सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व पर महानाट्य दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को लाल किले पर होगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व को सबके सामने लाने के लिए महानाट्य की कल्पना की गई है. उन्होंने कहा कि जब इसका मंचन दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को लाल किले पर होगा तो इसमें हाथी, घोड़ों, पालकी के साथ 250 से ज्यादा कलाकार अभिनय करते नजर आएंगे. महानाट्य में शामिल कलाकार निजी जीवन में अलग-अलग क्षेत्र के प्रोफेशनल्स हैं. महानाट्य में वीर रस समेत सभी रस देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि महानाट्य का मंचन गौरवशाली इतिहास को विश्व के सामने लाने का मध्य प्रदेश सरकार का एक अभिनव प्रयास है. इस कालजयी रचना को सबके सामने रखने में दिल्ली सरकार का भी सहयोग मिल रहा है. इससे पहले हैदराबाद में भी विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति हो चुकी है.    'आज भी लोग प्रेरणा लेते हैं' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल, सुशासन व्यवस्था का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है. वे एकमात्र ऐसे शासक थे, जिनके जीवन के विविध प्रसंगों से आज भी लोग प्रेरणा लेते हैं. उनके द्वारा किए गए कार्य और नवाचार आज भी प्रासंगिक हैं. वर्तमान में हिजरी और विक्रम संवत प्रचलन में हैं. इसमें विक्रम संवत उदार परंपरा को लेकर चलने वाला संवत है, अर्थात संवत चलाने वाले के लिए शर्त है कि जिसके पास पूरी प्रजा का कर्ज चुकाने का सामर्थ्य हो, वही संवत प्रारंभ कर सकता है. 60 अलग-अलग प्रकार के हैं नाम उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने सुशासन, व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन और दूरदृष्टि से यह संभव किया विक्रमादित्य ने विदेशी शक आक्रांताओं को पराजित कर विक्रम सम्वत् का प्रारंभ 57 ईस्वी पूर्व में किया था. विक्रम संवत के 60 अलग-अलग प्रकार के नाम हैं. संवत 2082 को धार्मिक अनुष्ठानों के संकल्प में "सिद्धार्थ" नाम दिया गया है. ये 60 नाम चक्रीकरण में बदलते रहते है. विक्रमादित्य का न्याय देश और दुनिया में प्रचारित हुआ. यह सम्वत् भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आधार वाला कालगणना सम्वत् बन गया, जो आज भी प्रचलित है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारत वर्ष में उज्जयिनी के सार्वभौम सम्राट विक्रमादित्य युग परिवर्तन और नवजागरण की एक महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं और उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम सम्वत् हमारी एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर है. विक्रम सम्वत् हिंदू समाज का महज एक पर्व या नववर्ष भर नहीं है. विक्रम सम्वत् और सम्राट विक्रमादित्य भारतवर्ष के गौरव को, मनोबल को और राष्ट्र की चेतना को जागृत करने का एक उपयुक्त अवसर है. यह पुरातन परंपरा से शक्ति प्राप्त कर भारत को विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, "यही समय है, सही समय है…" विश्व में भारत का समय है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जानते हैं कि विदेशी आक्रांताओं और उपनिवेशवादी इतिहासकारों ने भारत गौरव तथा ज्ञान संपदा के प्रमाणों, साक्ष्यों, स्थापत्यों के सुनियोजित विनाश का अभियान चलाया. उनके द्वारा हमारी संपदा का विध्वंस किये जाने के प्रमाण लगातार मिलते रहे हैं.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहली बार सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था में ही नवरत्नों का समूह देखने को मिलता है. इन नवरत्नों में सभी अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ थे. उन्होंने सुशासन की व्यवस्था स्थापित की. नवरत्न सभी परिस्थितियों में सुचारू शासन संचालन में सक्षम थे. इसी क्रम में 300 साल पहले शिवाजी महाराज के अष्ट प्रधान की पद्धति में यही व्यवस्था दिखाई देती है. विक्रमादित्य उज्जैन के सार्वभौम सम्राट के रूप में लोक विख्यात हैं. आज विक्रमादित्य के अनेक पुरातत्‍वीय प्रमाण, लेख, मुद्रा अवशेष प्राप्त हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की दानशीलता, वीरता और  प्रजा के प्रति संवेदनशीलता अद्भुत थी. विक्रम-बेताल पच्चीसी और सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में इस प्रकार के कई प्रसंग आते हैं. सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों का सभी शासक अनुसरण करना चाहते थे.  