केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बदनावर -उज्जैन फोरलेन का किया लोकार्पण, बोले-1 साल में MP के हाईवे अमेरिका से बेहतर करूंगा

बदनावर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश में 69.1 किमी लंबे उज्जैन-बदनावर फोरलेन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ रहे। बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा उज्जैन से बदनावर तक 1352 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम धार में एक फैक्ट्री के सामने नवीन सर्कल पर किया गया।लोकार्पण कार्यक्रम से प्रदेश के एकमात्र पीएम मेगा मित्र टेक्सटाइल पार्क निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।इससे क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। बदनावर में लोकार्पण के बाद केंद्रीय मंत्री गडकरी उज्जैन के लिए रवाना हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पर्यटन नगरी मांडू की ऐतिहासिक इमारतो को निहारने पहुंचे। प्राचीन इतिहास को जानकर काफी प्रभावित हुए साथ ही उन्होंने प्राचीन जल संरचनाओं को देखकर उनके बारे में बारीकी से जाना। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा केंद्रीय कि यह राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा साल भर मध्यप्रदेश का नेशनल हाईवे नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर होगा। गडकरी ने कार्यक्रम में कुल 5800 करोड़ रुपए की 328 किलोमीटर लंबी 10 सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीती रात अचानक जहाज महल में बने तवेली महल में रुकने का मन बनाया था। सुबह जल्दी 6:30 बजे उठकर वह यहां के प्राचीन महलों को देखने के लिए निकल पड़े। यहां गाइड विश्वनाथ तिवारी ने उन्हें प्राचीन इतिहास के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने यहां करीब डेढ़ घंटे तक प्राचीन इमारत को निहारा वह इतिहास को जाना। उन्होंने जहाज महल, चंपा बावड़ी, हिंडोला महल, हमाम आदि ऐतिहासिक महलों का भ्रमण किया। जहाज महल स्मारक समूह का भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने दैनिक दिनचर्या अनुसार जहाज महल के ऊपर सकोरों में पानी डाला और पक्षियों को दाने भी डालें। यहां से सड़क मार्ग से वह धरमपुरी के लिए रवाना हुए वहां भगवान जागीरदार महादेव का अभिषेक कर पुनः मांडू आए और फिर हेलीकॉप्टर से इंदौर के लिए रवाना हुए। उन्होंने जहाज महल में मांडू का लाइट एंड साउंड शो भी देखा और मांडू के इतिहास से रूबरू हुए। MP में हमने सड़कों का काला इतिहास खत्म किया: CM मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार से सड़कों का काला अतीत खत्म हो गया है। बदनावर-उज्जैन फोरलेन के निर्माण से गुजरात और अन्य राज्यों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। पहले बदनावर से उज्जैन जाने में ढाई घंटे लगते थे, अब यह सफर 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। यह उपलब्धि बीजेपी सरकार की देन है, जो राज्य के विकास को नई दिशा दे रही है। 1352 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण भविष्य में ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित रखने के लिए इस सड़क के हर लेन को 9 मीटर चौड़ा बनाया गया है। इससे भारी वाहनों की निकासी भी आसान होगी और अन्य संपर्क मार्गों की गति भी तेज होगी। इस फोरलेन सड़क का निर्माण 1352 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत तैयार इस हाईवे का मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम धार जिले के खेड़ा (बदनावर) गांव में आयोजित किया गया है। 69.1 किमी की दूरी अब केवल 45 मिनट में 69.1 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क से उज्जैन-बदनावर की दूरी घटकर 45 से 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा और समय की भी बचत होगी। सड़क पर पशुओं की आवाजाही और स्थानीय निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 130 बॉक्स कल्वर्ट और 31 अंडरपास बनाए गए हैं। इससे मार्ग की सुरक्षा और उपयोगिता दोनों बढ़ी हैं। हाल ही में मिली 1347 करोड़ की बायपास परियोजना ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 1347.6 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। भोपाल, सागर और विदिशा जैसे शहरों को भी राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की मंजूरी मिली है।