भोपाल से देवास जा रहे शिवराज सिंह चौहान के काफिले में शामिल गाड़ी पलटी, 3 जवान घायल, हुआ बड़ा हादसा

सीहोर भोपाल से देवास जा रहे केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले में शामिल पुलिस की गाड़ी आष्टा थाना क्षेत्र के ग्राम बेदाखेड़ी के पास हादसे का शिकार हो गई है। काफिले में शामिल गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटने से उसमें सवार 3 पुलिस जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को भोपाल से देवास जिले के खातेगांव संदलपुर जा रहे थे। उनका काफिला जैसे ही आष्टा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेदाखेड़ी के पास पहुंचा तो काफिले में शामिल एक फॉलो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें एएसआई एसपी सिमोलिया, नीरज शुक्ला और आकाश अटल शामिल हैं। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत सीहोर जिला अस्पताल में किया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके पर मचा हड़कंप जैसे ही गाड़ी पलटी, काफिले में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत ही घायल जवानों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात ये रही कि हादसे के समय शिवराज सिंह दूसरी गाड़ी में सवार थे और पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस और प्रशासन सतर्क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया। घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और काफिले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की जा रही है। recent visitors 26

देह व्यापार से जुडी महिलाओं को अब पुलिस न तो पकड़ सकेगी और न ही आरोपी बना सकेगी

भोपाल देह व्यापार में लिप्त महिलाओं को अब पुलिस न तो पकड़ सकेगी न ही आरोपी बना सकेगी। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी की और भोपाल, इंदौर पुलिस कमिश्नर के साथ ही सभी जिलों के एसपी को भेजी। इसके अनुसार यदि होटल और ढाबों में अनैतिक व्यापार किया जा रहा है तो केवल होटल या ढाबा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी न कि वहां काम करने वाली महिलाओं के खिलाफ। विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव की तरफ से जारी गाइडलाइन में लिखा है कि कुछ जिलों में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत पंजीबद्ध अपराध में होटल एवं ढाबों के संचालकों द्वारा पैसा लेकर होटल एवं ढाबों के कमरों को, वेश्यालयों के रूप में चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा दबिश देने के बाद बरामद की गई महिलाओं को आरोपी बनाया जाता है।   सुप्रीम कोर्ट दे चुकी है आदेश इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर कहा गया है कि यदि होटल और ढाबों में अनैतिक व्यापार किया जा रहा है तो केवल होटल या ढाबा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। गाइडलाइन में साफ लिखा है कि वहां काम करने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट के बुद्धदेव कर्मास्कर विरुद्ध पश्चिम बंगाल राज्य एवं अन्य में मामले में दिए आदेश का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि वेश्यालयों पर छापों के दौरान यह ध्यान रखा जाए कि स्वेच्छा से लैंगिक कार्य करना अवैध नहीं है। केवल वेश्यालय चलाना अवैध है। ऐसे मामलों में सेक्स वर्कर को गिरफ्तार, दंडित अथवा परेशान नहीं किया जाना चाहिए। यह कदम तब उठाया गया है जब पुलिस द्वारा बार-बार दबिश के दौरान महिला सेक्स वर्कर्स को आरोपी बना दिया जाता था, जबकि वे कई बार केवल शोषित होती थीं। अब, इस पर स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिनके अनुसार पुलिस को इन महिलाओं के साथ पीड़ित और शोषित व्यक्तियों जैसा व्यवहार करना चाहिए, न कि उन्हें दोषी ठहराना। महिला सेक्स वर्कर्स को आरोपी बनाने की समस्या वर्षों से, प्रदेश में ढाबों और होटलों में संचालित वेश्यालयों पर जब भी पुलिस