बुंदेलखंड : महान कलाकार पद्मश्री रामसहाय पांडे का निधन, राई नृत्य को दुनियाभर में दिलाई पहचान

सागर  बुंदेलखंड के प्रसिद्ध राई नर्तक रामसहाय पांडे का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने राई नृत्य को 24 देशों में पहचान दिलाई। उनका निधन सागर के एक निजी अस्पताल में हुआ। वे लंबे समय से बीमार थे। उनके निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है। रामसहाय पांडे ने 12 साल की उम्र से ही राई नृत्य करना शुरू कर दिया था। उन्होंने इस नृत्य को दुनिया भर में पहचान दिलाई। 98 साल की उम्र में ली अंतिम सांस राई लोकनृत्य की साधना को लेकर मशहूर पं.रामसहाय पांडे ने 98 साल की उम्र में मंगलवार तड़के सागर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. पहले उनका इलाज भोपाल में चल रहा था. रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सागर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. उनके बीमार होने की खबर मिलते ही शहर और बुंदेलखंड के कई लोग हाल चाल जानने पहुंचे थे और उनकी लंबी आयु की कामना की. दुनियाभर में मशहूर किया राई नृत्य रामसहाय पांडे ने राई नृत्य को पूरी दुनिया में फेमस किया। उन्होंने 24 देशों में अपनी कला का प्रदर्शन किया। भारत सरकार ने उन्हें 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति है। 12 साल की उम्र से किया राई नृत्य रामसहाय पांडे ने 12 साल की छोटी उम्र से ही राई नृत्य करना शुरू कर दिया था। बुंदेलखंड को पिछड़ा इलाका माना जाता था। इसलिए शुरुआत में इस नृत्य को ज्यादा पहचान नहीं मिली लेकिन रामसहाय पांडे ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मेहनत से राई नृत्य को पूरी दुनिया में पहुंचाया। कौन हैं रामसहाय पांडे उनका जन्म 11 मार्च 1933 को सागर जिले के मड़धार पठा गांव में हुआ था। बाद में वे कनेरादेव गांव में बस गए। यहीं से उन्होंने राई नृत्य की शुरुआत की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, 'बुंदेलखंड के गौरव, लोकनृत्य राई को वैश्विक पहचान दिलाने वाले लोक कलाकार पद्मश्री श्री रामसहाय पांडे जी का निधन मध्यप्रदेश और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। लोक कला एवं संस्कृति को समर्पित आपका सम्पूर्ण जीवन हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति दें।' बचपन से ही लोकृनत्य राई की साधना में लीन रामसहाय पांडे का जन्म 11 मार्च 1933 को सागर के मडधार पठा में हुआ था. गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्मे रामसहाय पांडे बचपन से ही राई नृत्य की सतत साधना में जुट गए. 11 साल की उम्र में राई नृत्य में मृदंग बजाने लगे थे. हालांकि उस समय बुंदेलखंड में राई नृत्य को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता था. ऐसे में उन्हें सामाजिक बहिष्कार भी झेलना पड़ा. इसके बाद वह अपना गांव छोड़कर सागर के कनेरादेव में बस गए और जीवनभर राई नृत्य की साधना में जुटे रहे. देश के साथ ही विदेश में बजाया राई का डंका सामाजिक बहिष्कार और अपमान के बाद भी पं. रामसहाय पांडे ने अपनी साधना जारी रखी और राई नृत्य की मंचीय प्रस्तुति में एक अलग पहचान बनायी. उन्होंने देश के तमाम प्रदेशों में राई नृत्य का प्रदर्शन किया. यहां तक कि वह दुबई, जापान,जर्मनी, हंगरी और स्विटजरलैंड जैसे देशों में राई की प्रस्तुति दे चुके थे. पद्मश्री मिलने के बाद उनकी प्रतिष्ठा काफी बढ़ गई थी. कमर में मृदंग बांधकर जब नाचते थे रामसहाय पांडे कद में छोटे थे, लेकिन राई नृत्य में उनका कोई मुकाबला नहीं था। जब वे कमर में मृदंग बांधकर नाचते थे, तो लोग हैरान रह जाते थे। उन्होंने जापान, हंगरी, फ्रांस, मॉरिसस जैसे कई बड़े देशों में राई नृत्य का प्रदर्शन किया। रामसहाय पांडे ब्राह्मण परिवार से थे। उनके परिवार में राई नृत्य को अच्छा नहीं माना जाता था। क्योंकि इसमें महिलाओं के साथ नाचना होता है। जब रामसहाय पांडे ने राई नृत्य किया, तो उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया था। लेकिन जब उन्होंने इस लोकनृत्य को गांव से निकालकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया, तो सभी ने उन्हें अपना लिया। सरकार ने भी उनकी कला को सराहा और उन्हें मध्य प्रदेश लोककला विभाग में जगह दी। 6 साल की उम्र में हुआ पिता का निधन रामसहाय पांडे जब 6 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां अपने बच्चों को लेकर कनेरादेव गांव आ गईं। 6 साल बाद उनकी मां भी चल बसीं। उनका बचपन बहुत मुश्किलों में बीता था। क्या होता है राई नृत्य राई नृत्य बुंदेलखंड का सबसे प्रसिद्ध नृत्य है। यह साल भर हर बड़े आयोजन में होता है। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों नाचते हैं। राई नृत्य करने वाली महिलाओं को बेड़नियां और पुरुषों को मृदंगधारी कहते हैं। महिलाएं पैरों में घुंघरू बांधकर और सज-धज कर मृदंग की थाप पर नाचती हैं। इस दौरान पुरुष और महिलाएं देशी स्वांग भी गाते हैं। बुंदेलखंड में शादी और बच्चों के जन्म पर राई नृत्य सबसे ज्यादा होता है। recent visitors 41

निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई

मुंबई सोमवार को तगड़ी गिरावट के बाद आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी आई है. BSE SENSEX 1700 से ज्‍यादा अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है, जबकि न‍िफ्टी में 500 अंकों की तेजी देखी जा रही है. 1:30 pm तक सेंसेक्‍स 74,800 और निफ्टी 22,650 पर थे. बाजार में यह तेजी आरबीआई के MPC बैठक के फैसले से पहले आई है. उम्‍मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. बाजार में तेजी के साथ ही बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी उछाल आया है और यह 4.61 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 393.86 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. इंडिया फीयर गेज (India VIX) 10.2% गिरकर 20.47 पर पहुंच चुका है. क्‍यों आई मार्केट में तूफानी तेजी?     अमेरिका और एशियाई बाजारों में भारी उछाल के कारण आज इंडियन मार्केट में भी तेजी देखी जा रही है. खासकर आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है. वहीं जापान का निक्केई 5.6 फीसदी चढ़ चुका है.     RBI की एमपीसी की बैठक के फैसले 9 अप्रैल को आने वाले हैं ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में 25 प्रतिशत की कमी आ सकती है. जिसे लेकर बाजार साकारात्‍मक बना हुआ है.     सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने जमकर खरीदारी की है, जिस कारण निफ्टी और सेंसेक्‍स में तेजी देखी जा रही है. बड़े निवेशक भी इस डिप पर अच्‍छे स्‍टॉक को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं.     क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट आई है. यह 65 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका है. जो अगस्‍त 2021 का निचला स्‍तर है. ट्रंप के टैरिफ की वजह से बड़ी गिरावट आई है. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सभी शेयर ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्‍यादा तेजी Zomato और Titan के शेयरों में 4 फीसदी से ज्‍यादा की आई है. वहीं SBI,LT और एशियन पेंट्स के शेयरों में 3 फीसदी की तेजी आई है. आज के टॉप गेनर फाइव स्‍टार बिजनेस के शेयर में 7 फीसदी की तेजी आई है. पीजी इलेक्‍ट्रोपास्‍ट के शेयर में 6.36 फीसदी, Kaynes Technology के शेयर में 5 फीसदी, पॉलिसी बाजार के शेयर में 6 फीसदी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में 6 फीसदी और बाइकॉन के शेयर में 5 फीसदी की तेजी आई है. recent visitors 43

मध्य प्रदेश में एक रुपए में 25 एकड़ जमीन निजी मेडिकल कालेज को मिलेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में 11 बजे अहम कैबिनेट सम्पन्न हुई। बैठक में गायों के आहार के लिए 20 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति गाय अनुदान देने का प्रस्ताव समेत एक दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। मोहन सरकार ने फैसला किया है कि आने वाले 5 वर्षों में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक किया जाएगा। चना और मसूर की फसलों की सरकारी खरीदी भी शुरू हो गई है।कैबिनेट ने यह भी तय किया कि 12 से 14 अप्रैल तक दिल्ली के लाल किले पर विक्रम महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें मध्य प्रदेश के सभी मंत्री शामिल होंगे। सम्राट विक्रमादित्य की उपलब्धियों को नाटक और एक्सपो के माध्यम से पेश किया जाएगा। एक रुपए में 25 एकड़ जमीन निजी मेडिकल काॅलेज को देंगे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट बैठक में तय हुआ है कि एक रुपए में 25 एकड़ सरकारी जमीन निजी मेडिकल कालेज को उपलब्ध कराएंगे। अब तक निजी मेडिकल कालेज के लिए निवेशक को खुद जमीन अरेंज करनी पड़ती है। इसके लिए टेंडर डाक्यूमेंट नियम में संशोधन किया