अभी तक 1794 करोड़ 82 लाख रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका: मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक एक लाख 25 हजार 631 किसानों से 10 लाख 25 हजार 735 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक 1794 करोड़ 82 लाख रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। जिला उज्जैन में एक लाख 93 हजार 362, सीहोर में एक लाख 61 हजार 737, देवास में 90 हजार 740, शाजापुर में 92 हजार 613, इंदौर में 69 हजार 558, भोपाल में 74 हजार 75, राजगढ़ में 66 हजार 47, मंदसौर 42 हजार 909, आगर मालवा में 40 हजार 550, धार में 33 हजार 249, विदिशा में 54 हजार 474, हरदा में 24 हजार 45, खण्डवा में 16 हजार 654, रतलाम में 19 हजार 743, नीमच में 6362, नर्मदापुरम में 8140, झाबुआ में 5710, रायसेन में 14183, बैतूल में 2431, दमोह में 3557, खरगौन में 565, गुना में 1057, सागर में 1053, नरसिंहपुर में 221, छिंदवाड़ा में 185, अशोकनगर में 119, सिवनी में 1313, सतना में 926, मण्डला में 90, दतिया में 43 और अलीराजपुर में 24, मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। इस वर्ष अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये 15 लाख 9 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। किसान अब 9 अप्रैल तक पंजीयन करा सकते हैं।  गेहूँ उपार्जन के लिये किसान अब 9 अप्रैल तक करा सकते हैं पंजीयन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि किसानों के हित में रबी विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन की अवधि 9 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। पूर्व में पंजीयन की अवधि 31 मार्च 2025 तक निर्धारित की गई थी। मंत्री श्री राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं करवाया है, वे 9 अप्रैल तक गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन जरूर करायें। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। उल्लेखनीय है कि गेहूँ उपार्जन के लिये 31 मार्च तक 15 लाख 9 हजार 324 किसान पंजीयन करा चुके हैं। गेहूँ का उपार्जन भी जारी है।   recent visitors 50

‘ये बिल पूरी तरह से फेक नैरेटिव पर आधारित है जिसके लिए पिछले कुछ महीनों से कोशिश की जा रही थी: नसीर हुसैन

