इसी माह बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का होगा ऐलान

नई दिल्ली  कौन होगा भारतीय जनता पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष? यह सवाल लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद, अब तक नए अध्यक्ष की घोषणा नहीं की गई है, और वह अभी भी एक्सटेंशन पर पार्टी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस बीच, खबरें थीं कि बीजेपी और आरएसएस नए अध्यक्ष को लेकर एकमत नहीं थे। बीजेपी चाहती थी कि नेतृत्व ऐसा हो, जिसने नड्डा की तरह संगठन को सफलता दिलाई हो, जबकि आरएसएस की प्राथमिकता संगठन से जुड़े, विचारधारा से मजबूत और उसकी नीतियों को आत्मसात करने वाले नेता की थी। हालांकि, 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की नागपुर में हुई मुलाकात के बाद अटकलें तेज़ हो गई हैं कि जल्द ही बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस महीने अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के तीसरे हफ्ते तक यह फैसला सार्वजनिक हो जाएगा।वहीं, 4 अप्रैल को संसद सत्र समाप्त होने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान भी अगले कुछ हफ्तों में हो सकता है। कौन बनेगा अध्यक्ष? बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव सिर्फ एक औपचारिक नियुक्ति नहीं होती, बल्कि यह लोकसभा चुनाव 2029 और आने वाले राज्य चुनावों की रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। recent visitors 48

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस जवानों को नक्सल विरोधी ऑपरेशन की सफलता पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती को नक्सल गतिविधियों से मुक्त करने के लिए राज्य पुलिस बल का अभियान तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में नक्सली कार्यों में संलिप्तों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में हमारे हॉकफोर्स के जवानों ने 14-14 लाख रुपए की इनामी 2 महिला नक्सली को मार गिराया है। मृतक नक्सली की शिनाख्त प्रतिमा और ममता नाम से हुई है। इनके कब्जे से हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी जब्त किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को दिये संदेश में नक्सलवाद के खात्मे पर पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिंसक गतिविधियों के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से सफाये के लिए चलाए जा रहे अभियान में हमारे जवान पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की पावन धरा में नक्सलियों के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में मध्यप्रदेश में 10 से ज्यादा नक्सलवारी मारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की एक और घटना का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि रतलाम जिले में स्पेशल पुलिस फोर्स द्वारा फिरोज नामक एक वांछित आतंकी की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है।   recent visitors 32

एमपी में 24 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी, 8 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने की संभावनामध्यप्रदेश के नर्मदापुरम, खंडवा, नरसिंहपुर समेत आठ जिलों में बुधवार को ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल और जबलपुर में तेज आंधी चलने की संभावना है, जिसकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम की वर्तमान स्थितिमंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे, जबकि जबलपुर, नीमच, मंदसौर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया और कटनी में गरज-चमक और तेज आंधी देखी गई। मौसम विभाग के मुताबिक, साइक्लोनिक सर्कुलेशन-टर्फ की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश और आंधी का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे तो कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हुई। भोपाल में पूरे दिन बादल रहे। जबलपुर, नीमच, मंदसौर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया और कटनी में गरज-चमक, तेज आंधी का असर भी देखने को मिला। दूसरी ओर, कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। सिवनी में पारा 30.4 डिग्री सेल्सियस, मलाजखंड में 32.3 डिग्री, पचमढ़ी में 32.4 डिग्री, मंडला में 34.5 डिग्री, सीधी में 34.8 डिग्री और बैतूल में 35 डिग्री रहा। वहीं, धार सबसे गर्म रहा। यहां दिन का पारा 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम में 39.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.2 डिग्री, गुना-दमोह में 38.5 डिग्री, छतरपुर के खजुराहो में 38.2 डिग्री, शिवपुरी-शाजापुर में 38 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 36.6 डिग्री, उज्जैन में 38.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान गिरा है। सिवनी में तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस, मलाजखंड में 32.3 डिग्री, पचमढ़ी में 32.4 डिग्री, मंडला में 34.5 डिग्री और बैतूल में 35 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे गर्म शहर धार रहा, जहां दिन का तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रतलाम में 39.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.2 डिग्री और गुना-दमोह में 38.5 डिग्री तापमान रहा। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, एक टर्फ दक्षिणी छत्तीसगढ़ से मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ-मराठवाड़ा के पास से गुजर रही है। इसी कारण प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 2 अप्रैल: खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में ओले गिरने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, जबलपुर, रीवा, सतना, उमरिया, सिवनी, मंडला और अन्य जिलों में तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। 3 अप्रैल: खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, ग्वालियर, भिंड, दतिया और छतरपुर में भी आंधी चल सकती है। 4 अप्रैल: सिवनी और मंडला में ओले गिरने की संभावना है, जबकि बालाघाट में तेज आंधी का अनुमान है। recent visitors 37

वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों में मचा हड़कंप, राजनीतिक रोटी सेंकने वालों को जनता का करारा तमाचा : मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल  केंद्र सरकार ने लोकसभा में बुधवार को वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को पेश कर दिया। इसके समर्थन में राजधानी में मुस्लिम समाज ने जमकर आतिशबाजी और पटाखे फोड़ कर समर्थन दिखाया। वक्फ संशोधन बिल को लेकर चर्चाओं के बीच मध्यप्रदेश के सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बिल का आम मुसलमान से कोई विरोधाभास नहीं है, बल्कि कुछ अमीर मुस्लिम नेता, जो वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर बेजा कब्जा किए बैठे हैं, वही इसका विरोध कर रहे हैं। मुस्लिम समाज ने दिखाया समर्थन, झूठे प्रचार करने वालों को दिया जवाब   मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में हजारों मुस्लिम भाइयों और बहनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वक्फ संशोधन बिल का खुलकर समर्थन किया है। यह उन नेताओं के लिए करारा तमाचा है, जो इस बिल को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के सही उपयोग और आम मुसलमान के हित में लाया गया है। वक्फ संपत्तियों पर बेजा कब्जा करने वालों में मचा हड़कंप मंत्री सारंग ने कहा कि यह बिल केवल उन लोगों के पेट में दर्द पैदा कर रहा है, जिन्होंने अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। यह आम मुसलमान के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता लाने और गरीब मुस्लिम समुदाय को इसका सही लाभ दिलाने के लिए बनाया गया है। राजनीतिक रोटी सेंकने वालों को जनता का करारा तमाचा उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस मुद्दे पर झूठ फैला रहे हैं, लेकिन भोपाल में मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए समर्थन ने इस झूठ को बेनकाब कर दिया है। मंत्री सारंग ने जोर देकर कहा कि जो लोग इस बिल को पढ़ेंगे, वे इसका विरोध नहीं करेंगे। यह बिल पढ़ने के बाद विरोध नहीं करेगा कोई मंत्री सारंग ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना आवश्यक है। यह कानून मुस्लिम समाज को मजबूत करने और उनकी संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल के मुस्लिम समाज ने जिस तरह से इस बिल का समर्थन किया है, वह यह साबित करता है कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा करने वाला है। recent visitors 54

10 मजदूरों के शव गुजरात से प्रदेश लाए जा रहे , मरने वालों में एक ही परिवार के 6 लोग भी

