वाराणसी के 50वें दौरे पर पीएम, भाजपा कार्यकर्ताओं नें स्वागत को लेकर की खास

वाराणसी  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल करने जा रहे हैं. इस दिन वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 50वें दौरे पर पहुंचेंगे, जो किसी भी प्रधानमंत्री के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि मानी जा रही है. ये संयोग और भी खास हो जाता है क्योंकि पीएम मोदी अपने कार्यकाल के 11वें साल में11 अप्रैल को सुबह 11 बजे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. इसे बीजेपी ने एक ‘शुभ योग’ और ‘गौरव का क्षण’बताया है. काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी 11 अप्रैल को वाराणसी आएंगे और अपने इस दौरे में 3884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 50वें दौरे को खास बनाने की तैयारी, 50 हजार की भीड़ का लक्ष्य बीजेपी इस दौरे को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पार्टी ने पीएम मोदी की जनसभा में 50,000 लोगों को लाने का लक्ष्य रखा है. काशी क्षेत्र के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि यह दौरा बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी को काशीवासियों से कितना गहरा लगाव और आत्मीय संबंध है. शहरभर को पार्टी के झंडोंऔर बैनरों झालरों से सजाया जा रहा है. पूरे जिले में 1000 से अधिक होर्डिंग्स लगाई जा चुकी हैं. इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता जुलूस, दोपहिया व चारपहिया वाहनों के काफिलों के साथ जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे. पीएम के आगमन से पहले विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. पीएम मोदी 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम मोदी इस बार शहर से बाहर मेहंदीगंज में जनसभा को संबोधित करेंगे. यहां उनके लगभग ढाई से तीन घंटे रुकने का कार्यक्रम है. पार्टी का दावा है कि जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचेंगे. इसके लिए मंडल और बूथ स्तर तक तैयारी की जा रही है. आसपास के 16 गांवों में कार्यकर्ता और विधायक लोगों से संपर्क कर रहे हैं. पीएम मोदी के स्वागत के लिए वाराणसी के चौराहों को सजाया जा रहा है. झंडे, कपड़े और ढोल-नगाड़ों से पीएम मोदी का भव्य स्वागत होगा. दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी एयरपोर्ट से सीधे मेहंदीगंज जनसभा स्थल पहुंचेंगे. वहां से वापस एयरपोर्ट आकर दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. दुग्ध उत्पादकों को देंगे 106 करोड़ का बोनस मेंहदीगंज में जनसभा को संबोधित करने से पहले वह 3884.18 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी देंगे। बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने यह जानकारी दी। जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने का अनुमान उन्होंने बताया कि बढ़ती गर्मी का असर जनसभा पर नहीं पड़ेगा क्योंकि पीएम मोदी की सभा में लोग मौसम की परवाह नहीं करते. यह दौरा सिर्फ पीएम मोदी की हाजिरी नहीं है, बल्कि वाराणसी के विकास की नई सौगात भी है. 3884 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान 3884.18 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं** का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 19 परियोजनाएं (1629.13 करोड़ रुपये)का लोकार्पण. 25 परियोजनाएं (2255.05 करोड़ रुपये) का शिलान्यास. सबसे अहम है जल जीवन मिशन के अंतर्गत 345.12 करोड़ रुपये की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का उद्घाटन, जिससे हजारों गांवों को शुद्ध जल मिलेगा. इसके अलावा पीएम मोदी बनास डेयरी से जुड़े लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी ट्रांसफर करेंगे. ट्रैफिक की समस्या होगी कम नए फ्लाईओवर और टनल का शिलान्यास शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीएम जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. बाबतपुर एयरपोर्ट के पास NH-31 पर अंडरपास टनल. भिखारीपुर तिराहा और मंडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण. इन योजनाओं से वाराणसी की जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है. recent visitors 50

CM के नेतृत्व में शुरू की गई Mukhyamantri Tirtha Darshan Yojana से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिल रहा : मंत्री राजवाड़े