विक्रमादित्य का मूल नाम साहसांक था, उन्हें विक्रमादित्य की उपाधि से सुशोभित किया गया, जो उल्टे क्रम को सूत्र में बदल दे, वो विक्रम और जो सूर्य के समान प्रकाशमान रहे वो आदित्य का भाव निहित था. उज्जयिनी के सार्वभौम सम्राट विक्रमादित्य भारतीय अस्मिता के उज्जवल प्रतीक हैं. वे शक विजेता, सम्वत् प्रवर्तक, वीर, दानी, न्यायप्रिय, प्रजावत्सल, स्तत्व सम्पन्न थे. वे साहित्य, संस्कृति और विज्ञान के उत्प्रेरक रहे.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने 2000 साल पहले गणतंत्र की स्थापना की, उन्होंने कभी स्वयं को राजा नहीं कहा. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी भी स्वयं को देश का प्रधान सेवक मानते हैं. मध्यप्रदेश सरकार ने 20 साल पहले विक्रमादित्य शोध पीठ स्थापित की है, जो विक्रमादित्य के जीवन मूल्यों पर आधारित पुस्तकें प्रकाशित कर विभिन्न तथ्य सामने ला रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने जीवनकाल में मथुरा और अयोध्या जैसे 300 से अधिक स्थानों पर मंदिरों का निर्माण कराया, साथ ही किसी को भी बेघर नहीं रहने दिया. विक्रमादित्य काल के समान ही प्रधानमंत्री  मोदी के कार्यकाल में गरीबों को मकान बनाने में मदद की जा रही है. देश की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है. प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश सक्षम और सशक्त बन रहा है. यही रामराज्य है, जो विक्रमादित्य काल में परिलक्षित होता था. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार जन कल्याण से जुड़े निर्णय लेते हुए किसानों को 30 लाख सोलर पम्प देकर उन्हें बिजली के बिल के भार से मुक्त करने का प्रयास कर रही है. किसानों को कर्ज मुक्त करने की दिशा में भी प्रदेश में प्रयास जारी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने जीवनकाल में वेधशालाओं का निर्माण कराया. उनके काल में वर्तमान ईरान क्षेत्र में भी वेधशाला निर्माण का संदर्भ मिलता है. उनके कार्यकाल की उपलब्धियां स्वर्ण अक्षरों में अंकित होनी चाहिए. ईराक और मक्का के पुस्तकालयों में उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों में सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और पड़ोसी देशों में उनकी सत्कीर्ति का उल्लेख मिलता है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतीत के गौरवशाली इतिहास को जन सामान्य के सामने लाने के लिए 2 हजार वर्ष पहले सम्राट विक्रमादित्य द्वारा सुशासन के सिद्धांतों पर स्थापित शासन संचालन व्यवस्था और उनकी कीर्ति पर केन्द्रित महानाट्य की प्रस्तुति दिल्ली के लाल किले पर 12-13-14 अप्रैल को होने … Read more

मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद वक्फ संपत्तियों की जांच शुरू कर दी, 14,986 का होगा सत्यापन

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद वक्फ संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के पास कुल 23,118 संपत्तियां हैं, जिनमें से 14,986 संपत्तियों की जांच की जाएगी। इसमें आवासीय, व्यावसायिक और अन्य प्रकार की बेशकीमती संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत खरबों में आंकी जा रही है। इन संपत्तियों का सत्यापन करने के बाद, सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। सत्यापन प्रक्रिया राजस्व विभाग की सहायता से की जाएगी और राजधानी भोपाल में इसकी शुरुआत हो चुकी है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के मुताबिक, भोपाल जिले में वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसके परिणाम ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। भोपाल जिले के 81 गांवों में स्थित 777 वक्फ संपत्तियों की जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें प्लॉट, मकान और अन्य प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं। यह सर्वे क्षेत्र के पटवारियों द्वारा कराया गया है, जिसमें किराए पर देने और कब्जे का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया है। संशोधित वक्फ कानून के तहत इन संपत्तियों का सत्यापन अनिवार्य किया जा रहा है। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का रिकॉर्ड बताता है कि प्रदेश में कुल 23,118 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें मकान, दुकान और सार्वजनिक व व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं। इन संपत्तियों का प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है और उससे होने वाली आय को जमा करने की जिम्मेदारी भी उसी की है। संशोधित वक्फ कानून के तहत अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा करता है, तो उसका सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके अलावा, जिन संपत्तियों को लेकर वक्फ बोर्ड और आम व्यक्तियों के बीच विवाद चल रहे हैं, उनका भी सत्यापन किया जाएगा। मध्य प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की जांच केंद्र सरकार के संशोधित वक्फ कानून के लागू होने से पहले ही शुरू कर दी गई है। भोपाल के 81 गांवों में स्थित 777 संपत्तियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, और प्रदेश में कुल 14,986 संपत्तियों की जांच की जानी है।  recent visitors 43

भोपाल में राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का CM डॉ मोहन ने किया शुभारंभ

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल में सीएम डॉ मोहन यादव ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षण से व्यक्ति और प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षण से व्यक्ति बनता है। प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण हुआ है प्रशिक्षण की शुरुआत हो रही है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। परिवार में, मित्रों के बीच व्यवहार की परीक्षा होगी। परीक्षा का दौर सतत चलता रहेगा। आप समझें हम हैं क्या, हम कर क्या रहे हैं। जल से बर्फ बनता है तो जल नहीं रह जाता है। बर्फ पिघला तब जल बनता है। दोनों के गुणधर्म अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि आपका अब नया अध्याय है। अब आप जल से बर्फ बनने जा रहे हैं। सबसे पहले खुद को खुद से जानें, आपकी नौकरी की आयु निश्चित है, लेकिन पारिवारिक रिश्तों की कोई आयु नहीं है। ये समझना जरूरी है। सभी बातों का निचोड़ हमें ही निकालना है। दक्षता से अपने काम को निभाना है। आउट ऑफ बॉक्स सोचने की आदत डालें। हम हर पांच साल में परीक्षा देकर आते हैं। आप 35 साल तक रहेंगे। इस कार्यक्रम में 25 डिप्टी कलेक्टर, 22 डीएसपी और 36 नायब तहसीलदार प्रशिक्षण शामिल हुए है। आपको बता दें कि राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के 83 चयनित अफसरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। recent visitors 34

मध्य प्रदेश के 13 जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया, 9-10 अप्रैल को हल्की बारिश-बादल

भोपाल . मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन का तापमान बढ़ता जा रहा है. अप्रैल का पहला हफ्ता खत्म होते ही गर्मी ने दस्तक दे दी है. रविवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा. तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया. रतलाम में दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया. प्रदेश में चल रही गर्म हवाओं के कारण कई शहरों में लू का अहसास हो रहा है. भोपाल में शनिवार के मुकाबले दिन के तापमान में 1.5 डिग्री का इजाफा हुआ. मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दोपहर में गर्म हवाएं चलीं. भोपाल का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया. हालांकि, रात का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री की गिरावट के साथ 20 डिग्री दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में प्रदेश का तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई है. राजस्थान से आ रही सूखी गर्म हवाओं और तेज सोलर रेडिएशन से गर्मी और बढ़ने के आसार हैं. रतलाम में सबसे ज्यादा गर्मी पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके अलावा नर्मदापुरम में 42.2 डिग्री, खजुराहो में 42 डिग्री, गुना और उज्जैन में 41 डिग्री और भोपाल में 40.5 डिग्री दर्ज हुआ. न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में सबसे कम 14.4 डिग्री, सीधी में 15.8 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 16 डिग्री, उमरिया में 17.