स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यों के क्रियान्वयन की मॉनीटरिंग – परिणामों की समीक्षा के लिये डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया गया

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग में अकादमिक एवं प्रशासनिक कार्यों के क्रियान्वयन की मॉनीटरिंग तथा परिणामों की समीक्षा के लिये डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया गया है। इस प्लेटफार्म पर विभिन्न स्तरों पर जानकारी की त्वरित उपलब्धता तथा उनके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की व्यवस्था की गयी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष एक अप्रैल, 2025 को एजुकेशन पोर्टल-3.0 शुरू किया है। विद्यार्थी प्रवेश प्रणाली प्रदेश में एक अप्रैल से नवीन अकादमिक सत्र में सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश की कार्यवाही एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर की जा रही है। इसके लिये स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। पोर्टल पर कक्षा-1 में संभावित पात्र विद्यार्थियों की सूची संबंधित शाला को उनके ग्राम और बसाहट के अनुसार प्रदर्शित की गई है। इस सुविधा से पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश कराने में सुलभता होगी। शाला प्रभारी द्वारा सूची के अनुसार पालकों से सम्पर्क कर विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाया जायेगा। इस वर्ष नवीन पोर्टल पर सभी शालाओं एवं उनमें पदस्थ शिक्षकों को लॉग इन आईडी दी गई है। शाला प्रवेश के समय दस्तावेज के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश से वंचित नहीं रखा जायेगा। कक्षोन्नति पूर्व से शालाओं में दर्ज विद्यार्थियों की अगली कक्षा में प्रवेश के लिये विगत वर्ष 2024-25 में कक्षा-1 से 8 तक की शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की जानकारी प्रदर्शित की गई है। शिक्षक द्वारा परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की जानकारी पोर्टल पर संबंधित शिक्षक या स्कूल की आईडी से चिन्हित की जायेगी। कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के समक्ष पास अथवा फेल की प्रविष्टि करते हुए प्रतिशत अंकित करने पर विद्यार्थी अगली कक्षा में पोर्टल पर स्वत: ही प्रवेशित हो जायेंगे। प्रदेश की ऐसी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में जहाँ अगली कक्षा क्रमश: 6 और 9 उपलब्ध नहीं हैं, ऐसी स्थिति में कक्षा-5, 8 एवं कक्षा-10वीं के विद्यार्थियों को पूर्व की शाला के प्रधानाध्यापक, प्राचार्य विद्यार्थियों एवं पालकों से चर्चा कर समीप शाला में कक्षा-6, 9 एवं कक्षा 11 में ऑनलाइन प्रवेशित करायेंगे। संबंधित शाला जहाँ प्रवेश होना है, ऐसे विद्यार्थियों की सूची को समीपस्थ विद्यालय के शिक्षकों-शालाओं के लॉगइन में होगी। वरिष्ठ शाला के प्राचार्य भी विद्यार्थी पर क्लिक कर उसे अपनी संस्था में अपने स्तर से भी दर्ज कर सकेंगे। शासकीय शालाओं के अलावा अन्य सभी प्रबंधन की शालाएँ, जिनमें प्रायवेट स्कूल, मदरसा, केन्द्रीय विद्यालय और नवोदय आदि को उनकी शाला के यूडीआईएसई कोर्ट के माध्यम से लॉग इन कर संबंधित शाला के प्राचार्य द्वारा शाला के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश, पोर्टल पर किया जायेगा। शैक्षणिक वर्ष के 2 माह के भीतर ड्रॉप-आउट की पहचान करना, जिनमें ऐसे छात्र, जिनकी पदोन्नति या प्रवेश की सूचना अगले शैक्षणिक वर्ष में नहीं दी गयी है, उनकी पहचान कर उनका प्रवेश कराने की व्यवस्था की जायेगी। एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर सभी शासकीय और प्रायवेट स्कूलों के लिये सुविधाएँ उपलब्ध करायी जा रही हैं। इसमें सभी बोर्ड जैसे एमपी बोर्ड, सीबीएसई, मदरसा बोर्ड और संस्कृत बोर्ड के अंतर्गत संचालित शालाएँ, केन्द्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय भी पंजीकृत हैं।   recent visitors 47

