मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानितमुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा दानशीलता दिवस पर आयोजित सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में समाज द्वारा नवनिर्मित 200 सीटर ऑडिटोरियम का लोकार्पण और  दान दाताओं का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्रवाल समाज की दानशीलता के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए अग्रवाल समाज हमेशा ही आगे रहा है। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ से काफी पुराना नाता रहा है। लगभग 400 साल पहले जब से अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ में पदार्पण हुआ है,  तब से छत्तीसगढ़ के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज व्यापार व्यवसाय से जुड़ा हुआ है जो कठिन परिश्रम  तथा लगन से कार्य करते हुए मानवता की सेवा में जुटा रहना वाला समाज है। अग्रवाल समाज के द्वारा कोविड की विषम परिस्थिति में भी मानव सेवा सम्बंधी किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के दानदाताओं के सहयोग का उल्लेख किया। इनमें उन्होंने डीकेएस अस्पताल, एम्स, शीतलबांधा तालाब सहित अनेक  कार्यों का उल्लेख किया। कृषि विश्वविद्यालय के लिए 1900 एकड़ भूमि समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई है। अनेक धर्मशाला, तालाब, मंदिर, गौशाला, छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा बनाई गई है। इन कार्यों से समाज का हर वर्ग लाभान्वित है। सामाजिक समरसता का इससे अनूठा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के लोगों ने सेवा के ऐसे काम किए हैं, जो सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कन्या विवाह, रोजगार जैसे अनेक क्षेत्रों में आप सभी ने जरूरतमंदों की सेवा की है। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ देश-दुनिया में सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप 2047 में विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पाने में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहेंगी। इस दौरान उन्होंने समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। साथ ही मुख्य मंच से दान देने वाले अग्रणी परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, संजय श्रीवास्तव, दाऊ अनुराग अग्रवाल  सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 42

माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए किया है पिछले बजट से 3000 करोड़ रुपए अधिक का प्रावधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन के दिए निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता करें सुनिश्चित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर बच्चे की शिक्षा, चिकित्सा और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हर विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3000 करोड़ रुपए अधिक बजट का प्रावधान किया। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में सभी जरूरी सुधार लाने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में प्रत्येक शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बिजली, पंखा, स्वच्छ व शीतल पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्थाएं की जाएं। कोई भी शाला जर्जर हालत में न रहे। सभी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक अच्छा माहौल और प्रोत्साहन देने वाला परिवेश उपलब्ध करायें, ताकि बच्चे खुशी-खुशी विद्यालय पहुंचे। विभागीय अधिकारी कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था नई जरूरतों के मुताबिक सुधार लाने के लिए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) जैसे क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश में एक आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) बनकर उभरें, इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां और प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लागू नई शिक्षा नीति के मॉडल का अध्ययन कर कार्य योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए हमारी सरकार स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य में स्थानीय पूर्व सांसद और पूर्व विधायक, समाजसेवी संस्थाओं, पूर्व छात्रों एवं सीएसआर फंड से भी सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आर्थिक या व्यवस्थागत सुधार में मदद करने वालों का