नई दिल्ली अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 राज्यसभा में पेश कर दिया है. बिल पेश कर रिजिजू ने कहा कि वक्फ में किसी गैर मुस्लिम का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक 2024 कुछ संशोधनों के साथ पारित हो गया है. लोकसभा में चली मैराथन चर्चा के बाद ये बिल 232 के मुकाबले 288 वोट से पारित हो गया. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अब इस बिल को राज्यसभा में पेश कर दिया है. राज्यसभा में बिल पेश कर किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ में किसी गैर मुस्लिम का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. 'ये महज कानूनी नहीं, पुरानी रवायत से जुड़ा मामला', वक्फ बिल पर बोले नदीमुल हक टीएमसी सांसद नदीमुल हक ने कहा कि ये महज कानूनी मसला नहीं, पुरानी रवायत से जुड़ा मामला है. क्या हम उन रवायतों को भुला सकते हैं जिन्होंने हमें एक देश एक कौम बनाया है. ये मामला बस मुसलमानों से जुड़ा नहीं है. ये सिर्फ एक मजहबी मसला नहीं, संवैधानिक मुद्दा भी है. हमारे लिए संविधान महज एक किताब नहीं, मार्गदर्शक है. वक्फ बिल में कई खामियां हैं. ये बिल एंटी फेडरल है. इस बिल का मकसद वक्फ बोर्ड में मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व कम करना है. जब ये बिल लोकसभा में पेश किया गया था, एक गलती रह गई थी जो जेपीसी में जाकर पकड़ा गया था. बहुत सारी कमेटियों की सिफारिश पर ये बिल लेकर आए हैं, मंत्री जी ने कहा. आपको रिफॉर्म करना है तो तीन सुझाव तो मान लीजिए. मुसलमानों की शिक्षा को लेकर एजुकेशन बोर्ड, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से अवैध कब्जा हटाने की सिफारिशें भी मान लीजिए. इस बिल में इन सबका कोई जिक्र नहीं किया गया. नसीर हुसैन पर राधा मोहन दास अग्रवाल के आरोप को लेकर राज्यसभा में हंगामा विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब व्यक्तिगत आरोप लगाए जाएं तब स्पष्टीकरण का मौका दिया जाना चाहिए. निर्मला सीतारमण ने कहा कि गृह मंत्री के बोलने के बाद उन्हें मौका दिया गया था. उन्होंने (नसीर हुसैन ने) जो कहा, वो दोहरा सकती हूं. इस पर हंगामा हो गया. प्रमोद तिवारी के पॉइंट ऑफ ऑर्डर पर अमित शाह बोले- कोई आरोप नहीं लगाया राधा मोहन दास अग्रवाल का संबोधन पूरा होने के बाद कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया और कहा कि कोई भी सदस्य किसी सदस्य पर मानहानिकारक, अपराध के आरोप बगैर किसी पूर्व सूचना के आरोप नहीं लगा सकता. इस पर ट्रेजरी बेंच से मंत्री ने कुछ कहा. इस पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि ये मंत्री का आचरण है. हम तो बस इतना चाहते हैं कि सदन में चर्चा शांतिपूर्वक चले. गृह मंत्री अमित शाह अपनी सीट पर खड़े हुए और कहा कि मान्यवर माननीय सदस्य ने नसीर हुसैन पर कोई आरोप नहीं लगाए. इन्होंने बस इतना ही कहा कि नसीर हुसैन जब जीते, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे. नारे इन्होंने नहीं लगाए, इन पर आरोप नहीं लगे. नसीर हुसैन ने कहा कि मेरा नाम लिया