सिंहस्थ 2028 के दौरान इस मार्ग का महत्व और बढ़ेगा। अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इंदौर होते हुए सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। भाजपा कर रही समाज की सेवा कांग्रेस अंग्रेजों के पद चिह्नों पर इसके पहले मुख्यमंत्री ने धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर के निवास पर आयोजित सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा देश की और समाज की सेवा करती है वह सिर्फ चुनाव के दौर में मैं ही सक्रिय नहीं रहती। कांग्रेस में राष्ट्रवाद का अभाव है। कांग्रेस आज भी अंग्रेजों के पद चिह्नों पर चल रही है। उन्होंने कहा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को पीएम नरेंद्र मोदी के बताएं मार्ग पर बढ़कर समाज की सेवा करने का संकल्प लेने का आवाहन किया। recent visitors 33

प्रधानमंत्री के आनंदपुर धाम दौरे से पहले सुरक्षा सख्त, 1930 से सक्रिय ट्रस्ट बना सामाजिक सरोकारों का केंद्र

भोपाल /अशोकनगर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जाएंगे।  मोदी वाराणसी में सवेरे 11 बजे 3,880 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को धार जिले के बदनावर से प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे  मोदी इसके बाद मध्य प्रदेश जाएंगे और लगभग 3:15 बजे, ईसागढ़ में गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री इसके अलावा, लगभग 4:15 बजे, आनंदपुर धाम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।  मोदी इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम प्रधानमंत्री वाराणसी में 3,880 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। श्री मोदी अवसंरचना के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप इस क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री इसके अलावा वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल, भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच -31 पर 980 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक राजमार्ग अंडरपास सड़क सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री विद्युत अवसंरचना को प्रोत्साहन देते हुए, वाराणसी मंडल के जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर जिलों के दो 400 केवी और एक 220 केवी पारेषण उपकेंद्र और संबंधित पारेषण लाइनों का उद्घाटन करेंगे। इनकी लागत 1,045 करोड़ रुपये से अधिक है। श्री मोदी वाराणसी के चौकाघाट में 220 केवी पारेषण उपकेंद्र, गाजीपुर में 132 केवी पारेषण उपकेंद्र और वाराणसी नगर विद्युत वितरण प्रणाली की आधारशिला भी रखेंगे। इनकी लागत लगभग 775 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री सुरक्षा कर्मियों के लिए सुविधाओं में सुधार के लिए पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल और पीएसी रामनगर परिसर में बैरकों का उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी पुलिस लाइन में विभिन्न पुलिस थानों में नए प्रशासनिक भवनों और एक आवासीय छात्रावास की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, पिंडरा में एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बड़की गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालयों और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित विभिन्न परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के नवीनीकरण और वाराणसी के चोलापुर में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री शहर में खेल अवसंरचना को प्रोत्साहन देने के लिए उदय प्रताप कॉलेज में फ्लडलाइट और दर्शक दीर्घा के साथ सिंथेटिक हॉकी टर्फ तथा शिवपुर में एक मिनी स्टेडियम की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री गंगा नदी में सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, 345 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जल जीवन मिशन के अंतर्गत 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला प्रतिष्ठानों का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री वाराणसी में कारीगरों के लिए एमएसएमई यूनिटी मॉल, मोहनसराय में ट्रांसपोर्ट नगर योजना के अवसंरचना विकास कार्यों, डब्ल्यूटीपी भेलूपुर में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र, 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक हॉल और विभिन्न पार्कों के सौंदर्यीकरण की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को पहली बार आयुष्मान वय वंदना कार्ड भी वितरित करेंगे। श्री मोदी तबला, पेंटिंग, ठंडाई, तिरंगा बर्फी सहित विभिन्न स्थानीय वस्तुओं और उत्पादों को भौगोलिक संकेत (जीआई) प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस भी हस्तांतरित करेंगे। 