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा विश्वविद्यालय महापुरुषों के निर्माण की फैक्ट्री होते हैं और शिक्षकगण इन संस्थाओं के कुशल कारीगर होते

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय महापुरुषों के निर्माण की फैक्ट्री होते हैं और शिक्षकगण इन संस्थाओं के कुशल कारीगर होते हैं। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर के उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास होना चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के तृतीय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अपने ज्ञान का प्रयोग समाज के उत्थान में करें। केवल व्यक्तिगत सफलता ही नहीं, समाज और देश के विकास में भी भागीदारी आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बड़े पद पर पहुँचने के बाद ही असली कार्य प्रारंभ होता है। अपने योगदान से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे राष्ट्र के तीव्र विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अधोसंरचना, आर्थिक समृद्धि, और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को दोहराया और कहा कि ‘स्किल, स्केल और स्पीड’ के तीन स्तंभों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन को उद्धृत करते हुए कहा कि "धरती से दौलत निकालनी होगी"- इस विचारधारा को मूर्त रूप देते हुए ‘नदी जोड़ो परियोजना’ के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नव युग की शुरुआत हो रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज युवाओं के पास विकास के बहुत अवसर हैं। इन अवसरों का लाभ उठायें। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहें और अपनी ऊर्जा का सदुपयोग स्वयं, समाज, देश और विश्व के कल्याण के लिये करें। उन्होंने कहा कि समाज युवाओं की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है और युवाओं को इस भरोसे पर खरा उतरना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की दीक्षांत समारोह स्मारिका तथा "कंप्यूटर एक परिचय" पुस्तक के 41वें संस्करण का विमोचन भी किया। समारोह में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, कुलगुरु डॉ. आर.पी. दुबे, इसरो के वरिष्ठ एयरोस्पेस वैज्ञानिक राधाकांत पाढ़ी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।   recent visitors 59

जशपुर में सीएम साय ने हरी झंडी दिखाकर कैंसर डिटेक्शन वैन किया रवाना

  जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर द्वारा निःशुल्क रोग परामर्श शिविर का किया जा रहा आयोजन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर, रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 07 एवं 08 अप्रैल 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में निःशुल्क रक्त एवं कैंसर रोग परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सीएम कैंप कार्यालय बगिया से मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कैंसर डिटेक्शन वैन के माध्यम से जशपुर जिले में कैंसर सम्भावित मरीजों का जाँच एवं उपचार  7 एवं 8 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा।  इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ना है जिसे इसका प्रभावी एवं सुगम इलाज हो सके । शिविर में स्तन कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, मुंह का कैंसर, रक्त संबंधी कैंसर व रक्त विकारो की नि:शुल्क जांच की जाएगी। recent visitors 55

