जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद आवश्यक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चयनित अधिकारी सेवा भाव और सकारात्मक मानसिकता के साथ करें अपने अधिकारों का उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद आवश्यक मुख्यमंत्री ने राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के 118वें संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ उप जिलाधीश, उप पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदार के कुल 83 प्रशिक्षु लेंगे सात सप्ताह का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय समाज स्व-नियंत्रित और सुसंस्कृत समाज है। राज्य सेवा के लिए चयनित अधिकारी पवित्र सेवा भाव और परिष्कृत मन मस्तिष्क के साथ, उन्हें मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए अपने दायित्व निर्वहन की ओर अग्रसर हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी कुशलता और दक्षता से सभी की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरे उतरें यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सिविल सेवा के अधिकारियों के 118वें संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ सत्र को प्रशासन अकादमी में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का महानिदेशक प्रशासन अकादमी सचिन सिन्हा द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। प्रशिक्षण शुभारंभ पर अकादमी संकल्प गान की प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रशिक्षु अधिकारियों का ग्रुप फोटो भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से कहा कि नर्सरी कक्षा से लेकर अब तक के शिक्षण-प्रशिक्षण से मिले ज्ञान के आत्म अवलोकन से अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों और कार्यों को दक्षतापूर्वक संपन्न करें। उन्होंने कहा कि शिक्षण से व्यक्ति और प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारी पाठ्य पुस्तकें अपार ज्ञान का भंडार हैं, लेकिन दायित्वों को पूरा करने के लिए इसी ज्ञान की मदद से अपना मार्ग स्वयं खोजना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने दायित्वों के निर्वहन में पारिवारिक मूल्यों का ध्यान रखने, जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद क्षमता विकसित करने तथा आउट ऑफ बॉक्स सोचते हुए समाज हित में नवाचार करने के लिए प्रेरित किया। बड़े पद की जिम्मेदारी के साथ-साथ परिवारजन और मित्रों की अपेक्षाओं पर बने रहना भी एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि आपका व्यवहार ऐसा हो कि आप अधिक से अधिक लोगों की आशाओं व आकांक्षाओं पर खरे उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी से विकास और जनकल्याण की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है। चयनित अधिकारियों को स्वयं के परिश्रम और ईश्वर की कृपा से जनसेवा का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने सबसे अपेक्षा की कि प्रशिक्षण उपरांत अधिकारी, मैदानी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आत्मविश्वास और सकारात्मक मानसिकता के साथ सुशासन और गुणवत्तापूर्ण लोक सेवाओं के लिए उत्तरदायी-जवाबदेह-पारदर्शी-स्वच्छ और संवेदनशील भूमिका का निर्वहन करें। शुभारंभ सत्र को अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, महानिदेशक प्रशासन अकादमी सचिन सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने भी संबोधित किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार माना। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में चयनित वर्ष 2020 और 2021 बैच के उप जिलाधीश, उप पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदार पद के लिए चयनित कुल 83 प्रशिक्षुओं के सात सप्ताह का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 23 मई 2025 तक प्रशासन अकादमी में संचालित होगा।   recent visitors 34