1930 में की गई थी धाम की स्थापना आनंदपुर धाम की स्थापना 1930 में की गई। इसके बाद 1954 में श्री आनंदपुर ट्रस्ट की स्थापना की गई। आनंदपुर धाम पिछले कुछ वर्षों में अपने सामाजिक और सार्वजनिक कल्याण कार्यों के लिए चर्चा में रहा है। यह सामाजिक कार्यों का केंद्र बन चुका है। ट्रस्ट कृषि, अस्पताल, स्कूल, प्रिंटिंग प्रेस और गौशाला का संचालन करने में सक्रिय है। ट्रस्ट की संपत्तियां ग्वालियर, इंदौर समेत कई प्रमुख शहरों में है, जो ट्रस्ट ने खरीदी है। आनंदपुर धाम से जुड़े श्रद्धालु पंजाबी और सिंधी समुदाय के अनेक लोग हैं, जो यहां के धार्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। नो फ्लाइंग जोन और रेड जोन घोषित प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर आनंदपुर धाम में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। अशोकनगर और अन्य जिलों से पुलिस बल के साथ एनएसजी और एसपीजी के जवान तैनात किए गए हैं। इंटेलिजेंस अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया है। जिला प्रशासन ने आनंदपुर धाम को नो फ्लाइंग जोन और रेड जोन घोषित किया है। आनंदपुर धाम के 10 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ानें और संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। आश्रम प्रबंधन ने 11 अप्रैल को केवल आधार कार्डधारकों को प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, जिनके पास ऑनलाइन पास होंगे, उन्हें भी एंट्री दी जाएगी। प्रधानमंत्री के मध्य प्रदेश में कार्यक्रम प्रधानमंत्री भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में ईसागढ़ तहसील के आनंदपुर धाम जाएंगे। श्री मोदी गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री आनंदपुर धाम स्थित मंदिर परिसर का भ्रमण भी करेंगे। आनंदपुर धाम की स्थापना आध्यात्मिक और परोपकारी उद्देश्यों के लिए की गई है। 315 हेक्टेयर में फैले इस क्षेत्र में 500 से अधिक गायों के साथ एक आधुनिक गौशाला है और श्री आनंदपुर ट्रस्ट परिसर के अंतर्गत कृषि गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ट्रस्ट सुखपुर गांव में चैरिटेबल अस्पताल, सुखपुर और आनंदपुर में स्कूल और देश भर में विभिन्न सत्संग केंद्रों का संचालन कर रहा है। PM मोदी आनंद सरोवर में पुष्प करेंगे अर्पित, लंगर भी चखेंगे प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री  मोदी श्री आनंदपुर धाम परिसर स्थित आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित करेंगे. मोदी को इस धाम में होने वाली भक्ति और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के साथ ही संचालित सेवा कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम परिसर … Read more

राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया और गेती चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। भूमि-पूजन कार्यक्रम राजभवन प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 पर आयोजित हुआ। राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत 66 लाख 32 हजार 900 रुपये है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री अवनीन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री राकेश निगम और एस.डी.ओ. एल. के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।   recent visitors 40

मुख्यमंत्री ने धरमपुरी में माँ नर्मदा के दर्शन कर भगवान शिव का अभिषेक और महर्षि दधिच की प्रतिमा का किया पूजन

माण्डू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को माण्डू में रात्रि विश्राम के बाद गुरूवार सुबह माण्डू के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक वैभव को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जहाज महल और हिंडोला महल का भ्रमण किया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें इन ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विगत रात्रि माण्डू में लाइट एंड साउंड शो के ज़रिए यहां के इतिहास को देखा। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक धरमपुरी कालूसिंह ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने देखा खुरासानी इमली का प्राचीन वृक्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माण्डू में खुरासानी कोठी परिसर में लगे खुरासानी इमली के प्राचीन वृक्ष को देखा। कलेक्टर धार प्रियंक मिश्र ने बताया कि माण्डू में खुरासानी के वृक्ष पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन हैं। खुरासानी कोठी परिसर के इस वृक्ष का तना 10.85 मीटर व्यास का है। खुरासानी इमली घना छायादार पेड़ होता है। यह पेड़ अपने भीतर सवा लाख लीटर पानी जमा करके रख सकता है। उल्लेखनीय है कि 14वीं शताब्दी में ये पेड़ लगाए गए थे। कई पेड़ यहां पांच-छ: सौ साल पुराने हैं। पर्यटक माण्डू आने की स्मृति के तौर पर माण्डू की इमली खरीदकर ले जाते हैं। कई आदिवासी परिवारों को इसे बेचने से आय हो रही है। मूलतः यह वृक्ष अफ्रीका, अरब और मेडागास्कर पर पाया जाता है। ये पेड़ अति विशाल हैं, इसकी उम्र हज़ारों साल होती हैं। मराठीभाषी क्षेत्रों में इसे गोरखचिंच (चिंच याने इमली) कहकर सन्त गोरखनाथ से इसका पवित्र सम्बन्ध जोड़ा जाता है। धरमपुरी में किया माँ नर्मदा का पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों के साथ धरमपुरी में नर्मदा दर्शन कर पूजन किया। धरमपुरी नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ नगर है। यहाँ नर्मदा नदी की दो धाराओं के बीच बेंट नामक एक टापू स्थित है, जहां बिल्वामृतेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर के निकट महर्षि दधिच की प्रतिमा का पूजन किया। पौराणिक मान्यता अनुसार यहां दधिच ऋषि की समाधि एवं तपस्या स्थली भी है। इसी स्थान पर इन्द्र स्वयं आये थे और दधिचि ऋषि से उन्होंने राक्षस के वध के लिये अस्थियां माँगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिल्वामृतेश्वर महादेव मंदिर बैंट के हर तरह के संरक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिये।   recent visitors 28

मुख्यमंत्री साय ने पदभार ग्रहण करने पर डॉ. रामप्रताप सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित बीओसी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से 44 हजार 940 श्रमिको को 15.37 करोड़ रूपये डी.बी.टी. के जरिये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री साय ने पदभार ग्रहण करने पर डॉ. रामप्रताप सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल श्रमिक हित में बेहतर कार्य करेगा। श्रम मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम में श्रमिकों को राशि अंतरण के मौके पर कहा कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव की सरकार में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों का लगातार योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनो के बेहतरी के लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिये लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित किये जा रहे है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन मंत्री केदार कश्यप खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल रमेश बैस (पूर्व राज्यपाल), विधायक धरमलाल कौशिक, श्रीमती रायमुनि भगत, पुरन्दर मिश्रा अनुज शर्मा श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, सचिव सह श्रमायुक्त, श्रीमती अलरमेलमंगई डी., छ.ग.भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव, गिरीश कुमार रामटेके, अपर श्रमायुक्त एस.एल.जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा सहित निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण के साथ-साथ श्रमिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।      छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के अंतर्गत डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की गई राशि में निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 30,585 श्रमिकों को 04 करोड़ 05 लाख 25 हजार रूपये, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1055 श्रमिकों को 02 करोड़ 11 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 3480 श्रमिकों को 52 लाख 19 हजार 500, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 32 श्रमिको को 32 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 102 श्रमिको के उत्तराधिकारी को 01 करोड़ 10 लाख, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 70 हितग्राहियों 12 लाख 60 हजार 595, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 2461 श्रमिकों के पुत्रियों को 4 करोड़ 92 लाख, 20 हजार, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 4237 हितग्राहियों को 87 लाख 25 हजार, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 1048 श्रमिको को 36 लाख 19 हजार 780, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 177 हितग्राहियों को 35 लाख 40 हजार, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 1687 श्रमिकों को 62 लाख 48 हजार 782, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 05 हितग्राहियो को 39 हजार 500 रूपये  एवं  निर्माण श्रमिको के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के 01 हितग्राही को 50 हजार रूपये शामिल है। recent visitors 31