कार्रवाई करती, तब उन स्थानों से पकड़ी जाने वाली महिलाएं अक्सर अपराधी करार दी जाती थीं। होटल संचालकों और ढाबा मालिकों द्वारा इन महिलाओं को सेक्स वर्क के लिए काम पर रखा जाता था, लेकिन पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों में केवल वेश्यालय संचालक ही आरोपित होते थे, जबकि महिला सेक्स वर्कर्स को भी गिरफ्तार कर लिया जाता था और उन्हें आरोपी बना दिया जाता था। इस मामले में पुलिस की कार्यवाही को लेकर कई तरह की आलोचनाएँ भी उठ रही थीं, क्योंकि यह महिलाएँ अक्सर अपने विवशता, गरीबी या अन्य सामाजिक कारणों के चलते इस व्यवसाय में शामिल होती थीं, न कि अपनी इच्छा से। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश और पीएचक्यू के निर्देश इस संबंध में स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने अपने निर्देश में कहा कि कई जिलों में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड किए गए अपराधों में अक्सर देखा जाता है कि होटल संचालक और ढाबा मालिक पैसा लेकर अपने प्रतिष्ठानों में वेश्यालय चलाते हैं। ऐसे मामलों में महिला सेक्स वर्कर्स को आरोपी बना दिया जाता था, जो कि उचित नहीं था। साथ ही, उन्होंने 21 सितंबर 2023 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि "वेश्यालयों में दबिश के दौरान स्वैच्छिक लैंगिक कार्य अवैध नहीं है। केवल वेश्यालय चलाना अवैध है, सेक्स वर्कर को गिरफ्तार कर दंडित या परेशान नहीं किया जाना चाहिए।" सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के तहत यह सुनिश्चित किया गया था कि सेक्स वर्कर्स को केवल शोषित और पीड़ित के रूप में देखा जाए, न कि अपराधी के रूप में। निर्देशों का पालन और प्रभाव पीएचक्यू ने इस फैसले के आधार पर एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अब इन स्थानों से पकड़ी गई महिला सेक्स वर्कर्स को न तो गिरफ्तार किया जाए, न ही किसी प्रकार का शोषण किया जाए। इन महिलाओं के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाएगा और यदि वे किसी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं हैं तो उन्हें बिना किसी आरोप के छोड़ दिया जाएगा। इस दिशा में पुलिस अधिकारियों को कठोर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी महिला सेक्स वर्कर के अधिकारों का उल्लंघन न हो। साथ ही, पुलिस को यह भी ध्यान रखने को कहा गया है कि महिला सेक्स वर्कर के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति से पेश आया जाए। सकारात्मक प्रभाव और सामाजिक दृष्टिकोण यह कदम मध्य प्रदेश में महिला अधिकारों और समाज में सेक्स वर्कर्स के प्रति सम्मान की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। इस फैसले से जहां एक तरफ महिला सेक्स वर्कर्स को मानसिक और शारीरिक शोषण से बचाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ इस कदम से यह भी संदेश जाएगा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के बिना अपराधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, विशेषकर यदि वह किसी सामाजिक, आर्थिक या शोषण के कारण इस व्यवसाय में शामिल हो। इस बदलाव के बाद, वेश्यावृत्ति से जुड़ी महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है, जो समाज में लिंग समानता और महिला अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है। आगे की राह इस फैसले के साथ, राज्य पुलिस अब उन महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सहानुभूतिपूर्ण वातावरण बनाने के लिए तैयार है, जो कभी कानून के शिकंजे में फंस जाती थीं। हालांकि, अब यह जरूरी होगा कि सरकार और समाज मिलकर ऐसी महिलाओं के लिए रोजगार और शिक्षा जैसी योजनाओं का विस्तार करें, ताकि वे शोषण के बजाय अपने जीवन में सशक्तीकरण की दिशा में कदम बढ़ा सकें। recent visitors 18

एसडीएम ने कहा कि CrPC और IPC तो सामान्य कानून हैं, जरूरत पड़ने पर NSA लगाया जाएगा, फिर नहीं देखेंगे चांद-सूरज