खेती की आधुनिक पद्धतियों, कृषि यंत्रों एवं नवीनतम तकनीकों की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर दी जा रही: कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए लगातार प्रयास रही है। खेती की आधुनिक पद्धतियों, कृषि यंत्रों एवं नवीनतम तकनीकों की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर दी जा रही है, जिससे कि वे क्षेत्र में जाकर किसानों को उनसे अवगत करा सकें। राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा वर्ष 2024-25 में 57 प्रशिक्षणों के द्वारा 1530 अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कृषि की आवश्यकता अनुसार विषयों पर प्रशिक्षण कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान बरखेड़ी कला, भोपाल कृषि की आवश्यकता अनुसार विभिन्न विषयों पर विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि विभाग की आत्मा योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 में कृषि एवं संवर्गीय विभाग के अधिकारियों के 54 प्रशिक्षण आयोजित किए गए जिससे 1338 प्रशिक्षणार्थियों को लाभ मिला। आत्मा योजना क्रियान्वयन के लिए 2 रिव्यू वर्कशॉप के माध्यम से 155 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। स्टेट लेवल वर्कशॉप ऑन ट्रेंनिंग नीड असेसमेंट के प्रशिक्षण द्वारा 37 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। पिछले एक वर्ष में 30 विषयों पर दिया गया प्रशिक्षण मंत्री कंषाना ने कहा कि पिछले एक वर्ष में 30 विषयों पर प्रशिक्षण आयोजित किए गए। इनमें सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट, एग्रो फॉरेस्ट्री फॉर इंक्रीजिंग फार्मर्स इनकम, फार्म मैकेनाइजेशन, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट इन एग्रीकल्चर एंड हॉर्टिकल्चर क्रॉप्स, ऑर्गेनिक फार्मिंग एंड सर्टिफिकेशन इश्यूज एंड स्ट्रेटजीज, इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर फॉर क्वालिटी कंट्रोल एंड लीगल एस्पेक्ट्स, ओरिएंटेशन ऑन फ्लैगशिप स्कीम्स, ऑफिस मैनेजमेंट फॉर एग्रीकल्चर एंड एलाइड डिपार्मेंट (एग्जीक्यूटिव), ऑफिस मैनेजमेंट फॉर एग्रीकल्चर एंड एलाइड डिपार्टमेंट (मिनिस्टीरियल), मार्केट लेड एक्सटेंशन एंड मार्केट लिंकेज, लीडरशिप डेवलपमेंट एंड टीम बिल्डिंग, इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट, सस्टेनेबल लाइवस्टॉक एंड फोडर प्रोडक्शन, मिलेट्स प्रोडक्शन, रिसोर्स कंजर्वेशन टेक्नोलॉजी इन एग्रीकल्चर, आईटी इन एग्रीकल्चर पर सुपरवाइजरी ऑफिसर्स, जीआई आईपीआर और डब्ल्यूटीओ, रिफ्रेशर ट्रेनिंग कम वर्कशॉप फॉर खरीफ क्रॉप्स, रिफ्रेशर ट्रेनिंग कम वर्कशॉप फॉर रबी क्रॉप्स, सॉइल ट्रेनिंग एंड न्यूट्रीशनल रिकमेंडेशन फॉर एग्रीकल्चर क्रॉप्स, जेंडर सेंसटाइजेशन एंड जेंडर बजटिंग, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन एंड कंपनीज, मैनेजमेंट ऑफ मेजर पॉलिफेगस इंसेक्ट्स पेस्टस, आत्मनिर्भर भारत मिशन इन एग्रीकल्चर एंड एलाइड सेक्टर, स्वच्छता एक्शन प्लान, रेनफेड फार्मिंग, प्रेसीजन फार्मिंग एग्रीकल्चर, रिफ्रेशर ट्रेनिंग फॉर आत्मा फंशनरीज और रिफ्रेशर ट्रेनिंग फॉर फॉर्म मैनेजर विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।   recent visitors 40

नगरीय निकायों में खेल विभाग के सहयोग से कम्युनिटी स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा: मंत्री सारंग