तहव्वुर राणा का पाकिस्तान कनेक्शन?एनआईए आरोपी की कस्टडी की मांग करेगी

नई दिल्ली अमेरिका से प्रत्यर्पित किए गए 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को स्पेशल विमान के जरिए आज भारत लाया जा रहा है. वह गुरुवार दोपहर दिल्ली पहुंचेगा, जहां उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा. इसके बाद उसे राजधानी की तिहाड़ जेल में रखा जाएगा, जहां उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. इससे पहले राणा को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां एनआईए आरोपी की कस्टडी की मांग करेगी. बुलेटप्रूफ व्हीकल में NIA हेडक्वार्टर जाएगा तहव्वुर राणा 26/11 के आतंकी तहव्वुर राणा को बुलेट प्रूफ गाड़ी में पालम टेक्निकल एयरपोर्ट से एनआईए हेडक्वॉक्टर लाया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, बुलेट प्रूफ गाड़ी के साथ मार्क्समेन गाड़ी को भी स्टैंडबाय में रखा गया है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के कमांडोज इस गाड़ी के साथ भी स्टैंडबाय पर हैं. मार्कसमेन बेहद सुरक्षित गाड़ी होती है, जिसमें किसी तरह का हमला कारगर नही हो सकता. बड़े आतंकियों और गैंगस्टर्स को इसी गाड़ी से स्पेशल सेल कोर्ट और एजेंसी के दफ्तर लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल करती है. तहव्वुर राणा के खिलाफ क्या-क्या कानूनी कार्रवाई हुई? अक्टूबर 2009 में, तहव्वुर राणा और हेडली को अमेरिकी अधिकारियों ने डेनमार्क में जाइलैंड्स-पोस्टेन अखबार के आफिस पर हमला करने की कथित साजिश के लिए गिरफ्तार किया था, जिसने कार्टून पब्लिश किए थे. इस जांच से मुंबई हमलों में उसकी संलिप्तता का पता चला. जून 2011 में, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तीन सप्ताह की सुनवाई के बाद, राणा को लश्कर-ए-तैयबा को मदद करने और डेनिश अखबार के खिलाफ विफल साजिश में उसकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था. तहव्वुर राणा को अमेरिकी अदालत में मुंबई हमलों में प्रत्यक्ष भागीदारी के आरोपों से मुक्त कर दिया गया था, फिर भी उसे 17 जनवरी, 2013 को 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. सजा सुनाते समय जज ने साजिश को "कायरतापूर्ण" कहा था. इस बीच, हेडली ने 12 आतंकवाद के आरोपों में दोषी होने की दलील दी और उसे 35 साल की जेल की सजा सुनाई गई. अधिकारियों के साथ हेडली के सहयोग, जिसमें राणा के खिलाफ गवाही देना भी शामिल था – उसे मौत की सजा और प्रत्यर्पण से बचने में मदद की. राणा के खिलाफ सबूत पर्याप्त थे. मुकदमे के दौरान, रिकॉर्ड की गई बातचीत के टेप पेश किए गए, जिनमें सितंबर 2009 के टेप भी शामिल थे. अन्य बातचीत में, राणा ने हेडली से कहा था कि मुंबई हमलों में शामिल हमलावरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च मरणोपरांत सैन्य सम्मान मिलना चाहिए, जिससे आतंकवादियों की कार्रवाइयों के प्रति उसके समर्थन का पता चलता है. तहव्वुर राणा के भारत आगमन पर क्या तैयारियां की गई हैं? भारत ने तहव्वुर राणा को कानूनी सजा देने के लिए तमाम तैयारियां की हैं. भारत से एनआईए के इंसपेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी आशीष बत्रा के नेतृत्व में एक मल्टी-एजेंसी टीम तहव्वुर राणा को हिरासत में लेने के लिए अमेरिका गई थी. टीम में सब-इंसपेक्टर जनरल रैंक की अधिकारी जया रॉय और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ-साथ तीन खुफिया एजेंसी के अधिकारी शामिल हैं. वे रविवार को "आत्मसमर्पण वारंट" की पुष्टि प्राप्त करने के बाद अमेरिका के लिए रवाना हुए, जिसके तहत राणा को भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया.   