सेंधवा संसद से वक्फ संशोधन बिल पारित होने के बाद ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड समेत कुछ मुस्लिम संगठनों ने देशव्यापी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है दूसरी तरफ रविवार को रामनवमी से पहले देशभर के जिलों में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है इस बीच मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में एसडीएम आशीष कुमार माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को सख्त अंदाज में चेतावनी दी है बड़वानी जिले के सेंधवा शहर थाने में रामनवमी को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक में सेंधवा एसडीएम आशीष कुमार ने दो टूक कहा कि अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो सीआरपी और आईपीसी तो बहुत सामान्य बात है, राज्य सुरक्षा कानून, रासुका (NSA) जो लगाना होगा लगाएंगे, ऐसा करने वाले दोबारा सूरज-चांद नहीं देख पाएंगे. मध्य प्रदेश का सेंधवा वही जगह है जहां पर 2022 में रामनवमी के जुलूस के दौरान पथराव की घटना के बाद विवाद हुआ था और प्रशासन ने दंगाइयों के मकान तोड़े थे. तब से स्थानीय प्रशासन रामनवमी के जुलूस को लेकर काफी संवेदनशील है और इसी वजह से त्योहार से एक दिन पहले सेंधवा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में बड़वानी पुलिस अधीक्षक, सेंधवा एसडीएम, सेंधवा थाना प्रभारी सहित के पुलिस-प्रशासन के तमाम अधिकारी और शहर के जनप्रतिनिधि मौजूद थे. इस दौरान सेंधवा एसडीएम आशीष कुमार ने कहा एसडीएम होने के नाते कॉनून व्यवस्था को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि यहां तो बहुत प्यार से बात हो रही है लेकिन एक बार फिर से बोल दूं की मेरा बहुत ज्यादा फोकस कानून व्यवस्था को लेकर है अशांति फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए एसडीएम ने कहा कि अगर इस तरह की कोई घटना पता लगती है या कोई माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो मैं किसी खास समुदाय के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए बोल रहा हूं, जिसके द्वारा भी ऐसा करने की सूचना मिलेगी तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हमसे जो भी मदद आपको चाहिए, आप जरूर बोलिए. हमारे फोन 24 घंटे ऑन रहते हैं और ऑफिस खुले रहते हैं. हम सभी आपकी सेवा में हमेशा तत्पर हैं. लेकिन अगर कोई माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलेगी और यह बात सभी के लिए पहले से ही बोली जा रही है.     recent visitors 26

नक्सली बस्तर के विकास को रोक नहीं सकते, वो जमाना चला गया जब दंतेवाड़ा में गोलियां चलती थीं: अमित शाह

बस्तर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के विकास को रोक नहीं सकते और उनसे हथियार छोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार के 'बस्तर पंडुम' महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "वो जमाना चला गया जब यहां पर गोलियां चलती थी, बम धमाके होते थे. जिनके हाथों में हथियार हैं उनसे विनती करता हूं कि हथियार डालकर मेनस्ट्रीम में आइए क्योंकि आप हमारे अपने हैं. कोई नक्सली मारा जाता है किसी को आनंद नहीं होता है. इस क्षेत्र को विकास चाहिए. बीते 50 वर्षों में जो विकास यहाँ नहीं पहुंचा, मोदी जी 5 साल में विकास को यहां पहुंचाएंगे." उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति तभी हो सकती है, जब बच्चे स्कूल में जाएं, माताओं के स्वास्थ्य की चिंता हो, आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित ना हो और उसकी पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था हो, हर गांव में एक दवाखाना हो, हर तहसील में अस्पताल हो, हर घर में 7 किलो चावल मुफ्त पहुंचता हो, सभी के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य का बीमा हो. यह तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि, यहां का हर गांव नक्सलमुक्त बनेगा. शाह ने कहा कि विकास तभी संभव है जब बस्तर की जनता यह तय करे कि वे अपने गांवों और घरों को नक्सल मुक्त बनाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे और खुद को माओवादी मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें 1 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की सौगात दी जाएगी. अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2024 में यह संख्या 881 रही. उन्होंने कहा, "जिन नक्सलियों ने यह समझ लिया है कि विकास के लिए बंदूक, आईईडी और ग्रेनेड की जरूरत नहीं, बल्कि कंप्यूटर और कलम की जरूरत है, उन्होंने आत्मसमर्पण किया है." 'बस्तर पंडुम' महोत्सव की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि अगले वर्ष इसे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुरोध करेंगे कि वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल होकर आदिवासी भाई-बहनों को आशीर्वाद दें.   recent visitors 40