 देवास / हरदा गुजरात के बनासकांठा जिले में डीसा के पास एक अवैध पटाखा गोदाम में मंगलवार सुबह हुए भीषण विस्फोट में मारे गए 21 लोगों के शव बुधवार सुबह मध्य प्रदेश के उनके गांवों के लिए रवाना कर दिए गए. मृतकों में पांच बच्चे शामिल हैं, जो मध्य प्रदेश के देवास और हरदा जिलों के संदलपुर और हंडिया गांवों के रहने वाले थे. विस्फोट दीपक ट्रेडर्स के गोदाम में हुआ, जिसके पास पटाखे रखने का वैध लाइसेंस नहीं था. अहमदाबाद के ढोलका में प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने वाले चंद्रसिंह नायक ने इस त्रासदी में अपनी बेटी, दामाद, नाती राधा (3), अभिषेक (10) और दामाद के परिवार के दो अन्य सदस्यों को खो दिया. नायक ने बताया, "मेरी बेटी और दामाद ने हाल ही में यहां काम शुरू किया था, जबकि मेरी सास पहले से काम कर रही थीं. मृतकों में दस संदलपुर और ग्यारह हंडिया के थे." जीवित बचे राजेश नायक ने कहा कि विस्फोट सुबह करीब 8:45 बजे हुआ, जब मजदूर काम पर पहुंचे ही थे. उन्होंने अपनी चाची, छोटे भाई और तीन बच्चों को खो दिया. डीसा ग्रामीण थाने के इंस्पेक्टर वीजी प्रजापति ने बताया, "शवों को ले जाने वाली दस एंबुलेंस, प्रत्येक में दो-दो ताबूत, पुलिस वाहनों के साथ गांवों के लिए रवाना हो गई हैं." 8 शव हरदा के, 10 देवास जिले के परिवार के 8 शव हरदा के परिवार के जबकि 10 देवास जिले के हैं। दो शव ज्यादा जले हैं, जिनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा। माना जा रहा है कि ये हरदा के ही हैं। पहले हादसे में 21 मजदूरों की मौत की बात सामने आई थी। एम्बुलेंस के जरिए एमपी लाए जा रहे सभी शव 8 मजदूरों का इलाज चल रहा है। इनमें 3 की हालत गंभीर है। ठेकेदार और हरदा परिवार का एक सदस्य लापता है। शव लेने पुलिस-प्रशासन टीम के साथ मंत्री नागर सिंह भी गुजरात गए हैं। बुधवार सुबह उन्होंने बताया कि देवास के 10 मजदूरों के शव उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किए जा चुके हैं। बाकी शव भी पोस्टमॉर्टम के बाद भिजवाए जाएंगे। शवों को लेकर निकलीं एम्बुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी गोधरा से आगे निकल चुके हैं। रास्ते में भारी ट्रैफिक, देर रात तक पहुंचेंगे शव हालांकि कहा जा रहा है कि भारी ट्रैफिक के चलते शव आज देर रात तक एमपी पहुंच पाएंगे। परिजन ने कहा कि ऐसी स्थिति में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकेगा। कल नेमावर में नर्मदा तट पर अंतिम संस्कार देवास जिले में एक साथ इतने शवों को आइस बॉक्स में रखने की सुविधा नहीं है। इसलिए सभी शवों को इंदौर एमवाय अस्पताल की मॉर्चुरी में रखा जाएगा। गुरुवार सुबह इंदौर से शवों को संदलपुर लाया जाएगा। अंतिम संस्कार नेमावर में नर्मदा तट पर किया जाएग। मध्य प्रदेश के मंत्री नागर सिंह चौहान और गुजरात के उद्योग मंत्री बलवंत सिंह राजपूत डीसा पहुंचे. चौहान ने कहा, "यह बेहद दुखद घटना है. दोनों सरकारें पीड़ितों के परिवारों को राहत दे रही हैं. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा." बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल से चर्चा के बाद उन्होंने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. विस्फोट इतना जोरदार था कि गोदाम तहस-नहस हो गया और शरीर के अंग 200-300 मीटर दूर तक बिखर गए. कलेक्टर पटेल ने बताया कि परिसर में रहने वाले कुछ श्रमिकों के परिवार स्लैब के मलबे में दबकर मर गए. राहत और बचाव कार्य में जुटी SDRF डीसा की उप-विभागीय मजिस्ट्रेट नेहा पंचाल ने कहा, "गोदाम का लाइसेंस 31 दिसंबर को खत्म हो गया था और खामियों के कारण नवीनीकृत नहीं हुआ. यह केवल भंडारण के लिए था, लेकिन अवैध निर्माण भी हो रहा था." पुलिस ने गोदाम मालिक दीपक मोहनानी और उनके पिता खूबचंद मोहनानी को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया. राजेश नायक ने बताया कि गोदाम में करीब दो दर्जन लोग काम कर रहे थे. यह त्रासदी मध्य प्रदेश और गुजरात के मजदूरों के लिए दर्दनाक साबित हुई, जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया.   recent visitors 42