भारत पहुंचने पर, तहव्वुर राणा को हिरासत के लिए नई दिल्ली में एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा. पूछताछ और जांच के शुरुआती कुछ हफ्तों तक उसके एनआईए की हिरासत में रहने की उम्मीद है. बाद में, मुंबई क्राइम ब्रांच मुंबई हमलों की आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत की मांग करेगी. नामित जेलों में हाई सिक्योरिटी की व्यवस्था की गई है, जिसमें राणा की गतिविधियों पर 24/7 निगरानी रखने के लिए इन-बिल्ट बाथरूम सुविधाओं के साथ सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं. NIA, RAW, SWAT Team और स्पेशल प्लेन… वो टीम जो तहव्वुर राणा को इंडिया ला रही है   2008 के मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को आज अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया जा रहा है. उसे स्पेशल प्लेन से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) और RAW की टीम भारत ला रही है. यह विमान किसी भी वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर सकता है. एनआई और RAW की संयुक्त टीम की तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण में अहम भूमिका है. सूत्रों का कहना है कि एनआईए की DIG जया रॉय ने मंगलवार को तहव्वुर राणा के सरेंडर वॉरंट पर साइन किए थे, जिसके बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी. राणा को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की टीम विशेष विमान से बुधवार सुबह लगभग 6.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान एनआईए टीम की अगुवाई सदानंद दाते कर रहे हैं. वह महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने जब मुंबई पर हमला किया था, तब सदानंद दाते मुंबई क्राइम ब्रांच में कार्यरत थे. भारत पहुंचते ही एनआईए की टीम आधिकारिक रूप से राणा को हिरासत में ले लेगी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को भी हाई अलर्ट कर दिया गया है. साथ ही SWAT कमांडोज को भी एयरपोर्ट पर तैनात किया गया है. इसके अलावा एयरपोर्ट के बाहरी क्षेत्र में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की सिक्योरिटी विंग और स्थानीय पुलिस मुस्तैद रहेगी. तहव्वुर राणा को सीधे एनआईए के दफ्तर लाया जाएगा. एनआईए दफ्तर और उसके आसपास हाई लेवल सिक्योरिटी है. राणा को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जा सकता है. कहा जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से उसे वर्चुअली ही एनआईए जज के समक्ष पेश किया जाएगा. पेशी से पहले उसका मेडिकल टेस्ट किया जाएगा. तहव्वुर राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल के हाई-सिक्योरिटी वॉर्ड में रखा जाएगा. जेल प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए हैं.  केंद्र सरकार ने इस मामले में एडवोकेट नरेंद्र मान को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है. उन्हें तीन साल की अवधि के लिए या फिर केस का ट्रायल पूरा होने तक यह जिम्मेदारी दी गई है. मान पहले भी कई मामलों में सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. उसने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी … Read more

स्व-सहायता समूहों से महिलाओं का हो रहा हैं आर्थिक सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्व-सहायता समूह से बहनों के जीवन में नए सूर्य का हुआ उदय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की पहल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की है प्रमुख भूमिका स्व-सहायता समूहों से महिलाओं का हो रहा हैं आर्थिक सशक्तिकरण मुख्यमंत्री कुक्षी में स्व-सहायता समूह सम्मेलन सह-पोषण पखवाड़े कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूह महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है बल्कि महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध भी हो रही है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की पहल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की प्रमुख भूमिका है। सशक्त नारी ही समृद्ध प्रदेश का आधार हैl मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को धार जिले के कुक्षी में आयोजित स्व-सहायता समूह सम्मेलन सह-पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों को निकाय चुनाव में 50% आरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही 2029 तक लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33% आरक्षण के प्रयास भी किये जा रहे हैं। जमीन या मकान की रजिस्ट्री महिला के नाम पर करने पर पंजीयन शुल्क में छूट दी जा रही है। लाड़ली बहना योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर अपना सामर्थ्य दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर की महिलाएं सशक्त हो रही हैं। आज जनजातीय वर्ग की महिला देश की राष्ट्रपति हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हजारों सालों से देवियों की पूजा होती रही है। नवरात्रि में 9 दिन देवी की आराधना की जाती है। दुनिया में भारत ही एकमात्र