प्रदेश में खेलों के उन्नयन के लिये मंत्री सारंग ने ली सभी महापौरों की बैठक मंत्री सारंग ने कहा कम्युनिटी स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से विभिन्न पहल की जा सकती खेलों के सकारात्मक माहौल के लिये हुई बैठक नगरीय निकायों में खेल विभाग के सहयोग से कम्युनिटी स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा: मंत्री सारंग भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में खेलों के उन्नयन के लिये प्रदेश के सभी महापौरों की बैठक ली। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से नगरीय निकायों में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने, युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करने, नगरीय निगम के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन सहित अनेक विषयों पर चर्चा हुई। मंत्री सारंग ने कहा कि नगरीय निकायों के पास पहले से मौजूद खेल मैदानों व अधोसंरचना का उन्नयन कर खेल गतिविधियों को गति दी जा सकती है। बैठक में नगरीय निकायों और खेल विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया, जिससे राज्य भर में खेलों का व्यापक प्रसार और विकास सुनिश्चित किया जा सके। खेल विभाग के सहयोग से नगरीय निकायों में कम्युनिटी स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा मंत्री सारंग ने कहा कि नगरीय निकायों में कम्युनिटी स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से विभिन्न पहल की जा सकती हैं। इसमें फिट इंडिया क्लब की स्थापना तथा सामुदायिक स्तर पर विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन प्रमुख है। उन्होंने उपस्थित सभी महापौरों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खेलों के उन्नयन के लिये क्षेत्र चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करें। इससे खेलों के प्रति रुचि को बढ़ावा मिलेगा और स्वस्थ एवं सक्रिय समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकेंगे। हर जिले में फिट इंडिया क्लब, हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा आधुनिक खेल परिसर मंत्री सारंग ने बताया कि भोपाल में प्रदेश का पहला फिट इंडिया क्लब स्थापित किया गया है, जिसका द्वितीय चरण वर्तमान में निर्माणाधीन है। इसी मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त फिट इंडिया क्लब स्थापित किए जाएंगे। इन क्लबों में बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने महापौरों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन क्लबों की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर शीघ्र प्रस्ताव भेजें। मंत्री सारंग ने कहा कि देश में पहली बार प्रदेश सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसरों के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। यह पहल युवाओं को खेलों से जोड़ने, प्रतिभाओं को तराशने और खेल के प्रति सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। खेल विभाग के नवाचारों पर हुई चर्चा बैठक में खेल विभाग द्वारा प्रारंभ किये गये नवाचार- “खेलो बढ़ो अभियान, पार्थ, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान” पर भी चर्चा हुई। मंत्री सारंग ने कहा कि नई पीढ़ी को खेलों से जोड़ने के लिये खेलो बढ़ो अभियान की शुरूआत की गई है। इसके साथ ही युवाओं को पुलिस, सेना व पैरा मिलिट्री की शारीरिक व लिखित परीक्षाओं की तैयारी के लिये पार्थ योजना प्रारंभ की गई है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सकारात्मक सोच विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री सारंग ने महापौरों से कहा कि वे अपने नगरीय निकाय क्षेत्रों में इन नवाचारों को सक्रिय रूप से लागू करने में सहयोग करें, जिससे अधिक से अधिक युवा लाभान्वित हो सकें। नगरीय निकायों में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिये महापौरों ने दिये सुझाव बैठक में उपस्थित महापौरों ने अपने नगरीय निकाय क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिये सुझाव भी दिये। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, खंडवा महापौर श्रीमती अमृता यादव, बुरहानपुर महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, छिंदवाड़ा महापौर विक्रम सिंह अहके, मुरैना महापौर श्रीमती शारदा राजेंद्र सोलंकी, उज्जैन महापौर मुकेश टेटवाल, रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल, देवास महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल, सागर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, रीवा महापौर अजय मिश्रा बाबा, सिंगरौली श्रीमती रानी अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित खेल अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 45

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए खरसिया – परमलकसा रेल परियोजना एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय

रायपुर केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंजूर खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल प्रोजेक्ट के बारे में रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को रेल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को बदलने वाला है । इस प्रोजेक्ट पर 8741 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे पूरे छत्तीसगढ़ को एक छोर से दूसरे छोर तक कवरेज मिलेगा । रेल मंत्री ने कहा कि खरसिया-परमलकसा 5वीं-6वीं रेल लाइन छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क की नई धमनी की तरह है। यह ओडिशा की सीमा से महाराष्ट्र की सीमा तक रेल नेटवर्क की सुविधा प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यह भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक है । इससे छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जांजगीर चाँपा, बिलासपुर, बलौदा बाजार, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिले जुड़ेंगे । इसके तहत 21 स्टेशन बनेंगे, 48 बड़े ब्रिज और साथ ही 349 माइनर ब्रिज, 14 फ्लाईओवर और 184 अंडर पास का निर्माण होगा । स्थानीय स्तर पर निवासियों को दिक्कत ना हो इसके लिए 5 रेल फ्लाईओवर भी निर्मित किए जाएंगे । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में 278 किलोमीटर रूट में 615 किलोमीटर लंबी पटरियां बिछाई जाएंगी। इस रूट के निर्माण के बाद 8 से ज्यादा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा । इस रेल नेटवर्क के निर्माण से करीब 22 करोड़ लीटर डीजल बचेगा और रेलवे को लगभग 2500 करोड़ रुपये के डीजल की बचत होगी । रेल मंत्री ने कहा कि भगवान राम के वनवास के दौरान माता शबरी के प्रसंग से जुड़े लक्ष्मी नारायण मंदिर का भी इस रेल नेटवर्क से संपर्क स्थापित होगा । बलौदा बाजार और खरसिया जैसे सीमेंट उत्पादन के बड़े इंडस्ट्रियल हब भी इस नेटवर्क से जुड़ेंगे । श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए रेलवे अब बायपास पद्धति को अपना रही है । इसके तहत मालगाड़ी को शहर के बाहर से निकालने पर जोर दिया जा रहा है । वहीं यात्री गाड़ियों को शहर के अंदर एंट्री दी जाएगी । इस रेल लाइन के निर्माण के दौरान भी इस पर फोकस रहेगा । साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत कोसा सिल्क के उत्पादन वाले इलाके भी रेल लाइन के जरिए जुड़ेंगे । इसके चलते 2 करोड़ मानव दिवस रोजगार उत्पन्न होगा । रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट अब 22 गुना बढ़कर लगभग 6900 करोड़ से ज्यादा हो गया है । साथ ही 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में रेलवे के काम में अभूतपूर्व तेजी आई है । इसके तहत 1,125 किमी नए ट्रैक बने हैं, जोकि दुबई के पूरे रेलवे नेटवर्क से ज्यादा है ।   उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेलवे का कुल निवेश 47 हजार करोड़ से अधिक है । इसके तहत 32 स्टेशनों का पुनर्निर्माण हो रहा है, और इन्हें पूरी तरह नया बनाया जा रहा है । इनमें से कई स्टेशनों के विकास का कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। राज्य के महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट नई लाइन पूरी होने वाली है । अब इसके आगे रावघाट से जगदलपुर रेल लाइन के डीपीआर बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है । वैसे ही गेवरा-पेन्ड्रा रोड नई लाइन पर भी तेजी से काम चल रहा है । साथ ही राजनांदगांव से नागपुर तीसरी लाइन, झारसुगड़ा से बिलासपुर चौथी लाइन, रायपुर-केन्द्री-धमतरी से अभनपुर-राजिम लाइन का गेज कन्वर्जन करके ब्रॉड गेज बनाया जा रहा है । राजनांदगांव से डोंगरगढ़ चौथी लाइन, जगदलपुर से कोरापुट की डबलिंग, धरमजयगढ़ से कोरबा नई लाइन, अनूपपुर से अंबिकापुर के दोहरीकरण के लिए पर्याप्त फंड दिए गए हैं । रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने जिन उम्मीदों के साथ डबल इंजन की सरकार बनाई है, उसे पूरा करने का काम भारतीय रेल कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आई है, छत्तीसगढ़ में रेलवे से जुड़ा हजारों करोड़ का काम हो रहा है । नई परियोजना से छत्तीसगढ़ के अनेक जिले जुड़ते हैं, यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है । स्टेशनों के विकास के लिए सरकार ने करोड़ों का फंड दिया है, इससे रेलवे और छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलेगी । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव को  धन्यवाद देते हुए कहा कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना जैसी महत्त्वपूर्ण सौगात से छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई गति मिलेगी। यह रेल परियोजना जांजगीर-चांपा, सक्ती, बलौदा बाजार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे प्रमुख जिलों को जोड़ेगी। इससे इन जिलों के नए अवसर मिलेंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा। बलौदाबाजार और जांजगीर अब उद्योगों के लिए नया हब बनकर उभरेंगे। यह क्षेत्र लाइमस्टोन (चूना पत्थर) से समृद्ध है। रेल संपर्क बेहतर होने से यहां सीमेंट उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि नया रायपुर तक सीधी रेल लाइन से राजधानी का संपर्क मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से और बेहतर होगा। परियोजना से माल परिवहन तेज होगा, जिससे उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। इससे कृषि उत्पादों, खनिजों और निर्माण सामग्री के ट्रांसपोर्ट को भी बल मिलेगा। इससे नया रायपुर के विकास को नई दिशा और रफ्तार मिलेगी। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी राज्यमंत्री श्री तोखन साहू  ने छत्तीसगढ़ राज्य के लिए मंजूर किए गए इस परियोजना के लिए खुशी जाहिर करते हुए समस्त छत्तीसगढ़ के निवासियों की तरफ से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं  केंद्र सरकार का धन्यवाद किया । recent visitors 49

रविंद्र पुरी महाराज ने कहा अनुयायियों को कम से कम 4 बच्चे पैदा करना चाहिए. इनमें से एक बच्चे को सन्यास के मार्ग पर लाना चाहिए.