प्रधानमंत्री जन-मन योजना में मध्यप्रदेश ने बनाई देश की पहली सड़क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अगले तीन वर्ष में प्रदेश की सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ा जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिला स्तर पर सर्वे कराकर विकसित करें कार्य योजना, जनप्रतिनिधियों का भी लें अभिमत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री जन-मन योजना में मध्यप्रदेश ने बनाई देश की पहली सड़क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सड़कों के संधारण और उन्नयन में भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम राज्य में विकसित ई-मार्ग पोर्टल भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया गया लागू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें। सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे सुनिश्चित कर कार्य-योजना बनाई जाए। सड़कों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत अवश्य लिया जाए। राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके उन्नयन की आवश्यकता के प्रति सतर्क रहते हुए तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए। सड़कों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नॉलोजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए। सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। सड़कों के संधारण और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में प्रदेश, देश में प्रथम रहा है। प्रदेश में मार्गों के संधारण के लिए वर्ष 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केन्द्र सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है। बताया गया कि प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि सामान्य संधारण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था सम्वेग पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।   recent visitors 33

विष्णु सरकार की नक्सल हिंसा पीड़ित लोगों के लिए नई पॉलिसी, होगा फायदा, सहायता राशि बढ़ाई गई

रायपुर छतीसगड़ शासन की आत्म समर्पण पुनर्वास नीति में किया गया बड़ा बदलाव. नक्सल संगठन कोई भी लीडर आत्म समर्पण करता हैं तो उसकी सहायता राशि की जाएगी दुगनी. ग्राम पंचायत या कोई ब्लाक नक्सल मुक्त होता है तो उसके विकास कार्यों के लिए स्वीकृति किये जायेंगे 1 करोड़ रुपए. बस्तर आई जी ने एक बार फीर नक्सल संगठन से की अपील. आगे आये और करे आत्म समर्पण.. क्षेत्र के विकास में बने भागीदारी. वरना भुगते अंजाम.  छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी, आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 लागू हो गई है। इस नीति के तहत नक्सलवाद से पीड़ित व्यक्तियों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास के लिए मदद दी जाएगी। समर्पण करने वाले नक्सलियों को नकद राशि 50 हजार रुपए के साथ जमीन, मकान, और जो नक्सली जमीन, मकान, और जो नक्सली हथियार, गोला-बारूद के साथ समर्पण करेंगे, उन्हें मुआवजा राशि भी मिलेगी। यह नीति अगले दो साल तक लागू रहेगी। वहीं कुछ प्रावधान आम जनता के उन व्यक्तियों के लिए भी लागू होंगे, जिन्होंने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में पुलिस को विशेष सहयोग किया  हो अथवा स्वयमेव आम जनता की रक्षा व शासकीय, अशासकीय संपत्ति की सुरक्षा के दौरान नक्सलियों से मुकाबला किया हो। नक्सल पीड़ितों को मिलेगी ये मदद नक्सली हिंसा में  किसी आम नागरिक के मृत शारीरिक रूप से अर्पण होने या गंभीर रूप से पागल होने, किसी व्यक्ति की संपत्ति की आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से क्षति होने पर उन्हें 5 लाख रुपए, पुलिस के 'विशेष सहयोगी की नक्सली घटनाओं में मृत्यु पर कुल राशि 5 लाख रुपए के स्थान पर कुल राशि 10 लाख रुपए दी जाएगी। केंद्रीय योजना के तहत दी जाने वाली राशि इसके अतिरिक्त होगी। घायल को स्थायी असमर्थ होने पर पांच लाख, गंभीर रूप से घायल