गया था। इससे पीपीपी मोड पर मेडिकल काॅलेज तेजी से खोले जाएंगे। निजी मेडिकल काॅलेज को डेवलपर से संबद्ध करेंगे डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट ने जिला अस्पतालों को प्राइवेट डेवलपर को ट्रांसफर करने का पुरानी सरकार का फैसला पलट दिया है। पहले इसमें डेवलपर को अस्पताल सौंपने का प्रावधान किया गया था। अब जिला अस्पताल यथावत रहेंगे। इस पर सरकार का नियंत्रण रहेगा। शुक्ल ने कहा कि अब निजी मेडिकल काॅलेज को डेवलपर से संबद्ध किया जाएगा, इसके लिए एक कमेटी बनेगी, जिसमें जिला अस्पताल का भी हस्तक्षेप होगा। ऐसे में अस्पताल पर सरकार का सीधा नियंत्रण रहेगा और जिला अस्पताल अपग्रेड होगा। जिला अस्पताल में 75 प्रतिशत नि:शुल्क सुविधा आयुष्मान कार्डधारकों को मिलेगी। आम आदमी के लिए जिला अस्पताल आसानी से उपलब्ध रहेगा। पशु आहार अनुदान बढ़ाया डिप्टी सीएम ने बताया कि आज की कैबिनेट गौमाता पर समर्पित रही है। पशुपालन विभाग के माध्यम से गौशालाओं के निर्माण के साथ आहार अनुदान 40 रुपए करने का फैसला किया गया है। पहले यह 20 रुपए था। गौवंश विहार के लिए पीपीपी मोड पर निवेशकर्ताओं को बुलाने के लिए पालिसी को मंजूरी दी है। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि पांच हजार गौवंश रखने के लिए पीपीपी मॉडल तैयार कर रहे हैं, जिसके लिए बिडिंग होगी। इसमें निवेशक सीएनजी, सोलर और अन्य उत्पादन कर सकेगा। 25 गाय या भैंस रखने वालों को अनुदान देंगे मंत्री ने बताया कि निवेशक से पूछेंगे कि वह कितने दिन तक योजना का लाभ लेंगे। इससे निराश्रित गौवंश को पालने में मदद मिलेगी। इसी साल इस पर काम शुरू करेंगे। इसके लिए बिडिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कैबिनेट ने विभाग की आठ योजनाओं को चलाए रखने के साथ यह तय किया है कि 25 गाय या भैंस रखने वालों को अनुदान दिया जाएगा। एक व्यक्ति 200 गाय या भैंस का पालन कर दुग्ध उत्पादन कर सकेगा। ऐसी भी सुविधा देने का फैसला कैबिनेट ने लिया है। ग्वालियर-सागर बायपास के लिए राशि मिली मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार की ओर से प्रदेश को 4 हजार करोड़ से अधिक की सौगातें मिली हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के अंतर्गत चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत 1426 करोड़ की लागत से बनने वाला 28.5 किलोमीटर लंबा ग्वालियर पश्चिमी बाईपास और 688 करोड़ की लागत से बनने वाला सागर बाईपास शामिल है। एग्रोविजन के अंतर्गत मंदसौर, दमोह , मुरैना, नरसिंहपुर में इस वर्ष के प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। 12,13,14 अप्रैल को दिल्ली स्थित लाल किले में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति होगी। 21 अप्रैल तक होगा चने का उपार्जन मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिले। इसलिए चना, मसूर, सरसों, तुअर का उपार्जन प्रारंभ किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 5200 प्रति क्विंटल की दर पर 7.28 लाख मैट्रिक टन चने का उपार्जन 21 अप्रैल तक किया जाना है। चना उपार्जन का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब तक 2.6 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है और 7871 मैट्रिक टन चने का उपार्जन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं बोनस मिलाकर 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं उपार्जित किया जा रहा है। अब तक 31.36 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है, और 2 लाख 49000 किसानों को 4 हजार 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने मसूर, सरसों, तुअर उपार्जन के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी। कैबिनेट में इन फैसलों को भी मिली मंजूरी     पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना से 60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसके लिए 2932 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।     मंदसौर जिले के मल्हार गढ़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई है।     लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजनाओं के परीक्षण को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।     शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर सरकार का फोकस है। एजुसेट इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू करने का फैसला हुआ है।     