सूरजपुर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित विशेष तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत  आज सूरजपुर रोड रेलवे स्टेशन से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के लिए सूरजपुर के 288 तीर्थ यात्रियों को लेकर विशेष ट्रेन रवाना की गई। समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने तीर्थ दर्शन के लिये रवाना हो रहे श्रध्दालुओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को लेकर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि  मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिल रहा है, जिन्हें आर्थिक या अन्य कारणों से तीर्थयात्रा का अवसर नहीं मिल पाता था। यह योजना प्रदेशवासियों की आस्था सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तीर्थ स्थलों की यात्रा कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में श्रद्धालु यात्रियों के साथ जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह योजना राज्य सरकार की संवेदनशीलता और वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बुजुर्गों की आस्था और आध्यात्मिक आकांक्षाओं को साकार करने के लिए कटिबद्ध है। तीर्थ यात्रियों के दल में शामिल अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सुविधा न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक शांति भी देती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। इस चरण में 10 अप्रैल से 13 अप्रैल तक तीर्थयात्री उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। राज्य शासन द्वारा यात्रा के दौरान भोजन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं नि:शुल्क रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।    इस अवसर पर विधायक प्रेमनगर श्री भुलन सिंह मरावी , नगर पालिका अध्यक्ष ,  पार्षद-गण, जिला पंचायत सदस्य श्री बाबूलाल सिंह मरापो, श्रीमती कुसुम, सुश्री मोनिका, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष, सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि,एस डी एम श्रीमती शिवानी जायसवाल, समाज कल्याण विभाग अधिकारी एवं कर्मचारी व अन्य उपस्थित थे। recent visitors 29

इंदौर में 6 Km लंबे कॉरिडोर पर चलाई जाएगी मेट्रो रेल, सिक्युरिटी क्लीयरेंस मिला , स्टाफ, टिकट काउंटर सहित सभी इंतजाम

 इंदौर  इंदौर वासियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ 13 साल पहले इंदौर में सबसे पहले प्रदेश की पहली मेट्रो चलाने का जो सपना था, वो अब पूरा होने जा रहा है। इंदौर में सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से, मेट्रो कोच व डिपो को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) से क्लीन चिट मिल गई है। ऐसे में सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांच मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में अब शहरवासियों के मेट्रो में सफर में कोई बाधा नहीं बची है। यात्रियों के लिए मेट्रो चलाने के लिए मेट्रो प्रबंधन की पूरी तैयारी है। स्टाफ, टिकट काउंटर सहित सभी इंतजाम सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांचों मेट्रो स्टेशन पर स्टाफ, टिकट काउंटर सहित अन्य इंतजाम भी हो चुके हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार चाहेगी तो जल्द ही मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू किया जा सकेगा। पिछले दिनों मेट्रो के अधिकारियों के साथ नगरीय आवास व विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो के संबंध में ली बैठक में कहा था कि सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर अभी मेट्रो चलाने की जल्दबाजी नहीं है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे के बीच मेट्रो का हिस्सा तैयार होने के बाद अगस्त तक मेट्रो का यात्रियों के लिए संचालन शुरू करने की बात कही थी। मिलेगी बस की भी कनेक्टिविटी मेट्रो प्रबंधन ने सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाने के लिए एआईसीटीएसएल की ई-बसों के साथ रेडिसन, विजय नगर से एयरपोर्ट का सफर की योजना बनाई है।     रेडिसन चौराहा, विजयनगर : यात्री ई-बस में बैठकर सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर 3 तक पहुंचेगे।     एससी 3 से गांधी नगर स्टेशन : यात्री मेट्रो में बैठकर सफर करेंगे।     गांधी नगर से एयरपोर्ट व बड़ा गणपति : यात्री गांधीनगर स्टेशन से ई-बस में बैठ एयरपोर्ट व बड़ा गणपति चौराहे तक की यात्रा करेंगे।     किराया : यात्रियों को कॉमन कार्ड के माध्यम से न्यूनतम किराया देकर इलेक्ट्रिक बस व मेट्रो में सफर करने का मौका मिला। अलग-अलग टिकट खरीदने की जरूरत नहीं रहेगी। इंदौर मेट्रो का अब तक का सफर     2011 : तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को इंदौर व भोपाल में मेट्रो की डीपीआर बनाने का निर्णय लिया।     2017 : मप्र मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिली।     2018 : भारत सरकार की स्वीकृति मिली।     2019 : भारत सरकार, मप्र सरकार व एमपीएमआरसीएल के बीच समझौता हुआ।     2021 : निर्माण एजेंसी ने मेट्रो निर्माण कार्य शुरू किया।     2023 : सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर पहली बार चलाई गई मेट्रो।     2025 : मेट्रो चलाने के लिए सीएमआरएस से मिली क्लीन चिट। 8.65 किमी लंबी सुरंग का होगा निर्माण कंपनी सूत्रों के मुताबिक, यह टेंडर 8.65 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड गलियारे के निर्माण के लिए दिया गया है, जिसमें एचसीसी की 55% हिस्सेदारी होगी। इस परियोजना के तहत टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए 11.32 किमी लंबी सुरंग बनाई जाएगी। 7 भूमिगत स्टेशन होंगे तैयार इस परियोजना के तहत इन सात जगहों पर भूमिगत स्टेशन तैयार किए जाएंगे।     इंदौर रेलवे स्टेशन     राजवाड़ा     छोटा गणपति     बड़ा गणपति     रामचंद्र नगर     BSF/कलानी नगर     एयरपोर्ट टनल बोरिंग मशीन से होगी खुदाई मेट्रो के भूमिगत प्रोजेक्ट के लिए एयरपोर्ट और बड़ा गणपति क्षेत्र में वेयरहाउस की जमीन पर लगभग 800 वर्ग मीटर क्षेत्र में खुदाई की जाएगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को 20 मीटर गहराई में उतारकर सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में छह-छह मीटर चौड़ी दो सुरंगें तैयार की जाएंगी, जिनमें मेट्रो की अप और डाउन लाइनें होंगी। HCC के शेयर में उछाल इस बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) के शेयर में 5 % की तेजी देखी गई, जिससे यह 23.25 रुपए पर पहुंच गया। यह बढ़त तब आई जब कंपनी ने टाटा प्रोजेक्ट्स (TPL) के साथ मिलकर मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) से इस महत्वपूर्ण ठेके को हासिल करने की जानकारी दी।   recent visitors 36