होने पर दो लाख रुपए। पुलिस के 'विशेष सहयोगी' के स्वयं परिवार के सदस्यों के प्रकरणों में यह राशि क्रमशः ४ लाख एवं 4 लाख होगी, इसी तरह चल संपत्ति (अनाज, कपड़े, घरेलू सामान) के नुकसान पर रुपए 40 हजार, स्थायी संपत्ति (मकान, दुकान आदि) कच्चे मकान, पक्के मकान के 60 हजार और रुपए 1.50 लाख दिए जाएंगे। जीविकोपार्जन के साधन की क्षति जैसे बैलगाड़ी, नाव, ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रैक्टर, जीप, ट्रक, रोड रोलर, जेसीबी, पोकलेन एवं सड़क निर्माण में शामिल अन्य उपकरण पर 60 हजार रुपए से लेकर 8 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जमीन और मकान या बदले में रकम भी हत्या, गंभीर चोट या स्थाई अपंगता के प्रकरणों में सुरक्षा तथा अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए यदि शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में पुनर्वास करना आवश्यक हो, ग्रामीण क्षेत्र में 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि अथवा शहरी क्षेत्रों में 4 डिसमिल (1742 वर्गफुट) आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यदि भूखण्ड उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पीड़ित परिवार को ग्रामीण क्षेत्र में 4 लाख रुपए एवं शहरी क्षेत्र में 8 लाख रुपए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस नीति में भूखण्ड का आकार एवं उसके बदले में मुआवजा राशि मात्र समावेश किया गया है। व्यावहारिक रूप से भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश प्रकरणों में मुआवजा राशि ही देय होगी। ऐसे पीड़ित परिवार द्वारा 3 वर्ष के भीतर कृषि होगी। ऐसे पीड़ित परिवार द्वारा 3 वर्ष के भीतर कृषि भूमि क्रय करने पर अधिकतम 2 एकड़ की भूमि पर स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क से पूर्ण छूट दी जाएगी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कौन नक्सल नीति में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को इस प्रकार परिभाषित किया गया है। भारत शासन, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम के अंतर्गत कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया माओवादी एवं उसके अग्र संगठन दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ, क्रांतिकारी आदिवासी बालक संघ, क्रांतिकारी किसान कमेटी, महिला मुक्ति मंच, आरपीसी या जनताना सरकार, चेतना नाट्य मंच, पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया, तृतीय प्रस्तुति कमेटी, झारखंड जनमुक्ति परिषद, जनहित क्रांति पार्टी, मूलनिवासी बचाओ मंच का सदस्य, चाहे वह किसी भी पद पर हो एवं शासन द्वारा समय-समय पर घोषित विधि विरुद्ध नक्सली संगठन का सदस्य हो, या रहा हो। ईनामी नक्सलियों को मिलेगा बड़ा इनाम राज्य में सक्रिय रुपए 5 लाख या उससे अधिक के ईनामी नक्सली द्वारा आत्मसमर्पण के बाद शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल (1742 वर्गफुट) जमीन आवास के लिए अथवा ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दी जाएगी। जमीन नहीं दिए जाने की स्थिति में अचल संपत्ति अथवा जमीन क्रय करने के लिए रुपए 2 लाख अनुदान राशि दी जाएगी। इस नीति में भूखण्ड का आकार एवं उसके बदले में  मुआवजा राशि मात्र का समावेश  किया गया है। व्यावहारिक रूप से भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश प्रकरणों में मुआवजा राशि ही देय होगी। शादी के लिए 1 लाख नीति के मुताबिक आत्मसमर्पण के बाद प्रति व्यक्ति को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान दी जाएगी। अविवाहित अथवा जीवित पति, पत्नी न होने की स्थिति में आत्मसमर्पण करने के 3 वर्ष के भीतर आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने यदि विवाह करने का इच्छुक है तो उसको 1 लाख रुपए अनुदान राशि विवाह के समय दी जाएगी। विवाह की स्थिति में पति, पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली होने की स्थिति में, दोनों को एक इकाई मानकर लाभ दिया जाएगा। recent visitors 43