देश है, जो राष्ट्र को माता मानता है। राज्य सरकार हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए डालकर रक्षाबंधन मना रही है। सभी पात्र लाड़ली बहनों को 1250 रुपए की राशि मिलती रहेगी। अगर बहनों के हाथों में पैसे आएंगे तो परिवार में कुछ बचत होगी। सरकार बहन-बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह परिवार और समाज को सशक्त बनाने का एक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। प्रदेश के हर घर को गोकुल बनाएंगे। राज्य सरकार द्वारा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से नई गौपालन योजना बनाई गई है। भविष्य में गौशालाओं के माध्यम से प्रदेश की बहनों के जीवन में भी बड़ा बदलाव आ सकता है। राज्य सरकार उन्हें नए व्यवसाय से जोड़ने के कार्य कर रही है। अब स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गौशालाओं से जोड़ेगे और समूह की महिलाएं दूध से बने उत्पाद जैसे- मिठाई, रबड़ी, कलाकंद तैयार करेंगी। बहन-बेटियों की मिठाई की दुकान खुलेगी, उनकी आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिये प्रतिबद्ध हमारी सरकार ने कपड़ा कारखानों में काम करने वाली बहनों को 5000 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में अलग से देगी। कंपनी मालिक भी 8000 रुपए मेहनताना देंगे। इस प्रकार उनकी मासिक आय 14 हजार 250 रुपए सुनिश्चित हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए 24 घंटे काम कर रही है। राज्य सरकार ने 1 लाख शासकीय पदों पर भर्ती का अभियान शुरू किया है। आने वाले कुछ दिनों में प्रमोशन के लिए स्वीकृति देकर राज्य सरकार 4 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सौगात देगी। सरकार अगले 5 साल में ढाई लाख नौकरी के अवसर प्रदान करेगी। गरीब हो या अमीर, सरकार का काम सभी की भलाई के लिए काम करना है। मध्यप्रदेश के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाई के लिए किताब-कॉपियां दी जा रही हैं। मेधावी विद्यार्थियों के लिए साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप प्रदान करने की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमारी सरकार में हर बेरोजगार के हाथ में रोजगार होगा। राज्य सरकार गरीब, किसान, युवा और महिला कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश को देश में नंबर-1 राज्य बनाकर छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार के बदनावर में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को धार को देवास से जोड़ने वाली 4 लेन का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की नई सौगातें मिलेंगी। 30 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण की सौगात भी मिलेगी। शुक्रवार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर धाम आ रहे हैं। इसके बाद रविवार 13 अप्रैल को केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह सहकारी सम्मेलन में भोपाल आएंगे। सहकारिता कार्यों को गति प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ अनुबंध करेंगे। मुख्यमंत्री ने किया पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा पोषण पखवाड़े में श्रीअन्न से निर्मित खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने व्यंजनों की प्रशंसा की। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने साझा किये अपने अनुभव समारोह में ग्राम पिपलिया सरपंच श्रीमती अनीता लोकेश पांचाल ने मंच से जल गंगा संवर्धन अभियान में किए गए बावड़ी जीर्णोद्धार कार्य के अनुभव साझा कर बताया कि पहले बावड़ी बहुत गंदी थी। जनसहयोग एवं जन भागीदारी से बावड़ी का पानी पीने योग्य हो गया है। भविष्य में पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में भी विकसित किया जाएगा। ग्राम झड़दा निवासी सुखली बाई ने स्व-सहायता समूह के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्व में उनके घर की स्थिति खराब थी लेकिन सांई स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद ऋण प्राप्त किया। उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया और स्वयं का भी एक छोटा व्यवसाय शुरू किया। अब वह लेखा जोखा करना भी सीख गई हैं। बच्चे भी शिक्षित होकर बड़े पदों पर कार्यरत है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने बताया कि बाल्यावस्था में बच्चों को भरपूर पोषण मिले तो वह सशक्त बनेंगे और राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने में समर्थ होंगे। हमारा दायित्व है कि हम भारत के भविष्य को पोषण … Read more