बिजली कंपनियों में कैश फ्लो बना रहे, इसके लिए सरकार गारंटी देती है। वर्ष 2024-25 से 2028-29 हर साल 12466 करोड़ रुपए की नकद साख सुविधा की स्वीकृति दिए जाने पर फैसला हुआ है। इस पर 0.5 प्रतिशत ब्याज पर गारंटी दी जाएगी। 13 अप्रैल को अशोकनगर आएंगे प्रधानमंत्री कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल को अशोकनगर जिले में स्थित श्री आनंदपुर ट्रस्ट आश्रम आ रहे हैं। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को भोपाल में रहेंगे। शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य शासन एवं दुग्ध संघों के बीच अनुबंध हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में होगा। पीएम मोदी-अमित शाह आएंगे मध्य प्रदेश     सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक से पहले अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को अशोक नगर जिले में स्थित आनंदपुर ट्रस्ट आश्रम आएंगे।     केंद्रीय गृह तथा सहकारिता मंत्री अमित शाह … Read more

मुद्रा योजना के10 साल, लाभार्थियों में 68% महिलाएं, मोदी बोले- योजना ने लोगों के सपनों को हकीकत बनाया

नई दिल्ली मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुद्रा योजना के लाभार्थियों से बातचीत की. इस दौरान कुछ ऐसे मौके भी आए, जब पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में लोगों से बात की. प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि यह योजना मोदी के लिए नहीं है. यह जरूरतमंदों के लिए है. भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है. लाभार्थियों की यात्रा प्रेरणा देने वाली है. मुद्रा योजना देश के नौजवानों के लिए है. नौजवानों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए है. इस दौरान पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे. इस पर सभी ठहाका लगाकर हंसने लगे.. 'मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला' पीएम मोदी ने लिखा, 'आज, जब हम मुद्रा योजना के 10 साल पूरे कर रहे हैं, मैं उन सभी को बधाई देना चाहता हूं, जिनके जीवन में इस योजना की बदौलत बदलाव आया है। इस दशक में मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला है। ऐसे लोगों को सशक्त बनाया है, जिन्हें पहले वित्तीय सहायता से वंचित रखा गया था। यह दर्शाता है कि भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है!' पीएम ने आगे कहा, भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है, 33 लाख करोड़ देश के लोगों को बिना गारंटी दिए गए, इससे जीवन बदला है, सबसे ज्यादा महिलाएं आगे आई हैं। क लाभार्थी ने बताया कि मुद्रा लोन से अपना बिजनेस सेट-अप करके घर भी खरीदा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले उनका सालाना टर्नओवर 12 लाख था, वो अब 50 लाख हो चुका है। उन्होंने पीएम मोदी को इसके लिए थैंक्यू कहा। एक ने कहा मुद्रा योजना से पहले वो 20 हजार रुपए महीना कमाता था, आज उसकी इनकम दोगुनी हो गई है। पहली बार फ्लाइट में बैठी महिला एक लाभार्थी ने बताया कि वह बहुत गरीबी में थीं। उन्होंने बताया कि वह पहली बार दिल्ली आईं और पहली बार ही फ्लाइट में बैठीं। उन्होंने बताया कि उन्हें लोन कैसे मिला। उन्होंने बताया कि वे एक महीने का 60 हजार रुपये इनकम कर रही हैं। पीएम मोदी ने लाभार्थी की सराहना की और उन्हें बधाई दी। नहीं आएंगे इनकम टैक्स वाले इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि आपकी आय कितनी है? पीएम मोदी के इस सवाल से लाभार्थी झिझक गया। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। पीएम मोदी का इस तरह तंज कसने पर सभी लाभार्थी हंस पड़े।  ये योजना मोदी की तारीफ के लिए नहीं, लाभार्थियों से बोले पीएम लाभार्थियों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी की तारीफी के लिए नहीं है। यह योजना मेरे देश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का साहस देने के लिए है। पीएम मोदी से बात करते हुए मध्य प्रदेश के भोपाल के लाभार्थी लवकुश मेहरा ने कहा, 'पहले मैं किसी के यहां काम करता था, नौकर था, लेकिन आपने मुद्रा लोन के ज़रिए हमारी गारंटी ली और आज हम मालिक बन गए हैं।' 