सरकार सम्मान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को विधानसभा वार जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी एकत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालयों के अधोसंरचना विकास कार्यों में विधायक निधि से भी सहयोग लिया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित किए जायें। बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आगामी मई माह के प्रथम सप्ताह में ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है। नैतिक शिक्षा देने पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्कूल स्तर से ही बच्चों को आदर्श पारिवारिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विद्या भारती, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से जोड़ा जाए। बाल्यकाल में प्राथमिक कक्षा से ही विद्यार्थियों में संस्कारों के विकास का क्रम जारी रहना चाहिए। समिति बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सुझावों का सरकार स्वागत करेगी। मिले सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों के साथ शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास), जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्रीगण की एक समिति बनाकर संयुक्त बैठक आयोजित करने और शैक्षिक सुधार की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली स्कूलों को अपग्रेड किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज) संचालित किया जा रहा है। इन स्कूलों के नवीन भवनों के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी विद्यालय देश में ऐसे आदर्श विद्यालय बनाने हैं, जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल-कूद, कला-संस्कृति एवं छात्रों के समग्र विकास का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सांदीपनी विद्यालयों में 145 बसें संचालित की जा रही हैं। बस संचालन में सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और ड्रायवर-कंडक्टर के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाए। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजाति विभाग की अंतर्गत प्रदेश में 369 संदीपनी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 275 और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनी विद्यालय शामिल हैं। 8 संदीपनी विद्यालयों भवनों का लोकार्पण हो चुका है और 10 भवन बनकर लोकार्पण के लिए तैयार हैं। जून 2025 तक 34 नए सांदीपनी विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की भर्ती और अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में पूर्ण रूप से प्रदर्शित बरती जाए। लापरवाही करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उज्जैन में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक का रिक्त पद शीघ्र भरने के निर्देश दिये। प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल खुल चुके हैं और एडमिशन पोर्टल पर अबतक 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। पहली कक्षा में बच्चों का प्रवेश घटने पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शासकीय स्कूलों में नर्सरी कक्षा भी शुरू करने की आवश्यकता है, क्योंकि एक बार कोई बच्चा प्राइवेट नर्सरी स्कूल में दाखिला ले लेता है, तो फिर उसका शासकीय स्कूल में लौटना मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूलों में भारत स्काउट गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और मेधावी … Read more

मशहूर अभिनेता मनोज कुमार का निधन, 87 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई देशभक्ति फिल्मों के माध्यम से दर्शकों के दिलों में अलग जगह बनाने वाले हिंदी सिने जगत के दिग्गज कलाकार मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने शुक्रवार सुबह मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली. मनोज कुमार ने बॉलीवुड को उपकार, पूरब-पश्चिम, क्रांति, रोटी-कपड़ा और मकान सहित ढेर सारी कामयाब फिल्में दीं. इन फिल्मों की वजह से उन्हें दर्शक 'भारत कुमार' के नाम से भी जानते थे. हिंदी सिनेमा के दिग्गज सुपरस्टार को खोने पर फैंस और अक्षय कुमार जैसे बॉलीवुड सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर रिएक्शन दिया है. अक्षय कुमार ने एक्स पर लिखा, मैं उनसे सीखता हुआ बड़ा हुआ कि हमारे देश के लिए प्यार और गर्व से बढ़कर कोई भावना नहीं है और अगर हम एक्टर इस भावना को दिखाने में आगे नहीं आएंगे, तो कौन करेगा? इतने अच्छे इंसान और हमारे बिरादरी की सबसे बड़ी संपत्तियों में से एक. RIP मनोज सर. ओम शांति. मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, 'भारत कुमार' के नाम से मशहूर अभिनेता ने सुबह 3:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की वजह दिल का दौरा बताई गई। रिपोर्ट ने यह भी पुष्टि की गई कि मनोज कुमार पिछले कुछ महीनों से डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 21 फरवरी, 2025 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।   