CM यादव ने अशोकनगर जिले में श्री आनंदपुर धाम का दौरा किया, 11 अप्रैल को आएंगे प्रधानमंत्री मोदी

 अशोकनगर मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अशोकनगर के ईसागढ़ स्थित आनंदपुर धाम में 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्‍होंने हेलीपैड स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, रूट चार्ट, मंदिरों के दर्शन स्थल, पूजा स्थान तथा सत्संग स्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली। साथ ही अन्‍य आवश्यक व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में निर्देश दिए। मुख्‍यमंत्री ने आनंदपुर धाम स्थित श्री परमहंस अद्वैत मत, श्री आनंद शांति कुंज, श्री आनंद शांति भवन, श्री आनंद सरोवर एवं श्री आनंद शांति धाम पहुंचकर दर्शन किये गये। सीएम ने किया पूजन अर्चन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री आनंदपुर धाम स्थित मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्‍होंने श्री आनंद सरोवर के पवित्र जल में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। उन्‍होंने श्री आनंदपुर धाम की महिमा को गरिमामय बताते हुए कहा कि यहां पहुंचने पर सुखद अनुभूति होती है। बैसाखी पर लगेगा वार्षिक मेला मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने बैसाखी पर लगने वाले वार्षिक मेले में आने वाले अनुयायियों एवं दर्शनार्थियों के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम श्री परमहंस अद्वैत मत का भक्ति परमार्थ का प्रमुख केन्‍द्र तथा एक महान तीर्थ स्थल एवं अथाह ज्ञान व आत्मिक विद्या का अतुलनीय भंडार है। यहां पर श्री आनंद सरोवर की तरल छटा निराली है तथा परिधि में पूजा स्थलों का अनोखा संगम है। इस पवित्र स्थल पर आकर मन को शांति तथा आत्म ज्ञान को बल मिलता है।  सीएम यादव ने कहा कि श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम भक्ति और ज्ञान का प्रमुख केंद्र है। यहां के मंदिरों की आध्यात्मिक ऊर्जा और श्री आनंद सरोवर की प्राकृतिक छटा मन को शांति प्रदान करती है। उन्होंने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और श्री आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को बैसाखी पर्व के अवसर पर श्री आनंदपुर ट्रस्ट में आयोजित वार्षिक मेले में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, स्थानीय विधायक और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे। recent visitors 39

केंद्रीय गृह मंत्री शाह बोले – मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद लेकर आया हूं, अगले चैत्र नवरात्र तक लाल आतंक समाप्त हो जाए