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 17.6 डिग्री दर्ज हुआ. भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन में सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री के पार प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पड़ रही है। रविवार को भोपाल में सुबह से ही तेज धूप खिली रही। गर्म हवाओं के कारण तापमान 40.5 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर में 40 डिग्री और उज्जैन में 41 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। वहीं, नर्मदापुरम में 42.2 डिग्री, खजुराहो (छतरपुर) में 42 डिग्री, गुना में 41 डिग्री, मंडला में 40.5 डिग्री, दमोह में 40.4 डिग्री, शाजापुर, धार-टीकमगढ़ में 40.3 डिग्री, नौगांव (छतरपुर), सागर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। अन्य शहरों की बात करें तो यह इंदौर में 39.8 डिग्री और जबलपुर में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह सतना में 39.9 डिग्री, मलाजखंड में 39.5 डिग्री, खरगोन-छिंदवाड़ा में 39.4 डिग्री, सिवनी में 39.2 डिग्री और बैतूल में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। आगे ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- पिछले दिनों एक्टिव रहा ओले-बारिश का सिस्टम आगे बढ़ गया है। अब राजस्थान से जुड़े जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। 8 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने का अनुमान है। इसकी वजह से पूर्वी हिस्से में मौसम बदला रहेगा। कहीं बारिश तो कही लू का अलर्ट प्रदेश में अगले तीन दिन तक गर्मी बढ़ेगी। वहीं 9 अप्रैल को बालाघाट, डिंडोरी, सिंगरौली, मंडला और अनूपपुर में बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। जबकि, प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में लू की चेतावनी जारी की गई है। अप्रैल में 7 से 10 दिन चल सकती है लू मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। पहले और दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, दूसरे सप्ताह से लू भी चलेगी। सबसे गर्म आखिरी सप्ताह रहेगा। दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार हो सकता है। मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया- इस बार तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, प्रदेश में अप्रैल महीने में 7 से 10 दिन तक हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे रहेंगे अगले 4 सप्ताह… पहला सप्ताह: रात का तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा (21-24 डिग्री) बना रहेगा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 42 डिग्री तक रह सकता है। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 38 से 41 डिग्री के बीच रहेगा। लगभग सभी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। पहले सप्ताह में लू नहीं चलेगी। दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा यानी 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य यानी 22-24 डिग्री बना रहेगा। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से बढ़कर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं। तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है। चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौर ऊर्जा से संचालित ई-रिक्शा और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन का किया लोकार्पण

रायपुर अक्षय ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग स्वच्छ, सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएगा। बिजली आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए लक्ष्य तय किए गए हैं और इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के क्रेडा कार्यालय परिसर में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 50 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सौर ऊर्जा संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन और सामान्य से सौर ऊर्जा में परिवर्तित ई रिक्शा का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को रामनवमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज के इस शुभ घड़ी में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े कामों की शुरुआत हुई है। परंपरागत ईंधन के स्रोतों से पर्यावरण को हो रही क्षति को देखते हुए सौर और  नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बड़ा परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के आमजनों और  किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में भी नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बिजली पहुंचाने का काम पूरा हो रहा है और सुदूर अंचल के गांव इससे रोशन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से संचालित ई रिक्शा का आज लोकार्पण किया गया है और इस पहल से ई रिक्शा का संचालन किफायती हो जाएगा और ई रिक्शा चालकों के आय में वृद्धि होगी। साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हॉफ बिजली नहीं बल्कि मुफ्त बिजली मिले और इस दिशा में सरकार प्रयासरत है। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताया और कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक गरीब परिवारों को इससे लाभान्वित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान बजट में किया गया है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी दी और कहा कि इससे ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और हम भविष्य की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया स्वच्छ पर्यावरण के लिए अक्षय ऊर्जा को अपना रही है। उन्होंने कहा कि अब फॉसिल फ्यूल का उपयोग धीरे धीरे कम होगा और आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा से यह रिप्लेस हो जाएगा। डॉ. सिंह ने अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल बताया। अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्य किया। लोकार्पण किए गए कार्यों में रायपुर में 29 लाख की लागत से सौर ऊर्जा संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, सामान्य ई रिक्शा को सोलर ई रिक्शा में परिवर्तित करने तथा नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत स्थापित 54 नग सोलर हाई मास्ट, 152 नग सोलर ड्यूल पंप एवं दो नग सोलर पावर प्लांट स्थापना कार्य शामिल है। इसी तरह भूमिपूजन किए गए कार्यों में  बिलासपुर, राजनांदगांव एवं जगदलपुर के ऊर्जा शिक्षा उद्यानों में सौर ऊर्जा से संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापना कार्य, प्रदेश के समस्त ऊर्जा शिक्षा उद्यानों को नेट जीरो करने, ऊर्जा शिक्षा उद्यान राजनांदगांव का जीणोद्धार का कार्य शामिल है। साथ ही जिला बालोद में मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप दो नग सोलर हाई मास्ट एवं एक नग सामुदायिक बायोगैस संयंत्र की स्थापना कार्य, जिला बलौदा बाजार में मुख्यमंत्री के घोषणा अनुरूप 23 ग्रामों के पर्यटन स्थलों में 50 नग सोलर हाई मास्ट संयंत्र का स्थापना कार्य, जिला कोरबा अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जीकरण का कार्य, हिर्री डोलोमाइट खदान जिला बिलासपुर में 500 किलो वाट क्षमता के ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट का स्थापना कार्य, जिला कोरबा अंतर्गत आश्रम/ छात्रावासों का सौर ऊर्जीकरण कार्य, ग्राम कुंजारा जिला जशपुर में 280 किलो वाट क्षमता के ऑन ग्रिड एवं 2.4 किलो वाट क्षमता के ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट की स्थापना कार्य का भूमिपूजन किया गया। क्रेडा के नवाचारी पहल से बैटरी ऑपरेटेड ई रिक्शा चालकों की बढ़ेगी आय सौर ऊर्जा से मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने पर हो रहा है काम क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा ने बताया कि सौर संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन क्रेडा द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बैटरी ऑपरेटेड इलेक्ट्रिक रिक्शा के लिए विकसित किया गया है। बैटरी स्वैपिंग के मदद से ई-रिक्शा चालक कम समय में सस्ते दर पर डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज बैटरी से बदल सकते हैं। इससे ई-रिक्शा चालक प्रतिदिन अधिक दूरी तय कर पाएंगे तथा इससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। इसी तरह सोलर पैनल आधारित ई-रिक्शा साधारण ई-रिक्शा के मुकाबले एक ऊर्जा दक्ष ई-रिक्शा के रूप में क्रेडा द्वारा विकसित किया गया है। इससे रिक्शा चालक को बार-बार बैटरी चार्ज करने की समस्या से राहत मिलती है। साधारणतः रिक्शा चालक प्रतिदिन बैटरी चार्जिंग समस्या से अधिक दूरी तय नहीं कर पाते हैं। ई-रिक्शा में सौर पैनल स्थापित कर इस समस्या को क्रेडा द्वारा काफी हद तक दूर किया गया है। राणा ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में सौर ऊर्जा से मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने में क्रेडा द्वारा अनेकों प्रयास किये जा रहे हैं, जिसमें आश्रम-छात्रावासों, स्वास्थ्य केन्द्रों, ऊर्जा शिक्षा उद्यान में सौर संयत्रों की स्थापना, पथ प्रकाश व्यवस्था हेतु सौर संयंत्रों से सामुदायिक स्ट्रीट लाईट का संचालन, सोलर हाई मास्ट लाईट की स्थापना एवं सामुदायिक बायोगैस संयंत्रों की स्थापना जैसे कार्य सम्मिलित है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, क्रेडा के नवनियुक्त अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, नव नियुक्त निगम मंडलों के अध्यक्षगण, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे। recent visitors 27