भारतीय सिनेमा में मनोज कुमार के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनके नाम एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और अलग-अलग श्रेणियों में सात फिल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं। भारतीय कला में उनके अपार योगदान के सम्मान में सरकार ने उन्हें 1992 में पद्म श्री से सम्मानित किया। उन्हें 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मनोज कुमार के निधन पर फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने कहा, '…महान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित, हमारे प्रेरणास्रोत और भारतीय फिल्म उद्योग के 'शेर' मनोज कुमार जी अब हमारे बीच नहीं रहे। यह फिल्म उद्योग के लिए बहुत बड़ी क्षति है और पूरी इंडस्ट्री उन्हें याद करेगी।' गीतकार मनोज मुंतशिर ने महान अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है.  मुंतशिर ने संवेदनाएं इंस्टाग्राम पर जाहिर की. उन्होंने लिखा, जीवन भर इस बात का अभिमान रहा और रहेगा, कि मेरा नाम आपसे मिलता है. देशभक्ति का पहला पाठ आपकी फिल्मों ने पढ़ाया. उन्होंने आगे कहा, भारत से प्यार करना मुझे भारत कुमार ने सिखाया. आप न होते, तो वो चिंगारी न होती जो मेरी साधारण सी कलम से ‘तेरी मिट्टी' लिखवा ले. अलविदा मेरे हीरो! कैसा था मनोज कुमार का सफर? मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 में पाकिस्तान में हुआ था. उनका असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी था. मनोज कुमार एबटाबाद (अब पाकिस्तान) में पैदा हुए थे. देश के बंटवारे के वक्त उनका परिवार दिल्ली आ गया था. बचपन से वो सिनेमा के दीवाने थे. फिल्में देखना उन्हें अच्छा लगता था. उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म शबनम में उनके किरदार मनोज कुमार के नाम पर अपना नाम रख लिया था. एक्टर ने 1957 में फिल्म फैशन से एक्टिंग डेब्यू किया था. 1965 उनके करियर के लिए बड़ा गेमचेंजर था. इसी साल आई शहीद मूवी ने उनके करियर को माइलेज दी. बस इसके बाद उन्होंने कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा. रोल चाहे कैसा भी हो, वो उसमें पूरी तरह ढल जाते थे. मनोज कुमार की फिल्में ही हिट नहीं हुईं, बल्कि इसके गाने भी लोगों की जुबां पर चढ़े. उनकी उपकार मूवी का गाना 'मेरे देश की धरती' आज भी लोगों को याद है. मनोज कुमार को फिल्म 'उपकार' के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था. पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम नरेंद्र मोदी ने  मनोज कुमार के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने X पर लिखा- 'महान अभिनेता और फिल्ममेकर मनोज कुमार के निधन से गहरा दुख हुआ. वो भारतीय सिनेमा के आइकन थे, जिन्हें खासतौर पर उनके देशभक्ति के जोश के लिए याद किया जाएगा. देशभक्ति उनकी फिल्मों में  झलकती थी.उनके कामों ने राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ाया है. वो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. ऊं शांति.' अशोक पंडित ने क्या कहा? फिल्ममेकर अशोक पंडित ने मनोज कुमार के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने कहा- मनोज कुमार, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड विनर, हमारे इंस्पिरेशन और इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के शेर थे. वो अब हमारे बीच नहीं रहे. ये हमारी पूरी इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है. हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे. जब फिल्मी दुनिया को कहा अलविदा मनोज कुमार ने 1995 में आई फिल्म 'मैदान-ए-जंग' में दिखने के बाद एक्टिंग छोड़ दी थी. उन्होंने 1999 में अपने बेटे कुणाल गोस्वामी को फिल्म 'जय हिंद' में डायरेक्ट किया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी. फिल्मों से रिटायरमेंट के बाद मनोज कुमार ने राजनीति में एंट्री मारी थी. 2004 में वो बीजेपी में शामिल हुए थे. recent visitors 36