रायपुर बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से देश-दुनिया को परिचित कराने के लिए आयोजित बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिना लाग-लपेट के सीधे नक्सलवाद पर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आज मैं मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद लेकर आया हूं कि अगले चैत्र नवरात्रि तक यहां से लाल आतंक समाप्त हो जाए, और हमारा बस्तर खुशहाल हो. आयोजन में बड़ी संख्या में जुटे आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल ‘बस्तर पंडुम’ बस्तर के उत्सव के रूप में मनाया गया है. लेकिन मैं मोदी जी का संदेश लेकर आया हूं. अगले साल बस्तर पंडुम – यही नाम के साथ देश के हर आदिवासी जिले से कलाकारों को हम यहां लाएंगे. यही नहीं हम बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने के लिए दुनियाभर के राजदूत जो राजधानी में हैं, उनको बस्तर में लाकर हमारी परंपराओं को, संस्कृति को और आदिवासी बच्चों की कला को पूरे विश्व में पहुंचाने का काम भाजपा की सरकार करेगी. अमित शाह ने कहा कि 12 मार्च से लेकर आज तक जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग ने पांच करोड़ का आवंटन किया है, जो सबसे पहला इतना बड़ा संस्कृतिक आयोजन है. स्थानीय कला और संस्कृति, पारंपरिक लोककलाएं, शिल्प, तीज-त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, पारंपरिक गीत-संगीत, व्यंजन, पेय पदार्थ – इन सभी को मूल रूप में संवंर्धित और संरक्षित करने का काम यह पंडुम करेगा. गृह मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे बस्तर का युवा सबसे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करे. विश्व के युवाओं के साथ हर मंच पर दो-दो हाथ करे. दुनियाभर की समृद्धि प्राप्त करे, परंतु अपनी संस्कृति को कभी न भूले, अपनी भाषा को कभी न भूले, अपनी परंपराओं को कभी न भूले. यह बस्तर की संस्कृति, बस्तर की बोलियां, यहां के गान, यहां के वाद्य, पेय पदार्थ, भोजन… यह केवल छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण नहीं है. यह भारत की संस्कृति का गहना है, इसको हमें संजो कर रखना है. तेंदूपत्ता के लिए मिलेगा अब 5500 रुपए उन्होंने कहा कि इस बार बस्तर पंडुम 7 श्रेणियों में मनाया गया है, अगली बार 12 श्रेणियों में मनाएंगे, और देशभर के आदिवासी यहां पर आएंगे. आयोजन में शामिल सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं. प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के तौर पर विष्णु देव साय को मंच पर आमंत्रित करते हुए कहा कि तेंदूपत्ता अब 5500 रुपए पर अब सीधे सरकार खरीदेगी. कोई दलाल के पास आपको नहीं जाना पड़ेगा. जो लाल आतंक फैलाने वालों के डर से वो ले जाते थे, विष्णु देव सीधे आपके बैंक अकाउंट में डालने का काम करेंगे. नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने की अपील गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आप हमारे अपने हैं. कोई भी नक्सली मारा जाता है, तो किसी को आनंद नहीं होता है. लेकिन इस क्षेत्र को विकास चाहिए. जो पचास साल में विकास नहीं हुआ वह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन पांच साल में इस बस्तर को सबकुछ देना चाहते हैं. लेकिन यह तभी हो सकता है, जब बस्तर के अंदर शांति हो. बच्चे स्कूल जाएं. माताओं की स्वास्थ्य की चिंता हो. आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित न हो, पढ़ाई-लिखाई से वंचित न हो, तहसील में छोटी से अस्पताल हो. जिला केंद्र में हर रोग का इलाज हो. और हर घर में सात किलो चावल मुफ्त में पहुंचे. नक्सल मुक्त गांव को मिलेगा एक करोड़ रुपए अमित शाह ने कहा कि बस्तर में तभी शांति आ सकती है, वो तभी हो सकता है, जब बस्तर के लोग तय करें कि हर गांव को नक्सल मुक्त कराएं. विष्णु देव और विजय शर्मा ने घोषणा किया है, जो गांव हर नक्सली को सरेंडर कराएगा, उस गांव को नक्सल मुक्त