CG शासन की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ के तहत 800 श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु रवाना हुए

 रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ के तहत आज सरगुजा संभाग के लगभग 800 श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु रवाना हुए। श्रद्धालुओं को अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन‘ द्वारा रवाना किया गया। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।     मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल तीर्थ यात्रा ही नहीं, बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष पहल पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसे कल्याणकारी योजना का प्रारंभ किया गया है इस योजना से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा, परित्यक्ता महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।     मंत्री श्रीमती राजवाड़े स्वयं भी ट्रेन में सवार होकर सूरजपुर तक की यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ रहीं। सूरजपुर रेलवे स्टेशन से जिले के 288 तीर्थ यात्रियों को भी इसी ट्रेन से रवाना किया गया। आगे बैकुंठपुर स्टेशन से कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के श्रद्धालु भी इस यात्रा में सम्मिलित हुए। श्रद्धालुओं में उत्साह, शासन की पहल की सराहना     तीर्थयात्रा के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं में उत्साह और आभार का माहौल रहा। 75 वर्षीय राजकुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तुलना श्रवण कुमार से करते हुए कहा कि यह योजना बुजुर्गों के लिए एक अमूल्य अवसर है। वहीं, उदयपुर से आई श्रीमती अनिता देवी ने महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दर्शन की खुशी साझा करते हुए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। निःशुल्क सुविधाएं और सुलभ व्यवस्था     यात्रा के दौरान शासन द्वारा भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को न केवल आध्यात्मिक लाभ देती है, बल्कि उनके मन को भी शांति प्रदान करती है।     इस अवसर पर विधायक भुलन सिंह मरावी,नगर निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित  जनप्रतिनिधि , समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी  एवं नागरिक उपस्थित रहे। recent visitors 33

26/11 हमला: प्रत्यर्पित तहव्वुर राणा दिल्ली लाया गया, प्रत्यर्पण पर इजरायली राजदूत ने भारत सरकार को शुक्रिया कहा