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन आपराधिक कानूनों की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाए गए नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय प्रणाली को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। सभी के लिए अधिक सुलभ, सहायक और कुशल न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बने इन कानूनों और नवीन प्रक्रियाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। न्याय प्रणाली से जुड़ी सभी संस्थाओं में अद्यतन व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए जन-सामान्य को नई धाराओं और प्रक्रियाओं से शीघ्र अतिशीघ्र अवगत कराने के लिए नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन आपराधिक कानूनों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस, जेल, अभियोजन, न्यायिक एवं फॉरेंसिक कर्मियों के बीच अद्यतन तकनीक के उपयोग का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। सभी हितधारकों में हर स्तर पर बेहतर समन्वय जरूरी है। प्रत्येक स्तर पर आवश्यक व्यवस्था, उपकरण और भौतिक संसाधनों की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अचल सम्पत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ राजस्व का अमला भी सजग और सतर्क रहे, साथ ही दोनों विभागों में परस्पर समन्वय भी हो। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों सहित जिन क्षेत्रों में भूमि की दरें तेजी से बढ़ रही है, वहां विशेष सजगता बरती जाए। बैठक में बताया गया कि समयावधि में चालान के लिए नवीन डैशबोर्ड उपलब्ध है। ई-साक्ष्य की प्रक्रिया भी आरंभ की जा चुकी है। पुलिस थानों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए न्यायश्रुति सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है और थानों व कंट्रोल रूम में साउंड प्रूफ कक्ष चिन्हित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन समन/वारंट मॉड्यूल के अंतर्गत गतिविधियां प्रगति पर हैं। पिछले तीन महीने में 50 प्रतिशत से अधिक वारंट तिथि से पहले इलेक्ट्रानिक रूप से तामील किए गए। इनकी मॉनीटरिंग के लिए सभी जिलों में सेल गठित किए जा चुके हैं। डिजिटल इन्वेस्टिगेशन केलिए टेबलेट्स और लाइव स्कैनर थानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बैठक में डिजिटल धोखाधड़ी, डेटा चोरी जैसे सायबर अपराधों के बारे में जागरूकता के लिए की गई पहल की भी जानकारी दी गई।   recent visitors 28

भोपाल में ट्यूबवेल खनन पर रोक, तेज गर्मी-गिरते भूजल स्तर को देखते हुए फैसला; 30 जून तक नहीं करवा पाएंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गर्मी और भू-जल के गिरते स्तर को देखते हुए ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। कोई भी व्यक्ति 30 जून तक भोपाल जिले में ट्यूबवेल की खुदवाई नहीं करा सकेगा। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, एसडीएम की अनुमति के बिना जिले में बोरिंग मशीनों का प्रवेश और खनन दोनों प्रतिबंधित रहेगा। केवल सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को छूट दी गई है। अवैध बोरिंग पर FIR और 2 साल तक की सजा भी होगी। भोपाल में गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। अब कोई भी व्यक्ति 30 जून तक भोपाल जिले में ट्यूबवेल नहीं खुदवा सकेगा। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को आदेश जारी किया। सोमवार को प्रदेश के सभी शहरों में सुबह से ही तेज धूप खिलने की वजह से गर्मी का असर बढ़ा है। भोपाल में सुबह 11 बजे ही सड़कें सूनी नजर आईं। मौसम विभाग के मुताबिक, आज सोमवार को पूरे प्रदेश में गर्मी का असर रहेगा जबकि मंगलवार से लू का अलर्ट है। 15 अप्रैल तक राजस्थान से सटे जिलों में लू चलेगी। वहीं, 9 और 10 अप्रैल को कुछ जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे। अगर कोई मशीन अवैध रूप से जिले में प्रवेश करती है या नलकूप खनन करती है, तो संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारी मशीन को जब्त कर एफआईआर दर्ज करवा सकेंगे। आदेश का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपए जुर्माना, दो साल की सजा या दोनों हो सकते हैं। मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 6 (1) के तहत पूरे जिले में निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश केवल निजी नलकूपों पर लागू होगा। शासकीय योजनाओं के तहत किए जा रहे नलकूप खनन कार्यों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। पीएचई द्वारा संचालित कार्यों को परमिशन की जरूरत नहीं होगी आगे ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- पिछले दिनों एक्टिव रहा ओले-बारिश का सिस्टम आगे बढ़ गया है। अब राजस्थान से जुड़े जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। 