घोषित कर एक करोड़ रुपए का राशि देंगे. विकास की प्रक्रिया में भागीदारी बनिए गृह मंत्री ने कहा कि ये जो दुष्प्रचार करते हैं कि हमारे युवाओं को मारते हैं. किसी को कोई मारना नहीं चाहता. कितने भी काम किए हो हथियार डाल दो, मुख्य धारा में आ जाओ. आपका पूरा संरक्षण भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार करेगी. लेकिन अब आप हथियार उठाकर, पूरे बस्तर को बैन कर आदिवासियों का विकास नहीं रोक सकते. हथियार डालकर शरण में आ जाइए. आप भी विकास की प्रक्रिया में भागीदार बनिए. अगले बस्तर में आएं महामहिम द्रोपदी मुर्मू 75 साल हो गए थे, कोई आदिवासी देश का राष्ट्रपति नहीं बना था. नरेंद्र मोदी ने ओडिशा की गरीब आदिवासी बेटी द्रोपदी मुर्मू को महामहिम द्रोपदी मुर्मू बनाने का काम किया. आज वे राष्ट्रपति भवन में शोभायमान हैं. अगली बार जब बस्तर पंडुम मनाया जाएगा, मैं और विष्णु देव जी विनती करना चाहता हूं कि राष्ट्रपति महोदया आएं, और शोभा बढ़ाएं. अब विकास के लिए हथियार की जरूरत नहीं गृह मंत्री ने कहा कि आज जब हम नक्सलवाद के खिलाफ हम दोनों तरह से आगे बढ़ रहे हैं. जो समझ गए हैं कि अब विकास के लिए हाथ में बंदूक की जरूरत नहीं है, अब कंप्यूटर की जरूरत है. विकास के लिए हाथ में आईईडी और हथगोला नहीं चाहिए, कलम चाहिए, वे सभी सरेंडर हो गए हैं. 2025 के चौथे महीने के दौरान 521 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं. 2024 में 881 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं. और मैं आपको विश्वास दिलाया हूं, जो सरेंडर होंगे, वे मेन स्ट्रीम में आएंगे. जो हथियार ले आएंगे, उनके खिलाफ सुरक्षाकर्मी मोर्चा संभालेंगे. जो भी होगा, अगले साल मार्च तक पूरे देश को इस लाल आतंक से मुक्त करने का काम भाजपा की सरकार करेगी. बस्तर भय का नहीं भविष्य का पर्याय बनेगा बस्तर अब भय का नहीं भविष्य का पर्याय बनेगा. मैं पहले भी आया था, सभाएं करने के लिए, लेकिन रोक लिया जाता था. मुख्यमंत्री कहते थे आप मत जाइए. आज धड़ल्ले के साथ 50 हजार आदिवासियों के सामने राम नवमीं और अष्टमी का उत्सव मना रहे हैं. बस्तर पंडुम में हम सब शामिल हो रहे हैं. यह शुरुआत हुई है यह हमारे मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने बहुत परिश्रम कर विकास लाने का प्रयास किया है. यहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां मशीनों की आवाज आती है. जहां गांव विरान थे, वहां स्कूलों … Read more

कोठागुडेम जिले में 86 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

कोठागुडेम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के बीच नक्सल मोर्चे से एक बड़ी खबर सामने आई है। तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले में 86 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से अधिकांश छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने कोठागुडेम के हेमचंद्रपुरम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर मल्टी जोन-1 के आईजी चंद्रशेखर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। ये सभी माओवादी लंबे समय से आईईडी ब्लास्ट, फायरिंग, हत्या और ठेकेदारों से वसूली जैसी गंभीर वारदातों में शामिल रहे हैं। आईजी चंद्रशेखर रेड्डी ने बताया कि इन सभी ने तेलंगाना सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चेयुथा’ के तहत आत्मसमर्पण किया है। सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की है। बताया जा रहा है कि यह आत्मसमर्पण ऐसे समय पर हुआ है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर में नक्सल विरोधी गतिविधियों की समीक्षा कर रहे हैं। यह घटनाक्रम सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीद और भी मजबूत हो गई है। इससे पहले बीते शुक्रवार को लाखों रुपयों के इनामी तीन पुरुष और एक महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया था। recent visitors 31