जहां सनातन के संस्कार नहीं होते हैं, वो नस्लें खराब हो जाती : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू क्रांति अभियान चलाने की घोषणा की है. इसे लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि हिंदू राष्ट्र बनाने से पहले हर घर और गांव-गांव में कट्टर हिंदू बनाने का काम शुरू होगा. अभियान इसी महीने से शुरू होगा. इस काम के लिए बागेश्वर धाम से टीमें रवाना हो गई हैं. सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "जहां बरसात नहीं होती है, वहां की फसलें खराब हो जाती हैं. जहां सनातन के संस्कार नहीं होते हैं, वो नस्लें खराब हो जाती हैं. इस वीडियो के माध्यम से देश में नई क्रांति खड़ी होने वाली है. धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि हम कट्टर हिंदू बनाने का काम करेंगे. सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक प्रभारी नियुक्त क्या जाएगा. 10 गांवों को मिलाकर बनाया जाएगा एक मंडल उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्टिंग मंडल प्रभारी को होगी. एक मंडल 10 गांवों को मिलाकर बनाया जाएगा. ये जिला अध्यक्ष को रिपोर्ट करेगा. सभी प्रभारियों को तीन-चार महीने में बागेश्वरधाम आना होगा. यहां कार्य की प्रगति के बारे में बताना होगा. इससे पहले भी धीरेंद्र शास्त्री लगातार हिंदू राष्ट्र की मांग करते रहे हैं. उन्होंने कुछ समय पहले ही कहा था कि पूरे देश में हिंदुओं को जगाना है. जब तक पूरे भारत के हिंदू जाग नहीं जाते तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा था कि तुम मेरा साथ दो हम मिलकर हिंदू राष्ट्र देंगे. राम के हृदय में बाबा भोलेनाथ बैठे हैं और भोलेनाथ के हृदय में राम हैं. उन्होंने कहा था कि भारत का बच्चा अब जय श्रीराम बोलेगा. बाबा आएगा, सनातन धर्म का परचम लहराएगा, लेकिन हमारे हनुमान जी को कोई रोके, भगवान राम को रोके, हमें अच्छा नहीं लगता है. recent visitors 67

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई

प्रदेश में हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में करियर काउंसलिंग की सुविधा कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये, अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई कौशल विकास की प्रमुख दो योजना भोपाल प्रदेश में शासकीय हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिये करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उचित चयन श्रेष्ठ करियर कार्यक्रम में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये हैं। उनके अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग की जा रही है। ऐसे विद्यार्थी जो आगे की पढ़ाई निरंतर नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें हार के आगे जीत कार्यक्रम में आईटीआई पाठ्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी देकर उन्हें व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस कार्य के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर और करियर काउंसलर की सेवा लेने के लिये कहा गया है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना इस योजना में आवेदकों को अपनी ग्राम पंचायत ग्राम रोजगार सेवक के साथ दाखिला लेने की आवश्यकता है। आवेदक को ट्रेनिंग सेंटर के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके लिये आवेदक को आवश्यक पहचान-पत्र, इनमें मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड एवं अन्य जानकारी रोजगार सेवक को देनी होगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण के बाद ऋण उपलब्ध कराने में आवेदक को पूरी मदद दी जायेगी। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इस योजना में 3 माह, 6 माह और एक साल के लिये युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। कौशल संबंधी कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिये जाने का प्रावधान है। यह सर्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होता है। इस योजना में भी प्रशिक्षण के बाद ऋण प्राप्त करने की सुविधा है। इस योजना में केन्द्र सरकार ने कई टेलिकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिये अपने साथ जोड़ रखा है। मोबाइल कंपनियां इस कार्यक्रम से जुड़े लोगों को मेसेज करके एक फ्री टोल नंबर देंगी, जिस पर केंडिडेट को मिस्ड कॉल देना होगा। मिस्ड कॉल के तुरंत बाद आवेदक के पास एक नंबर से कॉल आयेगा, जिससे बाद आवेदक इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) सुविधा से जुड़ जायेगा। इस प्रक्रिया के बाद आवेदक को उसके निवास के आस-पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ा जायेगा। केन्द्र सरकार का कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय अब तक एक करोड़ 50 लाख से अधिक युवाओं का कौशल उन्नयन कर चुका है। इस योजना में युवाओं को कन्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, फुड प्रोसेसिंग, फर्नीचर, हेन्ड्रीक्रॉफ्ट, जेम्स और जूलरी समेत 40 क्षेत्र की ट्रेनिंग दिये जाने की सुविधा है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम के लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिये गये हैं।   recent visitors 40

