गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को मुकाबले में 7 विकेट से हराया, गिल की क्लास और सिराज की रफ्तार ने कमिंस के छुड़ाए पसीने

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-19 में गुजरात टाइटन्स (GT) ने सनराइजर्स हैदराबाद को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 153 रनों का लक्ष्य रखा था. जिसे गुजरात ने 17वें ओवर में चेज कर लिया. गुजरात की जीत के हीरो मोहम्मद सिराज और शुभमन गिल रहे. सिराज ने 4 विकेट झटककर हैदराबाद की कमर तोड़ दी तो वहीं गिल ने नाबाद 61 रनों की पारी खेली. पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ही ओवर में मोहम्मद सिराज ने हैदराबाद की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले ट्रेविस हेड को आउट किया. हेड 8 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 5वें ही ओवर में अभिषेक शर्मा भी आउट हो गए. उनके बल्ले से केवल 18 रन निकले. ईशान किशन से आज बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन वो भी केवल 17 रन बनाकर 8वें ओवर में चलते बने. इसके बाद हेनरिक क्लासेन ने कुछ अच्छे शॉट लगाए लेकिन 14वें ओवर में ही वो अपना विकेट गंवा बैठे. अगले ही ओवर में नीतीश रेड्डी भी चलते बने. हालांकि, आखिर में पैट कमिंस ने कुछ अच्छे शॉट खेले जिसके दम पर 20 ओवर में हैदराबाद की टीम 8 विकेट खोकर 152 रन ही बना सकी. ऐसी रही गुजरात की पारी 153 रनों के जवाब में उतरी गुजरात की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में साई सुदर्शन आउट हो गए. इसके बाद अगले ही ओवर में बटलर भी चलते बने. बटलर अपना खाता भी नहीं खोल सके. हालांकि, इसके बाद वाशिंगटन सुंदर और शुभमन गिल के बीच कमाल की साझेदारी हुई. गिल ने शानदार फिफ्टी जड़ी जबकि सुंदर 49 रन पर आउट हुए. इसके बाद रदरफोर्ड ने भी कुछ कमाल के शॉट लगाए. इसकी बदौलत गुजरात ने 17वें ओवर में ही 153 रनों को चेज कर लिया. अब जानिए अंक तालिका का हाल गुजरात ने इस सीजन अबतक 4 मैच खेले हैं. इसमें से 3 में उसे जीत हासिल हुई है. 6 अंकों के साथ गुजरात दूसरे नंबर पर है. पहले नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स की टीम है, जिसने अपने 3 के 3 मैच जीते हैं. वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद ने इस सीजन की शुरुआत धमाकेदार जीत के साथ की थी. लेकिन उसके बाद उसे लगातार चार मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. 2 अंकों के साथ हैदराबाद सबसे नीचे है. सिराज ने किया कमाल इस मुकाबले में मोहम्मद सिराज ने कमाल की गेंदबाजी की. उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 17 रन खर्च करके 4 विकेट चटकाए. सिराज ने अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, अनिकेत वर्मा और सिमरजीत सिंह को पवेलियन भेजकर हैदराबाद की बल्लेबाजी ही ध्वस्त कर दी. वाशिंगटन सुंदर के कैच आउट होने पर छिड़ा विवाद लेकिन इस मैच में एक कैच आउट को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. दरअसल, वो विकेट वाशिंगटन सुंदर का था. ये विकेट ऐसे समय पर गिरा जब सुंदर 49 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे. जानें क्या है पूरा मामला 153 रनों के जवाब में उतरी गुजरात की शुरुआत भले ही अच्छी न रही हो. लेकिन सुंदर और गिल ने कमाल की साझेदारी की. सुंदर जब 49 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे उस वक्त 14वां ओवर चल रहा था. शमी के इस ओवर की पहली ही गेंद पर सुंदर ने हवाई शॉट खेला. गेंद अनिकेत के पास गई. उन्होंने कैच पकड़ा. लेकिन वीडियो में ऐसा लगा जैसे गेंद जमीन पर पहले टकराई हो. हालांकि, थर्ड अंपायर ने सुंदर को आउट दिया. इससे डगआउट में बैठे खिलाड़ियों समेत कप्तान गिल भी गुस्से में दिखे. recent visitors 40