8 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने का अनुमान है। इसकी वजह से पूर्वी हिस्से में मौसम बदला रहेगा। अप्रैल में 7 से 10 दिन चल सकती है लू मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। पहले और दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, दूसरे सप्ताह से लू भी चलेगी। सबसे गर्म आखिरी सप्ताह रहेगा। दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार हो सकता है। मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया- इस बार तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, प्रदेश में अप्रैल महीने में 7 से 10 दिन तक हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिल सकता है। recent visitors 31

राज्यपाल पटेल ने कहा तथ्य ही सत्य, तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि निष्ठा और धैर्य के साथ न्यायसंगत दलील देना लोक अभियोजक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि तथ्य ही सत्य है। तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि क्षमताओं और कार्यकुशलता को विकसित कर विभाग को और अधिक ऊँचाइयों पर पहुँचाने की चुनौती में प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान तथा अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (सीएपीटी) भोपाल में आयोजित सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर 10 सहायक लोक अभियोजकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने अकादमी परिसर में गोल्डन चंपा का पौधा भी लगाया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का वो स्तम्भ है, जिस पर नागरिकों की गहरी आस्था है। वह उसे सबसे अधिक आदर भाव से देखते हैं। न्याय व्यवस्था में अभियोजन अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, बहुआयामी है। उनकी जिम्मेदारी पीड़ितों के लिए मुकदमा चलाने तक सीमित नहीं है। कोर्ट के समक्ष सबूत पेश कर दोषी को सजा और पीड़ित को न्याय दिलाना है। अभियोजन अधिकारी के रूप में अपराध नियंत्रण में पुलिस की जांच में गुणवत्ता लाने, शासकीय विभागों को कानूनी सलाह देने, प्रकरणों में अपील करवाने और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि अभियोजन अधिकारी के रूप में उनके पास वंचित, गरीब और पीड़ित व्यक्ति अत्याचार, अनाचार के खिलाफ न्याय के उसके संघर्ष का रक्षक मानकर आएगा। उस समय उनका संवेदनशील व्यवहार, सहानुभूति और सहयोग न्याय में उसके विश्वास को मजबूत बनाएगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सहायक लोक अभियोजक के रूप में उनका चयन कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद हुआ है, क्योंकि सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है। यह वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर देश, प्रदेश और समाज के विकास के द्वारा सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने लोक सेवक के रूप में इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों का अभिनंदन किया। यह अपेक्षा की है कि न्याय के मंदिर में वह निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य के उच्च मानदण्ड स्थापित करेंगे। लोकायुक्त न्यायमूर्ति सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि लोक शांति राज्य का दायित्व है। लोक शांति के लिए अपराधिक न्याय प्रणाली का मजबूत होना आभारभूत आवश्यकता है। इस कार्य में लोक अभियोजकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे न्याय को सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन अधिकारी के विहित दायित्वों का निर्वहन जितनी कुशलता और निष्ठा से करेंगे, परिणाम उतने ही अच्छे मिलेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह जे. एन. कंसोटिया ने कहा कि नए विचारों और ऊर्जा के साथ सहायक लोक अभियोजक कार्य को नौकरी की तरह नहीं, सेवा के रुप में करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था में लोक अभियोजकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी भोपाल के निदेशक अनिल किशोर यादव ने अकादमी की स्थापना, प्रशिक्षण व्यवस्था और कार्यक्रमों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि नवीन कानूनों को लागू होने के 40 घंटों के भीतर अकादमी में उनका प्रशिक्षण प्रारम्भ हो गया था। प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि नये कानून में लोक अभियोजकों की भूमिका काफी मजबूत हो गई है। संचालक लोक अभियोजन बी. एल. प्रजापति ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों को 45 दिवस का आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने प्रशिक्षण की गतिविधियों का ब्यौरा दिया। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कानूनों के विभिन्न आयामों के साथ योग एवं व्यायाम के सत्र भी आयोजित किए गए है। समापन सत्र में आभार प्रदर्शन संयुक्त संचालक लोक अभियोजन रामेश्वर कुम्हरे ने आभार प्रदर्शन किया।   recent visitors 36