बेंगलुरु-गुजरात होंगे आमने-सामने, बेंगलुरु जीत की हैट्रिक लगाने उतरेगी

बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच बुधवार को आईपीएल 2025 का 14वां मुकाबला खेला जाएगा। बेंगलुरु की टीम अपने घरेलू मैदान पर जीत की हैट्रिक लगाने उतरेगी। बेंगलुरु ने आईपीएल 2025 में अपने शुरुआती दोनों मुकाबले जीते हैं। 4 अंक के साथ टीम पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर मौजूद है। बेंगलुरु ने कोलकाता और चेन्नई को हराया। वहीं गुजरात टाइटंस को पंजाब के खिलाफ हार का मुंह देखना पड़ा था लेकिन अगले मैच में शुभमन गिल के नेतृत्व वाली टीम ने मुंबई को हराया था। रजत पाटीदार के नेतृत्व में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम जारी सीजन में काफी मजबूत नजर आ रही है। एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में आरसीबी के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। बल्लेबाजों ने भी इस बार अच्छा साथ दिया है और दोनों मैचों में अच्छी बल्लेबाजी की है। आरसीबी की टीम बदलाव के बिना उतर सकती है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की संभावित प्लेइंग इलेवन विराट कोहली, फिल सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल। गुजरात टाइटंस ने भी मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच जीतकर विपक्षी टीमों को बता दिया है कि उन्हें हल्के में लेने की गलती ना करे। गुजरात टाइटन्स के लिए, साई सुदर्शन प्रमुख बल्लेबाज के रूप में उभरे हैं। उन्होंने इस सत्र में लगातार अर्धशतक जड़े हैं और टीम के सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। जोस बटलर और गिल से बड़ी पारी की उम्मीद है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा आरसीबी की बल्लेबाजी को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। गुजरात भी अपनी प्लेइंग इलेवन में छेड़छाड़ नहीं करना चाहेगा।   गुजरात टाइटंस की प्लेइंग इलेवन शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, शाहरुख खान, शेरफेन रदरफोर्ड, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कैगिसो रबाडा, आर साई किशोर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। recent visitors 34

महादेव सट्टा एप मामले में CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी बनाया आरोपी, FIR में दर्ज हुआ पूर्व सीएम का नाम

रायपुर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने महादेव बेटिंग एप केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को भी आरोपी के रूप नामजद किया है. 18 दिसंबर 2024 को सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में अब भूपेश बघेल के नाम का भी जिक्र है. इस मामले में  सीबीआई ने भूपेश बघेल समेत कुल 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत 21 के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया है FIR रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने एफआईआऱ में FIR में महादेव सट्टा एप के संचालक प्रमोटर रवि उप्पल सौरभ चंद्राकर शुभम सोनी और पिंटू चंद्रभूषण वर्मा असीम दास सतीश चंद्राकर नीतीश दीवान अनिल अग्रवाल विकास क्रिया रोहित गुलाटी विशाल आहूजा धीरज अहूजा अनिल अंबानी सुनील दमानी सिपाही भीम सिंह यादव, हरिशंकर ट्रिब्लेवाल, सुरेंद्र बागड़ी सूरज चोखानी पुलिस अधिकारी पूर्व सीएम के OSD और निजी व्यक्ति शामिल हैं. महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर रहा है प्रवर्तन निदेशालय गौरतलब है प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर रहा है, जिसका खुलासा राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था. ईडी ने पहले भी राज्य में इस मामले में कई छापे मारे थे और अवैध सट्टेबाजी व गेमिंग एप के दो मुख्य प्रवर्तकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ अभियोजन शिकायतें (आरोप पत्र) दायर की थीं. क्या है ये एप? महादेव बेटिंग एप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया गया था. इस पर यूजर्स पोकर जैसे कार्ड गेम्स और अन्य गेम खेल सकते थे. इस एप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, जैसे खेलों में सट्टेबाजी भी की जाती थी. इसकी शुरुआत 2019 को  छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर ने की थी. अब तक क्या हुआ? हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने कथित शराब घोटाले के मामले में बघेल के आवास पर छापेमारी की थी. राज्य सरकार ने पिछले साल सीबीआई को कथित महादेव घोटाले से संबंधित विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 70 मामले और राज्य में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एक मामला सौंप दिया था. 455 करोड़ तक पहुंच गया था महादेव ऐप का मंथली टर्नओवर महादेव बुक ऐप मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल की तरह काम करता था. इसमें क्लाइंट्स को 'पैनल ओनर्स' के जरिए जोड़ा जाता था. जो यूजर आईडी बनाकर सट्टेबाजी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते थे. ये पैनल सिस्टम एक तरह की फ्रेंचाइजी की तरह काम करता था. जहां प्रमोटर्स अपने पैनल ओनर्स को 70-80% तक का मुनाफा देते थे. ऐप से जुड़े पैनल ओनर्स व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और उन्हें सट्टेबाजी के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराते थे. इस ऐप का मासिक टर्नओवर 455 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. अब तक की जांच में क्या सामने आया? जांच में सामने आया है कि इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रमोटर्स ने कई सरकारी अधिकारियों को 'प्रोटेक्शन मनी' के रूप में भारी रकम दी थी. सीबीआई ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त किए है. जिनमें वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल है. इस मामले की जांच ED के पास भी है. ED के मुताबिक 3 नवंबर 2023 को इसी मामले में एक कोरियर आसिम दास को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से 5.39 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी. पूछताछ में उसने बताया था कि ये रकम भूपेश बघेल के लिए थी. जांच में ये भी सामने आया था कि महादेव बुक के प्रमोटरों ने कई सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देकर अपने नेटवर्क को सुरक्षित रखा. सीबीआई अभी भी इस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते है. recent visitors 40