50 लाख से ज्यादा का हुआ टर्नओवर इसके साथ ही लवकुश ने कहा, 'मैंने 2021 में अपना व्यवसाय शुरू किया और मैंने बैंक से संपर्क किया, उन्होंने मुझे 5 लाख रुपये की लोन लिमिट दी। मुझे डर था कि मैं पहली बार इतना बड़ा लोन ले रहा हूं। मैं इसे चुका पाऊंगा या नहीं। आज मेरा मुद्रा लोन 5 लाख रुपये से बढ़कर 9.5 लाख रुपये हो गया है। मेरा पहले साल का टर्नओवर 12 लाख रुपये था, जो अब 50 लाख रुपये से ज्यादा हो गया है।' क्या है मुद्रा योजना? मालूम हो कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम मोदी की प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य वित्तपोषित सूक्ष्म उद्यमों और छोटे व्यवसायों को वित्तपोषित करना है। पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है। इस योजना में 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एमनागराजू ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने उन लोगों के लिए यह व्यवसाय योजना शुरू की है जो बिना किसी गारंटी के ऋण चाहते हैं। हमने पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है और कुल 33 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया है। इनमें से 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी हैं, और 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े समुदायों से हैं। लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।' 'देश के नौजवानों के लिए है योजना' पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी के लिए नहीं है, बल्कि देश के नौजवानों के लिए है।  पीएम मोदी ने कहा- हमारे देश में बहुत कम लोग हैं, जिन्हें पता है साइलेंटली कैसे रिवॉल्योशन हो रहा है। 'सालाना टर्नओवर 12 से 50 लाख पहुंचा' पीएम मोदी को लोगों ने अपने अनुभव बताया, एक ने कहा मुद्रा लोन के बाद हमने पेट को लेकर सुविधा शुरू की। अब मुझे इसे बहुत फायदा हो रहा है। पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। बता दें कि मुद्रा योजना की शुरुआत आठ अप्रैल 2015 को हुई थी. इससे हर साल मुद्रा योजना 5.14 करोड़ रोजगार का सृजन हुआ है. इस योजना के तहत सरकार ने दस साल में 53 लाख करोड़ का लोन दिया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर मैंने देशभर से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था. लाभार्थियों ने हमें बताया कि किस तरह यह योजना उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है. recent visitors 38

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोंडवाना सामाजिक भवन के जीर्णाेद्धार, बाउंड्री वॉल के लिए 80.48 लाख रूपए की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर के ग्राम भिरावाही में गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित मरका पंडुम (चैतरई महापर्व) के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गोंडवाना समाज के आराध्य बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा-अर्चना कर तेंदू, चार, चिरौंजी, महुआ और आम फल अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की। मुख्यमंत्री साय ने भिरावाही के गोंडवाना भवन परिसर में आयोजित मरका पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का समृद्धशाली इतिहास रहा है। मरका पण्डुम पर्व में नए फलों, फसलों का अर्पण अराध्य देवी-देवताओं को किए जाने की परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री साय ने समाज को शिक्षित होने पर जोर देते हुए बच्चों को पढ़ाने के लिए सबको आगे आने तथा जागरूक होने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति का तेजी से विकास हुआ है, वहीं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी जैसी उच्च संस्थाएं स्थापित हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर से नक्सलवाद जड़ से खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि अब नियद नेल्लानार योजना के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अधिक से अधिक ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर 80 लाख 48 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिसमें गोंडवाना समाज के भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 45 लाख रुपए, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 23 लाख 47 हजार रूपए और देवगुड़ी के सांदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों के लिए 12 लाख 01 हजार रूपए की स्वीकृति शामिल है। समापन समारोह को कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हितचिंतक मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे, यह गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को विस्मृत नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी जड़ और वास्तविक पहचान है। इस दौरान बस्तर गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने सामाजिक गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। recent visitors 33