मुख्यमंत्री के निर्देश के झोलाछाप डॉक्टरों पर हो सख्त कार्रवाई, फर्जी डॉक्टर्स को ढूंढने चलेगा

भोपाल मध्य प्रदेश के दमोह में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा मरीजों के ऑपरेशन करने और उससे हुई मौतों के बाद अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी फर्जी डॉक्टर प्रेक्टिस नहीं कर सके ऐसे डॉक्टर्स को पता लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दमोह के मिशन हॉस्पिटल में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का मामला सामने आने के बाद से जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लेकर भोपाल में बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी तक सवालों के घेरे में हैं , मामला उजागर होने के बाद सीएमएचओ ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है उधर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सख्त तेवर दिखाए हैं। दमोह की घटना के बाद सीएम डॉ मोहन यादव सख्त   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दमोह में जो मामला सामने आया है उसमें सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी को भी गलत और गैर क़ानूनी काम करने की इजाजत नहीं है सरकार इसके सख्त खिलाफ है। प्रेक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर्स का पता लगाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने दमोह की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में कहीं भी इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए, अधिकरियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी जिले में इस तरह के फर्जी डॉक्टर मिलते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये । recent visitors 35

वाराणसी में एथलीट छात्रा से 7 दिन तक गैंगरेप, 23 लड़कों ने दरिंदगी की

 काशी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से आई खबर ने महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है. यहां पीड़िता के साथ जो हुआ, उसे जान हर कोई सकते में है. जिस तरह से युवती के साथ 7 दिनों तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में रेप होता रहा और 23 लोगों ने उसके साथ गलत काम किया, उसे जान पुलिस भी सन्न है. पीड़िता का कहना है कि 7 दिनों से शहर के अलग-अलग हिस्सों में उसे ले जाया गया. वहां उसके जबरन नशा करवाया गया और इस दौरान 23 लोगों ने उसके साथ गलत काम किया. पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान कभी उसे होटल रूम में, कभी किसी के घर, किसी की छत, किसी के कैफे में ले जाया गया. जबरन नशा करवाया गया और फिर उसके साथ गलत काम किया गया. फिलहाल पीड़िता के आरोपों से हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसमें 12 ज्ञात और 11 अज्ञात हैं. पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया है और सभी से पूछताछ कर रही है. वाराणसी से आया सनसनीखेज मामला पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में पूरी घटना दर्ज है, जिसे पढ़कर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे. एफआईआर के अनुसार, 29 मार्च को पीड़िता अपने घर से अपनी दोस्त के घर जाने के लिए निकली थी. वह घूमने के मकसद से बाहर गई थी, लेकिन लौटते वक्त उसकी जिंदगी एक दर्दनाक मोड़ ले लेगी, इसका उसे अंदाजा भी नहीं था. रास्ते में उसे राज विश्वकर्मा नाम का एक युवक मिला, जो उसे लंका इलाके में स्थित एक कैफे में ले गया. वहां रातभर उसके साथ गलत काम किया गया. लालपुर पांडेपुर में रहने वाली 18 साल की युवती ग्रेजुएशन की छात्रा है। वह 5 भाई-बहन हैं। छात्रा 12वीं तक की पढ़ाई के साथ स्कूल लेवल पर रनिंग कंपटीशन में भी हिस्सा लेती रही है। फिलहाल वह पढ़ाई करने के साथ ही एक होटल से जुड़े स्पा सेंटर में भी काम