नई दिल्ली  26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा दिल्ली पहुंच चुका है। तहव्वुर राणा को अमेरिका से एनआईए की 7 सदस्यीय टीम दिल्ली लेकर पहुंची है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह यहां पहुंचा। तहव्वुर राणा का मेडिकल कराया जाएगा और फिर एनआईए उसे कोर्ट में पेश करेगी। राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जा सकता है। तिहाड़ की हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि 64 साल का तहव्वुर राणा दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि आतंकवादी को रखने के लिए जेल में सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही कर ली गई हैं। तहव्वुर राणा साल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमेन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है। राणा को लेकर एक विशेष चार्टर्ड विमान बुधवार (9 अप्रैल) को अमेरिका से भारत के लिए रवाना हुआ था। 2008 के आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। NIA हेडक्वाटर में होगी पूछताछ तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद प्रत्यर्पित किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में लिया जाएगा, जो रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के साथ मिलकर उसके प्रत्यर्पण का कोर्डिनेशन कर रही है। संभावना है कि उसे जल्द ही दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जाएगा। किन किन धाराओं में आरोपी है राणा? राणा पर कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना, हत्या, जालसाजी और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम शामिल हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस को अभी तक उसके शहर में स्थानांतरण के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। लेकिन माना जा रहा है कि उसे मुंबई ले जाने पर ऑर्थर रोड जेल के इस सेल में रखा जाएगा जहां आतंकी कसाब को रखा गया था। ट्रंप की हरी झंडी के बाद मिली कामयाबी डेविड कोलमेन हेडली का सहयोगी होने के अलावा, ऐसा माना जाता है कि राणा के पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ करीबी संबंध थे। राणा के प्रत्यर्पण की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस दौरे के दौरान की थी। इसके बाद राणा ने सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण को रोकने की कोशिश की, लेकिन अब उसकी सभी कानूनी अपीलों को खारिज कर दिया गया है। भारत ने रचा ऐसा चक्रव्यूह कि शिकंजे में आ गया राणा  ……. 26/11 के मुंबई हमलों के वांछित और साजिशकर्ता तहव्वुर राणा भारत प्रत्यर्पित हो चुका है। यह काम इतना आसान और सहज नहीं था, लेकिन भारत ने इसे सच कर दिखाया। यह केंद्रीय एजेंसियों के सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यर्पणों में से एक है क्योंकि इसके लिए NIA अधिकारियों को कई बार अमेरिका के चक्कर लगाने पड़े और अमेरिकी सरकार को राणा को प्रत्यर्पित करने के लिए मनाना पड़ा। एक बार तो राणा को तब अमेरिकी जेल में रखने के लिए अमेरिकी सरकार को मनाना पड़ा , जब वह रिहा होने वाला था। इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने ना केवल राणा के प्रत्यर्पण की गारंटी सुनिश्चित की बल्कि उसके खिलाफ सबूत भी जुटाए। गिरफ्तारी, दोबारा गिरफ्तारी, सजा, भारत का प्रत्यर्पण अनुरोध 64 वर्षीय तहव्वुर हुसैन राणा, पाकिस्तान में जन्मा एक कनाडाई नागरिक है। उसे अमेरिकी अधिकारियों ने 18 अक्टूबर, 2009 को गिरफ्तार किया था। इससे दो हफ्ते पहले 3 अक्टूबर, 2009 को उसके बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली की गिरफ्तारी हो चुकी थी। भारत ने हेडली के लिए भी प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उसे देने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसने मुंबई हमलों और डेनमार्क में नाकाम साजिश से संबंधित कई मामलों सहित आतंकवाद से संबंधित 12 आरोपों में दोषी होने की बात स्वीकार की थी। चूंकि वह अमेरिकी जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने के लिए तैयार था, इसलिए हेडली के याचिका समझौते में गैर-प्रत्यर्पण प्रावधान शामिल था। दूसरी ओर, राणा पर अमेरिका में तीन मामलों में मुकदमा चलाया गया। इनमें भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिश, डेनमार्क में आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिश और एक विदेशी आतंकवादी संगठन को सहायता प्रदान करना शामिल था। इस बीच, भारत ने तहव्वुर राणा को वांछित घोषित कर दिया था और 28 अगस्त, 2018 को उसके खिलाफ साजिश, युद्ध छेड़ने, हत्या करने, जालसाजी, आतंकवादी हमले के आरोपों पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया। उधर, राणा के बचपन के दोस्त हेडली ने अमेरिकी अभियोजन पक्ष के सामने गवाही दी और यूएस जूरी ने 9 जून, 2011 को राणा को डेनमार्क से संबंधित आतंकवादी साजिश और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) को भौतिक सहायता प्रदान करने का दोषी ठहरा दिया, लेकिन भारत से संबंधित आतंकवादी साजिश से उसे बरी कर दिया। 17 जनवरी, 2013 को अमेरिकी डिसेट्रिक कोर्ट ने उसे 168 महीने के कारावास की सजा सुनाई। 7 साल जेल में रहने के बाद, कोविड-19 महामारी के दौरान राणा की अनुकंपा रिहाई की याचिका भी मंजूर कर ली गई। इसी बीच, जब वह रिहा होने वाला था, तब भारत द्वारा प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया। इसके बाद राणा को 10 जून, 2020 को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय वकील दयान कृष्णन ने की ‘निःशुल्क’ सहायता 2009 में 26/11 हमलों की जांच शुरू करने के बाद से, डेविड हेडली और तहव्वुर राणा की हिरासत पाने के लिए एनआईए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई और न्याय विभाग के साथ नियमित संपर्क में था। NIA की एक टीम ने पहली बार 2010 में अमेरिका का दौरा किया और हेडली से पूछताछ की थी लेकिन उस समय राणा से पूछताछ नहीं की जा सकी थी। इसके बाद, 2018 में मामले में सबूत इकट्ठा करने के लिए एनआईए के अफसरों ने फिर यूएस का दौरा किया। इसके दो साल बाद राणा के प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू हुई। 2020 में राणा के प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू होने के बाद, NIA की टीमों ने मामले के दस्तावेजों, आरोपों आदि को समझाने में अमेरिकी अभियोजकों की सहायता के लिए कई बार दौरे किए। अमेरिका में राणा की पैरवी ब्रिटिश बैरिस्टर पॉल गार्लिक कर रहे थे, जबकि … Read more