सनराइजर्स हैदराबाद की हार की हैट्रिक, कोलकाता नाइट राइडर्स ने 80 रनों से धोया, हैदराबाद के बड़े-बड़े शर्मनाक रिकॉर्ड

कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-15 में कोलकाता नाइट राइ़डर्स (KKR) का सामना सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से हुआ. 3 अप्रैल (गुरुवार) को ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में कोलकाता की टीम ने 80 रनों से जीत हासिल की. सनराइजर्स को जीत के लिए 201 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी पूरी टीम 120 रनों पर ढेर हो गई. आईपीएल में रनों के लिहाज से सनराइजर्स हैदराबाद की ये सबसे बड़ी हार रही. इससे पहले सनराइजर्स की सबसे बड़ी हार पिछले साल चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ उसके घर पर (चेपॉक) आई थी. तब सीएसके ने सनराइजर्स को 78 रनों से हराया था. कोलकाता नाइट राइडर्स की मौजूदा सीजन में ये दूसरी जीत रही. जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने लगातार तीसरा मैच गंवाया है. बता दें कि इससे पहले कोलकाता ने राजस्थान रॉयल्स (RR) को पराजित किया था, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था. उधर हैदराबाद ने राजस्थान के खिलाफ शुरुआती मैच में जीत हासिल की, लेकिन उसने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ मुकाबला गंवा दिया था. अब उसे एक और हार मिली है. टारगेट का पीछा करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत खराब रही. उसने पावरप्ले में ही तीन विकेट खो दिए. पहले ओवर में 'इम्पैक्ट सब' ट्रेविस हेड (4) को कोलकाता के 'इम्पैक्ट सब' वैभव अरोड़ा ने चलता किया. फिर अगले ओवर में अभिषेक शर्मा (2) को हर्षित राणा ने अपना शिकार बने. इसके बाद वैभव अरोड़ा ने अपने दूसरे ओवर में ईशान किशन (2) को आउट करके हैदराबाद की मुसीबत बढ़ाने का काम किया. नीतीश कुमार रेड्डी (19) से बड़ी इनिंग्स की उम्मीद थी, लेकिन आंद्रे रसेल ने उन्हें चलता किया. डेब्यूटेंट खिलाड़ी कामिंदु मेंडिस (27) ने कुछ अच्छे शॉट्स जरूर लगाए, लेकिन स्पिनर सुनील नरेन की फिरकी ने उनकी पारी का अंत कर दिया. फिर अनिकेत वर्मा (6) मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का शिकार बन गए. अनिकेत के आउट होने के समय सनराइजर्स का स्कोर 6 विकेट पर 75 रन था. इसके बाद विस्फोटक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन को वैभव अरोड़ा ने आउट कर दिया, जिसके चलते सनराइजर्स की जीत की उम्मीदें खत्म हो गईं. क्लासेन ने 2 चौके और दो छक्के की मदद से 21 बॉल पर 33 रन बनाए. पैट कमिंस (14), सिमरजीत सिंह (0) और हर्षल पटेल (3) आउट होने वाले आखिरी तीन बल्लेबाज रहे. कमिंस और सिमरजीत को वरुण चक्रवर्ती ने चलता किया, जबकि हर्षल को आंद्रे रसेल ने शिकार बनाया. केकेआर की ओर से वरुण चक्रवर्ती और वैभव अरोड़ा ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि आंद्रे रसेल को भी दो विकेट मिले. हर्षित राणा और सुनील नरेन को भी एक-एक सफलता हाथ लगी. वेंकटेश अय्यर की तूफानी बैटिंग, रघुवंशी ने भी जड़ी फिफ्टी मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट पर 201 रन बनाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने दूसरे ही ओवर में विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (1) का विकेट गंवा दिया, जो विपक्षी कप्तान पैट कमिंस की बॉल पर चलते बने. फिर अगले ओवर में दूसरे ओपनर सुनील नरेन (7) को मोहम्मद शमी ने चलता कर दिया. इसके बाद अंगकृष रघुवंशी और कप्तान अजिंक्य रहाणे ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 81 रनों की पार्टनरशिप करके केकेआर को संभाला. जीशान अंसारी ने अजिंक्य रहाणे को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. रहाणे ने चार छक्के और एक चौके की मदद से 27 गेंदों पर 38 रन बनाए. रहाणे के आउट होने के कुछ देर बाद अंगकृष रघुवंशी ने 30 बॉल पर फिफ्टी पूरी कर ली. हालांकि रघुवंशी फिफ्टी जड़ने के तुरंत बाद आउट हो गए. रघुवंशी को डेब्यूटेंट खिलाड़ी कामिंदु मेंडिस ने आउट किया. रघुवंशी ने 32 गेंदों पर 50 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और दो छक्के शामिल थे. रघुवंशी के आउट होने के समय केकेआर का स्कोर चार विकेट पर 106 रन था. यहां से वेंकटेश अय्यर और रिंकू सिंह ने 41 बॉल पर 91 रनों की तूफानी पार्टनरशिप करके कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद की. वेंकटेश अय्यर ने महज 29 बॉल पर 60 रन बनाए, जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल रहे. वेंकटेश ने इस दौरान 25 गेंदों पर ही फिफ्टी पूरी कर ली. वेंकटेश को आखिरी ओवर में हर्षल पटेल ने चलता किया. आखिरी ओवर में आंद्रे रसेल (1) भी रनआउट हुए. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पैट कमिंस, मोहम्मद शमी, कामिंदु मेंडिस और हर्षल पटेल ने एक-एक विकेट हासिल किया. हैदराबाद के बड़े-बड़े शर्मनाक रिकॉर्ड आईपीएल में SRH की सबसे बड़ी हार (रनों के अंतर से): 80 रन बनाम KKR, कोलकाता, 2025* 78 रन बनाम CSK, चेन्नई, 2024 77 रन बनाम CSK, हैदराबाद, 2013 72 रन बनाम RR, हैदराबाद, 2023 72 रन बनाम KXIP, शारजाह, 2014 SRH के खिलाफ लगातार सबसे ज्यादा जीत: 5 – DC (2020–2023) 5* – KKR (2023–2025) 4 – CSK (2018) 4 – KKR (2020–2021) आईपीएल में किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत: 24 – MI बनाम KKR 21 – CSK बनाम RCB 21 – KKR बनाम PBKS 20 – MI बनाम CSK 20 – KKR बनाम RCB 20* – KKR बनाम SRH SRH के खिलाफ लगातार सबसे ज्यादा 50+ स्कोर 4 – संजू सैमसन (2021-23) 3 – फाफ डु प्लेसिस (2022-24) 3 – वेंकटेश अय्यर (2024-25)* वेंकटेश अय्यर के SRH के खिलाफ पिछले तीन स्कोर 51* (28) – Q1 2024 52* (26) – फाइनल 2024 60 (29) –  3 अप्रैल 2024 वेंकटेश अय्यर की पारी की प्रोगेस 1-10 गेंद: 11 रन (SR: 110.0) 11-20 गेंद: 19 रन (SR: 190.0) 21-29 गेंद: 30 रन (SR: 333.3) recent visitors 41

वक्फ विधेयक पर संसद की मुहर, राज्यसभा से भी पारित हुआ वक्फ बिल, 13 घंटे से ज्यादा चली संसद

नई दिल्ली राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा पूरी हो चुकी है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित हो चुका है। इंडिया गठबंधन इस संशोधन विधेयक के विरोध में है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी के सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि वक्फ़ संशोधन विधेयक मुसलमानों के खिलाफ है। JPC में विपक्षी सदस्यों द्वारा की गई किसी भी सिफारिश को वक्फ़ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया । संजय राउत ने बीजेपी पर कसा तंज – संजय राउत ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि दो दिनों से मुस्लिमों की इतनी चिंता की जा रही है, जितनी जिन्ना ने भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों की इतनी चिंता हो रही है कि मुस्लिम और हिंदू दोनों डरे हुए हैं। संजय राउत ने कहा कि ये बिल लोगों का ध्यान भटकाने का तरीका है। कल ही ट्रंप ने टैरिफ लगाया, उस पर चर्चा होनी चाहिए थी लेकिन आप ध्यान भटकाने के लिए ये बिल ले आए। उन्होंने कहा कि बीजेपी को मुस्लिमों की चिंता कबसे होने लगी? अब आप मुस्लिमों की संपत्ति की चिंता कर रहे हो। यह ऐतिहासिक क्षण, हाशिए पर पड़े लोगों को मदद मिलेगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद में वक्फ संशोधन विधेयक का पारित होना एक "महत्वपूर्ण क्षण" है. पीएम ने कहा कि यह मुस्लिम समुदाय में हाशिए पर पड़े लोगों को आवाज़ देगा और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा. वक्फ विधेयक, जो सरकार को वक्फ संपत्तियों को विनियमित करने का अधिकार देता है उसे संसद में दो दिन तक चली मैराथन बैठक बैठक के बाद आधी रात को पारित कर दिया गया. बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "संसद द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक का पारित होना हमारे साझा सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मोड़ है. इससे विशेष रूप से उन लोगों को मदद मिलेगी जो लंबे समय से हाशिये पर रहे हैं और इस प्रकार उन्हें आवाज और अवसर दोनों से वंचित रखा गया है." इससे बढ़ेगी पारदर्शिता प्रधानमंत्री का बयान भाजपा के उस रुख को दर्शाता है जिसमें पार्टी ने इस विधेयक को गरीब मुस्लिमों के लिए एक सुधारात्मक कदम बताया है—खासतौर पर उन लोगों के लिए जिनकी समुदाय के मामलों में कोई भागीदारी नहीं रही. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि वक्फ प्रणाली दशकों से पारदर्शिता की कमी का पर्याय बन गई है, जिससे गरीब मुसलमानों, महिलाओं और पसमांदा मुसलमानों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है. पीएम ने लिखा, 'वक्फ व्यवस्था दशकों से अधिकारहीनता और अपारदर्शिता का प्रतीक रही है. इससे मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुस्लिमों और पसमांदा मुस्लिमों के हितों को नुकसान हुआ है. यह नया कानून पारदर्शिता बढ़ाएगा और लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगा.' पसमांदा मुस्लिम समुदाय के भीतर सबसे पिछड़े और सामाजिक रूप से शोषित वर्ग माने जाते हैं. हाल के वर्षों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी ने "अनदेखे" पसमांदा मुस्लिमों को जोड़ने की कोशिश की है. सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील युग की शुरूआत होगी- पीएम प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विधेयक, जिसे अब कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता है, आधुनिकता और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशीलता के एक नए युग की शुरुआत करेगा. पीएम ने कहा, 'हम प्रत्येक नागरिक की गरिमा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसी सोच से हम एक मजबूत, समावेशी और उदार भारत का निर्माण करेंगे." विधेयक के अनुसार, वक्फ परिषद में दो महिला सदस्यों सहित अधिकतम चार गैर-मुस्लिम सदस्य होने चाहिए. इसके अलावा, जिला कलेक्टरों के पद से ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों का अब अंतिम निर्णय होगा कि कोई संपत्ति वक्फ है या सरकार की है. Waqf Amendment Bill पर अमित शाह ने क्या कहा? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह वक्फ पर प्रस्तावित कानून नहीं मानने की धमकी दे रहा, लेकिन यह संसद द्वारा पारित किया गया कानून होगा और इसे सभी को स्वीकार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए यह डर फैलाया जा रहा है कि वक्फ विधेयक मुसलमानों के धार्मिक मामलों और उनके द्वारा दान की गई संपत्तियों में दखल है। वहीं, राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनके निजी कानूनों और संपत्ति के अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से बनाया गया एक हथियार है। उन्होंने कहा कि आरएसएस, भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा संविधान पर यह हमला आज मुसलमानों पर लक्षित है, लेकिन भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने के लिए एक मिसाल कायम करता है। कांग्रेस पार्टी इस कानून का कड़ा विरोध करती है क्योंकि यह भारत के मूल विचार पर हमला करता है और अनुच्छेद 25, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है। recent visitors 43

मरीजों की दिक्कत दूर करेगा आयुष्मान योजना का नया पोर्टल, अप्रूवल और क्लेम में नहीं आएगी परेशानी

देहरादून आयुष्मान योजना के तहत मरीजों की दिक्कत को दूर करने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण अपना अलग पोर्टल तैयार करेगा। स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने इसके निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान पोर्टल की वजह से योजना के संचालन में आने वाली परेशानियों को देखते हुए राज्य स्तर पर अलग पोर्टल तैयार करने को कहा गया। अप्रूवल और क्लेम में न आए कोई परेशानी डा. रावत ने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि मरीजों के इलाज के अप्रूवल और क्लेम आदि में किसी भी तरह की परेशानी न आए। इसके साथ ही उन्होंने योजना में मितव्ययता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान प्रमुख योजना है और लाखों लोग इससे जुड़े हैं। ऐसे में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार, प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना जोशी, निदेशक वित्त अभिषेक आनंद, निदेशक प्रशासन डा.विनोद टोलिया, अपर निदेशक प्रशासन अतुल जोशी, अपर निदेशक आइटी अमित शर्मा समेत कर्मचारी/पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इंश्योरेंस मोड पर सहमत नहीं मंत्री स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के लिए संचालित राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना में आ रही बजट की कमी को दूर करने के लिए किए जा रहे उपायों पर भी चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि इंश्योरेंस और ट्रस्ट मोड का तुलनात्मक अध्ययन कर प्रस्ताव बनाया गया है। कर्मचारी एवं पेंशनर्स के अंशदान की अपेक्षा अधिक खर्च होने से योजना का निर्बाध संचालन में दिक्कत आ रही है। कुछ अस्पतालों ने सेवाएं देने से असमर्थता जता दी है। एसजीएचएस में गैप फंडिंग को लेकर भी शासन को पत्र लिखा गया है। जिस पर विभागीय मंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान को शासन स्तर पर वित्त विभाग के साथ बैठक की जाएगी। आयुष्मान योजना को इंश्योरेंस मोड