आपका पैन हो जाएगा बंद, केंद्र सरकार ने जारी किए निर्देश

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने पैन कार्ड यूजर के लिए नई चेतावनी जारी की है। सरकार का मानना है कि, अगर आपने आधार इनरोलमेंट आईडी की मदद से पैन कार्ड हासिल किया है, तो आपको अपने आधार कार्ड को ओरिजिनल आधार कार्ड नंबर से बदल देना चाहिए। वरना आपका पैन 31 दिसंबर 2025 से काम करना बंद कर सकता है। हालांकि यह सभी आधार कार्ड यूजर के लिए नहीं है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस यानी CBDT की तरफ से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें पैन कार्ड होल्डर को 31 दिसंबर 2025 तक आधार नंबर से वेरिफाई करने का निर्देश दिया है। आयकर विभाग को देनी होगी जानकारी सरकारी नोटिफिकेशन की मानें, तो सभी पैन होल्डर को 1 अक्टूबर 2024 से पहले आधार अप्लाई करने के एनरोलमेंट आईडी से पैन कार्ड लेने वाले सभी पैन होल्डर को अब अपना आधार नंबर आयकर विभाग को बताना होगा। 3 अप्रैल 2025 को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ऐसे सभी पैन कार्ड होल्डर को 31 दिसंबर 2025 तक अपनी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जुमाने में मिल सकती है छूट पैन कार्ड को आधार नंबर से लिंक करने के लिए पैन-आधार लिंकिंग का मौजूदा प्रॉसेस इस्तेमाल किया जाएगा। पैन कार्ड होल्डर को आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर पैन-आधार लिंकिंग प्रॉसेस को पूरा करना होगा। वैसे तो पैन-आधार लिंक करने की आखिरी डेडलाइन 30 जून 2023 थी, और अब ऐसा करने पर जुर्माना देना पड़ता है। लेकिन जिन लोगों ने एनरोलमेंट आईडी से पैन लिया, उनके पास उस वक्त आधार नंबर नहीं था, इसलिए ऐसे पैन कार्ड होल्डर 2023 की समय-सीमा में लिंकिंग नहीं कर सके। ऐसे पैन कार्ड होल्डर को जुर्माने से छूट मिल सकती है। 31 दिसंबर 2025 तक आधार न देने पर क्या होगा? टैक्समैन डॉट कॉम के वॉइस प्रेसिडेंट ऑफ एडवाइजरी नवीन बाधवा की मानें, तो अगर पैन कार्ड होल्डर 31 दिसंबर 2025 तक आधार नंबर से पैन को लिंक नहीं करते हैं, तो ऐसा संभव है कि 1 जनवरी 2026 से पैन निष्क्रिय हो जाए, लेकिन इसके आयकर विभाग से पूरी जानकारी हासिल हो सकती है। अगर सरकार की तरफ से पैन और आधार से लिंक नहीं किया जाता है, तो 1000 रुपये पेनल्टी लागू किया जा सकता है। कैसे पैन से आधार कार्ड करें लिंक     ई-फाइलिंग पोर्टल के होम पेज पर जाएं और Quick Links ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।     इसके बाद आपको Link Aadhaar ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।     पैन और आधार दर्ज करें और वेरिफाई ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद जरूरी डिटेल दर्ज करनी होगी और लिंक आधार पर क्लिक करना होगा।     फिर मोबाइल नंबर पर दर्ज 6 अंकों के ओटीपी को दर्ज करना होगा और वैलिडेट पर क्लिक करें। recent visitors 41

भोपाल द्वारा कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आज से 9 अप्रैल तक 3 दिवसीय प्रशिक्षण होगा

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल द्वारा कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आज से 9 अप्रैल तक 3 दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर आधारित फसल उपज मॉडलिंग प्रशिक्षण का आयोजन विज्ञान भवन भोपाल मे किया जा रहा है। प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 100 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में तकनीकि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीकि का प्रचलन बढ़ाना है| इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडलों जैसे (SVM, Random Forest, Neural Network, CNN, XGB) तथा डीप लर्निंग तकनीकों पर, राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, इसरो, हैदराबाद, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल एवं महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र, नई दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जायेगा | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित फसल उपज मॉडलिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को रिमोट सेंसिंग तकनीकि का उपयोग करके सटीक फसल उपज अनुमान के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य फसल बीमा दावा निपटान प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है, जिससे प्रौद्योगिकी आधारित तकनीकि का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जा सके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है। मध्यप्रदेश में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का क्रियान्वयन वर्ष 2022 से किया जा रहा है। इस कार्य मे मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद साथ राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, इसरो, हैदराबाद, कृषि विभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं एमपीएसईडीसी भी सहयोग कर रहे है। मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का फसल बीमा मे उपयोग करने बाला देश मे पहला राज्य हैं। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग फसल बीमा के अंतर्गत तकनीकी पार्टनर के तौर पर कृषि विभाग, राजस्थान सरकार के लिए भी किया जा रहा हैं। प्रशिक्षण के शुभारम्भ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महनिदेशक डॉ अनिल कोठारी, संचालक कृषि विभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं कृषि मंत्रालय भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।   recent visitors 29

