से आगे बढ़ा रहे हैं." उन्होंने आगे कहा कि हमने पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी है, उनके लिए लोन की सीमा बढ़ाई है, सब्सिडी की व्यवस्था की है और खुरपका और मुंहपका से पशुधन को बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन प्रोग्राम चलाया जा रहा है. 'यही तो है विकास…' नरेंद्र मोदी ने कहा, "10-11 साल पहले, पूरे पूर्वांचल में इलाज को लेकर जो परेशानियां थीं, वो भी हम जानते हैं. आज स्थितियां अलग हैं, मेरी काशी अब आरोग्य की राजधानी भी बन रही है. दिल्ली-मुंबई के बड़े-बड़े अस्पताल आज आपके घर के पास आ गए हैं. यही तो विकास है, जहां सुविधाएं लोगों के पास आती हैं." किस तरह के प्रोजेक्ट्स का हुआ उद्घाटन? प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन की जाने वाली परियोजनाओं का एक अहम हिस्सा ग्रामीण विकास पर केंद्रित हैं. इनमें 130 पेयजल योजनाएं, 100 नए आंगनवाड़ी केंद्र, 356 पुस्तकालय, पिंडरा में एक पॉलिटेक्निक कॉलेज और एक सरकारी डिग्री कॉलेज शामिल हैं. कानून प्रवर्तन क्षेत्र में, प्रधानमंत्री पुलिस लाइन में एक ट्रांजिट हॉस्टल और रामनगर में पुलिस बैरक के साथ-साथ चार ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन करेंगे. शास्त्री घाट और सामने घाट पर सौंदर्यीकरण परियोजनाओं और रेलवे और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा किए गए कार्यों के साथ शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है, उनमें से 25 की लागत 2,250 करोड़ रुपये है, जो मुख्य रूप से बिजली के बुनियादी … Read more