वक्फ बिल को लेकर जश्न, मस्जिद के सामने आतिशबाजी, घरों से बाहर निकले लोग

भोपाल मध्य प्रदेश के भोपाल में मुस्लिम समाज के कई लोग वक्फ संशोधन बिल का समर्थन कर रहे हैं। भोपाल में कई छोटे-छोटे मुस्लिम संगठनों ने इस बिल के सपोर्ट में रैलियां निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं हाथ में 'शुक्रिया मोदीजी' के पोस्टर थामे सड़क पर उतरीं। खास बात यह है कि मुस्लिम समाज की महिलाओं ने भी इस बिल का समर्थन किया और हाथों में पोस्टर और फूल लेकर पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। बता दें कि लोकसभा में आज वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू बिल को सदन के पटल पर रखेंगे। इसके बाद बिल पर चर्चा शुरू होगी। सरकार की कोशिश आज ही बिल को लोकसभा से पास कराने की है जिसके बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। ढोल बाजे के साथ की आतिशबाजी इससे पहले आज भोपाल के हताई खेड़ा डैम के पास आनंदपुरा कोकता के मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैनर-पोस्टर लेकर आभार जताया। मुस्लिम समाज की खुशी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यहां लोग जमकर ढोल बजाकर आतिशबाजी भी कर रहे हैं। वक्फ बिल को लेकर भोपाल में जश्न राजधानी भोपाल में वक्फ बोर्ड अमेंडमेंट बिल और पीएम मोदी के समर्थन में जश्न. ईद जैसा माहौल मुस्लिम समुदाय ने जाहिर की खुशी. बड़ी संख्या में पुरूष, बुजुर्ग महिलाएं निकले घर से बाहर. रहमत मस्जिद के सामने आतिशबाजी के साथ ढोल नगाड़ों पर झूमते नजर आए लोग. महिलाएं बोली यह हमारे हित में, दिल से मोदी जी के साथ हैं. हाथों में गुलाब, थैंक्यू मोदी जी , वी स्पोर्ट मोदी जी के पोस्टर लेकर जमकर जश्न. नए वक्फ बिल में क्या है? मौजूदा सरकार ने अपने सहयोगी दलों की मांग को स्वीकार करते हुए नए बिल में कई परिवर्तन किए हैं, जैसे 5 वर्षों तक इस्लाम धर्म का पालन करने वाला ही वक्फ को अपनी संपत्ति दान कर सकेगा। दान की जाने वाली संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद होने पर उसकी जांच के बाद ही अंतिम फैसला होगा। इसके साथ ही पुराने कानून की धारा 11 में संशोधन को भी स्वीकार कर लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि वक्फ बोर्ड के पदेन सदस्य चाहे वह मुस्लिम हों या गैर मुस्लिम, उसे गैर मुस्लिम सदस्यों की गिनती में शामिल नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ यह कि वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या बढ़ सकती है। recent visitors 30