कल मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता को समर्पित करेंगे विवेकानंद नीडम आरओबी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में विवेकानंद नीडम के समीप नवनिर्मित आरओबी ( रेलवे ओवर ब्रिज) 8 अप्रैल को जनता को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही इस आरओबी से विधिवत आवागमन शुरू हो जाएगा। आरओबी की सुविधा जल्द से जल्द शहरवासियों सहित जिले की जनता को उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर आरओबी पर विद्युतीकरण सहित रोशनी के लिए पोल व रेडियम लगाना, रोड फर्निशिंग एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुगम यातायात के लिए शेष काम युद्ध स्तर पर पूरे किए जा रहे हैं। इस आरओबी के शुरू होने पर लश्कर, कम्पू, आमखो इत्यादि क्षेत्र के निवासी नाका चंद्रबदनी से विवेकानंद नीडम होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँच सकेंगे। साथ ही आगरा-झाँसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीधे जा सकेंगे। इससे समय की बचत के साथ दूरी भी कम तय करनी पड़ेगी। recent visitors 36

3 दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन दिल्ली के लाल किले पर होगा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व को सबके सामने लाने के लिए महानाट्य की कल्पना की गई है. उन्होंने कहा कि जब इसका मंचन दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को लाल किले पर होगा तो इसमें हाथी, घोड़ों, पालकी के साथ 250 से ज्यादा कलाकार अभिनय करते नजर आएंगे. महानाट्य में शामिल कलाकार निजी जीवन में अलग-अलग क्षेत्र के प्रोफेशनल्स हैं. महानाट्य में वीर रस समेत सभी रस देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि महानाट्य का मंचन गौरवशाली इतिहास को विश्व के सामने लाने का मध्य प्रदेश सरकार का एक अभिनव प्रयास है. इस कालजयी रचना को सबके सामने रखने में दिल्ली सरकार का भी सहयोग मिल रहा है. इससे पहले हैदराबाद में भी विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति हो चुकी है. 'आज भी लोग प्रेरणा लेते हैं' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल, सुशासन व्यवस्था का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है. वे एकमात्र ऐसे शासक थे, जिनके जीवन के विविध प्रसंगों से आज भी लोग प्रेरणा लेते हैं. उनके द्वारा किए गए कार्य और नवाचार आज भी प्रासंगिक हैं. वर्तमान में हिजरी और विक्रम संवत प्रचलन में हैं. इसमें विक्रम संवत उदार परंपरा को लेकर चलने वाला संवत है, अर्थात संवत चलाने वाले के लिए शर्त है कि जिसके पास पूरी प्रजा का कर्ज चुकाने का सामर्थ्य हो, वही संवत प्रारंभ कर सकता है. 60 अलग-अलग प्रकार के हैं नाम उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने सुशासन, व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन और दूरदृष्टि से यह संभव किया विक्रमादित्य ने विदेशी शक आक्रांताओं को पराजित कर विक्रम सम्वत् का प्रारंभ 57 ईस्वी पूर्व में किया था. विक्रम संवत के 60 अलग-अलग प्रकार के नाम हैं. संवत 2082 को धार्मिक अनुष्ठानों के संकल्प में "सिद्धार्थ" नाम दिया गया है. ये 60 नाम चक्रीकरण में बदलते रहते है. विक्रमादित्य का न्याय देश और दुनिया में प्रचारित