गया है. जब ये नारे लगे, सिवाय एक जर्नलिस्ट के कोई वहां नहीं था. वक्फ बोर्ड जिस जमीन पर हाथ रख दे, उसकी हो जाती थी- राधा मोहन दास अग्रवाल बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान वक्फ बोर्ड की तुलना पुरानी फिल्मों के गुंडों से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से फिल्मों में गुंडे जिस औरत पर हाथ रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी. उसी तरह से ये जिस जमीन पर हाथ रख देते थे, वह जमीन इनकी हो जाती थी. वक्फ बाई यूजर इनका बड़ा हथियार था. किसी की जमीन पर कुछ दिन नमाज क्या पढ़ ली, वक्फ बाई यूजर वो जमीन वक्फ बोर्ड की हो गई. तमिलनाडु में 1500 साल पुराना मंदिर भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया. हमने मौलाना से पूछा कि ये बताओ कि कुरान में कहां लिखा है, किस हदीस में लिखा है कि जो संपत्ति किसी ने दान की ही नहीं, वह आपकी कैसे हो गई. इसका कोई जवाब किसी के पास नहीं था. ओवैसी साहब उस सदन में बैठते हैं, उन्होंने मेरा नाम रख दिया मौलाना राधा मोहन दास अग्रवाल. उन्होंने कर्नाटक में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले नेताओं के नाम की लिस्ट पढ़ी और कहा कि ये रिपोर्ट जेपीसी में टेबल हुई थी. बीजेपी सांसद ने कहा कि एक नाम इस सदन की मर्यादा में लेने से इनकार करता हूं, वो सदन में हैं भी नहीं. सबको पता है कि वो नाम क्या होगा. वक्फ संशोधन बिल पर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा हो रही है. इस दौरान कांग्रेस सांसद डॉक्टर सैयद नसीर हुसैन ने केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि, 'ये बिल पूरी तरह से फेक नैरेटिव पर आधारित है जिसके लिए पिछले कुछ महीनों से कोशिश की जा रही थी. ये बिल बीजेपी के लिए सिर्फ ध्रुवीकरण का टूल है. ये कह रहे हैं कि हम गरीब को ताकत देंगे, ट्रांसपैरेंसी देंगे. 10 साल से आप सत्ता में हैं, क्या किया. सेंट्रल वक्फ काउंसिल है, उसमें काउंसिल नहीं है, सिर्फ किरेन रिजिजू का नाम नजर आएगा.' उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि, 'वक्फ बोर्ड के खिलाफ सबसे बड़ा भ्रम फैलाया गया है कि वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को अपनी जमीन घोषित कर देता था. क्या देश में रेवेन्यू रिकॉर्ड नहीं है, कानून नहीं है, कोर्ट नहीं है. हम ट्रेन में नमाज पढ़ते हैं तो क्या ट्रेन हमारी हो गई.' देश को कर रहे हैं गुमराह कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा, 'बीजेपी शासित राज्यों में बोर्ड नहीं है. देश को गुमराह करने के लिए ये बातें यहां पर कर रहे हैं. जेपीसी में मैं भी सदस्य था. जब शुरू हुआ, एक्सपर्ट्स आने लगे तो 97 फीसदी लोगों ने बिल के खिलाफ बातें कीं. एक लाख आंकड़ा दे रहे हैं, सदन पटल पर रख दें कि कितने लोगों ने बिल का विरोध किया था. पहली बार जेपीसी में नॉन स्टेक होल्डर्स को बुलाया गया.' उन्होंने कहा कि, कुछ तो ऐसे थे जो सांप्रदायिक बयान दे रहे थे. ये कह रहे हैं कि जेपीसी की सिफारिशों पर लाए हैं. इनसे पूछिए कि … Read more