US टैरिफ से भारतीय शेयर बाजार को तगड़ा इटका, सेंसेक्स-निफ्टी धाराशायी

मुंबई जिसका डर था वहीं हुआ… जी हां एशियाई शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट (Asia's Market Crash) का असर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) पर भी दिखा और खुलने के साथ ही दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी बिखर गए. प्री-ओपन मार्केट में ही दोनों करीब 5 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आ रहे थे. इसके बाद जब मार्केट ओपन हुआ तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 3000 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ ओपन हुआ, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) ने भी 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स से लेकर रिलायंस तक के शेयर में तगड़ी गिरावट आई. खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 75,364.69 की तुलना में बुरी तरह फिसलकर 71,449 के लेवल पर खुला, तो वहीं NSE Nifty ने अपने पिछले बंद 22,904 की तुलना में गिरकर 21758 पर कारोबार की शुरुआत की. इसके बाद दोनों इंडेक्स कुछ ही देर में और फिसलते चले गए निफ्टी-50 जहां 1000 अंक टूटकर 21,743 पर आ गया, तो सेंसेक्स 71,425 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया. Reliance से Tata तक के शेयर क्रैश शुरुआती कारोबार में बीएसई का लार्जकैप इंडेक्स पूरी तरह लाल नजर आया. सभी 30 बड़ी कंपनियों के शेयर बुरी तरह टूटकर कारोबार कर रहे थे. इस बीच सबसे ज्यादा गिरावट Tata Steel Share में आई और ये 10.43 फीसदी गिरकर 125.80 रुपये पर आ गया. इसके अलावा Tata Motors Share (8.29%), Infosys Share (7.01%), Tech Mahindra Share (6.85%), LT Share (6.19%), HCL Tech Share (5.95%), Adani Ports Share (5.54%), TCS Share (4.99%), Reliance Share (4.55%) और NTPC Share (4.04%) गिरकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Maruti Share, Kotak Bank Share, Axis Bank Share, IndusInd Bank Share, Titan Share, SBI Share, Bajaj Finance Share, HDFC Bank Share, ICICI Bank Share में 2-3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. मिडकैप और स्मॉलकैप का भी बुरा हाल लार्जकैप जैसा ही बुरा हाल सोमवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का भी देखने को मिला. Midcap में शामिल PSB Share (7.94%), Bharat Forge Share (7.86%), Coforge Share (717%), Mazgaon Dock Share (7%), Emcure Pharma Share (6.77%). RVNL Share (6%) और Suzlon Share (6.74%) गिरकर ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप शेयरों में JTL India में सबसे अधिक 13% की गिरावट दर्ज की गई. बीते सप्ताह देखी थी तगड़ी गिरावट बीते सप्ताह शेयर बाजार (Share Market) में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप कंबाइंड रूप से 2.94 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गिर गया था और TATA की TCS से लेकर मुकेश अंबानी की Reliance तक को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. बीते शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 930.67 अंक या 1.22 फीसदी फिसलकर 75,364.69 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं एनएसई का निफ्टी 345.65 अंक या 1.49% की गिरावट लेकर 22,904.45 पर बंद हुआ था. पहले ही मिल रहे थे संकेत भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार को पहले से ही कमजोर ग्लोबल संकेत मिल रहे थे. दरअसल, एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही थी. हांगकांग का हैंगसैंग 9 फीसदी से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं जापान का निक्केई 8 फीसदी से ज्यादा टूटकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) की बात करें, तो ये शुरुआती कारोबार में ही 900 अंक से ज्यादा फिसल गया था. अन्य एशियाई मार्केट्स में भी 4-5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली.   recent visitors 47

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के भरत घाट में किया दीपदान