पाकिस्तान के नापाक इरादों को भारत ने एक बार फिर किया नाकाम

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर से बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि यहां के पुंछ इलाके में पाकिस्तान सेना ने घुसपैठ करने की कोशिश की है। भारत की ओर से पड़ोसियों के इस दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। एक अप्रैल को कृष्णा घाटी इलाके में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ की वजह से एक लैंड माइन में विस्फोट हुआ। इसके बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से जबरदस्त गोलीबारी की गई। उनकी ओर से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की ओर हालात पर काबू पाया। फिलहाल स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है। रक्षा प्रवक्ता के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन मंगलवार दोपहर 1.10 बजे किया गया। तत्काल ही भारतीय सैनिकों ने नियंत्रित और संतुलित जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ओर से किसी के हताहत होने का कोई जिक्र नहीं किया। इस बीच कुछ आधिकारिक सूत्रों की मानें तो विस्फोट और दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में दुश्मन के पांच सैनिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान सेना ने बिना उकसावे के संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जम्मू स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने एक बयान में बताया कि 1 अप्रैल 2025 को एलओसी पर पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ की वजह से कृष्णा घाटी सेक्टर में एक माइन विस्फोट हुआ। इसके बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से बिना उकसावे के गोलीबारी और संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। डीजीएसएमओ समझौते के सिद्धांतों को याद दिलाया उन्होंने बताया कि हमारे सैनिकों ने नियंत्रित और संतुलित तरीके से प्रभावी ढंग से जवाब दिया। स्थिति नियंत्रण में है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने के लिए 2021 के महानिदेशक सैन्य अभियान (DGsMO) की समझ के सिद्धांतों को बनाए रखने की अहमियत को दोहराती है। 25 फरवरी, 2021 को दोनों देशों के बीच समझौते को नया रूप देने के बाद से जम्मू और कश्मीर की सीमाओं पर संघर्ष विराम उल्लंघन दुर्लभ हो गया है। recent visitors 33

वक्फ बोर्ड बिल आज लोकसभा में पेश होगा, बिल के लिए एनडीए और इंडिया गठबंधन पूरी तरह से तैयार