भोपाल में संपत्ति और जलकर में वृद्धि: 3611 करोड़ से अधिक का बजट पेश, पिछली बार की तुलना में 300 करोड़ रुपए ज्यादा

भोपाल भोपाल नगर सरकार का सालाना बजट गुरुवार को महापौर मालती राय ने पेश किया गया। संभावना के मुताबिक बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की वृद्धि की गई है। इससे राजधानी के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित होंगे।महापौर मालती राय नगर निगम का बजट पेश करने के लिए एमआईसी मेंबर और पार्षदों के साथ परिषद में पहुंचीं। महापौर सफेद-नीले रंग के झोले में बजट की कॉपी लेकर पहुंचीं। इस दौरान मेयर के साथ निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी थे। अतः उक्त परिस्थितियों के आधार पर नगरीय विकास के लिये यह आवश्यक एवं उचित है कि संपत्तिकर, जलदर एवं उपभोक्ता प्रभार की दरों में वृद्वि की जावे। माननीय अध्यक्ष महोदय, इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये युक्तियुक्तकरण किया जाकर संपत्तिकर की गणना हेतु करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारण हेतु परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्वि एवं उपभोक्ता प्रभार-जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्वि प्रस्तावित की गई है।जो कि बजट पुस्तिका में संलग्न चार्ट में अवलोकन से स्पष्ट होगा कि बहुत अधिक दरों को नहीं बढ़ाया गया है। वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध बैठक में महापौर मालती राय ने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन प्रस्ताव रखा। भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने इस पर चर्चा शुरू करनी चाही, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह लोकसभा का मामला है, नगर निगम में इसे क्यों उठाया जा रहा है। इस पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि प्रस्ताव मेरी अनुमति से रखा गया है, सभी पार्षद अपनी सीटों पर बैठें। लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जारी रखा और अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्षदों को वापस भेजा, वहीं भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने प्रस्ताव रखना जारी रखा और भाजपा पार्षदों ने इसका समर्थन किया। सरकारी आवास पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के नाम भोपाल में टीटी नगर स्थित सरकारी आवास का निर्माण हुआ था। सीएम मोहन यादव ने परिसर का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई परिसर करने की घोषणा की थी। मीटिंग में यह प्रस्ताव भी ध्वनिमत से पास कर दिया गया। एमआईसी मेंबर रविन्द्र यति ने यह प्रस्ताव रखा। इस पर विपक्ष ने भी किसी प्रकार का विरोध नहीं दर्ज कराया।  छात्रों के लिए महापौर स्मार्ट पास फिर शुरू होंगे     शहर में 1 लाख 26 हजार पौधे रोपे गए।     जीआईएस के तहत शहर के सौदर्यीकरण के कार्यों को बनाए रखने के लिए 1 हजार लाख रुपए और मुख्य मार्गों के सौंदर्यीकरण के लिए 1500 लाख रुपए तथा पार्को के विकास के लिए 1200 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया।     शहर में शालाओं के निर्माण और विकास कार्यों के लिए शिक्षा उपकर की मद में 3065 लाख रुपए का प्रावधान किया।     निगम कर्मचारियों के कक्षा 10वीं और 12वीं में मैरिट में आने वाली बालिकाओं और बालकों को प्रोत्साहन योजना के तहत 10 हजार रुपए प्रत्येक छात्र को दिए जाने का प्रावधान किया गया।     करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारा के लिए परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि एवं उपभोक्ता प्रभार- जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 4 250 लाख रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि- प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 210 लाख रुपए का प्रावधान किया गया।     परिषद अध्यक्ष निधि के रूप में 500 लाख रुपए रखने का प्रावधान।     एमआईसी सदस्यों की निधि के लिए 1 करोड़ रुपए प्रति एमआईसी के मान से 1 हजार लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया गया।     समग्र विकास के लिए विशेष निधि राशि 1 हजार लाख और विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य के लिए 1500 लाख रुपए का बजट में प्रावधान किया।     बजट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित आय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए के विरुद्ध अनुमानित व्यय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए प्रस्तावित है।     राजस्व आय की राशि 5 प्रतिशत रिजर्व राशि 110 करोड़ 7लाख 4 हजार रुपए रखने के उपरांत 110 करोड़ 7 लाख 4 हजार रुपए संभावित घाटे का बजट सदन के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत है। मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर-पार्षदों के लिए यह प्रावधान     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 2 करोड़ रुपए का प्रावधान।     अध्यक्ष के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं।     एमआईसी मेंबर के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान।     महापौर के लिए बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले बैठक में निगम कमिश्नर द्वारा पार्षद को हटाने के प्रस्ताव का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। ऐसे में महापौर मालती राय ने भी कहा कि किसी पार्षद के खिलाफ शासन को प्रस्ताव भेजने से पहले एमआईसी या परिषद से चर्चा होनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों के व्यवहार और फोन न उठाने की समस्या पर भी नाराजगी जाहिर की गई। बीजेपी पार्षद एक स्वास्थ्य अधिकारी पर भड़क गए। पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने कहा कि एएचओ ने पार्षद के साथ अभद्रता की है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्षदों ने एक सुर में कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।   recent visitors 35

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वस्थ तन-मन के लिए योग को करें अपनी दिनचर्या में शामिल – मुख्यमंत्री रायपुर योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने आज शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 30

देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को जारी संदेश में यह बात कही।   recent visitors 30