पर देने की चर्चा पर कहा कि अधिकांश राज्यों में ट्रस्ट मोड पर ही आयुष्मान योजना संचालित हो रही है। जो प्रदेश इंश्योरेंस मोड में चला रहे हैं, वह भी ट्रस्ट में आने की बात कर रहे हैं। छूटे पेंशनर को मिलेगा गोल्डन कार्ड का लाभ उत्तराखंड के लगभग 30 हजार पेंशनर को पुन: इस योजना से जुड़ने का विकल्प दिया जाएगा। यह वह पेंशनर हैं, जो पूर्व में योजना से अलग हो गए थे। काफी वक्त से इन्हें योजना से जुड़ने का एक विकल्प देने की मांग उठ रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग पर राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत ओपीडी सेवा की भांति ही डायग्नोस्टिक लैब व केमिस्ट को सूचीबद्ध करने पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने जल्द कार्रवाई की बात कही है। वहीं, वर्ष में एक बार प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप की मांग पर भी सहमति दी। कर्मचारियों की सहूलियत के लिए तैयार होगा एप राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना से आच्छादित सभी कार्मिकों एवं पेंशनर की सहूलियत के लिए एक एप तैयार किया जाएगा। जिसमें योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल, संबंधित अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाएं, बेड की स्थिति आदि का विवरण होगा। इसके अलावा गोल्डन कार्डधारकों के लिए अलग से पंजीकरण काउंटर, भर्ती प्रक्रिया के सरलीकरण आदि का भी निर्णय इस दौरान लिया गया। recent visitors 33

राज्य सरकार-प्रदेशवासी और अधिकारी-कर्मचारी एकजुट-एकभाव होकर प्रगति पर हो रहे हैं अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कुशल वित्तीय प्रबंधन से संभव हो रहा है, विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार सुशासन के मूल भाव को कर रही साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार-प्रदेशवासी और अधिकारी-कर्मचारी एकजुट-एकभाव होकर प्रगति पर हो रहे हैं अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुरानी देनदारी चुका कर विकास के विविध पैमानों पर आगे बढ़ रहा है राज्य ताप विद्युत गृहों के लिए किया गया 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण अधिकारी-कर्मचारियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री ने कुशल वित्तीय प्रबंधन के संबंध में विचार व्यक्त किए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार जनहितैषी संकल्पों के साथ अग्रसर है। उद्योग-व्यापार से लेकर खेलों तक राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और नीति आयोग के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक विभाग में सुशासन के मूल भाव के साथ गतिविधियों की मॉनिटरिंग जारी है। राज्य सरकार के हर विभाग ने अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम कार्य करने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार इन्हीं दृढ़संकल्पों की परिणीती है। राज्य सरकार, प्रदेशवासी और अधिकारी- कर्मचारी एकजुट होकर एक भावना के साथ प्रगति पर अग्रसर हों, इसी मंशा के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बावजूद इसके गत वर्ष की तुलना में बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। कुशल वित्तीय प्रबंधन और सभी के सहयोग से सरकार हर क्षेत्र में अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लगभग 10-15 वर्ष तक पुराने भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में राशि आवंटित की गई है, जिससे सरकार पर करीब 1500 करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर ही अपने अधिकारी-कर्मचारियों की बेहतरी का ध्यान रख पा रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रदेश को प्राप्त हो रही उपलब्धियों का श्रेय अधिकारी-कर्मचारियों को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पुरानी सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ रुपए की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर सभी केंद्रीय कोयला कंपनियों की देनदारियों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। जेनरेशन कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों के कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप अब तक का सर्वाधिक 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण किया गया है। ताप विद्युत गृहों में उपयोग के लिए कोयला भंडारण का अग्रिम भुगतान भी सरकार की ओर से किया जा चुका है।   recent visitors 40