MP परिवहन विभाग ई बस, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को 26 मार्च 2027 तक देगा टैक्स में छूट, हाइब्रिड वाहनों पर लागू नहीं होगी यह छूट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च 2026 तक पंजीकृत होने वाले ई वाहनों पर मोटरयान कर में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं, 26 मार्च 2027 तक पंजीकृत होने वाले ई बस, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को भी मोटरयान कर में 100 प्रतिशत की छूट (EV registration tax exemption) दी जाएगी। किसी भी प्रकार के हाइब्रिड वाहनों पर यह छूट लागू नहीं होगी। परिवहन विभाग ने बुधवार को मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें दी गई छूट का लाभ अधिसूचना जारी होने की तिथि से मिलेगी। उल्लेखनीय है कि बुधवार को  'ईवी पालिसी लागू, फिर भी ईवी वाहन खरीदने पर नहीं मिल रहा वाहन पंजीयन में छूट का लाभ'  इसके बाद प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अधिकारियों से इस संबंध में बात कर अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए, जिसके बाद परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। एक साल के लिए टैक्स में दी गई छूट बता दें कि मध्य प्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 (MP EV scheme 2025) के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण पर 100 प्रतिशत मोटरयान कर में छूट देने का प्रविधान किया है। दो पहिया, तीन पहिया और कार के लिए एक वर्ष तक मोटरयान कर में शत प्रतिशत की छूट का प्राविधान किया है। दो पहिया वाहनों पर पांच हजार, तीन पहिया पर 10 हजार और ई कार पर 25 हजार रुपये की छूट वाहन कर और पंजीयन शुल्क में एक वर्ष के लिए देने का प्रविधान है। 26 मार्च 2026 तक ई वाहन में छूट     दो पहिया – पंजीकृत वाहन पर मोटरयान कर में 100 प्रतिशत छूट।     तीन पहिया वाहन – पंजीकृत वाहन पर मोटरयान कर में 100 प्रतिशत छूट।     ई कार – 20 लाख रुपये तक मूल्य वाली कारों पर 100 प्रतिशत छूट।     ई हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई बस ( गैर सरकारी, स्कूल बस निजी बस आपरेटर) – पंजीकृत वाहनों पर 100 छूट।     ई बस ( मिनी मिडी स्टैंडर्ड एसी बस) – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई ट्रक – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई ट्रैक्टर – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई एंबुलेंस – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट। बैटरी स्वैपिंग पर वित्तीय सहायता ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भी सरकार ने आकर्षक योजनाएं बनाई हैं। चार्जिंग स्टेशन लगाने वाले सेवा प्रदाताओं को भूमि और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। चार्जिंग स्टेशन के लिए सब्सिडी     छोटे चार्जिंग स्टेशन (500 तक): 30% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम 1.5 लाख रुपए।     मध्यम चार्जिंग स्टेशन (300 तक): अधिकतम 3 लाख रुपए की सहायता।     बड़े चार्जिंग स्टेशन (200 तक): अधिकतम 10 लाख रुपए की सहायता।     इसके अलावा, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए पहले 300 स्टेशनों को 5 लाख रुपए तक की सहायता मिलेगी। रेट्रोफिटिंग पर भी मिलेगा लाभ पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलने (रेट्रोफिटिंग) के लिए भी सरकार एक साल तक आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।     दोपहिया वाहनों के लिए: 5 हजार रुपए प्रति वाहन     तीन पहिया वाहनों के लिए: 10 हजार रुपए प्रति वाहन     कार के लिए: 25 हजार रुपए प्रति वाहन इसके अलावा, बस-ट्रकों के लिए सहायता तभी मिलेगी जब रेट्रोफिटिंग को ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया या इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से मान्यता प्राप्त हो। इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर विशेष छूट नई पॉलिसी के तहत, दो पहिया, तीन पहिया और 20 लाख रुपए तक की कार और छोटे व्यवसायिक वाहनों पर 100% टैक्स छूट दी जाएगी। यह छूट 27 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा, ई-बसों को भी दो साल तक मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में छूट मिलेगी, साथ ही परिवहन विभाग द्वारा परमिट में भी छूट प्रदान की जाएगी।   recent visitors 22