करती है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में कहा- मेरी बेटी 29 मार्च को काम पर निकली थी, फिर 4 अप्रैल को घर पहुंची। मेरी बेटी कई बार अपने काम के सिलसिले में एक-दो दिन घर से बाहर रहती थी। लेकिन, इस बार 7 दिन तक नहीं लौटी। इससे हम लोग परेशान हो गए। मां ने बताया- 4 अप्रैल को जब बेटी घर आई, तो बहुत डरी हुई थी। हमने जब उसे समझाकर पूछा तो उसने पूरी कहानी बताई। बेटी ने बताया कि 29 मार्च को काम खत्म करने के बाद शाम को जब वह घर लौट रही थी। तभी रास्ते में उसका दोस्त राज विश्वकर्मा मिल गया। वह मुझे बहला-फुसलाकर घुमाने ले गया। इस दौरान राज बेटी को लेकर एक होटल में रुका। उसने होटल में मेरी बेटी के साथ रेप किया और उसका वीडियो बना लिया। 30 मार्च को जब बेटी अपने घर आने लगी तो राज के जानने वाले समीर, आयुष सिंह समेत कुछ और लड़के होटल में आ गए। उन्होंने मेरी बेटी को होटल में ही रोक लिया। फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर सभी ने उसके साथ रेप किया। मेरी बेटी का मोबाइल भी उन लोगों ने छीन लिया था। इसलिए वह किसी को फोन भी नहीं कर पा रही थी। पूरे दिन उन लोगों ने बेटी को उसी होटल में रखा। अगले दिन उन लड़कों ने अपने अन्य दोस्तों सोहेल, अनमोल, दानिश, साजिद और जाहिर को भी बुला लिया। इन लोगों ने बेटी को नशीला पदार्थ सुंघा दिया। फिर गाड़ी में बैठाकर मलदहिया स्थित कांटिनेंटल कैफे ले गए। वहां बेहोशी की हालत में बेटी से रेप किया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बंधक बनाया मां ने बताया- दो दिन तक मलदहिया के आस-पास के होटलों में साजिद के दोस्तों इमरान, दानिश, सोहेल, शोएब, जैब और अन्य ने अलग-अलग जगह बेटी के साथ रेप किया। ये लोग मेरी बेटी को शहर से काफी दूर कहीं ले गए थे। वह बेटी को घर नहीं आने दे रहे थे। उसके कई वीडियो भी बनाए। वे लोग लगातार धमकी दे रहे थे कि अगर किसी को बताओगी, तो सारे वीडियो वायरल कर देंगे। बेटी की हालात देखकर पति की तबीयत बिगड़ी मां ने बताया- 3 अप्रैल की रात साजिद ने मेरी बेटी को एक कार वाले के साथ बिठा दिया। कार में 5-6 लड़के पहले से मौजूद थे। उन लड़कों ने चलती कार में मेरी बेटी के साथ रेप किया। फिर उसे सड़क पर फेंक कर भाग गए। इसके बाद बेटी बदहवास हालात में घर पहुंची और उसने पूरी कहानी बताई। फिर 4 अप्रैल को हम थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। बेटी की इस हालत के बाद से उसके पिता की तबीयत बिगड़ गई है। हमने दो दिन बाद तलाश शुरू की, कहीं पता नहीं चला मां का कहना है कि बेटी जब 2-3 दिन घर नहीं आई, तो हमने उसके दोस्तों से पता लगाने की कोशिश की। 1-2 दोस्तों ने बताया कि वह किसी के साथ घूमने निकली थी। हमें लगा कि हो सकता है कहीं काम से गई होगी। उसके होटल वाले उसे बीच-बीच में काम पर बाहर भेजते रहते थे। 6 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की गिरफ्तारी में 3 टीमें जुटीं डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने बताया- युवती की मां की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार युवकों में लल्लापुरा निवासी साजिद, हुकुलगंज निवासी आयुष सिंह और दानिश खां, मलदहिया निवासी अनमोल, सिगरा निवासी इमरान समेत एक अन्य शामिल है। इनसे पूछताछ की जा रही है। इन लड़कों ने 7 दिन तक लड़की को कहां-कहां रखा? लड़की कैसे घर से गायब हुई थी? उससे कितने लोगों ने रेप किया? ये सब पूछताछ की जा रही है। जल्द ही और लड़कों गिरफ्तार किया जाएगा। लड़की का मेडिकल कराया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 3 टीम लगाई गई हैं। recent visitors 58

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द होगी बढ़ोतरी होगी, पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई

नई दिल्ली रसोई गैस की कीमत में 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी उज्ज्वला और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए होगी। यानी अब गैस सिलेंडर के लिए 803 रुपए की बजाय 853 रुपए देने होंगे। वहीं उज्जवला योजना वाला सिलेंडर लेने के लिए 550 रुपए चुकाने होंगे। इससे पहले सरकार ने पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी है। अब सिलेंडर गैस की कीमत 853 रुपये हो गई केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ेगी। 500 से यह 550 (पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए) हो जाएगी और अन्य के लिए यह 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जाएगी। यह एक ऐसा कदम है जिसकी हम आगे चलकर समीक्षा करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा,"हम हर 2-3 सप्ताह में इसकी समीक्षा करते हैं। इसलिए, आपने जो उत्पाद शुल्क में वृद्धि देखी है, उसका बोझ पेट्रोल और डीजल पर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। उस उत्पाद शुल्क वृद्धि का उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों को 43,000 करोड़ रुपये की भरपाई करना है, जो उन्हें गैस के हिस्से पर हुए नुकसान के रूप में हुआ है।" सरकार ने क्या कहा? सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार 8 अप्रैल 2025 से एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है. यह बढ़ोतरी उज्ज्वला योजना और नॉन-उज्ज्वला यानी सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगी. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब औरतों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाता है, ताकि उन्हें साफ-सुथरा खाना पकाने का ईंधन यानी एलपीजी मिल सके. इस योजना का फायदा ग्रामीण इलाकों की गरीब महिलाओं को दिया जाता है. अब नई कीमतों के अनुसार, उज्ज्वला योजना और अन्य उपभोक्ताओं, दोनों को गैस सिलेंडर के लिए 50 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) को लेकर सोमवार को बड़ी खबर आई. दरअसल, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty Rise) में इजाफा कर दिया है. एक ओर जहां पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये बढ़ाई गई है, तो डीजल पर भी सरकार ने 2 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है. इसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन राहत भरी बात ये है कि सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी किए जाने के साथ ही साफ कर दिया गया है कि आम ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं होगा. तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने ये निर्णय लिया है. क्या होती है Excise Duty? पहले समझ लेते हैं कि आखिर ये Excise Duty होती क्या है? तो बता दें भारत में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक टैक्स है, जो ईंधन की कीमत का एक बड़ा हिस्सा बनाता है. फिलहाल पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 19.90 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगभग 15.80 रुपये प्रति लीटर है. गौरतलब है कि 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.56 रुपये लीटर थी, जिसे बाद में कई बार बढ़ोतरी हुईं. जनता पर नहीं पड़ेगा बोझ सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भले ही इजाफा कर दिया है, लेकिन इसका असर ग्राहकों पर पड़ने की बात से इनकार किया है. पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की ओर से साफ किया गया है कि PSU ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को उत्पाद शुल्क दरों में की गई वृद्धि के बाद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं करने को कहा गया है. 2022 में घटाई गई थी एक्साइज ड्यूटी साल 2021 में, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज़ ड्यूटी ₹27.90 और ₹21.80 प्रति लीटर थी. मई 2022 में केंद्र सरकार ने राहत के तौर पर पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये की कटौती की थी, जिसके बाद ये वही दरें लागू थीं. भारत में वर्तमान में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस करीब 32 रुपये है. इस पर केंद्र सरकार 33 रुपये एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है और बाद में अलग-अलग राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिससे डीजल और पेट्रोल के दाम तीन गुना तक बढ़ जाते हैं. अभी चार महानगरों में Petrol-Diesel की कीमत नई दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 104.21 रुपये है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 103.94 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल की बात करें, तो नई दिल्ली में डीजल की कीमत 87.62 रुपये है. वहीं, मुंबई में डीजल की कीमत 92.15 रुपये है. कोलकाता में डीजल की कीमत 90.76 रुपये प्रति लीटर है और चेन्नई में डीजल के दाम 92.34 रुपये प्रति लीटर है.   recent visitors 50