चित्रकूट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चित्रकूट केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत केंद्र है। यह परमधाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोस्थली है, जहां भगवान श्रीराम, माता जानकी और भैया लखन के साथ सदा सर्वदा निवास करते हैं। रामनवमीं के दिन मैं तपोभूमि चित्रकूट में आकर धन्य हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को श्रीराम प्राकट्य पर्व एवं चित्रकूट गौरव दिवस कार्यक्रम में दीपदान किया। उन्होंने मां मंदाकिनी की पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदाकिनी के तट पर भरत घाट में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आज का दिन सौभाग्यशाली है। आज पवित्र नौवीं तिथि है और कामतानाथ जी की नगरी चित्रकूट अपना गौरव दिवस मना रही है। चित्रकूट के घाटों पर असंख्य दीपदान की अलौकिक छटा दिख रही है। भरत घाट, कामदगिरि पर्वत, कामतानाथ स्वामी मंदिर के साथ चित्रकूट के सभी मंदिरों और घर-घर एवं गली, मोहल्लों, रास्तों में दीपमालाओं की अनुपम छटा देखते ही बन रही है। उन्होंने नगर वासियों को रामनवमीं एवं चित्रकूट गौरव दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में सद्गुरु सेवा ट्रस्ट, दीनदयाल शोध संस्थान के द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिए नाना जी के संकल्पों को पूरा किए जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 19 धार्मिक स्थलों में एक अप्रैल से शराबबंदी लागू कर दी गई है, जिससे हमारे देव स्थानों में विकृतियां न पनपें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की ओर अग्रसर है। सर्वसम्मति से जो भी निर्णय हो रहे हैं उसे पूरा देश स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के लिए संसद में चर्चा व विचार-विमर्श के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को स्वीकृति मिली है जो हमारे लोकतंत्र की खूबी को दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशवासी त्यौहार में शुभ संकल्प लें और प्रदेश के विकास के लिए समवेत हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के गौरव दिवस पर कलाकारों का सम्मान किया। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंग वस्त्रम पहनाकर स्वागत किया गया। सांसद सतना गणेश सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह परम सौभाग्य है कि चित्रकूट की पावन धरा में श्रीराम के प्राकट्य पर्व और चित्रकूट गौरव दिवस के आयोजन में मुख्यमंत्री जी का आगमन हुआ है। 11 लाख दीपों से धर्मनगरी जगमगा उठी गौरव दिवस पर मां मंदाकिनी के भरत घाट सहित चित्रकूट में 11 लाख दीपों से धर्मनगरी जगमगा उठी। इस अवसर पर रंगोली बनाकर लोगों ने अपने उत्साह का परिचय दिया। चित्रकूट गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विदेशी पर्यटकों ने भी उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम में नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, पद्मसे सम्मानित बीके जैन, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, प्रबल श्रीवास्तव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शहरवासी, श्रद्धालु व आमजन उपस्थित रहे। चित्रकूट के गौरव दिवस पर पहुंची दो महिला रशियन पर्यटक श्रीराम प्राकट्य पर्व और चित्रकूट के गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दो महिला रशियन पर्यटक नेली और नताल्या भी पहुंची। उन्होंने चित्रकूट की धर्मनगरी में आयोजित कार्यक्रम को भव्य और उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट की धर्मनगरी में रामनवमीं के दिन यह आना सौभाग्यशाली रहा। भगवान कामतानाथ के किये दर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में भगवान कामतानाथ के प्राचीन मुखारबिंद के दर्शन कर आरती की। उन्होंने भगवान कामतानाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस अवसर पर नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी सांसद गणेश सिंह, विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरई के संगठन सचिव अभय महाजन सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रा मनोरमा गुप्ता हुई अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्रकूट में कामतानाथ भगवान के प्राचीन मुखारविंद के दर्शन करने के बाद पूजन सामग्री दुकान में छात्रा मनोरमा से आत्मीयता से मिले। उनसे मिलकर मनोरमा खुशी से अभिभूत हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनोरमा से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह स्कूल जाती है और खाली समय में पिताजी की दुकान में उनका हाथ बटाती हैं। मुख्यमंत्री ने मनोरमा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।   recent visitors 26