महापौरों ने शहर के विकास के लिए मुख्यमंत्री से रखी अपनी-अपनी बात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास समिति बनाई जाएगी। अपने शहर के विकास के लिए डॉक्टर, इंजीनियर, सिटी प्लानर, प्रोफेसर, लेक्चरर, टीचर सब मिलकर काम करेंगे। हमने इसी बजट में शहरों में विकास समिति बनाने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के महापौरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महापौर शहर के प्रथम नागरिक हैं। नगर और नागरिकों के विकास के लिए पूरी क्षमता, समर्पण और सेवा भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि हमारे शहर विकास के मामले में अव्वल रहें, इसके लिए नगर विकास के रोडमेप पर लगातार चर्चा की जाएगी। म.प्र. महापौर संघ के अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव (महापौर इंदौर) के नेतृत्व में प्रदेश के 12 शहरों के महापौर ने सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। महापौरों ने शहर के विकास के लिए अपनी-अपनी बात रखी। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, सागर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, रीवा महापौर अजय मिश्रा, खंडवा महापौर सुअमृता यादव, रतलाम महापौर प्रह्लाद पटेल, देवास महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, छिंदवाड़ा महापौर विक्रम आहाके, कटनी महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, बुरहानपुर महापौर सुमाधुरी पटेल और सिंगरौली महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने प्रदेश के पवित्र शहरों में शराबबंदी लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ देकर एवं अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया। जल गंगा जल संवर्धन अभियान के कामों को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जल बचाना बेहद जरूरी है। इसलिए सभी महापौर अपने निगम क्षेत्रों में इस अभियान के तहत प्राथमिकता से जल संरक्षण के काम कराएं और जन सहभागिता से इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए प्रयास जारी हैं। नगर निगम अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव दें। बच्चों, अकांक्षी युवाओं को कैरियर डेवलपमेंट कैंप या व्यक्तित्व सुधार शिविर आदि लगाएं। अपने जन बल (समर्थन) का उपयोग शहर के विकास में करें। नगर सरकार की अवधारणा को मजबूत बनाने के लिए काम करें। निगम मित्तव्यता बरतें, अपने खर्च कम करें और विकास के कामों के लिए राजस्व जुटाएं। हर साल नए नए काम करें और आय अर्जन के स्रोत सृजित करके आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महापौर संघ के अध्यक्ष ने मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में महापौरों के लिए प्रोटोकॉल बनाए जाने, इनके वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाने, नगर निगमों में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी की पूर्ति किए जाने और महापौरों को एक-एक सुरक्षाकर्मी भी दिए जाने की मांग की गई है।   recent visitors 36

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों को एक और बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में आज 26 हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो राज्य की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों के जवानों को सहृदय बधाई देते हुए कहा कि नक्सलवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को निरंतर सफलता मिल रही है। इस उपलब्धि में नियद नेल्ला नार योजना और लोन वर्राटू अभियान की अहम भूमिका रही, जो आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा लाल आतंक प्रभावित गांवों को नक्सलमुक्त घोषित होने पर ₹1 करोड़ की विशेष सहायता राशि की घोषणा के सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  एवं गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि हम निश्चित रूप से तय समयसीमा के भीतर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महज कोई अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सुरक्षा और समृद्धि का मिशन है। recent visitors 27