रिलेशनशिप टूटने का मतलब रेप केस नहीं : सुको

Sindhi culture and beautiful culture

 नई दिल्ली शादी का वादा करके संबंध बनाने के नाम पर रेप केस दर्ज कराए जाने के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति बन गई है कि जो रिश्ते शादी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनमें केस दर्ज हो रहे हैं। ऐसा होना गलत है। ऐसी स्थिति बन गई है कि रिलेशनशिप में रहना ही एक अपराध हो गया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने कहा कि रोमांस खत्म होने या फिर ब्रेकअप होने का यह मतलब नहीं है कि मामला रेप का हो जाए। अदालत ने कहा कि अब समाज में जिस तरह से मूल्य बदल रहे हैं। हमें यह समझना होगा कि रिलेशनशिप टूटने का मतलब रेप केस ना बन जाए। अदालत ने यह टिप्पणी एक शख्स की अर्जी पर सुनवाई करते हुए की, जिसने रेप केस खारिज करने की अर्जी दी थी। उस शख्स के खिलाफ मंगेतर ने ही रेप का केस दाखिल किया था, जिससे उसकी सगाई हुई थी, लेकिन शादी नहीं हो पाई थी। महिला का दावा था कि शादी का गलत वादा करके उसके साथ संबंध बनाए गए। इस मामले में युवक का पक्ष वरिष्ठ वकील गीता लूथरा ने रखा, जबकि महिला की तरफ से माधवी दीवान ने दलीलें दीं। इस केस की सुनवाई करते हुए बेंच ने महिला से कहा, 'आप इतनी भोली होतीं तो हमारे पास नहीं आतीं। आप बालिग थीं। यह नहीं कहा जा सकता कि किसी ने आपको शादी का वादा करने के नाम पर मूर्ख बनाया। पूरे सम्मान के साथ कहना होगा कि आज नैतिकता और मूल्य बदल गए हैं। खासतौर पर युवा पीढ़ी में। यदि हम आपसे सहमत हो जाएं तो फिर कॉलेज में किसी लड़के और लड़की के बीच का रिलेशन दंडनीय हो जाएगा।' अदालत ने कहा, 'मान लीजिए कि कॉलेज के दो स्टूडेंट्स के बीच प्यार है। लड़की पीछे हटती है और युवक कहता है कि मैं तुमसे अगले सप्ताह शादी कर लूंगा। फिर वह बाद में ऐसा नहीं करता है। क्या ऐसा करना अपराध माना जाएगा?' बेंच ने यह भी कहा कि यह परंपरागत नजरिया है। जिसमें पूरी अपेक्षाएं पुरुषों पर ही डाल दी जाती हैं। इस पर महिला की वकील ने कहा कि यह मामला तो अरेंज मैरिज का है। वकील माधवी दीवान ने कहा, 'इस मामले में संबंध बनाने की मंजूरी फ्री कंसेंट का केस नहीं है। यहां मसला है कि युवती को लगा कि यदि वह मंगेतर को खुश नहीं करेगी तो वह शादी नहीं करेगा। दोनों की सगाई हुई थी। यह युवक के लिए कैजुअल सेक्स हो सकता है, लेकिन लड़की के साथ ऐसा नहीं था।' हालांकि बेंच इस दलील से सहमत नहीं हुई। जजों ने कहा कि आप ही बताएं कि क्या सिर्फ शादी न हो पाना रेप का अपराध मान लिया जाए। हम इस मामले को सिर्फ एक तरीके से नहीं देख सकते। हमें किसी एक जेंडर से ही अटैचमेंट नहीं है। मेरी भी एक बेटी है। यदि वह भी इस स्थिति में होती तो मैं भी इस व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखता। अब खुद ही बताइए कि क्या इतनी कमजोर दलीलों के आधार पर यह केस बनता है। जस्टिस बिंदल ने कहा कि शिकायतकर्ता को पता था कि यह रिश्ता खत्म हो सकता है। फिर भी उन्होंने संबंध बनाए। अदालत ने युवक की अर्जी पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की है। recent visitors 48

Indore municipal corporation: 8 हजार करोड़ का बजट पेश, तख्तियां लेकर पहुंचे कांग्रेसी पार्षद