उज्जैन  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने इन दिनों उज्जैन में हैं. वह यहां सिंहस्थ 2028 की तैयारी का जायजा लेने आए हैं. पत्रकारों से बात करते हुए रविंद्र पुरी महाराज ने कहा "उनके अनुयायियों को सिर्फ दो बच्चों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कम से कम 3 या 4 बच्चे पैदा करना चाहिए. इनमें से एक बच्चे को सन्यास के मार्ग पर लाना चाहिए." हर परिवार का एक बच्चा ले संन्यास रविंद्र पुरी महाराज का कहना है "मेरे पास लगातार भक्तों के फोन आ रहे हैं कि वे अपने बच्चों में से किसी एक को संत बनाना चाहते हैं. लेकिन अगर सब दो बच्चों पर ही रुक जाएंगे तो सनातन धर्म के लिए संत कहां से आएंगे. सनातन धर्म और देशहित की सेवा के लिए जरूरी है कि हर परिवार का कम से कम एक बच्चा संन्यास ले. ये तभी संभव है जब परिवारों में 3-4 बच्चे हों. अखाड़ों में शामिल होने के लिए शिष्य परंपरा ही मान्य है." तेजस्वी यादव पर साधा निशाना रविंद्र पुरी महाराज ने कई मुद्दों पर बात की. बिहार के राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा "तेजस्वी का मुख्यमंत्री बनने का सपना अब अधूरा ही रहेगा. गृह मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में अब भाजपा की सरकार बनेगी. लालू यादव और उनके परिवार की परेशानियां अब और बढ़ेंगी. चारा घोटाले सहित अन्य मामलों की जांच फिर से शुरू हो चुकी है, जिससे आने वाला वक्त उनके लिए कठिन होगा."  अखिलेश यादव की भी आलोचना इसके साथ ही वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर भी रविंद्र पुरी महाराज ने प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है "ये बिल गरीब मुसलमानों के हित में है. हिंदुओं को इससे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. सपा अध्यक्ष अखिलेश मुसलमानों के नेता बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन हिंदू त्योहारों पर सवाल उठाते हैं. ये बहुत आपत्तिजनक है." लालू परिवार की बढ़ेंगी मुश्किलें अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने बड़ा दावा किया हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार के सीएम नहीं बन पाएंगे। उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। इतना ही नहीं महंत रविद्र ने यह भी दावा किया है कि आने वाले दिनों में लालू यादव परिवार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज बीते तीन दिनों से मध्य प्रदेश के उज्जैन में है। वे अष्टमी पर बड़नगर रोड स्थित निरंजनी अखाड़े में कन्या पूजन और भंडारे के कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने साधु-संतों और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण कराया। तेजस्वी का सपना पूरा नहीं होगा- महंत रविंद्र पुरी उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए बड़ा दावा किया। महंत रविंद्र ने कहा कि ‘तेजस्वी यादव भले ही मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हों, लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि ‘गृहमंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि बिहार में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की ही बनेगी। इसलिए लालू परिवार की बेचैनी बढ़ गई है।’ हिंदूओं से की 3-4 बच्चे पैदा करने की अपील वहीं महंत रविंद्र पुरी ने हिन्दू समाज से तीन से चार बच्चा पैदा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इनमें से एक को संत बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि सनातन धर्म और देश की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। महाराज का कहना है कि यह धर्म और राष्ट्र दोनों के हित में है। उन्होंने दावा किया कि देशभर से भक्त उनके पास फोन कर रहे हैं, जो अपने बच्चों को संत बनाना चाहते हैं।   recent visitors 50