नई दिल्ली: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल आज पेश होगा। सदन में 8 घंटे की चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब देंगे। इसके बाद बिल को पास कराने के लिए वोटिंग होगी। सरकार बिल को बुधवार को ही लोकसभा में पास कराने की तैयारी है। सरकार इसे राज्यसभा में पेश कर वहां से भी पास कराने की तैयारी में जुटी है। वहीं विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। इस बिल के खिलाफ कई जगह मुस्लिमों ने काली पट्टियां बांधकर ईद की नमाज अदा की। आइए जानते हैं वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 में क्या है-     वक्फ बिल लाने का सरकार का उद्देश्य क्या है?     8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में दो बिल, वक़्फ़ (संशोधन) बिल, 2024 और मुसलमान वक़्फ़ (निरसन) बिल, 2024 पेश किए गए। इनका मकसद वक्फ बोर्ड के काम को सुव्यवस्थित और वक्फ की प्रॉपर्टीज का बेहतर मैनेजमेंट करना है। वक्फ (संशोधन) बिल, 2024 का मकसद वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों के रेगुलेशन और मैनेजमेंट में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का समाधान किया जा सके। संशोधन विधेयक का उद्देश्य देश में वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट में सुधार करना है। इसका मकसद पिछले कानून की खामियों को दूर करना और अधिनियम का नाम बदलने जैसे बदलाव करके वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बेहतर करना भी है। साथ ही वक्फ की परिभाषाओं को अपडेट करना, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सुधार करना, वक्फ रिकॉर्ड के मैनेजटमेंट में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना भी है।     भारत में वक्फ मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक निकाय कौन से हैं और उनकी भूमिकाएं क्या हैं?     भारत में वक्फ संपत्तियों का प्रशासन फिलहाल वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया जाता है। वक्फ मैनेजमेंट में शामिल प्रमुख प्रशासनिक निकायों में शामिल हैं: केंद्रीय वक्फ परिषद (सीडब्ल्यूसी)- सरकार और राज्य वक्फ बोर्डों को नीति पर सलाह देती है, लेकिन वक्फ संपत्तियों को सीधे नियंत्रित नहीं करती है। राज्य वक्फ बोर्ड (एसडब्ल्यूबी) – प्रत्येक राज्य में वक्फ संपत्तियों का मैनेजमेंट और सुरक्षा करते हैं। वक्फ ट्रिब्यूनल- विशेष न्यायिक निकाय, जो वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों को संभालते हैं। यह प्रणाली बेहतर प्रबंधन और मुद्दों के तेज़ समाधान को सुनिश्चित करती है। पिछले कुछ वर्षों में, कानूनी बदलावों ने वक्फ प्रशासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बना दिया है।     वक्फ बोर्ड से संबंधित मुद्दे क्या हैं?     1. वक्फ संपत्तियों की अपरिवर्तनीयताः ‘एक बार वक्फ, हमेशा वक्फ’ के सिद्धांत ने विवादों को जन्म दिया है। 2. कानूनी विवाद और मिसमैनेजमेंटः वक्फ अधिनियम, 1995 और इसका 2013 का संशोधन प्रभावकारी नहीं रहा है जिसकी वजह से वक्फ भूमि पर अवैध कब्ज़ा, कुप्रबंधन और मालिकाना हक का विवाद, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और सर्वेक्षण में देरी, बड़े पैमाने पर मुकदमे और मंत्रालय को शिकायतें जैसे समस्याएं सामने आ रही हैं। 3. कोई न्यायिक निगरानी नहीं-वक्फ ट्रिब्यूनल्स के फैसलों को हाई कोर्ट्स में चुनौती नहीं दी जा सकती। इससे वक्फ मैनेजमेंट में पारदर्शिता और जवाबदेही कम हो जाती है। 4. वक्फ संपत्तियों का अधूरा सर्वेक्षण-सर्वेक्षण आयुक्त का काम खराब रहा है, जिससे देरी हुई है। गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों में अभी तक सर्वेक्षण शुरू नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश में 2014 में आदेशित सर्वेक्षण अभी भी लंबित है। विशेषज्ञता की कमी और राजस्व विभाग के साथ खराब कोर्डिनेशन ने रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को धीमा कर दिया है। 5. वक्फ कानूनों का दुरुपयोग- कुछ राज्य वक्फ बोर्डों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है, जिसकी वजह से सामुदायिक तनाव पैदा हुआ है। निजी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित करने के लिए वक्फ अधिनियम की धारा 40 का दुरुपयोग किया गया है, जिससे कानूनी लड़ाई और अशांति पैदा हुई है।30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से मिली जानकारी के अनुसार, केवल 8 राज्यों की तरफ से डेटा दिया गया, जहां धारा 40 के तहत 515 संपत्तियों को वक्फ घोषित किया गया है। 6. वक्फ अधिनियम की संवैधानिक वैधता-वक्फ अधिनियम केवल एक धर्म पर लागू होता है, जबकि अन्य के लिए इसके समान कोई कानून मौजूद नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) में सवाल उठाया गया है कि क्या वक्फ अधिनियम संवैधानिक है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।     बिल पेश करने से पहले मंत्रालय ने क्या कदम उठाए और स्टेकहोल्डर्स से क्या विचार-विमर्श किए?     अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से विचार विमर्श किए, जिसमें सच्चर कमेट की रिपोर्ट, जन प्रतिनिधियों, मीडिया और आम जनता द्वारा कुप्रबंधन, वक्फ अधिनियम की शक्तियों के दुरुपयोग और वक्फ संस्थाओं द्वारा वक्फ संपत्तियों के कम उपयोग के बारे में जाहिर की चिंताएं शामिल हैं। मंत्रालय ने राज्य वक्फ बोर्डों से भी परामर्श किया। मंत्रालय ने वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधानों की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की और स्टेकहोल्डर्स के साथ परामर्श किया। दो बैठकों में प्रभावित स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं को सुलझाने के लिए इस अधिनियम में उपयुक्त संशोधन करने के लिए आम सहमति बनी। इनमें शामिल हैं- सीडब्ल्यूसी (केंद्रीय वक्फ परिषद) और एसडब्ल्यूबी (राज्य वक्फ बोर्ड) की संरचना का आधार बढ़ाना, मुतवल्लियों की भूमिका और जिम्मेदारियां, ट्रिब्यूनल का पुनर्गठन, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सुधार, टाइटल्स की घोषणा, वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण, वक्फ संपत्तियों का म्यूटेशन, मुतवल्लियों द्वारा खातों फाइलिंग, वार्षिक खाता फाइलिंग में सुधार, निष्क्रांत संपत्तियों/परिसीमा अधिनियम से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा, वक्फ संपत्तियों का वैज्ञानिक प्रबंधन।     वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पेश करने की प्रक्रिया क्या थी?     • वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और शासन में कमियों को दूर करने के उद्देश्य से 8 अगस्त, 2024 को पेश किया गया था।• 9 अगस्त, 2024 को संसद के दोनों सदनों ने विधेयक को 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्यों की एक संयुक्त समिति को जांचने और उस पर रिपोर्ट देने के लिए भेजा।• विधेयक के महत्व और इसके व्यापक निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए, समिति ने उक्त विधेयक के प्रावधानों पर आम जनता और विशेष रूप से विशेषज्ञों/हितधारकों और अन्य संबंधित संगठनों से विचार प्राप्त करने के लिए ज्ञापन आमंत्रित करने का निर्णय लिया था।• संयुक्त संसदीय समिति ने छत्तीस बैठकें कीं, जिसमें उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधियों के विचार/सुझाव सुने जैसे: अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, विधि एवं न्याय, रेलवे (रेलवे बोर्ड), आवास … Read more