हुआ. यह सम्वत् भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आधार वाला कालगणना सम्वत् बन गया, जो आज भी प्रचलित है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारत वर्ष में उज्जयिनी के सार्वभौम सम्राट विक्रमादित्य युग परिवर्तन और नवजागरण की एक महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं और उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम सम्वत् हमारी एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर है. विक्रम सम्वत् हिंदू समाज का महज एक पर्व या नववर्ष भर नहीं है. विक्रम सम्वत् और सम्राट विक्रमादित्य भारतवर्ष के गौरव को, मनोबल को और राष्ट्र की चेतना को जागृत करने का एक उपयुक्त अवसर है. यह पुरातन परंपरा से शक्ति प्राप्त कर भारत को विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, "यही समय है, सही समय है…" विश्व में भारत का समय है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जानते हैं कि विदेशी आक्रांताओं और उपनिवेशवादी इतिहासकारों ने भारत गौरव तथा ज्ञान संपदा के प्रमाणों, साक्ष्यों, स्थापत्यों के सुनियोजित विनाश का अभियान चलाया. उनके द्वारा हमारी संपदा का विध्वंस किये जाने के प्रमाण लगातार मिलते रहे हैं.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहली बार सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था में ही नवरत्नों का समूह देखने को मिलता है. इन नवरत्नों में सभी अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ थे. उन्होंने सुशासन की व्यवस्था स्थापित की. नवरत्न सभी परिस्थितियों में सुचारू शासन संचालन में सक्षम थे. इसी क्रम में 300 साल पहले शिवाजी महाराज के अष्ट प्रधान की पद्धति में यही व्यवस्था दिखाई देती है. विक्रमादित्य उज्जैन के सार्वभौम सम्राट के रूप में लोक विख्यात हैं. आज विक्रमादित्य के अनेक पुरातत्‍वीय प्रमाण, लेख, मुद्रा अवशेष प्राप्त हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की दानशीलता, वीरता और  प्रजा के प्रति संवेदनशीलता अद्भुत थी. विक्रम-बेताल पच्चीसी और सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में इस प्रकार के कई प्रसंग आते हैं. सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों का सभी शासक अनुसरण करना चाहते थे.  विक्रमादित्य का मूल नाम साहसांक था, उन्हें विक्रमादित्य की उपाधि से सुशोभित किया गया, जो उल्टे क्रम को सूत्र में बदल दे, वो विक्रम और जो सूर्य के समान प्रकाशमान रहे वो आदित्य का भाव निहित था. उज्जयिनी के सार्वभौम सम्राट विक्रमादित्य भारतीय अस्मिता के उज्जवल प्रतीक हैं. वे शक विजेता, सम्वत् प्रवर्तक, वीर, दानी, न्यायप्रिय, प्रजावत्सल, स्तत्व सम्पन्न थे. वे साहित्य, संस्कृति और विज्ञान के उत्प्रेरक रहे.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने 2000 साल पहले गणतंत्र की स्थापना की, उन्होंने कभी स्वयं को राजा नहीं कहा. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी भी स्वयं को देश का प्रधान सेवक मानते हैं. मध्यप्रदेश सरकार ने 20 साल पहले विक्रमादित्य शोध पीठ स्थापित की है, जो विक्रमादित्य के जीवन मूल्यों पर आधारित पुस्तकें प्रकाशित कर विभिन्न तथ्य सामने ला रही है. recent visitors 36