TATA IPL: Punjab's second consecutive win

 इंदौर इंदौर नगर निगम का बजट कार्यक्रम शुरू हो चुका है। गुरुवार सुबह अटल बिहारी वाजपेयी परिषद सभागृह अटल सदन में बजट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस साल नए टैक्स का प्रावधान नहीं किया गया है और पुराने टैक्स में भी वृद्धि नहीं की गई है। 8 हजार 174 करोड़ का बजट है जिसमें कई विकास योजनाएं हैं। बिल घोटाले पर भिड़े नेता बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच बजट पर हंगामा हुआ, खासतौर पर फर्जी बिल घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाए। इस बार नगर निगम क्षेत्र में 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन का काम भी किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। बजट से पहले ही शुरू हो गया हंगामा सुबह 11 बजे नगर निगम सभागृह सदन की कार्रवाई शुरू हुई। सभापति मुन्ना लाल यादव ने पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्रवाई दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने फर्जी बिल घोटाले का मुद्दा उठाया। भाजपा के पार्षद बजट के मुद्दे पर बात करने के लिए जोर देते थे और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बजट भाषण पढ़ा। उन्होंने कहा कि इस बार कोई नया कर नहीं लगाया और न ही कर में वृद्धि की गई है। सड़कों और पुलों के लिए बड़ी योजना   शहर में नई सड़कें बनाई जाएंगी और पुराने पुलों की मरम्मत की जाएगी। ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए प्रमुख चौराहों पर नए सुधार किए जाएंगे। स्वच्छता पर विशेष जोर इंदौर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। कचरा प्रबंधन में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे शहर की स्वच्छता पहले से बेहतर होगी। पर्यावरण संरक्षण हरित इंदौर अभियान के तहत शहर में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे और नए पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, जल संरक्षण को लेकर भी कई योजनाएं लाई जाएंगी। डिजिटल सेवाओं का विस्तार नगर निगम की सेवाओं को डिजिटल किया जाएगा ताकि लोग घर बैठे ही जरूरी काम कर सकें। ऑनलाइन टैक्स भुगतान, शिकायत निवारण और अन्य सुविधाओं को और आसान बनाया जाएगा। कर्मचारियों के लिए राहत नगर निगम कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में सुधार करने को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं। स्थायीकरण की मांग पर भी विचार किया जाएगा।”इंदौर को और ज्यादा विकसित और सुविधाजनक बनाने के लिए हमने यह बजट तैयार किया है। हमारा फोकस स्वच्छता, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं पर रहेगा, जिससे जनता को अधिक सहूलियत मिलेगी।”अब देखना होगा कि इस बजट की घोषणाएं कितनी तेजी से जमीनी स्तर पर अमल में आती हैं। क्या निगम प्रशासन अपने वादों को पूरा कर पाएगा या फिर यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगा? ये देखना होगा। महापौर ने नेता प्रतिपक्ष के सवालों का दिया जवाब बजट भाषण के पहले कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौक से ने सवाल खड़े किए थे। कि पहले सवालों के जवाब दिए जाएं इसके बाद आपके बजट भाषण को सुना जाएगा। इसी दौरान महापौर ने आश्वासन देते हुए कहा था। आप पूरा भाषण सुनाएं आपके सवालों के जवाब भाषण में मिल जाएंगे। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष ने सवाल खड़े किए थे। एक हज़ार करोड रुपए के डैनेज घोट के मामले में अब तक क्या करें कदम उठाए गए। इसको लेकर जवाब मांगा था। इसके सवाल के जवाब देते हुए । महापौर ने 1000 करोड रुपए के घोटाले को लेकर कहा मामले में सभी दोषी फिलहाल जेल के अंदर है। और जो ठेकेदार है उनके लगभग 1000 करोड़ के ही बिल नगर निगम ने रोक हैं। जनता के टैक्स के पैसे का हिसाब बराबर दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का राजस्व मिला इस साल निगम ने एक हजार करोड़ का राजस्व एकत्र किया है। इस बार बजट में सड़क निर्माण पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। तीन साल बाद उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ मेले के मद्देनजर शहर में कई मार्गों को जोड़ा किया जाएगा। इंदौर में 30 से ज्यादा मास्टर प्लान सड़कों को चौड़ा किया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर ही डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नर्मदा के चौथे चरण के लिए भी बजट में बड़ी राशि रखी जाएगी। जलूद में नगर निगम सोलर प्लांट भी लगा रहा है। इसके अलावा चौथे चरण के लिए पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी। इसके अलावा नगर निगम सीमा में शामिल 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन के काम होना हैै। राज्य सरकार ने भी इसके लिए राशि जारी की है। 300 करोड़ रुपये इस पर खर्च होंगे। सफाई के लिए संसाधनों की खरीदी के लिए भी स्वास्थ्य विभाग मद में पिछले साल की तुलना में ज्यादा बजट रहेगा। उधर बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेेस पार्षद दल ने भाजपा परिषद को घेरने की तैयारी की है। फर्जी बिल घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद हंगामा कर सकते है। recent visitors 33