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए गए

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। गृह विभाग द्वारा 28 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं। यह नीति, नक्सल हिंसा में पीड़ित हुए व्यक्तियों एवं परिवारों जैसे कि मृत्यु, गंभीर घायल या स्थायी अपंगता के शिकार लोगों के साथ-साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और राहत के उद्देश्य से तैयार की गई है। जिला स्तर पर गठित की जाएगी पुनर्वास समिति अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक जिले में गठित होने वाली समिति में कलेक्टर अध्यक्ष होंगे, जबकि पुलिस अधीक्षक को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत के सीईओ, कलेक्टर द्वारा नामांकित दो अन्य अधिकारी तथा सशस्त्र बलों के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया जाएगा। नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त प्रत्येक जिले एवं सब-डिविजनल स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जिनका मोबाइल नंबर व ई-मेल पता राज्य शासन को प्रेषित किया जाएगा। यह अधिकारी समस्त पुनर्वास कार्यों की निगरानी करेंगे। गृह विभाग ने निर्देशित किया है कि राज्य गठन के उपरांत से अब तक के सभी पीड़ित प्रकरणों को चिन्हित किया जाए और आत्मसमर्पित नक्सलियों का चयन कर राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही प्राथमिकता पर की जाए। इस नीति के अंतर्गत एक विशेष पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक पीड़ित एवं आत्मसमर्पित व्यक्ति की जानकारी दर्ज की जाएगी और उन्हें एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। संबंधित अधिकारी इस पोर्टल के डैशबोर्ड का नियमित रूप से अवलोकन कर राहत एवं पुनर्वास के कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। गृह विभाग ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे इस नीति के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही को समय सीमा में प्रभावी रूप से पूरा करेंगे। recent visitors 36