नया पोर्टल हुआ लॉन्च, दागी होगा तो कुंडली बताएगा रेरा, अब देश में कहीं का भी हो बिल्डर, स्टेटस रिपोर्ट रेरा को देनी होगी

देहरादून नया पोर्टल सिर्फ नियमों का ऑनलाइन पालन ही नहीं कराएगा, बल्कि बिल्डर्स की कुंडली भी खंगालेगा। अब बिल्डर देश के किसी भी हिस्से का रहने वाला हो, उसे पिछले पांच साल की स्टेटस रिपोर्ट रेरा को देनी होगी। लंबी कवायद के बाद उत्तराखंड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण (यूके रेरा) ने भवन खरीदारों के लिए अपना नया पोर्टल लॉन्च कर दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) के सहयोग से लॉन्च इस पोर्टल पर भवन खरीदारों को सभी परियोजनाओं के बारे में नई जानकारियां मिलेंगी। खासकर परियोजनाओं का तिमाही ऑनलाइन अपडेट पोर्टल पर प्रदर्शित होगा। नया पोर्टल सिर्फ नियमों का ऑनलाइन पालन ही नहीं कराएगा, बल्कि बिल्डर्स की कुंडली भी खंगालेगा। अब बिल्डर देश के किसी भी हिस्से का रहने वाला हो, उसे पिछले पांच साल की स्टेटस रिपोर्ट रेरा को देनी होगी। इसमें प्रमोटर्स बताएंगे कि पिछले पांच सालों में उन्होंने कितने हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट बनाए। परियोजनाओं की प्रगति व प्रमोटर्स पर दर्ज मुकदमों आदि के बारे में पूरी जानकारी भी पोर्टल पर देनी होगी। यह कुंडली नए पोर्टल पर उपलब्ध होगी। परियोजना में निवेश से पहले बायर्स प्रमोटर के बारे में सब कुछ जान सकेंगे। इससे बायर्स को संपत्ति बुकिंग का निर्णय लेने में काफी मदद मिलेगी। अपडेट नहीं देने पर बिल्डर्स पर होगी कार्रवाई यूके रेरा लंबे समय से अपने पोर्टल को अत्याधुनिक बनाने का प्रयास कर रहा था। इसमें आने वाले खर्च के कारण यह कार्य प्रभावित हो रहा था। अब उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने रेरा के लिए नया पोर्टल https://ukrera.uk.gov.in/ तैयार किया है। नए पोर्टल पर बिल्डर्स से तिमाही अपडेट प्राप्त करने के लिए खास प्रावधान किया गया है। तिमाही अपडेट नहीं देने वाले बिल्डर्स पर कार्रवाई भी की जाएगी। नियमों का ऑनलाइन अनुपालन यूके रेरा के सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि अब नए पोर्टल में बिल्डर्स के लिए नियमों के अनुपालन पर जोर दिया गया है। नियम तो पहले से बने हैं, लेकिन ऑनलाइन तरीके से उनका अनुपालन अब तक नहीं कराया जा पा रहा था। अब प्रोजेक्ट पंजीकरण से लेकर परियोजना में प्रगति तक तमाम नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। ले-आउट प्लान हो या राजस्व रिकॉर्ड सब कुछ देख सकेंगे बायर्स रेरा के सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि बिल्डर को पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपने दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा। कॉलोनी के लिए ले-आउट प्लान, सीमांकन योजना, स्वीकृत नक्शे, लाइसेंस नवीनीकरण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट से नॉन-डिफॉल्ट का सर्टिफिकेट, ड्राफ्ट अलॉटमेंट लेटर की कॉपी, मसौदा समझौते की प्रति, पर्यावरण मंजूरी, अनुमानित परियोजना लागत रिपोर्ट, एड्रेस प्रूफ कॉपी, कंपनी के निगमन का प्रमाणपत्र सब कुछ ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इसे बायर्स देख सकेंगे। रेरा पहली बार करेगा बिल्डर्स-बायर्स से साझा चर्चा रेरा पहली बार देहरादून में 24 अप्रैल को कार्यशाला करने जा रहा है। इसमें प्रमोटर्स, प्रापर्टी एजेंट, आरडब्ल्यूए, बायर्स, अधिवक्ता व चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ चर्चा कर रेरा कानून के पालन को सशक्त बनाने पर जोर देगा। चर्चा से निकले बिंदुओं का रेरा बिल्डर्स से पालन कराएगा। recent visitors 42

नर्मदापुरम में तापमान 42 डिग्री पर पहुंचा, आठ शहरों में अधिकतम 40 तापमान, तीखे होने लगे गर्मी के तेवर

भोपाल बादलों के छंटते ही गर्मी के तेवर तीखे होने लगे हैं। इसी क्रम में शनिवार को पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सबसे अधिक 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में रिकार्ड हुआ। यह इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। आठ शहरों में अधिकतम तापमान 40 से 42.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम का इस तरह का मिजाज दो-तीन दिन तक बना रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं लू भी चल सकती है।    मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी प्रकाश ढावले ने बताया कि वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इस वजह से मौसम शु्ष्क हो गया है।  हवाओं का रुख भी पश्चिमी बना हुआ है। लगातार गर्म हवाएं आने के कारण गर्मी के तेवर तीखे होने लगे हैं। इस तरह की स्थिति अभी बनी रह सकती है।  राजस्थान से लगे मध्य प्रदेश के जिलों में लू का प्रभाव भी हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि पड़ोसी राज्य गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में तापमान बढ़े हुए हैं।  वहां से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान बढ़ने लगा है। आठ अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत क्षेत्र को प्रभावित करने लगेगा। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए गर्मी के तीखे तेवर बने रहने की संभावना है। इन शहरों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर दर्ज हुआ शहर- अधिकतम तापमान नर्मदापुरम- 42.4 खजुराहो- 41.6 रतलाम- 41.5 दमोह- 40.5 धार- 40.1 सागर- 40.0 मंडला- 40.0 सतना- 40.0 नोट:- तापमान डिग्री सेल्सियस में। recent visitors 37